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फुटपाथ, डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट से सुसज्जित होंगी प्रदेश की प्रमुख सड़कें

 पानीपत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने चार प्रमुख नेशनल और स्टेट हाईवे को माडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में पानीपत से सफीदों, जींद व भिवानी रोड, गोहाना से खानपुर कलां रोड (सोनीपत), घरौंडा से फुरलक रोड (करनाल) व ओल्ड बाईपास रोड (कैथल) को शामिल किया है। यह पहल प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ यातायात सुरक्षा को भी बढ़ावा देगी। पीडब्ल्यूडी ने संबंधित मार्गों परहाई टेंशन (एचटी) और लो टेंशन (एलटी) बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के संबंध में बिजली निगम को पत्र भेजे हैं। मॉडल रोड परियोजना के तहत सभी चयनित सड़कों के दोनों ओर व्यवस्थित फुटपाथ बनाए जाएंगे। इसके अलावा सड़क के बीचों-बीच आकर्षक डिवाइडर तैयार किए जाएंगे, जिन पर फूलों और सजावटी पौधों का रोपण किया जाएगा। सुरक्षा पर विशेष ध्यान रात्रि में बेहतर रोशनी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। वहीं, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट और मानक के अनुरूप जेबरा क्रासिंग बनाई जाएंगी। पानीपत पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सवित पानु ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इन मार्गों पर यात्रा अधिक आरामदायक होगी। साथ ही शहरों व कस्बों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।     बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए कई तरह की औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। ये औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शिफ्टिंग के कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे। -आदित्य कुंडू, एक्सईएन, बिजली निगम, पानीपत।  

आवारा पशुओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्यों व एजेंसियों को कार्रवाई के आदेश

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अहम निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि सभी आवारा पशुओं को सड़कों, राज्य के हाईवे और राष्ट्रीय राजमार्गों से हटाया जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे लेकर राज्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और नगरपालिकाओं को भी निर्देश जारी किया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आवारा पशुओं को हटाने के लिए हाईवे निगरानी टीमें बनाई जाएं जो उन्हें पकड़ कर सड़कों से हटाएगी और शेल्टर होम्स में रखेगी। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में आगे आवारा कुत्तों के मुद्दे पर भी आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बस और रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए और उन्हें शेल्टर होम में जगह दी जाए। साथ ही उन्हें टीकाकरण के बाद भी उसी इलाके में न छोड़े जाने के निर्देश दिए गए हैं।   सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों- जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान कुत्तों के काटने के मामलों में चौंकाने वाली बढ़ोतरी की बात कही और आदेश दिया कि अधिकारी आवारा कुत्तों को पकड़ने के बाद उन्हें शेल्टर में टीके दिए जाएं। इसके बाद उन्हें पुरानी जगहों पर न छोड़ा जाए। इसके अलावा सार्वजनिक जगहों पर आवारा कुत्तों के दोबारा न घुसने देने के इंतजाम भी तय हों। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 13 जनवरी को करेगी।