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सीएम डॉ. यादव की अपील- मानसून सक्रिय रहने तक रहें बेहद सावधान, सुरक्षा को दें प्राथमिकता

मानसून सक्रिय रहने तक रहें बेहद सावधान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी न रहें बाढ़ प्रभावितों को तत्काल दें खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर वर्षाजनित परिस्थितियों की ली जानकारी राहत एवं बचाव कार्यों का लाइव निरीक्षण किया बीते एक माह में 2783 लोगों का किया गया है रेस्क्यू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अतिवृष्टि की वजह से कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसे में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। कठिनाई की इस घड़ी में शासन, प्रशासन, तहसील का हर अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करें। किसी भी नागरिक को संकट में अकेला न छोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड, फील्ड अधिकारी, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एजेंसीज प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने तक बेहद सजग रहें, सर्तक रहें, सावधान रहें और किसी भी परिस्थिति को हैंडल करने के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को होमगार्ड कार्यालय के एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बात की और सभी से उनके जिलों में वर्षा की स्थिति की जानकारी लेकर समीक्षा बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ का पानी घरों तक आ गया है तो प्रभावितों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचायें और सभी प्रभावितों को तत्काल खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराएं। साथ ही इन्हें शासन की ओर से नियमानुसार राहत राशि भी दिलायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के जरिए ही प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलायें जा रहे रेस्क्यू का लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पन्ना, गुना, रीवा, सतना और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में अतिवृष्टि के कारण उपजी परिस्थतियों पर सीधे पुलिस अधीक्षकों, होमगार्ड और बचाव दल के अधिकारियों से बात की। बताया गया कि पन्ना की किलकिला नदी में आई बाढ़ के कारण यहां स्टेट डिसेस्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स (एसडीईआरएफ) द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी होमगार्ड सुप्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी इंटेलीजेंस अंशुमन यादव, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, एसडीईआरएफ के स्टेट हेड सहित सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जिलों में बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों, प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू ऑपरेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात टीमों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करे तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत एवं बचाव पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा जिलों के अधिकारियों को वीसी से निर्देश देने के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि प्रदेश में कमोबेश पूरे क्षेत्र में बारिश का दौर बना हुआ है। पश्चिमी मध्यप्रदेश को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। इसके मद्देनजर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। बीते एक माह में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। फिलहाल अगले दो-चार दिनों में किसी बड़ी चुनौती की स्थिति नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं। हमारी इन्हीं तैयारियों का ही परिणाम है कि अब तक प्रदेश में जान-माल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिस बल एवं राहत दलों ने भी पूरी दक्षता और मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। आगामी दिनों में बारिश की आशंका को देखते हुए हम लगातार सतर्क हैं और व्यवस्थाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में आज प्रदेश में बाढ़ आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रदेशवासियों के जान-माल-मवेशियों की सुरक्षा कायम रखी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सबसे संवाद कर अपनी तैयारियों को और बेहतर कर लिया है।  

