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लड्डू गोपाल को सिर पर रखकर मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, बरखेड़ी में की राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना लड्डू गोपाल को सिर पर रखकर मंदिर तक लाये भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर डॉ. यादव बाल कन्हैया (लड्डू गोपाल) को अपने सिर पर धारण कर मंदिर लेकर आये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरखेड़ी में जन्माष्टमी के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले झांकी (चल) समारोह में भी सहभागिता की और सभी श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्म और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनकी कृपा से प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति का विस्तार हो। बरखेड़ी समारोह में विधायक भगवानदास सबनानी, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

हनुमान अंश’ के गायक लोधी को प्रोत्साहित करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फ़िल्म "हनुमान अंश" के गायक लोधी को करेगी राज्य सरकार प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे युवा बुंदेली गायक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) उदीयमान युवा बुंदेली गायक सागर निवासी सुनील लोधी ने भेंट की। जन्म से ही दृष्टिबाधित लोधी ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म "हनुमान अंश" के लिए बुंदेली में गीत गाया है, जो तेजी से लोकप्रिय हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोधी को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शाबासी देते हुए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा श्रेष्ठ कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक अवसर देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सुनील लोधी और उनके माता पिता का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित युवा गायक लोधी को एक लाख रुपए की सम्मान निधि भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोधी की आंखों की रोशनी लाने के लिए भी आवश्यक सहयोग देने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि बाल्यकाल से गायन क्षेत्र में लोधी की अभिरूचि है, इस नाते उन्हें संगीत विद्यालय से औपचारिक संगीत पाठ्यक्रम पूर्ण करने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा। टैलेन्ट सर्च जैसे कार्यक्रम चलाकर ऐसे होनहार गायकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुलाकात के अवसर पर सुनील लोधी के पिता महेन्द्र सिंह लोधी और माता श्रीमती भाग बाई के साथ ही संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, डिजिटल बुंदेली बौछार के सचिन चौधरी और गायक लोधी के मित्रगण उपस्थित थे। गीत और भजन भी सुनाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गायक सुनील लोधी ने फिल्म "हनुमान अंश" के लोकप्रिय हुए गीत " मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई" को तंबूरा बजाते हुए सुनाया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर गाया जाने वाला भजन "जन्म लए रघुराई, ब्रज में बज रही बधाई" भी गाकर सुनाया।  

धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को मिल रही रफ्तार, CM डॉ. यादव बोले- देश में तेजी से हो रहा विकास

देश में तेजी से हो रहा धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध उज्जैन में महाकाल लोक निर्माण के बाद 20 गुना बढ़ गई श्रद्धालुओं की संख्या मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान द्वारकाधीश के किए दर्शन प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेशवासियों को दीं जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सपत्नीक गुजरात की देवभूमि द्वारका के पावन द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान द्वारकाधीश के अलौकिक रूप का दर्शन एवं विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान द्वारकाधीश से सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी से पहले देश-प्रदेशवासियों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर्व के हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव एवं अन्य परिजनों सहित सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय के डॉ. इलैया राजा टी. भी उपस्थित थे। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा भगवान द्वारकाधीश के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर के बाहर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज वे सपरिवार द्वारिका आये हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के उज्जैन और गुजरात की द्वारिका नगरी सहित देशभर में लगातार धार्मिक पर्यटन के नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या 20 गुना बढ़ गई है। वर्तमान में लगभग 10 करोड़ से अधिक तीर्थ यात्री उज्जैन आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से उज्जैन में बाबा महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद बनारस में भी काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरीडोर का निर्माण हुआ, जिससे बाबा विश्वनाथ की नगरी में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिली हैं। जन्माष्टमी से पहले भगवान द्वारकाधीश के दर्शन का मिला सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि द्वारकाधीश मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन संस्कृति के चार धामों में से एक प्रमुख तीर्थ है। जन्माष्टमी से ठीक पहले भगवान द्वारकाधीश के भव्य दर्शन का अवसर मिलना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ समय पहले ही वे सोमनाथ धाम गये थे। इसके बाद आज द्वारका के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में विधिवत् दर्शन-पूजन-अर्चन कर यहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। हम भी अपने देवस्थानों में बेहतर से बेहतर प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में श्रद्धालुओं के लिए विकसित की जा रहीं सुगम व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं देवस्थानों पर सहज एवं सुगम आवागमन, श्रद्धालुओं के ठहरने, उनकी सुरक्षा और पर्यटकों की वृद्धि को देखते हुए वहां सभी जरूरी अधोसंरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। हमारी सरकार भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।  

बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर राज्य सरकार किसानों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिनके हाथ में हल, वही है देश का असली बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर राज्य सरकार किसानों के साथ किसानों को देंगे दिन में दस घंटे बिजली अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को करेंगे मदद कृषि से एग्री-टेक और फूड प्रोसेसिंग तक नई दिशा की ओर बढ़ रहा मध्यप्रदेश ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल और शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण योजना का सरलीकरण का हुआ शुभारंभ कृषक कवच योजना, 200 नए पैक्स कार्यालयों और अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा ग्वालियर का भी हुआ शुभारंभ ग्वालियर में मनाया गया बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिनके हाथ में हल है, वही इस देश का असली बल है। उन्होंने किसानों के पसीने को मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का “फ्यूल” बताते हुए कहा कि सरकार खेत से लेकर निर्यात तक और बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर प्रदेश के किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बलराम, बल के देवता ही नहीं, श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक हैं। हलधर के रूप में उन्होंने देश में खेती-किसानी को विस्तार दिया और इसे लोककल्याण का माध्यम भी बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हल षष्ठी के अवसर पर ग्वालियर में हुए बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों और अन्नदाताओं को बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बलराम जयंती हमारे खेतों की हरियाली और किसानों की समृद्धि का पुनीत उत्सव है। आयोजकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेती-किसानी के प्रतीक के रूप में हल भेंट किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को अपनी वर्तमान अवस्था से उबरने में राज्य शासन की ओर से जरूरी मदद देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण से जुड़े 4 महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। इस अवसर पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना के सरलीकरण का भी शुभारंभ हुआ। इसके तहत खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त करते हुए किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार 12 माह में ऋण चुकाने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कृषक कवच योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना में ऐसे किसानों को भी ऋण और शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिनके खातों की जांच लंबित होने से वे अब तक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांवों में सहकारिता संबंधी गतिविधियों को गति प्रदान करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपेक्स बैंक की ग्वालियर में संभागीय शाखा का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक किसान की पूरी यात्रा को सशक्त कर रही है। उन्होंने मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि हम प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनायेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है और गौशालाओं में प्रति गाय चारा अनुदान 20 से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि हमारी विरासत है, एग्री-टेक और एग्री-बिजनेस हमारा भविष्य है। प्रदेश में तकनीक, प्रसंस्करण और बाजार के माध्यम से नई कृषि क्रांति लाई जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई फसलों के साथ उद्यानिकी, जैविक खेती, मत्स्य पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से पानी की हर बूंद का सदुपयोग करने, प्राकृतिक खेती अपनाने, उत्पादन की ग्रेडिंग-प्रोसेसिंग-पैकेजिंग कर सीधे बाजार से जुड़ने, फसल विविधीकरण अपनाने और युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही मध्यप्रदेश की समृद्धि है। उन्होंने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील करते हुए कहा कि इससे शासकीय योजनाओं, समर्थन मूल्य के भुगतान तथा सब्सिडी पर खाद-बीज की सुविधा आसान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बलराम ने कृषि को प्रकृति के साथ जोड़कर स्वावलंबन का नया अध्याय शुरू किया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम माना गया है। खेती से प्रकृति समृद्ध होती है और मनुष्य को अनाज मिलता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण का संकल्प लिया है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर सम्मान रखते हैं। अन्नदाता अपने अथक परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है। राज्य सरकार खेतों से लेकर निर्यात तक किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। किसान कवच योजना के माध्यम से हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में अब देश का अग्रणी राज्य बना है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा अभी 60 लाख हैक्टेयर से अधिक है, जिसे अगले ढाई वर्ष में 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने की सुविधा दी है। अब उन्हें 6-6 माह में खाता पलटने की जरूरत नहीं है। नई व्यवस्था के मुताबिक, अब किसान वर्ष में किसी भी समय कर्ज की राशि भर सकते हैं। किसान अनाज के साथ उद्यानिकी फसलों से लाभ कमाएं। इसके लिए "एक बगिया मां के नाम'' योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश सरकार पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। दूध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए नई गौपालन योजना की शुरुआत की है। इस योजना में पशुपालकों को 40 लाख के ऋण पर 10 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। किसानों को … Read more

दिन में भी खेतों की सिंचाई कर सकेंगे किसान, बिजली उपलब्ध कराने का बड़ा ऐलान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी उपलब्ध होगी बिजली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने श्योपुर में बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित श्योपुर   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सतत् रूप से सुविधाएं देने का कार्य किया जा रहा है।अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे वे दिन के समय में भी अपनी फसलों में पानी दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  कृषि उपज मंडी परिसर श्योपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने श्योपुर के किसानों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी श्योपुर में किसानों के लिए नवीन विश्राम गृह निर्माण के लिये 60 लाख रूपये प्रदान करने की घोषणा की। ग्वालियर एयरपोर्ट से कार्यक्रम में श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत औरअपेक्स बैंक अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह यादव भी वर्चुअली उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।इसमें किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है।