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राज्यपाल डेका को मुख्यमंत्री साय ने दी नए वर्ष की शुभकामनाएं

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दी और राज्य हित से जुड़े विषयों पर चर्चा की। डेका ने भी उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल डेका ने सरस्वती शिक्षा संस्थान को प्रदान किए चार ई- रिक्शे

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर को चार ई-रिक्शे प्रदान किए। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से चार ई-रिक्शे की चाबी वाहन चालकों को सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न सरस्वती शिक्षा संस्थानों में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने संत बाबा गुरु घासीदास जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने संत बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर लोकभवन में गुरु घासीदास जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। राज्यपाल डेका ने कहा कि गुरु घासीदास जी ने मानव समाज को प्रेम और सद्भावना का संदेश दिया और समाज में व्याप्त भेदभाव एवं असमानता को दूर कर समतामूलक समाज स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को एकता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हैं। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी संत बाबा गुरु घासीदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

विश्व दिव्यांगजन दिवस पर कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका आज विश्व दिव्यांगजन दिवस पर कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय सेमरिया में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और दिव्यांग बच्चों को आर्शीवाद एवं प्रोत्साहन दिया। इस अवसर पर डेका ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए समाज संवेदनशील बने, उनका सम्मान करें और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करें। कोपलवाणी विद्यालय को 5 कम्प्यूटर प्रदान करने की घोषणा के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी को व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रूपए देने की भी घोषणा राज्यपाल डेका ने कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय सेमरिया में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय से उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं को जो स्वरोजगार व अन्य क्षेत्र में कार्य कर रहे है, उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने इस विद्यालय को अपने स्वेच्छानुदान मद से 5 कम्प्यूटर प्रदान करने की घोषणा की साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने के लिए व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रूपए देने की भी घोषणा की। दिव्यांग बच्चें समाज के अभिन्न अंग राज्यपाल डेका ने कहा कि दिव्यांगजन भी हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हमे ऐसा माहौल बनाना है जहां उन्हें किसी भी तरह की रूकावट महसूस न हो। हम शासन और समाज मिलकर दिव्यांगजनों के लिए ऐसी दुनिया बनाएं जहां वे सम्मान और आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य शासन द्वारा योजनाएं चलाई जा रही है। दिव्यांग पेंशन से उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। सरकारी नौकरी में आरक्षण, छात्रवृत्ति, निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा एवं स्वावलंबन में मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। श्री डेका ने दिव्यांग बच्चों से कहा कि आप समाज के एक अंग है। समाज, प्रदेश व देश आपके साथ है।  दिव्यांग बच्चों के द्वारा बनाई पेंटिंग की प्रदर्शनी को देखकर सराहा राज्यपाल डेका ने विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से मुलाकात की साथ ही उनके द्वारा बनाए गए पेंटिंग की प्रदर्शनी को देखा और सराहना की। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल के पहल पर इस संस्था के दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई पेंटिग को लोकभवन द्वारा क्रय किया जाता है और यहां आने वाले मेहमानों को भेंट किया जाता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आगमन पर उन्हें भी यह पेंटिंग भेंट की गई थी।    कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य शताब्दी पाण्डेय, वनबंधु संस्था की अध्यक्ष कांता सिंघानिया, कोपलवाणी की संस्थापक पद्मा शर्मा सहित अन्य अतिथि एवं पालकगण तथा विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका से भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पुलिस को आमजनता से मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ बर्ताव करना चाहिए। पुलिस की छवि, थाने में  शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों से किए गए व्यवहार से बनती है। पुलिस अधिकारियों को थाने में आए पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए तत्पर होना चाहिए। राज्यपाल डेका ने आज राजभवन में भेंट करने आए भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों से उक्त बातें कही।         भेंट के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंद्रखुरी रायपुर के निदेशक अजय कुमार यादव, अकादमी के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला भी उपस्थित थे।  परीवीक्षाधीन आइपीएस अधिकारियों  आदित्य कुमार, अंशिका जैन,  बनसोडे प्रतीक दादासाहेब और  साकोरे मानसी नानाभाऊ ने राज्यपाल से भेंट की।  

यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की जीवंत तस्वीर-राज्यपाल डेका

रायपुर : लखपति दीदी महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण समृद्धि की मिसाल – उपराष्ट्रपति  राधाकृष्णन यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की जीवंत तस्वीर-राज्यपाल  डेका राजनांदगांव में लखपति दीदी सम्मेलन में शामिल हुए उपराष्ट्रपति राज्यपाल और मुख्यमंत्री रायपुर राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने महतारी वंदन योजना और नियद नेल्लानार योजना के तहत 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने कहा कि लखपति दीदी आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक हैं। यह केवल आय का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और समाज में उनके बढ़ते प्रभाव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिला महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बन चुका है, जहां महिलाएं आर्थिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अग्रसर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ आज बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन दिखाता है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं, तो परिवर्तन की गाथाएं स्वयं लिखती हैं। अपने संबोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की जीवंत तस्वीर है। यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, संकल्प और आत्मबल से कैसे समृद्धि का नया अध्याय लिखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज हर जिले में महिलाएं स्वसहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं। बलरामपुर में महिलाएं बाड़ी विकास और विपणन में, बस्तर में वनोपज से जैविक उत्पाद तैयार करने में, और कोण्डागांव में फूड प्रोसेसिंग, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। राजनांदगांव जिले में ही लगभग 40 हजार लखपति दीदियां बनी हैं, जिनमें से 208 दीदियां सालाना 5 लाख रुपए से अधिक और 26 दीदियां 10 लाख रुपए से अधिक का व्यवसाय कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर दीदी की कहानी प्रेरणा है। जब संकल्प और सामूहिक प्रयास जुड़ते हैं, तो आत्मनिर्भरता केवल सपना नहीं रहती, वह हकीकत बन जाती है। राज्यपाल ने पद्मश्री फूलबासन बाई यादव जैसी महिलाओं के कार्यों को आदर्श बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से नारी सशक्तिकरण का मार्ग और सशक्त हुआ है।  राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए देशभर में अनेक योजनाएं चल रही हैं, और छत्तीसगढ़ ने उन्हें ज़मीन पर उतारकर एक “सशक्त भारत, सशक्त छत्तीसगढ़” की मिसाल पेश की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में 7 लाख 82 हजार लखपति दीदी बनाने का है, जिनमें से अब तक 4 लाख 93 हजार दीदियां आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के दूरस्थ इलाकों में बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन नारी शक्ति की पहचान और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले ने विकास की दिशा में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं  चाहे वह पीएम आवास निर्माण हो, जल संरक्षण या कुपोषण उन्मूलन का अभियान। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने हेतु पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के योगदान की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष योगेशदत्त मिश्रा, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिला स्वसहायता समूह की दीदियां उपस्थित थीं।

सरस्वती शिक्षा संस्थान को राज्यपाल ने प्रदान किए चार ई-रिक्शे

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर को चार ई-रिक्शे प्रदान किए। उन्होंने राजभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से चार ई-रिक्शे की चाबी वाहन चालकों को सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न सरस्वती शिक्षा संस्थानों में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : हर-घर तिरंगा कार्यक्रम में सभी उत्साह से भाग लें : राज्यपाल डेका

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने राज्य के सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा कार्यक्रम में उत्साह से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने देश व प्रदेश के नागरिकों से आग्रह किया है कि अपने घरों में तिरंगा फहराएं और स्वतंत्रता दिवस को सम्मान व गर्व के साथ मनाएं। देश एवं प्रदेश में 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग‘‘ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम तीन चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, और तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025 तक किया जा रहा है। राज्यपाल डेका ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल झण्डा फहराने की परंपरा नहीं है बल्कि हमारी राष्ट्र भक्ति, एकता और गौरव का प्रतीक है। तिरंगे के साथ हमारा जुड़ाव, हमारे संविधान, संप्रभुता और गौरवशाली विरासत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद करते हुए उनसे प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।