samacharsecretary.com

भवि‍ष्‍य में उज्जैन में भी राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के हॉकी खिलाड़ी होंगे तैयार: मुख्यवमंत्री डॉ. यादव

उज्‍जैन खेलों का हब बनने की ओर है अग्रसर : मुख्यवमंत्री डॉ. यादव स्‍व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा में बनेगा अन्तर्राष्ट्रीय स्‍तर का हॉकी सिन्‍थेटिक टर्फ भवि‍ष्‍य में उज्जैन में भी राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के हॉकी खिलाड़ी होंगे तैयार प्रयास करेंगे कि 2030 में होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के मैच हो उज्जैन में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने नानाखेडा स्‍टेडियम में 48.71 करोड़ रुपए की लागत के सिन्थेटिक हॉकी टर्फ एवं अन्‍य निर्माण कार्यों का किया भूमि-पूजन उज्जैन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान  महाकालेश्‍वर और  गोपाल कृष्‍ण की हम सभी पर विशेष कृपा है। उनके आशीर्वाद से आज उज्‍जैन और पूरे प्रदेश के खिलाडियों को सौगात मिलने जा रही है। स्‍पोर्टस कॉम्‍प्‍लेक्‍स में निरंतर उज्‍जैन में विकास के कार्य हो रहे है। खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम है। खेल अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को उज्जैन में स्‍व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा स्‍टेडियम परिसर में 48.71 करोड रुपए की लागत से बनने वाले अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के सिन्‍थेटिक हॉकी टर्फ और पवेलियन दर्शक दीर्घा के निर्माण कार्य के भूमि- पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कही। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है एवं विभिन्न जिलों में नए स्टेडियम, खेल परिसर एवं प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उक्त निर्माण कार्य से उज्जैन धीरे-धीरे खेलों का हब बनने की ओर अग्रसर है एवं भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे। स्‍व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा स्‍टेडियम को देखकर विदेशों में स्थित सर्वसुविधायुक्‍त स्‍टेडियम का स्‍मरण होता है। क्षीर सागर स्‍टेडियम में देश के अन्‍य शहरों के हॉकी खिलाडी आकर प्रदर्शन करते थे। अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के अनुसार यहां हॉकी सिन्‍थेटिक टर्फ की आवश्‍यकता थी जो निकट भवि‍ष्‍य में शीघ्र ही पूर्ण होने जा रही है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में इस स्‍टेडियम में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के मैच का आयोजन करवाया जाए। हम सभी ने यह संकल्‍प लिया था कि प्रतिभाशाली खिलाडियों को उनके हुनर के प्रदर्शन के लिए सर्वसुविधायुक्‍त स्‍टेडियम बनाकर दिया जाए। हॉकी पेवेलियन, एथलेटिक्स पेवेलियन, हॉकी फील्ड के निर्माण साथ-साथ नानाखेडा स्‍टेडियम परिसर में सड़क निर्माण, पार्किंग, कंपाउंड वॉल इत्यादि कार्य भी सम्मिलित होंगे। उज्जैन को खेल मैदानों की सौगाते मिल रही है। इसमें सबसे पहले खेल मैदान हेतु 8.71 हेक्टयर (21.77 एकड़) भूमि खेल विभाग एवं खिलाड़ियों की दिलवाई गई। उसके बाद एथलेटिक सिंथेटिक्स ट्रैक जो 7.22 करोड़, लॉब टेनिस सिन्‍थेटिक मैदान एवं ग्रास से निर्मित फुटबॉल मैदान, राशि रू. 