बलराम कृषि महोत्सव किसानों की सेवा और सम्मान का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों की सेवा का त्यौहार है बलराम कृषि महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक सरकार किसानों के साथ है मुख्यमंत्री ने भिंड जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में वीसी से की सहभागिता जिले के किसानों से की इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड की धरती जय जवान-जय किसान का सबसे अच्छा और सार्थक उदाहरण है। कभी डकैतों की समस्या से जूझने वाले इस क्षेत्र की पहचान आज उद्योग, रोजगार और कृषि से हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव अन्नदाता किसानों की सेवा और इनके प्रति आभार व्यक्त करने का त्यौहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को भिंड जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ और सबकी समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे दुग्ध उत्पादन, अन्न उत्पादन, मछली पालन, उद्यानिकी जिसमें भी उनकी रुचि है, एक नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ें। हमारी सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी किसान इस बलराम कृषि महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती माता ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अपने हीरे जैसी जमीन किसी को न बेचें, बल्कि अपने बच्चों को भी इसी पूंजी में परिश्रम और समर्पण का बीजरूपी निवेश करना सिखायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पशुपालन और मछली पालन में भिंड तेजी से प्रगति कर रहा है। चंबल, सिंध और पहुज जैसी नदियों के पानी से सिंचित भिंड में बाजरा, गेहूं और सरसों खूब होती है। सरसों के उत्पादन में भिंड की अपनी अलग पहचान है। मुरैना-भिंड में प्रदेश की 50 प्रतिशत से ज्यादा सरसों की पैदावार होती है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए कहा कि भिंड जिले के किसान अब प्राकृतिक खेती में भी रुचि ले रहे हैं। यहां 3 हजार से अधिक किसानों ने 1250 हेक्टेयर रकबे में प्राकृतिक खेती की है। यहां दुग्ध संकलन में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लगभग 60 गौशालाओं में गौसेवा भी हो रही है। अब पांडरी गांव में स्वावलंबी गौशाला के लिए 5 हजार निराश्रित गौवंश के आश्रय की तैयारी की जा रही है। मछली पालन में भी यहां के प्रगतिशील लोगों ने नई तकनीक अपनाई है। भवथरा गांव में 25 लाख रुपए की लागत से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक लगाई गई है, जिससे 8 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और किसान मिलकर एक नया इतिहास रचेंगे। यहां के किसानों ने पशुपालन और मछली पालन में रुचि लेकर इतिहास रचने की शुरुआत कर दी है। सरकार हमेशा इनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं से भिंड की खेती-किसानी बदल रही है। उन्होंने कहा कि भिंड जिले को ऐतिहासिक पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलने जा रहा है, इससे यहां की खेती की तस्वीर बदल जाएगी। सिमार स्टॉप डैम का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे 210 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि अटेर में कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम जून 2027 तक पूरा किया जाएगा। इससे 96 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन सिंचित होगी। वर्तमान में राजघाट, चंबल और हर्सी नहर प्रणालियों से जिले में 1 लाख 62 हजार 381 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो ही रही है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव की पहल पर पूरे प्रदेश में उत्सव के माहौल में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें कृषक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भगवान बलराम की कृपा से किसान कल्याण वर्ष केआयोजनों के अच्छे परिणाम आएंगे। कार्यक्रम में मंत्री शुक्ला और विधायक भिण्ड नरेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा अन्य अतिथियों की उपस्थिति में दबोहामोड़ के रामसनेही शर्मा को फलोद्यान नर्सरी, बडेरा के पर्वत सिंह को नर्सरी, टुडिला के जगदीश सिंह कंसाना को प्राकृतिक खेती, मानगढ़ के रंजीत सिंह को जैविक खेती, बरूअनपुरा के गंगाराम बघेल को जैविक खेती, सोनेलाल का पुरा के अजय सिंह को केंचुआ खाद उत्पादन, उदन्नखेडा के लक्ष्मण सिंह नरवरिया को जैविक खेती, सैपुरा के संदीप सिंह को उन्नत तकनीकी से टमाटर एंव मिर्च उत्पादन, क्यारीपुरा के कुलदीप सिंह भदौरिया को जैविक खेती और बड़ागांव नं. 1 के गुरुप्रसन्न राजावत को देशी बीज संरक्षण के लिए शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले के मेधावी विद्यार्थियों- निराली बघेल, कृतिका दुबे, प्रिंसी, साक्षी शर्मा, छवि परमार, सोनम देवी, साहिल यादव और अभय शर्मा को कक्षा 10वी और 12वी की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह स्थल पर कृषकों की सुविधा हेतु कृषक पंजीयन, ई-केवाईसी तथा फॉर्मर आईडी पंजीयन के विशेष स्टाल लगाए गए थे। कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी विभाग, कृषक कल्याण विभाग, कृषि अभियांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मत्स्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित भिण्ड द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई जिसके माध्यम से विभागीय उपलब्धियों और शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का भी प्रदर्शन और विक्रय किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेन्द्र यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरोज बघेल, कपिल यार्दे, देवेन्द्र नरवरिया सहित बड़ी संख्या में जिले के प्रगतिशील किसानबंधु उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भिंड जिले के कुछ प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ-साथ ताईवानी अमरूद और हल्दी का उत्पादन लिया है। इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।  

