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इंडिगो विवाद: बीमारी से जूझ रहे कैप्टन पर गिरी गाज, कंपनी ने संकट का ठीकरा उन्हीं पर फोड़ा!

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में जारी ऑपरेशनल संकट के बीच नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के एक बड़े फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। विमानन विशेषज्ञों ने DGCA द्वारा चार वरिष्ठ फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर्स (FOIs) की सेवाएं समाप्त किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि इनमें से कुछ अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में विमानन विशेषज्ञ संजय लाजर ने कहा कि उन्हें एक चौंकाने वाली सच्चाई पता चली है। उन्होंने लिखा कि चार में से कुछ पायलट ऐसे हैं जिनका इंडिगो संकट से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया। लाजर ने विशेष रूप से कैप्टन अनिल कुमार पोखरियाल का जिक्र करते हुए कहा कि वह एडवांस स्टेज कैंसर से जूझ रहे हैं, अस्पताल में भर्ती हैं और काफी पहले ही इस्तीफा दे चुके थे। इसके बावजूद उन पर कार्रवाई की गई। DGCA ने 11 दिसंबर को चार FOI को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। बर्खास्त किए गए अधिकारियों के नाम हैं:     रिषि राज चटर्जी (कंसल्टेंट, डिप्टी चीफ FOI)     सीमा झामनानी (सीनियर FOI)     अनिल कुमार पोखरियाल (कंसल्टेंट, FOI)     प्रियम कौशिक (कंसल्टेंट, FOI) लाजर ने एक वाट्सऐप चैट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा- मुझे अभी एक चौंकाने वाली सच्चाई पता चली है कि इन 4 पायलटों में से कुछ को किसी और के अपराधों के लिए बलि का बकरा बनाया जा रहा है। कैप्टन पोखरियाल हॉस्पिटल में हैं और उन्हें एडवांस कैंसर है और उन्होंने बहुत पहले ही इस्तीफा दे दिया था। उनका FDTL से भी कोई लेना-देना नहीं था (बाकी 2 लोगों का भी यही हाल है) इन लोगों को फंसाया जा रहा है। कैप्टन, नोटिस के आधार पर आपको जज करने के लिए माफी चाहता हूं और जल्दी ठीक हो जाइए। लाजर के अलावा, डॉ. नीलिमा श्रीवास्तव नाम की एक यूजर ने एक्स पर लिखा- इंडिगो संकट में DGCA द्वारा सस्पेंड किए गए चार FOI में से एक, अनिल कुमार पोखरियाल पिछले एक महीने से एडवांस कैंसर से जूझते हुए अस्पताल में हैं। उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया था और FDTL मामलों में शामिल नहीं थे, फिर भी उनका नाम लिया गया है। एक ऐसे व्यक्ति को बलि का बकरा बनाया जा रहा है जिसने 35 साल तक सेना में सेवा की, जबकि सिस्टम की कमियों पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा है। कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों पर दोष लगाना सबसे आसान होता है। असली जवाबदेही अभी भी अछूती है। हड़बड़ी में लिया गया फैसला या जिम्मेदारी से बचाव? इन गंभीर आरोपों के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या DGCA ने बिना पूरी जांच के यह कार्रवाई कर दी या फिर ऊपरी स्तर पर हुई चूकों से ध्यान हटाने के लिए कुछ अधिकारियों को निशाना बनाया गया। खासतौर पर तब, जब इंडिगो में सामने आई अव्यवस्थाओं की जड़ नई पायलट ड्यूटी और रेस्ट नियमों के क्रियान्वयन में बताई जा रही है। बीते दिनों इंडिगो के घरेलू नेटवर्क में भारी संख्या में उड़ानें रद्द हुईं, क्रू शेड्यूलिंग फेल रही और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इन समस्याओं को नई ड्यूटी और रेस्ट नॉर्म्स से जुड़ी प्लानिंग की चूक से जोड़ा जा रहा है। फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर्स का क्या काम होता है? फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर्स यानी FOI, नागर विमानन महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी होते हैं जो इसके नियामक एवं सुरक्षा निरीक्षण कार्यों को अंजाम देते हैं और अकसर विमानन कंपनी के परिचालन की निगरानी के लिए तैनात किए जाते हैं। इस बीच इंडिगो में परिचालन संकट की जांच कर रही उच्चस्तरीय समिति के समक्ष एयरलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन पेश हुए। सूत्रों ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की तरफ से गठित चार-सदस्यीय समिति ने एयरलाइन के सीईओ के अलावा मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) इसिद्रो पोर्केरास से भी कई घंटों तक पूछताछ की। सूत्रों ने पीटीआई-भाषा से कहा कि एयरलाइन के दोनों शीर्ष अधिकारियों को चार-सदस्यीय पैनल के सामने अलग-अलग बुलाया गया। एल्बर्स करीब सात घंटे और पोर्केरास लगभग पांच घंटे पैनल के समक्ष रहे। इस दौरान समिति ने इंडिगो के परिचालन में पैदा हुए व्यापक व्यवधान से जुड़े बिंदुओं पर कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से सवाल पूछे।

IndiGo की मुश्किलें बढ़ीं, 10% के एक्शन से मार्केट शेयर में गिरावट, दूसरी एयरलाइंस को मिलेगा लाभ

 नई दिल्ली इंडिगो संकट (IndiGo Crisis) जारी है और तमाम कोशिशों व दावों के बाद भी एयरलाइन का संचालन ठीक तरह से सुचारू नहीं हो सका है. बीते आठ दिनों से इस IndiGo Airline के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच सरकार ने सख्ती दिखाते हुए इंडिगो की 10% फ्लाइट में कटौती का निर्देश जारी किया था, तो अब एक और बड़ा फैसला लिया गया है. सरकारी सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि IndiGo की कम की गई इन उड़ानों को दूसरे एयर ऑपरेटर्स को रीडिस्ट्रिब्यूट किया जाएगा, जो संकट में फंस इंडिगो के लिए एक और बड़ा झटका होगा और सीधा असर इसके मार्केट शेयर पर देखने को मिलेगा.   सरकार की सख्ती से मिलेगा सबक सरकार द्वारा 10% कटौती वाले निर्देश के बाद अब सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो की कम की गई उड़ानों को दूसरी एयरलाइंस को दिया जाएगा, यानी अन्य एयर ऑपरेटर्स को स्पेस मिलेगा. सरकार के इस रीडिस्ट्रिब्यूशन के फैसले से दरअसल, सभी एयरलाइन को एक कड़ा मैसेज जाएगा कि यात्रियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है और इंडिगो जैसी स्थिति में सीधे उस एयरलाइन के मार्केट शेयर पर भी असर पड़ सकता है.  उड़ानें री-डिस्ट्रिब्यूट क्यों? इंडिगो की काटी गई उड़ानों को री-डिस्ट्रिब्यूट करने से यह असर होगा, कि यात्कियों के पास हवाई यात्रा करने के अधिक ऑप्शन होंगे और IndiGo के कैंसिलेशन के सिलसिले पर भी ब्रेक लगेगा. तरीके की बात करें, तो इंडिगो का 10% ऑप्स शेयर एयर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा और दूसरे भरोसेमंद ऑपरेटर्स को उनकी कैपेसिटी, फ्लीट कैपेसिटी और मौजूदा रिसोर्स के आधार पर दिया जा सकता है. सरकार के इस फैसले से एयरलाइन को 4 बड़े झटके लगेंगे. पहला झटका- रोज 220 फ्लाइट्स कट  विमानन मंत्रालय ने मंगलवार की शाम हुई बैठक में इंडिगो एयरलाइन की 10% फ्लाइट्स में कटौती का निर्देश जारी किया था. इसमें IndiGo CEO पीटर एल्बर्स को तलब किया गया था. सरकार के इस फैसले से पड़ने वाले पहले बुरे असर की बात करें, तो मंत्रालय के इस फैसले का सीधा असर इंडिगो की रोजना उड़ने वाली करीब 2200 फ्लाइट्स पर पड़ेगा. यानी लगभग 220 फ्लाइट्स घट जाएंगी. दूसरा झटका- मार्केट शेयर पर होगा असर बीते आठ दिनों से जारी IndiGo संकट ने पहले ही एयरलाइन की साख को कमजोर करने का काम किया है, वहीं दूसरी ओर सरकार के सख्त फैसलों का सीधा असर उसके मार्केट शेयर पर भी देखने को मिल सकता है. दरअसल, इंडिगो एयरलाइन भारतीय एविएशन मार्केट में 65 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा प्लेयर है, लेकिन MoCA के फ्लाइट कट और री-डिस्ट्रिब्यूशन के फैसले से इंडिगो ऑपरेशस का 55-57% मार्केट शेयर प्रभावित होगा या करें घट जाएगा.  तीसरा असर- एयरलाइन की इनकम पर असर  सबसे ज्यादा मार्केट हिस्सेदारी के साथ भारतीय एविएशन सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी इंडिगो एयरलाइन कमाई के मामले में भी हमेशा से आगे रही है, लेकिन हालिया संकट और फ्लाइट कटौती के सरकार के फैसले से सीधे इसकी कमाई पर असर देखने को मिलेगा. हर दिन 220 फ्लाइट्स कट और इन उड़ानों को दूसरे एयरलाइंस को दिया जाना IndiGo के लिए बड़ा झटका है.  चौथा असर- शेयर में आ सकती है और गिरावट इंडिगो में आठ दिन से जारी संकट का असर पहले से ही इसकी पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के शेयर पर देखने को मिल रहा है और बीते 5 कारोबारी दिनों में ही ये 12 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है और इसका मार्केट कैप 1.89 लाख करोड़ रुपये तक आ गया. अब सरकार की सख्ती बढ़ने से इसमें और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे IndiGo Share में पैसे लगाने वाले भी प्रभावित होंगे.

