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भारत-इंग्लैंड दूसरे टी20 का समय बदला, जानिए कब और कितने बजे शुरू होगा मैच

 मैनचेस्टर  इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार, 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाना है। दूसरी टी20 की टाइमिंग में थोड़ा बदलाव है। पहला मुकाबला भारतीय समयानुसार 10 बजे शुरू हुआ था, जो बारिश की भेंट चढ़ा था। इस मैच का भारतीय फैंस मजा नहीं उठा पाए थे। लेकिन दूसरे टी20 को लेकर एक बड़ी खुशखबरी है। फैंस इस मुकाबले का भरपूर मजा उठा पाएंगे क्योंकि यह मैच नॉर्मल टाइमिंग पर शुरू होगा। आईए एक नजर इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरे टी20 मुकाबले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर डालते हैं- इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा टी20 कब खेला जाएगा? India vs England 2nd T20I शनिवार, 4 जुलाई को खेला जाएगा। IND vs ENG दूसरा टी20 कहां खेला जाएगा? इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा टी20 मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा। India vs England 2nd T20I कितने बजे शुरू होगा? IND vs ENG दूसरा टी20 भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा टी20 कैसे देखें लाइव? India vs England 2nd T20I का लाइव प्रसारण टीवी पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग का मजा भारतीय फैंस दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर उठा सकते हैं। सोनीलिव और जियो हॉटस्टार दोनों जगह भारत बनाम इंग्लैंड मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग होगी। पहला टी20 चढ़ा था बारिश के भेंट इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा था। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर के अर्धशतकों की मदद से 189 रन बोर्ड पर लगाए थे। वहीं शिवम दुबे ने शानदार फिनिशिंग टच देते हुए 21 गेंदों पर 42 रनों की नाबाद पारी खेली। संजू सैमसन एक बार फिर फेल हुए थे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका मिल सकता है। इसके अलावा टीम में ज्यादा बदलाव होते नहीं दिख रहे हैं। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड स्क्वॉड इंग्लैंड टीम: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद, ल्यूक वुड, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स, रेहान अहमद, सोनी बेकर इंडिया टीम: संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, सूर्यांश शेज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वाशिंगटन सुंदर, वैभव सूर्यवंशी, प्रसिद्ध कृष्णा, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई

India vs England 1st T20: पहले मुकाबले पर बारिश का खतरा, जानें क्या कहता है वेदर अपडेट

लंदन  आयरलैंड के खिलाफ मिली करारी शिकस्त को भुलाकर भारतीय क्रिकेट टीम आज से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के जरिए एक नई शुरुआत करने उतर रही है. नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में ‘मेन इन ब्लू’ बुधवार को चेस्टर-ली-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड पर मेजबान इंग्लैंड का सामना करेगी. आयरलैंड में 2-0 से क्लीन स्वीप होने के बाद टीम इंडिया के पास इस सीरीज के जरिए अपनी खोई हुई लय और आत्मविश्वास वापस पाने का मौका है, लेकिन इस महामुकाबले से पहले क्रिकेट फैंस के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आ रही है, क्योंकि इस मैच पर काले बादलों का साया मंडरा रहा है. बारिश खेल में खलल डाल सकती है।  छाए रहेंगे बादल, बारिश की भारी संभावना एक्यूवेदर की रिपोर्ट के मुताबिक, चेस्टर-ली-स्ट्रीट में मैच के दौरान मौसम खलनायक की भूमिका निभा सकता है. शाम के समय आसमान में घने बादल छाए रहने और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की पूरी आशंका है. शाम को बारिश होने की आशंका 61% तक है, जिससे मैच में बार-बार रुकावटें आ सकती हैं या ओवर कम किए जा सकते हैं. मैच के दौरान तापमान करीब 16°C रहने की उम्मीद है, लेकिन तेज हवाओं के चलते खिलाड़ियों को 11°C जैसी ठंड का अहसास होगा।  दक्षिण-पश्चिम दिशा से 20 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो मैच के दौरान 50 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं. इसके अलावा आसमान में 97% बादल रहने का अनुमान है. मैच के बाद भी मौसम में कोई सुधार नहीं दिखेगा. रात में तापमान गिरकर 13°C तक पहुंच जाएगा और 60% बारिश की संभावना के साथ हवाएं और तेज (56 किमी/घंटे तक) हो सकती हैं।  क्या वैभव सूर्यवंशी का होगा डेब्यू? भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने सीरीज शुरू होने से एक दिन पहले बुधवार को वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर चुप्पी साध ली, लेकिन कहा कि कुछ महीने पहले टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करना जरूरी है. आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए सूर्यवंशी को टीम में शामिल लिए जाने के बाद से उनके डेब्यू की मांग बढती जा रही है. हालांकि, अय्यर ने कहा कि सभी खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित माहौल होना जरूरी है. 15 साल के सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने के लिए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी को तोड़ना होगा।  अय्यर ने पहले टी20 से पूर्व कहा, ‘टीम में सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. ऐसा नहीं है कि एक ही खिलाड़ी अच्छा खेल रहा है. ’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें मौके और सुरक्षा दोनों देने होंगे ताकि हर खिलाड़ी में आत्मविश्वास बना रहे. पिछला वर्ल्ड कप जीतने वाले खिलाड़ियों को पता है कि टी20 कैसे खेला जाता है. वे लगातार इस प्रारूप में भारत के स्तंभ रहे हैं और उनका समर्थन करना जरूरी है।  ‘किसी को नहीं पता…’ यह पूछने पर कि क्या सूर्यवंशी कल डेब्यू कर सकते हैं, अय्यर ने कहा, ‘किसी को नहीं पता कि क्या होने वाला है. हमें भी नहीं पता कि हम क्या करेंगे. यह काफी गोपनीय है.’ उन्होंने कहा, ‘हम टीम में इस पर बात करते हैं. हम सभी को नहीं बता सकते कि क्या संयोजन लेकर उतरेंगे क्योंकि इससे विरोधी टीम को भी पता चल जाएगा. वह युवा खिलाड़ी है और जब भी उसे मौका मिलेगा, वह अच्छा खेलेगा। 

