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शुभमन गिल और ईशान किशन का धमाका, अफगानिस्तान पर बड़ी जीत के साथ Team India ने जीती सीरीज

लखनऊ  टीम इंडिया ने बुधवार को दूसरे वनडे में अफगानिस्तान के परखच्चे उड़ा दिए। भारत ने लखनऊ के मैदान पर 170 रनों से दमदार जीत हासिल की। शुभमन गिल और ईशान किशन ने 'शतकीय बम' फोड़े, जिससे भारत ने 403 रन का विशाल टारगेट दिया। जवाब में अफगानिस्तान टीम 44.3 ओवर में 232 रन ही जुटा सकी। दरविश रसूली (6) रिटायर्ड आउट हुए। अफगानिस्तान की ओर से सर्वाधिक रन रहमत शाह (89 गेंदों में 79, आठ चौके) ने बनाए। भारत के लिए गुरनूर बराड़ और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन शिकार किए। डेब्यूटेंट प्रिंस यादव को दो सफलता मिली। वॉशिंगटन सुंदर ने एक विकेट हासिल किया। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने सधी हुई शुरुआत की। रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान ने पहले विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की। गुरनूर बराड़ ने आठवें ओवर में गुरबाज का शिकार किया। उन्होंने 33 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 41 रन बनाए। अर्शदीप सिंह ने 14वें ओवर में इब्राहिम जादरान (31 गेंदों में 21) को पवेलियन भेजा। वॉशिंगटन सुंदर ने 24वें ओवर में सेदिकुल्लाह अटल (50 गेंदों में 42) को एलबीडब्ल्यू किया। उन्होंने रहमत शाह के संग तीसरे विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी की। दरविश रसूली (6) रिटायर्ड हर्ट हो गए हैं। गुरनूर ने 26वें ओवर में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (4) को बोल्ड किया। डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने 31वें ओवर में नांगेयालिया खरोटी (6) को बोल्ड किया। राशिद खान (12), सलीम सफी (9) और अल्लाह गनजफर (1) सस्ते में लौटे। प्रिंस ने रहमत शाह को गुरनूर के हाथों लपकवाया और अफगानिस्तान की पारी को समेटा। इससे पहले, भारतीय टीम 49.5 ओवर में 402 पर सिमटी। शुभमन गिल और ईशान किशन ने अफगानी गेंदबाजों को कूटा। दोनों ने शतकीय पारी खेली। भारत ने आठवीं बार वनडे क्रिकेट में 400 रनों का आंकड़ा पार किया है। अफगानिस्तान के लिए नांगेयालिया खरोटी ने चार और राशिद खान ने तीन विकेट चटकाए। टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। यशस्वी जायसवाल मौके को भुना नहीं पाए। उन्होंने 9 गेंदों में 4 रन बनाए और दूसरे ओवर में सलीम सफी का शिकार बने। इसके बाद, रोहित शर्मा ने शुभमन के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की। रोहित दो रन से फिफ्टी से चूक गए। उन्होंने 39 गेंदों में छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 48 रन बटोरे। उन्हें राशिद ने 14वें ओवर में बोल्ड किया। शुभमन ने ईशान किशन के साथ बखूबी मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 224 रनों की साझेदारी की। ईशान ने 79 गेंदों में 125 रन जुटाए, जिसमें 14 चौके और सात छक्के हैं। उन्हें नांगेयालिया खरोटी ने 37वें ओवर में पवेलियन भेजा। खरोटी ने 43वें ओवर में शुभमन और केएल राहुल का शिकार किया। गिल ने 110 गेंदों में 22 चौकों और दो छक्कों की मदद से 154 रन बटोरे। राहुल का खाता नहीं खुला। खरोटी ने 45वें ओवर में श्रेयस अय्यर (24 गेंदों में 26) को आउट किया। गुरनूर बराड़ (3) और अर्शदीप सिंह (3) दहाई अंक में नहीं पहुंचा जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने 19 गेंदों में 19 रन का योगदान दिया। प्रिंस यादव (5) भारत की ओर से आउट होने वाले आखिरी प्लेयर रहे। अफगानिस्तान: 232/10 (44.3 ओवर) भारत: 402/10 (49.5 ओवर)

होर्मुज मार्ग खुला, भारत की बढ़ी ऊर्जा सुरक्षा; भरपूर LNG से दूर होगी गैस की किल्लत

