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स्कूलों में बदला मिड डे मील मेनू, अब शनिवार को परोसी जाएगी पौष्टिक माह की दाल

लुधियाना. पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से पी.एम. पोषण स्कीम के तहत स्कूलों में दिए जाने वाले दोपहर के भोजन (मिड-डे-मील) के लिए साप्ताहिक मेन्यू जारी आकर दिया है। यह नया मेन्यू 1 से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा। सोसाइटी के जनरल मैनेजर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, स्कूल के विद्यार्थियों को कतार में बिठाकर मिड-डे-मील इंचार्ज की निगरानी में मेन्यू के अनुसार खाना खिलाना यकीनी बनाया जाए। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी स्कूल में मेन्यू का पालन नहीं किया जाता या नियमों की अनदेखी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल मुखी की होगी। इसके अलावा 'तिथि भोजन' के तहत गांव के सरपंच या दानी सज्जनों के सहयोग से विशेष अवसरों, त्यौहारों या जन्मदिन पर विद्यार्थियों को फल, मिठाई या विशेष भोजन देने के प्रयास करने के लिए भी कहा गया है। साप्ताहिक मेन्यू सोमवार : दाल और रोटी। मंगलवार : राजमाह-चावल और खीर। बुधवार : काले या सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी या रोटी। गुरुवार : कढ़ी (आलू और प्याज के पकौड़ों के साथ) और चावल। शुक्रवार : मौसमी सब्जी, रोटी और मौसमी फल। शनिवार : साबुत माह की दाल और चावल। पी.टी.एम. के दौरान विद्यार्थियों को मिलेंगे आयुर्वेद के टिप्स पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से सरकारी स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार अब स्कूलों में पेरैंट्स-टीचर मीटिंग वाले दिन विद्यार्थियों और अध्यापकों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष लेक्चर आयोजित किए जाएंगे। पंजाब स्टेट फूड कमीशन के सुझाव पर आधारित इन निर्देशों में कहा गया है कि आयुर्वैदिक मैडीकल ऑफिसर अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर बच्चों को आयुर्वेद के अनुसार खान-पान और रहन-सहन की जानकारी देंगे। स्कूल मुखियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आयुष डॉक्टरों या आयुर्वेद के माहिर व्यक्तियों के माध्यम से ऐसे लेक्चर करवाने के प्रयास करें।

महंगी गैस का असर: स्कूलों में LPG की जगह चूल्हों पर पक रहा Mid Day Meal

अमृतसर. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब पंजाब के सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया है। LPG गैस की कमी के चलते राज्य के कई स्कूलों में मिड-डे मील अब पारंपरिक चूल्हों पर तैयार किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में बच्चों के भोजन में बाधा नहीं आनी चाहिए। अमृतसर के सरकारी हाई स्कूल इब्बण कलां में पिछले चार दिनों से गैस की बजाय लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है। स्कूल की प्रिंसिपल सिम्मी बेरी के अनुसार, रोजाना करीब 10 से 15 किलो लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को समय पर मिड-डे मील दिया जा रहा है। दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण LPG गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत के कई हिस्सों के साथ-साथ पंजाब में भी देखने को मिल रहा है। स्थिति को भांपते हुए शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों को वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश जारी कर दिए थे। नए निर्देशों के अनुसार, यदि किसी स्कूल में गैस उपलब्ध नहीं है तो लकड़ी, इलेक्ट्रिक या अन्य माध्यमों से मिड-डे मील तैयार किया जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों के भोजन के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मिड-डे मील वर्कर हरजिंदर कौर ने बताया कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार और प्रशासन की ओर से किए जा रहे ये प्रयास दिखाते हैं कि संकट के समय में भी बच्चों की भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

