samacharsecretary.com

वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड की जीत, लेकिन रेफरी के फैसलों पर उठा विवाद

बोस्टन फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी के मुकाबले में स्कॉटलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हैती को 1-0 से हराया। स्कॉटलैंड ने विश्व कप में यह 36 साल बाद जीत दर्ज की है। यह जीत स्कॉटलैंड के लिए कई मायनों में खास रही। टीम ने 1990 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में जीत दर्ज की। इसके अलावा 1982 के बाद यह पहली बार है जब स्कॉटलैंड ने किसी वर्ल्ड कप के पहले मुकाबले में जीत हासिल की है। 1982 में टीम ने न्यूजीलैंड को 5-2 से हराया था। इसके अलावा 1998 के बाद यह स्कॉटलैंड का पुरुषों के वर्ल्ड कप में पहला मैच था। स्कॉटलैंड और हैती का मुकाबला विवादित रहा रेफरी के फैसलों की वजह से स्कॉटलैंड और हैती का यह मुकाबला विवादित रहा। मैच के 79वें मिनट में हैती के जीन-रिकनर बेलेगार्डे ने जोरदार किक मारा। बॉक्स के अंदर स्कॉटलैंड के डिफेंडर के हाथ में गेंद लगी। हैती के खिलाड़ियों की जोरदार अपील के बावजूद रेफरी ने उसपर ध्यान नहीं दिया। वीएआर ने भी इसमें कोई दखल नहीं दिया। बॉक्स के अंदर हैंडबॉल होने पर विपक्षी टीम को पेनल्टी मिलती है। इससे पहले 73वें मिनट में भी स्कॉटलैंड के डिफेंडर के हाथ में गेंद लगी थी। इस बार भी रेफरी ने पेनल्टी नहीं दी। अल्जीरिया के मुस्तफा घोरबल इस मैच में रेफरी की भूमिका में थे। केनी मैक्लीन ने पहले हाफ में जोसु कासिमिर के घुटने पर खतरनाक तरीके से टैकल किया। उन्हें रेड कार्ड मिल सकता था लेकिन रेफरी ने नहीं दिया। 29वें मिनट में हुए एकमात्र गोल 29वें मिनट में स्कॉटलैंड की टीम बढ़त हासिल करने में सफल रही। फॉरवर्ड खिलाड़ी चे एडम्स ने लंबी गेंद पर नियंत्रण बनाया और बेन गैनन-डोक को पास दिया। उनके क्रॉस को हैती के डिफेंडर ने ब्लॉक कर दिया, लेकिन गेंद जॉन मैकगिन के पास पहुंच गई। मैकगिन ने बॉक्स के किनारे से जोरदार शॉट लगाया, जो हल्के से डिफ्लेक्ट होकर गोलकीपर जॉनी प्लेसिड को चकमा देकर गोल पोस्ट में पहुंच गया।  

20 साल के इरानकुंडा बने स्टार, ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से दर्ज की जीत

 नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत जीत के साथ की। ऑस्ट्रेलिया ने वैंकूवर में तुर्किए को 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। ऑस्ट्रेलिया से नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ ने 1-1 गोल किए और अहम मौकों पर ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर पैट्रिक ने कमाल का बचाव करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, तुर्किए की 24 साल बाद विश्व कप में वापसी खराब रही। FIFA World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया ने तुर्किए को 2-0 से हराया दरअसल, इस मैच में तुर्किए के पास बॉल ज्यादा रही, जिससे लग रहा था कि वह मैच जीत सकती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम का डिफेंस कमाल का रहा। कोच टोनी पॉपोविक की टीम ने मजबूत डिफेंस किया और जैसे ही मौके मिले तुरंत गोल कर दिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया की धमाकेदार जीत रही। नेस्टोरी ईरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ ने गोल दागे और तब से टीम कभी पीछे नहीं रही। फर्स्ट हाफ में 27वें मिनट पर पहला गोल हुआ। 20 साल के इरानकुंडा फीफा विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की ओर से गोल दागने वाले सबसे युवा प्लेयर बने। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर पैट्रिक ने शानदार डिफेंस किया। तुर्किए के अब्दुलकेरिम बर्दाकसी ने गोल मार दिया था, लेकिन इसका बचाव ऑस्ट्रेलिया ने कर लिया और फिर काउंटर अटैक करना शुरू किया और इस तरह इरानकुंडा ने पहला गोल किया। इसके बाद तुर्किए ने मैच में वापसी करने के लिए पलटवार किया। मैच के 53वें मिनट में कॉर्नर किक में हैरी साउटर ने हेडर पर गोल करने की कोशिश की, जिससे गोलकीपर उगुरकान काकिर रोकने में नाकाम हुए। 56वें मिनट में तुर्किए के अर्दा गुलेर ने फ्रीकिक ली, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर बीच में नीचे झुककर डाइव लगाते हुए उनके इस गोल को रोक लिया। मैच के 75वें मिनट में मेटकाफ ने गोल करते हुए बढ़त को दोगुना किया। इस तरह मैच में मिली जीत के साथ ग्रुप-डी की अंक तालिका में 3 अंक के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरे पायदान पर पहुंच गई। इरानकुंडा का ऐतिहासिक कारनामा नेस्टोरी इरानकुंडा वर्ल्ड कप में गोल करने वाला सबसे युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गए हैं। इरानकुंडा की उम्र 20 साल 125 दिन है। उसने ब्रेट होलमैन का रिकॉर्ड तोड़ दिया हैं। होलमैन ने 2010 में घाना के खिलाफ गोल किया था। तब उसकी उम्र 26 साल 84 दिन थी।  

मेक्सिको की जीत में 17 वर्षीय मोरा का इतिहास रचने वाला डेब्यू, 96 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

 नई दिल्‍ली  मेक्सिको ने फीफा वर्ल्‍ड कप 2026 में अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से मात दी। हालांकि, सबसे ज्‍यादा चर्चा एक 17 साल का खिलाड़ी गिलबर्टो मोरा बटोर ले गया। गिलबर्टो मोरा ने मैदान पर उतरते ही इतिहास के पन्‍नों को पलट दिया और वर्ल्‍ड कप मैच खेलने वाले सबसे युवा मेक्सिकन फुटबॉलर बन गए। इसी के साथ मोरा ने 96 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। मोरा मैच के 65वें मिनट में मैदान पर उतरे। तब मेक्सिको की टीम 1-0 से आगे थी। दो मिनट बाद ही जेमिनेज के गोल के दम पर मेक्सिको ने अपनी बढ़त 2-0 कर ली। यही मैच का निर्णायक स्‍कोर भी साबित हुआ। मोरा से पहले 1930 में मेनुअल रोसास ने मेक्सिको के लिए सबसे युवा डेब्‍यूटेंट की भूमिका निभाई थी। वर्ल्‍ड कप में डेब्‍यू करने वाले मेक्सिको के सबसे युवा खिलाड़ी गिलबर्टो मोरा – 17 साल, 240 दिन (बनाम साउथ अफ्रीका, 2026) मेनुअल रोसास – 18 साल, 134 दिन (बनाम फ्रांस 1930) अलफ्रडो टोरेस – 19 साल, 16 दिन (बनाम ऑस्‍ट्रिया 1954) रउल अरेलानो – 19 साल, 108 दिन (बनाम फ्रांस 1954) आंद्रेस गार्डाडो – 19 साल, 269 दिन (बनाम ईरान, 2006) ह्युगो सांचेज – 19 साल, 326 दिन (बनाम ट्यूनीशिया, 1978) कौन हैं गिलबर्टो मोरा? मोरा ने बहुत जल्‍द अपनी चमक बिखेरी। चियापास में जन्‍में मिडफील्‍डर को क्‍लब तिजुआना यूथ एकेडमी से पहचान मिली। उन्‍होंने बहुत जल्‍द पहली टीम में अपनी जगह पक्‍की की। 17 साल की उम्र में मोरा के पास 50 से ज्‍यादा सीनियर मैच खेलने का अनुभव हासिल है। मोरा की लगातार तरक्‍की से कोच जेवियर एगुएरे प्रभावित हुए और उन्‍हें वर्ल्‍ड कप स्‍क्‍वाड में शामिल किया। मोरा ने 2025 में अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपनी धाक दिखाई और मेक्सिको सीनियर नेशनल टीम में डेब्‍यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। मोरा को फीफा ने टूर्नामेंट में सबसे शानदार युवाओं में से एक करार दिया।