इंदौर मेट्रो का बढ़ा दायरा, 17 किमी रूट पर दौड़ी ट्रेन; CM मोहन यादव ने गिनाए विकास के फायदे

इंदौर  इंदौर में 17 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक पर सेवा दोबारा शुरू किए जाने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में शहर के भीतर आवागमन को सुगम बनाने और बाहर से आने वाले लोगों के लिए बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेट्रो जैसी आधुनिक सेवाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इंदौरवासियों और प्रदेशवासियों को मेट्रो सेवा शुरू होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इंदौर लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मेट्रो परियोजना शहर के यातायात को बेहतर बनाने के साथ ही भविष्य में इंदौर के विकास को नई गति देने का काम करेगी। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के आधुनिक साधनों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का इंदौर में स्वागत है, लेकिन कांग्रेस को अपने शासनकाल में युवाओं की स्थिति को लेकर भी जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़े उठाकर देखे जाएं तो वर्ष 1956 से 2003 तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें रहीं। ऐसे में युवाओं और महिलाओं की स्थिति को लेकर कांग्रेस को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बिजली उत्पादन का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मध्यप्रदेश में बिजली की उपलब्धता बेहद कम थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बिजली उत्पादन को लगातार बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता करीब 5 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 25 हजार मेगावाट तक पहुंचाई गई है और बिजली की उपलब्धता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश आर्थिक और विकास के कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विपक्ष को केवल आरोप लगाने के बजाय अपने शासनकाल के कामकाज का हिसाब भी जनता के सामने रखना चाहिए।

