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बजट का बड़ा दांव: गुजरात को 29 गुना ज्यादा फंड, 2027 में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात को केंद्रीय बजट में रेल इंफ्रा को मजबूत करने के लिए 29 गुना अधिक धनराशि मिली है। भारतीय रेलवे में रिकॉर्ड आवंटन से विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। गुजरात के रेल बजट में 17,366 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन मिला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के दौड़ने की तारीख का पहले ही ऐलान कर चुके हैं। गुजरात में 15 अगस्त, 2027 को पहली बुलेट ट्रेन चलेगी। 2027 गुजरात के लिए चुनावी साल है। इसी वर्ष के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव भी होंगे। गुजरात को मिले 17,366 करोड़ रेलवे ने बजट में मिली 29 गुना धनराशि कहां पर खर्च की जाएगी। इसकी जानकारी साझा की है। यह धनरशि मोटे तौर पर सुरक्षा, बुलेट ट्रेन और आधुनिक स्टेशनों से गुजरात में रेल परिवहन का नया युग लेने जाने पर खर्च की जाएगी। रेलवे के अनुसार गुजरात को कुल 17,366 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।यह धनराशि साल 2009–14 के मुकाबले 29 गुना है। तब गुजरात के लिए औसत वार्षिक रेल बजट आवंटन 589 करोड़ रुपये था, जो अब 2026–27 में बढ़कर 17,366 करोड़ रुपये हो गया है। रेलवे के अनुसार गुजरात में वर्तमान में 1,28,748 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा प्रमुख सुरक्षा उन्नयन शामिल हैं। रेल नेटवर्क मजबूत करने पर फोकस पश्चिम रेलवे के अनुसार डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतर्गत पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और पंजाब को जोड़ता है। सूरत में पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर को जोड़ा जाएगा तथा वहां एक महत्वपूर्ण जंक्शन विकसित किया जाएगा। यह पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर गुजरात के पश्चिमी तट के बंदरगाहों को देश के विभिन्न राज्यों से जोड़ेगा। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। 100 फीसदी इलेक्ट्रीफिकेशन गुजरात ने 100% रेल विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। राज्य में 87 स्टेशनों पर निर्माण कार्य जारी है। मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (हाई स्पीड रेल) परियोजना तीव्र गति से प्रगति कर रही है। दूसरी सुरंग की ब्रेकथ्रू प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण होगी तथा व्यावसायिक संचालन अगले वर्ष प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके अलावा अमृत स्टेशन योजना के तहत गुजरात के 87 रेलवे स्टेशनों को 6,058 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक पुनर्विकास हेतु चिन्हित किया गया है। इनमें से 19 स्टेशनों- सामाख्याली, डाकोर, हापा, जाम जोधपुर, मोरबी, ओखा, पालीताना और पोरबंदर सहित का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे यात्री सुविधाओं और स्टेशनों की सौंदर्यात्मक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अभी दौड़ रही 6 वंदे भारत एक्सप्रेस गुजरात में अभी 6 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। गुजरात के पास अभी 1 अमृत भारत एक्सप्रेस और एक नमो भारत एक्सप्रेस ट्रेन है। गुजरात में 2014 के बाद से गुजरात के रेलवे नेटवर्क का तीव्र विस्तार हुआ है। लगभग 2,900 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं, जो कई यूरोपीय देशों के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है। राज्य में 4,005 किलोमीटर रेल मार्गों का 100% विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, जिससे हरित और ऊर्जा-कुशल संचालन सुनिश्चित हुआ है। 1,177 फ्लाईओवर का निर्माण रेलवे के अनुसार इस सब के अलावा लेवल क्रॉसिंग समाप्त करने के उद्देश्य से 1,177 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे सुरक्षा में वृद्धि और सड़क-रेल यातायात में सुगमता आई है। रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेलवे गुजरात में स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लागू कर रहा है। स्वीकृत 1,842 रूट किलोमीटर में से 96 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ स्थापित किया जा चुका है, जबकि 1,674 रूट किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है। यह रेल सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण उन्नति को दर्शाता है।

गुजरात के राजकोट में एक बेहद खौफनाक और हैरान करने वाला मामला आया सामने, 6 साल की बच्ची से हुई दरिंदगी

