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हरदीप पुरी के नामांकन को CM मोहन यादव ने बताया दिवाली का तोहफा, बोले- प्रदेश के लिए खुशी की बात

भोपाल   केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा का नामांकन भर दिया है. हांलाकि इस दौरान उन्होंने पूरे समय मीडिया से दूरी बनाए रखी. ईटीवी भारत ने जब उनसे बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद वे अपनी बात कहेंगे. नामांकन से पहले वे भोपाल में करुणाधाम आश्रम पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने भोपाल में गुरुद्वारे पहुंचकर माथा टेका. हरदीप सिंह पुरी का नामांकन दाखिल हो जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, '' हरदीप सिंह पुरी का व्यापक प्रशासनिक अनुभव का लाभ मध्यप्रदेश को मिलेगा।  चुनावी प्रक्रिया होने के बाद मीडिया से बात करेंगे हरदीप सिंह 28 अक्टूबर को मध्यप्रदेश की खाली हुई राज्यसभा सीट पर हरदीप सिंह पुरी के नाम के एलान के बाद आज उन्होंने अपना नामांकन मध्यप्रदेश विधानसभा में दाखिल कर दिया. नामांकन के समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल व जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, नरेन्द्र शिवाजी पटेल और बीजेपी नेता प्रभुराम चौधरी प्रमुख रुप से प्रस्तावक के रुप में मौजूद थे. नामांकन के बाद पुरी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी. उन्होंने ईटीवी भारत से कहा कि वे चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद बात करेंगे।  मध्यप्रदेश को पुरी के प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा : सीएम इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, '' दीपावली के पहले हमें हरदीप सिंह पुरी के रुप में सौगात मिली है. उन्होंने बीना रिफाइनरी से लेकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के रुप में की सौगातें दी हैं. हरदीप सिंह पुरी का जो प्रशासनिक अनुभव है. उसका लाभ मध्यप्रेदश को मिलेगा. यह हम सभी के लिए प्रसन्नता और सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश को उनके जैसे अनुभवी, वरिष्ठ एवं कुशल नेतृत्व का साथ मिलने जा रहा है।  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी भारत सरकार में एक मंत्री और कुशल प्रशासक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं. उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता निश्चित रूप से केंद्र सरकार के साथ-साथ मध्यप्रदेश के विकास के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी।  सीएम, दोनों डिप्टी सीएम और कई मंत्री-विधायक रहे मौजूद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और नरेंद्र शिवाजी पटेल सहित विधायक सुरेंद्र पटवा समेत अन्य नेता मौजूद रहे। नामांकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय चुनाव समिति के फैसले के बाद हरदीप सिंह पुरी ने आज राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले मध्य प्रदेश को पुरी के रूप में एक सांसद का उपहार मिलने जा रहा है। सीएम ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी का संसदीय जीवन लंबा रहा है। केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने मध्य प्रदेश को बीना रिफाइनरी, नागरिक उड्डयन, स्मार्ट सिटी, मेट्रो रेल, मेट्रोपॉलिटन सिटी और स्वच्छता अभियान सहित कई सौगातें दी हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में भी वे प्रदेश को नई सौगातें देते रहेंगे। नामांकन के दौरान पुरी ने मीडिया से दूरी रखी नामांकन दाखिल करने से पहले और बाद में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया से बात नहीं की। मीडिया को केवल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संबोधित किया।

MP Rajya Sabha By-Election: बीजेपी ने हरदीप सिंह पुरी पर जताया भरोसा, मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उतारा