खरीफ एवं रबी फसलों के लिए 6-6 माह की अवधि ऋण चुकाने के लिए निर्धारित थी, जिसे बढाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है, अर्थात किसान द्वारा जिस दिनांक से ऋण लिया जायेगा, उसे चुकाने की अवधि उस दिनांक से एक वर्ष तक की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढाने के लिए पशुपालन को भी बढावा दिया जा रहा है। अधिक से अधिक संख्या में दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जाये और दुग्ध उत्पादन को बढाया जायें। उन्होंने कहा कि श्योपुर जिले में धान और गेहूं का बम्पर उत्पादन होता ही है। जिले के किसान मोटे अनाज का उत्पादन भी कर रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 12वी कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को ही मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपील की कि बच्चों को पढ़ायें तथा फिजूलखर्ची को रोकें, समाज में ऐसी परम्परा डाले, जिससे शादी-विवाह सहित अन्य सामाजिक आयोजनों में अधिक खर्च न हों। सामूहिक विवाह सम्मेलनों के माध्यम से विवाह संपन्न करायें। उन्होंने सभी को जन्माष्टमी की बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद भी किया। इस दौरान ग्राम राडेप के किसान श्री मुकुट चौधरी ने बताया कि शासन की योजना में कृषि अभियांत्रिकी के माध्यम से उन्हें पराली प्रबंधन के लिये कृषि यंत्र सब्सिडी पर प्राप्त हुए हैं, पराली प्रबंधन के लिए सुपर सीडर खरीदा था, जिस पर 1 लाख 20 हजार रूपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले में पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, एनआरएलएम द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले में आये किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा खेती-किसानी की नवीन तकनीकी और फसलों के संबंध में लाभदायक जानकारी प्रदान की गई है। कार्यक्रम में श्योपुर में प्रगतिशील किसान श्री नरेन्द्र चौधरी, श्री भरत जाट, श्री शिशुपाल मीणा, श्री सोनू शर्मा, श्री बनवारी मीणा, श्री भुवनेश मीणा, श्री पूरण प्रजापति, श्री गोविद पटेलिया औरश्री मान सिंह पटेलिया को शॉल एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कक्षा 12वी में उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए मेधावी विद्यार्थियों में अंकुश मेहर, भूमिका माहौर, आशा गुर्जर, अनमोल मीणा, अभय गुर्जर, पूनम जाट, वैष्णवी जाट, दीनबंधु मीणा, करण मीणा औरमयंक शर्मा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्योपुर में सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई, विधायक श्री बाबू जंडेल, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व विधायक श्री बृजराज सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत कृषि स्थाई समिति के सभापति श्री गिरधारी बैरवा, सांसद प्रतिनिधि श्री सुजीत गर्ग, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान, जनप्रतिनिधि तथा बडी संख्या में किसान उपस्थित रहें।   

जहां-जहां पड़े भगवान श्रीकृष्ण के चरण, उन स्थलों को ‘श्रीकृष्ण तीर्थ’ के रूप में विकसित कर रही सरकार: CM यादव

भगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कान्हा से श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक कृष्ण का जीवन रहा बेहद संघर्षमय मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केन्द्रित रासलीला समारोह में हुए शामिल राधा-कृष्ण की उतारी आरती भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कभी आसान नहीं रहा, जिन्हें जन्म लेते ही मार डालने का प्रयास किया गया हो, ऐसे शिशु का कान्हा से विश्व को श्रीमद्भगवत गीता का ज्ञान देने वाले श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक का जीवन बेहद संघर्षमय और कठिन परिस्थितियों में बीता। निराशा की घनघोर परछाइयों के बावजूद उन्होंने चुनौतियों से कभी मुंह नहीं मोड़ा और अपने जीवन लोक कल्याण के लिये का सदुपयोग किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कभी मोह नही रखा। जीवन में जिस व्यक्ति विशेष और वस्तु से उनका सामना हुआ, एक बार वहां से लौटने के बाद दोबारा वे किसी से नहीं मिले। सर्वविदित है कि विश्व के कल्याण के लिए गीता का ज्ञान भी योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से ही निकला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण 64 कलाओं, 14 विद्या और 18 पुराणों में निष्णात थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम रविन्द्र भवन में आयोजित भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केन्द्रित रासलीला समारोह में उपस्थित दर्शकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां राधा-कृष्ण की सजीव झांकी में राधा-कृष्ण बने सुधि और सुघढ़ कलाकारों की विशेष आरती उतारी और उनसे आशीष पाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रासलीला समारोह में दूरदराज से आए कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा सभी को हलषष्ठी और जन्माष्टमी की अग्रिम बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश से गहरा नाता रहा। वे मध्यप्रदेश आकर यहीं शिक्षित-दीक्षित होकर कान्हा से भगवान श्रीकृष्ण बने। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं, राज्य सरकार उन स्थलों को चिन्हित कर उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं 3 सितम्बर को द्वारिका (गुजरात) भ्रमण पर जा रहे हैं। रासलीला समारोह में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्यपालिक अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, संचालक संस्कृति एनपी नामदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। संस्कृति विभाग द्वारा रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच में सात दिवसीय 'रासलीला समारोह' का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया जा रहा है। समारोह में प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की मनोहारी लीलाओं को सौंदर्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में दर्शक इन लीलाओं को देखने एवं देश के सुविख्यात भजन गायकों के भक्ति गायन को सुनने पहुंच रहे हैं। संस्कृति विभाग द्वारा प्राचीन लोककला परम्परा को राज्य स्तरीय आयोजन से प्रदर्शित करने का उद्देश्य युवा पीढ़ी से जुड़ाव एवं आमजन तक इसका प्रचार-प्रसार करना है। पांचवे दिवस गोवर्धन लीला एवं रास की भूमिका प्रसंगों का प्रदर्शन ब्रज के पारम्परिक कलाकारों द्वारा किया गया। रासलीला का निर्देशन मथुरा से आए माधव आचार्य द्वारा किया गया। सर्वप्रथम गोवर्धन लीला का प्रदर्शन कलाकारों द्वारा किया गया। ब्रज बोली में इस प्रसंग का प्रदर्शन अत्यंत रोचक था। गोवर्धन लीला श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में प्रकृति, लोकजीवन और ईश्वर-भक्ति के अद्भुत समन्वय का प्रसंग है। जब ब्रजवासी इंद्र की पूजा की तैयारी कर रहे थे, तब बालकृष्ण ने उन्हें समझाया कि उन्हें अपने जीवन का आधार गोवर्धन पर्वत, गौवंश और प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। ब्रजवासियों ने कृष्ण की बात मानकर गोवर्धन पूजा की। इससे इंद्र कुपित हुए और मूसलाधार वर्षा कर ब्रज को संकट में डाल दिया। ब्रजवासियों की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका पर गोवर्धन पर्वत धारण किया और ब्रजवासियों को उसके नीचे आश्रय दिया। यह लीला अहंकार पर विनम्रता, भय पर विश्वास और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की विजय का संदेश देती है। इंद्र का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण की महिमा स्वीकार की। गोवर्धन लीला के पश्चात कृष्ण की वंशी की मधुर तान और ब्रज की गोपियों की कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम-भावना रास की भूमिका तैयार करती है। रासलीला को लौकिक प्रेम के रूप में नहीं, बल्कि जीवात्मा और परमात्मा के आध्यात्मिक मिलन एवं अनन्य भक्ति के प्रतीक के रूप में समझा जाता है। श्रीमद्भागवत के रास पंचाध्यायी प्रसंग में यह भाव अत्यंत मार्मिक रूप से अभिव्यक्त होता है। कृष्ण की बंशी सुनकर गोपियों का उनके प्रति आकृष्ट होना, सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। इस प्रकार गोवर्धन लीला जहाँ संरक्षण, प्रकृति-प्रेम और अहंकार-विनाश का संदेश देती है, वहीं रास की भूमिका भक्ति, प्रेम और आत्मसमर्पण की उस यात्रा का आरंभ है, जिसमें भक्त और भगवान का संबंध सर्वोच्च आध्यात्मिक अनुभूति में रूपांतरित होता है। भक्ति के सुरों में रची कृष्ण-प्रेम की संध्या रासलीला समारोह की पांचवी संध्या भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक भावों से सराबोर हो उठी। सुरूपाली कुसुमकर एवं साथी, जबलपुर के मधुर स्वरों में भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। वातावरण कृष्ण-प्रेम के रंग में रंग गया। ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’, ‘एक राधा एक मीरा’, ‘तेरे बगैर सांवरिया’, ‘श्याम तेरी बंसी’, ‘मुकुट सिर मोर का’, ‘ओम नमः शिवाय’ और ‘राम सिया राम’ जैसे भक्ति गीतों ने श्रोताओं के मन में श्रद्धा और आनंद का संचार किया। राधा-कृष्ण के प्रेम से लेकर शिव और राम की भक्ति तक, प्रस्तुतियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की विविध भावधाराओं को सुरों में पिरोया। गायन में उनका साथ गगनदीप एवं सोनाली कुसुमकर ने दिया। सुनील सोनी ने की-बोर्ड, शुभम ने ऑक्टोपैड, शानू ने ड्रम, फिलिप ने गिटार एवं आनंद ने ढोलक पर संगत से गायन को और भी अधिक प्रभावशाली बनाया।  