जहां गुरुर खत्म और गुण शुरू होते हैं, वहीं गुरु की दृष्टि पैदा होती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2026 राष्ट्र निर्माण की पीढ़ी तैयार करते हैं शिक्षक : राज्यपाल श्री पटेल जहां गुरुर खत्म और गुण शुरू होते हैं, वहीं गुरु की दृष्टि पैदा होती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिन्हें ज़रूरत है, उन शिक्षकों को ऑफलाइन टीईटी परीक्षा दिलाने के किए जाएंगे प्रयास शिक्षकों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान शिक्षक दिवस पर प्रदेश के 33 उत्कृष्ट शिक्षक हुए सम्मानित प्रशासन अकादमी में हुआ राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बच्चों की पहली पाठशाला उसका घर होती है। माता-पिता उन्हें प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार देते हैं, लेकिन वास्तव में शिक्षक ही बच्चों को ज्ञान और संस्कारों से परिपूर्ण करते हैं। राष्ट्र् निर्माण की भावी पीढ़ी तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को आत्मीय भाव से पढ़ाएं। उनकी बुद्धि, क्षमता और अपेक्षाओं को समझते हुए अपनापन और सहनशीलता का व्य्वहार करें। कठिनाईयों और जिज्ञासाओं को धैर्य के साथ सुनें। प्रेमपूर्वक व्यवहार करते हुए समाधान करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि बच्चे, विकसित भारत के कर्णधार है। शिक्षक इन कर्णधारों के शिल्प्कार है। इसलिए शिक्षक पहले स्वयं ज्ञान और नैतिक गुणों का आदर्श व्यक्ति बनें। बच्चों में ईमानदारी, सहनशीलता, जुझारूपन आदि गुणों का विकास कर, उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करें। राज्यापाल श्री पटेल शनिवार को शिक्षक दिवस पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में हुए राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मा्न समारोह 2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मा्न-2026 और गत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्तकर्ता शिक्षकों को सम्मानित कर सभी को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। मां सरस्वती और डॉ. सर्वपल्ली् राधाकृष्ण्न के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। राज्यपाल श्री पटेल का मुख्यतमंत्री डॉ. यादव ने पौधा भेंट कर स्वागत किया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यापाल श्री पटेल ने कहा कि राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार- 2026 और गत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षकों के सम्मान का यह आयोजन, उन सभी शिक्षकों को नमन करने का प्रसंग है, जो ज्ञान और संस्कार से राष्ट्र का भविष्य गढ़ रहे हैं। माता-पिता तो केवल बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक बच्चे के व्यक्तित्व को दिशा देकर आदर्श नागरिक बनाने का महान कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में देश ने नई सोच और नए कौशल के द्वारा शिक्षा को नये भारत की शक्ति बनाने का संकल्प, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के रूप में लिया है। शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षक, भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने का संकल्प ग्रहण करें। शिक्षा को निरंतर अपडेशन, अपग्रेडेशन और इनोवेशन की जरूरत राज्यापाल श्री पटेल ने कहा कि आज की दुनिया में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती, उसे बदलती वैश्विक आवश्यकताओं और रोजगार के नए अवसरों के अनुरुप निरंतर अपडेशन, अपग्रेडेशन और इनोवेशन करते रहना होगा। समय की जरूरत है कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़कर, हमारी शिक्षा को नई पहचान और शक्ति प्रदान करें। कला, विज्ञान, खेल, कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के बीच की दीवारे हटाते हुए, विद्यार्थियों को उनकी रुचि से विषय चुन कर पढ़ने का भरपूर अवसर दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि आपको अब पाठ पढ़ाने से आगे बढ़कर, विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान कर, उन्हें प्रेरित करने और सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक के रूप में आगे आना होगा। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2026 में आज प्रदेश के 33 शिक्षकों का सम्मान हुआ है। भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्म जयंती के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देता हूं। यह आयोजन हमारे शिक्षकों को नमन करने का अवसर है, जो ज्ञान और संस्कार का देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। माता-पिता और शिक्षक बच्चों को संस्कार देकर बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शिक्षा को नए भारत की शक्ति बनाने का संकल्प राष्ट्रीय शिक्षा नीति के रूप में लिया है। उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया कि वे भारत को महाशक्ति बनाने का संकल्प लें। आज शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। उसे वैश्विक जरूरतों और रोजगार के अवसरों के अनुरूप अपग्रेड और इनोवेट करने की आवश्यकता है। बच्चों को उनकी रुचि के विषय चुनने का अवसर दिया जाए। शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को खोजें और उसे आगे बढ़ने में सहयोग करें। बच्चों को संस्कारित करने में माता-पिता की जिम्मेदारी अहम है। तभी हमें देश के अच्छे नागरिक मिलेंगे। माता-पिता, बड़े भाई-बहन बच्चों से पूछें कि आज स्कूल में क्या पढ़ाया। हमारे लिए सभी शिक्षक सम्मानीय हैं। शिक्षक अपने परिवार के बच्चों की तरह उन्हें पढ़ाएं। बड़े होकर विद्यार्थी अपने शिक्षक को कभी नहीं भूलते हैं। आज सिखाए हुए बच्चे विकसित भारत @2047 के संकल्प में योगदान देंगे। बच्चों को सहनशील बनाएं। कई बच्चे मानसिक परेशानी में गलत कदम उठा लेते हैं। ऐसे बच्चों को प्यार से समझाएं। हमें ऐसी पीढ़ी तैयार करनी है, जो अपने माता-पिता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी न भूलें। अध्यक्षीय संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरु शिष्य परम्परा भारतीय संस्कृति की अनुपम धरोहर हैं। गुरुजन नि:संदेह विशेष भी है और हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परम्पराओं का विशेषण भी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में देश का मान निरंतर बढ़ रहा है। इसके पीछे गुरु की महिमा है, क्योंकि जहां गुरूर खत्म होता है, और गुण शुरू होता है, वहीं गुरु की दृष्टि पैदा होती है। गुरु की दृष्टि से ही शिक्षित समाज की सृष्टि होती है। उन्होंने कहा कि हमारे गुरुजन एक दीपक की तरह स्वयं अंधेरे में रहकर अपने विद्यार्थियों को शिक्षित कर उनका पूरा जीवन-चरित्र आलोकित करते हैं। इस दुनिया में माता-पिता के बाद वो शिक्षक ही हैं, जो यह कामना करते हैं कि आप वह बनें, जो आप वास्तव में बनना चाहते हैं। आपको वह सब मिले, जो आप पाना चाहते हैं। इसीलिए गुरुजन सदैव वंदनीय हैं, पूजनीय हैं। … Read more