4500 फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद इंडिगो संकट गहरा, एयरपोर्ट्स पर बढ़ी अफरातफरी

 नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संकट आठवें दिन भी जारी है और कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले एक हफ्ते में 4,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. संकट को लेकर बेशक इंडिगो की तरफ से तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन अभी भी स्थिति सामान्य नहीं है. दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर अभी भी कई सारे पैसेंजर्स कई घंटे से अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं. यह संकट पायलट्स की फ्लाइट ड्यूटी और रेगुलेशन में बदलाव के बाद शुरू हुआ था. शमशाबाद एयरपोर्ट से आज भी 38 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं जिसकी वजह से यात्री बेहद परेशान दिखे. इससे पहले सोमवार को दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट से 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं थी. वहीं लखनऊ एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की 26 फ्लाइट्स कैंसिल हुई. हालांकि बीते चार दिनों से कैंसिल हो रही उड़ानों की संख्या में कमी आ रही है. इंडिगो मामले में हवाई अड्डे पर हालात पर नज़र रखने के लिए उड्डयन मंत्रालय ने 10 अधिकारियों को अलग-अलग हवाई अड्डे भेजा है. ये अधिकारी अगले 2-3 दिन वहां रहेंगे लोगो को की मदद के लिए जो भी कदम उठाये गए है उसकी निगरानी करेंगे. -चेन्नई एयरपोर्ट से अराइवल कैंसलेशन की संख्या आज 42 रही जबकि डिपार्चर कैंसलेशन की संख्या 39 रही. -हैदराबाद एयरपोर्ट से अराइवल कैंसलेशन की संख्या आज 14 रही जबकि डिपार्चर कैंसलेशन की संख्या 44 रही. – यह वीडियो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है जहां इंडिगो की फ्लाइट्स में रुकावट और कैंसलेशन से यात्री परेशान नजर आए. -सूत्रों के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय आज सभी एयरलाइन ऑपरेटर्स के साथ बैठक करेगा. बीते रोज राम मोहन नायडू द्वारा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की गई थी.  आज सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के शीर्ष अधिकारियों को राजीव भवन में रिव्यू मीटिंग के लिए बुलाया गया है. – बैठक का मुख्य फोकस- इडिगो फियास्को जैसी किसी भी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने पर होगा.रिव्यू के दौरान इंडिगो के संचालन, पैसेंजर लोड, यात्रियों की देखभाल और रिफंड प्रक्रिया की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी. इंडिगो अपनी सेवाओं को फुल स्ट्रेंथ पर कैसे बहाल करेगा, इस पर भी चर्चा होगी.एयरफेयर कैपिंग के कार्यान्वयन पर अपडेट भी बैठक में लिया जा सकता है. यदि एयरलाइन ऑपरेटरों की कोई चिंता या सुझाव हैं, तो वे भी राजीव भवन की इस बैठक में लिए जाएंगे. सरकार करेगी सख्ती इस बीच सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार IndiGo के विंटर फ्लाइट शेड्यूल में कटौती करेगी और उसके स्लॉट अन्य ऑपरेटरों को आवंटित किए जाएंगे. उन्होंने  कहा, "हम IndiGo के रूट में कटौती करेंगे. वे वर्तमान में 2,200 उड़ानें संचालित कर रहे हैं. हम निश्चित रूप से उनमें कटौती करेंगे." नायडू ने यह भी बताया कि 1 दिसंबर से 8 दिसंबर (शाम 5 बजे तक) के बीच रद्द हुए 7,30,655 पीएनआर (PNR) के लिए 745 करोड़ रुपये का रिफंड दिया जा चुका है. इसके अलावा, 9,000 यात्री बैग में से 6,000 वितरित किए जा चुके हैं, और शेष आज रात या मंगलवार सुबह तक वितरित कर दिए जाएंगे. IndiGo ने मांगी माफी, DGCA करेगा कार्रवाई विमानन सुरक्षा नियामक DGCA ने सोमवार को कहा कि उसे IndiGo के सीईओ पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोरक्वेरास से कारण बताओ नोटिस का जवाब मिल गया है. नियामक ने बताया कि एयरलाइन ने "गहरा खेद" व्यक्त किया है और ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है. DGCA अब जवाब की जाँच कर रहा है, और उचित माने जाने पर प्रवर्तन कार्रवाई करेगा.

