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सीमा पर तनाव बढ़ाने की कोशिश: LoC पर कैमरे इंस्टॉल करते समय पाक गोलीबारी, भारत का मुंहतोड़ पलटवार

जम्मू उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में 20-21 जनवरी की रात भारत और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच गोलीबारी हुई। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह झड़प तब हुई जब 6 राष्ट्रीय राइफल्स के सैनिक केरन बाला इलाके में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और लाइन ऑफ कंट्रोल के साथ ब्लाइंड स्पॉट को खत्म करने के लिए हाई-टेक सर्विलांस कैमरे लगा रहे थे। पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी का भारतीय जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।   पाकिस्तानी सैनिकों ने इंस्टॉलेशन को रोकने के लिए छोटे हथियारों से दो राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में भारतीय पक्ष से एक, सोच-समझकर जवाबी गोली चलाई गई। हालांकि दोनों तरफ से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन भारतीय सेना ने घने जंगल वाले इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया है, क्योंकि उन्हें शक है कि आग का इस्तेमाल घुसपैठ की कोशिश से ध्यान भटकाने के लिए किया गया हो सकता है। पूरे सेक्टर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि सेना सर्दियों के महीनों में पारंपरिक घुसपैठ के रास्तों पर नजर रखने के लिए टेक्निकल सर्विलांस को अपग्रेड कर रही है। इससे पहले, जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया गया। इसके तीसरे दिन मंगलवार को सुरक्षा बलों ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को अभियान शुरू किया गया था और इस बीच हुई मुठभेड़ में एक ‘पैराट्रूपर’ शहीद हो गया तथा छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा अचानक किए गए ग्रेनेड हमले से सात अन्य घायल हो गए। आतंकवादी घने जंगल में भाग गए, लेकिन खाने-पीने की चीजें, कंबल और बर्तनों सहित बड़ी मात्रा में सर्दियों के सामान से भरे उनके ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया। जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तुती और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जम्मू महानिरीक्षक आर. गोपाल कृष्ण राव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए तथा वे अभियान की निगरानी के लिए वर्तमान में कई सेना अधिकारियों के साथ वहीं डेरा डाले हुए हैं।  

जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट: LoC के पास पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, सेना ने की सख्त जवाबी कार्रवाई

राजौरी: जम्मू-कश्मीर के नौशेरा-राजौरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास कुछ ड्रोन देखे गए. इनके पाकिस्तान के होने का शक है. इस घटना के बाद भारतीय सेना ने काउंटर-अनमैंड एरियल सिस्टम के उपाय किए. इसके बाद ये ड्रोन वापस चले गए. रिपोर्ट के अनुसार रविवार शाम को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास कई फॉरवर्ड इलाकों में संदिग्ध ड्रोन की हलचल देखी गई, जिनके पाकिस्तान के होने का शक है. सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि ये उड़ने वाली चीजें बॉर्डर के पाकिस्तान की तरफ से आई और कुछ मिनट तक भारतीय इलाके के ऊपर मंडराने के बाद वापस चली गई. संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखे जाने के बाद जमीन पर तलाशी अभियान भी शुरू किया गया. सेना के जवानों ने शाम करीब 6:35 बजे गनिया-कलसियां ​​गांव के ऊपर ड्रोन की हलचल देखने पर मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की. उसी समय, राजौरी के टेरियथ में खब्बर गांव में एक और ड्रोन देखा गया. अधिकारियों ने बताया कि यह उड़ने वाली चीज, जिसमें टिमटिमाती रोशनी थी, कलाकोट के धर्मसाल गांव की दिशा से आई थी, और फिर भरख की ओर आगे बढ़ी. एक और ऐसी ही चीज, जिसमें टिमटिमाती रोशनी थी, शाम करीब 7:15 बजे चक बबरल के ऊपर कई मिनट तक मंडराती हुई देखी गई. एक और ऐसी ही चीज पुंछ में एलओसी के पास मनकोट सेक्टर में टैन से टोपा की ओर जाती हुई देखी गई. इस घटना के बाद भारतीय सेना के जवानों ने काउंटर-अनमैंड एरियल सिस्टम के उपाय भी किए, जिससे उन्हें वापस लौटना पड़ा. बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को सांबा जिले के पालूरा गांव में सीमा के पास से हथियार और गोला-बारूद का एक जखीरा बरामद होने के बाद एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस जखीरे में चीन में बनी एक 9 एमएम पिस्टल जिसके साथ दो मैगजीन, एक ग्लॉक 9एमएम पिस्टल जिसके साथ एक मैगजीन थी और एक चीनी हैंड ग्रेनेड जिस पर एपीएल एचजीआर 84 लिखा था, शामिल था. पुलिस के मुताबिक पैकेट से कुल सोलह 9एमएम कारतूस भी बरामद किए गए.

