samacharsecretary.com

पुलिस और गैंगस्टर गठजोड़ का बड़ा खुलासा, पूर्व DSP ने लॉरेंस बिश्नोई को भेजा खास तोहफा

चंडीगढ़. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवादित टीवी इंटरव्यू मामले की जांच के बीच पंजाब पुलिस और गैंगस्टर नेटवर्क की कथित सांठगांठ को लेकर एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच में सामने आया है कि जिस समय लारेंस के इंटरव्यू प्रकरण की जांच चल रही थी, उसी दौरान पंजाब पुलिस के एक डीएसपी ने उसके जन्मदिन पर अहमदाबाद की साबरमती जेल में खास तोहफा भिजवाया। इस दावे ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है और एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि क्या कुछ पुलिस अधिकारी गैंगस्टरों के साथ सीधे संपर्क में थे। सूत्रों के अनुसार, मामला पंजाब पुलिस के पूर्व डीएसपी गुरशेर सिंह संधू से जुड़ा है। वही गुरशेर सिंह संधू, जिन्हें लारेंस बिश्नोई के विवादित इंटरव्यू में कथित मदद देने के आरोप में पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। पूछताछ रिपोर्ट में क्या दावा? अब एक पूछताछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फरवरी 2024 में उन्होंने लारेंस के लिए जन्मदिन का तोहफा भेजा था। इसमें टोपियां, मुरब्बे का डिब्बा और कुछ अन्य सामान शामिल बताया गया है, जिसे उसके करीबी के माध्यम से साबरमती जेल तक पहुंचाया गया। यह खुलासा बिश्नोई गिरोह के सदस्य रहे राजवीर सिंह उर्फ रवि राजगढ़ के बयान में हुआ है। जुलाई 2025 में आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार राजवीर ने पूछताछ के दौरान बताया कि 10 फरवरी 2024 को उसे लॉरेंस बिश्नोई का फोन आया था। फोन पर उसे निर्देश दिया गया कि वह मोहाली के फेज-7 स्थित डीएसपी कार्यालय से कुछ सामान ले और अगले दिन 11 फरवरी को, जो लारेंस का जन्मदिन था, अहमदाबाद पहुंचा दे। इसके बाद वह कार्यालय गया, जहां से उसे सामान सौंपा गया। अगले दिन वह एक अन्य साथी सुपिंदर सिंह के साथ हवाई जहाज से अहमदाबाद पहुंचा और साबरमती जेल में यह सामान लारेंस तक पहुंचाया। विवादित इंटरव्यू को लेकर दर्ज हुई थी FIR पूछताछ रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब लॉरेंस के विवादित इंटरव्यू को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हो चुकी थी और मामला स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के पास था। ऐसे में जांच के दौरान ही एक पुलिस अधिकारी द्वारा गैंगस्टर को उपहार भेजे जाने का दावा पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पुलिस महकमे के भीतर कुछ अधिकारी गैंगस्टरों को विशेष सुविधा और संरक्षण मुहैया करा रहे थे। गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद लारेंस बिश्नोई के लगातार दो टीवी इंटरव्यू सामने आए थे। इन इंटरव्यू ने देशभर में सनसनी मचा दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद गठित एसआईटी ने जांच में पाया था कि सितंबर 2022 में खरड़ सीआईए कार्यालय में यह इंटरव्यू रिकॉर्ड किए गए थे। लॉरेंस डीएसपी गुरशेर सिंह संधू की हिरासत में था उस दौरान लॉरेंस डीएसपी गुरशेर सिंह संधू की हिरासत में था। जांच में यह भी सामने आया था कि सीआईए कार्यालय को अस्थायी स्टूडियो की तरह तैयार किया गया था। इस मामले में अक्टूबर 2024 में दो डीएसपी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। बाद में 2025 की शुरुआत में गुरशेर सिंह संधू को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि वह तब से फरार है। अब नए खुलासे के बाद जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल में जुट सकती हैं कि क्या यह सिर्फ उपहार भेजने तक सीमित मामला था या पुलिस और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच संपर्क की कड़ियां इससे कहीं ज्यादा गहरी थीं।