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता और इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने के बीच भारत के लिए डबल खुशखबरी आई है. एक तरफ तो होर्मुज में महीनों से फंसे तेल-गैस भरे जहाज अब वहां से भारत की तरफ से रवाना होने लगे हैं. इसमें पहले जहाज दिशा 62000 हजार क्यूबिक टन एलएनजी लेकर होर्मुज पार करके भारत के सफर पर निकल चुका है और इसके साथ 34 दूसरे जहाजों की भी रवानगी का रास्ता साफ हो चुका है. वहीं इस बीच दुनिया के सबसे बड़े एनएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) निर्यातकों में शामिल कतर ने संकेत दिया है कि जैसे ही होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य होगी, वह रिकॉर्ड गति से गैस उत्पादन बढ़ाना शुरू कर देगा. इसका सीधा फायदा भारत जैसे बड़े आयातक देशों को मिलने वाला है।  बिजनस समाचार आउटलेट ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी ने अपने खरीदारों को बताया है कि होर्मुज के सुरक्षित रूप से खुलने के एक महीने के भीतर वह अपनी एनएलजी उत्पादन क्षमता को करीब 50 फीसदी तक बहाल कर देगी. इसके बाद अगले एक महीने में उत्पादन बढ़ाकर लगभग 80 फीसदी तक पहुंचाने की योजना है. यानी सिर्फ दो महीने के भीतर दुनियाभर के बाजार में गैस की आपूर्ति तेजी से बढ़ सकती है।  भारत के लिए क्यों अहम है यह खबर? भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित एनएलजी से पूरा करता है और इसमें कतर उसकी सबसे बड़ी सप्लाई लाइनों में से एक है. भारत और कतर के बीच लंबे समय से गैस आपूर्ति का समझौता है. ऐसे में कतर से सप्लाई बढ़ने का मतलब है कि भारत को गैस की उपलब्धता बेहतर होगी और उद्योगों, बिजली उत्पादन तथा शहरों में गैस वितरण पर दबाव कम होगा।  हाल के महीनों में ईरान की इजरायल और अमेरिका के साथ जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही रुक गई है. इसकी वजह से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई थी और LNG की आपूर्ति पर भी असर पड़ा था।  दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब फिर होगा एक्टिव कतर का रास लाफान (Ras Laffan) एलएनजी कॉम्प्लेक्स दुनिया की सबसे बड़ी गैस निर्यात सुविधाओं में गिना जाता है. पिछले साल अकेले इसी परिसर से दुनिया की कुल LNG आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा निर्यात किया गया था. लेकिन मार्च में ईरानी मिसाइल हमलों और उसके बाद क्षेत्रीय संघर्ष के चलते इस विशाल परियोजना का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।  युद्ध के शुरुआती दिनों में कतर को अपने एनएलजी टर्मिनलों का संचालन सीमित करना पड़ा था. होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के कारण बड़े गैस जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी. नतीजतन वैश्विक बाजार में गैस की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया।  हालात सामान्य होने में लगेगा समय हालांकि कतर तेजी से उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन पूरी क्षमता से वापसी में अभी समय लगेगा. जानकारी के अनुसार रास लाफान संयंत्र की दो उत्पादन इकाइयों को गंभीर नुकसान पहुंचा था. इनकी मरम्मत और पूर्ण बहाली में कई साल लग सकते हैं।  फिर भी विशेषज्ञ मानते हैं कि एक महीने में 50 फीसदी और दो महीने में 80 फीसदी क्षमता तक पहुंचना उम्मीद से कहीं तेज रिकवरी है. यही वजह है कि ऊर्जा बाजार इस खबर को बेहद सकारात्मक मान रहा है।  सस्ती हो जाएगी गैस अगर कतर योजना के मुताबिक उत्पादन बढ़ाने में सफल रहता है और होर्मुज मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय LNG कीमतों पर दबाव कम हो सकता है. इसका फायदा भारत को सस्ती गैस और ऊर्जा सुरक्षा के रूप में मिल सकता है।  यानी भारत के लिए यह सचमुच ‘डबल खुशखबरी’ है. एक तरफ होर्मुज के खुलने से सप्लाई चेन सामान्य होगी, दूसरी तरफ कतर से LNG की भारी आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है. इससे हाल के महीनों में बनी गैस की किल्लत और बाजार की अनिश्चितता काफी हद तक दूर हो सकती है। 

ईंधन से लेकर फर्टिलाइज़र तक राहत की उम्मीद, US-Iran तनाव कम होने का भारत को डबल फायदा