मध्यप्रदेश के पावर सेक्टर को मिली नई रफ्तार, सीएम मोहन यादव ने औद्योगिक विकास पर जताई प्रतिबद्धता

 सीहोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 सितंबर को सीहोर जिले में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है, क्योंकि निवेश से ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित होते हैं। सरकार छोटे-बड़े सभी निवेशकों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही केबल निर्माण के लिए 106 करोड़ की लागत से एक फैक्ट्री का भूमि-पूजन किया गया है। आज जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 888 करोड़ की लागत से तैयार हुई सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पावर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते करीब 8 महीने में गोदरेज जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों की इकाइयों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किए गए। ग्वालियर-चंबल अंचल में गोदरेज इंडस्ट्रीज ने साबुन तैयार करने के लिए एशिया की सबसे बड़ी अपनी चौथी यूनिट का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के बलबूते देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के बीच मध्य प्रदेश आकर उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है। प्रदेश में आ रहीं फैक्ट्रियों में केवल प्रोडक्ट तैयार नहीं होता है, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि, टैक्स कलेक्शन और रोजगार के अवसरों का भी विकास होता है। मात्र 13 महीने में शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीहोर श्योर है, निवेश में सिक्योर है और रिटर्न एश्योर है। यह जिला पर्यटन के क्षेत्र में तेज गति से विकास कर रहा है। सीहोर अब भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा है, जिससे भविष्य में यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा। देश के इलेक्ट्रिकल इकोसिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बड़ी भूमिका निभाएगी। सीहोर में टायर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक सब कुछ तैयार हो रहा है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश की ग्रोथ में 5 अहम कड़ियां हैं, पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने अपनी 9 दशक की यात्रा में आज मध्य प्रदेश की धरती पर नया मुकाम हासिल किया है। पिछले साल अगस्त में भूमि-पूजन के बाद रिकॉर्ड 13 महीने में सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री प्रारंभ हुई है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए यह बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि इस यूनिट में हर वर्ष 365 ट्रांसफॉर्मर तैयार होंगे और 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के आसपास स्थित खाली भूमि से छोटे-बड़े झाड़ हटाने में सरकार सहयोग प्रदान करेगी। तेज गति से आगे बढ़ा रहा है भारत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। देश के साथ मध्य प्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था के हालिया आंकड़े बताते हैं कि भारत की विकास दर दुनिया में सर्वाधिक 7.8 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका की ग्रोथ रेट मात्र 2 प्रतिशत और चीन की 4 प्रतिशत पर है। भारत अपनी अर्थव्यवस्था की रफ्तार को तेज गति से आगे बढ़ा रहा है। केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अमेरिका अपनी ट्रेड डील को ओपन करे, तभी भारत अपने कदम आगे बढ़ाएगा। इस मामले में देश के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब अब सीहोर में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के सीईओ अमर कौल ने कहा कि यह हमारी कंपनी का महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग का हिस्सा 13 प्रतिशत है, इसे 2035 तक 25 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सीहोर में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में लगभग 2000 लोगों को रोजगार मिला है। यहां पर हर महीने 35 ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे, जिनका आकार किसी तीन मंजिला बंगले के बराबर होगा। हमारी कंपनी आधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रोडक्शन कर रही है। इस यूनिट में दुनिया की सबसे बड़ी टेस्ट लैब भी तैयार की गई है। यूनिट की जरूरत के लिए 36 प्रतिशत बिजली सोलर एनर्जी से मिलेगी। राज्य सरकार के सहयोग से सीहोर में यह यूनिट मात्र 13 महीने में प्रोडक्शन के तैयार हुई है। हमारी कंपनी विकसित भारत और समृद्ध मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है।  