सीहोर में पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण को मिलेगी रफ्तार, CM मोहन यादव 4 सितंबर को करेंगे पहला ट्रांसफॉर्मर रोल-आउट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 4 सितंबर को सीहोर में सीजी की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाई के प्रथम ट्रांसफॉर्मर का करेंगे रोल-आउट देश की सबसे बड़ी पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण सुविधा में 1200 केवी तक के ट्रांसफॉर्मर बनेंगे सीहोर में 2000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 सितंबर को सीहोर में सीजी (क्रॉम्पटन एंड ग्रीव्स) पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाई के प्रथम ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ करेंगे। करीब 50 एकड़ में स्थापित यह इकाई एक ही स्थान पर स्थित भारत की सबसे बड़ी पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण सुविधा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगस्त 2025 में इस संयंत्र का भूमि-पूजन किया था और अब करीब 13 से 14 महीने में यहां उत्पादन प्रारंभ हो गया है। सीहोर में स्थापित यह आधुनिक इकाई देश में बढ़ती विद्युत जरूरतों को देखते हुए उच्च क्षमता वाले पॉवर ट्रांसफॉर्मर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यहां 220 केवी से लेकर 1200 केवी श्रेणी के पॉवर ट्रांसफॉर्मर बनाए जाएंगे। इकाई की उत्पादन क्षमता हर माह 35 पॉवर ट्रांसफॉर्मर तैयार करने की होगी। इतनी बड़ी क्षमता वाली सुविधा एक ही स्थान पर स्थापित होने से देश में उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरणों के निर्माण को मजबूती मिलेगी। सीहोर में तैयार होने वाले उच्च क्षमता के ट्रांसफॉर्मर देश के विभिन्न हिस्सों के साथ वैश्विक बाजारों तक भी पहुंचेंगे। इकाई में तैयार होने वाले ट्रांसफॉर्मर विद्युत क्षेत्र के साथ डेटा सेंटर, रेलवे, नवकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस तथा ट्रांसमिशन अधोसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं में उपयोग किए जाएंगे। मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को तेजी से धरातल पर उतारने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को वास्तविक उद्योगों में बदलने और उनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। सीजी की इस इकाई से सीहोर में 2000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड विद्युत इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करीब नौ दशकों से कार्य कर रही है। कंपनी ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, इंडक्शन मोटर्स, ड्राइव्स, ट्रैक्शन मोटर्स और अन्य विद्युत उपकरणों का निर्माण करती है। सीहोर की नई इकाई कंपनी की पॉवर ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षमता को बड़े स्तर पर विस्तार देगी। सीहोर में बनने वाले बड़े और उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर से जहां देश की विद्युत जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, वहीं इनके निर्यात से सीहोर और मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को भी नई दिशा मिलेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ इस इकाई से जुड़े अन्य कारोबारों के लिए भी अवसर बढ़ेंगे।  

जनविश्वास पोर्टल अभियान के उद्देश्यों को पूरा करने में होगा प्रभावी, बोले CM मोहन यादव

जनविश्वास पोर्टल, अभियान के उद्देश्यों को पूरा करने में होगा प्रभावी और लाभकारी सिद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पोर्टल पर नियमित रूप से जानकारियां की जाएं अपलोड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय से की मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान पोर्टल की लांचिंग भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 7 अगस्त से आरंभ मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अब तक चार सप्ताह सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं। कम समय में ही अभियान का अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव रहा है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक सभी सप्ताह में एक दिन फील्ड पर जाकर जनता