नई दिल्ली क्या आप जानते हैं कि खाड़ी देशों में होने वाले तनाव का सीधा असर आपकी रसोई और जेब पर कैसे पड़ता है? जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा था तो भारत में सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि दूध, सब्जी से लेकर हवाई टिकट तक सब कुछ महंगा हो गया. लेकिन अब चूंकि यह युद्ध खत्म होने जा रहा है, तो अब क्या-क्या सस्ता होगा? यहां हम उन चीजों की लिस्ट दे रहे हैं।   1. रसोई गैस और कमर्शियल सिलेंडर (LPG): भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी खाड़ी देशों से आयात करता है. युद्ध के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रोपेन और ब्यूटेन (एलपीजी के मुख्य घटक) की कीमतें 800 डॉलर प्रति मीट्रिक टन पार कर गई थीं. तनाव खत्म होने से यह कीमत गिरकर 550-600 डॉलर के दायरे में आ सकती हैं, जिससे घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 70 से 100 रुपये तक की कटौती देखने को मिल सकती है. हालांकि सरकार पहले से ही सिलेंडर पर सब्सिडी देती है, तो ऐसे में देखना होगा कि क्या सरकार इसे आम लोगों तक पास करेगी, या नहीं।  2. विदेशी फल और ड्राई फ्रूट्स (खजूर और अंजीर): भारत सालाना करीब 90 हजार से 1 लाख मीट्रिक टन खजूर ईरान और खाड़ी देशों से मंगाता है. समुद्री नाकेबंदी के कारण भारतीय थोक बाजारों में कीमिया और मजलूम खजूर के दाम 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गए थे. रूट खुलते ही सप्लाई सामान्य होने से इनके थोक और रिटेल दामों में 25 से 30 फीसदी की सीधी गिरावट आने की संभावना है।  3. सीएनजी और पीएनजी (CNG & PNG): भारत अपनी कुल नेचुरल गैस की जरूरत का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा (LNG के रूप में) कतर और यूएई जैसे देशों से इम्पोर्ट करता है. युद्ध के डर से स्पॉट एलएनजी की कीमतें 15-18 डॉलर प्रति mmBtu (Million British Thermal Units) तक पहुंच गई थीं. अब वैश्विक बाजार में गैस की कीमत घटकर 9-10 डॉलर प्रति mmBtu के स्तर पर आने की संभावना है, जिससे घरेलू स्तर पर सीएनजी और पीएनजी के दाम 4 से 6 प्रति किलो/Scm तक सस्ते हो सकते हैं।   4. रासायनिक उर्वरक (Chemical Fertilizers): भारत सालाना लगभग 70 से 80 लाख टन यूरिया और फॉस्फेटिक खादों का आयात करता है, जिसमें ओमान और सऊदी अरब की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. सप्लाई चेन टूटने से प्रति टन आयात लागत में 50 से 70 डॉलर का उछाल आया था. होर्मुज रूट खुलने से फर्टिलाइजर कंपनियों की इनपुट कॉस्ट 12 से 15 प्रतिशत तक कम होगी, जिससे सरकार पर सब्सिडी का बोझ घटेगा और खुले बाजार में खाद की किल्लत खत्म होगी।  5. प्लास्टिक और पैकेजिंग सामग्रियां (Polymers): भारतीय प्लास्टिक उद्योग अपनी जरूरत का लगभग 40% पॉलीमर और प्लास्टिक दाना खाड़ी देशों की पेट्रोकेमिकल रिफाइनरियों से मंगाता है. कच्चे तेल के 125 डॉलर होने से पॉलिमर के दाम 20% तक महंगे हो गए थे. कच्चे तेल की कीमतें 75-80 डॉलर के सामान्य स्तर पर आने से प्लास्टिक इनपुट कॉस्ट में 15% तक की कमी आएगी, जिससे पैकेजिंग मैटेरियल सीधे सस्ते होंगे।  6. हवाई सफर (Air Tickets): किसी भी एयरलाइंस कंपनी के कुल ऑपरेटिंग खर्च का 40% हिस्सा अकेले एटीएफ (Aviation Turbine Fuel) पर खर्च होता है. क्रूड के 125 डॉलर पार जाने से एटीएफ की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं. कच्चे तेल में गिरावट के बाद एटीएफ की कीमतों में 10% से 12% की कटौती तय है, जिससे एयरलाइंस कंपनियां हवाई किराए (Airfares) में 8% से 10% तक की कमी कर सकती हैं।  7. स्क्रैप मेटल और रीसाइक्लिंग उत्पाद: भारत यूएई और खाड़ी देशों से हर साल लाखों टन एल्युमिनियम और कॉपर स्क्रैप इम्पोर्ट करता है. युद्ध के दौरान समुद्री जहाजों का भाड़ा (Freight Rate) और वॉर रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम 300% तक बढ़ गया था. शिपिंग रूट सामान्य होने से माल ढुलाई का भाड़ा 30% तक कम होने की संभावना है, जिससे घरेलू रिसाइक्लिंग यूनिट्स को कच्चा माल 8 से 10 प्रतिशत सस्ता मिलेगा।  8. इंडस्ट्रियल सल्फर (Industrial Sulfur): रबर और केमिकल इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी सल्फर का भारत एक बड़ा आयातक है. खाड़ी देशों से सप्लाई रुकने से भारत में सल्फर की घरेलू कीमतें 18% से 22% तक उछल गई थीं. रिफाइनरियों में उत्पादन सामान्य होने और शिपमेंट शुरू होने से इंडस्ट्रियल सल्फर के दाम 15% तक नीचे आ सकते हैं।   9. पेंट्स और कोटिंग्स (Paints & Solvents): पेंट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (जैसे रेजिन और सॉल्वैंट्स) का करीब 50% हिस्सा पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव्स होता है. कच्चे तेल और गैस के दाम टूटने से पेंट कंपनियों की कुल मैन्युफैक्चरिंग लागत में 6 से 8 प्रतिशत की कमी आएगी, जिसका सीधा फायदा वे उपभोक्ताओं को कीमतों में कटौती या डिस्काउंट के रूप में देंगी।  10. ऑनलाइन डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सेवाएं: भारत का लॉजिस्टिक्स इंडेक्स सीधे तौर पर ईंधन और परिचालन लागत से जुड़ा है. वैश्विक ऊर्जा संकट थमने से माल ढुलाई इंडेक्स (Freight Index) में 7 से 10 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है. इसका सीधा असर ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियों पर पड़ेगा, जिससे डिलीवरी चार्जेस और कूरियर फीस में 5 से 8 प्रतिशथ तक की राहत मिल सकती है। 

भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार! इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल रोकने की क्षमता से बढ़ी सैन्य ताकत