11.43 करोड़ से निर्मित स्व. राजमाता सिंधिया बहुउद्देशीय खेल परिसर जिसमें आधुनिक रूप से निर्मित शूटिंग रेंज, बेडमिंटन हॉल, मल्लखंब, जिम्नेशियम हॉल जिसमें 1.50 करोड़ के उपकरण की सौगात शहरवासियों को दी गयी हैं। प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियाँ स्थापित की गई हैं। इसी का परिणाम है कि जहां पूर्व वर्षों में एशियन गेम्स और ओलंपिक गेम्स में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी मात्र सहभागिता कर पाते थे, किन्तु वर्तमान में हमारे खिलाड़ी न केवल एशियन गेम्स बल्कि ओलंपिक गेम्स में भी पदक अर्जित कर प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं। उज्‍जैन से निकलने वाले खिलाडी राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रदर्शन करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में हासामपुरा में भी स्‍टेडियम बनकर तैयार होगा। यहां कनेक्टिविटी के लिए फोर लेन मार्ग भी बनाए जा र‍हे है जिससे गांव-गांव के प्रतिभाशाली खिलाडियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्‍त होगा। वर्तमान में नजरअली कंपाउंड में बनाए गए स्‍वीमिंग पूल और अन्‍य प्रमुख स्‍वीमिंग पूल के रख-रखाव के लिए खेल विभाग को हस्‍तांतरित किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नए सिन्‍थेटिक टर्फ की बधाई दी। साथ ही सभी को रंगपंचमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सभी मिलकर हर्षोल्‍लास और आनंद के साथ पर्व मनाए। सांसद  अनिल फिरोजिया ने कहा कि हम सबके लिए आज बड़े हर्ष का विषय है कि नानाखेड़ा स्‍टेडियम खेल परिसर में एक और नई सौगात शहरवासियों को मिलने वाली है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खेल के क्षेत्र में भी उज्‍जैन का निरंतर विकास कर रहे है। प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलों इंडिया कार्यक्रम प्रारंभ किया है। पहले छोटे शहरों, कस्‍बों और गांवों के खिलाडियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर कम ही मिला करते थे। खेलों इंडिया कार्यक्रम ने इन्‍हें अपनी प्रतिभा को सभी के समक्ष प्रदर्शित करने का एक सशक्‍त प्‍लेटफॉर्म प्रदान किया है। हमारे खिलाडी अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन कर मेडल ला रहे है। हॉकी हमारा राष्‍ट्रीय खेल है। इसके साथ अन्‍य खेलों जैसे बास्‍केटबॉल, फुटबॉल, तिरंदाजी को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने हॉकी विश्‍वकप में उत्‍कृट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की महिला खिलाडियों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि से पुरस्‍कृत किया है। सांसद  फिरोजिया ने बतौर जिला हॉकी ऐसोसिएशन के अध्‍यक्ष के रूप में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्‍यक्‍त किया। राज्‍यसभा सांसद  बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के विशेष प्रयासों से आज यह कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। हॉकी के खिलाडियों के लिए निश्चित रूप से यह एक बहुत बडी सौगात है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि हॉकी के खिलाडी राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अग्रणी बने। खेलों के माध्‍यम से प्रतिभाशाली खिलाडी देश का नाम विश्‍व में रौशन करें। पूर्व विधायक  राजेन्द्र भारती ने कहा कि खिलाडियों की अपेक्षाओं और सपनों को साकार करने का कार्य मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के विशेष प्रयासों से संपन्‍न हुआ है। निश्चित रुप से उज्‍जैन से भी मेजर ध्‍यानचंद जैसे खिलाडी निकलेंगे। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के प्रति‍आभार व्‍यक्‍त किया। इस अवसर पर नगर निगम अध्‍यक्ष मती कलावती यादव जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन  ज्‍वलंत शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन संचालक खेल एवं युवा कल्‍याण  अंशुमन यादव द्वारा किया गया। … Read more

