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राजनीति और विचारों पर हुई चर्चा, वसुंधरा राजे ने मोहन भागवत से की बैठक

जोधपुर  पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने जोधपुर में RSS सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की है. जोधपुर में दोनों के बीच यह मुलाकात करीब 25 मिनट तक चली. हालांकि दोनों के बीच की बातचीत का ब्यौरा अभी तक बाहर नहीं आ पाया है लेकिन इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. बीजेपी सूत्रों की मानें तो सूबे में फिलहाल भाजपा संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि दोनों के बीच इस पर चर्चा हुई है. राजे और भागवत की इस मुलाकात के राजनीति के जानकार कई मायने निकाल रहे हैं. जोधपुर फिलहाल आरएसएस के चिंतन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक में शामिल होने के लिए जोधपुर आए हैं. यह बैठक 5 से 7 सितंबर तक आयोजित होगी. बैठक की तैयारियों को लेकर बड़े स्तर पर स्वयंसेवक जुटे हुए हैं. भागवत का यहां 10 सितंबर तक रहने का कार्यक्रम बताया जा रहा है. भागवत दो दिन पहले सोमवार को जोधपुर आए थे. संघ के बड़े पदाधिकारियों का जोधपुर में लगा है जमावड़ा सोमवार को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के जोधपुर आने के बाद मंगलवार को संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, सी. आर. मुकुंदा, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार, अतुल लिमये और कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैध सहित अन्य अखिल भारतीय अधिकारी जोधपुर बैठक स्थल पर पहुंचे. वनवास आता है तो जाता भी है राजे ने बीते दिनों अपने दिल्ली दौरे के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी. राजे हाल ही में धौलपुर भी गईं थी. वहां उन्होंने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा था कि वनवास सभी के जीवन में कभी न कभी आता है. लेकिन यह भी सच है कि वनवास आता है तो जाता भी है. राजे इससे पहले भी कई कार्यक्रमों में इस तरह के बयान दे चुकी हैं जो राजनीतिक गलियारों में खासा चर्चा में रहे हैं. अब राजे की संघ प्रमुख से मुलाकात ने कई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

मोहन भागवत का आज बिलासपुर दौरा, काशीनाथ स्मारिका का होगा विमोचन

बिलासपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज बिलासपुर में रहेंगे। वे यहां पर आरएसएस के पूर्व विभाग संघ चालक और वरिष्ठ समाजसेवी रहे स्व. काशीनाथ गोरे की स्मृतियों को संजोने वाली स्मारिका का विमोचन शाम 6:30 बजे सिम्स सभागार करेंगे। अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। वहीं विशेष अतिथि के तौर पर संघ के मध्यक्षेत्र क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना करेंगे आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा और सचिव बृजेन्द्र शुक्ला ने चर्चा में बताया कि यह स्मारिका स्व. गोरे के सामाजिक कार्यों, राष्ट्रसेवा और पारिवारिक संस्मरणों को समर्पित है। समाजसेवा और संगठनात्मक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले काशीनाथ गोरे की स्मृतियों को यह स्मारिका जीवंत करेगी। इसमें उनके जीवन के वे प्रसंग भी शामिल किए गए हैं, जो नई पीढ़ी को प्रेरणा देंगे। सरसंघचालक डॉ. भागवत कार्यक्रम के बाद स्व. गोरे के घर भोजन करने जाएंगे। रात्रि विश्राम शहर के संघ कार्यालय में होगा। इससे पहले सुबह 11 बजे से 12 बजे तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख दीपक विस्पुते सिम्स ऑडिटोरियम में महाविद्यालयीन छात्रों को संबोधित करेंगे।