 नई दिल्ली भारत की सामरिक सुरक्षा और सैन्य इतिहास में 10 और 11 जून, 2026 की तारीखें सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई हैं. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन- DRDO ने लगातार तीन ऐतिहासिक फ्लाइट-टेस्ट करके देश की 'नेक्स्ट-जेनरेशन' की रक्षा क्षमताओं का लोहा मनवाया है।  इन सफल परीक्षणों के माध्यम से भारत ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ 'मल्टी-लेयर्ड डिफेंस' और समुद्र में मध्यम दूरी की एंटी-शिप मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है. इस ऐतिहासिक कामयाबी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO को बधाई देते हुए कहा कि इन परीक्षणों ने भारत को दुनिया के उन चुनिंदा 'एलीट' देशों के समूह में शामिल कर दिया है, जिनके पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) को भी हवा में नष्ट करने की तकनीक मौजूद है।  इसके साथ ही, भारत ने पहली बार अपनी स्वदेशी नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज (NASM-MR) का भी सफल पहला परीक्षण किया है, जो देश की समुद्री ताकत को कई गुना बढ़ा देगी।  क्या है मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस क्षमता? मिसाइल डिफेंस की भाषा में 'मल्टी-लेयर्ड डिफेंस' का मतलब एक ऐसे अभेद्य सुरक्षा चक्र से है, जो दुश्मन की मिसाइल को आसमान की अलग-अलग ऊंचाइयों पर ही ढूंढकर पूरी तरह नष्ट कर देता है. मान लीजिए कि किसी दुश्मन देश ने भारत पर कोई लंबी दूरी की घातक मिसाइल दागी है, तो भारत का यह नया डिफेंस सिस्टम उसे दो स्तरों पर निशाना बनाएगा…     एक्सो-एटमॉस्फेरिक: इसके तहत इंटरसेप्टर मिसाइल दुश्मन की मिसाइल को पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर (अंतरिक्ष की सीमा पर) ही मार गिराती है।      एंडो-एटमॉस्फेरिक: यदि कोई मिसाइल पहले सुरक्षा चक्र को पार कर जाती है, तो वायुमंडल के भीतर मौजूद दूसरा इंटरसेप्टर उसे धरती पर गिरने से पहले ही हवा में उड़ा देता है।  DRDO द्वारा 10 और 11 जून को किए गए इन लगातार तीन परीक्षणों के दौरान इंटरसेप्टर मिसाइलों ने अपने तय लक्ष्यों (टारगेट्स) को बेहद सटीकता के साथ एंगेज किया और उन्हें हवा में ही मलबे में तब्दील कर दिया. ये डिफेंस सिस्टम्स उभरते हुए आधुनिक मिसाइल खतरों से निपटने के लिए सबसे लेटेस्ट और स्वदेशी तकनीकों के आधार पर डिजाइन की गई हैं।  ICBM को रोकने वाला 'एलीट क्लब': भारत की बड़ी वैश्विक छलांग इस सफल परीक्षण के बाद भारत अब दुनिया के उन गिने-चुने देशों की कतार में मजबूती से खड़ा हो गया है जिनके पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के खतरों को निष्क्रिय करने की तकनीक है. ICBM ऐसी मिसाइलें होती हैं जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक (5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी) मार कर सकती हैं और इनकी स्पीड बहुत तेज होती है।  अब तक ऐसी मिसाइलों को रोकने और हवा में ही मार गिराने की तकनीक केवल अमेरिका, रूस, चीन और इजरायल जैसी महाशक्तियों के पास ही प्रमुख रूप से मानी जाती थी. भारत ने इस परीक्षण के जरिए साबित कर दिया है कि उसका 'बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस'सुरक्षा कवच अब पूरी तरह से एक्टिव हो चुका है. यह तकनीक आने वाले समय में देश के प्रमुख महानगरों, परमाणु प्रतिष्ठानों और सामरिक ठिकानों को दुश्मन के किसी भी अचानक होने वाले मिसाइल हमले से पूरी तरह सुरक्षित रखेगी।     नेवल एंटी-शिप मिसाइल (NASM-MR) का पहला सफल परीक्षण इन तीन परीक्षणों की कड़ी में भारत को एक और बड़ी कामयाबी समुद्र में मिली. DRDO ने अपनी अत्याधुनिक नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज (NASM-MR) का 'मेडन फ्लाइट-टेस्ट' यानी पहला आधिकारिक उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।    यह मिसाइल पूरी तरह से स्वदेशी है और इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोतों तथा हेलीकॉप्टरों से दागे जाने के लिए तैयार किया गया है. मध्यम दूरी की इस एंटी-शिप मिसाइल का मुख्य काम समुद्र में भारतीय सीमाओं की तरफ बढ़ रहे दुश्मन के बड़े युद्धपोतों और पनडुब्बियों को पलक झपकते ही नष्ट करना है. इस मिसाइल के सफल परीक्षण से भारतीय नौसेना की आक्रामक और रक्षात्मक दोनों क्षमताओं में जबरदस्त इजाफा हुआ है।  वैज्ञानिकों और भारतीय उद्योग की साझी कूटनीतिक जीत इन बेहद जटिल और संवेदनशील परीक्षणों की कमान रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के हाथों में थी. उन्होंने खुद इन परीक्षणों की बारीकी से निगरानी की और इसे देश की रक्षा सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़े बदलाव वाला मोड़ बताया।  इन परीक्षणों को भारतीय सशस्त्र बलों (सेना, वायुसेना और नौसेना) के शीर्ष अधिकारियों ने भी अपनी आंखों से देखा और इसकी मारक क्षमता को देश की संप्रभुता के लिए बेहद जरूरी बताया।   भले ही भारत के पड़ोसी देश अपनी मिसाइल क्षमताओं का लगातार आधुनिकीकरण कर रहे हों, लेकिन DRDO के इस नेक्स्ट-जेन सुरक्षा कवच ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब किसी भी आसमानी या समुद्री खतरे को सीमा पार ही ढेर करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

3 भारतीय नागरिकों की मौत से बढ़ा तनाव, UN ने भी अमेरिका को सुनाई खरी-खरी; नियम-कायदों की दिलाई याद