भारत ने जून में खरीदा रिकॉर्ड रूसी कच्चा तेल! ‘इतने टैंकर पहले कभी नहीं देखे’

नई दिल्‍ली जून में रूसी तेल का आयात रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकता है. एनर्जी एक्‍सपर्ट अनस अलहाजी ने इसका दावा किया है. उन्‍होंने कहा कि रूसी कच्‍चे तेल से लदे टैंकरों की बड़ी संख्या भारतीय बंदरगाहों पर देखी गई है. इतनी बड़ी संख्‍या मैंने पहले कभी नहीं देखी है।  एनजीपी एनर्जी कैपिटल मैनेजमेंट के मुख्य अर्थशास्त्री अलहाजी ने कहा कि जैसा कि मैंने जून की शुरुआत में कहा था, अगर इस महीने (जून) रूस से भारत का कच्चा तेल आयात रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच जाए तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा. मैंने भारतीय बंदरगाहों पर रूसी कच्चे तेल से भरे इतने टैंकर पहले कभी नहीं देखे।  अलहाजी ने केप्लर का एक नक्शा भी शेयर किया जिसमें कई टैंकर रूसी कच्चे तेल को भारत भर के बंदरगाहों तक ले जाते हुए दिखाए गए थे.  उनका यह बयान सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की एक रिपोर्ट के कुछ हफ्तों बाद आई है, जिसमें दिखाया गया है कि भारत मई में रूसी जीवाश्म ईंधन का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना रहा, जिसने अनुमानित $6.7 बिलियन मूल्य के रूसी हाइड्रोकार्बन का आयात किया।  कितना हुआ जून में रूसी तेल का आयात CREA के अनुसार, इस महीने के दौरान रूस से भारत के आयात में कच्‍चे तेल का हिस्‍सा करीब 83 फीसदी था, जिसकी वैल्‍यू 48 अरब यूरो था. तेल उत्‍पादों और कोयले के आयात की कीमत 550 मिलियन यूरो और 429 मिलियन यूरो था. यह भी पता चला है कि रूस से कच्‍चे तेल की खरीद में 21 फीसदी की बढ़ोतरी के कारण मई में भारत के कुल कच्‍चे तेल के आयात की मात्रा में महीने दर महीने 8 फीसदी की तेजी आई है।  भारत के रिफाइनर्स में बढ़ी रूसी तेल की मात्रा  भारत के कुछ सबसे बड़े रिफाइनिंग सेंटर्स ने रूसी तेल की आवक में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की है. गुजरात के वडीनार रिफाइनरी में उतारे गए तेल की मात्रा अप्रैल के स्तर से 36% बढ़ी, जबकि जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में आपूर्ति 14% बढ़ी. सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियों ने भी इस साल की शुरुआत में आयात फिर से शुरू करने के बाद खरीद बढ़ा दी. मई में न्यू मैंगलोर रिफाइनरी को रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति पिछले महीने की तुलना में 13% बढ़ी, जबकि विशाखापत्तनम रिफाइनरी में आयात में 42% की वृद्धि हुई।  रूसी तेल से मिली मदद  ओडिशा की पारादीप रिफाइनरी ने दो सालों में रूसी तेल की मात्रा में डबल बढ़ोतरी दर्ज की है. यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के बाद वेस्‍ट कॉन्‍ट्रैक्‍ट्स और व्यापार प्रतिबंधों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को नया रूप दिया है, जिसके चलते रूस भारत का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने रियायती रूसी कच्चे तेल की खरीद में लगातार वृद्धि की है, जिससे ऊर्जा लागत को कंट्रोल करने और रिफाइनिंग मार्जिन को बढ़ाने में मदद मिली है। बता दें सीआरईए के अनुसार, मई में रूस के कच्चे तेल के निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 50% थी, उसके बाद भारत की हिस्सेदारी 36%, तुर्की की 6% और यूरोपीय संघ की 5% थी। 

