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HERC का बड़ा आदेश: हरियाणा में बिजली निगमों को 3 महीने में देना होगा CSI सर्टिफिकेट, ISO सर्टिफिकेशन अनिवार्य

चंडीगढ़ हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की पावर यूटिलिटीज को सेवा गुणवत्ता के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई), बैलेंस्ड स्कोरकार्ड सिस्टम लागू करने और सभी पावर यूटिलिटीज के लिए आईएसओ प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है।    एचईआरसी के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने राज्य सलाहकार समिति (एसएसी) की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि अब एसएसी की बैठक वर्ष में तीन बार आयोजित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि एसएसी की बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों को पावर यूटिलिटीज द्वारा समयबद्ध ढंग से लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एचईआरसी के सदस्य मुकेश गर्ग और  शिव कुमार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बी. आर. कंबोज , एचईआरसी के सचिव प्रशांत देष्टा, विद्युत लोकपाल आर. के. खन्ना व एचपीजीसीएल, एचवीपीएन, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य एसएसी सदस्य उपस्थित रहे। आयोग ने सभी पावर यूटिलिटीज को निर्देश दिया कि वे तीन माह के भीतर सुव्यवस्थित उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई) लागू करें, जिसकी मासिक निगरानी की जाएगी। यह स्पष्ट किया गया कि सीएसआई का मूल्यांकन सेक्शन स्तर पर जूनियर इंजीनियर से लेकर उप-मंडल, मंडल और यूटिलिटी स्तर तक किया जाना चाहिए, ताकि जवाबदेही तय हो और उपभोक्ता सेवाओं में प्रभावी सुधार हो। लक्ष्य आधारित प्रदर्शन और प्रणालीगत सुधार को संस्थागत रूप देने के लिए अध्यक्ष ने चार माह के भीतर बैलेंस्ड स्कोरकार्ड प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। इसे एक रणनीतिक प्रदर्शन प्रबंधन उपकरण के रूप में अपनाया जाएगा, जिसके माध्यम से वित्तीय एवं गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के लक्ष्यों का निर्धारण और उनकी निगरानी की जाएगी। प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा फील्ड स्तर से लेकर शीर्ष प्रबंधन स्तर तक की जाएगी, जिनमें उपभोक्ता संतुष्टि, संचालन दक्षता, सुरक्षा, हानियों में कमी, सेवा गुणवत्ता और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इसकी मासिक समीक्षा अनिवार्य होगी। प्रक्रियाओं के मानकीकरण पर आयोग ने बताया कि हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) वर्तमान में राज्य की एकमात्र आईएसओ प्रमाणित यूटिलिटी है। आयोग ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम  (एचवीपीएन), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) तथा डीएचबीवीएन को भी आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि पारदर्शिता, एकरूप प्रक्रियाएं और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां सुनिश्चित की जा सकें। लागत अनुकूलन पर जोर देते हुए शर्मा ने हरियाणा पावर परचेज सेंटर (एचपीपीसी) की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता रेखांकित की, ताकि अल्पकालिक और मध्यम अवधि की बिजली खरीद में होने वाले वित्तीय नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने उपभोक्ताओं पर अनावश्यक भार कम करने के लिए उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों की सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी। बैठक के दौरान डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल (एटी एंड सी) हानियों को और कम करने के लिए निरंतर उपाय किए जा रहे हैं। यह भी जानकारी दी गई कि यूएचबीवीएनऔर डीएचबीवीएन ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 51,156.71 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का अनुमान प्रस्तुत किया है।