16 साल बाद वापसी कर रही साउथ अफ्रीका की बड़ी परीक्षा

जोहानिसबर्ग फीफा विश्व कप 2026 का भव्य आगाज शुक्रवार को प्रतिष्ठित एज्टेका स्टेडियम में मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले से होगा। यह मैच रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। सह मेजबान होने के कारण मेक्सिको पर घरेलू दर्शकों की उम्मीदों का भारी दबाव है और टीम अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी। घरेलू मैदान पर किसी भी तरह की चूक पूरे टूर्नामेंट के माहौल को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर 16 साल बाद विश्व कप में वापसी कर रही दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मुकाबला खुद को फिर से वैश्विक फुटबॉल मंच पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। यदि वह मेजबान टीम को हराने में सफल रहती है तो ग्रुप ए की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है और उसके लिए नाकआउट चरण का रास्ता आसान हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि 2010 विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले में भी ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं। तब जोहानिसबर्ग में खेला गया मैच 1-1 से बराबरी पर छूटा था और दक्षिण अफ्रीका बाद में गोल अंतर के कारण अगले दौर में जगह बनाने से चूक गया था। मेक्सिको के मुख्य कोच जेवियर अगुइरे अपने तीसरे कार्यकाल में टीम की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने टीम को मजबूत रक्षात्मक ढांचे, मिडफील्ड में एडसन अल्वारेज की अगुआई और स्ट्राइकर राउल जिमेनेज की गोल करने की क्षमता के इर्द-गिर्द तैयार किया है। एज्टेका स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थक टीम के लिए 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, कोच ह्यूगो ब्रूस के मार्गदर्शन में दक्षिण अफ्रीका केवल रक्षात्मक रणनीति अपनाने नहीं उतरेगा। अफ्रीकी क्वालीफायर में नाइजीरिया जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़कर विश्व कप में पहुंची इस टीम ने छह मैचों में केवल चार गोल खाए और नौ गोल दागे। लाइल फोस्टर, ओसविन अपोलिस और मिडफील्डर टेबोहो मोक्वेना टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। ग्रुप ए में आगे कोरिया गणराज्य और चेकिया जैसी टीमों से भी मुकाबले होने हैं। ऐसे में विश्व कप के इस उद्घाटन मैच की जीत किसी भी टीम को शुरुआती बढ़त और आत्मविश्वास प्रदान कर सकती है। फुटबाल प्रेमियों की नजरें अब एज्टेका स्टेडियम पर टिकी हैं, जहां से विश्व कप 2026 की रोमांचक यात्रा शुरू होगी। दूसरे मैच में दक्षिण कोरिया का सामना चेकिया से विश्व कप में शुक्रवार को दूसरा मैच दक्षिण कोरिया और चेकिया के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 7:30 बजे से होगा। चेकिया की टीम 2006 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है और उसे दक्षिण कोरियाई टीम की कड़ी चुनौती का सामना करना है। दक्षिण कोरियाई टीम क्वालीफाइंग दौर में एक भी मैच नहीं हारी है। इस विश्व कप में सभी की नजरें दक्षिण कोरिया के स्टार खिलाड़ी सन हेंग मिन पर होंगी क्योंकि यह संभवत: उनका अंतिम विश्व कप हो सकता है।

वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले बढ़ा तनाव, ईरान-अमेरिका विवाद ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप के 23वें संस्करण (FIFA World Cup 2026) को शुरू होने में अब 2 दिन बचे हैं. इससे पहले एक और विवाद खड़ा हो गया है. ईरान फुटबॉल फेडरेशन (FFIRI) ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनकी टीम के वर्ल्ड कप के ग्रुप मैचों के टिकेटों का आवंटन रद्द कर दिया है. बता दें कि इस बार 3 देश मिलकर टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं, जिसमें USA भी है।  ईरान फुटबॉल फेडरेशन का कहना है कि डिप्लोमेटिक विवाद के कारण अमेरिका ईरानी दर्शकों को फीफा वर्ल्ड कप के मैच देखने से रोकने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि इससे पहले अमेरिका में इराक फुटबॉल टीम के एक खिलाड़ी को एयरपोर्ट पर डिटेन कर लिया था, जिसे 7 घंटे पूछताछ के बाद छोड़ा था।  मंगलवार को बयान जारी करते हुए ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने कहा, "फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब 2 दिन बचे हैं. अमेरिका ने एक बार फिर ग्रुप स्टेज में ईरान फुटबॉल टीम के तीनों मैचों के वेन्यू पर ईरानी समर्थकों के आने में बाधा डालने का काम किया है।  रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान के लिए कई प्रशासनिक मुश्किलें भी खड़ी की हैं, जैसे उन्होंने कुछ सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों को वीजा देने से मना कर दिया. बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच अभी रिश्ते बिल्कुल भी अच्छे नहीं है।  फीफा के नियमों के मुताबिक हर मैच के लिए 8 प्रतिशत टिकट ईरान को मिलने चाहिए. ईरान ने आरोप लगाया है कि टिकट का ये हिस्सा टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले फेडरेशन को दिए जाते हैं, जिससे वह अपने माध्यम से समर्थकों को इन्हें बांट सके।  ईरान फुटबॉल फेडरेशन के मुताबिक उन्होंने अपने ग्रुप मैचों की टिकट बिक्री शुरू कर दी थी, जो अमेरिका में होने वाले हैं. लेकिन अमेरिका ने उन्हें मिलने वाला कोटा वापस ले लिया है, और अभी ईरान अपने समर्थकों को एक भी टिकट नहीं देने की स्थिति में है. ईरान फुटबॉल टीम ग्रुप 'जी' में है, जिसमें उनका सामना बेल्जियम, इजिप्ट और न्यूजीलैंड से होगा। 

