samacharsecretary.com

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा भूचाल! कीर स्टार्मर का इस्तीफा, कहा- देश पहले, पद बाद में

लंदन  ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्‍टार्मर ने अपनी लेबर पार्टी के कई सांसदों के महीनों से चले आ रहे दबाव के बाद अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। नए नेता का चुनाव होने तक वह अपने पद पर बने रहेंगे। अब लेबर पार्टी में एक बार फिर से नए नेता के चुनाव के लिए दौड़ शुरू हो गई है। कीर ने इस्‍तीफा देने के बाद दिए अपने भाषण में कहा कि उनके लिए देश पहले है। पिछले 1 दशक में 7वें नेता अब ब्रिटेन के पीएम बनेंगे। इससे पहले ऋषि सुनक ने अपने पद से इस्‍तीफा दिया था। कीर स्‍टार्मर जब इस्‍तीफा देने के लिए अपने आधिकारिक आवास 10 डाउनिंग स्‍ट्रीट से निकले तो लोगों ने उनका जोरदार स्‍वागत किया। उन्‍होंने पीएम बनने को अपने जीवन लिए सबसे गर्व का क्षण बताया था। कीर ने कहा कि वह करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने के लिए राजनीति में आए थे। उन्‍होंने लेबर पार्टी की साल 2024 की शानदार जीत को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया। कीर स्टार्मर ने क्या ऐलान किया? देश के नाम अपने संबोधन के आखिर में कीर स्टार्मर की आवाज भावुक होकर भर्रा गई. स्टारमर ने कहा, "अब मेरी पार्टी यह सवाल पूछ रही है कि क्या मैं अगले आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सबसे सही व्यक्ति हूं. मैंने इस सवाल पर अपनी संसदीय पार्टी का जवाब सुन लिया है और मैं उस जवाब को सम्मान के साथ स्वीकार करता हूं।  फिर कीर स्टार्मर ने कहा है कि वे सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे रहे हैं. स्टार्मर ने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में नया लेबर नेता चुने जाने तक वे कार्यवाहक (केयरटेकर) प्रधानमंत्री के रूप में काम करते रहेंगे।  ब्रिटेन के राजा को दी इस्‍तीफे की जानकारी कीर स्‍टार्मर ने प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के लीडर दोनों ही पद से इस्‍तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनका पीएम पद का 2 साल का कार्यकाल खत्‍म हो गया है। उन्‍होंने कहा कि मैंने उन्‍होंने आज सुबह ही राजा से मुलाकात की है और उनको इस इस्‍तीफे के बारे में बताया है। उन्‍होंने कहा कि लेबर पार्टी की कार्यकारी समिति की बैठक होगी और 9 जुलाई से नामांकन होने लगेगा। कीर स्‍टार्मर ने कहा कि जो कोई भी अगला पीएम बनेगा, उसे उनका पूरा समर्थन रहेगा। साथ ही वह एक सामान्‍य तरीके से सत्‍ता के हस्‍तातंरण में पूरी मदद करेंगे। कीर ने कहा कि मैंने जो कोई भी फैसला लिया, उसे देश को ध्‍यान में रखकर लिया जिसे मैं प्‍यार करता हूं। उन्‍होंने कहा कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था अब तेजी से विकास कर रही है और मजदूरी भी बढ़ी है। यह महंगाई से ज्‍यादा है। 17 जुलाई तक ब्रिटेन को नया प्रधानमंत्री मिलेगा स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी जुलाई के मध्य तक अपना नया नेता चुन लेगी। नए नेता और प्रधानमंत्री के चुने जाने तक वह अपने पद पर बने रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने उत्तराधिकारी को पूरा सहयोग देंगे। स्टार्मर ने बताया कि उन्होंने सोमवार सुबह ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III को अपने फैसले की जानकारी दे दी। अब लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) नए नेता के चुनाव का कार्यक्रम तय करेगी। इसके तहत 9 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 17 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले नए नेता का चुनाव पूरा करने की कोशिश की जाएगी। ब्रिटेन में जनता सीधे प्रधानमंत्री नहीं चुनती। लोग अपने-अपने क्षेत्र से सांसद चुनते हैं। जिस पार्टी के पास संसद में बहुमत होता है, उसी पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है। अभी लेबर पार्टी की सरकार है। इसलिए जो व्यक्ति लेबर पार्टी का नया नेता बनेगा, वही प्रधानमंत्री बनने का सबसे बड़ा दावेदार होगा। इसके लिए पूरे देश में आम चुनाव कराने की जरूरत नहीं होती। लेबर पार्टी में एंडी बर्नहैम सबसे आगे ब्रिटेन की राजनीति में काफी लोकप्रिय चेहरा माने जाते हैं। उन्हें पार्टी के लेफ्ट और सेंट्रिस्ट दोनों गुटों का समर्थन हासिल है। बर्नहैम पहले स्वास्थ्य मंत्री समेत कई अहम सरकारी पद संभाल चुके हैं। कोविड महामारी के दौरान उन्होंने मैनचेस्टर के लिए केंद्र सरकार से खुलकर टक्कर ली थी। उस समय उनकी छवि आम लोगों के हितों के लिए लड़ने वाले नेता की बनी, जिससे उनकी लोकप्रियता बढ़ी। मेकरफील्ड उपचुनाव में जीत के बाद एंडी बर्नहैम की स्थिति और मजबूत हुई है। कई राजनीतिक जानकार मानते हैं कि वह स्टार्मर की जगह लेने के सबसे बड़े दावेदार हैं। हालांकि अभी तक किसी उम्मीदवार ने आधिकारिक तौर पर अपनी दावेदारी पेश नहीं की है। पार्टी के दूसरे नेता भी मैदान में उतर सकते हैं। ऐसे में नेतृत्व का चुनाव मुकाबले वाला भी हो सकता है। लेबर पार्टी के सांसदों और कार्यकर्ताओं का रुख भी काफी अहम रहेगा। अगर बड़ी संख्या में नेता और सांसद बर्नहैम के समर्थन में आ जाते हैं, तो उन्हें बिना ज्यादा मुकाबले के नेता चुना जा सकता है। कीर स्टार्मर को क्यों छोड़नी पड़ी कुर्सी कीर स्टार्मर पर पिछले कुछ दिनों में लगातार दबाव तेजी से बढ़ गया था कि वे लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दें, ताकि एंडी बर्नहम नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन सकें. पिछले हफ्ते उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहम ने दक्षिणपंथी प्रतिद्वंदी को हराकर बड़ी जीत हासिल की थी. इस जीत के बाद प्रधानमंत्री पद के लिए उनका दावा और मजबूत हो गया था. अब उनको ही सत्ताधारी लेबर पार्टी का अगला नेता और ब्रिटेन का नया पीएम माना जा रहा है।  जुलाई 2024 के आम चुनाव में कीर स्टार्मर ने 174 सीटों के बड़े बहुमत के साथ शानदार जीत हासिल की थी. लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल पर कई विवाद छाए रहे हैं. इनमें लेबर पार्टी के सीनियर नेता पीटर मेंडलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाना भी शामिल है, जबकि उनके दोषी यौन अपराधी जेफरी एप्सटीन से संबंधों की जानकारी पहले से थी।  इसके अलावा टैक्स और सामाजिक कल्याण योजनाओं (सोशल बेनिफिट्स) को लेकर सरकार के कुछ फैसलों और बाद में उन्हें बदलने (यू-टर्न लेने) से भी उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है. दूसरी तरफ, एंडी बर्नहम पहले कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. बाद में उन्होंने … Read more