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा उप-चुनाव 2026 के लिए हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। हरदीप सिंह पुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट के सदस्य हैं। अभी इनके पास पेट्रोलियम और नेचुरल गैस का मंत्रालय है। अक्टूबर में BJP नेता एल मुरुगन के सीट खाली करने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। एल मुरुगन के राज्यसभा और मंत्रालय से इस्तीफे के बाद केंद्र की NDA सरकार में कैबिनेट फेरबदल की भी चर्चा शुरू हो गई है। मोदी कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी हरदीप सिंह पुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्य हैं और वर्तमान में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं।एल. मुरुगन द्वारा राज्यसभा की सदस्यता और मंत्रालय से इस्तीफा दिए जाने के बाद से केंद्र की एनडीए सरकार में कैबिनेट फेरबदल की अटकलें और तेज हो गई हैं। इसके साथ ही, मंत्री के भविष्य को लेकर कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। नरेंद्र मोदी कैबिनेट में एकमात्र सिख मंत्री हरदीप पुरी इससे पहले उत्तर प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है।इससे पहले, जब बीजेपी ने यूपी में होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए आठ उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी, तो उसमें पुरी का नाम शामिल नहीं था।पार्टी ने पुरी को अब तक दो बार राज्यसभा भेजा है। उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 12 नवंबर को उपचुनाव पूर्व केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट को भरने के लिए 12 नवंबर को उपचुनाव होना है। उपचुनाव से पहले मध्य प्रदेश BJP जिन संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा कर रही थी, उनमें पुरी का नाम भी शामिल था।   पुरी का कार्यकाल 25 नवंबर को होने वाला है खत्म भारतीय जनता पार्टी की राज्य कोर कमेटी ने आखिरी फैसले के लिए 4 से 5 नामों का एक पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजने का फैसला किया था। उत्तर प्रदेश से हरदीप सिंह पुरी का मौजूदा राज्यसभा का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होने वाला है। BJP ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश से दोबारा नॉमिनेट नहीं किया था, जिससे अपर हाउस में उनका बने रहना पक्का नहीं था। संयुक्त राष्ट्र भारत का कर चुके प्रतिनिधित्व बता दें कि हरदीप सिंह पुरी भारतीय राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। इन्होंने भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और बाद में राजनीति में कदम रखा। वह संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। कई अहम राजनयिक जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में उन्होंने कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई। उनकी पहचान एक पूर्व राजनयिक और केंद्रीय मंत्री के तौर पर है। भाजपा सरकार में इन मंत्रालयों की संभाली जिम्मेदारी हरदीप सिंह पुरी साल 2014 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। सितंबर 2017 में उन्हें केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की स्वतंत्र प्रभार वाली जिम्मेदारी मिली। जुलाई 2021 में वह केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री बने। वर्तमान में वह इसी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

ग्रीन हाइड्रोजन पर भारत का वैश्विक भरोसा मजबूत: हरदीप सिंह पुरी का बड़ा बयान

नई दिल्ली केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि भारत हाइड्रोजन के हर मॉलिक्यूल में विश्वास पैदा कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम को लेकर जानकारी देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए लिखा, "ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम (जीएचसीआई) को इस वर्ष अप्रैल में लॉन्च किया गया था। यह स्कीम सुनिश्चित करता है कि हाइड्रोजन वास्तव में ग्रीन हो, जिसका उत्पादन रिन्यूएबल पावर का इस्तेमाल कर किया जाता है।" केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, ओएनजीसी, एनआरएल और सीपीसीएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां 2030 तक 900 केटीपीए क्षमता विकसित कर रही हैं, जिससे ग्रे हाइड्रोजन को रिप्लेस करने और आयात में 1 लाख करोड़ रुपए की बचत करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत क्लीन एनर्जी के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। देश की जीएचसीआई बताती है कि हाइड्रोजन को किस प्रकार मापा जाता है, मॉनिटर किया जाता है और वेरिफाई किया जाता है। यह स्कीम प्रोडक्शन से लेकर इस्तेमाल तक की इसकी यात्रा को ट्रैक करती है। इस फ्रेमवर्क के तहत, केवल वही हाइड्रोजन ग्रीन माना जाता है जो रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल कर बनाया गया हो। इसी तरह, हर किलोग्राम हाइड्रोजन से 2 किलोग्राम से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड न निकलना इसे ग्रीन मानता है। भारत की हाइड्रोजन इकोनॉमी में ट्रांसपेरेंसी और ग्लोबल क्रेडिबिलिटी आए इसके लिए हर प्रोड्यूसर का ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफ्शिएंसी से मान्यता प्राप्त वेरिफिकेशन एजेंसियों से ऑडिट होना जरूरी है। जीएचसीआई एक सर्टिफिकेशन से बढ़कर ओरिजिन की गारंटी है, इंटीग्रिटी, सस्टेनेबिलिटी और सेल्फ-सफिशिएंसी की मुहर है, जो पीएम मोदी के विजनरी लीडरशिप में भारत को एक ऐसे भविष्य की ओर ले जा रहा है जो ग्रीन, फेयर और भरोसेमंद है। वीडियो के अनुसार, पानीपत, विजाग, बीना, नुमालिगा और ऑफशोर क्लस्टर्स के प्रोजेक्ट्स रिफाइनरियों और इंडस्ट्रीज में ग्रे हाइड्रोजन की जगह लेंगे, जिससे जल्द ही देश को जीवाश्म ईंधन आयात में 1 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। 

