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मध्य प्रदेश में हाईवे लूट का पर्दाफाश, नागा साधु बनकर वारदात करने वाले सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

उज्जैन  नागा साधु का वेश बनाकर हाईवे पर कार चालकों को रोककर लूटने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। बदमाशों ने शाजापुर में लाल घाटी, घट्टिया थाना क्षेत्र में जैथल व भैरवगढ़ क्षेत्र में गरोठ हाईवे पर तीन वारदातों को अंजाम दिया है। सूचना मिलने के आधे घंटे के अंदर ही नरवर पुलिस ने आरोपितों को पालखंदा में घेराबंदी कर रोक लिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पांच हजार रुपये व सोने की दो अंगूठियां बरामद की गई है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंसूर पुत्र बहादुर अली पटेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम कालियादेह भैरवगढ़ ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे डायल 112 पर सूचना दी कि सात अज्ञात बदमाशों द्वारा साधु के वेश में उसकी कार रोककर मारपीट एवं लूटपाट की गई। पटेल ने बताया कि वह अपनी पत्नी हीना बी व दो बच्चों के साथ अपनी कार क्रमांक एमपी 09 जेडवी से कालियादेह से होते हुए इंदौर जा रहा था। पंवासा ओवरब्रिज पार कर नीमनवासा मोड़ पर पहुंचने पर अचानक छह व्यक्ति जिनमें चार साधु के वेश में थे हाईवे पर कार के सामने आ गए। गाड़ी रोकते ही सभी ने कार को घेर लिया और चारों साधु वेशधारी व्यक्ति धमकाने लगे कि पैसे व जेवर दे दो, नहीं तो भस्म कर देंगे। सभी आरोपितों ने पटेल व उसकी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए जबरदस्ती सोने की दो अंगूठियां एवं पांच हजार रुपये लूट लिए थे। इसके बाद कार क्रमांक डीएल 2 सीएएक्स में बैठकर फरार हो गए। भागते समय उन्होंने पटेल को धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद पटेल ने पंवासा थाने में केस दर्ज करवाया। नरवर टीआई ने आधे घंटे में किया गिरफ्तार कंट्रोल रूम पर सूचना मिलते ही वायरलैस सेट पर जानकारी दी गई थी। नरवर टीआई बल्लू मंडलोई व टीम देवास रोड पर पालखंदा में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। सूचना मिलते ही घेराबंदी कर कार को घेरकर उसमें सवार सात बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलने पर नागझिरी व पंवासा पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। यह बदमाश पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम अलीनाथ पुत्र धर्मवीर नाथ उम्र 20 वर्ष निवासी मंगल कॉलोनी देहा बस्ती, करनाल रुरल, हरियाणा, मगन पुत्र दिलीप नाथ उम 19 वर्ष निवासी धर्मपुरा कालोनी, नजफगढ़, दिल्ली, अरुण नाथ पुत्र मीणा नाथ उम्र 25 वर्ष निवासी आरके कॉलोनी मुर्यला, जिला सोनीपत, हरियाणा, राजेश पुत्र ऋषिपाल नाथ उम्र 41 वर्ष निवासी धर्मपुरा एक्स नजफगढ़, साउथ वेस्ट दिल्ली, रूमालनाथ पुत्र फूलनाथ उम्र 60 वर्ष निवासी लाल मंदिर के पास, रंगपुरी पहाड़ी नाला कैंप, थाना बसंतकुंज, दिल्ली, बिरजू नाथ पुत्र मिश्री नाथ, उम्र 45 वर्ष निवासी इन्द्रा विकास कालोनी, थाना मुखर्जी नगर, दिल्ली, राकेश कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह उम्र 45 वर्ष निवासी नंद नगरी, साहिबाबाद बताए हैं। यहां भी की वारदातें आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शाजापुर के लालघाटी, घटिया थाना क्षेत्र के जैथल, देवास में भी करना स्वीकार किया है। सभी बदमाश अपराधिक प्रवृत्ति के है। दो बदमाश बिरजूनाथ व अलीनाथ के खिलाफ थाना मोती नगर दिल्ली व करनाल सदल हरियाणा में केस दर्ज हैं।

