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महिला अधिकारियों का वर्चस्व बढ़ा मोहन सरकार में, अब उन्हें मिल रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में महिला अफसरों पर भी खासा भरोसा जताया जा रहा है। प्रदेश में उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। प्रशासनिक ढांचे में महिला अफसरों का दबदबा बढ़ रहा है। ये बात ऐसी ही नहीं कही जा रही है बल्कि आंकड़े इसकी गवाही दे रहे है। मध्य प्रदेश राज्य में पहली बार बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारियों को जिलों का दायित्व सौंपा गया है। मध्य  प्रदेश के 55 जिलों में से 17 की कमान महिला IAS अधिकारियों के पास अगर हम वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश के 55 जिलों में 17 जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के पास अगर गौर किया जाए तो पहले कभी भी प्रदेश में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली है।जब इतने बड़े स्तर पर महिला अफसरो को कमान सौंपी गई हो। स्थिति ये है कि  मोहन यादव सरकार में महिला अधिकारियों पर भरोसा जताकर कई जिलों में उन्हें कलेक्टर के तौर पर भी नियुक्त किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि महिला अधिकारियों पर भरोसा बढ़ा है। बात करें बड़वानी, झाबुआ और डिंडोरी की तो यहां पर लगातार महिला कलेक्टर को जिम्मेवारी सौंपी जा रही है। प्रदेश में महिला कलेक्टरों का बढ़ा दबदवा  मध्य प्रदेश  के खरगोन, बड़वानी, झाबुआ आलीराजपुर ऐसे जिले हैं जो ये मुहर लगा रहे हैं, इंदौर संभाग में महिला अधिकारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उज्जैन संभाग के रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा मंदसौर में भी महिला आईएएस अधिकारियों का जलवा है। रीवा, पन्ना, निवाड़ी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, सिवनी जिलों में महिला कलेक्टर अपनी योग्यता का बखूबी प्रदर्शन कर रही है।वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में कई दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को भी पहली बार कलेक्टर बनने का मौका मिल सकता है। आने वाले समय में 2011 से 2017 बैच तक की महिला अधिकारियों को मौके की उम्मीद बात करें तो वर्ष 2014 बैच की महिला अधिकारियों की संख्या सबसे अधिक है। 2016 बैच की भी कई अधिकारी जिलों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उम्मीद है कि 2011 से 2017 बैच तक की दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर बनने का अवसर मिल सकता है। लिहाजा महिला अधिकारियों को मोहन सरकार में काफी महत्व दिया जा रहा है।

सीएम के सख्त निर्देश: वल्लभ भवन में समय पालन न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज वल्लभ भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग को आदेश दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा कार्यालयों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्रित की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन कर सभी कार्यालयों में तैनाती कर दी है, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस आदेश की सूचना दी गई है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले भी अधिकारियों को समय पर कार्यालय आने की हिदायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि कई बार पांच दिवसीय कार्यालय होने के बावजूद अधिकारी अपने निर्धारित समय पर नहीं आते, जो प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। सीएम के निर्देशों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यालय समय का पालन कड़ाई से हो। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 9:05 बजे भोपाल से उड़ान भरकर उदयपुर पहुंचेंगे और वहां से भीलवाड़ा जाएंगे। भीलवाड़ा में वे उद्योगपतियों के साथ निवेश संभावनाओं पर संवाद करेंगे। इसके बाद दोपहर 3:25 बजे वे उदयपुर से जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। जबलपुर से गढ़ाकोटा के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहा वह  218वें ‘रहस मेला’ और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के वितरण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद सीएम शाम को रायपुर जाएंगे।  जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम करना अब अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। 

ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन में CM मोहन यादव होंगे शामिल, बहनों को मिलेगा 1836 करोड़

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाडली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुंचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित करेंगे। ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी। लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। मंदिर पहुंचकर करेंगे पूजा-अर्चना प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मार्च को दोपहर वायुमार्ग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से घाटीगांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को मजबूत आधार दे रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपए की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इन कार्यों का होगा भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शबरी माता परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान ग्वालियर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्र की नव-निर्मित सड़कों का लोकार्पण भी किया जाएगा। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह तथा 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने वाले हॉल व छात्रावास तथा भितरवार में लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।  