अंडमान सी में 300 मीटर गहराई पर मिला नैचुरल गैस का भंडार, केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्ली  भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता सामने आई है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने ट्विटर पर जानकारी दी कि अंडमान सागर में स्थित श्री विजयपुरम 2 (Sri Vijayapuram 2) कुएं में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का पता चला है. यह कुआं अंडमान द्वीपसमूह के पूर्वी तट से लगभग 17 किलोमीटर (9.20 समुद्री मील) दूर है. कुएं की जलगहराई (Water Depth) 295 मीटर है, यानी यह समुद्र की सतह से 295 मीटर गहरे पानी में स्थित है. इसकी लक्षित गहराई (Target Depth) 2650 मीटर रखी गई थी. इसका मतलब है कि कुएं को पानी की सतह से लेकर समुद्र के नीचे जमीन में कुल 2650 मीटर तक खोदा गया. इसमें 295 मीटर पानी की गहराई और उसके नीचे जमीन में लगभग 2355 मीटर की गहराई शामिल है. शुरुआती उत्पादन परीक्षण (Initial Production Testing) से पता चला कि 2212 से 2250 मीटर की गहराई में प्राकृतिक गैस मौजूद है और इसमें समय-समय पर फ्लेयरींग (Intermittent Flaring) भी देखा गया. मीथेन गैस मिली गैस के नमूनों (Gas Samples) को जहाज के माध्यम से काकिनाडा (Kakinada) लाया गया, जहां उनका परीक्षण किया गया. जांच में सामने आया कि इस गैस में 87% मीथेन (Methane) है. मीथेन एक उच्च ऊर्जा क्षमता वाला घटक है और इसे वाणिज्यिक उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. अंडमान सागर में खोज का महत्व अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस की यह खोज भारत के ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिहाज से अहम है. इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को स्थानीय स्रोतों से पूरा करने में मदद मिलेगी और आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी. आने वाले कदम केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अब कुएं से कमर्शियल प्रोडक्शन योजना तैयार की जाएगी. यह चरण देश की ऊर्जा रणनीति में एक नया आयाम जोड़ सकता है और अंडमान-निकोबार क्षेत्र में ऊर्जा निवेश के अवसर भी बढ़ाएगा. ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक लाभ इस खोज से न केवल घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय ऊर्जा बाजार में भारत की स्थिति मजबूत करने में भी मदद करेगा. मीथेन की उच्च प्रतिशतता इस परियोजना को वाणिज्यिक रूप से आकर्षक बनाती है और भविष्य में एलएनजी (LNG) निर्यात के रास्ते भी खोल सकती है. कुल मिलाकर, श्री विजयपुरम 2 कुएं में प्राकृतिक गैस की पुष्टि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है और यह देश को आत्मनिर्भर ऊर्जा स्रोतों की ओर एक कदम और आगे ले जाएगी.