हरियाणा में अब अस्पताल संचालकों को देना होगा आपरेशन का रिकार्ड

चंडीगढ़. हरियाणा के कुछ अस्पतालों में केंद्र की आयुष्मान भारत-चिरायु हरियाणा योजना के तहत मरीओं के इलाज में फर्जीवाड़ा करने की शिकायत के बाद एक एडवाइजरी जारी की गई है। सीईओ आयुष्मान भारत (हरियाणा) की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि आइसीयू में भर्ती मरीज की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जरूरी होंगे और उन्हें चालू रखने की जिम्मेदारी अस्पताल की होगी। जरूरी जांच में कैमरों की फुटेज उपलब्ध करानी पड़ेगी। इस एडवाइजरी को लेकर कई अस्पताल संचालकों की ओर से मरीजों की निजता पर सवाल उठे तो आइएमए हरियाणा की ओर से स्पष्ट किया गया कि एडवाइजरी में आइसीयू के गेट पर तथा गैलरी पर कैमरे चालू हालत में रखने के सलाह दी गई है। इंटरनेट मीडिया पर कुछ जगहों पर आइसीयु तथा अन्य कंबर दुनिट के अंदर कैमरे लगाने की एडवाइजरी में उल्लेख नहीं हैं। आइएमए (हरियाणा) की ओर से प्रेस रिलीज में भी कहा गया है कि कुछ अस्पतालों की ओर से फर्जीवाड़ा किए जाने पर यह सलाह जारी की गई है। सीसीटीवी कैमरे के लिंक का इस्तेमाल कैवत सत्यापन के लिए होगा।

हरियाणा के युवाओं के लिए जापान का बड़ा निवेश, नौकरी के नए अवसर मिलेंगे

चंडीगढ़ जापान अब हरियाणा में ऑटोमोबाइल, शिक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएगा। जापान के प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सहयोग विभाग के साथ एमओयू करने में रुचि दिखाई है। जापान के मिजुहो बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया हेड रयो मुराओ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सिविल सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा रणनीतिक निवेश के नए अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर  नायब सिंह सैनी ने  रयो मुराओ को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की। प्रदेश सरकार ने हरियाणा में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया, विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ—साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार  पवन कुमार चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया है। यह विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार पवन कुमार चौधरी ने भी अपनी बात रखी।

हरियाणा में एक ही पंजीकरण पर अलग-अलग गोशालाओं को दो रुपये यूनिट मिलेगी बिजली

चंडीगढ़. हरियाणा में गौशाला आयोग में पंजीकृत गोशालाओं को दो रुपये यूनिट के हिसाब से बिजली मिलती है। इसमें और राहत देते हुए बिजली वितरण निगमों ने एक ही पंजीकरण पर अलग-अलग स्थानों पर संचालित गोशालाओं को रियायती टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन देने का फैसला लिया है। इस दिशा में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशानुसार रियायती टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन पाने के लिए गोशालाओं का हरियाणा गौशाला आयोग में पंजीकरण अनिवार्य है। तभी गोशालाओं को दो रुपये प्रति यूनिट बिजली का लाभ मिलेगा। निगमों ने नए टैरिफ में स्पष्ट किया है कि दरें बिजली शुल्क, नगर कर, पंचायत टैक्स से अलग होगी। हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने बताया कि एक पंजीकृत गोशाला में गोवंश की संख्या ज्यादा होने के कारण दूसरी जगह भी गोशाला बनाकर उन्हें रखा जाता है। ऐसे में बिजली की दरों का लाभ लेने के लिए सरकार से काफी समय से मांग की जा रही थी जिसे अब पूरा किया गया है। प्रदेशभर में 694 पंजीकृत गोशालाएं और चार लाख से अधिक गोवंश हैं।