बिहार के सरकारी स्कूलों में नहीं बंद होगा मिड-डे मील

पटना. राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1 करोड़ 30 लाख बच्चों को मध्याह्न भोजन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करते रहने का आदेश सभी जिलों को दिया गया है। इस संबंध में मध्याह्न भोजन निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी हालत में बच्चों को दोपहर का भोजन बंद नहीं होना चाहिए। प्रारंभिक विद्यालयों में एलपीजी से ही बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनेगा। एलपीजी की आपूर्ति के संबंध में भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन आयल कॉरपोरेशन लिमिटेड से यह बात भी हुई है। इंडियन आयल ने प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों को एलपीजी की सतत आपूर्ति बनाए रखने का आश्वस्त किया है। विनायक मिश्र के मुताबिक एलपीजी की आपूर्ति करने वाली सभी आयल कंपनियों ने कहा है कि राज्य में एलपीजी स्टाक की कोई कमी नहीं है। इसलिए सभी 38 जिलों को पूर्व की भांति विद्यालयों को मध्याह्न भोजन बनाने हेतु गैस सिलिंडर की आपूर्ति होती रहेगी। मध्याह्न भोजन निदेशक ने यह भी बताया कि आकस्मिक कारण से किसी विद्यालय में एलपीजी खत्म भी हो जाती है तो पूर्व के वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में संबंधित विद्यालय में लकड़ी से मध्याह्न भोजन बनेगा और उसे बच्चों को खिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यालय के स्तर से किसी भी जिले को विद्यालयों में लकड़ी से खाना पकाने का निर्देश नहीं दिया गया है। यह विकल्प तो पहले से विशेष परिस्थति में किसी-किसी विद्यालय में यदाकदा अपनाया जाता है।

मेन्यू वाला मिड-डे मील ही इंचार्ज की निगरानी में परोसें: निर्देश

लुधियाना. पंजाब स्टेट मिड डे मील सोसायटी ने पीएम पोषण स्कीम के तहत स्कूलों में परोसे जा रहे मिड-डे मील के साप्ताहिक मेन्यू को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।  जारी निर्देशों के अनुसार यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों को लाइन में बिठाकर मिड-डे मील इंचार्ज की निगरानी में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन परोसा जाए। सोसाइटी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्कूल में तय मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार नहीं किया जाता या निर्देशों का उल्लंघन होता है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रमुख (हेड) की होगी।  यह व्यवस्था 01 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। जनरल मैनेजर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। 

स्कूल में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, मिड डे मील में खराब राजमा परोसने का VIDEO सामने आया

टोहाना टोहाना के बिदाईखेड़ा गांव में स्थित एक राजकीय स्कूल में बच्चों के लिए बनाए जा रहे मिड डे मील में खराब राजमा का मामला सामने आया है। राजमा का रंग उतरने के बाद मिड डे मील इंचार्ज अध्यापिका पूनम ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर कार्रवाई की मांग की है। अध्यापिका पूनम ने बताया कि राजमा की सब्जी बनाने के लिए उन्हें भिगोया गया था, लेकिन उनका रंग पूरी तरह से उतर गया, जिससे वे खराब हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि खराब मिड डे मील की शिकायतें लगातार प्रशासन और अधिकारियों को की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हरियाणा सरकार द्वारा राजकीय स्कूलों में भेजे जा रहे मिड डे मील राशन की गुणवत्ता पिछले करीब एक महीने से लगातार विवादों में रही है। यह ताजा मामला भाजपा नेता और पूर्व पंचायत एवं विकास मंत्री देवेंद्र बबली के पैतृक गांव बिदाईखेड़ा का है। विद्यालय अध्यापक संघ की राज्य सचिव पूनम कुमारी के अनुसार, 30 जनवरी को खराब मिड डे मील को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश शेवडा को शिकायत दी गई थी। स्कूल प्रिंसिपल शमशेर सिंह ने बताया कि वे छुट्टी पर हैं, लेकिन उन्हें मिड डे मील इंचार्ज द्वारा खराब राजमा की जानकारी मिली है, जिसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी।

14 लाख बच्चों का भरोसा कायम! 7 साल में मिड डे मील की गुणवत्ता पर बेहद कम शिकायतें