IND vs IRE: आयरलैंड ने रचा इतिहास, टीम इंडिया को 2-0 से हराकर किया क्लीन स्वीप

बेलफास्ट भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार (28 जून) को खेला गया. बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में हुए इस मुकाबले में आयरलैंड ने 1 रन से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही आयरलैंड ने सीरीज में भारत का 2-0 से सूपड़ा साफ कर दिया. आयरलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीती है. मुकाबले में आयरलैंड ने भारतीय टीम को जीत के लिए 155 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो 9 विकेट पर 153 रन ही बना सकी. मौजूदा टी20 वर्ल्ड चैम्पियन भारत की हार का मुख्य कारण उसकी बैटिंग रही. भारत का टॉप आर्डर इस मैच में भी फ्लॉप रहा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम सीरीज का पहला मुकाबला 34 रनों से गंवा बैठी थी. ऐसे में ये मुकाबला जीतना टीम इंडिया के बेहद जरूरी था, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाई. आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 20 रन बनाने थे. हर्षित राणा (21 रन) ने जरूर कुछ शॉट्स खेलकर उम्मीदें जगाईं, लेकिन वो अहम मौके पर आउट हो गए. आखिरी बॉल पर प्रिंस यादव ने भी छक्का लगाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।  रनचेज में भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. उसने 35 रनों के स्कोर तक चार विकेट गंवा दिए. अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन तो गोल्डन डक पर आउट हुए. वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने 10 रन बनाए. इन तीनों ही बल्लेबाजों को जय मूंदरा ने पवेलियन भेजा. ईशान किशन 12 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए. यहां से तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने 39 रन जोड़कर भारतीय पारी को संभाला. मैथ्यू हॉलार्ड ने अक्षर को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।  शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की. लेकिन जब बड़े शॉट्स की दरकार थी, तब शिवम दुबे पवेलियन चल दिए. 20 रनों के निजी स्कोर पर शिवम दुबे को मैथ्यू हफ्रीज ने अपनी फिरकी में फंसाया. तिलक वर्मा ने फिफ्टी जड़ी, लेकिन वो भी मुश्किल वक्त में टीम का साथ छोड़ बैठे. तिलक ने 3 चौके और एक छक्के की मदद से 46 बॉल पर 55 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे 1 रन बना सके. यहां से भारत के लिए मैच जीतना मुश्किल था और ऐसा ही हुआ. जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड ने आयरलैंड के लिए तीन-तीन विकेट झटके।  ऐसी रही आयरलैंड की बैटिंग मुकाबले में आयरलैंड ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 8 विकेट पर 154 रन बनाए. आयरलैंड की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही. हर्षित राणा ने दूसरे ही ओवर में टिम टेक्टर (5 रन) को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया. फिर अगले ओवर में अर्शदीप सिंह ने तूफानी बैटिंग कर रहे रॉस अडायर (16 रन) को आउट किया. कप्तान लोर्कन टकर (15 रन) इस मैच में बल्ले से प्रभावित नहीं कर पाए और उन्हें डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने पवेलियन भेजा. टकर के आउट होने के समय आयरलैंड का स्कोर 48/3 था।  यहां से बेंजामिन कैलिट्ज और हैरी टेक्टर ने चौथे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी कर पारी को संभाला. कैलिट्ज ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 23 बॉल पर 37 रन बनाए. शिवम दुबे ने लगातार गेंदों पर कैलिट्ज और गैरेथ डेलानी (0 रन) को चलता किया. इसके बाद जॉर्ज डॉकरेल और हैरी टेक्टर ने छठे विकेट के लिए 31 रन जोड़े और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।  हैरी टेक्टर ने 5 चौके और एक छक्के की मदद से 47 बॉल पर 53 रन बनाए. वहीं जॉर्ज डॉकरेल के बल्ले से 19 रन निकले. लियाम मैकार्थी 2 रन बनाकर आउट हुए. भारत की ओर से प्रिंस यादव ने तीन विकेट चटकाए. वहीं अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे को 2-2 सफलताएं हासिल हुईं।  इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा प्लेइंग-11 से बाहर रहे. हालांकि वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर बेंच पर बैठना पड़ा. वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो चुका है।  भारत और आयरलैंड के बीच अब तक 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान टीम इंडिया ने 8 मुकाबले में जीत दर्ज की. जबकि आयरलैंड को 2 मैचों में सफलता हासिल हुई. यानी आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है। 

संयुक्त राष्ट्र में भारत का करारा जवाब, पाकिस्तान-चीन को घेरा; जम्मू-कश्मीर पर स्पष्ट रुख