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन

नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप 2026 बेहद खास होने वाला है। इस बार का विश्व कप ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि इसमें पहली बार 48 टीमें खेलती हुई दिखाई देंगी। ये वर्ल्ड कप फैंस के लिए भी खास होगा। विश्व कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और इसका फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। ये वर्ल्ड कप तीन देशों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको शामिल हैं। ऐसा पहली बार होगा, जब फीफी विश्व कप तीन देशों की मेजबानी में खेला जाएगा। आइए बताते हैं ऐसे पांच फैक्ट्स जो आपके लिए जानना जरूरी है। 1. पहली बार 48 टीमों होंगी शामिल यह विश्व कप 48 देशों की टीमों के साथ खेला जाएगा। इससे पहले कतर 2022 में सिर्फ 32 टीमें थीं। अब 12 ग्रुप बनाए गए हैं, हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी। कुल मैच 64 से बढ़कर 104 हो गए हैं। ये टूर्नामेंट भी लंबा चलेगा और 39 दिनों तक खेला जाएगा। इस बदलाव से अफ्रीका, एशिया और कनाडा-मैक्सिको-अमेरिका क्षेत्र की ज्यादा टीमों को मौका मिला है। फीफा का लक्ष्य है कि विश्व कप और भी वैश्विक बने और इसी को ध्यान में रखते हुए फीफा ने 48 टीमों को शामिल कर लिया है। 2. तीन देश पहली बार संयुक्त मेजबान फीफा विश्व कप 2026 को तीन देश अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर होस्ट करेंगे। पुरुष विश्व कप में यह पहली बार हो रहा है, जब तीन देश मेजबानी साझा कर रहे हैं। कुल 16 शहर मैचों की मेजबानी करेंगे, जिनमें वैंकूवर से लेकर मैक्सिको सिटी और मियामी तक शामिल हैं। अमेरिका सबसे ज्यादा मैच कराएगा, खासकर क्वार्टर फाइनल से आगे के सभी नॉकआउट मैच उसी के स्टेडियमों में होंगे। 3. एज्टेका स्टेडियम बनेगा ऐतिहासिक मैक्सिको सिटी का प्रसिद्ध एज्टेका स्टेडियम तीन अलग-अलग विश्व कप में मैच होस्ट करने वाला पहला स्टेडियम बनेगा। यहां 1970 और 1986 में भी मैच हुए थे। 2026 में टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच भी यहीं खेला जाएगा। इस स्टेडियम में पेले की ब्राजील (1970) और माराडोना की अर्जेंटीना (1986) ने विश्व कप फाइनल जीते थे। पेले की याद में स्टेडियम के बाहर हाल ही में उनकी बड़ी प्रतिमा भी लगाई गई है। 4. गर्मी होगी खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए चुनौती जून-जुलाई में उत्तर अमेरिका के कई शहरों में गर्मी और नमी बहुत ज्यादा होती है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक चौथाई मैच ऐसे मौसम में खेले जा सकते हैं जो खिलाड़ियों और फैंस दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मियामी, कैनसस सिटी और फिलाडेल्फिया जैसे शहरों में यह समस्या ज्यादा हो सकती है। फीफा कूलिंग ब्रेक और अन्य सुरक्षा उपायों पर विचार कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये ब्रेक काफी छोटे हैं। 5. मनोरंजन पर खास फोकस, सुपर बाउल स्टाइल शो इस बार विश्व कप को और ज्यादा रोचक और मनोरंजक बनाने की कोशिश की जा रही है। फाइनल मैच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा। फीफा फाइनल के हाफ टाइम में एक बड़ा म्यूजिकल परफॉर्मेंस आयोजित करने की योजना बना रहा है, जैसा अमेरिका के सुपर बाउल में होता है।  

World Cup में दिखेगा भारतीय कनेक्शन, इन 4 भारतीय मूल के खिलाड़ियों को मिला बड़ा मौका