राष्ट्रपति पद का अपमान किया ममता बनर्जी ने: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आरोप

राष्ट्रपति पद का अपमान किया सुश्री ममता बनर्जी ने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रपति पद का अपमान किया ममता बनर्जी ने: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आरोप डॉ. यादव ने ममता बनर्जी पर लगाया राष्ट्रपति पद का अपमान करने का आरोप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कड़ी निंदा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी द्वारा जो अमर्यादित व्यवहार किया गया है जो निंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च और प्रतिष्ठित राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और ऐसे समय में जब राष्ट्रपति उनके राज्य के दौरे पर हैं, तब उनको राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्तित्व की गरिमा का पूरा ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे हालात बनाना, जिसमें दुनिया में हमारे राष्ट्रपति के पद का अपमान होता हो, यह किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। मैं इसकी कटु शब्दों में निंदा करता है। आश्चर्य की बात यह है कि इसको हल्की राजनीति का हिस्सा बनाते हुए स्थानीय और दलीय राजनीति में घसीटने का कृत्य भी हुआ है जो घृणित मानसिकता का उदाहरण है। मैं इसकी निंदा करता हूं। इसके लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को माफी माँगना चाहिए।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत महिला बाल विकास विभाग की नई पहल

‘सरस्वती अभियान’ से शिक्षा की मुख्यधारा में पुन: आएगी शाला त्यागी बालिकाएँ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत महिला बाल विकास विभाग की नई पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10 मार्च को भोपाल में करेंगे ‘सरस्वती अभियान’ का शुभारंभ भोपाल  प्रदेश में शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत ‘सरस्वती अभियान’ की शुरुआत की है। इस नवाचार के माध्यम से वे बालिकाएँ जो किसी सामाजिक, पारिवारिक या आर्थिक कारण से विद्यालय छोड़ चुकी हैं, उन्हें फिर से शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा। राज्य स्तर पर इस अभियान को नई दिशा देने के लिए 10 मार्च को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। कार्यक्रम में शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए विभाग की कार्य योजना और नवाचारों की जानकारी भी दी जाएगी। अभियान में राज्य ओपन स्कूल प्रणाली के माध्यम से बालिकाओं को कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। उन्हें अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन, संपर्क कक्षाएँ और मेंटोरिंग की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और आगे की शिक्षा या रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में बालिकाएँ कक्षा 8वीं, 10वीं या 12वीं से पहले ही विद्यालय छोड़ देती हैं। शिक्षा छूटने के बाद उन्हें पढ़ाई जारी रखने का अवसर नहीं मिल पाता, जिससे उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है और उनके भविष्य के अवसर सीमित हो जाते हैं। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप में सामने आती है। चुनौती को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए जा रहे सरस्वती अभियान के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं की पहचान के लिए सर्वेक्षण किया जाएगा, उन्हें राज्य ओपन स्कूल में नामांकित किया जाएगा। परीक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही मेंटोरिंग और काउंसलिंग के माध्यम से बालिकाओं को परीक्षा में सफल होने के लिए निरंतर सहयोग दिया जाएगा। अभियान के तहत परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर आगे की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का विकास करना भी है। अभियान बालिका शिक्षा की दर बढ़ाने, ड्रॉप-आउट दर कम करने और महिला सशक्तिकरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने में भी यह अभियान प्रभावी साबित हो सकता है। सरस्वती अभियान के माध्यम से शिक्षा से वंचित बालिकाओं को नया अवसर मिलेगा और वे न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगी, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।  