नई दिल्ली जम्‍मू-कश्‍मीर पर भारत के रुख से पूरी दुनिया वाकिफ है. हर कोई जानता है कि नई दिल्‍ली को उसके स्‍टैंड से कोई नहीं डिगा सकता, लेकिन पाकिस्‍तान अपने यार चीन के साथ मिलकर अक्‍सर ही साजिश रचता रहता है. संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्‍तान ने चीन के साथ मिलकर फिर से जम्‍मू-कश्‍मीर का मुद्दा उठाया. हर बार की तरह इस बार भी भारत ने पाकिस्‍तान के साथ ही चीन को इस कदर रगड़ा कि उनको कोई जवाब नहीं सूझ पड़ा।  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन और पाकिस्तान की ओर से आयोजित अरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया. भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह उसका आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती. ‘Bridging the Implementation Gap: Security Council Resolutions and Maintenance of International Peace and Security’ विषय पर आयोजित इस बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की. इस पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा था, आज भी है और आगे भी भारत का ही रहेगा।  UN को भी दिखाया आईना भारत ने इस मौके पर सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए. पी. हरीश ने कहा कि समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलती हैं, ऐसे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और मध्यस्थता ढांचों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्‍टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्र स्थायी नहीं माने जा सकते और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उनकी उपयोगिता का आकलन जरूरी है।  पाकिस्‍तान का दांव फिर धराशायी भारत ने यह भी कहा कि जब UN80 पहल के तहत संयुक्त राष्ट्र महासभा के जनादेशों की समीक्षा की जा रही है, तो सुरक्षा परिषद के जनादेशों को भी उसी गंभीरता से परखा जाना चाहिए. भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर मुद्दे को उठाने की कोशिश करता रहा है. भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर पर उसका रुख अडिग है और यह विषय पूरी तरह संप्रभु भारतीय अधिकार-क्षेत्र के भीतर आता है। 

जेनेवा में भारत ने पाकिस्तान और OIC को घेरा, UNHRC में PoK पर दिया करारा जवाब

 जेनेवा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है. भारत ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का ये प्रोपेगैंडा उसकी अपनी घरेलू नाकामियों और आतंकवाद को दिए जा रहे समर्थन को छिपाने की एक सोची-समझी साजिश है।  दरअसल, पाकिस्तान ने UNHRC में कश्मीर में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया और जम्मू-कश्मीर को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे।  इसके जवाब में UN में भारत की स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) द्वारा किए गए दावों पलटवार करते हुए कहा, 'भारत को पाकिस्तान और OIC द्वारा हमारे खिलाफ दिए गए बयानों का जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ा है. हम पाकिस्तान के बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं और हम OIC द्वारा जम्मू-कश्मीर के संदर्भ को भी पूरी तरह खारिज करते हैं।  OIC के कोऑर्डिनेटर पद का गलत इस्तेमाल अनुपमा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान द्वारा OIC कोऑर्डिनेटर की भूमिका का गलत इस्तेमाल केवल उसके इस धोखे को और पुख्ता करता है. भारत की ऐसे किसी भी प्रोपेगैंडा को कोई अहमियत देने की इच्छा नहीं है. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. एकमात्र अनसुलझा मुद्दा पाकिस्तान के कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों की वापसी है।  उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का ये झूठा प्रचार उसके अवैध कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर में चल रहे दमन की कड़वी सच्चाई को दुनिया के सामने आने से कभी नहीं छिपा सकता।  भारत ने मानवाधिकार परिषद के सामने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर की दयनीय स्थिति को मजबूती से रखा. अनुपमा सिंह ने कहा कि रावलकोट में चल रही त्रासदी, सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की हत्या और वहां की गई बेरहम कार्रवाई उस सिस्टम का नतीजा है जो जबरदस्ती के अवैध कब्जे पर बना है. दशकों से सेना के कब्ज़े, डेमोग्राफिक इंजीनियरिंग और बुनियादी आजादी से इनकार के कारण वहां के हालात बदतर हो चुके हैं।  'अधिकारों का मांग वालों पर चलाई गोलियां' काउंसिल में बात रखते हुए भारतीय राजनयिक ने कहा कि वहां हालात ऐसे मोड़ पर आ गए हैं, जहां आम जनता द्वारा रोटी, बिजली, अधिकारों और सम्मान की मांग का जवाब गोलियों और बेरहमी से दिया जाता है. एक अवैध और गैर-कानूनी कब्जा सिर्फ ताकत के दम पर ही कायम रखा जा सकता है. उन्होंने पाकिस्तान को एक 'फ्रेंकस्टीन स्टेट' का जीता-जागता उदाहरण बताया जो अपने ही बनाए आतंकवाद से परेशान है।  Pak ने आतंकवाद को बनाया सरकारी नीति अनुपमा सिंह ने कहा कि ये वही देश है, जिसके मौजूदा रक्षा मंत्री आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने और उन्हें तैनात करने की डींगें मारते हैं जो वहां की एक सरकारी नीति है. इसके बावजूद पाकिस्तान खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है, जो एक बड़ा विरोधाभास है।  सिंधु जल संधि पर भारत का रुख इसके साथ ही उन्होंने सिंधु जल संधि को पुरानी बताते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश सद्भावना और दोस्ती पर आधारित सहयोग की उम्मीद नहीं कर सकता।  जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर, टेक्नोलॉजी में तरक्की और टिकाऊ स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती जरूरत के कारण 1960 में हुई इस संधि की प्रासंगिकता पर फिर से विचार करने की ज़रूरत है. अंत में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि भारतीय इलाकों पर नजर रखने के बजाय, पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह अपने घर को ठीक करे, क्योंकि इस काउंसिल में उसके दिखावे का आकर्षण खत्म हो चुका है। 