SBI में बड़ी लूट: कर्नाटक में 20 किलो सोना और नकदी ले उड़े, मिर्च पाउडर से किया हमला

विजयपुरा कर्नाटक के विजयपुरा जिले के चदचन कस्बे में  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में हथियारों से लैस डकैतों ने दिनदहाड़े सनसनीखेज डकैती को अंजाम दिया। इस घटना में डकैतों ने लगभग 21.04 करोड़ रुपये की नकदी और सोने के आभूषण लूट लिए। पुलिस के अनुसार, तीन हथियारबंद डकैतों ने बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर इस लूट को अंजाम दिया। शाखा प्रबंधक तारकेश्वर की शिकायत के अनुसार, तीन डकैत बैंक में एक चालू खाता खोलने के बहाने घुसे। उनके पास पिस्तौल और चाकू थे, जिनका इस्तेमाल कर उन्होंने बैंक कर्मचारियों और मौजूद ग्राहकों को धमकाया। डकैतों ने सभी को प्लास्टिक टैग से बांध दिया और बैंक के नकदी और सोने के लॉकर खोलने के लिए मजबूर किया। रिपोर्ट के मुताबिक, लूट के दौरान, डकैतों ने 425 सोने के पैकेटों में से 398 पैकेट चुरा लिए, जिनका कुल वजन लगभग 20 किलोग्राम बताया जा रहा है। इसके अलावा, लगभग 1.04 करोड़ रुपये की नकदी भी लूटी गई। पुलिस ने बताया कि डकैत एक सुजुकी ईवा वाहन में फर्जी नंबर प्लेट के साथ भागे, जो महाराष्ट्र के पंढरपुर की ओर जा रहा था। हालांकि, सोलापुर जिले के हुलजंती गांव में वाहन का दुर्घटना हो गई, जिसके बाद डकैत लूटे गए सामान के साथ फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबर्गी ने पुष्टि की कि इस घटना में बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। डकैतों की तलाश के लिए कर्नाटक और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जिले में दूसरी बड़ी डकैती यह घटना विजयपुरा जिले में कुछ महीनों के भीतर दूसरी बड़ी डकैती है। इससे पहले, 23 से 25 मई के बीच, मंगुली गांव में केनरा बैंक की शाखा से 53.26 करोड़ रुपये की लूट हुई थी, जिसमें लगभग 59 किलोग्राम सोना और 5.3 लाख रुपये की नकदी शामिल थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, पहली डकैती की साजिश बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक विजयकुमार मिरियाल ने महीनों तक रची थी। जून में मिरियाल और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस डकैती में शामिल अपराधियों ने हॉलीवुड और बॉलीवुड की डकैती से प्रेरित फिल्मों का अध्ययन किया था। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों और बिजली लाइनों को निष्क्रिय कर दिया, खिड़की की ग्रिल काटी, और मिरियाल द्वारा बनाई गई लॉकर की डुप्लिकेट चाबी का उपयोग किया। पकड़े जाने से बचने के लिए, अपराधियों ने मास्क और हेलमेट पहने, स्निफर कुत्तों को भटकाने के लिए मिर्च पाउडर छिड़का, और जांच को गुमराह करने के लिए काले जादू से संबंधित सामान छोड़ा। उन्होंने अपनी मूल योजना को एक आईपीएल मैच के कारण स्थगित कर दिया था और मिरियाल के ट्रांसफर के बाद डकैती को अंजाम दिया ताकि संदेह नए कर्मचारियों पर जाए। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने दोनों डकैतियों के बाद जांच तेज कर दी है। चदचन डकैती के मामले में, पुलिस संदिग्धों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों का विश्लेषण कर रही है। विजयपुरा जिले में बढ़ती डकैतियों ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है, और पुलिस पर अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने का दबाव है। पुलिस अधीक्षक निंबर्गी ने कहा, "हम सभी संभावित सुरागों पर काम कर रहे हैं और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।" इस बीच, बैंक प्रबंधन ने सुरक्षा उपायों को और सख्त करने का आश्वासन दिया है।