परफार्मेंस और परिणाम देने वाले कलेक्टर ही रहेंगे मैदान में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को ना हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव परफार्मेंस और परिणाम देने वाले कलेक्टर ही रहेंगे मैदान में अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन समय का पालन करें सुनिश्चित जिला कलेक्टर, शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों, विश्व विद्यालय परिसरों का आवश्यक रूप से करें आकस्मिक निरीक्षण खाड़ी देशों में रह रहे व्यक्तियों और उनके परिवारों से निरंतर रखें समन्वय और सम्पर्क भ्रामक जानकारियों का जिला स्तर पर हो तत्काल प्रभावी रूप से खंडन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स को दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। जिला कलेक्टर पंजीकृत किसानों में से चिन्हित किसानों के सत्यापन, उपार्जन केन्द्रों पर बारदानों की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान के लिए शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित करें। गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक होगा और शेष संभागों जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चम्बल व सागर में 23 मार्च से 12 मई तक किया जाएगा। किसान अपना पंजीयन 7 मार्च तक करा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मंत्रालय में आयोजित अभियान की राज्य स्तरीय बैठक के बाद जिला कलेक्टर्स से वर्चुअल संवाद में यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपार्जन केन्द्रों का समय-सीमा में निर्धारण, उनकी स्थापना और इन केन्द्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य में लगे अमले के उपयुक्त प्रशिक्षण सहित जिला उपार्जन समिति द्वारा नियमित बैठक कर समस्याओं के त्वरित निदान की व्यवस्था की जाए। किसानों को अद्यतन जानकारियां सरलता से उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स को खाड़ी देशों में वर्तमान में निर्मित अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए इन देशों में रह रहे जिले के विद्यार्थियों, नागरिकों के परिवारों से सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली और वल्लभ भवन मंत्रालय में प्रदेशवासियों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिला स्तर पर ऐसे व्यक्तियों और परिवारों से कलेक्टर्स निरंतर समन्वय और सम्पर्क रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान का अंतिम चरण जारी है। अभियान के अंतर्गत 40 लाख आवेदनों का निराकरण हुआ है। अब 16 मार्च तक जिला स्तरीय शिविर लगना है। विकास और जनकल्याण की इस गतिविधि की जिला कलेक्टर सघन मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। अभियान में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कलेक्टर्स जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और परिणाम देंगे वे ही मैदान में रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों में वीसी सेटअप के संबंध में आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांर्ढुणा, बालाघाट, भोपाल जिलों को तत्काल कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीसी सेटअप से सभी विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को पंचायत स्तर तक संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे विकास और जनकल्याण के कार्यों की समीक्षा में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा स्तर के विजन डॉक्यूमेंट के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन और व्यवस्था के संबंध में मिथ्या या भ्रम फैलाने वाली जानकारियों का जिला स्तर पर तत्काल प्रभावी रूप से खंडन किया जाए। सोशल मीडिया के युग में ऐसी गतिविधियों पर त्वरित रूप से वस्तुस्थिति रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में शाला और महाविद्यालयीन स्तर पर परीक्षाओं का समय चल रहा है। जिला अधिकारी शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावासों, विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण आवश्यक रूप से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षाओं का संचालन और आगामी सत्रारंभ निर्विघ्न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अधिकारियों को जिला स्तर पर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयीन समय का पालन करने की अपेक्षा है। इस संबंध में गत दिवस मंत्रालय में कार्यालयीन समय अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर्स द्वारा अपने स्तर पर इस प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। कार्यालयीन स्टॉफ को दी गई सुविधाएं, उनका अधिकार है, इसके साथ उनसे नियमानुसार कार्य लेना भी सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं आया तो राज्य में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शासकीय कार्यालयों में आम नागरिकों के लिए सुगम व्यवस्था स्थापित करना हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिलों में होने वाले परम्परागत मेलों में कृषि-पशुपालन आदि क्षेत्र में नवाचार करने वालों या विशेष उपलब्धि अर्जित करने वालों की प्रदर्शनी लगाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर होम-स्टे को प्रोत्साहित करने के भी कलेक्टर्स को निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री अशोक बर्णवाल, श्री संजय दुबे, श्री नीरज मंडलोई, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, श्री शिवशेखर शुक्ला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में समस्त जिला कलेक्टर्स वर्चुअली शामिल हुए।  