ट्रंप की नई चाल का खुलासा! ब्रह्मा चेलानी बोले- भारत के बढ़ते प्रभाव से बदली अमेरिकी रणनीति

नई दिल्ली अमेरिका रंग बदल रहा है. जिस भारत-अमेरिका दोस्ती के कसीदे पढ़े जाते थे, उसका हनीमून पीरियड अब खत्म होता दिख रहा है. अमेरिका ने एक झटके में इंडो-पैसिफिक कमांड से ‘इंडो’ शब्द ही गायब कर दिया है. लेकिन इसमें एक मैसेज भी है. ऐसा लग रहा है क‍ि अमेर‍िका भारत के दबदबे से घबरा रहा है. इसल‍िए डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ चीन से अपनी सेटिंग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ भारत को दबाने के लिए एक बार फिर पाकिस्तान को खाद-पानी देने की तैयारी में हैं.कूटनीत‍िक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी और पूर्व व‍िदेश सच‍िव न‍िरुपमा राव ने इस मूव को समझाने की कोश‍िश की है।  ब्रह्मा चेलानी ने क्या कहा? ब्रह्मा चेलानी ने एक्‍स पर ल‍िखा, पेंटागन के इंडो शब्द को हटाने और वापस यूएस पैसिफिक कमांड नाम अपनाने के फैसले, साथ ही हाल की यूएस नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी में भारत का ज‍िक्र न के बराबर होने से साफ नजर आ रहा क‍ि अमेर‍िका भारत को क‍ितनी अहमियत देता है. ऐसा लगता है कि अब यह रिश्ता किसी साझी सोच पर नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से सौदेबाजी यानी लेन-देन पर टिका है. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि ट्रंप चीन के साथ बीच का रास्ता निकालने की कोश‍िश कर रहे हैं. इसके साथ ही, इस इलाके में किसी एक ताकत (यानी भारत) का दबदबा न बन पाए, इसे रोकने के लिए ट्रंप को एक बार फिर पाकिस्तान की उपयोगिता याद आ गई है।  पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव ने क्या कहा? न‍िरुपमा राव ने एक्‍स पर ल‍िखा, मुद्दा यह है कि क्या अमेरिका अब भी भारत को इस इलाके की व्यवस्था बनाने वाला साझीदार मानता है या फिर अमेरिकी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कई मोहरों में से सिर्फ एक उपयोगी मोहरा? यह एक बिल्कुल अलग बात है. और यह पीएम मोदी के उस बयान से पूरी तरह मेल खाता है, जिसमें उन्होंने भरोसे की बात कही थी।  अगर हम हाल के कई इशारों को एक साथ देखें, तो एक बड़ी तस्वीर बनती है. ट्रंप का भारत को डेड इकॉनमी कहना. रायसीना डायलॉग में अमेरिकी अधिकारी लैंडौ की वह चेतावनी कि अमेरिका भारत के साथ चीन वाली गलती नहीं दोहराएगा. भारतीय नाविकों की मौत और अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो के साथ हुई तीखी बहस. G7 सम्मलेन में दिखा रुखापन और ठंडी तस्वीरें. पीएम मोदी का दुनिया में भरोसे की कमी होने पर जोर देना. और अब इंडो-पैसिफिक के प्रतीक को ही छोटा कर देना. इनमें से कोई भी एक बात अपने आप में रिश्ते टूटने का सबूत नहीं है. लेकिन जब इन सबको मिलाकर देखा जाता है, तो साफ पता चलता है कि भारत-अमेरिका रिश्तों का सुनहरा और जोशीला दौर अब खत्म हो रहा है. यह रिश्ता अब ज्यादा सामान्य, ज्यादा मतलब का, लेन-देन वाला और शायद काफी ज्यादा मुश्किल होने वाला है।  भारत के लिए इसके मायने क्या हैं?     एक्‍सपर्ट कह रहे क‍ि भारत को अब यह भ्रम छोड़ देना चाहिए कि अमेरिका उसका पक्का दोस्त है. अमेरिका भारत को सिर्फ तब तक पूछेगा, जब तक उसका फायदा है. जरूरत खत्म, तो दोस्ती खत्म।      सबसे बड़ा खतरा यह है कि अमेरिका इस इलाके में भारत को बॉस नहीं बनने देना चाहता. भारत को उलझाए रखने के लिए अमेरिका फिर से पाकिस्तान को ताकत और समर्थन दे सकता है।      ट्रंप चीन से लड़ने के बजाय उससे अपने व्यापारिक सौदे सेट करने में लगे हैं. अगर चीन के साथ अमेरिका की डील पक्की हो गई, तो अमेरिका को भारत की कोई खास जरूरत नहीं रह जाएगी।      पीएम मोदी ने भरोसे की कमी की जो बात कही थी, वह बिल्कुल सच साबित हो रही है. भारत को अब अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी. अमेरिका के भरोसे बैठकर हम अपनी सुरक्षा खतरे में नहीं डाल सकते।   