नई दिल्ली ओमान तट के पास एक कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। नागरिकों की जान जाने की इस गंभीर घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी उप-राजदूत जेसन मीक्स को दोबारा तलब कर सख्त विरोध दर्ज कराया है। पिछले कुछ ही दिनों में यह दूसरी बार है जब भारत ने किसी अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है। 30 मिनट तक चला कड़ा कूटनीतिक विरोध विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने जेसन मीक्स को तलब किया। यह बैठक लगभग 40 मिनट तक चली, जिसमें भारत ने कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले और उसमें तीन भारतीयों के मारे जाने पर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। चूंकि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं, इसलिए उनकी जगह जेसन मीक्स को यह कूटनीतिक विरोध सौंपने के लिए बुलाया गया। अमेरिका ने जहाजों पर हमला किया; टाइमलाइन     8 जून: अमेरिकी हमले में जहाज 'मैरीवेक्स' निशाना बना; 24 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया     9 जून: 'एमटी सेटेबेलो' पर हमला; 3 भारतीयों की मौत, 21 को बचाया गया     10 जून: अमेरिकी CdA मीक्स को तलब किया गया     11 जून: 'एमटी जलवीर' पर हमला; 20 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया     12 जून: अमेरिकी CdA मीक्स को तलब किया गया निशाना बने तीन प्रमुख जहाज और भारतीयों की मौत हालिया विवाद मुख्य रूप से तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों से जुड़ा है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल मौजूद था। 'Settebello' पर हमला और मौतें: बुधवार को ओमान के सोहर बंदरगाह के पास इस पलाऊ-झंडे वाले टैंकर को निशाना बनाया गया। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना द्वारा दागी गई मिसाइल के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय सवार थे। इस भयावह हमले में 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई, जबकि 21 को बचा लिया गया। 'MT Marivex' पर हमला: इससे पहले सोमवार को एक अन्य टैंकर, 'MT Marivex' पर भी अमेरिकी नौसेना द्वारा हमला किया गया था। उस जहाज पर भी 24 भारतीय नाविक मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया था।  अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर संयुक्त राष्ट्र समेत दूसरे संगठनों और देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की तीखी आलोचना की है और इसे अस्वीकार्य बताया है. अमेरिकी दादागीरी के सामने तनकर खड़े होते हुए अंतर्राष्ट्रीय मेरीटाइम संगठन (अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ) ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्र में व्यक्ति की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. वहीं UN ने कहा कि वो IMO के बयान से इत्तेफाक रखता है।  बुधवार को अमेरिका ने पलाऊ के झंडे वाले एक टैंकर पर हमला किया था. इस टैंकर का नाम MT सेटेबेलो है. अमेरिका नौसेना ने सेटेबेलो पर मिसाइलों से हमला किया था. इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।  भारत ने गुरुवार को कहा कि पिछले चार दिनों में ओमान के तट के पास भारतीय क्रू मेंबर वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया, जिसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई. नई दिल्ली ने इन हमलों को लेकर अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।  दुनिया भर में जहाजों की सुरक्षा और समुद्री अनुशासन करने वाली संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने इस घटना के लिए अमेरिका की तीखी आलोचना की।  IMO ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पास हुई इस घटना में जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई और तीन नाविकों की मौत हो गई।  IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने कहा कि वह किसी भी पक्ष की ओर से की गई ऐसी किसी भी हरकत की "कड़ी" निंदा करते हैं, जिससे नाविकों की जान और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा को खतरा हो।  "यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. मेरी संवेदनाएं उन तीन नाविकों के परिवारों के साथ हैं जिनकी जान चली गई और उन सभी लोगों के साथ भी जो क्रू सदस्यों के बारे में खबर का इंतजार कर रहे हैं।  डोमिंग्वेज़ ने कहा कि IMO ने हर समय नाविकों, आम नागरिक जहाजों और नेविगेशन की आज़ादी की सुरक्षा की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।  डोमिंग्वेज़ ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र में जीवन की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. नाविकों की सुरक्षा एक साझा ज़िम्मेदारी है जिसे सबसे ज़्यादा अहमियत दी जानी चाहिए।  IMO के बयान से सहमति जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी-जनरल ने इस हमले की निंदा की. सेक्रेटरी-जनरल के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने ने कहा कि, 'खास बात यह है कि सेट्टेबेलो टैंकर पर हमला हुआ और कई भारतीय नाविक मारे गए. और इस हमले की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) के सेक्रेटरी-जनरल ने साफ़ तौर पर निंदा की थी. और हम उस बात का पूरी तरह से समर्थन और अनुमोदन करते हैं।    एमटी जलवीर पर हमला: ताजा मामला इस गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले जहाज एमटी जलवीर से जुड़ा है। अमेरिकी मध्य कमान ने एक बयान में कहा कि उसने एमटी जलवीर को ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध का कथित तौर पर उल्लंघन करके ईरानी तेल परिवहन करने के प्रयास के आरोप में निष्क्रिय कर दिया। कमान ने कहा कि चालक दल द्वारा 'अमेरिकी सेना के निर्देशों का बार-बार पालन न करने' के बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन कक्ष पर हमला किया। ओमान बंदरगाह के पास इस टैंकर पर हमले के बाद उसमें सवार 22 भारतीयों को बृहस्पतिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया था। पिछले चार दिनों में ओमान तट के निकट अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय चालक दल वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले की यह तीसरी घटना है। भारत का सख्त रुख भारतीय नागरिकों की जान जाने से यह कूटनीतिक विवाद अब एक बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक शिपिंग और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों … Read more