हरियाणा में सरकारी दफ्तरों में एआई की एंट्री, चंडीगढ़ में होगी मेगा वर्कशॉप

चंडीगढ़. कृत्रिम बुद्धिमत्ता कैसे काम करती है और आप अपनी परियोजनाएं बनाने के लिए एआई उपकरणों का कैसे उपयोग कर सकते हैं, इसकी जानकारी देने के लिए हरियाणा सरकार और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) राज्य में मिलकर काम करेंगे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (हारट्रोन) और स्टार्ट अप हरियाणा के सहयोग से 31 जनवरी को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यशाला-सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। एआई का तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए आयोजित होने वाली यह कार्यशाला इसलिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त मंत्री के नाते अपने वार्षिक बजट में पंचकूला व गुरुग्राम को एआई का हब बनाने की घोषणा कर रखी है। भविष्य विभाग का निर्माण भी इसी योजना का हिस्सा है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा और महासचिव रवि शर्मा ने एआई आधारित कार्यशाला के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को निमंत्रण दिया। राज्य के पूर्व मंत्री असीम गोयल टाई प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से मिले। चैट जीपीटी के इस्तेमाल और एआई तकनीक की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कार्यशाला में काफी रुचि दिखाई है और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। देश-विदेश से अलग-अलग क्षेत्रों के करीब तीन दर्जन तकनीकी विशेषज्ञ इस कार्यशाला-सेमीनार में जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि एआई की जानकारी के बिना न तो उद्योग तरकीकी कर सकते हैं और न ही सरकारी कामों में इस तकनीक के बिना प्रगति की जा सकती है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा के अनुसार एडब्ल्यूएस, गूगल, एक्सेंचर, विश्व बैंक और माइक्रोसाफ्ट जैसी विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विचारकों को एक मंच पर लाकर विभिन्न क्षेत्रों में एआई के विकास का पता लगाया जाएगा। पंचकूला और ट्राइसिटी के वैश्विक प्रभाव को प्रदर्शित करना, एआई पर काम करना और वैश्विक बाजार में निर्यात को बढ़ावा देना इस कार्यशाला के मुख्य बिंदुओं में शामिल है। पंचकूला आइटी पार्क में स्थित कुछ कंपनियां ग्राजिट्टी इंटरएक्टिव, अल्ट्रूइस्ट सिस्टम्स और आउटसोर्सिंग टेक्नोलाजीज पहले से ही स्वास्थ्य सेवा, विपणन और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एआई के साथ काम कर रही हैं। हरियाणा स्थित एआई स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए बूथ स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार से की जाएगी। महिला उद्यमियों द्वारा संचालित एआई आधारित व्यवसायों को वित्तपोषण और बाजार तक पहुंचने में सहायता प्रदान की जाएगी। सरकारी कार्यालयों में एआई के कार्यान्वयन और अधिकारी अपने दैनिक कार्यों में एआई का उपयोग कैसे कर सकते हैं, इस विषय पर अलग सेमीनार रखा गया है। प्रतिभा विकास के लिए हरियाणा के पांच से 10 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया जाएगा। इनमें एनआइटी कुरुक्षेत्र, आइआइएम रोहतक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, आइआइआइटी सोनीपत, पानीपत इंजीनियरिंग संस्थान, महर्षि मार्कंडेय मुल्लाना विश्वविद्यालय प्रमुख हैं। हरियाणा में नये उद्योगों के लिए जमीन की कमी नहीं हरियाणा सरकार ने जयपुर में आयोजित डिजीफेस्ट के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के प्रति प्रतबद्धता जताई है। एचएसआइआइडीसी और टाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उद्यमी, उद्यम पूंजी फर्म, इनक्यूबेटर और स्टार्टअप के प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी की। हरियाणा की ओर से उद्यमियों को अवगत कराया गया कि राज्य में 9,500 से अधिक डीपीआइआइटी पंजीकृत स्टार्टअप मौजूद हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं के नेतृत्व वाले हैं। नीति आयोग के भारत इनोवेशन इंडेक्स और बीआरएपी में 'टाप अचीवर' के रूप में मान्यता मिली है। एचएसआइआइडीसी की ओर से उद्यमियों को भरोसा दिलाया गया कि राज्य में नये उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है।