बल्ले और गेंद से चमकी इंडिया A, तिलक-प्रियांश के धमाके के बाद निशांत सिंधु ने अफगानों की उड़ाई धज्जियां

  दांबुला श्रीलंका A के खिलाफ सुपर ओवर में दिल तोड़ने वाली हार झेलने के दो दिन बाद इंडिया A ने जोरदार वापसी की. दांबुला में बुधवार (17 जून) को खेले गए 'करो या मरो' के मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान A को 101 रन से हराकर त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल (21 जून) में जगह पक्की कर ली. इंड‍िया ए के सामने सिर्फ जीत हासिल करने की चुनौती नहीं थी, बल्कि नेट रन रेट के समीकरण के तहत अफगानिस्तान को 236 रन के भीतर रोकना भी जरूरी था. टीम ने दोनों काम शानदार अंदाज में पूरे किए।  पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया A ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 319 रन बनाए. कप्तान तिलक वर्मा, प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र ने अर्धशतक जड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. जवाब में अफगानिस्तान A की टीम 36.5 ओवर में 218 रन पर ऑलआउट हो गई. भारत की जीत के हीरो रहे बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर निशांत सिंधु, जिन्होंने 31 रन देकर 4 विकेट झटके।  अफगानिस्तान के कप्तान इमरान मीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और शुरुआती ओवरों में वैभव सूर्यवंशी को खूब परेशान किया. 15 वर्षीय बल्लेबाज पहले ही गेंद पर बीट हुए. दूसरे ओवर में उन्हें जीवनदान मिला, जब पॉइंट पर लिया गया शानदार कैच टीवी अंपायर ने ग्राउंड टच होने की संभावना के चलते नॉट आउट करार दिया. अगले ही ओवर में शॉर्ट फाइन लेग पर उनका एक और कैच छूट गया. उस समय वह सिर्फ 7 रन पर थे।  हालांकि सूर्यवंशी ने इन मौकों का फायदा उठाते हुए कुछ आक्रामक शॉट लगाए. उन्होंने अब्दुल्लाह अहमदजई और फरीदून दावूदजई की गेंदों पर दो शानदार छक्के जड़े. भारत की पारी में लगे तीन छक्कों में से दो उनके बल्ले से निकले. लेकिन आठवें ओवर में दावूदजई की शॉर्ट गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह पॉइंट पर कैच दे बैठे. उन्होंने 38 रन बनाए और गेंदबाज ने उनका विकेट लेने के बाद फिंगर-ऑन-द-लिप्स सेलिब्रेशन किया।  प्रभसिमरन सिंह की जगह प्लेइंग इलेवन में आए प्रियांश आर्य शुरुआत से ही शानदार लय में दिखे. अफगान गेंदबाजों ने ऑफ स्टंप के बाहर लगातार गेंदें फेंकी आर्य ने इसका पूरा फायदा उठाया. उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. 15वें ओवर में फारमनुल्लाह ने उन्हें पॉइंट पर कैच आउट कराया. आर्य ने 58 रन बनाए और जब वह आउट हुए तब भारत का स्कोर 115 रन था।  इसके बाद पहली बार इस सीरीज में खेल रहे कुमार कुशाग्र ने कप्तान तिलक वर्मा के साथ पारी को संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की. गुजरात टाइटन्स  के लिए आईपीएल 2026 में सिर्फ एक मैच खेलने वाले कुशाग्र ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए ड्राइव, स्वीप और फुटवर्क का बेहतरीन प्रदर्शन किया. उन्होंने 67 गेंदों में 58 रन बनाए. हालांकि आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में दावूदजई ने उन्हें बोल्ड कर दिया।  तिलक वर्मा ने शुरुआत में संयम दिखाया. एक समय वह 15 गेंदों पर सिर्फ 8 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने रफ्तार बढ़ाई और 67 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. यह इस सीरीज में उनकी चार पारियों में तीसरी फिफ्टी रही. ऋतुराज गायकवाड़ के 30 रन पर आउट होने के बाद तिलक ने मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभाली और स्पिनरों के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करते हुए पारी को आगे बढ़ाया. उनके 59 रन भारत के बड़े स्कोर की नींव बने।  तिलक के आउट होने के बाद भारत की रनगति थोड़ी धीमी पड़ी, लेकिन निशांत सिंधु और विप्र निगम की उपयोगी पारियों ने टीम को 319 रन तक पहुंचा दिया. अफगानिस्तान की ओर से फारमनुल्लाह और अब्दुल्लाह अहमदजई ने दो-दो विकेट लिए।  कैसा रहा अफगान‍िस्तान का रनचेज  320 रन के टारगेट का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने शुरुआत में मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा. यश ठाकुर और अंशुल कंबोज ने दोनों ओपनरों को पवेलियन भेजा, लेकिन कप्तान इमरान मीर ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों पर 32 रन बनाए. पावरप्ले के आखिरी ओवर में निशांत सिंधु ने उन्हें स्लॉग स्वीप के प्रयास में आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।  इसके बाद बाहिर शाह और फैसल शिनोजाजा ने चौथे विकेट के लिए 76 गेंदों में 87 रन जोड़कर भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं. दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और 25वें ओवर तक स्कोर 3 विकेट पर 157 रन पहुंचा दिया।  यहीं से मैच का रुख बदल गया. बाएं हाथ के स्पिनर ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने फैसल शिनोजाजा को 46 रन पर अपना ही कैच पकड़कर आउट किया और भारत को वापसी का मौका दिलाया. बाहिर शाह ने 52 गेंदों पर 57 रन बनाकर अर्धशतक पूरा किया, लेकिन विपराज निगम ने अपनी लेग स्पिन से उनका विकेट लेकर अफगानिस्तान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।  इसके बाद निशांत सिंधु ने पुराने गेंद के साथ अफगानिस्तान की निचली बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया. उन्होंने 31 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि यश ठाकुर ने 2 विकेट झटके. विपराज निगम और अनुकूल रॉय ने भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं. नतीजा यह रहा कि 157/3 की मजबूत स्थिति में दिख रही अफगानिस्तान A की टीम अगले 61 रन के भीतर अपने बाकी सात विकेट गंवा बैठी और 218 रन पर सिमट गई।  101 रन की इस बड़ी जीत के साथ इंडिया A ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई, बल्कि टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी. सुपर ओवर की निराशा के बाद भारतीय टीम ने जिस अंदाज में वापसी की, उसने फाइनल से पहले उसके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे दी है।   

