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झारखंड की ऐतिहासिक जीत: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी चैंपियन टीम का CM हेमंत सोरेन ने किया अभिनंदन

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी- 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली वाली झारखंड क्रिकेट टीम के सदस्यों ने मुलाकात की। इस अवसर पर टीम के कप्तान और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ईशान किशन ने पूरी टीम के साथ विजेता ट्रॉफी मुख्यमंत्री को सांकेतिक रूप से हैंडओवर कर जीत का जश्न मनाया। CM ने सभी खिलाड़ियों को शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक जीत के लिए सभी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ्स  तथा जेएससीए को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं, टीम के कप्तान ईशान किशन समेत सभी खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के अपने प्रदर्शन और अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा किया। यह पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि इस दौरान सीएम हेमंत ने कहा कि सैयद मुश्ताक अली टी- ट्वेंटी क्रिकेट टूर्नामेंट जीतकर झारखंड ने डोमेस्टिक क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान गढ़ा है। यह पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि और गौरवान्वित करने वाला पल है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में इस तरह की जीत हासिल होने से राज्य में खेलों को बढ़ावा मिलता है। आज क्रिकेट के साथ हॉकी और तीरंदाजी जैसे कई खेलों में झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा मुख्यमंत्री ने क्रिकेटरों से संवाद के क्रम में राज्य में खेल वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेलों का एक ऐसा इकोसिस्टम बने जिसमें राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिले। इसके लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेलों को जोड़े जाने की मजबूत शुरुआत होनी चाहिए ताकि विभिन्न खेलों के होनहार खिलाड़ी को बेहतर प्लेटफार्म मिले ताकि वे अपने प्रदर्शन को और भी निखार सकें। इस दिशा में राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा। झारखंड की टीम बेहतर एवं शानदार प्रदर्शन करे मुख्यमंत्री ने जेएससीए से कहा कि खिलाड़ियों को आगे ले जाने में खेल एसोसिएशन की की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में विदेशों में खेलने और प्रशिक्षण देने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की पहल होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों को अलग-अलग माहौल तथा वातावरण में खेलने का अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनके प्रदर्शन में और भी निखार आएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले अन्य प्रतियोगिताओं में झारखंड की टीम बेहतर एवं शानदार प्रदर्शन करे, इसके लिए टीम को मजबूत बनाने का प्रयास लगातार जारी रहना चाहिए। हमें झारखंड को एक ऐसा राज्य बनाना है, जो… मुख्यमंत्री ने कहा कि आज क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल जैसे कई लोकप्रिय खेलों के साथ परंपरागत खेलों का भी दौर नए रूप में लौट रहा है। ऐसे परंपरागत खेलों की कई प्रतियोगिताएं आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रही हैं। ऐसे में अगर कोई अगर खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहता है तो उसके लिए कई दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने में सरकार हर तरह का सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार है। हमें झारखंड को एक ऐसा राज्य बनाना है, जो खेलों की दुनिया में पूरे देश में अपनी मजबूत तथा दमदार दावेदारी पेश कर सके। मुख्यमंत्री ने झारखंड में खेल प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर राज्य स्तर पर विभिन्न खेलों के लिए प्रतियोगिताएं नियमित रूप से होती रहनी चाहिए। इस पहल से खिलाड़ियों को ना सिर्फ अपना खेल कौशल दिखाने का मौका मिलता है, बल्कि कई प्रतिभावान खिलाड़ी सामने आते हैं जो अपने प्रदर्शन से राज्य और देश को नाम रौशन करते हैं।  

भीषण कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त: झारखंड में बच्चों और बुज़ुर्गों पर ज्यादा असर, अगले 3 दिन बेहद मुश्किल

रांची झारखंड में ठंड ने अब अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। गढ़वा, पलामू, लोहरदगा और रांची समेत कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान हाड़ कंपा देने वाली ठंड महसूस की गई। हालात ऐसे हैं कि दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी और तेज हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। वहीं, रांची मौसम विभाग ने कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को राज्य के 10 जिलों गढ़वा, पलामू, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, रांची, खूंटी और देवघर में घना कोहरा छाया रहेगा। इसके साथ ही कहीं-कहीं शीतलहरी चलने की संभावना है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी सुबह के समय सामान्य कोहरा और कनकनी बढ़ने के साथ-साथ ठंडी हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है अगले दो दिनों तक झारखंड में शीतलहर से लोगों को बचना है। राज्य की राजधानी रांची सहित अधिकांश जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। अधिकांश जिलों में कोहरे का व्यापक असर देखा जा रहा है तो वही शीतलहरी की दोहरी मार भी लोगों पर पड़ रह रही है। आलम यह है कि सुबह 7:00 बजे से पहले लोगों की सुबह की सैर पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वही शाम के बाद ग्रामीण इलाकों में पूरी तरीके से सड़क पर सन्नाटा देखा जा रहा है क्योंकि ठंड की वजह से लोग घर से निकलना नहीं चाह रहे है।  

