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छत्तीसगढ़ में 15 हजार युवाओं को जल्द मिलेगी नौकरी

जांजगीर. भाजपा सरकार युवाओं के भरोसे पर पूरी तरह खरी उतरी है। पहले युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो गया था और इंजीनियरिंग से उनका मोहभंग हो रहा था लेकिन इस साल स्थिति बदली है और इंजीनियरिंग की सीटों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को हुनरमंद बनाना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के युवा मांगने वाले नहीं, बल्कि देने वाले बनें। इसी दिशा में 28 से 31 जनवरी तक रायपुर में रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है जहां 15 हजार से अधिक युवाओं को ऑफर लेटर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार हर सेक्टर में सक्रियता से काम कर रही है और अब तक करीब साढ़े 8 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के युवा खेल के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। भ्रष्टाचार पर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। आगे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में और भी बड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि छत्तीसगढ़ के युवाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जा सके। कौशल विकास, रोजगार और तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब ने जांजगीर दौरे के दौरान यह जानकारी दी है।

केंद्र सरकार का गिफ्ट: पहाड़ी राज्यों के इंजीनियरों को PSU में जॉब, जानें सैलरी

केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसले के तहत देश के पहाड़ी राज्यों के स्थानीय इंजीनियरों को सार्वजनिक उपक्रम में काम करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। सरकारी उपक्रम में पहली बार अस्थायी नौकरी दी जाएगी। सरकार का मकसद युवा इंजीनियरों को पेशेवर रूप से दक्ष बनाना है, जिससे वह राज्य को नई ऊंचाई तक ले जा सकें। इससे युवाओं को रोजगार और आधुनिक तकनीक का अनुभव मिलेगा, जिससे वे अपने राज्यों का विकास कर सकेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लि. (एनएचएआईडीसीएल) प्रथम चरण में फरवरी में 64 सिविल इंजीनियरों के पदों पर भर्ती करेगा। यह भर्ती सिर्फ पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के स्थानीय स्नातक के लिए आरक्षित होगी। एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय युवा इंजीनियर पहाड़ों में निर्माण के दौरान भौगोलिक चुनौतियों व स्थानीय पारिस्थितिकी को समझते हैं। उन्हें न केवल सरकार में रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अत्याधुनिक तकनीक और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का अनुभव भी हासिल कर सकेंगे। इसके बाद भविष्य में वे राज्य सरकारों के साथ मिलकर वहां का विकास कर सकेंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं का बड़े शहरों की ओर होने वाला पलायन भी कम होगा। दुर्गम इलाकों में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों, सुरंगों और पुलों के निर्माण में तेजी आएगी। 80 हजार तक मानदेय एनएचएआईडीसीएल स्थानीय सिविल इंजीनियर्स स्टेट स्पेसिफिक ग्रेजुएट स्कीम के तहत मानदेय के रूप में 70,000 रुपये से 80,000 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाएगा। प्रति वर्ष वेतन में पांच फीसदी की वृद्धि होगी। शुरुआत में नियुक्ति दो साल के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर एक साल और (कुल तीन वर्ष) बढ़ाया जा सकता है। अर्हता प्रदेश का डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण पत्र) होना अनिवार्य है। नए सिविल इंजीनियर स्नातक को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। नियुक्ति के समय तक डिग्री पूरी होनी चाहिए। उम्मीदवार के पास सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक या समकक्ष विषय की डिग्री होनी चाहिए। यह डिग्री IITs, NITs या NIRF रैंकिंग (इंजीनियरिंग श्रेणी) में टॉप 100 में शामिल किसी अन्य संस्थान से प्राप्त होनी चाहिए। यदि उम्मीदवार अभी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर रहा/रही है, तो स्नातक वर्ष या उससे ठीक पिछले वर्ष की NIRF रैंकिंग मान्य होगी। पात्रता से संबंधित शर्तें I. इस योजना के अंतर्गत किसी विशेष राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (State/UT) के लिए विज्ञापित रिक्तियों में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का उसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का स्थायी निवासी (डोमिसाइल) होना अनिवार्य है। II. नए स्नातकों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जो छात्र अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते कि वे कार्यभार ग्रहण करने से पहले स्नातक डिग्री पूरी कर लें। III. कार्य अनुभव: आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के बाद 0 से 2 वर्ष का कार्य अनुभव मान्य होगा। क्या काम करने होंगे 1. डिटेल प्राजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) और डिजाइन की समीक्षा करना। 2. भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण में जिला अधिकारियों के साथ समन्वय। 3. निर्माण स्थल का दौरा और प्रोजेक्ट की गुणवत्ता व सुरक्षा की निगरानी। 4. अनुबंध प्रबंधन और तकनीकी पत्राचार में सहयोग।  