आबादी असंतुलन पर मोहन भागवत का बयान- हर परिवार में हों 3 संतान

 नई दिल्ली  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि सभी परिवारों को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में परिवार व्यवस्था बनी रहे और देश की सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे, इसके लिए जरूरी है कि तीन बच्चे सभी परिवारों में रहें। मोहन भागवत ने कहा कि हमने विभाजन का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि हम अखंड भारत के समर्थक हैं और हमारा इस पर यकीन है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हम सभी की एक पहचान है। सभी लोग हिंदू हैं और उनकी एक ही पहचान है। आरएसएस चीफ ने कहा कि एकता की बात वहां की जाए, जहां कोई अंतर हो। आरएसएस के 100 साल पूरा होने के मौके पर संघ की ओर से देश भर में कार्यक्रमों का आयोजन होना है। इसकी शुरुआत दिल्ली में तीन दिवसीय सम्मेलन हो रहा है, जिसमें समाज के विविध वर्गों से आने वाले लोगों से संघ प्रमुख मोहन भागवत बात कर रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को आयोजन के तीसरे दिन कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए। इसके अलावा हमें अपनी भूमिका अवैध घुसपैठ को रोकने में भी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार अवैध घुसपैठ रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। 'किसी वर्ग के खिलाफ अन्याय हुआ है तो उसे दूर करना चाहिए' उन्होंने कहा कि धर्मांतरण और अवैध घुसपैठ के कारण ही देश में जनसंख्या का असंतुलन हुआ है। उन्होंने कहा कि धर्म व्यक्तिगत पसंद का विषय है, इसमें किसी प्रकार का प्रलोभन या बल प्रयोग नहीं होना चाहिए। मोहन भागवत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि हिंदू समाज में एकता की जरूरत है। इसके लिए हमें मंदिर, श्मशान और कुंओं को एक रखना होगा। इस दौरान मोहन भागवत से एक सवाल आरक्षण को लेकर भी हुआ। इस पर उन्होंने कहा कि एक वर्ग के खिलाफ अन्याय हुआ है और उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो उन्हें सहारा मिलना चाहिए। आरक्षण कब तक रहना चाहिए? मोहन भागवत ने खुलकर दिया जवाब मोहन भागवत ने यह भी कहा कि समाज में एकता के लिए यह जरूरी है कि कोई गड्ढे में गिरा है तो उसे हाथ देकर ऊपर खिंचा जाए। इसी से समाज में एकता होगी। उन्होंने कहा कि हमें सद्भाव के साथ इस पर काम करना होगा। मोहन भागवत ने कहा कि जब तक आरक्षण के लाभार्थियों को लगता नहीं है कि अब हम अपने बलबूते खड़े रहेंगे, तब तक हम इसके समर्थन में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत जितना आरक्षण दिया जा रहा है। हम उसके साथ हैं। आरएसएस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि हम समाज में जातिगत भेदभाव मिटाना चाहते हैं और इसके लिए हर तरह की खाई समाप्त करनी होगी।  

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, शिक्षा और स्वास्थ्य आम आदमी की पहुंच से दूर

इंदौर  स्वास्थ्य और शिक्षा समाज की आवश्यकता है। ज्ञान के लिए शिक्षा और ज्ञान पाने के लिए स्वस्थ शरीर जरूरी है। दुर्भाग्य है कि अच्छा स्वास्थ्य और शिक्षा सामान्य आदमी की पहुंच से बाहर हैं। यह काम पहले सेवा के नाते किए जाते थे, लेकिन अब स्वास्थ्य और शिक्षा भी व्यावसायिक हो गई है। पहले शिक्षा देना कर्तव्य माना जाता था। अभी भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अच्छी चिकित्सा के लिए शहरों की ओर जाना पड़ता है। कैंसर के उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। वर्तमान में समाज को सहज, सुलभ और कम खर्च वाली चिकित्सा की जरूरत है। ये बातें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने इंदौर में गुरुजी सेवा न्यास के तहत माधव सृष्टि आरोग्य केंद्र के द्वितीय चरण में तैयार हुए कैंसर केयर व रिसर्च सेंटर के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि इंदौर में कम दाम में गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने का यह प्रयास प्रशंसनीय कार्य है। कार्यक्रम के दौरान प्रांत संघचालक प्रकाश दीक्षित और सिंबायोटिक कंपनी के डायरेक्टर अनिल सतवानी भी उपस्थित थे। हमारी संस्कृति कहती है सशक्त लोग सभी को जीवन देंगे डॉ. भागवत ने कहा कि पश्चिमी देशों के लोग कहते हैं कि सशक्त लोग ही जीएंगे। हमारी संस्कृति कहती है कि सशक्त लोग सभी को जीवन दिलवाएंगे। समाज सुखी होगा तो व्यक्ति सुखी होगा। उन्होंने कहा कि बचपन में मलेरिया होने पर मैं तीन दिन स्कूल नहीं गया। उस समय मेरे स्कूल शिक्षक घर आए। वे मेरे लिए जंगल में जाकर जड़ी-बूटी ले आए। उन्हें चिंता थी कि जो छात्र मेरे पास आया है, वो स्वस्थ भी रहना चाहिए। समाज को सहज सुलभ चिकित्सा चाहिए। कार्पोरेट युग में अब शिक्षा हब बन चुके हैं। संवेदना, सहवेदना से ही मिलता है समाधान भागवत बोले कि संवाद से मनुष्य को अपनी वेदना में सहयोग मिलता है। कैंसर मरीजों से यदि संवाद किया जाए तो उसे हिम्मत मिलती है। एक किस्सा सुनाते हुए वे बोले कि एक सज्जन से बीमार व्यक्ति से मिला। उन्होंने उसे सिर्फ यह हिम्मत दी कि तुम्हारे उपचार के लिए 10 लाख मैं दे दूंगा। इतनी राशि उनके पास नहीं थी, लेकिन उनकी दी गई हिम्मत से ही युवक स्वस्थ हुआ और परेशानियों को दूर कर सका। मरीज की जरूरत के अनुसार संबंधित पैथी से हो उपचार डॉ. भागवत ने कहा कि पश्चिम का दृष्टिकोण यह है कि एक ही बात दुनिया पर लागू करना। विदेश में चिकित्सा पर हुई रिसर्च सब जगह लागू नहीं हो सकती, क्योंकि विश्व में विविधता है। किसी को नैचुरोपैथी से फायदा होता है तो किसी को होम्योपैथी से। कोई एक पैथी सर्वश्रेष्ठ नहीं हो सकती। भारतीय चिकित्सा पद्धति मरीजों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार इलाज करती है। कुछ बीमारियों में होम्योपैथी, आयुर्वेद और नैचुरोपैथी से भी इलाज संभव है। मनुष्य की विविधता का ध्यान रख उनके इलाज अनुरूप पैथी में होना चाहिए। भागवत की पाठशाला के मंत्र     ‘विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रतां | पात्रत्वाद्धनमाप्नोति, धनाद्धर्मं ततः।’ विद्या के साथ स्वास्थ्य लाभ लेने में भी विनय होना चाहिए।     इंदौर में लोगों को बेहतर उपचार के लिए प्रकल्प बेहतर काम कर रहा है। कभी यह मन में न आए कि हम तीस मार खां हैं। नेकी करो, कुएं में डालो। गर्व का भाव रहे, लेकिन अहंकार नहीं आए।     मराठी में कहावत है कि देने वाला देता जाए, लेने वाला लेता जाए, लेने वाला भी आगे जाकर देने वाला भी बन जाए।  