की समस्याओं का तुरंत निराकरण कर रहे हैं। जनविश्वास पोर्टल, अभियान के उद्देश्यों को पूरा करने में प्रभावी और लाभकारी सिद्ध होगा। प्रत्येक स्तर पर अधिकारी इस पोर्टल में यूजर मैनुअल के अनुसार नियमित रूप से जानकारियां अपलोड करना सुनिश्चित करें। इसके समेकित उपयोग से मैदानी स्तर पर जनसामान्य को बहुत लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन विश्वास पोर्टल की आज मंत्रालय में लाँच कर यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन विश्वास अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यो की संपूर्ण जानकारी व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के लिए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पोर्टल बनाया गया है। पोर्टल पर अभियान के अंतर्गत किए गए भ्रमण, निरीक्षण, जन संवाद, उद्यम संवाद, जिला स्तरीय समीक्षा बैठक, नीतिगत विषय, अभियान के दौरान दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों, जिले के प्रमुख नवाचारों और जिले की ओर से भेजे जाने वाले सुझावों को दर्ज किया जाएगा। प्रति सप्ताह दर्ज की जाने वाली जानकारी की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी और राज्य स्तरीय मामलों के निराकरण के लिए आवश्यक समन्वय भी होगा। 

जन विश्वास अभियान पोर्टल लॉन्च, 5.64 लाख शिकायतें निपटीं; हर सोमवार कलेक्टर देंगे रिपोर्ट

भोपाल  प्रदेश में जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और अधिकारियों की मैदानी सक्रियता की निगरानी के लिए शुरू किए गए जन विश्वास अभियान के तहत अब जिलों की गतिविधियों और उपलब्धियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पोर्टल शुरू किया गया है। सीएम डॉ मोहन यादव ने आज मंत्रालय में इस पोर्टल को लॉन्च किया। इस अभियान की शुरुआत 7 अगस्त 2026 को हुई थी और अब तक चार सप्ताह पूरे हो चुके हैं। एक महीने में 5.64 लाख शिकायतों का समाधान अभियान के पहले महीने में 5 लाख 64 हजार से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण किया गया है। वहीं, लोक सेवा गारंटी के तहत दर्ज 8 लाख 6 हजार से अधिक आवेदनों का भी निराकरण किया जा चुका है। अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक सप्ताह में एक दिन फील्ड में जाकर जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। हर सोमवार पोर्टल पर अपडेट होगी जिले की रिपोर्ट पोर्टल पर जिलों से हर सप्ताह अभियान के दौरान किए गए कामों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद और मीडिया संवाद के साथ जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों की जानकारी भी शामिल होगी। इसके अलावा नीतिगत विषय, अभियान के दौरान दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश, जिले के प्रमुख नवाचार और राज्य सरकार को भेजे जाने वाले प्रमुख सुझाव भी पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। संभागायुक्त करेंगे नियमित मॉनिटरिंग अभियान के दौरान शुक्रवार तक किए गए कार्यों की जानकारी संबंधित जिला कलेक्टर को अगले सोमवार तक अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। संभागायुक्त इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक सोमवार को जिलों की पूरी जानकारी अपलोड हो गई है। विभागों को भी मिलेगी निगरानी की जिम्मेदारी पोर्टल की मॉनिटरिंग के लिए सभी विभागों को लॉगिन आईडी दी जा रही हैं। कलेक्टरों द्वारा हर सप्ताह दर्ज की जाने वाली जानकारी की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा होगी। इसके जरिए जिलों से जुड़े ऐसे मामलों को चिह्नित किया जाएगा, जिनके निराकरण के लिए राज्य स्तर पर समन्वय की जरूरत है। पोर्टल पर क्या-क्या दर्ज होगा भ्रमण से लेकर नवाचार तक का रिकॉर्ड जन विश्वास पोर्टल पर जिलों की गतिविधियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसमें अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद, इंफ्लुएंसर संवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की जानकारी दर्ज होगी। इसके अलावा नीतिगत एवं राज्य स्तरीय विषय, महत्वपूर्ण निर्देश, प्रमुख सुझाव और ऐसे नवाचार भी दर्ज किए जाएंगे, जिन्हें दूसरे जिले अपना सकें। हर गतिविधि की फोटो अपलोड करना जरूरी पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली गतिविधियों के साथ उसका फोटो भी अपलोड करना होगा। यूजर मैनुअल के अनुसार फोटो अधिकतम 1 एमबी का होना चाहिए और JPG, JPEG या PNG फॉर्मेट में स्वीकार किया जाएगा। फोटो ऐसी होनी चाहिए, जिससे पूरी गतिविधि का प्रतिनिधित्व हो सके। यह व्यवस्था भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के लिए दी गई है। 