भारत के लिए रूस की मेहरबानी! कच्चे तेल पर भारी छूट, वैश्विक बाजार में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली ईरान जंग की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं. इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता जा रहा है. उधर अमेर‍िका चाहता है क‍ि भारत वेनेजुएला और यूएस से तेल खरीदे. यह देखकर रूस ने भारत को बड़ा ऑफर द‍िया है. रॉयटर्स की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक रूस ने भारत को सस्‍ते दाम पर तेल बेचना शुरू कर द‍िया है. इतना ही नहीं, चीन को भी वही ऑफर म‍िल रहा है।  रॉयटर्स की र‍िपोर्ट के मुताबिक, रूसी यूराल्स क्रूड अब भारतीय और चीनी बंदरगाहों पर ब्रेंट ऑयल के मुकाबले सस्‍ते में बिक रही है. तेल कारोबार से जुड़े चार लोगों ने बताया क‍ि एशियाई रिफाइनरियों की ड‍िमांड अचानक कम हो गई है, इससे रूसी तेल पूरी मात्रा में नहीं न न‍िकल पा रहा है. मौका देखकर रूस ने भारत को यह बड़ा ऑफर द‍िया है. सूत्रों ने बताया क‍ि मार्च से भारत और चीन को यह सस्‍ता तेल म‍िल रहा है. पहले ब्रेंट क्रूड के मुकाबले रूसी तेल प्रीमियम पर बिक रहा था, क्योंकि मिड‍िल ईस्‍ट में जंग की वजह से तेल की सप्‍लाई बाध‍ित हुई थी. लेकिन अब रूसी क्रूड की मांग कम हो गई है क्योंकि एशियाई रिफाइनरियों ने अपने भंडार का इस्तेमाल करना शुरू कर द‍िया है. दूसरे विकल्प ढूंढ ल‍िए हैं और कुछ मामलों में उत्पादन भी घटाया है।  क‍ितना सस्‍ता तेल मिल रहा सूत्रों ने बताया. जुलाई और अगस्त में भारत के लिए डिलीवरी वाली यूराल्स की खेपें इस महीने ब्रेंट के मुकाबले प्रति बैरल 2 से 3 डॉलर की छूट पर बिकी हैं, जबकि अप्रैल और मई में यह प्रीमियम 7 से 8 डॉलर था. सूत्रों ने बताया. उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों में, जब कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल उत्पादन घटा था, तब यूराल्स 7 से 8 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर बिक रही थी. पिछले साल जून से अगस्त में छूट करीब 1 से 3 डॉलर प्रति बैरल थी।  चीन ने कर द‍िया था मना चीन और भारत के बाजार एक-दूसरे के काफी करीब चलते हैं, लेकिन चीन की खरीद कम होने से सभी ग्रेड्स पर असर पड़ता है. चीन भारत से कम यूराल्स खरीदता है, लेकिन रूसी हल्के ग्रेड्स जैसे ईएसपीओ ब्लेंड, आर्कटिक और सखालिन क्रूड ज्यादा लेता है. कुछ मामलों में चीनी खरीदारों ने जून डिलीवरी वाली रूसी तेल की खेप लेने से मना कर दिया, एक सूत्र ने बताया, जिससे विक्रेता कीमत तय करने में कमजोर हो जाते हैं क्योंकि अन्यथा यह तेल फ्लोटिंग स्टोरेज में चला जाएगा. कुछ चीनी छोटी, स्वतंत्र रिफाइनरियां, जिन्हें टीपॉट्स कहा जाता है, कमजोर मुनाफे के कारण उत्पादन घटा रही हैं जिससे कच्चे तेल की कीमतें और कम हो गई हैं। 

भारत ने उठाई PoK की आवाज, मुनीर की कथित बर्बरता पर पाकिस्तान को घेरा

 नई दिल्ली भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन से ध्यान हटाने के लिए फ़ेक न्यूज़ और गलत जानकारी फैला रहा है. रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के कुछ दिनों बाद भी वहां तनाव बना हुआ है।  इस इलाके से आ रही खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने 'पाकिस्तान से आने वाली फ़ेक न्यूज़ और वीडियो का एक पैटर्न' देखा है और इसे अपनी नाकामियों को छिपाने की एक हताश कोशिश बताया है।  जायसवाल ने कहा, "इस संदर्भ में, हम पाकिस्तान से आने वाली फ़ेक न्यूज़ और वीडियो का एक पैटर्न देख रहे हैं. यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान हटाने की एक हताश कोशिश है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में पुलिस की कथित बर्बरता की खबरों का भी ज़िक्र किया और दावा किया कि हालिया प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।  उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में पुलिस की गंभीर बर्बरता की खबरें हैं. हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और ज्यादतियों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।  ये बयान रावलकोट में पाकिस्तानी बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के कुछ दिनों बाद आए हैं, जिसमें कथित तौर पर कम से कम 27 लोग मारे गए. जहां आधिकारिक आंकड़ों में मरने वालों की संख्या 27 बताई गई है, वहीं सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में दावा किया गया है कि हताहतों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।  यह इलाका तनावपूर्ण बना हुआ है क्योंकि प्रदर्शनकारी समूह पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ़ लामबंद हो रहे हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे PoK में प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रस्तावित 'लॉन्ग मार्च' को रोक देंगे, जबकि आयोजकों ने प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है। 