प्रदेश में घरेलू गैस की कमी नहीं, सप्लाई लगातार जारी रहेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं-निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर फोकस मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स के साथ की वी.सी. भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं। नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा एक विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है कि जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे जहाज एवं टेंकर जिनमें भारतीय फ्लेग लगे हैं उनको नहीं रोका जाएगा, यह एक राजनयिक विजय है, जिससे पेट्रोलियम सप्लाई में बाधा समाप्त होगी। गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिये प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया गया है, जिससे देश में किसी भी प्रकार की घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी न हो। उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति का गठन भी किया गया है। मुख्य सचिव  जैन ने जिला कलेक्टर्स को दिये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर-कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम-मध्य एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के दृष्टिगत एलपीजी सहित अन्य ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी  कैलाश मकवाना और एसीएस  शिवशेखर शुक्ला एवं मती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करें तथा इससे जुड़ी कंपनियां भी सर्वर आदि की क्षमता बढाएं जिससे रिफिल बुकिंग ओटीपी जनरेशन और वितरण बिना असुविधा के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चत करें कि गलत सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों को सख्ती से रोंके और उपभोक्ताओं तक मीडिया आदि का उपयोग कर सही सूचना पहुचाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए और सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो, यह सुनिश्चत करें। मुख्य सचिव  जैन ने कई कलेक्टर्स द्वारा होटल्स, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन आदि के संचालकों से बात कर रसोई गैस की जगह इलेक्ट्रिक भट्टी और इंडेक्शन आदि का उपयोग बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे भी वैकल्पिक और सुरक्षित ईंधन के उपयोग के प्रति नागरिकों और खानपान व्यवसाय में लगे लोगों बीच वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के प्रति जागरूकता बढाएं। मुख्य सचिव  जैन ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए। डी.जी.पी.  मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेट फार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति मती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी सहित पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश के सीएनजी स्टेशन एवं पीएनजी उपभोक्ताओं के उपयोग के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश मे पेट्रोलियम/ सीएनजी/पीएनजी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की लगातार उपलब्धता है। शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर के उपयोग की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कलेक्टर्स से मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है। कांफ्रेंस में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, धार के कलेक्टर्स सहित ग्वालियर एवं रीवा के कमिश्नर ने किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। एसीएस मती शमी ने अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह दें। जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक/अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा भी करें। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्य शासन एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से सतर्क है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव को समन्वय अधिकारी बनाया गया है, वे प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद और समन्वय करेंगी। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद गलत सूचनाओं के कारण घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सहित अन्य ईंधन का सुरक्षित परिवहन, भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर के साथ ही … Read more

CM मोहन ने किया हटा का नाम बदलने का ऐलान, 405 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन भी किया