नई दिल्ली फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से हो रही है. भारत में फुटबॉल के इस महाकुंभ को लेकर फैंस में गजब का उत्साह है. फैंस का यह उत्साह तब और चरम पर पहुंच गया, जब अंतिम समय में हुए एक समझौते के बाद जी (Zee) ने भारत में मैचों के लाइव प्रसारण राइट्स मिलने का ऐलान किया. हालांकि, इसके बावजूद भारतीय फुटबॉल फैंस को इस बात की कसक जरूर रहती है कि आखिर उनकी नेशनल टीम फीफा विश्व कप में क्यों नहीं खेलती? इसके पीछे कई वजहें हैं, लेकिन फैंस के लिए एक खुशखबरी यह है कि फीफा विश्व कप में बेशक भारतीय टीम हिस्सा नहीं ले रही है, लेकिन इस बार भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग टीमों से खेलते हुए नजर आ सकते हैं।  फीफा विश्व कप 2026 में इस बार कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं. हालांकि, भारत में फ्रांस, अर्जेंटीना, ब्राजील और स्पेन जैसी चुनिंदा यूरोपीय व लैटिन अमेरिकी टीमों के समर्थक ज्यादा हैं. इस लिस्ट में अगर आप कतर जैसी टीम का नाम लेंगे, तो भारत में गिने-चुने लोग ही उसके सपोर्टर मिलेंगे. लेकिन इस बार भारत में खासकर मलयाली लोग कतर को जरूर सपोर्ट करेंगे. दरअसल, कतर की टीम में केरल का एक खिलाड़ी शामिल है, जिनका नाम तहसीन जमशीद है. तहसीन का जन्म दोहा में, कन्नूर जिले के रहने वाले मलयाली माता-पिता के यहां हुआ था।  शशि थरूर भी तहसीन को लेकर हैं उत्साहित 19 साल के विंगर तहसीन को विश्व कप के लिए कतर की प्रारंभिक टीम में शामिल किया गया था. अब केरल के फैंस को उम्मीद है कि तहसीन को संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए अंतिम टीम में भी जगह मिलेगी. यही वजह है कि कतर की टीम में तहसीन के नाम की चर्चा से लोगों में उत्साह भर गया है. तहसीन को फीफा विश्व कप में खेलते हुए देखने के लिए तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर भी उत्सुक हैं. बता दें कि तहसीन के पिता भी पूर्व फुटबॉलर रहे हैं और वह कतर के लिए अंडर-17 और अंडर-19 स्तर पर खेल चुके हैं।  न्यूजीलैंड के लिए मैदान पर उतरेंगे सरप्रीत सिंह तहसीन के अलावा सरप्रीत सिंह पर भी फुटबॉल फैंस की नजरें होंगी. 27 साल के सरप्रीत न्यूजीलैंड के लिए एक अटैकिंग मिडफील्डर के रूप में खेलेंगे. सरप्रीत का परिवार पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखता है. वह 2018 से न्यूजीलैंड की सीनियर टीम के लिए खेल रहे हैं और अब तक तीन गोल दाग चुके हैं।  सैमुअल मुतुसामी कांगो के लिए खेलेंगे तमिल मूल के खिलाड़ी सैमुअल मुतुसामी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की टीम में शामिल हैं. सैमुअल की मां कांगो की हैं, जबकि उनके पिता तमिल मूल के इंडो-गुआराडेलूपियन हैं. पेरिस में जन्मे 29 वर्षीय डिफेंसिव मिडफील्डर ने 2019 में कांगो के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. बता दें कि 2006 के बाद यह पहला विश्व कप होगा, जिसमें कोई भारतीय मूल का खिलाड़ी दिखाई देगा. आखिरी बार विकास धोरासू फ्रांस के लिए खेले थे. इसके अलावा भारतीय मूल के निशान वेलुपिल्ले ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल हैं. विंगर के रूप में वाले निशान के पिता तमिलनाडु से जुड़े एक मलेशियाई नागरिक हैं, जबकि उनकी मां एक एंग्लो-इंडियन हैं।   