बैंक डकैती का मास्टरमाइंड पकड़ा गया! जबलपुर इसाफ बैंक लूट की गुत्थी सुलझी

जबलपुर  खितौला थानान्तर्गत हुई बैंक डकैती के मास्टरमाइंड को पुलिस ने साथी के साथ बिहार से गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड बैंक डकैती के आरोप में दो माह पूर्व ही रायगढ़ जेल से छूटा था। उसने देश के विभिन्न जिलों में एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड के पास से तीन किलो सोना बरामद किया है। बैंक डकैती में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गया का रहने वाला है आकाश दास जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक डकैती के मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश दास को गया, बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन किलो सोना बरामद किया। बाकी का सोना अन्य सदस्यों को बांटना बताया है। यह जगहों पर की है बैंक डकैती वह बैंक डकैती का शातिर मास्टरमाइंड है। उसने साल 2011 से 2025 तक सासाराम, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ सहित अन्य स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती को वारदात को अंजाम दिया है। वह विगत 18 जून को जमानत पर रायगढ़ जेल से रिहा हुआ था। इसके दो माह बाद ही अपने साथियों के साथ खितौला बैंक डकैती को अंजाम दिया। 3 राज्यों की पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा  मामले में जबलपुर पुलिस आरोपी रईस लोधी को पहले ही पकड़ चुकी है। इसी की निशानदेही पर राजेश दास की तलाश की जा रही थी। इसके लिए बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया था। बिहार पुलिस को दो दिन पहले पता चला कि आरोपी गया में है। उसकी निगरानी करते हुए जबलपुर पुलिस को सूचना दी गई। वहां पहुंचने के बाद जबलपुर, झारखंड और बिहार पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। जबलपुर पुलिस दोनों आरोपियों को गया से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे जबलपुर पहुंची। इन आरोपियों से अब बाकी के 11 किलो 800 ग्राम गोल्ड और 5 लाख रुपए कैश के बारे में पूछताछ की जा रही है। बिहार पुलिस की मदद से गिरफ्तार जबलपुर एसपी ने बताया कि गैंग के सहयोगी इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास को बिहार पुलिस की मदद से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की थी। उसी से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि उसके रुकने के लिए डोभी में व्यवस्था की गई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दबिश देकर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 11 अगस्त को हुई थी लूट गौरतलब है कि खितौला थानान्तर्गत स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में सोमवार 11 अगस्त की सुबह 8.50 बजे हेलमेट पहनकर पहुंचे तीन युवकों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। लॉकर में रखे लगभग 15 किलो सोना और 5 लाख रुपए लेकर फरार हो गए थे। घटना के समय फाइनेंस बैंक में सिर्फ चार कर्मचारी ही मौजूद थे। आरोपी युवकों ने 20 मिनट में वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने जांच के बाद बैंक डकैती में शामिल तीन स्थानीय और एक दमोह निवासी युवक को गिरफ्तार किया था। जेल में हुई थी प्लानिंग दरअसल, पाटन निवासी रईस मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में छत्तीसगढ रायगढ़ जेल में बंद था। इस दौरान उसकी दोस्ती डकैती के आरोप में जेल में बंद बिहार गैंग से हुई थी। जेल में ही रईस और बिहार गैंग के सदस्यों ने बैंक डकैती की योजना तैयार की थी। दोस्त के नाम पर बाइक फायनेंस करवाई रईस ने अपने साथी हेमराज के नाम पर नई मोटरसाइकिल फाइनेंस करवाई थी। जिनका उपयोग घटना में किया गया। बैंक डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बिहार गैंग के पांचों आरोपी इंद्राना स्थित मकान में पहुंचे थे। रईस और हेमराज ने उन्हें सुरक्षित दमोह तक पहुंचाया था। दमोह में रईस के साथी विकास चक्रवर्ती ने उनके खाने की व्यवस्था ढाबे में करवाई और कोलकाता एक्सप्रेस से झारखंड जाने के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था की। राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना  राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना है। उसकी गिरफ्तारी के बाद भी लूटा गया पूरा सोना बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ साथी बाकी सोना लेकर फरार हो गए हैं। वारदात के बाद से ही जबलपुर क्राइम ब्रांच और जिला बल की कई टीमें आरोपियों के पीछे लगी थीं। आईजी प्रमोद वर्मा ने गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। इंद्रजीत ने बताया राजेश दास का ठिकाना एमपी पुलिस को सफलता उस समय मिली जब बिहार और झारखंड की पुलिस ने दास गिरोह के सदस्य इंद्रजीत दास को गया जिले के गुरुवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इंद्रजीत ने बताया कि गिरोह का सरगना राजेश रवि दास है और वह गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र में छिपा है। एमपी पुलिस ने बिहार और झारखंड पुलिस के साथ मिलकर गया में घेराबंदी की और मुख्य सरगना राजेश दास को पकड़ा। पूछताछ में उसने जबलपुर में डकैती करना स्वीकार किया। आपस में बांटा सोना-पैसा, खेत में छिपाया  आरोपी ने बताया कि लूटे गए रुपए और गोल्ड आपस में बांट लिए थे। राजेश को 3 किलो सोना और 50 हजार कैश मिले थे। जबकि लूट का बाकी सामान अन्य सदस्यों ने बांट लिए। आरोपी ने एक खेत में जेवर छिपाए थे, जिसे जब्त कर लिया गया है। बिहार का हार्डकोर डकैत, 12 शहरों में केस आरोपी राजेश दास मूल रूप से गया का रहने वाला है। वह बिहार का हार्डकोर डकैत है। उस पर 2011 से 2025 के बीच सासाराम, गया, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) सहित 12 शहरों में बैंक डकैती और डकैती के मामले दर्ज हैं। वह डकैती के मामले में रायगढ़ जेल में बंद था और 18 जून को ही छूटा था। इसी जेल में चोरी के आरोप में बंद रहे जबलपुर के रईस लोधी से उसकी मुलाकात हुई थी और वहीं खितौला बैंक डकैती की योजना बनी थी। हथियारबंद बदमाशों ने की थी बैंक में वारदात  11 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हथियारबंद डकैत हेलमेट पहनकर बैंक में घुसे थे और कट्‌टा दिखाकर धमकाते हुए 15 मिनट में 14 किलो 800 ग्राम सोना, 5 लाख 70 हजार रुपए नकद लेकर भाग गए थे। मामले में पाटन उडना … Read more

