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सत्य निकेतन में 4 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 3 लोगों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। साउथ कैंपस थाना क्षेत्र के सत्य निकेतन इलाके में दोपहर करीब 1:30 बजे एक पांच मंजिला इमारत (ब्वायज पीजी हॉस्टल) अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और बचाव अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ की टीमों ने लाइफ डिटेक्टर, प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स, काम्बी कटर और हाइड्रोलिक उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, मलबे की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति न दबा हो। राजधानी के दक्षिण-पश्चिम जिले स्थित सत्य निकेतन क्षेत्र में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे आधी सदी पुरानी एक पांच मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। लड़कों के इस पीजी हॉस्टल के जमींदोज होने से मलबे में कई छात्र और श्रमिक फंस गए। हादसे के तुरंत बाद राहत कार्य के लिए पहुंची राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम के आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित कर्मी इन लोगों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध हुए। लाइफ डिटेक्टर और स्निफर डॉग्स से तलाश मलबे के नीचे दबे लोगों की सटीक स्थिति का पता लगाने के लिए एनडीआरएफ ने लाइफ डिटेक्टर, प्रशिक्षित खोजी कुत्तों और हाइड्रोलिक तकनीकों का सहारा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों व अन्य छात्रों से मिली जानकारियों के आधार पर रेस्क्यू टीम ने लक्षित स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। मलबे में रास्ता बनाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों का प्रयोग राहत कार्य में NDRF के करीब 70 जवानों और दो टीमों ने मोर्चा संभाला, जबकि दो अतिरिक्त टीमों को रिजर्व में रखा गया। मलबे को काटने और सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए डायमंड चेन सॉ, काम्बी कटर, प्लाज्मा कटर और हाइड्रोलिक जैक का उपयोग किया गया। इसके अलावा, ढहे हुए ढांचे को स्थिर रखने और जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई-स्ट्रेंथ इन्फ्लेटेबल बैग्स लगाए गए। 15 से 30 मिनट में सुरक्षित निकाले गए लोग सटीक लोकेशन मिलने के बाद एनडीआरएफ कर्मियों ने अत्यंत सावधानी से कार्रवाई करते हुए एक बेहोश व्यक्ति को महज 15 मिनट में बाहर निकाला। वहीं, होश में मौजूद दो अन्य लोगों को 30 मिनट के भीतर सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। NDRF की 16वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर सुनील सिंह और डीआईजी ऑपरेशंस सतविंदर सिंह सूडान ने खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली। अधिकारियों के अनुसार, मलबे के पूरी तरह से साफ होने और अंतिम व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।  

आरक्षक परशुराम रावत की बहादुरी, नशे में टॉवर पर चढ़े युवक को सकुशल नीचे लाए

भोपाल  ​भिण्ड जिले के थाना गोहद चौराहा क्षेत्र में मध्यप्रदेश पुलिस का मानवीय, साहसिक एवं संवेदनशील चेहरा उस समय देखने को मिला, जब एक व्यक्ति शराब के नशे की हालत में भिण्ड रोड किनारे लगे एयरटेल टॉवर पर चढ़ गया। सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सूझबूझ, धैर्य और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्यवाही करते हुए व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतारकर एक बड़ी अनहोनी टाल दी। 23 मई को थाना गोहद चौराहा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गोहद चौराहा रामनरेश यादव पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे तथा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। एसडीओपी गोहद श्री महेन्द्र गौतम ने स्वयं मौके पर पहुंचकर पूरे रेस्क्यू अभियान की कमान संभाली। व्यवस्था एवं सुरक्षा बनाए रखने हेतु थाना प्रभारी गोहद सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम के माध्यम से एसडीआरएफ टीम एवं नगर पालिका गोहद की फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस द्वारा टॉवर पर चढ़े व्यक्ति से लगातार मोबाइल फोन एवं शासकीय वाहनों में लगे पी.ए. सिस्टम के माध्यम से संवाद स्थापित किया गया। साथ ही उसके पिता, पत्नी एवं बच्चों से भी बात कराकर उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाइश दी गई। हालांकि व्यक्ति शराब के नशे में होने के कारण किसी की बात सुनने की स्थिति में नहीं था। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कर्मचारी, एसडीआरएफ टीम एवं स्थानीय साहसी युवकों की मदद से योजनाबद्ध तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस दौरान एसडीआरएफ टीम द्वारा सुरक्षा जाल लगाया गया, वहीं आरक्षक 621 श्री परशुराम रावत ने साहस का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना टॉवर पर चढ़कर उक्त व्यक्ति को सुरक्षित अपने कंधे पर बैठाया और रस्सियों के सहारे नीचे उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की तत्परता एवं साहसिक कार्यवाही के चलते व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस द्वारा व्यक्ति का मेडिकल परीक्षण कराकर सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार कानून व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं एवं जनसुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए हर परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर है।  

पहलगाम घूमने गए पर्यटकों की कार हादसे का शिकार, दो लोगों ने गंवाई जान

श्रीनगर गुजरात से कश्मीर घूमने आए एक दंपति की शनिवार को पहलगाम में सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। इस हादसे में वाहन चालक और तीन अन्य पर्यटकों समेत चार लोग जख्मी हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल अनंतनाग में पहुंचाया गया है। यहां मिली जानकारी के अनुसार, पहलगाम से आड़ृ घाटी की तरफ गुजरात से आए पर्यटकों का एक दल टवैरा टैक्सी जिसका पंजीकरण नंबर जेके21ए–0379 था, में रवाना हुआ। टैक्सी को पहलगाम के साथ सटे रंगवार लारीपोरा का रहने वाला रईस अहमद बट चला रहा था। ड्राइवर ने स्टेयरिंग से खोया नियंत्रण पहलगाम से करीब चार किलोमीटर आगे एक मोढ़ पर चालक का नियंत्रण स्टेयरिंग से हट गया और टैक्सी बेकाबू होकर सड़क के नीचे गहरी खायी में जा गिरी। टैक्सी को नीचे गिरते देख, वहां सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन रुक गए। उनमें सवार लोग भी बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंच गए । सभी ने मिलकर बचाव कार्य करते हुए नीचे खायी में गिरे वाहन में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया। दो लोगों की मौत अस्पताल में डॉक्टरों ने बविन भावसर को मृत लाया घोषित कर दिया। उसकी पत्नी अवनी भावसर जो गंभीर रूप से घायल थी, कुछ ही देर बाद में उसने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। दो अन्य अन्य पर्यटक अशोक भाई और उसकी पत्नी नैना बेन व चालक रईस की हालत स्थिर, लेकिन स्थिति चिंताजनक बताई जाती है। पहलगाम पुलिस ने इस सिलसिले में एक मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरु कर दी है। कुछ लोगों के अनुसार, वाहन की गति तेज थी और इसी कारण पहाड़ी पर मोढ़ काटते हुए वाहन चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया था। अलबत्ता, पहलगाम पुलिस थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है,जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सही कारण की पुष्टि हाे सकेगी।  

बरगी डैम में बड़ा हादसा: क्रूज पलटा, 4 की मौत; 15 को बचाया गया, रेस्क्यू जारी

जबलपुर जबलपुर स्थित बरगी बांध में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक क्रूज डूब गया। जानकारी के अनुसार क्रूज में करीब 40 लोग सवार थे। अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन और बचाव दल अन्य लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि हादसा शाम को लगभग छह बजे घटना के आसपास हुआ है, जब क्रूज पर्यटकों को लेकर बांध में जा रहा था। तभी अचानक तेज हवा चली।