700 शब्दों में बताना होगा पूरा काम भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद और इंफ्लुएंसर संवाद की पूरी कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इसके साथ बैठक या संवाद के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश और सुझाव बिंदुवार दर्ज किए जाएंगे। इनका विवरण अधिकतम 700 शब्दों में दिया जा सकेगा। कितने लोग आए, कहां हुआ संवाद और क्या शिकायत मिली जनसंवाद के लिए पोर्टल पर गतिविधि की तारीख और नेतृत्व करने वाले अधिकारी का नाम दर्ज करना होगा। इसके बाद संवाद का स्थान, कार्यक्रम में शामिल नागरिकों की अनुमानित संख्या और उनकी समस्या/शिकायत का विवरण दर्ज किया जाएगा। पूरी कार्रवाई और प्रमुख निर्देश-सुझाव भी अपलोड करने होंगे। सरकार का फोकस सिर्फ आम जनता तक सीमित नहीं पोर्टल में उद्यम संवाद और इंफ्लुएंसर संवाद के लिए भी अलग मॉड्यूल रखा गया है। उद्यम संवाद में शामिल उद्यमियों की अनुमानित संख्या, स्थान और पूरी कार्रवाई का विवरण दर्ज होगा। वहीं इंफ्लुएंसर संवाद में उपस्थित इंफ्लुएंसर्स की संख्या, कार्यक्रम का स्थान और पूरी कार्रवाई दर्ज की जाएगी। दोनों गतिविधियों में प्रमुख निर्देश-सुझाव और फोटो अपलोड करने की व्यवस्था है। दूसरे जिलों में लागू हो सकने वाले नवाचार भी दर्ज होंगे पोर्टल पर अभियान के दौरान मिले प्रमुख सुझावों के साथ जिले के ऐसे महत्वपूर्ण नवाचारों की जानकारी बुलेट पॉइंट में दर्ज की जाएगी, जिन्हें दूसरे जिले भी अपना सकें। इससे जन विश्वास अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में किए जा रहे प्रयोगों और बेहतर कामों को साझा करने का आधार तैयार होगा।

‘मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से बदलेगा मध्यप्रदेश, CM डॉ. यादव बोले- देश का अग्रणी राज्य बनेगा MP

मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी के संकल्प से मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026' को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नवीन नियम केवल नगरीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य के सभी शासकीय विभागों में समान रूप से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले कचरे को भी समेकित कर वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दूरगामी नियम का सफल क्रियान्वयन केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को आगे आकर अपनी महती भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में विशेष आदतों को सम्मिलित करने के लिए कहा कि पर्यावरण को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी प्रकार का कचरा न तो खुले में फेंकेंगे और न ही उसे जलाएंगे। अपने घर, गली, मोहल्ले और नगर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट को चार श्रेणियों— 'गीला, सूखा, सैनिटरी एवं स्पेशल केयर' में अनिवार्य रूप से अलग-अलग करके ही अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को सौंपें। कचरे को संपदा में बदलने और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से गृह-स्तर पर जैविक खाद निर्माण (होम कम्पोस्टिंग) अपनाने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने कपड़े, पुस्तकें और अन्य उपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय स्थानीय 'रिड्यूस, रियूस, रिसाईकल' (आरआरआर) केंद्रों में जमा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विकसित करने के लिए बाजार जाते समय हमेशा अपना कपड़े का झोला और पानी की व्यक्तिगत बोतल साथ रखने की आदत डालें, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट की उत्पत्ति को प्राथमिक स्तर पर ही न्यूनतम किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के समस्त नगरीय निकायों को प्रदेश के प्रत्येक घर, व्यावसायिक दुकान और झुग्गी बस्तियों से नियमित, समयबद्ध और निर्बाध रूप से कचरे का संग्रहण करने के निर्देश दिए। इस जन-सरोकार के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे सामूहिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और जीवन की समग्र गुणवत्ता का आधार स्तंभ है। हम आज यदि पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे, तभी अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश सौंप पाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर "मेरा कचरा – मेरी जिम्मेदारी" के मंत्र को आत्मसात करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर और संवहनीय (सस्टेनेबल) राज्य बनाएं।