हरियाणा प्रशासन ने हांसी को नया जिला बनाया, अब राज्य में कुल 23 जिले होंगे

हांसी  हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने हांसी को आधिकारिक तौर पर नया जिला घोषित कर दिया है. हांसी अब हरियाणा का 23वां जिला है, जिसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. हांसी को हिसार से काटकर बनाया गया है.  बता दें, हिसार एक ऐसा जिला है, जिससे अब तक चार जिले बनाए जा चुके हैं. भिवानी, सिरसा फतेहाबाद और अब हांसी. इसके अलावा, भिवानी से काटकर चरखी दादरी को भी नया जिला बनाया गया है, तो काफी पहले हिसार का ही हिस्सा रहा है.  हांसी में दो उप मंडल, 3 तहसीलें और 3 ब्लॉक नए जिले में दो उपमंडल हैं, जिन्हें हिसार जिले से अलग किया गया है. इसके अलावा, हांसी जिले में तीन तहसीलें हैं- हांसी, नारनौंद और बास. वहीं, एक उप तहसील खेड़ी जालब को भी शामिल किया गया है. नए जिले हांसी में तीन ब्लॉक हांसी-1, हांसी-2 और नारनौंद भी होंगे.   हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी आज से हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी। वर्तमान में हिसार जिले में 6 तहसील और 3 उप-तहसील हैं। तहसील हिसार, हांसी, नारनौंद, बरवाला, बास और आदमपुर, बालसमंद, उकलाना और खेरी जालब उप-तहसील हैं। हांसी जिला बनने से 3 तहसील अलग हो जाएगी अब बास, नारनौंद, हांसी अलग जिले में गिनी जाएगी। हिसार में हिसार और बरवाला उपमंडल रह जाएगा। इसके अलावा हांसी में नारनौंद और हांसी दो उपमंडल गिने जाएंगे। हांसी में DC बैठेंगे, नई योजनाएं आएंगी हांसी के जिला बनने के बाद कई चीजें बदल जाएंगी। हांसी के लोगों को अब प्रशासनिक कामों और DC से मिलने के लिए हिसार नहीं आना होगा। हांसी में ही DC बैठेंगे। इसके साथ ही मुकदमों की पैरवी के लिए हिसार जिला कोर्ट भी नहीं आना पड़ेगा। हांसी में जिला एवं सत्र न्यायालय का गठन होगा। जिला न्यायाधीश भी बैठेंगे। इसके अलावा हांसी के जिला बनने से इलाके का विकास तेजी से हो सकेगा। सरकार जिले के विकास के लिए नई योजनाएं लाएगी, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जीवन स्तर में सुधार होगा। हरियाणा बनने के बाद यूं बंटता गया हिसार…     पहला बड़ा बंटवारा 1972: 1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ और हरियाणा नया स्टेट बना। उस समय हिसार, एरिया वाइज हरियाणा का बड़ा जिला था और आज के कई जिले- जैसे भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद व चरखी-दादरी, उसी का पार्ट थे। हिसार का पहला विभाजन 22 दिसंबर 1972 को हुआ, जब भिवानी को अलग जिला बनाया गया।     दूसरा विभाजन वर्ष 1975: हिसार का दूसरा बंटवारा 1 सितंबर 1975 को हुआ जब सिरसा को नया जिला बनाया गया। हालांकि, व्यावहारिक रूप से सिरसा जिला 1979 में अस्तित्व में आया।     तीसरा विभाजन 1997: हिसार का तीसरा बंटवारा 15 जुलाई 1997 को हुआ, जब फतेहाबाद को जिला बनाया गया। फतेहाबाद उस समय तक हिसार जिले की एक तहसील होती थी। 22 जनवरी 2016 को किसी समय हिसार का हिस्सा रहे भिवानी जिले को तोड़कर चरखी-दादरी को जिला बनाया गया। चरखी-दादरी ऐतिहासिक रूप से पुराने हिसार मंडल का हिस्सा रहा।     