IndiGo के शेयरों में भारी गिरावट, सात दिनों में कंपनी की मार्केट वैल्यू ₹38,000 करोड़ घटी – निवेशकों के लिए क्या है अगला कदम?

 नई दिल्ली शेयर बाजार में मंगलवार को भी बड़ी गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश (Stock Market Crash) हो गए. वहीं दूसरी ओर भारी संकट से जूझ रही इंडिगो एयरलाइंस के शेयर में गिरावट की रफ्तार थमी जरूर दिखी, लेकिन ये आज भी रेड जोन में बना हुआ है. बीते सात दिनों से जारी IndiGo Crisis के कंपनी का तगड़ा नुकसान हो चुका है और इसके मार्केट कैप (IndiGo Market Value) में 4.3 अरब डॉलर (करीब 38000 करोड़ रुपये से ज्यादा) की गिरावट आ चुकी है. निवेशकों को तगड़ा नुकसान कराने वाले इस शेयर में पैसे लगाने वालों के सामने अब बड़ी उलझन ये है कि इसे बेच दें, होल्ड रखें या फिर और खरीदें?  7 दिन में इंडिगो को बड़ा घाटा  शेयर मार्केट में गिरावट के बीच मंगलवार को IndiGo की पेरेंट कंपनी Interglobe Aviation का शेयर भी लाल निशान पर करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है. बीते कारोबारी दिन इस एयरलाइन स्टॉक ने 9% का गोता लगाया था. इंडिगो फ्लाइट संकट को सात दिन बीत चुके हैं और परिचालन अब तक सामान्य नहीं हो सका है. जहां इस संकट के बीच यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है, तो IndiGo Share में पैसे लगाने वालों को भी तगड़ा घाटा हुआ है.  रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, IndiGo संकट के कारण पिछले सात दिनों में इसके शेयरों में लगभग 17% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है और इसका मार्केट कैप घटकर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है. ऐसे में महज 7 दिन में ये 4.3 अरब डॉलर घट गया है. भारतीय रुपये में कैलकुलेशन करें, तो शेयर फिसलने से इसमें पैसे लगाने वालों की दौलत में सीधे 38,708 करोड़ रुपये कम हो गए हैं.  इंडिगो की इनकम में आएगी गिरावट!  फ्लाइट कैंसिलेशन, रेग्युलेटरी एक्शन और शेयर क्रैश के साथ ही अब लगातार इंडिगो एयरलाइंस के लिए झटके वाली खबरें आ रही हैं. ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि अगर ये संकट कुल मिलाकर लगभग 15 दिनों तक चलता है, तो अगले मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी की इनकम में 8-9% की गिरावट आ सकती है और इसमें सरकार द्वारा लगाए जाने वाले किसी भी जुर्माने को शामिल नहीं किया जाएगा. मूडीज रेटिंग्स (Moody's Rating) ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि इंडिगो को बड़ा वित्तीय नुकसान हो सकता है. कई ब्रोकरेज दे रहे शेयर खरीद की सलाह एक ओर जहां IndiGo Sharez निवेशकों का नुकसान करा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर दुनिया के दिग्गज ब्रोकरेज इस स्टॉक को खरीदने की सलाह भी दे रहे हैं. भारतीय एविएशन मार्केट में 65% हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो एयरलाइंस की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के लिए विदेशी ब्रोकरेज UBS ने Buy Rating दी है, लेकिन इसका टारगेट प्राइस घटाकर 6,350 रुपये कर दिया है. तो वहीं जेफरीज ने इस शेयर को खरीदने की सलाह देते हुए टारगेट को  31 फीसदी के करीब बढ़ाकर 7,025 रुपये कर दिया है. 