सागर   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जहां बेटियां जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं, वह सिर्फ़ और सिर्फ़ अपना मध्यप्रदेश ही है। नारी सदैव पूजनीय हैं। हम अपने देश को भी जननी मानकर भारत माता की जय कहकर पूजते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार की योजनाएं महिलाओं के जीवन में हर कदम पर पक्की सहेली बनकर उनके साथ खड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन सह शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के कारण प्रदेश के लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है। साथ ही बेटियों के प्रति समाज की सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों की प्रगति और आशीर्वाद से ही प्रदेश में समृद्धि आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से दमोह जिले के लिए 405 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें लगभग 232 करोड़ रूपए की लागत से हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग (एसएच-55) के 73 किमी मार्ग के टू-लेन रोड के रूप में उन्नयन एवं चौड़ीकरण, 74 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से मडियादो से बर्धा किशनगढ़ सड़क निर्माण और 48 करोड़ 89 लाख रूपये की लागत से मड़ियादो से रजपुरा मार्ग के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन शामिल है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत से विकास के मूल मंत्र को अपनाते हुए प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। विगत वर्ष बुंदेलखंड क्षेत्र के वैश्विक पर्यटन स्थल खजुराहो में स्टेट कैबिनेट की मीटिंग कर सरकार ने 27 हजार 500 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल में ही सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हुआ है। उन्होंने सभी माताओं-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अपनी 14 वर्ष से अधिक उम्र कीबेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं और दूसरे लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है, इससे हमारी बेटियों का भविष्य आजीवन सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी वैक्सीन का टीका लगवाने वाली हटा की 8 बेटियों को मंच से प्रमाण पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।     हटा अ‍ब बनेगा शिवकाशी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए हटा का नाम बदलकर इसे शिवकाशी नाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हटा श्री श्री 1008 देवश्री गौरीशंकर की नगरी है, इसलिए अब इसे शिवकाशी के रूप में ही जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों को और भी कई सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि हटा में नवीन आईटीआई भवन बनाया जाएगा। हटा में सर्वसुविधायुक्त नवीन नगर पालिका भवन एवं भव्य गीता भवन भी निर्मित किया जाएगा।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में कार्य का दायदा बहुत विस्तृत है, इसलिए हटा के महाविद्यालय में अब कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन संकाय/विषय भी पढ़ाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विनती-मड़ियादौ-चौरईया मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाएगा। हटा के शासकीय पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में इंडोर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटेरा में नया महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा करते हुए कहा कि मड़ियादो एवं देवरी फतेहपुर में नया हायर सेकेण्डरी भवन बनाया जाएगा। इसी प्रकार नगर परिषद तेंदूखेड़ा में तारादेही तिराहे से चौरई तक मार्ग चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य कराए जाएंगे। नगर परिषद तेंदूखेड़ा में वार्ड क्रमांक 3 में सी.सी. रोड निर्माण कराया जाएगा। गहरा से चौपरा-सिमरी तक मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना के जरिए बुंदेलखंड के हर खेत को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। खेतों में फसलें लहलहाएंगी, अब हटा से कोई रोजगार की तलाश में बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा अब 55 लाख हैक्टेयर तक पहुंच गया है। इसमें 10 लाख हैक्टेयर रकबा तो पिछले 2 साल में ही बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। महिलाओं की खुशहाली में ही प्रदेश की खुशहाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 2 दिन पहले महिला दिवस मनाया है। अब आगे नवरात्रि आ रही है। राज्य सरकार नारी कल्याण के लिए समर्पित है। प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह सम्मानपूर्वक 1500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द लोकसभा और विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य में नगरीय निकायों में यह आरक्षण 50 प्रतिशत तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटा विधायिका उमादेवी खटीक को जन्मदिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे हटावासियों की दीर्घकाल तक सेवा करती रहें।  हटा विधायिका खटीक ने स्वागत संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहली बार हटा विधानसभा क्षेत्र आए हैं। साथ में 405 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगातें भी लाये हैं। उन्होंने कहा कि नारी पूरे समाज के विकास की प्रमुख आधारशिला होती है। आज हमारी महिलाएं शिक्षा, सेना और हर क्षेत्र में देश को गौरव दिला रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मजबूती से काम हो रहा है। प्रदेश में हर बेटी का सम्मान और हर महिला को रोजगार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आज दमोह जिले के लिए अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन पूरा हुआ है। इससे इस क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे।  कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) … Read more