हृदय विदारक वारदात: धार में लुटेरों ने लाठी-डंडों से हमला कर महिला से छीने गहने, काटे कान

धार   धार जिले के राऊ-खलघाट फोरलेन के गुजरी बायपास पर देर रात करीब 11 बजे अज्ञात पांच बदमाशों द्वारा कार से खरगोन से इंदौर जा रहे परिवार वल्लभ सुरेशचंद्र महाजन, सचिन सुरेशचंद्र महाजन, शारदा महाजन, रेखा सचिन महाजन और भांजी निशि महाजन के साथ लाठियों से मारपीट कर सभी के सोने के आभूषण लूट लिए गए। घटना के बाद कार सवार सभी लोग खरगोन जिले की काकड़दा पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद काकड़दा पुलिस एवं धामनोद पुलिस चारों ओर तलाश में जुट गई। वहीं परिजनों को इलाज के लिए धामनोद अस्पताल भेजा गया। गाली-गलौज और लूटपाट बताया जा रहा है कि गाड़ी का टायर अचानक पंचर हो गया था। कुछ दूरी चलने के बाद गाड़ी रोकनी पड़ी। इसी दौरान जब टायर बदला जा रहा था, तभी पांच अज्ञात लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठियों से हमला कर दिया। उन्होंने सभी के सोने के आभूषण छीन लिए। इस दौरान सचिन महाजन, वल्लभ महाजन और उनकी माता को चोटें आईं। सचिन की माता के कान से सोने का आभूषण खींचने में उनका कान कट गया। सभी घायलों को धामनोद के शासकीय अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकुल स्कूल के संचालक, भंडारी परिवार और अग्रवाल समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। रात करीब 1:30 बजे घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद धामनोद थाने पर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पूरे मामले में धामनोद पुलिस आसपास के क्षेत्र में जांच कर रही है।