लॉरेंस बिश्नोई पर बनी डॉक्यू सीरीज पर रोक, OTT रिलीज पर विवाद

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई एक बार फिर चर्चा में है. लेकिन इस बार उसने किसी को धमकाया नहीं है, बल्कि उसकी जिंदगी पर एक डॉक्यू सीरीज बनी है. जिसका नाम है- लॉरेंस ऑफ पंजाब. इसे 27 अप्रैल को जी5 पर रिलीज किया जाना है. लेकिन इससे पहले इस डॉक्यू सीरीज पर रोक लग गई है. लॉरेंस की सीरीज पर बवाल पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने X पर इस संदर्भ में एक वीडियो शेयर किया है है. कैप्शन में उन्होंने लिखा- पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने लॉरेंस की डॉक्यू सीरीज के खिलाफ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ((MoIB) को लेटर लिखा था. उन्होंने आईटी एक्ट सेक्शन 69 के तहत 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की मांग की. मंत्रालय ने इस अपील पर सख्त एक्शन लेते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 को एडवाइजरी जारी की है. जिसके अनुसार, लॉरेंस की डॉक्यू सीरीज को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं करने का निर्देश दिया गया है. वीडियो में पंजाब पुलिस के डीजीपी ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि इस सीरीज में लॉरेंस के कुख्यात कामों को ग्लोरिफाई किया गया है. पंजाब पुलिस पूरी तरह से राज्य में शांति और सौहार्द बनाकर रखना चाहती है. इस तरह की किसी भी एक्टिविटी को मंजूरी नहीं मिलेगी, जिससे शांति भंग हो. दूसरी तरफ, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने पीएम नरेंद्र मोदी को खत लिखकर लॉरेंस की डॉक्यू सीरीज की रिलीज को रोकने की मांग की थी. उनका कहना था कि सीरीज में लॉरेंस का महिमामंडन किया गया है. क्राइम और गैंगस्टर कल्चर को ग्लोरिफाई करना यूथ के दिमाग पर खतरनाक असर छोड़ सकता है. वो क्राइम करने की दिशा में खुद को मोड़ सकते हैं. मेकर्स ने क्या दी दलील? डॉक्यू सीरीज को बैन किए जाने की मांग पर इसके डायरेक्टर राघव दर का भी रिएक्शन आया है. बॉम्बे टाइम्स संग बातचीत में उन्होंने कहा- लॉरेंस ऑफ पंजाब को हमेशा सिर्फ एक क्राइम स्टोरी से कहीं ज्यादा समझा गया था. इस सीरीज के जरिए हमारा मकसद बस यही बताना था कि क्यों लोग खुद की ऐसी पहचान बनाते हैं. उनके आसपास का मौहाल क्या होता है, कौन सी चीज उन्हें इंफ्लुएंस करती है. किस सिस्टम की वजह से वो गैंगस्टर बनते हैं. ये भी बताना जरूरी था कि ऐसी जर्नी अपने पीछे क्या छोड़कर जाती है. इस सीरीज के जरिए हमने एक ऐसी कहानी पेश करने की कोशिश की है जो जानकारी देती है और इंसान के इमोशंस से गहराई से जुड़ी है. विवादों का दूसरा नाम है लॉरेंस गैंगस्टर लॉरेंस का बीते सालों में दबदबा बढ़ा है. वो और उसका साथी गोल्डी बराड़ मिलकर बॉलीवुड सेलेब्स को धमका रहे हैं. लॉरेंस बीते कई सालों से सलमान खान के पीछ पड़ा है. एक्टर के 1998 में काले हिरण शिकार केस को लेकर वो गुस्साया है. क्योंकि उसका बिश्नोई समाज काले हिरण की पूजा करता है. जबसे सलमान का इस केस में नाम आया है लॉरेंस दबंग खान को टारगेट कर रहा है. आए दिन सलमान खान और उनके करीबियों को लॉरेंस अपना निशाना बना रहा है. लॉरेंस ने सलमान के अलावा, कपिल शर्मा, एपी ढिल्लन, रणवीर सिंह, पवन सिंह, बी प्राक, बादशाह, रोहित शेट्टी को धमकाया है. बाबा सिद्दीकी और सिद्धू मूसेवाला की मौत के पीछे लॉरेंस का हाथ बताया गया है. सबसे मजेदार बात ये है कि पंजाब का रहने वाला लॉरेंस जेल से आपराधिक साजिश रच रहा है. वो सलाखों के पीछे रहकर हत्याओं, धमकियों और फायरिंग की जिम्मेदारी ले रहा है.

