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शुभमन गिल के दोहरे शतक के दम पर भारतीय टीम ने किया ऐतिहासिक रन चेज

नई दिल्ली भारतीय कप्तान शुभमन गिल के दोहरे शतक के दम पर भारतीय टीम ने ऐतिहासिक रन चेज किया है। भारत ने पहली बार अपने वनडे क्रिकेट के इतिहास में 400+ रन चेज किया है। इससे पहले साउथ अफ्रीका ही एकमात्र टीम थी, जिन्होंने वनडे में 400 रनों का स्कोर चेज किया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था। भारत ने इस लक्ष्य को 2 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। टीम इंडिया ने इस रन चेज को 43.3 ओवरों में पूरा किया। भारत के गेंदबाजों ने पहले निराश किया लेकिन फिर गिल ने दोहरा शतक और रोहित शर्मा ने शतक लगाकर टीम इंडिया को 8 विकेट से जीत दिलाई।   वेस्टइंडीज ने पहली बार बनाया 400+ स्कोर गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में बुधवार को कैरेबियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी की जमकर बखियां उधेड़ी और पहली बार उसने भारत के विरुद्ध वनडे में 400 से ज्यादा का स्कोर खड़ा कर डाला। जॉन कैंपबेल (101), कप्तान शाई होप (104) और आमिर जांगू (114) ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़े और वेस्टइंडीज ने बुधवार को सात विकेट पर 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस दौरान भारतीय टीम का अनुभवहीन तेज गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेअसर नजर आया। कैरेबियाई टीम ने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 389 रन को भी पीछे छोड़ दिया, जो उसने 2019 में इंग्लैंड के विरुद्ध बनाया था। जॉन कैंपबेल ने ठोका तूफानी शतक टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज को कैंपबेल ने आक्रामक शुरुआत दिलाई। क्रिस गेल के खुद को प्रशंसक बताने वाले कैंपबेल ने ‘यूनिवर्स बॉस’ की शैली में भारतीय गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने केवल 65 गेंदों में शतक पूरा किया और 68 गेंदों में 101 रन की पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और पांच छक्के शामिल रहे। इसके बाद कप्तान होप और जांगू ने पारी को संभाला और बीच के तथा अंतिम ओवरों में रन गति करीब आठ रन प्रति ओवर बनाए रखी। होप ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन 27 रन पर विराट कोहली से शार्ट मिडविकेट पर कैच छूटने के बाद उन्होंने रफ्तार बढ़ा दी। उन्होंने 94 गेंदों में 104 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और तीन छक्के शामिल थे। आमिर जांगू ने की भारतीय गेंदबाजों की कुटाई जांगू ने होप का शानदार साथ देते हुए आक्रामकता और सूझबूझ का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उन्होंने महज 69 गेंदों में अपना दूसरा वनडे शतक पूरा किया। इसके साथ ही वेस्टइंडीज ने पहली बार एक वनडे पारी में तीन शतक लगाने का कारनामा किया। युवा पेसरों ने बढ़ाई चिंता जसप्रीत बुमराह एशियाई खेलों की ड्यूटी पर हैं, जबकि मोहम्मद सिराज भी टीम से बाहर हैं। ऐसे में भारत 2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा गेंदबाजों को आजमा रहा है, लेकिन दूसरे वनडे में भी तेज गेंदबाजी आक्रमण ने ज्यादा सवाल खड़े किए। जम्मू-कश्मीर से भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले तीसरे क्रिकेटर बने आकिब नबी का पदार्पण निराशाजनक रहा। उन्होंने 8.5 ओवर में 84 रन खर्च किए। भारतीय गेंदबाजी में राहत सिर्फ स्पिनरों से मिली। कुलदीप यादव ने 65 रन देकर दो विकेट लिए और वनडे में 200 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों के क्लब में शामिल हो गए। रवींद्र जडेजा ने भी दो विकेट हासिल किए, लेकिन उन्होंने 75 रन खर्च किए। रोहित शर्मा ने पूरे किए 12 हजार रन रोहित वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके थे। हालांकि, दूसरे मैच में हिटमैन ने 32 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा। इस दौरान उन्होंने वनडे में 12 हजार रन भी पूरे कर लिए। रोहित ऐसा कारनामा करने वाले मात्र तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने। उन्होंने 282 पारियों में 12 हजार रन पूरे किए। सचिन ने 300 पारियों में 12,000 रन पूरा किया था। रोहित शर्मा ने जड़ा शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए रोहित ने शतक जड़ा। उन्होंने 72 गेंदों पर सेंचुरी जड़ी लेकिन 101 रन बनाकर आउट हो गए। उनका वनडे करियर का ये 35वां शतक है। रोहित ने गिल के साथ मिलकर 255 रनों की साझेदारी की। ये भारत के लिए वनडे क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। पहले स्थान पर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली मौजूद हैं, जिन्होंने 258 रनों की साझेदारी की थी। शुभमन गिल का दोहरा शतक गिल ने 406 रनों के चेज में सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपना आक्रामक रवैया शुरुआत से ही जारी रखा। गिल ने पहले 62 गेंदों पर शतक पूरा किया। इसके बाद 117 गेंदों पर दोहरा शतक ठोक दिया। गिल द्वारा लगाई ये वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज डबल सेंचुरी है। उन्होंने ईशान किशन के 126 गेंदों पर का रिकॉर्ड तोड़ा। गिल ने 133 गेंदों पर नाबाद 223 रनों की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 26 चौके और 8 छक्के निकले। भारत ने किया ऐतिहासिक रन चेज वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरा वनडे मैच भारत ने आठ विकेट से अपने नाम कर लिया। विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए सात विकेट के नुकसान पर 405 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया ने इस लक्ष्य को 43.3 ओवरों में हासिल कर लिया। भारत ने पहली बार वनडे क्रिकेट में 400 रनों का चेज किया है। इसके अलावा ये वनडे क्रिकेट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज किया है। साउथ अफ्रीका के नाम सबसे बड़ा स्कोर वनडे में चेज करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रनों का चेज किया था। इसी के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।  