चंडीगढ़ हरियाणा में मिड डे मील योजना के तहत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछले सात वर्षों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर केवल 14 शिकायतें ही प्राप्त हुई हैं। वर्तमान में 14 लाख से अधिक विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। यह जानकारी कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सदन में दी। विधायक ने वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2025-26 तक विद्यार्थियों की संख्या, स्वीकृत राशि, भुगतान और जिला-वार शिकायतों का पूरा विवरण मांगा था। शिक्षामंत्री ने जिलेवार आंकड़े प्रस्तुत किए। कुल मिलाकर सात वर्षों में कुरुक्षेत्र से सर्वाधिक 6 शिकायतें प्राप्त हुईं। गुरुग्राम और हिसार से 2-2 शिकायतें, जबकि फरीदाबाद, जींद और करनाल से 1-1 शिकायत दर्ज की गई। वहीं, कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2021-22 में लगभग 72 करोड़ भोजन पकाने की लागत के रूप में सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजे गए। इसके अलावा 141 – करोड़ दूध पाउडर के लिए वीटा को भुगतान किए। वर्ष 2025-26 में हांसी को नया जिला बनाया। संबंधित राशि फिलहाल हिसार के माध्यम से जारी की है।

मिड-डे मील के बाद हड़कंप: 70 से अधिक बच्चे बीमार, एक की हालत गंभीर

मधेपुरा बिहार के मधेपुरा जिले से मिड-डे मील को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। सदर प्रखंड के साहूगढ़ क्षेत्र के कारू टोला स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को स्कूल का भोजन खाने के कुछ ही देर बाद 70 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। खाना खाने के बाद बच्चों में उल्टी, पेट में तेज दर्द, चक्कर, घबराहट और बेचैनी जैसे लक्षण दिखने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। अस्पताल में भर्ती, एक बच्ची की हालत गंभीर बीमार बच्चों को एम्बुलेंस और निजी गाड़ियों से मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर बच्चों की स्थिति अब सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज लगातार चल रहा है। भोजन में गड़बड़ी की आशंका घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मिड-डे मील की खिचड़ी में मरी हुई छिपकली गिरने की आशंका है, जिसकी वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी। कुछ लोगों ने भोजन सप्लाई से जुड़े एनजीओ और रसोई प्रबंधन की लापरवाही को इस हादसे का कारण बताया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। खाने के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण साफ हो पाएगा। अभिभावकों का हंगामा, जांच और कार्रवाई की मांग घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई और मिड-डे मील की गुणवत्ता,साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। लापरवाही साबित हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) खुद सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित एनजीओ, रसोइया या जिम्मेदार कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए मिड-डे मील की मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

शिक्षा निदेशालय ने मिड-डे मील व्यवस्था बदली, पंचकूला से होगी आपूर्ति

हिसार   शिक्षा निदेशालय ने मिड डे मील के तहत बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश के स्कूलों में पहली से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील के तहत मिलने वाली खाद्य सामग्री पंचकूला से आएगी यानी शिक्षा निदेशालय का पंचकूला स्थित हरियाणा एग्री इंडस्ट्रीज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच 6 अगस्त 2026 तक अनुबंध हो चुका है। बता दें पहले मिड डे मील के तहत खाद्य सामग्री हरित स्टोर से भेजी जाती थी। लेकिन गुणवत्ता को लेकर कई तरह की शिकायतें निदेशालय पहुंची तो उन्होंने पत्र जारी कर इस बार खाद्य सामग्री के लिए पंचकूला स्थित हरियाणा एग्री इंडस्ट्रीज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड को भेजने के आदेश दिए हैं। अब विद्यार्थियों को मिड डे मील के तहत खाद्य सामग्री के 25 आइटम उपरोक्त लिमिटेड की तरफ से भेजे जाएंगे।

अब रोज़ मिलेगा कुछ नया! पंजाब के स्कूलों में मिड डे मील का मेन्यू बदला, बच्चे हुए खुश