10-15 करोड़ की आमदनी का रास्ता: जानें कैसे बनेगा झारखंड ‘सीड हब’

रांची झारखंड में वन विभाग ग्रामीणों को परिपक्व बीजों के चयन और सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित करेगा, जिससे करंज, साल, शीशम और बांस के बीजों से 10-15 करोड़ की आमदनी होगी। जनवरी से मार्च का महीना राज्य से जंगलों में इमारती लकड़ियों के बीज संग्रहण का होता है। वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण अपने स्तर से बीज संग्रहित करते हैं और इसे वन विभाग की संबंधित संस्था को सौंप देते हैं। वन विभाग ने परिपक्व बीजों को चुनने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए लोगों को प्रशिक्षण देगा। प्रशिक्षण पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से होगा, जिससे बीज संरक्षण में मदद मिलेगी और बर्बादी कम होगी। उनकी सहयोग समितियां भी बनाई गई हैं। बीज संवर्धन संस्थान के निदेशक रहे रामाश्रय प्रसाद ने बताया कि राज्य के वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इससे पहले केंदू पत्ते के संग्रहण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जानकारी के अभाव में लोग साठ प्रतिशत बीजों को नष्ट कर देते हैं। पुष्ट बीजों से रहने से किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी। बांस के बीज, खासकर अफ्रीकी देशों में, निर्यात किए जाते हैं, जिससे राज्य ‘सीड हब’ बन सकता है। राज्य में मुख्य रूप से तीन प्रकार के बांस पाए जाते हैं,  डेंड्रोकैलामस स्ट्रिक्टस (लाठी बांस), बम्बूसा नूटन्स (सामान्य बांस), बम्बूसा तुलदा (पानी बांस)। साल, शीशम, बांस, करंज के बीजों को चुनने और उन्हें संरक्षित रखने के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य के बांस बीजों की विदेशों खासकर अफ्रीकी देशों तक में बिक्री की जाती है। झारखंड के बांस के बीजों की मांग विशेष रूप से अफ्रीकी देशों में बहुत अधिक है। हां के बांस की आनुवंशिक विविधता और कठिन परिस्थितियों में पनपने की क्षमता।  यदि ग्रामीण सही तरीके से बीजों का संग्रहण करें, तो झारखंड ‘सीड हब’ बन सकता है। बीजों की बिक्री से 10-15 करोड़ रुपये की वार्षिक आय का अनुमान है। केवल बीज ही नहीं, बल्कि बांस से बने फर्नीचर, हस्तशिल्प, और बांस के ‘करील’ की खाद्य बाजार में भारी मांग है। वन क्षेत्र में पाए जाने वाले वृक्षों के बीज पर पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय ने शोध कार्य किया है। इसमें बीजों के चयन पद्धति, उनके संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई है। लोगों को प्रशिक्षित करने में यहां के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा।

कोहरे और ठंड का डबल असर: झारखंड में मौसम जस का तस, वाहन चालकों को IMD की खास सलाह

रांची मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड में आने वाले पांच से सात दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग स्थिर बना रहेगा। इस दौरान राज्य में किसी बड़े मौसमीय बदलाव की संभावना नहीं है। बीते 24 घंटे में भी पूरे झारखंड में मौसम शुष्क रहा और कहीं से बारिश की सूचना नहीं मिली। 20 दिसंबर तक हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाने की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान में सामान्य से कोई खास उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया। चाईबासा में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रांची के कांके में न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार निचले वायुमंडल में उत्तर-पश्चिमी से उत्तरी हवाएं चल रही हैं, जिससे सुबह और देर रात ठंड का असर बना हुआ है। पूर्वानुमान के मुताबिक 20 दिसंबर तक मध्य, दक्षिण, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी झारखंड के अधिकांश जिलों में सुबह के समय हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाने की संभावना है। हालांकि दिन चढ़ने के बाद आसमान साफ रहेगा और धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिलेगी। रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद समेत कई जिलों में यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। जिलेवार पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और पलामू में न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। IMD ने वाहन चालकों को दी ये सलाह मौसम विभाग के मुताबिक गुमला में 18 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जो राज्य में सबसे कम रहने की संभावना है। रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और खूंटी में अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री और न्यूनतम 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 17 और 18 दिसंबर को हल्की गिरावट के बाद तापमान फिर स्थिर हो जाएगा। दक्षिण झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री तथा न्यूनतम 8 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में दिन का तापमान 26 से 27 डिग्री और रात का तापमान 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन सुबह के समय कोहरे के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कम दृश्यता के चलते खासकर राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट का उपयोग करने की अपील की गई है।  