पाकिस्तान का राष्ट्रीय खिलाड़ी बना ‘टीम इंडिया’ का हिस्सा! तिरंगा थामते ही सीमा पार हड़कंप

इस्लामाबाद  पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन (पीकेएफ) ने एक बड़े विवाद के बाद जनरल काउंसिल की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। यह विवाद पाकिस्तान के लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी उबैदुल्लाह राजपूत से जुड़ा है, जो बहरीन में आयोजित एक निजी कबड्डी टूर्नामेंट में भारतीय टीम की जर्सी पहनकर खेलते और भारतीय झंडा लहराते नजर आए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे पाकिस्तान में व्यापक आक्रोश फैल गया है। पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन के सचिव राणा सरवर ने बताया कि फेडरेशन के चेयरमैन चौधरी शफाय हुसैन के निर्देश पर 27 दिसंबर को आपात बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में उबैदुल्लाह राजपूत और अन्य संबंधित खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। सरवर ने कहा- यह घटना अस्वीकार्य है। एक राष्ट्रीय खिलाड़ी का विदेशी टीम का प्रतिनिधित्व करना और उसका झंडा लहराना गंभीर मामला है। हम इसकी जांच करेंगे और सबसे सख्त कार्रवाई करेंगे। टूर्नामेंट का नाम था तीसरा जीसीसी कबड्डी कप, जो 16 दिसंबर को बहरीन के सलमाबाद स्थित गल्फ एयर क्लब में आयोजित हुआ। इसमें भाग लेने वाली टीमों में बहरीन, कुवैत, दुबई और ओमान शामिल थे। सरवर ने कहा कि यह एक निजी आयोजन था, जिसमें आयोजकों ने भारत, पाकिस्तान, कनाडा, ईरान आदि देशों के नाम पर निजी टीमें बनाई थीं। हालांकि, सभी टीमों में मुख्य रूप से अपने-अपने मूल देश के खिलाड़ी थे। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों वाली निजी टीम का प्रतिनिधित्व भारतीय खिलाड़ियों ने किया, लेकिन उबैदुल्लाह का उसमें शामिल होना इन परिस्थितियों में अस्वीकार्य है। 16 पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर तलवार सरवर ने आगे बताया कि बहरीन गए 16 पाकिस्तानी खिलाड़ियों (जिनमें राष्ट्रीय और नेशनल लेवल के खिलाड़ी शामिल हैं) ने फेडरेशन या पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड से कोई अनुमति या एनओसी नहीं ली था। यह कोई आधिकारिक पाकिस्तानी राष्ट्रीय टीम नहीं थी। पाकिस्तान के नाम का दुरुपयोग करने और बिना अनुमति भाग लेने के लिए इन खिलाड़ियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्लब स्तर पर विभिन्न देशों के खिलाड़ी एक साथ खेल सकते हैं, लेकिन किसी विदेशी टीम का प्रतिनिधित्व करना और उसका झंडा लहराना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही, स्वघोषित प्रमोटर्स के खिलाफ भी कार्रवाई होगी ताकि पाकिस्तान के नाम को बदनाम करने वाली अवैध घटनाओं को रोका जा सके। खिलाड़ी ने माफी मांगी विवाद के बाद उबैदुल्लाह राजपूत ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट हर साल बहरीन में होता है और उन्होंने पहले भी इसमें हिस्सा लिया था। इस बार उनकी पुरानी टीम ने नहीं बुलाया, लेकिन दूसरी टीम ने आमंत्रित किया, इसलिए वे चले गए। उन्हें नहीं पता था कि टीमें भारत और पाकिस्तान के नाम से रखी जाएंगी। मैदान में प्रवेश करते समय दोस्तों ने बताया कि वे भारत की टीम से खेल रहे हैं। उन्होंने कमेंटेटर से अनाउंस करवाया कि यह भारत-पाकिस्तान मैच नहीं बल्कि स्थानीय कप है। राजपूत ने कहा कि नारे लगने और झंडे लहराने की उन्हें उम्मीद नहीं थी। यह सिर्फ एक कप था, विश्व कप नहीं। विश्व कप होता तो वे निश्चित रूप से पाकिस्तान के लिए खेलते, क्योंकि वे पाकिस्तानी हैं। उन्होंने कहा- मेरा जीवन पाकिस्तान पर कुर्बान है। अगर किसी का दिल दुखा है तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने फेडरेशन, कोच और शुभचिंतकों से भी माफी मांगी और कहा कि कप को कप ही रहने दें, विश्व कप इससे अलग होते हैं।

पर्थ पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम, पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से – रोहित और कोहली होंगे मैच के स्टार

नई दिल्ली स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा, नवनियुक्त कप्तान शुभमन गिल सहित भारतीय एकदिवसीय टीम के प्रमुख सदस्य 19 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की श्रृंखला के लिए गुरुवार को पर्थ पहुंच गये। कोहली, रोहित और गिल के अलावा पहले बैच के साथ यहां पहुंचने वाले अन्य खिलाड़ियों में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी के साथ-साथ सहयोगी स्टाफ के कुछ सदस्य शामिल थे। मुख्य कोच गौतम गंभीर के अलावा टीम और कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्य गुरुवार दिन में टीम से जुड़ेंगे क्योंकि वे बुधवार को दिल्ली से शाम की उड़ान से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुए थे। वनडे श्रृंखला का पहला मैच पर्थ में रविवार को खेला जाएगा। उसके बाद अगले दो मैच एडिलेड (23 अक्टूबर) और सिडनी (25 अक्टूबर) में खेले जाएंगे। इसके बाद 29 अक्टूबर से पांच मैचों की टी20 अंतर्राष्ट्रीय श्रृंखला शुरू होगी। इस साल मार्च में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद रोहित और कोहली का यह पहला अंतरराष्ट्रीय मैच होने के कारण इस श्रृंखला को लेकर काफी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि यह श्रृंखला इन दोनों खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर काफी महत्वपूर्ण है। यह दोनों पहले ही टेस्ट और टी-20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे कम से कम 2027 वनडे विश्व कप तक खेलना जारी रखना चाहते हैं। इन दोनों खिलाड़ियों को नए कप्तान गिल का समर्थन हासिल है जिनका मानना है कि उनका अनुभव वनडे टीम के लिए काफी मायने रखता है।  