बैतूल के 20 श्रमिक और हरदा के 4 श्रमिकों की सुरक्षित हुई घर वापसी

तमिलनाडु में बंधुआ बनाए गए 24 श्रमिकों का प्रशासन ने कराया सफल रेस्क्यू बैतूल के 20 श्रमिक और हरदा के 4 श्रमिकों की सुरक्षित हुई घर वापसी सभी ने राज्य सरकार का माना आभार प्रत्येक को मिलेगी 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता बैतूल रेलवे स्टेशन पर कलेक्टर एवं एसपी ने किया श्रमिकों का आत्मीय स्वागत भोपाल मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों के कल्याण के कार्य निरंतर कर रही हैं। तमिलनाडु के इरोड जिले में बंधुआ बनाकर रखे गए बैतूल जिले के 20 और हरदा के 4 श्रमिकों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, जिला प्रशासन तथा वनवासी कल्याण आश्रम  के त्वरित एवं समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। सभी श्रमिकों के बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर स्थानीय कलेक्टर  नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक  वीरेंद्र जैन ने आत्मीय स्वागत किया। वनवासी कल्याण आश्रम के जिला अध्यक्ष  महेश्वर भलावी, जिला श्रम पदाधिकारी  धम्मदीप भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। स्टेशन पर सभी श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित की गई। कलेक्टर  सूर्यवंशी ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा उनके सुरक्षित घर पहुंचने की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए राजस्व, पुलिस और श्रम विभाग निरंतर उनके संपर्क में रहेंगे। साथ ही श्रम पदाधिकारी को निर्देशित किया कि श्रमिकों से संपर्क बनाए रखते हुए आर्थिक सहायता स्वीकृति हेतु आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएं। रेलवे स्टेशन से सभी श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई तथा भोजन की भी व्यवस्था की गई।सुरक्षित वापसी पर श्रमिकों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन  आभार व्यक्त किया। जिला श्रम पदाधिकारी  धम्मदीप भगत ने बताया कि उक्त श्रमिक काम करने के लिए तमिलनाडु के इरोड जिले गए थे, जहां होली पर्व पर अवकाश मांगने पर उन्हें छुट्टी नहीं दी गई और बंधुआ बनाकर कार्य कराया जा रहा था। मामले की जानकारी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य  प्रकाश ऊईके माध्यम से मिलते ही बैतूल जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए श्रम, पुलिस एवं राजस्व विभाग के संयुक्त समन्वय से इरोड जिला प्रशासन से संपर्क स्थापित किया और सभी श्रमिकों को मुक्त कराया। रेस्क्यू किए गए प्रत्येक श्रमिक को शासन द्वारा 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाएगी, जिससे वे अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित कर सकें। जिला प्रशासन द्वारा उनके पुनर्वास एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है। उन्होंने बताया कि कुल 24 श्रमिकों में से 4 हरदा जिले तथा 20 बैतूल जिले के निवासी हैं। बैतूल के सभी श्रमिक भीमपुर ब्लॉक के काबरा, बोरकुंड, बीरपुरा और बासिंदा ग्राम के रहने वाले हैं। हरदा जिले के चार श्रमिकों को सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गई। उक्त कार्य में समाजसेवी  प्रवीण ढोलके ओर विक्रांत कुमरे ने भी सक्रिय भूमिका निभाई ।  

सरकार ने बड़ा ऐलान किया: 46 लाख संपत्ति रजिस्ट्री फ्री, योजनाओं की समीक्षा के लिए 4865 युवाओं को भेजा गांवों में