शुभमन गिल और ईशान किशन का धमाका, अफगानिस्तान पर बड़ी जीत के साथ Team India ने जीती सीरीज

लखनऊ  टीम इंडिया ने बुधवार को दूसरे वनडे में अफगानिस्तान के परखच्चे उड़ा दिए। भारत ने लखनऊ के मैदान पर 170 रनों से दमदार जीत हासिल की। शुभमन गिल और ईशान किशन ने 'शतकीय बम' फोड़े, जिससे भारत ने 403 रन का विशाल टारगेट दिया। जवाब में अफगानिस्तान टीम 44.3 ओवर में 232 रन ही जुटा सकी। दरविश रसूली (6) रिटायर्ड आउट हुए। अफगानिस्तान की ओर से सर्वाधिक रन रहमत शाह (89 गेंदों में 79, आठ चौके) ने बनाए। भारत के लिए गुरनूर बराड़ और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन शिकार किए। डेब्यूटेंट प्रिंस यादव को दो सफलता मिली। वॉशिंगटन सुंदर ने एक विकेट हासिल किया। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने सधी हुई शुरुआत की। रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान ने पहले विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की। गुरनूर बराड़ ने आठवें ओवर में गुरबाज का शिकार किया। उन्होंने 33 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 41 रन बनाए। अर्शदीप सिंह ने 14वें ओवर में इब्राहिम जादरान (31 गेंदों में 21) को पवेलियन भेजा। वॉशिंगटन सुंदर ने 24वें ओवर में सेदिकुल्लाह अटल (50 गेंदों में 42) को एलबीडब्ल्यू किया। उन्होंने रहमत शाह के संग तीसरे विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी की। दरविश रसूली (6) रिटायर्ड हर्ट हो गए हैं। गुरनूर ने 26वें ओवर में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (4) को बोल्ड किया। डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने 31वें ओवर में नांगेयालिया खरोटी (6) को बोल्ड किया। राशिद खान (12), सलीम सफी (9) और अल्लाह गनजफर (1) सस्ते में लौटे। प्रिंस ने रहमत शाह को गुरनूर के हाथों लपकवाया और अफगानिस्तान की पारी को समेटा। इससे पहले, भारतीय टीम 49.5 ओवर में 402 पर सिमटी। शुभमन गिल और ईशान किशन ने अफगानी गेंदबाजों को कूटा। दोनों ने शतकीय पारी खेली। भारत ने आठवीं बार वनडे क्रिकेट में 400 रनों का आंकड़ा पार किया है। अफगानिस्तान के लिए नांगेयालिया खरोटी ने चार और राशिद खान ने तीन विकेट चटकाए। टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। यशस्वी जायसवाल मौके को भुना नहीं पाए। उन्होंने 9 गेंदों में 4 रन बनाए और दूसरे ओवर में सलीम सफी का शिकार बने। इसके बाद, रोहित शर्मा ने शुभमन के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की। रोहित दो रन से फिफ्टी से चूक गए। उन्होंने 39 गेंदों में छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 48 रन बटोरे। उन्हें राशिद ने 14वें ओवर में बोल्ड किया। शुभमन ने ईशान किशन के साथ बखूबी मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 224 रनों की साझेदारी की। ईशान ने 79 गेंदों में 125 रन जुटाए, जिसमें 14 चौके और सात छक्के हैं। उन्हें नांगेयालिया खरोटी ने 37वें ओवर में पवेलियन भेजा। खरोटी ने 43वें ओवर में शुभमन और केएल राहुल का शिकार किया। गिल ने 110 गेंदों में 22 चौकों और दो छक्कों की मदद से 154 रन बटोरे। राहुल का खाता नहीं खुला। खरोटी ने 45वें ओवर में श्रेयस अय्यर (24 गेंदों में 26) को आउट किया। गुरनूर बराड़ (3) और अर्शदीप सिंह (3) दहाई अंक में नहीं पहुंचा जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने 19 गेंदों में 19 रन का योगदान दिया। प्रिंस यादव (5) भारत की ओर से आउट होने वाले आखिरी प्लेयर रहे। अफगानिस्तान: 232/10 (44.3 ओवर) भारत: 402/10 (49.5 ओवर)