अब चौथी बार हिसार का बंटवारा: सीएम नायब सैनी ने 16 दिसंबर 2025 को हांसी को अलग जिला बनाने का ऐलान किया। जिसका 22 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। हांसी की दूरी हिसार से 25 किलोमीटर संभवतः हांसी पहला ऐसा जिला है जिसकी दूसरे जिले से दूरी महज 25 किमी है। दूरी के मामले में चरखी दादरी दूसरे स्थान पर है, जिसकी भिवानी से दूरी करीब 27 किमी है। इसी तरह, हांसी तीसरा ऐसा जिला है जहां केवल दो विधानसभा सीटें होंगी, जिनमें हांसी और नारनौंद शामिल हैं। चरखी दादरी में भी दादरी और बाढ़डा विधानसभाएं हैं। वहीं पंचकूला में पंचकूला और कालका विधानसभाएं आती हैं। अब तक हिसार विधानसभा सीटों के मामले में पहले नंबर पर था, जहां 7 विधानसभा सीटें थीं। विभाजन के बाद हिसार में 5 सीटें रह गई हैं,, जिनमें आदमपुर, उकलाना, बरवाला, हिसार और नलवा शामिल हैं। हांसी और नारनौंद के 110 गांव शामिल हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों में आने वाले 110 गांव, जो अब हांसी में शामिल हो गए हैं, उनके नाम कुछ इस प्रकार हैं-  हांसी शहर, अनीपुरा, बडाला, बांडा हेडी, बाडा जग्गा, बड़छपर, बास आजमशाहपुर, बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास ख़ुर्द बिजान, भकलाना, भैणी अमीरपुर, भाटला, भाटोल जाटान, भाटोल रागडान, बीड हांसी, बुडाना, चानोत, डाटा, दयाल सिंह कॉलोनी, दैपल, धामियां, ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, ढंढेरी, ढाणी ब्राह्मणान माजरा राजपुरा, ढाणी गुजरान, ढाणी केंदु, ढाणी कुम्हारान, ढाणी कुन्दनपुर, ढाणी पाल, ढाणी पीरान, खेड़ा रागडान, खेड़ी गगन, खेड़ी जालब, खेड़ी लोचब, खेड़ी रोज और खेड़ी श्योराण, किन्नर, कोथ कलां, कोथ खुर्द, कुलाना, कुम्भा, कुतुबपुर, लालपुरा, लोहारी राघो, मदन हेडी, माढा, मैहंदा, महजद, माजरा, मामनपुरा, मसूदपुर, मिलकपुर, मिर्चपुर, मोहला, मोठ करनैल साहब, मोठ रांगडान, मुजादपुर, नाडा, नारनौंद, नारनौंद औंगशाहपुर, पाली, पेटवाड़, प्रेमनगर, ढाणी पीरावाली, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी सकरी, ढाणी ठाकरिया, धर्म खेड़ी, गढ़ी, गढ़ी अजिमा, गामड़ा, घिराय, गुराना, हैबतपुर, हाजमपुर, जमावड़ी, जामनी खेड़ी, जीतपुरा, कांगसर, कंवारी, कापड़ो, खाण्डा खेड़ी, खानपुर, खरबला, खरकड़ा, पुट्ठी मंगलखां, पुट्ठी समैण, राजपुरा, राजथल, राखी खास, राखी शाहपुर, रामायण, रामपुरा, रोशन खेड़ा माजरा खरबला, सैनीपुरा, शेखपुरा, सिंधर, सिंघवा खास, सिंघवा राघो, सीसर, सिसाय बोला, सिसाय कालीरावण, सोरखी, सुलचानी, सुल्तानपुर, थुराना, उगालन, उमरा 5 लाख के करीब होगी हांसी की जनसंख्या प्रस्तावित जिला हांसी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1 लाख 34 हजार 976 हेक्टेयर है. इसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 5 लाख 40 हजार 994 होगी. गौरतलब है कि नागरिक-केंद्रित सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, अंतर-विभागीय समन्वय में सुधार तथा हांसी क्षेत्र के लोगों को सरकारी सेवाओं की प्रभावी और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हिसार के उपायुक्त द्वारा यह प्रस्ताव हिसार मंडल आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया था.