फुटबॉल का युग बदलने की तैयारी: 2026 विश्व कप में दिग्गजों की विदाई की चर्चा तेज

 नई दिल्ली  फुटबॉल के महाकुंभ फीफा विश्व कप 2026 में अब कुछ ही दिन शेष हैं और ओलिंपिक के बाद खेलों की दुनिया का यह सबसे बड़ा उत्सव इसके कुछ दिग्गज सितारों के लिए आखिरी हो सकता है। पांच-पांच विश्व कप खेल चुके गत चैंपियन अर्जेंटीना के स्टार लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो को हम इस टूर्नामेंट में उन्हें आखिरी बार अपने देश के लिए खेलते हुए देखेंगे। वहीं छोटे से देश क्रोएशिया को 2018 के विश्व कप में फाइनल तक पहुंचाकर सबको चौंकाने वाले लुका मोड्रिक भी उम्र और करियर के उस पड़ाव पर हैं कि शायद उनके लिए भी यह आखिरी विश्व कप होगा। 41 वर्षीय रोनाल्डो 23 साल से पुर्तगाल टीम में 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने दो दशक से अधिक समय पहले 2003 में राष्ट्रीय टीम में पदार्पण किया था। वह राष्ट्रीय टीम के लिए सबसे अधिक गोल (143) के साथ दुनिया में सबसे ऊपर हैं। 2006 फीफा विश्व से अब तब वह व्यक्तिगत तौर पर अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करते आए हैं, लेकिन अपनी टीम को यही एकमात्र बड़ा खिताब न दिला पाने की कसक हमेशा उनके मन में रही है। अब इसे इसे पूरा करना चाहेंगे। मेसी का सपना खिताब की रक्षा करना 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना को खिताब दिलाने वाले लियोनेल मेसी इस बार 38 वर्ष की आयु में अर्जेंटीना के इस खिताब के बचाव के लिए मैदान पर उतरेंगे। मेसी फिलहाल अमेरिका में एमएलएस में इंटर मियामी टीम के लिए खेलते हैं, पर विश्व कप से ठीक पहले वर्कलोड के चलते और एमआरआई में उनके बाएं हेमस्ट्रिंग मांसपेशियों में अधिक दबाव की पुष्टि हुई है। यह चिंता की बात तो है पर वह अब आराम करेंगे और इस विश्व में तरोताजा होकर राष्ट्रीय टीम के लिए अपना शत प्रतिशत देंगे। क्रोएशिया का फिर लोहा मनवाएंगे लुका मिडफील्ड के दिग्गज और बैलन डी ओर विजेता मोड्रिक भी इस विश्व तक 40 साल की उम्र के करीब पहुंच चुके हैं। उनकी कप्तानी में क्रोएशिया 2018 के विश्व कप में फाइनल तक पहुंची थी। इस बार वह क्रोएशिया का संभवत: आखिरी बार नेतृत्व कर इस देश का फुटबॉल की दुनिया में एक बार फिर लोहा मनवाने का प्रयास करेंगे। कोच के भरोसे पर संन्यास से लौटे मैनुअल 2024 में ही जर्मन टीम से संन्यास ले चुके गोलकीपर मैनुअल नेयर पर कोच जुलियन नागेल्समैन ने भरोसा जताया तो उन्होंने संन्यास से वापसी की और कोच ने उन्हें टीम में शामिल किया। मैनुअल 2014 की विश्व विजेता टीम का भी हिस्सा थे। वहीं दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े स्टार टोटेनहम क्लब के पूर्व खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन का भी यह आखिरी विश्व कप हो सकता है। उन्होंने 2014 में पहला विश्व कप खेला था। पांच विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी खिलाड़ी                          देश          कब से कब तक एंटोनियो कार्बाजल           मेक्सिको     1950 से 1966 लोथर मथाउस                जर्मनी        1982 से 1998 राफेल मार्केज                 मेक्सिको      2002 से 2018 लियोनेल मेसी                अर्जेंटीना      2006 से 2022 क्रिस्टियानो रोनाल्डो          पुर्तगाल      2006 से 2022 आंद्रेज गार्डैडो                  मेक्सिको     2006 से 2022

फीफा विश्व कप: ईरान के मैचों को मैक्सिको में आयोजित करने का मामला अमेरिका के खिलाफ अभी भी विवादित