होर्मुज मार्ग खुला, भारत की बढ़ी ऊर्जा सुरक्षा; भरपूर LNG से दूर होगी गैस की किल्लत

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता और इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने के बीच भारत के लिए डबल खुशखबरी आई है. एक तरफ तो होर्मुज में महीनों से फंसे तेल-गैस भरे जहाज अब वहां से भारत की तरफ से रवाना होने लगे हैं. इसमें पहले जहाज दिशा 62000 हजार क्यूबिक टन एलएनजी लेकर होर्मुज पार करके भारत के सफर पर निकल चुका है और इसके साथ 34 दूसरे जहाजों की भी रवानगी का रास्ता साफ हो चुका है. वहीं इस बीच दुनिया के सबसे बड़े एनएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) निर्यातकों में शामिल कतर ने संकेत दिया है कि जैसे ही होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य होगी, वह रिकॉर्ड गति से गैस उत्पादन बढ़ाना शुरू कर देगा. इसका सीधा फायदा भारत जैसे बड़े आयातक देशों को मिलने वाला है।  बिजनस समाचार आउटलेट ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी ने अपने खरीदारों को बताया है कि होर्मुज के सुरक्षित रूप से खुलने के एक महीने के भीतर वह अपनी एनएलजी उत्पादन क्षमता को करीब 50 फीसदी तक बहाल कर देगी. इसके बाद अगले एक महीने में उत्पादन बढ़ाकर लगभग 80 फीसदी तक पहुंचाने की योजना है. यानी सिर्फ दो महीने के भीतर दुनियाभर के बाजार में गैस की आपूर्ति तेजी से बढ़ सकती है।  भारत के लिए क्यों अहम है यह खबर? भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित एनएलजी से पूरा करता है और इसमें कतर उसकी सबसे बड़ी सप्लाई लाइनों में से एक है. भारत और कतर के बीच लंबे समय से गैस आपूर्ति का समझौता है. ऐसे में कतर से सप्लाई बढ़ने का मतलब है कि भारत को गैस की उपलब्धता बेहतर होगी और उद्योगों, बिजली उत्पादन तथा शहरों में गैस वितरण पर दबाव कम होगा।  हाल के महीनों में ईरान की इजरायल और अमेरिका के साथ जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही रुक गई है. इसकी वजह से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई थी और LNG की आपूर्ति पर भी असर पड़ा था।  दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब फिर होगा एक्टिव कतर का रास लाफान (Ras Laffan) एलएनजी कॉम्प्लेक्स दुनिया की सबसे बड़ी गैस निर्यात सुविधाओं में गिना जाता है. पिछले साल अकेले इसी परिसर से दुनिया की कुल LNG आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा निर्यात किया गया था. लेकिन मार्च में ईरानी मिसाइल हमलों और उसके बाद क्षेत्रीय संघर्ष के चलते इस विशाल परियोजना का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।  युद्ध के शुरुआती दिनों में कतर को अपने एनएलजी टर्मिनलों का संचालन सीमित करना पड़ा था. होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के कारण बड़े गैस जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी. नतीजतन वैश्विक बाजार में गैस की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया।  हालात सामान्य होने में लगेगा समय हालांकि कतर तेजी से उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन पूरी क्षमता से वापसी में अभी समय लगेगा. जानकारी के अनुसार रास लाफान संयंत्र की दो उत्पादन इकाइयों को गंभीर नुकसान पहुंचा था. इनकी मरम्मत और पूर्ण बहाली में कई साल लग सकते हैं।  फिर भी विशेषज्ञ मानते हैं कि एक महीने में 50 फीसदी और दो महीने में 80 फीसदी क्षमता तक पहुंचना उम्मीद से कहीं तेज रिकवरी है. यही वजह है कि ऊर्जा बाजार इस खबर को बेहद सकारात्मक मान रहा है।  सस्ती हो जाएगी गैस अगर कतर योजना के मुताबिक उत्पादन बढ़ाने में सफल रहता है और होर्मुज मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय LNG कीमतों पर दबाव कम हो सकता है. इसका फायदा भारत को सस्ती गैस और ऊर्जा सुरक्षा के रूप में मिल सकता है।  यानी भारत के लिए यह सचमुच ‘डबल खुशखबरी’ है. एक तरफ होर्मुज के खुलने से सप्लाई चेन सामान्य होगी, दूसरी तरफ कतर से LNG की भारी आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है. इससे हाल के महीनों में बनी गैस की किल्लत और बाजार की अनिश्चितता काफी हद तक दूर हो सकती है।