सामुदायिक सहभागिता पर आधारित जल संरक्षण और प्रबंधन में मध्यप्रदेश कर रहा है श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री  पाटिल ने मध्यप्रदेश की जल संचय की पहल को सराहा सामुदायिक सहभागिता पर आधारित जल संरक्षण और प्रबंधन में मध्यप्रदेश कर रहा है श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जल संचय-जन भागीदारी अभियान की समीक्षा में वर्चुअली हुए शामिल केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल द्वारा की गई समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। देश की कई महत्वपूर्ण नदियों के उद्गम स्थल होने के साथ ही प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आहवान पर जल संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन के लिए देश में आरंभ हुआ जल संचय-जन भागीदारी अभियान सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहराण बन गया है। मध्यप्रदेश ने इस अभियान के प्रथम चरण में 2 लाख 79 हजार जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। द्वितीय चरण में भी मध्यप्रदेश में 64 हजार 395 कार्य प्रगति पर हैं और 72 हजार 647 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इस प्रकार 1 लाख 37 हजार 42 संरचनाओं के साथ प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा गुरूवार को आयोजित संयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस को मंत्रालय भोपाल से संबोधित कर रहे थे। जल संचय-जन भागीदारी की व्यापक समीक्षा के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टर्स शामिल हुए। केन्द्रीय मंत्री  पाटिल ने अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सामुदायिक सहभागिता पर आधारित जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन में देश के सम्मुख श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भूजल स्त्रोतों के दोहन के कारण गिरते हुए भूजल स्तर, प्राचीन जल संग्रहण संरचनाओं के क्षरण और नदियों के कम होते प्रवाह के प्रति हम पूर्णत: सजग है। इसलिए मध्यप्रदेश ने जल संचय-जन भागीदारी की राष्ट्रीय पहल को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आत्मसात करते हुए राज्य स्तर पर इसे व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से जिन नदियों का उद्गम है, उनके जल का स्त्रोत प्रदेश के वन हैं। यह नदियां अन्य राज्यों की कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इस प्रकार प्रदेश की नदियों का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान है। इस दृष्टि से राज्य में विद्यमान वनों के रखरखाव के लिए राज्य सरकार को केन्द्र की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहयोग की अपेक्षा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के लिए खेत-तालाबों और नए सरोवरों का निर्माण किया गया है। भू-जल संवर्धन के लिए कुओं का पुनर्भरण किया गया है। शहरी क्षेत्रों और वन क्षेत्रों में भी वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है। औद्योगिक इकाइयों को रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित किया गया है। नदियां निर्मल और अविरल रहे, यह हमारी प्रतिबद्धता है और इसके लिए अभियान के अंतर्गत प्रमुख नदियों में गिरने वाले प्रदूषित नालों की पहचान कर उनके शोधन की याजना बनाई गई है। पाठशालाओं में जल के संबंध में विभिन्न गतिविधियों जैसे चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता, जल शपथ तथा रैलियों का आयोजन किया गया है। पानी के दक्षतापूर्ण उपयोग को भी अभियान के अंतर्गत प्रोत्साहित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रत्येक जिला, प्रत्येक ग्राम और प्रत्येक शहर इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाए और जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए। केंद्र, राज्य सरकार और जनसहयोग से हम जल सुरक्षा के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे। मध्यप्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर : केन्द्रीय मंत्री  पाटिल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश गुजरात को पानी दे रहा है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश को भी पानी मिलेगा। इस परियोजना से 10 लाख 62 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और लाखों लोगों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। राजस्थान के साथ भी पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने सकारात्मक सोच दिखाई है। मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने वाला राज्य है। केन्द्रीय मंत्री  पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश ने जल संचय-जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य किया है। हमारी कोशिश है कि गांव का पानी गांव और खेत का पानी खेत में सिंचाई के लिए उपयोग हो। प्रधानमंत्री  मोदी ने देशवासियों से पेयजल की बर्बादी रोकने का भी आह्वान किया है। केंद्रीय मंत्री  पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़े वन क्षेत्र वाला राज्य है। वर्षा जल को संचित करने के प्रयासों से राज्य में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी की उपलब्धता में और वृद्धि की जा सकती है। बैठक के दौरान खंडवा (पूर्व निमाड़), राजगढ़ और इंदौर जिलों के जिला कलेक्टरों ने विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें जल संचय जनभागीदारी 2.0 के क्रियान्वयन की जिला स्तरीय प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। प्रस्तुतियों में भूजल पुनर्भरण, नदी पुनर्जीवन तथा जल संरक्षण गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उल्लेखनीय है कि अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया था। विशेष रूप से खंडवा (पूर्व निमाड़) जिला देशभर के जिलों में प्रथम स्थान पर रहा, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी नेतृत्व और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंत्रालय भोपाल में बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मती दीपाली रस्तोगी,  संजय दुबे, प्रमुख सचिव  पी. नरहरि सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

कठिन हालात में भी पीएम मोदी ने निकाला समाधान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में समाधान की राह निकाली है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य पूर्व एशिया में युद्ध की स्थिति में मध्यप्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्थाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य पूर्व एशिया खाड़ी युद्ध की स्थिति पर मध्य प्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश शासन इस बारे में संवेदनशील है। गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन और नई दिल्ली में आवासीय आयुक्त कार्यालय मध्य प्रदेश भवन की टीम तैनात है। सीएम हेल्पलाइन 181 नंबर पर परिजन से प्राप्त हो रही सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। सभी का पंजीयन और रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है। भारत शासन के विदेश मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर नागरिकों को सुरक्षित वापस स्वदेश बुलवाने की व्यवस्था की गई है। इस अवधि में नागरिकों के लिए भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की चिंता की जा रही है। परिजनों से भी संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में स्थापित कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 011-26772005, व्हाट्सऐप नम्बर – 9818963273 और ईमेल आईडी – mphelpdeskgulf@gmail.com है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत सरकार ने पूर्व में भी ऐसी विपरीत परिस्थितियों में समाधान की राह निकाली है। केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह भी संपूर्ण स्थिति पर नजर रखते हुए समीक्षा कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय सहित सभी संबंधित मंत्रालय भी गतिशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मध्य पूर्व एशिया में युद्ध की परिस्थितियों के संबंध में पूर्ण सजग और संवेदनशील है। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों के अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं। लगभग 50 परिवारों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। मेरा यही अनुरोध है कि सीएम हेल्पलाइन एवं नई दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम पर नागरिक संपर्क कर सकते हैं। यह चुनौती अवश्य है लेकिन कठिन कार्य नहीं है। इस चुनौती का हम समुचित ढंग से सामना कर हल निकल रहे हैं। कृपया इस व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखें और अपनी कठिनाइयों के लिए हेल्पलाइन पर अवगत करवाने का कष्ट करें और अपना जीवन सुरक्षित करें। सेफ रहें और एक रहें।  