सीएम डॉ. यादव बोले- भगवान श्रीकृष्ण ने कष्टों के बीच भी जीवन को सार्थक बनाने की सीख दी

भगवान श्रीकृष्ण ने कष्टों के बीच रहकर भी जीवन को सार्थक बनाने की दी सीख : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस्कॉन मंदिर भोपाल में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म उत्सव में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कष्टों के बीच जीवन को किस तरह सार्थक बनाया जा सकता है, यह भगवान श्रीकृष्ण से सीखा जा सकता है। उन्होंने कंस को जो एक सत्ताधीश थे, उनके घर में ही घुसकर मार कर साहस और शौर्य का परिचय दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन और ग्रामीण क्षेत्रों में वृंदावन ग्राम प्रारंभ किये जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं के संचालन के लिए सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म उत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में प्रस्तुत भजन भी सुने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घर-घर गोपाल की कल्पना को साकार करते हुए प्रदेश में गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में देश में नंबर वन बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस्कॉन मंदिर में आकर वृंदावन की भांति महसूस होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन काल में मित्रता के महत्व को भी स्थापित किया। साथ ही शिक्षा की महत्ता स्थापित की। उन्होंने उज्जैन में गुरु सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की। अपने जीवन में ही जगतगुरु की उपाधि भी उन्होंने प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। संविधान की दृष्टि से सभी नागरिक समान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है। प्रारंभ में संस्था द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर नमन कर पूजा अर्चना की। उन्होंने इस्कॉन संस्था के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद की प्रतिमा को भी नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए इस्कॉन मंदिर निर्माण की कल्पना की सराहना की। उन्होंने बताया कि जब वे उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे तो सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में उज्जैन में ही इस्कॉन मंदिर प्रारंभ हुआ। यह सिलसिला राजधानी भोपाल तक पहुंचा है। यहां निर्मित किये जा रहे नए मंदिर की वास्तुकला और नागर शैली के अनुरूप निर्माण की पहल प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए इस्कॉन मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस्कॉन संस्थान की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। 

सीएम डॉ. यादव बोले- भगवान श्रीकृष्ण का जीवन साहस, कर्तव्य और मित्रता की प्रेरणा देता है

भगवान श्रीकृष्ण ने जिया साहस, कर्तव्य और मित्रता के गुणों से भरा जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन की मटकी फोड़ स्पर्धा से जुड़े वर्चुअली भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व से अनेक तरह की सीख मनुष्य को मिलती है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन साहस, रणनीति निर्माण, कर्तव्य परायणता और मित्रता के महत्व को इंगित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के शहीद पार्क स्थित कृष्ण ग्रुप और कृष्णा वेल्फेयर सोसायटी के मटकी फोड़ प्रतियोगिता एवं भजन संध्या को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को जन्माष्टमी की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मटकी फोड़ प्रतियोगिता और कार्यक्रम में जीवन दर्शन समाया हुआ है। हमारा जीवन मटकी या घड़े की तरह है जिसमें पुण्य का माखन भरा रहना चाहिए। हम सब मिलकर मटकी फोड़कर मक्खन प्राप्त करते हैं। एकजुट होकर फोड़ने का अलग आनंद है। मटकी फोड़ स्पर्धा से यह सीख मिलती है कि मित्रता और सामुहिकता कितनी आवश्यक है। मटकी फोड़ने का कार्य संगठन की शक्ति को भी प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्था द्वारा गत 17वर्ष से निरंतर हो रहे इस आयोजन और सभी प्रतिभागियों की सराहना की। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव के अलावा अनेक अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

भोपाल सीलिंग विवाद पर CM यादव का बड़ा बयान, व्यापारियों-रहवासियों के हित में निकालेंगे बेहतर समाधान