बादशाह को मिली बिश्नोई गैंग से धमकी, लॉरेंस ने कहा- अगली बार गोली माथे पर

चंडीगढ़  पिछले कुछ समय से कई सेलेब्स को धमकियां मिल रही हैं। अब खबर आ रही है कि इंडियन रैपर और सिंगर बादशाह को जान से मारने की धमकी मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह धमकी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से मिली है और फोन कॉल के जरिए धमकी मिली है। फेसबुक पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। रंदीप मलिक अनिल पंडित नाम का अकाउंट है जिसमें यह दावा किया गया है कि वो बिश्नोई गैंग से हैं। इसी पोस्ट में सिंगर को धमकी दी गई है। पोस्ट में क्या धमकी दी गई है उसी पोस्ट में बिश्नोई गैंग ने गैरी और शैंकी के पानीपत ऑफिस में शटिंग की जिम्मेदारी भी ली। शूटिंग के पीछे की वजह बताते हुए उस पोस्ट में दावा किया गया कि वो हवाला में शामिल थे। उन्होंने फिर बाकी सबको वॉर्न किया जो हवाला एक्टिविटीज में शामिल हैं। 2024 में बादशाह के क्लब में हुए हमले पर भी कहा पोस्ट में लिखा गया है, सिंगर बादशाह ने हरियाणा के कल्चर को खराब करने की कोशिश की। इससे पहले 2024 में हमने आपको एक ट्रेलर दिखाया था आपके क्लब में, इस बार हम आपको डायरेक्टली आपके माथे पर शूट करेंगे। क्यों हो रहा है विवाद ऐसा कहा जा रहा है कि बादशाह को उनके हाल ही में रिलीज हुए हरियाणा गाने टटीरी को लेकर धमकी दी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गाने की एक लाइन को लेकर विवाद हो रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि लिरिक्स में महिलाओं के लिए गलत शब्दों का यूज किया गया है। सिंगर के खिलाफ हरियाणा में एक्शन हरियाणा में सिंगर के खिलाफ लीगल एक्शन भी लिया गया है। वहीं अब गाने को प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया है। बादशाह ने मांगी माफी वहीं बादशाह ने फिर विवाद के बाद सोशल मीडिया पर माफी भी मांगी है। उन्होंने कहा कि वह काफी दुखी हैं कि उनके गाने से हरियाणा के लोगों की फीलिंग्स काफी हर्ट हुई है। वह बोले, आप हरियाणा का बेटा समझ कर माफ करेंगे। पुलिस कर रही है जांच पुलिस इन्वेस्टिगेशन कर रही है इस धमकी को लेकर। ऑफिशियल्स का कहना है कि वे चेक कर रहे हैं कि ये बिश्नोई गैंग के मेंबर का ही मैसेज है। सिक्योरिटी एजेंसी भी सोशल मीडिया पोस्ट को मॉनिटर कर रहे हैं। वैसे बता दें कि बादशाह ने अब तक इस धमकी को लेकर कोई स्टेटमेंट नहीं दिया है। देखते हैं सिंगर क्या कहते हैं।

कनाडा में गैंगवार की आहट, तीन जगहों पर गोलीबारी – बिश्नोई गैंग ने किया कबूल

ओटावा कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी का दावा किया है. कनाडा में रविवार देर रात तीन अलग-अलग जगहों पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर ली है. गैंग की तरफ से किए गए पोस्ट में लिखा गया है कि "2 नंबर के धंधे" यानी अवैध कारोबार करने वालों से वसूली की जाती है, मेहनत करने वालों से नहीं. बिश्नोई गैंग की तरफ से पुर्तगाल में रहने वाले फतेह पुर्तगाल ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी ली. उसने सोशल मीडिया पर फायरिंग का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक शूटर अत्याधुनिक हथियार से फायरिंग करता नजर आ रहा है. वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. कनाडाई पुलिस ने फिलहाल घटनास्थलों को सील कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, फायरिंग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन पुलिस ने इसे संगठित अपराध से जुड़ी बड़ी साजिश के तौर पर देखा है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कनाडा की सरकार ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित किया था. इसके बाद से ही गैंग सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर अपनी "मौजूदगी" दिखाने की कोशिश कर रहा है. सोशल मीडिया पर बिश्नोई गैंग ने क्या दावा किया? सोशल मीडिया पर खुद को 'फतेह पुर्तगाल बताने वाले शख्स ने पोस्ट में बताया कि जिन तीन जगहों पर फायरिंग हुई वे हैं – Theshi Enterprise (1254, 110 Ave), House No. 2817 (144 St) और 13049, 76 Ave Unit No.104. दावा करने वाले व्यक्ति ने कहा कि ये सभी स्थान 'नवी तेसी' नामक व्यक्ति के स्वामित्व में हैं, जिसने कथित रूप से "लॉरेंस बिश्नोई गैंग" का नाम लेकर कलाकारों से अवैध वसूली की थी. गैंग के लोगों को परेशान किए जाने का दावा पोस्ट में लिखा गया कि, "हम मेहनत करने वालों से दुश्मनी नहीं रखते, लेकिन जो लोग हमारे लोगों को परेशान करते हैं या गलत तरीके से पैसा वसूलते हैं, हम उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं." उसने यह भी चेतावनी दी कि "अगर किसी ने गलत खबर फैलाई, तो उससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी."