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वायरल वीडियो से फिर सुलगा ‘वोट चोरी’ विवाद, बिहार की राजनीति में हलचल, मांझी का बयान आया सामने

पटना बिहार में उस वीडियो को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी कथित तौर पर विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से पीछे चल रहे एक उम्मीदवार की "मदद" करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वीडियो मांझी के लोकसभा क्षेत्र गया में बनाया गया है। यह वीडियो हाल में हुए विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में करारी हार झेल चुके विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD)-कांग्रेस गठबंधन ने साझा किया है और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा “वोट चोरी का “सबूत” बताया है। हालांकि, मांझी ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वीडियो से छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। वीडियो में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख मांझी को टिकारी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए सुना जा सकता है। टिकारी सीट पर उनकी पार्टी के उम्मीदवार अनिल कुमार ने 2020 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन पिछले महीने हुए चुनाव में वह राजद से हार गए। वायरल वीडियो में क्या बोल रहे हैं मांझी? वीडियो में मांझी मगही बोली में यह कहते सुने जा सकते हैं, “वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार 2,700 वोट से पीछे था। उसने मुझे फोन किया, मैंने संबंधित अधिकारी को फोन किया। आखिरकार उसे विजेता घोषित किया गया।” हालांकि 'पंजाब केसरी' इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। वीडियो में मांझी कहते सुने गए, “इस बार उम्मीदवार 1,600 वोट से हार गया। लेकिन उसने मुझसे संपर्क करने के बजाय हार स्वीकार कर ली। गया के तत्कालीन जिलाधिकारी, जो अब त्रिपुरा में पदस्थापित हैं, ने मुझसे फोन पर पूछा कि इस बार क्या गड़बड़ी हुई। जब उम्मीदवार मुझसे संपर्क किए बिना घर लौट गया, तो मैं कुछ नहीं कर सकता था।” "यह वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती है- कांग्रेस राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने टिकारी सीट तो हासिल कर ली, लेकिन पांच साल पहले की 75 सीट की तुलना में इस बार महज 25 सीट पर सिमट गई। विपक्षी दल राजद ने आरोप लगाया कि मोदी ने निर्वाचन आयोग की मदद से हालिया चुनाव में “हमारे युवा और क्रांतिकारी नेता तेजस्वी यादव की राजनीतिक हत्या का असफल प्रयास” किया। बिहार कांग्रेस प्रवक्ता आसित नाथ तिवारी ने भी इसी तरह की भावना दोहराते हुए आरोप लगाया, “हाल में संसद के भीतर वोट चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री बेहद आक्रामक थे। अब उनके ही मंत्रिमंडल सहयोगी की कथित स्वीकारोक्ति से संकेत मिलता है कि यह वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती है।” 'मांझी एक ब्रांड बन चुका है, किसी से डरने वाला नहीं' इस बीच, मांझी ने ‘एक्स' हैंडल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मेरा एक वीडियो छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है, ऐसे लोग यह सोचते हैं कि वे एक मुसहर (महादलित समुदाय) के बेटे को बदनाम कर सकते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसे सभी लोगों को बताना चाहता हूं कि मांझी अब एक ब्रांड बन चुका है। वह किसी से डरने वाला नहीं है।” बिहार के मंत्री एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैंने बिना काट-छांट वाला वीडियो देखा है। मांझी 2020 में मतगणना के कई घंटों तक रुके रहने की बात कर रहे थे, जब उनके उम्मीदवार अंतिम से एक राउंड पहले मामूली अंतर से पीछे थे। मतगणना पूरी होने के बाद उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया था।”  

HAM प्रत्याशी पर हमले की निंदा करते हुए मांझी बोले—RJD फैला रही है अराजकता

गया बिहार के गया जिले के टिकारी विधानसभा में बुधवार को प्रचार के लिए पहुंचे हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रत्याशी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. अनिल कुमार पर असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया है, जिसमें उन्हें गंभीर रूप से चोट लगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने पार्टी के उम्मीदवार अनिल कुमार पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। जीतन राम मांझी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, "माननीय विधायक अनिल कुमार जी के ऊपर हुआ हमला विपक्ष के कायरता और हताशा का जीता जागता उदाहरण है। राजद के लोग बिहार को बंगाल बनाने की कोशिश कर रहें है…अनिल जी के उपर चले हर पत्थर का जवाब बिहार की जनता वोट के चोट से देगी।" इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर 'नचनिया' शब्द का इस्तेमाल करने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "राहुल गांधी बचकाना व्यवहार कर रहे हैं। उनमें कोई गंभीरता नहीं है…छठ पवित्रता और आध्यात्मिकता का त्योहार है…छठ पूजा करने वालों के लिए 'नचनिया' शब्द का इस्तेमाल कर वह अपने पूर्वजों का भी अपमान कर रहे हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जायेगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।

NDA की उम्मीदवार सूची का ऐलान टला, मांझी-कुशवाहा विवाद बना बाधा

पटना बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सीट बंटवारे को लेकर जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी ने सीट और कैंडिडेट लिस्ट की घोषणा टलवा दी है। शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना थी, लेकिन वह स्थगित हो गई। इस बात की जानकारी देने वाला जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का ट्वीट भी डिलीट हो गया है। एनडीए नेताओं ने रविवार की शाम सीट बंटवारे को आपसी सहमति से करने का दावा किया था। मांझी को छोड़कर बाकी सारे नेताओं ने एक ही तरह का ट्वीट भी किया था। बाद में मांझी ने कहा कि जो मिला वो संतुष्ट हैं, लेकिन कम सीट मिलने का खामियाजा एनडीए को भुगतना पडे़गा। बाद में कुशवाहा भी शेरो-शायरी करने लगे। धर्मेंद्र प्रधान संकट को सुलझा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कल ऐलान होगा और 15 से 18 अक्टूबर तक एनडीए के सारे कैंडिडेट नामांकन कर देंगे। एनडीए के सीट बंटवारे में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जेडीयू को 101-101 सीट मिली है। चिराग पासवान की लोजपा-आर को 29, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो और जीतनराम मांझी की हम को 6-6 सीट मिली है। इसको लेकर कुशवाहा और मांझी की पार्टी में भारी बवाल मचा है। मांझी 15 सीट मांग रहे थे जबकि कुशवाहा भी कम से कम 10 सीट की उम्मीद में थे। चिराग ने इन दोनों नेताओं से लगभग 5 गुना सीट झटका है जो उनकी परेशानी का कारण है। दोनों की पार्टी में भी टिकट के दावेदारों के इस्तीफे का दबाव है। नीतीश फिनिश, संजय झा ने मिशन पूरा कर लिया; एनडीए के सीट बंटवारे पर बोले पप्पू यादव एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी दल भी जेडीयू और नीतीश कुमार की स्थिति पर तंज कस रहे हैं। राजद प्रवक्ता मनोज झा और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि असल में इस सीट बंटवारा में बीजेपी प्लस 142 है और नीतीश की जेडीयू 101। राजद और कांग्रेस के नेताओं ने जेडीयू और बीजेपी के बराबर सीटें लड़ने को लेकर कहा है कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को कुर्सी से उतार दिया जाएगा।  

लोकसभा चुनाव 2025: BJP-JDU की सीटों की पहली फेज में कौन-कौन करेंगे तालमेल?

पटना  बात-मुलाकात से सीटों पर समझौता नहीं होता देख भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने सीट शेयरिंग की रणनीति बदल ली है। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के नेताओं चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को मनाने का काम भाजपा को दिया है। बीजेपी और जेडीयू की अब रणनीति है कि पहले चिराग, मांझी और कुशवाहा की सीट तय कर ली जाए और फिर बची सीटों को भाजपा और जदयू आपस में बांट ले। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों दल 100 से कम सीट लड़ना चाहते हैं। तीनों नेताओं ने कुल 75 सीटें मांगी हैं, जिन्हें समझाने-मनाने में धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावड़े, नित्यानंद राय, मंगल पांडेय और सम्राट चौधरी मिशन मोड में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार की पार्टी ने भाजपा से कहा है कि पहले वो सहयोगी दलों के मसले सुलझा ले, फिर वो दोनों सीट बांट लेंगे। दोनों के बीच इस बात पर सहमति है कि बची हुई सीटों में दोनों आधा-आधा रख लेंगे। जदयू की चाहत है कि वो भाजपा से कम से कम एक सीट ज्यादा लड़े। चिराग, मांझी और कुशवाहा के तेवर ने नीतीश और बीजेपी को नई रणनीति बनाने के लिए मजबूर किया है। अब दोनों प्रमुख दल सहयोगियों का मामला पहले निपटा लेंगे, तब वो अपनी-अपनी देखेंगे। 20 महीने में हर परिवार को एक सरकारी नौकरी देंगे, कानून बनेगा: तेजस्वी यादव का बड़ा चुनावी वादा चिराग पासवान की लोजपा-आर 40 सीट, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को 20 सीट और जीतन राम मांझी की हम 15 सीट मांग रही है। बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े और चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान की इन नेताओं से पहले राउंड की बातचीत में कोई नीचे उतरने को तैयार नहीं है। तीनों नेता अपनी-अपनी सीटों की डिमांड पर अड़े हुए हैं जो नंबर 75 हो जाता है। सबकी बात मान ली जाए तो 168 सीटें बचती हैं, जिसमें जेडीयू या बीजेपी का गुजारा नहीं होगा। दोनों दलों ने 101-103 सीटें लड़ने का टारगेट बना रखा है। कोशिश है कि 38-40 सीट में तीनों सहयोगी दलों को मना लिया जाए।