राजकोट  गुजरात के राजकोट में एक बेहद खौफनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 6 साल की बच्ची का अपहरण करके 30 साल के एक शख्स ने उसके साथ दरिंदगी की। खुद 3 बच्चों के इस बाप ने ना सिर्फ मासूम बच्ची के साथ रेप किया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड भी डाल दी। पुलिस ने हैवानियत करने वाले आरोपी राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जख्मी बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है।   मामला राजकोट के जिले के अटकोट पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक घटना को 4 दिसंबर को उस वक्त अंजाम दिया गया जब बच्ची के माता-पिता खेत में काम करने के लिए बाहर गए थे। इस दौरान राम सिंह बच्ची को उठाकर एक सुनसान जगह पर ले गया और वहां उसका मुंह दबाकर हैवानियत करने लगा। मासूम बच्ची के जिस्मों पर अपने हवस का जुल्म ढहाने से जब उसका मन नहीं भरा तो उसने एक फीट का लोहे का रॉड लड़की के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया। इधर, काम से लौटने के बाद जब बच्ची नहीं मिली तो माता-पिता तलाश में जुटे। उन्हें वह घटनास्थल पर लहूलुहान मिली। तुरंत उसे लेकर पास के अस्पताल में गए जहां से बच्ची को राजकोट रेफर कर दिया गया। अस्पताल से मिली सूचना के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत पुलिस हरकत में आई। 10 टीमों का गठन करके आरोपी की तलाश शुरू की गई। गांव में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच करके इसका विश्लेषण किया गया। पुलिस ने टेलिकॉम कंपनियों से भी डेटा लेकर यह पता लगाया कि कितने मोबाइल फोन उस दौरान घटनास्थल के आसपास ऐक्टिव थे। इस तरह बच्ची ने हैवान को पहचाना पुलिस ने 140 संदिग्धों की सूची बनाकर उनसे पूछताछ की। एसपी राजकोट रुरल विजय सिंह गुर्जर के मुताबिक, पूछताछ के बाद 10 लोगों की तस्वीरें बच्ची को दिखाई गईं। काउंसलर, महिला पुलिस अधिकारी और डॉक्टर्स की मौजूदगी में बच्ची ने एक शख्स की तस्वीर में आरोपी को पहचान लिया। एसपी ने कहा, '30 साल के आरोपी राम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उसने ना सिर्फ रेप किया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड भी डाला। अभी जांच जारी है।' घटना को अंजाम दे फरार हो गया था राम सिंह पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि उसने एक खेत में पानी की टंकी के पास उस दिन सुबह 11 बजे घटना को अंजाम दिया। लड़की के जख्मी होने और खून निकलने के बाद वह मौके से फरार हो गया। राम सिंह ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है और दो साल से राजकोट में काम करता था। आरोपी राम सिंह और पीड़ित परिवार MP का रहने वाला राम सिंह 12 साल की एक बेटी और दो बेटों का बाप है। पीड़ित बच्ची का परिवार भी मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला है और खेतों में मजदूरी करने के लिए राजकोट में रह रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 65 (2) और पॉक्सो ऐक्ट की धारा 5 (I), 5 (M), और 6 (1) के तहत केस दर्ज किया है।

ATS का बड़ा एक्शन: हथियार सप्लाई करते तीन संदिग्ध गिरफ्तार, देश में हमले की साजिश का खुलासा

अहमदाबाद / नई दिल्ली गुजरात में आतंकी साजिश रचने के आरोप में तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आतंक रोधी दस्ते (ATS) ने हथियार सप्लाई करते समय तीनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। देश में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए इन लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये पिछले एक साल से गुजरात एटीएस के रडार पर थे। तीनों को हथियार सप्लाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। ये देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमले करने की योजना बना रहे थे।'