पोखरा में फंसी भारतीय टीम की आपबीती वायरल, उपासना गिल ने भावुक होकर मांगी मदद

काठमांडू  नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने एक बड़ी राहत भरी कार्रवाई करते हुए फंसी हुई भारतीय वॉलीबॉल टीम को सुरक्षित निकाला. यह कदम उस समय उठाया गया, जब टीवी प्रेजेंटर उपासना गिल का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. गिल नेपाल में एक वॉलीबॉल लीग के लिए गई थीं, लेकिन अचानक फैली हिंसा में फंस गईं. उनके वीडियो अपील ने ही भारतीय दूतावास को सक्रिय किया और पूरी टीम की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी. वीडियो अपील बनी सहारा उपासना गिल ने पोखरा से वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई थी. उन्होंने कहा, 'मेरा नाम उपासना गिल है और मैं यह वीडियो प्रफुल्ल गर्ग को भेज रही हूं. मैं भारतीय दूतावास से मदद की अपील करती हूं. जो भी मदद कर सकते हैं, कृपया करें. मैं पोखरा, नेपाल में फंसी हुई हूं.'  गिल ने अपने होटल पर हुए हमले का भी जिक्र किया.उन्होंने बताया कि जिस होटल में वह ठहरी थीं, उसे प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया. उन्होंने कहा, 'मेरे सारे सामान और सामान से भरा कमरा जल गया. मैं उस समय स्पा में थी और प्रदर्शनकारी बड़े-बड़े डंडों के साथ पीछा कर रहे थे. मैं मुश्किल से अपनी जान बचा पाई.' दूतावास की त्वरित कार्रवाई वीडियो सामने आते ही भारतीय दूतावास ने तुरंत हरकत में आते हुए वॉलीबॉल टीम को काठमांडू स्थित सुरक्षित घर में शिफ्ट किया. सूत्रों के मुताबिक टीम के अधिकांश सदस्य पहले ही भारत लौट चुके हैं और बाकी की वापसी की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि दूतावास लगातार टीम के सभी सदस्यों से संपर्क बनाए हुए है और उनकी सुरक्षा पर नजर रखे हुए है. नेपाल में क्यों भड़के प्रदर्शन? नेपाल में सोमवार को सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे. लेकिन ये प्रदर्शन जल्दी ही भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन में बदल गए. हालात इतने बिगड़े कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा. राजधानी काठमांडू से लेकर पोखरा तक प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और होटलों को निशाना बनाया, जिससे आम लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन भारतीय दूतावास ने न सिर्फ टीम को बचाया, बल्कि नेपाल में फंसे अन्य भारतीयों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. काठमांडू स्थित कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध करा रहा है. दूतावास के इस प्रयास ने एक बार फिर यह साबित किया कि संकट की घड़ी में विदेशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालना सरकार की प्राथमिकता रहती है. राहत की सांस वॉलीबॉल टीम के सुरक्षित निकलने के बाद उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है. जिन खिलाड़ियों की वापसी अभी बाकी है, उनके लिए भी जल्द इंतजाम किए जा रहे हैं. उपासना गिल ने भी भारतीय दूतावास का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर समय रहते मदद न मिलती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे. नेपाल में भले ही हालात अभी सामान्य नहीं हैं, लेकिन भारतीय दूतावास की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने न सिर्फ खिलाड़ियों की जान बचाई, बल्कि संकट में फंसे लोगों को भरोसा भी दिलाया कि भारत हमेशा अपने नागरिकों के साथ खड़ा है.