इंदौर को मिलेगी बड़ी स्वास्थ्य सुविधा, मोहन भागवत करेंगे 96 करोड़ के हॉस्पिटल का उद्घाटन

इंदौर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 10 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व के अगले दिन इंदौर प्रवास पर रहेंगे। वे यहां 96 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कैंसर केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे। साथ ही शहर में विभिन्न समाजों से जुड़े लोगों के साथ अलग-अलग सत्रों में चर्चा भी करेंगे। यह मोहन भागवत का पिछले सात महीनों में तीसरा इंदौर दौरा होगा। इससे पहले वे 3 जनवरी और 13 जनवरी 2025 को भी इंदौर आ चुके हैं। पूरे दिन रहेंगे इंदौर, समाजजनों से करेंगे संवाद संघ सूत्रों के मुताबिक, डॉ. भागवत इंदौर में दिनभर रहेंगे। वे विजय नगर स्थित एक सभागृह में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम अलग-अलग सत्रों में होगा, हालांकि इसका आधिकारिक शेड्यूल अब तक जारी नहीं किया गया है। डॉ. भागवत का आगमन श्री गुरुजी सेवा न्यास द्वारा निर्मित माधव सृष्टि आरोग्य केंद्र एवं कैंसर केयर सेंटर के उद्घाटन हेतु हो रहा है। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। – पहले चरण में 26 करोड़ की लागत से दो बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन मंजिलें तैयार की गई हैं। – दूसरे चरण में हाईटेक मेडिकल मशीनरी और अन्य फ्लोर का निर्माण किया जाएगा। जनभागीदारी से बन रहा है अत्याधुनिक सेंटर 96 करोड़ के इस कैंसर केयर प्रोजेक्ट का निर्माण जनभागीदारी के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें कई कंपनियों ने CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के तहत सहयोग किया है, जबकि अन्य दानदाता भी आगे आए हैं। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत एक रियायती दर वाली ओपीडी से हुई थी, जहां कई वरिष्ठ चिकित्सक नि:शुल्क सेवा दे रहे हैं। प्रबंधन समिति में मुकेश हजेला अध्यक्ष और दिनेश अग्रवाल उपाध्यक्ष हैं। 2021 में हुई थी OPD की शुरुआत इस कैंसर सेंटर की OPD सेवाएं मार्च 2021 में शुरू हुई थीं। इसका उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और RSS के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी ने किया था।