नाइटलाइफ को बढ़ावा: झारखंड में बार खोलने का समय बढ़ा, 4 बजे तक मिलेगी शराब

रांची झारखंड में शराब के शौकीनों और बार संचालकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य का आबकारी विभाग बार के संचालन समय बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अगले वित्तीय वर्ष से बार सुबह 4 बजे तक खुले रह सकते हैं। फिलहाल अभी बार खुले रखने की टाइमिंग 12 बजे तक है। उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत बार सुबह 4 बजे तक खुले रहेंगे। जिसके लिए शुल्क का भुगतान कर लाइसेंस प्राप्त करना जरुरी होगा। इस व्यवस्था के तहत सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। साथ ही मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि नियमों की पालना न करने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।  

कोहरे में डूबा पलामू, कांपा गुमला: जानिए झारखंड में आगे कैसा रहेगा मौसम

रांची झारखंड के कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। कहीं ठंड में बढ़ोतरी हुई है तो कहीं दिन के तापमान में मामूली गिरावट से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। राहत की बात यह है कि राज्य के किसी भी हिस्से में शीतलहर की स्थिति नहीं बनी है। सुबह-शाम ठंड का असर, शीतलहर से फिलहाल राहत        मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण सुबह और शाम के समय ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि दिन में धूप निकलने से लोगों को कुछ सुकून मिल रहा है। फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। कोहरे की वजह से कई इलाकों में द्दश्यता काफी कम हो गई। वहीं शीतलहर का भी कोई अलर्ट नहीं है। डालटनगंज में घने कोहरे से 300 मीटर तक सिमटी दृश्यता पलामू जिले के डालटनगंज में द्दश्यता घटकर 300 मीटर रह गई, जबकि राजधानी रांची में 700 मीटर और जमशेदपुर में 800 मीटर रिकॉर्ड की गई। बेतला क्षेत्र में घने कोहरे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 9 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर चलना जोखिमभरा रहा। ठंड के कारण किसान, मजदूर और छोटे व्यवसायी ठिठुरते हुए काम करते नजर आए। शाम ढलते ही ठंड बढ़ने से लोग जल्दी घरों में दुबक गए। स्कूल और कोचिंग जाने वाले बच्चों को भी सुबह की ठंड झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के लगभग सभी जिलों में सुबह के समय कोहरा या धुंध देखी जा रही है, जबकि दिन में आसमान साफ रहता है। गुमला का तापमान पहुंचा 7 डिग्री राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस गुमला में रिकॉर्ड किया गया। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक है। डालटनगंज में अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री गिरकर 25.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री घटकर 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र रांची के अनुसार  अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

आज से शीतकालीन सत्र: छात्रवृत्ति-धान खरीद जैसे मुद्दों पर हेमंत सरकार घिरीगी बीजेपी के सवालों से

रांची  झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली JMM सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है।BJP ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छात्रवृत्ति और धान खरीद की देरी जैसे मुद्दे उठाने की बात कही है. झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज (8 दिसंबर) पहला दिन है. पहले ही दिन BJP ने साफ कर दिया है कि वह झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने और किसानों के धान खरीद की प्रक्रिया शुरू न होने पर सरकार से जवाब मांगेगी. यह मुद्दा रांची में बीजेपी विधायक दल की बैठक में तय हुआ, जिसकी अध्यक्षता विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने की. सत्र 6 दिसंबर से 11 दिसंबर तक चलेगा .पार्टी नेताओं ने बैठक में कहा कि हजारों छात्रों को अब तक छात्रवृत्ति न मिलना शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है. इसी तरह धान खरीद केंद्र न खुलने से किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बिचौलियों को बेचने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है. BJP के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायकों ने निर्णय लिया है कि वे सरकार को इन “ज्वलंत मुद्दों” पर कठघरे में खड़ा करेंगे. जायसवाल ने कहा कि धान खरीद में देरी से खेतिहर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और यह स्थिति बताती है कि सरकार किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण बिचौलियों का दबदबा बढ़ गया है. सत्र के पहले दिन विपक्ष ने साफ संकेत दे दिए कि वह सरकार को हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए बाध्य करेगा. भाजपा नेताओं का कहना है कि छात्रों और किसानों से जुड़े ये सवाल केवल राजनीतिक नहीं बल्कि जनजीवन से सीधे जुड़े हैं.पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरी हुआ तो वह सत्र के भीतर विरोध के अलग-अलग तरीके अपनाएगी.

हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले में राहत, अदालत ने MP पेशी से दिया छुटकारा

रांची जमीन घोटाले में सीएम हेमंत सोरेन को राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें MP-MLA कोर्ट में आने से छूट दी है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद कथित भूमि घोटाले  के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होना होगा। ईढी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि उन्होंने ईडी द्वारा जारी समन के बावजूद कार्यालय में उपस्थित होने से इनकार कर दिया था। झारखंड हाईकोर्ट में 3 दिसम्बर 2025 बुधवार को झारखंड मुख्यमंत्री  की याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस एके चौधरी की बेंच ने की। ED समन अवहेलना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी। दरअसल एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने सीएम सोरेन को कथित लैंड स्कैम में शामिल होने के सिलसिले में अथॉरिटी के सामने पेश होने के लिए 10 समन जारी किए गए थे। ED अससिस्टेंट डायरेक्टर देवराज झा ने कहा था कि सोरेन सिर्फ दो समन के जवाब में पेश हुए थे, जबकि बाकी को इग्नोर कर दिया गया था। इसके बाद, ED ने 2024 में MP-MLA कोर्ट के स्पेशल जज के सामने एक कंप्लेंट पिटीशन फाइल की थी। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा फाइल की गई कंप्लेंट पिटीशन की सुनवाई के दौरान, स्पेशल जज ने सोरेन को रांची में MP-MLA कोर्ट के सामने फिज़िकल पेश होने का ऑर्डर दिया था। सोरेन ने निचली अदालत के पेशी आदेश को चुनौती दी थी, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। साल 2024 में ईडी ने दायर की थी याचिका इसके बाद ईडी ने 2024 में एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के समक्ष शिकायत याचिका दायर की थी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर शिकायत की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश ने सोरेन को रांची स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।

घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, झारखंड में जनजीवन बेहाल

रांची झारखंड में दिसंबर के दस्तक के देने के साथ ही ठंड ने अचानक जोर पकड़ लिया है। बर्फीली हवाओं और तेजी से गिरते तापमान ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। खूंटी जिले में पिछले 24 घंटों में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि आंशिक बादल और हल्की धूप के बावजूद ठिठुरन से कोई राहत नहीं मिली। दोपहर की हल्की फुहार ने सर्दी को और भयावह बना दिया। यहां न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस तक फिसल गया।       मौसम विभाग के अनुसार, आज पूरे राज्य में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। दोपहर में धूप तो तेज दिखेगी, लेकिन उत्तरी दिशा से आ रही बर्फीली हवाएं इसका पूरा असर खत्म कर देंगी। बादल छंटने से रात का तापमान 4-5 डिग्री तक गिर सकता है। रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गुमला, गढ़वा, हजारीबाग और कोडरमा में न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 6 डिग्री की गिरावट से मौसम में जबरदस्त बदलाव महसूस हो रहा है। रांची में अगले एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। सुबह कोहरा और ठंड से दिन की शुरुआत होगी। पहले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक की और गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे रातें बेहद सर्द गुजरेंगी। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य 24-25 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन हवाओं से ठंडक बनी रहेगी। मौसम विभाग ने पलामू, गुमला जैसे जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। सुबह-शाम की शीतलहर लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह 7 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद तेज शीतलहर चलेगी। धुंध और बर्फीली हवाएं स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती हैं। सर्दी से प्रभावित होने वाले बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े, अलाव और गर्म भोजन का सहारा लें। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं ठंड की वजह से रेलवे पर भी असर पड़ा है। कुहासा और धुंध के कारण कई ट्रेनों को तुरंत करना पड़ रहा है। यह सर्दी का पहला बड़ा दौर है, जो नवंबर से चली आ रही शीतलहर को और तेज कर रहा है। राज्यभर में सड़कों पर धुंध का साया छा गया है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी ठंडी हवाओं का असर कुछ दिनों तक बना रहेगा। लोग घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें।  

राजभवनों के नाम में बदलाव: झारखंड समेत आठ राज्यों में नई पहचान

रांची झारखंड के राजभवन का नाम अब बदलकर 'लोक भवन झारखंड' कर दिया गया है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय की पहल के तहत देश के सभी राजभवनों को अब लोक-केंद्रित पहचान दी जा रही है। राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन कर दिया गया राज्यपाल ने आगे लिखा कि झारखंड का राजभवन अब “लोक भवन झारखंड” के नाम से जाना जाएगा। बता दें कि यह परिवर्तन झारखंड के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। दरअसल, केंद्र सरकार के निर्देश के बाद देश के आठ राज्यों के राजभवन के नाम बदले गए हैं। इनमें तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा शामिल हैं। इनके राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन कर दिया है। इसी कड़ी में लद्दाख के उपराज्यपाल के निवास-कार्यालय को अब लोक निवास कहा जाएगा।