गुजरात में बस्तर की गूंज: एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

नए छत्तीसगढ़ की झलक देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए प्रभावित एकता नगर (गुजरात), गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज आयोजित एकता परेड में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” ने सभी का मन मोह लिया। यह झांकी छत्तीसगढ़ के जनजातीय जीवन, परंपराओं और विकास यात्रा का जीवंत प्रतीक बनकर उभरी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड में सम्मिलित सभी झांकियों का अवलोकन किया और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों की सराहना की। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपने सौंदर्य, प्रतीकात्मकता और सशक्त संदेश से सबका ध्यान आकर्षित किया। झांकी के अग्रभाग में पारंपरिक वेशभूषा में सजे माड़िया जनजाति के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गौर नृत्य ने बस्तर की आन-बान और सामूहिकता की भावना को सजीव कर दिया। उनके पास रखी पारंपरिक तुरही बस्तर के पर्वों की गूंज और लोक उल्लास की प्रतीक बनी। वहीं, नंदी का चित्रण बस्तर की गहरी लोक आस्था और शिव उपासना की परंपरा को अभिव्यक्त करता नजर आया। झांकी के मध्य भाग में बस्तर के विकास और परिवर्तन की यात्रा को कलात्मक रूप में दर्शाया गया। कभी नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बस्तर आज तेजी से बदलते भारत का प्रतीक बन चुका है। अब यहाँ बंदूक की नहीं, विकास की गूंज सुनाई देती है। झांकी के अंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा बस्तर की स्त्री शक्ति, श्रम और सृजनशीलता का प्रतीक बनी। संपूर्ण झांकी की ढोकरा शिल्पकला से की गई सजावट ने बस्तर के शिल्पकारों की अद्भुत कलात्मकता और परंपरागत कौशल को दर्शाया। छत्तीसगढ़ की यह झांकी न केवल अपनी संस्कृति और कला में समृद्ध है, बल्कि यह बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव की कहानी भी कहती है। झांकी ने दिखाया कि आज का नया बस्तर परंपरा, प्रकृति और विकास का सुंदर संगम बन चुका है। कभी दुर्गम और पहुँच से दूर रहने वाले इलाकों में अब सड़कों का जाल बिछ गया है, जिन पर बच्चों के स्कूल जाने की चहल-पहल सुनाई देती है और स्कूलों में घंटियाँ बजने लगी हैं। गांवों में बिजली की रौशनी और इंटरनेट की पहुँच ने नई आशाएँ जगाई हैं। युवाओं में कुछ करने, आगे बढ़ने का जोश दिखाई देता है। महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं—हस्तशिल्प, वनोपज , विभिन्न विकासात्मक योजनाओं ने उनके जीवन में नई दिशा दी है। लोग अब विकास पर भरोसा करने लगे हैं। यह झांकी इस विश्वास का प्रतीक है कि बस्तर अब सिर्फ़ अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ते एक नए युग के लिए भी जाना जा रहा है। एकता परेड के लिए झांकियों का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय समिति और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने देशभर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय संगठनों के प्रजेंटेशन देखे। हर राज्य ने अपनी थीम, मॉडल और विचार समिति के सामने प्रस्तुत किए। इसी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की झांकी को उसकी मौलिकता, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास के जीवंत चित्रण के लिए चयनित किया गया। अंतिम सूची में छत्तीसगढ़ के साथ एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार द्वीप, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियाँ शामिल हुईं।

भरूच: फैक्ट्री में लगी आग से मचा हड़कंप, आसमान में उठे धुएं के गुबार

भरूच भरुच जिले के जीआईडीसी (GIDC) पानोली में स्थित संघवी ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (Sanghvi Organics Pvt Ltd) में शनिवार को एक बड़ी आग लग गई। दूर से ही धुएं के मोटे गुबार और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैल गई। अधिकारियों ने बताया कि दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और आग बुझाने का काम फिलहाल जारी है। हालांकि, आग लगने की वजह और नुकसान का अभी तक पता नहीं चल पाया है। आग पर काबू पाने के लिए मौके पर 15 से अधिक दमकल गाड़ियां मौजूद हैं। किसी के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है। इस नई घटना से कुछ महीने पहले 2 अप्रैल को गुजरात में बनासकांठा जिले के डीसा में भी एक और भयानक आग लगी थी। वह आग एक गोदाम में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में एक बड़े धमाके से लगी थी, जिसमें कम से कम 21 लोग मारे गए थे, जिनमें से कई मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूर थे। उस समय के चश्मदीदों ने बताया था कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आस-पास के घरों तक हिल गए और धुएं का गुबार आसमान में छा गया। गोदाम के कुछ हिस्से गिर गए, जिससे मजदूर मलबे में फंस गए। बाद में, पुलिस ने पुष्टि की कि यह यूनिट बिना किसी वैध लाइसेंस और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए चलाई जा रही थी। इस त्रासदी के बाद फैक्ट्री के मालिक खूबचंद ठक्कर और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया था।