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 33,000 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विभागों की योजनाओं को निरंतरता दी गई। इस बड़े वित्तीय आवंटन के माध्यम से प्रदेश में जारी विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी योजनाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार भूमि स्वामित्व योजना के तहत 46 लाख लोगों की संपत्ति रजिस्ट्री का स्टांप शुल्क खुद वहन करेगी, जिससे सरकार पर करीब 3000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। कैबिनेट ने प्रदेश में योजनाओं के जमीनी फीडबैक के लिए सीएम यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम शुरू करने का फैसला भी किया है। यह कार्यक्रम तीन साल तक चलेगा। इसके लिए हर विकास खंड से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल के माध्यम से होगी। कार्यक्रम तीन साल तक चलेगा     हर विकासखंड से 15 युवाओं का चयन होगा     कुल 4865 युवाओं की नियुक्ति होगी     युवाओं को 10 हजार रुपए मासिक मानदेय मिलेगा एक साल के अनुबंध पर नियुक्ति होगी इन युवाओं की जिम्मेदारी अपने विकासखंड में संचालित योजनाओं का फीडबैक और जमीनी रिपोर्ट तैयार करना होगी। यह रिपोर्ट सीधे सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल के माध्यम से मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों तक पहुंचेगी। इस कार्यक्रम पर करीब 170 करोड़ रुपए खर्च होंगे। भूमि स्वामित्व योजना क्या है     भूमि स्वामित्व योजना की शुरुआत केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने 2020 में की थी।     ड्रोन सर्वे के जरिए गांवों की जमीन का सीमांकन किया जाता है।     ग्रामीणों को प्रॉपर्टी कार्ड (स्वामित्व कार्ड) दिए जाते हैं।     इससे भूमि विवाद कम होते हैं।     बैंक से लोन लेना आसान होता है। अनुबंध पर रखे जाएंगे युवा चयनित युवाओं को 10 हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जाएगा और एक साल के अनुबंध पर सेवा में रखा जाएगा। कुल 4865 युवाओं का चयन होगा और इस कार्यक्रम पर तीन साल में करीब 170 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन युवाओं की जिम्मेदारी अपने विकासखंड में संचालित योजनाओं की जमीनी स्थिति और फीडबैक की रिपोर्ट तैयार करना होगी। यह रिपोर्ट सीधे सुशासन स्कूल के माध्यम से मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों तक पहुंचेगी। इसके लिए डैशबोर्ड और पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। रजिस्ट्री का खर्च उठाएगी सरकार भूमि स्वामित्व योजना में प्रदेश के करीब 46 लाख ग्रामीण नागरिकों को जमीन का स्वामित्व मिलेगा। इस योजना की शुरुआत केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने वर्ष 2020 में की थी। ड्रोन तकनीक के माध्यम से ग्रामीण आबादी की जमीन का सीमांकन कर प्रॉपर्टी कार्ड (कानूनी स्वामित्व कार्ड) दिए जाते हैं, जिससे भूमि विवाद कम होते हैं और बैंक से ऋण लेना भी आसान होता है। सात विभागों की योजनाएं 2031 तक जारी कैबिनेट ने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, योजना-आर्थिक एवं सांख्यिकी, जनजातीय कार्य और महिला-बाल विकास सहित सात विभागों की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने के लिए 33,240 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इसमें महिला आयोग, बाल संरक्षण आयोग, छात्रवृत्ति योजनाएं, आरडीएसएस, दिव्यांगों के लिए प्रोफेशनल टैक्स में छूट और स्टार्टअप के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल है। स्वास्थ्य केंद्रों में 51 पदों पर भर्ती मंत्री काश्यप ने बताया कि मैहर, निमरानी और कैमोर में पीएफआईसी के तहत अस्पतालों के लिए स्टाफ भर्ती की जाएगी। श्रम विभाग के माध्यम से डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों सहित कुल 51 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा चितरंगी में व्यवहार न्यायाधीश के पद को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। एक जिला-एक उत्पाद को मिलेगा बढ़ावा राज्य सरकार ने एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए 37.50 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है। इस योजना में एमएसएमई, उद्योग, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग संयुक्त कार्ययोजना के तहत काम करेंगे।                          

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दमोह और सागर के कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह और सागर में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल दमोह के हटा में आयोजित होगा महिला सम्मेलन दमोह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दमोह और सागर जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में सहभागिता कर 405 करोड़ रूपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से युवा संगम वृहद रोजगार मेला भी आयोजित किया जायेगा। रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल होंगी, जो युवाओं को रोजगार से जोडेंगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से स्वदेश लौटे जैन परिवार ने किया आभार व्यक्त

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से स्‍वदेश लौटे जैन परिवार ने जताया आभार सदस्‍यों ने मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का किया स्‍वागत युद्ध के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों की वापसी के किए गए प्रयासों की प्रशंसा की भोपाल ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान उज्‍जैन से शारजाह गया जैन परिवार भी फंस गया था। इस दौरान मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संपर्क करने के बाद मुख्‍यमंत्री के विशेष प्रयासों से यह परिवार सकुशल उज्‍जैन लौट पाया। शनिवार को मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के उज्‍जैन आगमन पर जैन परिवार के सदस्‍यों ने वीवी आईपी गेस्‍ट हाउस पर डॉ. यादव का अभिनंदन कर आभार व्‍यक्‍त किया। विगत दिनों उज्‍जैन निवासी  अशोक तल्‍लेरा (जैन) परिवार के सदस्‍यों पत्नी संगीता तल्‍लेरा, बेटा श्रेयांस, बहू अंजली और 02 वर्षीय बालिका के साथ 23 फरवरी को इंदौर से शारजाह गए थे। परिवार की वापसी 01 मार्च को होना थी इसी बीच युद्ध शुरु होने के कारण फ्लाईट्स बंद हो गई थी। परिवार के सदस्‍यों ने भारतीय दूतावास में संपर्क कर वापस लौटने के प्रयास किए। वेटिंग होने के कारण मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा की तो उन्‍होंने तुरंत विशेष प्रयास कर जैन परिवार को भारत के लिए रवाना करवाया।  तल्‍लेरा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्‍व के कारण विदेशों में जाने वाले भारतीयों का सम्‍मान बढ़ा है। युद्ध के कारण विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व से ही जल्‍दी वापसी हुई है। मध्‍यप्रदेश सरकार ने भी विदेश में युद्ध के कारण फंसे मध्‍यप्रदेश के निवासियों की वापसी के लिए प्रयास करने के कारण ही लोग सकुशल घर पहुंच सके है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किए गए प्रयास के लिए परिवार के सभी सदस्‍यों ने उनका अभिनंदन कर आभार व्‍यक्‍त किया है। इस दौरान नगर निगम अध्‍यक्ष मती कलावती यादव भी उपस्थित थी।  