उड़ानों में रद्दीकरण का सिलसिला जारी, इंडिगो ने अब तक दिए 827 करोड़ रुपये रिफंड

मुंबई  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन सोमवार को भी सामान्य नहीं हो सका है। हालिया उड़ान संकट के बीच एयरलाइन ने बताया है कि वह अब तक यात्रियों को ₹827 करोड़ रुपये का रिफंड जारी कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी है। दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट से 500 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। एक दिन पहले भी इंडिगो ने 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी थीं। हालांकि कंपनी का दावा है कि उसने अपनी कुल 2,300 दैनिक उड़ानों में से लगभग 1,650 उड़ानें संचालित की हैं। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि हालात धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं और 10 दिसंबर तक संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। संसद में उठा मामला राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने साफ कहा कि इंडिगो में उत्पन्न संकट की वास्तविक वजह इसके क्रू रोस्टरिंग और आंतरिक प्लानिंग सिस्टम में गंभीर दिक्कतें थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि इससे यात्रियों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। मंत्री ने चेतावनी दी- “हम इसे हल्के में नहीं लेंगे। जांच जारी है और हम ऐसा कड़ा कदम उठाएंगे जो अन्य एयरलाइनों के लिए मिसाल बने।” सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार किया इधर, इंडिगो के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में पहले ही कदम उठा चुकी है। अब याचिका की सुनवाई 10 दिसंबर को होगी। पायलट पर्याप्त, लेकिन ‘बफर’ स्टाफ की कमी : इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि मौजूदा संकट के कारणों की पहचान के लिए ‘रूट कॉज एनालिसिस’ किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि नई FDTL (Flight Duty Time Limitations) व्यवस्था लागू होने से क्रू प्लानिंग में बफर की कमी गंभीर समस्या बन गई। उन्होंने दावा किया “हमारे पास पायलटों की कमी नहीं है। बस अन्य एयरलाइनों की तुलना में बफर स्टाफ कम था।” संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी समिति भी जल्द ही इंडिगो और DGCA अधिकारियों को तलब कर सकती है। DGCA ने इंडिगो के CEO को 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया DGCA ने इंडिगो के सीईओ और accountable manager को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे और दे दिए हैं। कंपनी प्रबंधन ने समय बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसके बाद उन्हें सोमवार शाम तक जवाब देने की अनुमति दी गई।