एलओसी पर अचानक हलचल, सेना सतर्क—पाकिस्तान सीमा पर हाई अलर्ट जारी

नई दिल्ली रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक ओर कहा, ‘सिंध भले ही आज भौगोलिक रूप से भारत का हिस्सा नहीं, लेकिन सभ्यता के नजर‍िये से सिंध हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहेगा. जहां तक जमीन की बात है, सीमाएं बदल सकती हैं. कौन जानता है क‍ि कल सिंध फ‍िर भारत में वापस आ जाए.’ उनके बयान से पाक‍िस्‍तान में हलचल मची हुई है. दूसरी ओर खबर आ रही क‍ि पाक‍िस्‍तान से लगते इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर हलचल तेज हो गई है. कहा तो यहां तक जा रहा क‍ि भारत ने इस इलाके में फौज की संख्‍या दोगुनी कर दी है. हालांकि, इसके पीछे वजह कुछ और बताई जा रही है. दरअसल, दिल्ली ब्लास्ट के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. ब्लास्ट के तुरंत बाद से ही केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियां लगातार इनपुट साझा कर रही हैं, जिन्हें देखते हुए इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) दोनों ही सेक्टरों में फोर्सेज की तैनाती को कई स्तर पर बढ़ा दिया गया है. सीमा पर हालात कितने गंभीर हैं, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जवानों की संख्या दोगुनी कर दी गई है और गश्त का दायरा भी रात-दिन लगातार बढ़ाया गया है.     दिल्ली ब्लास्ट के बाद आतंकियों की हलचल तेज     इनपुट्स के अनुसार फिलहाल जम्मू-कश्मीर में करीब 131 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें से 117 पाकिस्तानी आतंकी बताए जा रहे हैं. इनके साथ 14 स्थानीय मददगार भी शामिल हैं, जो इन आतंकियों को हाइडआउट बदलने, मूवमेंट छिपाने और संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करते हैं. वहीं, सीमा पार भी बड़ी संख्या में आतंकी घुसपैठ की फिराक में बैठे हुए हैं.     सर्दियों का मौसम जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए एक अलग चुनौती लेकर आता है. पुंछ-राजौरी सेक्टर में बर्फबारी और गहरी धुंध के कारण एलओसी के रास्ते से घुसपैठ लगभग नामुमकिन हो जाती है. ऐसे में खुफिया एजेंसियों को यह इनपुट मिल रहा है कि आतंकी अब इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) को घुसपैठ का नया रास्ता बनाने की तैयारी में हैं. इंटरनेशनल बॉर्डर पर बढ़ी हलचल यही वजह है कि सेना और बीएसएफ ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर सुरक्षा तैनाती को दोगुना कर दिया है. पेट्रोलिंग के दौरान महिला और पुरुष जवान दोनों शामिल किए गए हैं. खास बात यह है कि पेट्रोलिंग टीम में वही महिला अधिकारी भी तैनात हैं, जिन्होंने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कई पोस्ट को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई थी.  उस इंटरनेशनल बॉर्डर तक पहुंची, जहां से पाकिस्तानी पोस्ट महज कुछ मीटर की दूरी पर साफ दिखाई देती हैं. यह वही जोन है जहां दुश्मन हर समय नजर बनाए रखता है. हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं. सामने पाकिस्तान का पोस्ट, हर क्षण खतरा, और पहरेदारी में जरा भी ढिलाई की गुंजाइश नहीं. हथियार हर पल तैयार बीएसएफ और सेना के जवानों ने बताया कि उनके हथियार हर समय लोडेड और तैयार रहते हैं. पेट्रोलिंग के दौरान उनकी निगाहें लगातार पाकिस्तान की दिशा में रहती हैं. एक जवान ने कहा, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता. वे कभी भी किसी भी हरकत की कोशिश कर सकते हैं. इसी लिए हर सेकेंड अलर्ट रहना पड़ता है. एक महिला अधिकारी ने कहा, खतरे कई हैं, लेकिन हमारे अंदर कोई डर नहीं है. हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं. बॉर्डर पर हम हैं, तो देश सुरक्षित है. ड्रोन खतरा बड़ा, अब स्पेशल ट्रेनिंग दे रही सेना जवानों ने यह भी खुलासा किया कि पहले सीमा पर मुकाबला केवल ‘रेंज फाइट’ तक सीमित था. यानी दूर से फायरिंग. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से ड्रोन का इस्तेमाल बेहद नजदीक से किया गया. इसके बाद से जवानों को ड्रोन डिटेक्शन और ड्रोन-न्यूट्रलाइजेशन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. फोर्सेज के अनुसार पाकिस्तान सीमा पर तैनात पोस्टों से ड्रोन भेजने की कई असफल कोशिशें पहले भी हुई हैं. यही वजह है कि अब हर पेट्रोलिंग टीम में ‘एंटी-ड्रोन गियर’ और प्रशिक्षित जवान शामिल किए गए हैं.  जवानों का स्पष्ट संदेश जवानों ने कैमरे पर सीधे पाकिस्तान को संदेश भेजते हुए कहा, सीमा पर कोई भी नापाक हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पाकिस्तान की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चाहे घुसपैठ की कोशिश हो, ड्रोन से हथियार भेजने की साजिश, या पाक रेंज से फायरिंग, हर तरह की प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने के लिए वे पूर्ण रूप से तैयार हैं.  

सीमा पर दुखद हादसा! LoC पर गोली चलने से भारतीय सैनिक ने गंवाई जान

पुंछ  जिले में ड्यूटी दौरान एक जवान के शहीद होने की खबर मिली है। जानकारी के मुताबिक, जिले में नियंत्रण रेखा पर दुर्घटनावश चली गोली से जवान शहीद हो गया। जानकारी के मुताबिकि, जिले में भारत पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित जलास क्षेत्र में सोमवार को दुर्घटनावश गोली चलने से भारतीय सेना का एक जवान नायक अमरजीत सिंह पुत्र रमेश कुमार निवासी गांव जंजनवाला तहसील नरवाना जिला जिंद हरियाणा शहीद हो गया।  शव को पुलिस एवं सेना द्वारा पुंछ के राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल लाया गया जहां मैडिकल सुप्रिडेंट डॉ. मोहम्मद शफीक की देखरेख में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और उसके उपरांत कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही शव को सैना को सोंप दिया। जहां से उसे आज अंतिम संस्कार के लिए उसके घर भेजा जाएगा।