लुधियाना पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के साप्ताहिक मेन्यू में बड़ा बदलाव किया है। नया मेन्यू 1 नवंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। सरकार का कहना है कि यह बदलाव बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने और भोजन को अधिक स्वास्थ्यवर्धक बनाने के उद्देश्य से किया गया है। शिक्षा विभाग के नए निर्देश शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार सभी स्कूलों में भोजन बच्चों को लाइन में बैठाकर परोसा जाएगा। इसकी पूरी ज़िम्मेदारी मिड-डे मील इंचार्ज की होगी। सभी स्कूलों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही खाना तैयार करना होगा। सरकार ने साफ कहा है कि यदि किसी स्कूल में इन निर्देशों की अनदेखी या लापरवाही पाई जाती है तो उसकी ज़िम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन की होगी। नया मिड-डे मील मेन्यू (1 से 30 नवंबर तक) दिन                   मेन्यू सोमवार            दाल और रोटी मंगलवार           राजमा-चावल और मौसमी फल   बुधवार             काले-सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी/रोटी गुरुवार           कढ़ी (आलू और प्याज़ के पकौड़े के साथ) और चावल शुक्रवार          मौसमी सब्ज़ी के साथ रोटी शनिवार          साबुत मांह की दाल के साथ चावल और खीर सरकार का कहना है कि इस नए मेन्यू से बच्चों को संतुलित आहार, प्रोटीन, और विटामिन्स की पर्याप्त मात्रा मिलेगी। साथ ही, स्कूलों में भोजन वितरण की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी।  

मिड-डे-मील में देसी स्वाद का तड़का! हरियाणा के बच्चों की थाली में आएंगी खीर और पिन्नी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार अब स्कूलों के मिड-डे-मील में बच्चों के स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखने जा रही है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अब हफ्ते में एक दिन इंस्टेंट खीर और एक दिन पौष्टिक पिन्नी परोसी जाएगी। यह कदम बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने और मिड-डे-मील को और आकर्षक बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य के शिक्षा विभाग ने इस पहल के लिए हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड, पंचकूला के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इसके तहत हरियाणा एग्रो पहली नवंबर से 31 मार्च, 2026 तक स्कूलों में इंस्टेंट खीर उपलब्ध करवाएगा। वहीं, पिन्नी की आपूर्ति की जिम्मेदारी पहले चरण में नूंह और भिवानी जिलों में वीटा द्वारा निभाई जा रही है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि अब स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत हफ्ते में एक दिन इंस्टेंट खीर और एक दिन पिन्नी परोसी जाए। यह नई व्यवस्था बालवाटिका-।।। से लेकर कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी। यह सिर्फ स्वाद बढ़ाने की कोशिश नहीं, बल्कि बच्चों के शरीर में आवश्यक ऊर्जा और पोषक तत्वों की पूर्ति करने का प्रयास भी है। खीर में मौजूद दूध और चावल से ऊर्जा मिलेगी, जबकि पिन्नी बच्चों को देगी प्रोटीन और आयरन का बूस्ट। राज्य सरकार का यह कदम बच्चों में कुपोषण को खत्म करने और उन्हें संतुलित आहार देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। मिड-डे-मील में स्वाद और पौष्टिकता के नए विकल्प जोड़ने से बच्चों की उपस्थिति और रुचि दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। हरियाणा एग्रो और शिक्षा विभाग का यह संयुक्त प्रयास आने वाले महीनों में राज्य के लाखों विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान और उनके शरीर में नई ऊर्जा भरने जा रहा है। दूध के साथ अब ‘आयरन डोज’ भी शिक्षा विभाग ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि जिस दिन विद्यार्थियों को दूध वितरित किया जाएगा, उसी दिन उन्हें आयरन फॉलिक एसिड टैबलेट्स भी दी जाएंगी। इससे बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) को रोकने में मदद मिलेगी और उनकी एकाग्रता व स्मरण शक्ति में सुधार आएगा। राज्य सरकार का मानना है कि स्वस्थ बच्चा ही अच्छा विद्यार्थी बन सकता है, इसलिए यह पहल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास दोनों को ध्यान में रखकर की गई है। नूंह और भिवानी से शुरू हुई ‘पिन्नी योजना’ केंद्र सरकार के पोषण सुधार दिशानिर्देशों के तहत हरियाणा ने पहले चरण में नूंह और भिवानी जिलों में पिन्नी वितरण शुरू किया है। वीटा की ओर से फिलहाल 90 दिनों के लिए पिन्नी की आपूर्ति की जा रही है। स्कूलों को अपने विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पिन्नी की डिमांड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह डिमांड जिला मौलिक शिक्षा कार्यालयों के माध्यम से निदेशालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर हरियाणा एग्रो पिन्नी की अगली खेप मुहैया कराएगा।