IndiGo Crisis: उड़ानों में अव्यवस्था पर सख्त सरकार, आज फिर कई फ्लाइट्स रद्द

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन की ओर से बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लगातार परिचालन असफलता के बाद मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले रहा है। परिवहन, पर्यटन और नागरिक उड्डयन से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने इंडिगो, अन्य एयरलाइंस, DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब करने का फैसला किया है। वहीं, आज भी इंडिगो की रिकॉर्ड स्तर पर फ्लाइट कैंसिल हो रही हैं। इंडिगो की लगातार उड़ानों के रद्द होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसी कारण संसदीय समिति ने सख्त रुख अपनाया है। समिति जल्द ही इंडिगो के अधिकारियों, अन्य एयरलाइंस, DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब करेगी। समिति की अध्यक्षता जेडीयू सांसद संजय कुमार झा करेंगे। इस बैठक में पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत चर्चा होगी और सभी पक्षों से जवाब मांगे जाएंगे। समिति यह भी जांच करेगी कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न हो, इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से बड़ी संख्या में सांसदों को भी परेशानी हुई, जिनमें इस संसदीय समिति के सदस्य भी शामिल हैं। कई यात्रियों ने अपनी समस्याओं की जानकारी सीधे सांसदों को दी, जिसके बाद इसे गंभीरता से लिया गया। बैठक में यह भी सवाल उठाया जाएगा कि जब बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हो रही थीं, तो एयरलाइन ने अचानक किराए क्यों बढ़ा दिए और इससे आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों पड़ा। सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) या न्यायिक आयोग के गठन की मांग की है। DGCA का सख्त रुख, इंडिगो CEO को नोटिस उड्डयन नियामक DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोर्केरस को 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए शो-कॉज नोटिस जारी किया है। DGCA ने कहा कि बड़े पैमाने पर परिचालन असफलता यह दर्शाती है कि प्लानिंग, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक हुई है। नोटिस में कहा गया कि फ्लाइट डिसरप्शन का मुख्य कारण संशोधित FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों को लागू करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गईं। DGCA ने इसे Aircraft Rules, 1937 और संबंधित CAR नियमों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन बताया है। साथ ही, यात्रियों की सुविधाओं में भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। कई मामलों में यात्रियों को अनिवार्य जानकारी, भोजन, ठहरने और अन्य सुविधाएं नहीं दी गईं, जो नियमों के खिलाफ हैं। मंत्रालय को इंडिगो के स्पष्टीकरण से संतोष नहीं नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो संकट की जांच के लिए 4 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित की है। अब तक इंडिगो द्वारा दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। हाई लेवल कमेटी इस पूरे मामले के मूल कारण और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करेगी। मंत्रालय ने वित्तीय और दंडात्मक कार्रवाई से इनकार नहीं किया है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडिगो CEO की बैठक की, जिसमें DGCA प्रमुख फैज़ अहमद किदवई और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा भी शामिल थे। बैठक में इंडिगो को FDTL नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इंडिगो का बयान: नेटवर्क रीबूट कर रहे हैं इंडिगो ने कहा कि उसने नेटवर्क को रीबूट करने के लिए बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द कीं। एक दिन में 700 से अधिक उड़ानों का संचालन किया गया और 113 डेस्टिनेशन को जोड़ा गया। एयरलाइन ने कहा कि दिन के अंत तक 1,500 से अधिक फ्लाइट्स ऑपरेट करने की योजना है और 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। एयरलाइन ने यात्रियों से माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि सेवाओं का भरोसा फिर से बहाल किया जाएगा। रेलवे ने चलाईं 89 स्पेशल ट्रेनें इंडिगो की फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद रेलवे ने 89 स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जो अगले तीन दिनों में 100 से अधिक ट्रिप्स करेंगी। ये ट्रेनें नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, पटना और हावड़ा जैसे बड़े शहरों को कनेक्ट करेंगी। एयरपोर्ट पर यात्रियों को इन ट्रेनों की जानकारी देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद सख्त कार्रवाई संभव वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर इंडिगो और उसके अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है। मंत्रालय ने कहा कि तत्काल प्राथमिकता फ्लाइट ऑपरेशन को सामान्य करना है। इंडिगो को निर्देश दिया गया कि रद्द और देरी हुई फ्लाइट्स का रिफंड समय पर पूरा करें और अलग हुआ सामान 48 घंटे के भीतर पहुंचाएं। बिजनेस क्लास को छोड़कर अन्य टिकटों के किराए 7,500 से 18,000 रुपये के दायरे में अस्थायी रूप से कैप कर दिए गए हैं। इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 5 दिसंबर को केवल 3.7% रहा, जो देश की किसी भी बड़ी एयरलाइन के लिए चिंताजनक माना जा रहा है। एयरपोर्ट्स पर भारी फ्लाइट कैंसिलेशन 7 दिसंबर को चेन्नई एयरपोर्ट पर 38, दिल्ली एयरपोर्ट पर 86 और कोलकाता एयरपोर्ट पर 41 फ्लाइट्स रद्द हुईं। बेंगलुरु में 150 और हैदराबाद में 115 फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर टर्मिनल में बड़ी भीड़ नहीं रही, लेकिन बाहर अतिरिक्त कुर्सियों की व्यवस्था की गई। पी. चिदंबरम ने सरकार और DGCA पर हमला बोला वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने X प्लेटफॉर्म पर लिखा कि इकॉनमी क्लास के किराए को कैप करना सही कदम है। उन्होंने कहा कि इंडिगो संकट एयरलाइन मैनेजमेंट, DGCA और केंद्र सरकार की सामूहिक विफलता को दर्शाता है। उनके अनुसार, जनवरी 2024 में FDTL नियम लागू हुए, लेकिन 23 महीने तक सरकार एयरलाइन को सही तरीके से गाइड नहीं कर पाई।