नई दिल्ली  मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच फीफा और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल राजनीति (डिप्लोमेसी) एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले ने हालात को मुश्किल और जटिल बनाया था। ईरान की फुटबॉल टीम और उसके विश्व कप अभियान पर इसका सीधा असर पड़ा था। इस बीच फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और ईरानी फुटबॉल अधिकारियों के बीच तुर्की में हुई बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब ईरान की विश्व कप भागीदारी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। हालांकि इस मुलाकात में सकारात्मक संकेत मिले, लेकिन एक बड़ा मुद्दा—ईरान के मैचों को अमेरिका से हटाकर मेक्सिको में कराने का—अब भी अनसुलझा है। मार्च 2025 के दौरान ईरान की स्थिति काफी अनिश्चित रही। सरकारी स्तर पर यह संकेत दिए गए कि टीम विश्व कप में हिस्सा नहीं ले सकती या उसे अमेरिका जाने में मुश्किल हो सकती है। यहां तक कि फीफा से यह भी मांग उठी कि ईरान के मैचों को किसी अन्य देश, खासकर मेक्सिको, में स्थानांतरित कर दिया जाए। हालांकि फीफा ने स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं होगा और ईरान को अमेरिका में ही अपने मैच खेलने होंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने स्थिति को और उलझा दिया। ट्रंप ने पूर्व में ईरान को विश्व कप के लिए अहम न होने या फिर टीम के भाग लेने की स्थिति में खिलाड़ियों की सुरक्षा पर चिंता जताई थी। हालांकि फीफा लगातार एक स्पष्ट रुख अपनाए हुए है और इन्फेंटिनो ने भरोसा दिलाया है कि ईरान की टीम को सभी आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा दी जाएगी। ईरान की टीम ने भी मुश्किल हालातों के बीच तैयारी जारी रखी है। जॉर्डन में प्रस्तावित अभ्यास मैचों को सुरक्षा कारणों से तुर्की के अंताल्या में शिफ्ट किया गया, जहां टीम ने नाइजीरिया और कोस्टा रिका के खिलाफ मुकाबले खेले। इन मैचों के दौरान खिलाड़ियों ने युद्ध के विरोध में प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना। विश्व कप की तैयारियों के तहत ईरान 10 जून तक एरिजोना के टक्सन स्थित ट्रेनिंग कैंप में पहुंचेगा। टीम अपना पहला मैच 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद उसे बेल्जियम और मिस्र जैसी मजबूत टीमों से भी भिड़ना है। हालांकि वीजा से जुड़ी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं, जिससे टीम के कुछ अधिकारियों को अमेरिका में प्रवेश नहीं मिल पाया है। कुल मिलाकर, यह स्थिति केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजनीति, कूटनीति और वैश्विक संबंधों की जटिलताएं भी शामिल हैं। फीफा के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह खेल की निष्पक्षता बनाए रखते हुए सभी टीमों के लिए सुरक्षित और समान माहौल सुनिश्चित करे। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ईरान की टीम इन चुनौतियों के बीच कैसा प्रदर्शन करती है और क्या फुटबॉल वाकई कूटनीतिक पुल का काम कर पाता है।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में टिकटॉक की एंट्री, वीडियो कंटेंट पार्टनर घोषित

जिनेवा फुटबॉल की संचालन संस्था फीफा ने 11 जून से 19 जुलाई तक चलने वाले पुरुष फुटबॉल विश्व कप में सोशल मीडिया पर वीडियो कंटेंट के लिए ‘टिकटॉक’ को अपना प्रमुख प्लेटफॉर्म चुना है। इस साझेदारी के अंतर्गत ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ को 48 टीम वाले विश्व कप में विशेष अनुमति मिलेगी। यह टूर्नामेंट 16 शहरों में आयोजित होगा। इनमें अमेरिका के 11, मेक्सिको के तीन और कनाडा के दो शहर शामिल हैं। फीफा ने बताया कि विश्व कप के प्रसारण अधिकार रखने वाले ब्रॉडकास्टर टिकटॉक ऐप पर बने एक विशेष ‘हब’ के जरिए 104 मैच के कुछ हिस्सों का लाइव प्रसारण कर सकेंगे। अमेरिका में टिकटॉक के 17 करोड़ से अधिक यूजर हैं। ⁠ फीफा ने कहा, ‘‘इसके अलावा बड़ी संख्या में क्रिएटर्स को फीफा के ‘आर्काइव’ फुटेज का इस्तेमाल और इन्हें साथ में बनाने का मौका भी मिलेगा।’’ फीफा ने इस करार की कीमत, निविदा प्रक्रिया या अन्य प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं का विवरण साझा नहीं किया। इससे पहले 2022 कतर विश्व कप में ‘यूट्यूब’ का एक सीमित प्रायोजन समझौता हुआ था जिसमें क्रिएटर्स को विशेष अनुमति मिली थी।