होली का पर्व हर आंगन में खुशियां, शांति और समृद्धि के रंग भरता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों , समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथियों के साथ खेली होली मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर दीं बधाई ब्रज, बरसाने और होली गीतों के साथ मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सराबोर हुआ वातावरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  मनु वास्तव,  शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क  मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए। 

सीएम डॉ. यादव के प्रयास से एमपी की खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित स्वदेश वापसी की राह आसान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए किए प्रयास परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप रैंकिंग सीरीज़ में हिस्सा लेने गई मध्यप्रदेश की बेटी सु प्रियांशी प्रजापत की सुरक्षित स्वदेशी वापसी के लिए उच्च स्तरीय प्रयास किए जिसके फलस्वरूप खिलाड़ी बेटी वापस भारत पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सु प्रियांशी को उत्कृष्ट प्रदर्शन, रजत पदक जीतने के लिए बधाई भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रियांशी के उज्जैन निवासी परिजन से भी आज वीडियो कॉल से आज चर्चा की। प्रियांशी के पिता  प्रजापत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। गत 24 फरवरी से 28 फरवरी तक अल्बानिया में हुई वर्ल्ड रेसलिंग प्रतियोगिता में प्रियांशी ने 26 फरवरी को यह मुकाबला जीता था। प्रियांशी ने कज़ाकिस्तान, अमेरिका और अल्बानिया की पहलवानों को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। पिछले वर्ष एशियन सीरीज़ में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया था। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मध्य-पूर्व एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण प्रियांशी और उनके साथ गए सभी खिलाड़ी वहाँ फँस गए थे। इस कठिन समय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगातार खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध करवाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा उन्हें अपनी बेटी के समान स्नेह और समर्थन दिया है। जब वे मध्यप्रदेश कुश्ती क्षेत्र के अध्यक्ष थे, तब भी उन्होंने 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।

मोहन सरकार की आदिवासी वोटरों पर नजर, बड़वानी बैठक से निकाय चुनाव की रणनीति का इशारा