टीम इंडिया की शानदार जीत! मुल्लांपुर टेस्ट में अफगानिस्तान तीसरे दिन ही हुआ ढेर

 मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला गया. इस मुकाबले को भारतीय टीम ने पारी और 300 रनों से जीता. मुकाबला तीसरे दिन के तीसरे सत्र में ही समाप्त हो गया।  भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. इसके बाद अफगानी टीम अपनी पहली पारी में 152 रनों पर ढेर हो गई और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ रहा है. पहली पारी के आधार पर भारत को 412 रनों की बड़ी लीड मिली. फिर अफगानिस्तान की दूसरी पारी 112 रनों पर ही सिमट गई. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था।  फॉलोऑन खेलते हुए भी अफगानी टीम की शुरुआत कुछ ठीक नहीं रही. अब्दुल मलिक सिर्फ 8 रनों के निजी स्कोर पर मोहम्मद सिराज का शिकार बने. यहां से अफगानिस्तान ने लगाातार अंतराल में विकेट खोए. सेदिकुल्लाह अटल ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए. वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज (24 रन) और रहमत शाह (13 रन) भी दोहरे अंकों तक पहुंचने में सफल रहे. वॉशिंगटन सुंदर ने चार और कुलदीप यादव ने तीन सफलताएं हासिल कीं।  अफगानिस्तान की दूसरी पारी का स्कोरकार्ड बल्लेबाज विकेट रन सेदिकुल्लाह अटल कॉट प्रसिद्ध कृष्णा, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 42 अब्दुल मलिक LBW मोहम्मद सिराज 8 रहमानुल्लाह गुरबाज कॉट प्रसिद्ध कृष्णा, बोल्ड कुलदीप यादव 24 रहमत शाह कॉट मानव सुथार, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 13 हशमतुल्लाह शाहिदी कॉट शुभमन गिल, बोल्ड  वॉशिंगटन सुंदर 5 अफसर जजई LBW मानव सुथार 8 अजमतुल्लाह उमरजई कॉट कुलदीप यादव, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 4 नांगेयालिया खरोटी कॉट मानव सुथार, बोल्ड कुलदीप यादव 6 जियाउर रहमान शरीफी नाबाद 4* मोहम्मद सलीम सफी कॉट साई सुदर्शन, बोल्ड कुलदीप यादव 0 विकेट पतन: 42-1 (अब्दुल मलिक, 13.1 ओवर), 74-2 (रहमानुल्लाह गुरबाज, 19.1 ओवर), 87-3 (रहमत शाह, 22.6 ओवर), 93-4 (हशमतुल्लाह शाहिदी, 26.3 ओवर), 98-5 (सेदिकुल्लाह अटल, 28.6 ओवर) मानव सुथार ने झटके 6 विकेट पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया। तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई (0 रन) को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ (11 रन) ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया। इसके बाद मानव सुथार ने रहमत शाह को बोल्ड कर अपने पांच विकेट पूरे किए. रहमत ने 9 चौके और एक छक्के की मदद से 135 बॉल पर 60 रन बनाए. मानव सुथार यही नहीं रुके और मोहम्मद सलीम सफी (0 रन) को आउट कर अपना छठा विकेट लिया. जियाउर रहमान शरीफी (6 रन) आउट होने वाले आखिरी बैटर रहे, जिनका विकेट वॉशिंगटन सुंदर ने लिया. भारत की ओर से स्पिनर मानव सुथार ने अपनी डेब्यू इनिंग्स में 6 विकेट झटके ।   डेब्यू टेस्ट मैच में कमाल: छह विकेट लेने वाले 10वें भारतीय बने मानव सुथार भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज मानव सुथार ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही चमक बिखेरी और वह फाइव विकेट हॉल पूरा करने में सफल रहे। मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन सुथार ने यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। मानव सुथार की अगुआई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान की पहली पारी 152 रन पर ढेर कर दी है। भारत ने पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन पर घोषित की थी। इस तरह भारत को 412 रनों की बड़ी बढ़त हासिल हुई है। भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन देने का फैसला किया है जिसके बाद टीम दूसरी पारी में खेलने उतरी।   भारत की पहली पारी में दमदार बल्लेबाजी भारत ने पहली पारी में दमदार बल्लेबाजी की थी। भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल ने शतक लगाए थे। वहीं, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर ने अर्धशतक लगाए थे। अफगानिस्तान की टीम भारत को आॅलआउट नहीं कर सकी थी और टीम इंडिया ने दूसरे दिन चायकाल से पहले पारी घोषित करने का फैसला किया था। अफगान के रहमत ने 60 रन की पारी खेली अफगानिस्तान की पहली पारी तीसरे दिन पहले सत्र में ही ढेर हो गई। अफगानिस्तान के लिए सिर्फ रहमत शाह ने 60 रन की पारी खेली। अन्य बल्लेबाज फ्लॉप रहे। भारत की ओर से डेब्यू कर रहे मानव सुथार ने छह विकेट झटके। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा को तीन और वाशिंगटन सुंदर को एक विकेट मिला। भारतीय गेंदबाज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मानव ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहली पारी में 33 रन देकर छह विकेट लिए जो किसी भारतीय गेंदबाज का टेस्ट डेब्यू पर पहली पारी में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह रिकॉर्ड नरेंद्र हिरवानी के नाम है जिन्होंने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू की पहली पारी में 61 रन देकर आठ विकेट लिए थे। वहीं, 1967 में आबिद अली ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 55 रन देकर छह विकेट और दिलीप जोशी ने 1979 में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ 103 रन देकर छह विकेट लिए थे। सुथार 10वें भारतीय हैं जिन्होंने टेस्ट डेब्यू पर फाइव विकेट हॉल पूरा किया है, जबकि सातवें भारतीय स्पिनर हैं जो पहले ही टेस्ट में यह कीर्तिमान अपने नाम कर सके हैं। गेंद और बल्ले दोनों से दिया योगदान अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट मैच में युवा स्पिन आलराउंडर मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने गेंदबाजी में बेहद किफायती और प्रभावी स्पेल डाला। वहीं, बल्लेबाजी में भी मानव ने उपयोगी योगदान देते हुए 41 गेंदों पर 28 … Read more

डेब्यू का मौका और नए संयोजन की तैयारी, अफगानिस्तान मुकाबले के लिए भारत की संभावित XI