भोपाल भोपाल में व्यापारियों और रहवासियों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में सरकार अपनी बात मजबूती से रखेगी और कोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे का रास्ता निकाला जाएगा। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से जुड़े सभी मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पुराने विवाद का ऐसा समाधान निकले, जिससे सभी पक्षों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट के मार्गदर्शन के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।  व्यापारियों और रहवासियों के हित पर जोर इस पूरे विवाद में व्यापारियों के साथ स्थानीय निवासियों की चिंताएं भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी एक पक्ष को ध्यान में रखकर फैसला नहीं लिया जाएगा। व्यापारियों, रहवासियों और प्रशासन की जरूरतों को साथ रखकर समाधान तलाशा जाएगा। सरकार का मानना है कि कई वर्षों से चले आ रहे इस मामले को जल्दबाजी में देखने के बजाय उसकी पूरी स्थिति समझना जरूरी है। इसी वजह से कानूनी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। वर्षों पुराने विवाद का हल तलाशने की कोशिश भोपाल में मास्टर प्लान और सीलिंग का मुद्दा नया नहीं है। लंबे समय से इससे जुड़े सवालों के कारण कई लोग समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा रास्ता खोजने की कोशिश करेगी, जिससे आने वाले समय में इस तरह की परेशानी कम हो सके। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। अदालत के निर्देश मिलने के बाद उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार चाहती है कि मामले का ऐसा हल निकले, जो जमीन पर भी कारगर साबित हो। जानापाव को बड़े तीर्थस्थल के रूप में विकसित करेंगे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे जानापाव जा रहे हैं। मान्यता है कि यहीं महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सरकार जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उज्जैन में श्री महाकाल लोक बनने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु और पर्यटक आते थे, जबकि अब यह संख्या करोड़ों तक पहुंच गई है। सरकार अब इसी तर्ज पर प्रदेश के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी विकसित कर रही है। इसका मकसद केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़े रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करना भी है। तीर्थस्थल के रूप में विकसित होगा जानापाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही, इसी दिन कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती भी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे जन्माष्टमी के अवसर पर जानापाव जा रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहीं महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। जानापाव के इसी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। सरकार का फोकस जानापाव को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर है, ताकि इस महत्वपूर्ण स्थल को प्रदेश के प्रमुख तीर्थ केंद्रों में पहचान मिल सके। देवस्थलों के विकास पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देवस्थलों के विकास का सीधा असर धार्मिक पर्यटन पर दिखाई दे रहा है। श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन के साथ-साथ मध्यप्रदेश के दूसरे धार्मिक स्थलों को लेकर भी लोगों की रुचि बढ़ी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते थे। अब यह संख्या बढ़कर करोड़ों में पहुंच गई है। सरकार इसी अनुभव को प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से जोड़कर आगे बढ़ रही है। धार्मिक स्थलों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख देवस्थलों को विकसित करने का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़े, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और अन्य छोटे कारोबारों को भी फायदा मिल सकता है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों के विकास के साथ इन क्षेत्रों का समग्र विकास भी हो और स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।   

Wall Street Journal में मोहन भागवत का विज्ञापन छाया, हिंदू अमेरिकी नेताओं ने कहा- बढ़ा गौरव