भोपाल  सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में हुई प्रदेश की पहली किसान कैबिनेट बैठक को मोहन सरकार का आदिवासी वोटर पर सीधा फोकस माना जा रहा है। 2027 के निकाय चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के नागलवाड़ी में पहली किसान कैबिनेट आयोजित की। यह बैठक भीलट देव मंदिर परिसर में टेंट-तंबू में हुई और मंत्रिमंडल ने आदिवासी संस्कृति के प्रमुख पर्व भगोरिया में भी सहभागिता की। इसने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम किसानों के साथ-साथ आदिवासी वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा है। आदिवासी वर्ग पर परंपरागत रूप से कांग्रेस की मजबूत पकड़ मानी जाती रही है, लेकिन पिछले एक दशक में भाजपा ने इस वर्ग में अपना आधार बढ़ाया है।  47 विस सीटें एसटी के लिए आरक्षित प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 2023 के चुनाव में भाजपा ने 24 और कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि रतलाम जिले की सैलाना सीट पर भारत आदिवासी पार्टी को सफलता मिली। मालवा–निमाड़ अंचल में आदिवासी वर्ग की 22 सीटें हैं, जहां कांग्रेस ने 11, भाजपा ने 10 और एक भारत आदिवासी पार्टी ने जीत दर्ज की। यह क्षेत्र आदिवासी राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।  22% आबादी, 84 सीटों पर असर प्रदेश की कुल आबादी में लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा आदिवासी समुदाय का है। 47 सीटें आरक्षित होने के बावजूद यह वर्ग करीब 80 से अधिक सीटों पर जीत-हार तय करने की स्थिति में माना जाता है।  2023 में कांग्रेस ने दिखाई मजबूती  2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 30 आदिवासी सीटें जीतकर भाजपा को बड़ा झटका दिया था, जबकि भाजपा 16 सीटों तक सीमित रह गई थी। मालवा–निमाड़ में भी भाजपा को 22 सीटों में से केवल 6 सीटें मिली थीं। वहीं, 2023 में भाजपा ने वापसी करते हुए 24 सीटें जीतींं। हालांकि, इस चुनाव में कांग्रेस 66 सीटों पर सिमट गई, इसके बावजूद  उसने आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 22 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, मालवा निमाड़ में दोनों ही पार्टियों ने आधी आधी सीटों पर जीत दर्ज की।  आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित प्रदेश की सीटों का गणित  – 2013 में आरक्षित 47 सीटों में से 31 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। कांग्रेस को 15 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा, वहीं एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी जीता। वहीं, मालवा निमाण की 22 सीटों में से 15 भाजपा, 6 कांग्रेस और 1 सीट निर्दलीय को मिली।  – 2018 में आरक्षित 47 सीटों में से 16 सीटों पर भाजपा सिमट गई। वहीं, कांग्रेस ने 30 सीटों पर जीत दर्ज की। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। वहीं, मालवा-निर्माण की 22 सीटों में से 6 भाजपा, 15 कांग्रेस और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई।  – 2023 में आरक्षित 47 सीटों में से 24 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। वहीं, कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। एक सीट पर निर्दलीय के खाते में आई। वहीं, मालवा- निर्माण की 22 सीटों में से 11 पर कांग्रेस, 10 पर भाजपा और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी ने जीत दर्ज की।  2027 में सेमीफाइनल और 2028 में फाइनल बता दें, अगले दो साल मोहन सरकार के लिए अग्नि परीक्षा के हैं, इसलिए अब उसे तमाम वो काम करके दिखाना होंगे, जिनका वादा भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किया है। इनमें सबसे बड़ा वादा लाडली बहना योजना में शामिल बहनों को हर माह 3000 रुपये देने का है। अभी इसकी आधी राशि दी जा रही है। अगले तीन साल में इसे दोगुना करना है। यदि भाजपा यह करने में सफल रही तो 2027 के निकाय चुनाव और इसके बाद 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उसकी सत्ता में वापसी की राह कोई नहीं रोक सकेगा।  आदिवासी किसानों को आखिर क्या मिला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि दो दशक से सत्ता में काबिज भाजपा सरकार ने 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' के अंतर्गत भोपाल से करीब 350 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में पहली "कृषि कैबिनेट" की बैठक आयोजित की। दावा किया गया था कि इससे किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाए लाई जाएंगी, ताकि आय दोगुनी हो सके। लेकिन बड़वानी और निमाड़ क्षेत्र के किसानों को आखिर क्या मिला?   

सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, CM मोहन ने एरियर्स का भुगतान करने का किया ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स के भुगतान पर भी बड़ा फैसला लिया है।  सीएम मोहन यादव ने बताया है कि, जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर्स के भुगतान की शुरुआत मई महीने से शुरू हो जाएगी और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मोहन यादव ने कहा है कि  कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। वहीं इससे पहले आज ही सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को बढ़ाने का भी ऐलान किया है। सीएम मोहन ने कहा है कि आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।  मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की होली मोहन यादव सरकार ने दोगुनी रंगीन कर दी है। कर्मचारियों को वो  बड़ी सौगात मिली है जिससे उनके चेहरे खिलने तय है। दरअसल  सीएम मोहन यादव ने राज्य के कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी है। ये प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। पेंशनर्स को जनवरी से फरवरी की पेंशन का डीए मिलेगा सीएम ने बताया कि पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। अभी मिल रहा 55 प्रतिशत डीए मध्य  प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों को अभी 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। वहीं, केंद्र सरकार के द्वारा 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। कर्मचारी लगातार केंद्र समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे लेकिन  आज मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। जाहिर है कर्मचारियों की होली डबल रंगीन हो गई है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। सभी को होली की बधाई। 3% फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ने के साथ  ही मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों का भत्ता अब केंद्र के बराबर 58 फीसदी हो गया है।  लिहाजा एरियर्स को लेकर सीएम मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।”