बालाघाट में पुलिस का एकल सुविधा केन्द्र बना बदलाव का माध्यम, नक्सल प्रभावित क्षेत्र लाभान्वित

बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित एकल सुविधा केन्द्र की उल्लेखनीय सफलता एकल सुविधा केन्द्र के रोजगार मेले में 105 युवाओं को मिला रोजगार युवको ने हैदराबाद में किया प्रशिक्षण पूर्ण, L&T कंपनी ने देशभर के शहरों में किया पदस्थ भोपाल बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “एकल सुविधा केन्द्र” लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज कर रहा है। इसी क्रम में 36वीं बटालियन, कनकी में दिनांक 9 से 11 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया था, जिसमें लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd.) द्वारा 105 युवाओं का प्रथम चरण में टेक्नीशियन पद पर चयन किया गया। कंपनी द्वारा चयनित सभी युवाओं को हैदराबाद में दो माह का निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें रहने, भोजन एवं यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था भी कंपनी द्वारा ही की गई थी। अब इन सभी 105 युवाओं ने अपने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है तथा उन्हें देश के विभिन्न बड़े शहरों में L&T कंपनी के तकनीशियन के रूप में पदस्थ कर किया गया है। इनमें मुंबई, पुणे, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र शामिल हैं। यह उपलब्धि न केवल इन युवाओं के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए प्रेरणास्रोत उदाहरण भी है। “एकल सुविधा केन्द्र” की यह पहल युवाओं को न केवल रोजगार दिलाने का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम भी है। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हों सकें। साथ ही, प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित की जाए जिससे वे स्थायी आजीविका की दिशा में अग्रसर हों। इस पहल ने बालाघाट पुलिस की छवि को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के रूप में ही  नहीं, बल्कि एक सामाजिक संरक्षक और विकास सहयोगी संस्था के रूप में स्थापित किया है। इस सफलता के साथ “एकल सुविधा केन्द्र” ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, समृद्धि और विकास का नया अध्याय लिखा जा सकता है।  

राज्य सरकार का बड़ा ऐलान: विदेश में करें करियर, महीने के 1 लाख+ कमाएँ!

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार अब केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके तहत श्रम एवं सेवायोजन विभाग 14 और 15 अक्टूबर को गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में रोजगार महाकुंभ आयोजित कर रहा है। इस मेले में युवाओं को यूएई और ओमान में नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के कुशल और प्रशिक्षित युवा वैश्विक स्तर पर अवसर प्राप्त करें और विदेशों में काम कर सकें। इस मौके का लाभ उठाने के लिए युवाओं को रोजगार संगम पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर आवेदन करना होगा। भर्ती अभियान में कुल 10,655 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कौन-कौन से पदों पर होगी भर्ती? विदेशी कंपनियों द्वारा आयोजित इस रोजगार महाकुंभ में यूएई और ओमान की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। ये कंपनियां मुख्य रूप से निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़ी हैं। भर्ती के लिए उपलब्ध प्रमुख पद हैं:     कंस्ट्रक्शन वर्कर     सुपरवाइजर रिगिंग     मोबाइल पंप ऑपरेटर     ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर     फोरमैन सिविल     हैवी ट्रक ड्राइवर     बस चालक     शटरिंग कारपेंटर     कैंप बॉस     स्टील फिक्सर     कंस्ट्रक्शन हेल्पर सैलरी और अन्य सुविधाएं रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को प्रत्येक पद के अनुसार वेतन मिलेगा:     सुपरवाइजर रिगिंग: ₹1,20,760/माह     मोबाइल पंप ऑपरेटर: ₹90,643/माह     ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर: ₹72,514/माह     फोरमैन सिविल: ₹66,422/माह     हैवी ट्रक ड्राइवर: ₹58,011/माह     बस चालक: ₹53,177/माह     शटरिंग कारपेंटर: ₹28,800/माह     कंस्ट्रक्शन हेल्पर: ₹24,000/माह इसके साथ ही खाने और रहने की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध होगी।   कैसे करें आवेदन? युवाओं को rojgaarsangam.up.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया सरल है:     पंजीकरण करें     एडमिट कार्ड डाउनलोड करें (QR कोड के माध्यम से)     एडमिट कार्ड लेकर रोजगार मेले में भाग लें यह सुनहरा अवसर प्रदेश के युवाओं को न केवल देश में बल्कि विदेशों में स्वप्नवत करियर बनाने का मौका देता है। जितनी जल्दी करें आवेदन, उतना बेहतर! यदि आप विदेश में नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित इस महाकुंभ में अपनी जगह सुनिश्चित करना न भूलें।  

रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अवसर, 23-24 सितंबर को करें पंजीयन

जगदलपुर राज्य शासन ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद खास पहल की है। इसके तहत बेरोजगारों के लिए 9 और 10 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में राज्य में काम कर रहीं 114 कंपनियां युवाओं को 8 से 10 हजार जॉब देगीं। इस रोजगार मेले के लिए रोजगार विभाग की वेबसाइट पर पंजीयन जारी हैं। इस बीच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बस्तर में रोजगार पंजीयन शिविर का आयोजन 23 एवं 24 सितंबर 2025 को प्रातः 10 बजे सायं 05 बजे तक किया जाएगा, जो भी आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी पंजीयन नहीं करवाएं हैं। इस संस्था के प्राचार्य श्री एके मंडले द्वारा उक्त रोजगार मेला में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अपना शैक्षणिक दस्तावेज, आधार कार्ड के साथ उक्त नियत तिथि पर उपस्थित होकर अपना पंजीयन करवाने का आग्रह किया गया है।

AI क्रांति या तबाही? विशेषज्ञ बोले– आने वाले 5 सालों में 80 फीसदी नौकरियां जाएंगी

 नई दिल्ली दशकों पहले कंप्यूटर के आने पर जैसी हलचल मची थी, वैसी ही स्थिति अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर देखी जा रही है। कोई इसे लेकर आशंकित है कि नौकरियां चली जाएंगी तो कुछ लोगों को लगता है कि इससे तमाम काम आसान और पारदर्शी होंगे। इस बीच भारतीय अमेरिकी निवेशक विनोद खोसला ने बड़ा अनुमान जाहिर किया है। उनका कहना है कि अगले 5 सालों में 80 फीसदी नौकरियां खत्म हो जाएंगी। निखिल कामथ के साथ पॉडकास्ट में विनोद खोसला ने कहा इन नौकरियों में लगे लोगों का काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से होने लगेगा। यही नहीं उन्होंने छात्रों को भी जागरूक करते हुए कहा कि भविष्य के छात्रों को स्पेशलिस्ट बनने की बजाय जनरलिस्ट बनना होगा यानी उन्हें तमाम चीजों की जानकारी रखनी होगी। विनोद खोसला ने उम्मीद भरी एक बात भी की। उन्होंने कहा कि भले ही मौजूदा तमाम नौकरियां चली जाएंगी, लेकिन यह भी ध्यान देने की बात है कि कुछ अवसर भी इससे पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर भी पैदा होंगे, जिनके बारे में आज हम सोच भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि ऐसी बहुत सी शानदार नौकरियां हैं, जिन्हें इंसान कर रहे हैं। उन कामों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किया जाएगा। ऐसी करीब 80 पर्सेंट नौकरियां होंगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2040 तक बहुत सी चीजें बदल जाएंगी। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे होंगे कि कई काम तो खत्म ही हो जाएंगे। यदि कोई उन्हें करना चाहेगा तो वह उनका शौक होगा, लेकिन जरूरत नहीं होगी। विनोद खोसला का यह अनुमान ऐसे समय में आया है, जब दिग्गज टेक कंपनियों में छटनी का दौर है। इन कंपनियों का कहना है कि वे वर्कफोर्स का पुनर्गठन कर रही हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि चीजें बदल रही हैं। हाल ही में देश की सबसे बड़ी टेक कंपनी कही जाने वाली टीसीएस ने 12 हजार कर्मचारियों की छटनी का ऐलान किया है। इसके अलावा नीतियों में भी कुछ बदलाव के संकेत दिए हैं, जिससे भविष्य में भी नौकरियों पर तलवार रहेगी।

MP शिक्षक भर्ती 2025: TET पास उम्मीदवारों के लिए 10 हजार से ज्यादा पद खाली, जल्द करें अप्लाई