राशन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: हरियाणा में बनेंगे 4,000 नए डिपो, वितरण होगा आसान

चंडीगढ़  प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार प्रदेशभर में करीब 4 हजार नए राशन डिपो खोलने की योजना पर काम कर रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना के अनुसार हर जिले और गांव में 500 राशन कार्ड पर एक नया राशन डिपो स्थापित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही राशन उपलब्ध हो सकेगा। इस प्रस्ताव के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कुल नए डिपो में से लगभग 33 प्रतिशत, यानी करीब 1320 डिपो महिलाओं के लिए आरक्षित रखने की योजना है। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हालांकि, योजना को लागू करने से पहले कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं। इनमें पात्रता के नियम, आवेदन की शर्तें, जांच प्रक्रिया और तकनीकी तैयारियां शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन प्रक्रियाओं के दौरान आवश्यकतानुसार कुछ बदलाव भी संभव हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जनवरी माह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं। खाद्य आपूर्ति विभाग के सुपरिंटेंडेंट अश्वनी कुमार ने बताया कि नए डिपो खोलने के प्रारंभिक प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद जनवरी के अंत तक नए राशन डिपो के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।   वर्तमान स्थिति की बात करें तो हरियाणा में इस समय 9247 राशन डिपो संचालित हैं। इन डिपो के माध्यम से 40 लाख 69 हजार से अधिक परिवारों को राशन की आपूर्ति की जा रही है, जिनमें कुल 1 करोड़ 59 लाख से ज्यादा सदस्य पंजीकृत हैं। राज्य में पीला (BPL), गुलाबी (AAY) और खाकी श्रेणी के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। पीले कार्डधारकों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं, 2 लीटर तेल और 1 किलो चीनी मिलती है, जबकि गुलाबी कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो गेहूं, 2 लीटर सरसों का तेल और 1 किलो चीनी दी जाती है। नए डिपो खुलने से राशन वितरण व्यवस्था और अधिक सुगम व पारदर्शी होने की उम्मीद है।

UHBVNL ने जारी किया निर्देश, मुख्यालय आने से पहले लें परमिशन; टेलीफोन या ईमेल से संपर्क करें

चंडीगढ़  उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) के कर्मचारी अधिकारी बिना परमिशन के मुख्यालय नहीं आ सकेंगे। इसको लेकर ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। ऑर्डर में लिखा है कि क्षेत्रीय कार्यालयों, उप-मंडलों, मंडलों, जोनों और मुख्यालयों में कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारी के लिए निर्देश। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस काम में वह सहयोग करें और दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन कराएं। यहां पढ़िए ऑर्डर में और क्या… 1. कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे निजी मामलों के लिए मुख्यालय या सीनियर ऑफिसर्स से मिलने से पहले, जहां तक ​​संभव हो, अनुमति जरूर लें, ताकि मिलने के लिए सही समय तय किया जाए और उन्हें इंतजार से बचाया जाए। 2. कर्मचारियों को बताया जाता है कि वे व्यक्तिगत मामलों के समाधान के लिए सबसे पहले संबंधित एसडीओ, उप-विभागीय अधिकारी या कार्यालय प्रभारी के स्तर पर प्रयास करें, ताकि समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। 3. किसी भी आवेदन के लिए विभाग में पहले से तय प्रॉपर चैनल (एसडीओ/एक्सईएन/एसई/सीई/सक्षम प्राधिकारी) को फॉलो किया जाए। ये उन मामलों पर लागू नहीं होगा, जहां तत्काल समाधान की जरूरत हो। 4. ऐसे मामलों में जहां मामला पहले ही एक स्तर पर उठाया जा चुका है और हायर अथॉरिटी के ध्यान की आवश्यकता है, कर्मचारियों को अपने नियंत्रण अधिकारी को सूचित करने के बाद अगली अथारिटी से मिलने की अनुमति दी जा सकती है। 5. कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे नियमित मुद्दों के लिए बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय या वरिष्ठ अधिकारियों के पास सीधे जाने से बचें, ताकि कार्यालय का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे और यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रस्तुतियां ठीक से दर्ज और संसाधित की गई हैं। आपातकालीन स्थितियों में इन्हें फॉलो करना होगा… 1. तत्काल ध्यान देने योग्य या संवेदनशील मामलों में, कर्मचारी संबंधित नियंत्रक अधिकारी से टेलीफोन या ईमेल द्वारा संपर्क कर सकते हैं। इस तरह के संचार को उच्च अधिकारियों से मिलने की वैध अनुमति माना जाएगा। 2. सभी अधिकारियों से अनुरोध है कि वे सहयोग प्रदान करें तथा कर्मचारियों द्वारा उठाए गए वास्तविक एवं अत्यावश्यक मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करें। इन निर्देशों का अक्षरशः और पूरी भावना के साथ सावधानीपूर्वक और सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