वॉशिंगटन   हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने  'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत वाले एक पूरे पेज के पेड विज्ञापन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एकता और विविधता के प्रति सम्मान का संदेश देने वाले इस विज्ञापन ने समुदाय को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराया। यह पेड विज्ञापन अखबार के 3 सितंबर के अंक के पेज ए5 पर छपा था। इसमें भागवत की एक तस्वीर और 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' में उनके भाषण का एक संदेश शामिल था। विज्ञापन में भागवत के हवाले से कहा गया, "हमें अपनी एकता और विविधता का जश्न मनाना चाहिए, उसका सम्मान करना चाहिए और उसे स्वीकार करना चाहिए। भारत की सभ्यतागत सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। भारत इस विविधता का जीता-जागता उदाहरण है।" विज्ञापन में भागवत को भारत में 'दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन', राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख के तौर पर बताया गया है। इसमें बताया गया कि न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए 'यूनिवर्सल वननेस' इवेंट में अमेरिका के 39 राज्यों के 853 शहरों से 250 संगठनों के 5,000 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पेज पर छपी जानकारी के अनुसार, इस विज्ञापन का खर्च 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने उठाया था। जाने-माने कम्युनिटी लीडर और बिजनेसमैन रमेश भूताडा ने कहा कि यह विज्ञापन हिंदू अमेरिकियों के लिए गर्व की बात है। भूताडा ने कहा, "वॉल स्ट्रीट जर्नल में पूरे पेज का विज्ञापन देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। यह हिंदू धर्म की असली भावना को दिखाता है और सभी हिंदू अमेरिकियों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराता है।" एएचईएडी फोरम के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल ने कहा, "अमेरिका में हिंदू समुदाय ने साफ तौर पर यह दिखाया है कि वे इंसानियत की सामूहिक तरक्की के लिए दूसरे सभी समुदायों के साथ बातचीत और सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह बहुत जरूरी है कि हम इस प्रतिबद्धता को असल कामों में बदलें। हम पूरी लगन के साथ ऐसा करेंगे।" उन्होंने कहा, "हम 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने इस संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए इतना प्रतिष्ठित मंच दिया।" इस विज्ञापन में भागवत की बातों को 'सबकी एकता' (यूनिवर्सल वननेस) के व्यापक विचार से जोड़ा गया था। इसका मुख्य संदेश विविधता का सम्मान करना और भारतीय सभ्यता के 'वसुधैव कुटुंबकम्' के विचार पर ज़ोर देना था। संस्कृत के इस वाक्यांश का आम तौर पर अर्थ होता है, "पूरी दुनिया एक परिवार है।" भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक यानी प्रमुख हैं। यह एक हिंदू स्वयंसेवी संगठन है, जिसकी स्थापना 1925 में नागपुर में हुई थी। संगठन 2025 में अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है और भारत में इसकी स्थानीय शाखाओं और इससे जुड़े संगठनों का एक बड़ा नेटवर्क है। 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए कार्यक्रम में पूरे अमेरिका से हिंदू-अमेरिकी और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह कार्यक्रम सबकी एकता, सामुदायिक सहयोग और अलग-अलग तरह के समाजों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने में भारतीय सभ्यता के मूल्यों की भूमिका पर केंद्रित था।

कुशाभाऊ ठाकरे उच्च कोटि के कुशल संगठक थे : CM डॉ. यादव, जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि

उच्च कोटि के कुशल संगठक थे कुशाभाऊ ठाकरे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लगाया आंवले का पौधा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर पहुंचकर यहां स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की आदमकद प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रऋषि कुशाभाऊ ठाकरे उच्च कोटि के रणनीतिकार और कुशल संगठक थे। उन्होंने संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं की एक नई पौध तैयार की। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संगठन ने नई ऊंचाइयां प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती स्मृति में सेंटर परिसर में ही आंवले का पौधा भी लगाया। इस अवसर पर भोपाल के लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल, विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व सांसद आलोक संजर, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति, जसवंत सिंह हाड़ा अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों ने चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज स्व.कुशाभाऊ ठाकरे जी की जयंती भी है। आज मैं जानापाव जा रहा हूं, जहां महर्षि परशुराम जी ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देवस्थानों के विकास से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के प्रति एक नया वातावरण बना है। वर्ष 2022 तक जहां उज्जैन में लगभग 60-70 लाख श्रद्धालु एवं पर्यटक आते थे, वहीं आज यह संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है, ताकि वहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या बढ़े, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों और इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पर्वों और त्यौहारों के बीच भी हम अपनी सभी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से जुड़ी सभी कठिनाइयों और विषयों को हम माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पूरी गंभीरता से रख रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के मार्गदर्शन के अनुरूप जो भी बेहतर से बेहतर निर्णय संभव होगा, उसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हम व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों पर गंभीरता से विचार करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष हमारा पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा। वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी और बेहतर समाधान की दिशा में सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।