ब्रिटेन में बदले राजनीतिक समीकरण, ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ की जीत के बाद किएर स्टार्मर पर बढ़ा दबाव

लंदन  ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. लेबर पार्टी के दिग्गज नेता और ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम ने संसदीय उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज की है, जिसके बाद प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर की कुर्सी पर खतरा और बढ़ गया है. उन्हें "किंग ऑफ द नॉर्थ" कहा जाता है।  उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड सीट पर हुए चुनाव में बर्नहम ने 54.8 फीसदी वोट हासिल किए. उन्होंने निगेल फराज की पार्टी रिफॉर्म यूके के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया, जिसे 34.5 फीसदी वोट मिले. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि लेबर पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत हो सकती है।  अपनी जीत के बाद बर्नहैम ने इसे "टर्निंग पॉइंट" यानी एक निर्णायक मोड़ बताया. उन्होंने कहा कि देश को ऐसी राजनीति से बचाना होगा जो समाज को बांटती है. बर्नहैम ने संकेत दिया कि वह देश को अमेरिका जैसी पोलराइज्ड राजनीति की दिशा में नहीं जाने देना चाहते।  अगर नेतृत्व का होगा चुनाव तो बर्नहैम हो सकते हैं उम्मीदवार 56 वर्षीय बर्नहैम लंबे समय से लेबर पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं. वह सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण के आलोचक रहे हैं और कई बार खुलकर कह चुके हैं कि पिछले चार दशकों की आर्थिक नीतियां आम लोगों के लिए सफल नहीं रही हैं. उन्होंने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर पार्टी नेतृत्व के लिए चुनाव होता है तो वह उम्मीदवार बनने को तैयार हैं।  दूसरी तरफ, किएर स्टार्मर की लोकप्रियता लगातार गिर रही है. दो साल पहले भारी बहुमत से चुनाव जीतने वाले स्टार्मर आज ब्रिटेन के सबसे अलोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में गिने जा रहे हैं. कई विवादों, नीतियों में बार-बार बदलाव और फैसलों में देरी के आरोपों ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है. सांसदों ने किएर स्टार्मर से मांगा इस्तीफा पिछले महीने हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को बड़ा झटका लगा था. इसके बाद पार्टी के करीब एक चौथाई सांसदों ने स्टार्मर से पद छोड़ने की मांग की थी. रक्षा और स्वास्थ्य मंत्री समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा दे दिया।  हालांकि, स्टार्मर अभी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे. उन्होंने साफ कहा है कि वह किसी भी नेतृत्व चुनाव का सामना करेंगे और पार्टी को आंतरिक लड़ाई से बचना चाहिए. लेकिन बर्नहैम की जीत के बाद उनके लिए दबाव और बढ़ गया है।  अगर नेतृत्व परिवर्तन होता है तो पिछले एक दशक में ब्रिटेन को सातवां प्रधानमंत्री मिल सकता है. इतनी तेजी से नेतृत्व बदलना ब्रिटिश राजनीति में अस्थिरता का संकेत माना जा रहा है।