ग्रुप-सी कर्मचारियों के लिए हरियाणा सरकार का निर्देश, 15 नवंबर तक मांगे जाएं आवेदन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे पूर्व अग्निवीरों के पदों को छोड़कर, ग्रुप-सी पदों की नई और वापस ली गई मांगों (रिक्विजिशन) को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पोर्टल पर 15 नवंबर, 2025 तक अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों/मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को एक पत्र जारी किया गया है।  पत्र में कहा गया है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा समूह-सी पदों के लिए समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) का आयोजन 26 और 27 जुलाई, 2025 को किया गया था। इसके उपरांत राज्य सरकार द्वारा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी की भर्ती प्रक्रिया) नियम, 2025 अधिसूचित किए गए। इन नियमों के तहत राज्य सरकार के अधीन सभी विभागों और संगठनों को संबंधित सेवा नियमों में निर्दिष्ट पात्रता मानदंडों का पालन करते हुए, अपने रिक्त ग्रुप-सी पदों की मांग आयोग को निर्धारित प्रारूप में भेजनी होती हैं। 

भारत-अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में सफलता, जॉर्जिया से पकड़े गए हरियाणा के दो कुख्यात अपराधी

जॉर्जिया सुरक्षा एजेंसियों और हरियाणा पुलिस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी सफलता मिली है। विदेशों में छिपे गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन के तहत भारत के दो मोस्ट वांटेड अपराधी वेंकटेश गर्ग और भानु राणा को क्रमश: जॉर्जिया और अमेरिका में हिरासत में ले लिया गया है। ये दोनों गैंगस्टर हरियाणा और पंजाब में कई संगीन आपराधिक मामलों में वांछित थे। जॉर्जिया में वेंकटेश गर्ग गिरफ्तार कुख्यात गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया में हिरासत में लिया गया है। वह लंबे समय से विदेश भागकर अपने आपराधिक नेटवर्क को सक्रिय रखे हुए था। वेंकटेश गर्ग कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के गैंग से जुड़ा हुआ है। इसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उसे जल्द ही जॉर्जिया से प्रत्यर्पित (Extradited) किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हरियाणा पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम जॉर्जिया पहुंच चुकी है।  अमेरिका में पकड़ा गया कुख्यात अपराधी भानु राणा दूसरी तरफ हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर भानु राणा अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। यह गिरफ्तारी भारत की ओर से दिए गए इनपुट और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का हिस्सा है। भानु राणा को भी जल्द ही अमेरिका से डिपोर्ट करके भारत भेजा जाएगा।  लॉरेंस बिश्नोई गैंग कनेक्शन पुलिस जांच में सामने आया है कि भानु राणा लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है। उसका नेटवर्क हरियाणा, पंजाब और दिल्ली तक फैला हुआ है। पंजाब में हुए एक ग्रेनेड हमले की जांच में उसका नाम सामने आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार अमेरिका में बैठे उसके कुछ संपर्क भी इस नेटवर्क से जुड़े थे। पुलिस पहले ही भानु राणा के कई साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उसके खिलाफ कई मामलों में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि विदेशों में छिपे गैंगस्टरों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।