भोपाल  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका है.  अगर आप प्राइमरी स्कूल में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. MPESB (मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) ने तृतीय श्रेणी के प्राथमिक शिक्षक पदों पर 10,150 वैकेंसी निकाली हैं. आवेदन की लास्ट डेट 1 अगस्त 2025 है. अगर आप इस पोस्ट के लिए आवेदन करना चाहता हैं तो आपको ऑफिशियल वेबसाइट esb.mponline.gov.in पर जाना होगा.  कौन कर सकता है आवेदन?  प्राइमरी टीचर के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास TET परीक्षा पास (साल 2020 या 2024 में) की डिग्री होनी चाहिए. इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से D.El.Ed.की डिग्री हो. इसके साथ ही ग्रेजुएट डिग्री भी ज़रूरी है यहां चेक करें आयु सीमा प्राइमरी टीचर के लिए आवेदन करने वाले सामान्य पुरुष की उम्र 21 साल से लेकर 40 साल के बीच होनी चाहिए. वहीं, सामान्य महिला की उम्र 21 साल से लेकर 45 साल के बीच होनी चाहिए. दिव्यांग कैंडिडेट्स (PWD) के लिए उम्र सीमा 21 साल से लेकर 45 साल तक है.  कैसे होगा सेलेक्शन प्राइमरी टीचर का सेलेक्शन TET एग्जाम की मेरिट लिस्ट और रिटन एग्जाम के आधार पर होगा.  कितनी मिलेगी सैलरी  "मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम 2018 तथा समय-समय पर किए गए संशोधनों और अधिसूचना दिनांक 24.12.2019 के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार यह भर्ती की जाएगी. प्राथमिक शिक्षक को न्यूनतम वेतन ₹25,300 के साथ महंगाई भत्ता दिया जाएगा. चयनित उम्मीदवारों को प्रोबेशन अवधि के दौरान भर्ती नियम 2018 के उपनियम 13 के अनुसार वेतन प्रदान किया जाएगा. कितना लगेगा फीस प्राइमरी टीचर आवेदन के लिए  जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को 500 रुपए लगेंगे. वहीं, मध्य प्रदेश के SC, ST, EWS, OBC, दिव्यांग कैटेगरी के उम्मीदवारों को 250 रुपए देने होंगे.  कैसे करना होगा आवेदन ऐसे करें आवेदन : आवेदन करने के लिए आपको ऑफिशियल वेबसाइट esb.mponline.gov.in पर जाएं. इसके बाद आपको होम पेज पर जाकर “Apply Online” लिंक पर क्लिक करना होगा. वहां आपको “New Registration” का ऑप्शन दिखेगा, उसपर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करें. वहां मांगी गई सभी जानकारी भरें. सबसे लास्ट में फॉर्म चेक कर पेमेंट कर दें और फॉर्म का प्रिंट आउट रख लें. 

सीएम मोहन ने कहा कि विभागों में भर्ती की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

भोपाल नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद से राज्य सरकार ने कई विभागों में लगभग 29,000 पद भरे हैं। अभी भी 1.04 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। एमपी सीएम मोहन यादव ने जुलाई को एक मीटिंग में सरकारी भर्तियों की रफ्तार की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। सरकार इस साल 27000 से ज्यादा लोगों को नौकरी देने की योजना बना रही है। सरकार रोजगार के लिए एक पोर्टल चला रही है, जिस पर 27 लाख से ज्यादा नौकरी चाहने वालों ने अपना नाम दर्ज कराया है। सीएम मोहन यादव ने जुलाई को एक मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने सरकारी भर्तियों की रफ्तार पर बात की। उन्होंने कहा कि भर्ती का काम ठीक से होना चाहिए और इसे सबसे ज्यादा जरूरी मानना चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) भर्तियों पर नजर रखता है। GAD ने मीटिंग में बताया कि उन्होंने कितने लोगों को नौकरी दी है। उन्होंने यह भी बताया कि वे इस साल 27000 से ज्यादा लोगों को नौकरी देंगे। खाली पदों को भरने के लिए योजना 15 जुलाई तक 27 लाख से ज्यादा लोग एमपी एम्प्लॉयमेंट पोर्टल पर नौकरी के लिए रजिस्टर कर चुके थे। सरकार ने बताया कि इस पोर्टल पर सिर्फ वही लोग रजिस्टर करते हैं जो नौकरी ढूंढ रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि राज्य में इतने ही लोग बेरोजगार हैं। एक बड़े सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकारी नौकरियों की भर्ती पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि खाली सरकारी पदों को भरने के लिए एक योजना बनाई गई है। चल रही प्रमोशन प्रक्रिया बीजेपी ने 2023 के विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि वे पांच साल में 2.5 लाख सरकारी नौकरियां देंगे। सरकार का मानना है कि प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू होने से भी कई पद भर जाएंगे। हालांकि, यह मामला अभी हाई कोर्ट में है। प्रमोशन कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद ही किए जाएंगे। विभागों को एक्शन में रहने के निर्देश जीएडी ने सभी विभागों को यह बताया है कि वे हर साल खाली पदों को कैसे भर सकते हैं। खाली पदों और भर्तियों की जानकारी रखने के लिए एक पोर्टल भी बनाया गया है। जुलाई की मीटिंग में सीएम मोहन ने कहा कि विभागों में भर्ती की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखनी चाहिए। सीएम मोहन यादव ने कहा कि मुख्य सचिव और GAD के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागों को समय पर काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि विभागों को इन निर्देशों का पालन करने के बाद रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।