 मुल्लांपुर अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के साथ टीम इंडिया अपने 2026 के टेस्ट अभियान की शुरुआत करने जा रही है. 6 जून (शनिवार) से न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग-11 क्या होगी, इस पर भी फैन्स की निगाहें हैं।  मैच से एक दिन पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम संकेत दिए, जिससे यह अंदाजा लगाना आसान हो गया कि अफगानिस्तान के खिलाफ भारत किस संयोजन के साथ उतर सकता है. खास बात यह है कि कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ बड़े नाम अपनी जगह पक्की कर चुके हैं।  भारतीय बल्लेबाजी की शुरुआत एक बार फिर यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की जोड़ी करेगी. जायसवाल इस समय भारत के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, जबकि राहुल को इस मैच के लिए उपकप्तान भी बनाया गया है।  गंभीर देंगे सुदर्शन को भी मौका IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में बल्ले से धमाल मचाने वाले साई सुदर्शन को नंबर-3 पर मौका मिलना लगभग तय माना जा रहा है. गौतम गंभीर ने भी संकेत दिए हैं कि टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज को लंबी पारी खेलने की जिम्मेदारी सौंपने के मूड में है. साई ने IPL 2026 में 722 रन बनाए थे और अब वह उसी फॉर्म को टेस्ट क्रिकेट में भी जारी रखना चाहेंगे. साई के प्लेइंग-11 में जगह बनाने का मतलब यह है कि देवदत्त पडिक्कल को बाहर बैठना पड़ेगा।  गर्दन की चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछला टेस्ट नहीं खेलने वाले शुभमन गिल अब पूरी तरह फिट हैं और नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते नजर आएंगे. वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहने वाला है. पंत अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे और टीम उनसे बड़ी पारी की उम्मीद करेगी. नीतीश कुमार रेड्डी तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आ सकते हैं. पिछले कुछ महीनों में उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया है।  इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर का खेलना भी तय माना जा रहा है. सुंदर टीम को स्पिन के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी गहराई देंगे. कुलदीप यादव भारत के मुख्य स्पिनर होंगे. रवींद्र जडेजा की गैरमौजूदगी में कुलदीप पर बड़ी जिम्मेदारी होगी. वहीं घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले हर्ष दुबे को टेस्ट डेब्यू का मौका मिल सकता है।  हालांकि हाल के दिनों में मोहम्मद सिराज के वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर चर्चा हुई थी, लेकिन ताजा संकेतों के अनुसार वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रह सकते हैं. सिराज वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 चक्र में भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं और अफगानिस्तान के खिलाफ तेज आक्रमण की अगुआई करेंगे. उनका साथ देने के लिए प्रसिद्ध कृष्णा सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. ऐसे में पंजाब के युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।  भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग-11: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उप कप्तान), साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा। 

वैश्विक मंच पर भारत का दबदबा, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने समुद्री शक्ति की जमकर तारीफ की

नई दिल्ली अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में कहा कि भारत एक ताकतवर देश है और अपनी सेना को आधुनिक बना रहा है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने में अहम भूमिका निभाई. हालांकि भारत इस दावे को पहले से नकारता आया है।  सिंगापुर में हर साल एक बड़ी सुरक्षा बैठक होती है जिसे शांगरी-ला संवाद कहते हैं. इसमें दुनियाभर के रक्षा मंत्री और सेना के बड़े अधिकारी आते हैं. इस साल 44 देश इसमें शामिल हुए. शनिवार को अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यहां भाषण दिया और कई बड़ी बातें कहीं।  डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाक के बीच शांति कराई, हेगसेथ का दावा हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने में मदद की. बात यह है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोग मारे गए थे. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक सैन्य टकराव हुआ. फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर यानी युद्ध विराम हुआ।  ट्रंप और अमेरिका बार-बार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने यह शांति कराई. लेकिन भारत शुरू से यह कहता आया है कि यह समझौता सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ. किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी. भारत ने किसी भी बाहरी मध्यस्थता को साफ नकारा है।  हेगसेथ ने यह भी कहा कि दोनों देश एक दूसरे को खतरे की नजर से देखते रहेंगे और दोनों अपनी सुरक्षा के लिए मिसाइल जैसी ताकत बढ़ाना चाहेंगे. लेकिन अमेरिका इनमें से किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता।  पाकिस्तान की भी तारीफ, ईरान से शांति वार्ता में निभा रहा भूमिका हेगसेथ ने पाकिस्तान की भी खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शांति वार्ता में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. यह एक अनोखा और अच्छा विकास है।  दरअसल पाकिस्तान इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ी शांति वार्ता में बीच का रास्ता बना रहा है. इस्लामाबाद दोनों देशों का भरोसेमंद दोस्त माना जाता है. पिछले महीने इस्लामाबाद में दोनों पक्षों की बैठक हुई लेकिन कोई डील नहीं हो पाई. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने कहा है कि अगली बैठक जल्द ही इस्लामाबाद में होगी।  भारत की तारीफ, अमेरिका के साथ मिलकर हथियार बनाने की बात हेगसेथ ने भारत को लेकर कई अच्छी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत एक ताकतवर देश है और अपनी सेना को लगातार आधुनिक बना रहा है. भारत खासतौर पर हिंद महासागर में ताकत का संतुलन बनाए रखने में मदद कर रहा है।  उन्होंने यह भी बताया कि भारत बड़ी और भारी सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी फैक्ट्री और सप्लाई की व्यवस्था तैयार कर रहा है. अमेरिका ने भारत के साथ मिलकर हथियार और सैन्य उपकरण बनाने का वादा किया है. इसे को-प्रोडक्शन कहते हैं यानी दोनों देश साथ मिलकर बनाएंगे।  अमेरिका की बड़ी इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी क्या है? हेगसेथ ने यह भी बताया कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र यानी इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम इलाका है. अमेरिका इस इलाके में शांति और संतुलन बनाए रखना चाहता है. वह नहीं चाहता कि कोई एक देश पूरे इलाके पर अपना दबदबा बना ले. उन्होंने सीधे चीन का नाम लेते हुए कहा कि कोई भी देश, चीन सहित, इस इलाके में अपना वर्चस्व नहीं थोप सकता।  हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका चीन से कोई टकराव नहीं चाहता और ट्रंप के समय से अमेरिका-चीन के रिश्ते पहले से बेहतर हुए हैं।  अमीर देश अपनी सुरक्षा का खर्च खुद उठाएं हेगसेथ ने एक और बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि जो देश पैसे वाले हैं वे अपनी सुरक्षा का खर्च खुद उठाएं. अमेरिका अब उनके लिए पैसे नहीं लगाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका को सहयोगी चाहिए, न कि ऐसे देश जो सिर्फ उस पर निर्भर हों. जापान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस और भारत जैसे देशों की उन्होंने तारीफ की कि वे अपनी रक्षा में खुद निवेश कर रहे हैं।