डॉ. यादव अशोकनगर के करीला धाम मेले में शिरकत करेंगे, विकास कार्यों का करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अशोकनगर के करीला धाम मेले में होंगे शामिल विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अशोकनगर जिले की बहादुरपुर तहसील के ग्राम करीला में रंगपंचमी पर आयोजित होने वाले मेले में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर माता जानकी के दर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। करीला धाम श्रृद्धालुओं की आस्था का केन्द्र अशोकनगर जिले की बहादुरपुर तहसील की ग्राम पंचायत जसैया के ग्राम करीला में प्रतिवर्ष रंगपंचमी पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह मेला 7 मार्च से 9 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। माँ जानकी करील के ऐसे घने जंगल में ऋषि बाल्मीकी के आश्रम में लवकुश के साथ रहीं, इसलिए इसे करीला कहा गया। मेले में लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गये हैं। माँ जानकी के दर्शन कर लाखों श्रद्धालुओं लेते हैं आर्शीवाद रंगपंचमी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का करीला धाम आना प्रारंभ हो जाता है। रंगपंचमी के दिन व रात में लाखों श्रद्धालु माँ जानकी के मंदिर में शीश नवाते हैं तथा दर्शन लाभ लेकर आर्शीर्वाद प्राप्त करते हैं। मन्नतें पूरी होने पर हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर राई नृत्य करवाते हैं। करीला के मुख्य मंदिर में माँ जानकी के साथ महर्षि वाल्मिीकि व लव-कुश की प्राचीन प्रतिमाएँ स्थापित हैं। रंगपंचमी पर विशेष रूप से वाल्मीकि गुफा के कपाट खोले जाते हैं। माँ जानकी दरबार की भभूति से फसलों के होते है रोग दूर माँ जानकी माता के दरबार पर जो श्रद्धालु आते हैं, वे दर्शन लाभ लेकर माँ जानकी दरबार की भभूति अपने साथ ले जाते हैं। इस भभूति को फसल के समय खेतों में फसलों पर छिड़का जाता है। यदि फसल में इल्ली लग जाती है तो भक्तजन माँ के दरबार की भभूति खेतों में डालते हैं। लोगों की मान्यता है कि इस भभूति से फसलों में लगे रोग एवं इल्ली दूर हो जाती है। राई नृत्य की रहती है धूम, नृत्यांगनाओं द्वारा किया जाता राई एवं बधाई नृत्य करीला धाम में मान्यता है कि जिसके सन्तान न हो वह यहां आकर मन्नतें मांगे तो उसकी मुराद माँ जानकी पूरी करती हैं। श्रृद्धालु माँ जानकी के दरबार में श्रृद्धा की प्रसादी अर्पित कर मन्नतें मांगते हैं। मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु यहां आकर अपनी श्रृद्धानुसार राई नृत्य करवाते हैं। क्षेत्र में यह लोकोक्ति प्रचलित है कि लव व कुश के जन्म के बाद माँ जानकी के अनुरोध पर महर्षि वाल्मिीकि ने उनका जन्मोत्सव बडी धूम-धाम से मनाया था, जिसमें स्वर्ग से उतरकर अप्सराएँ आई थी तथा उन्होंने यहां नृत्य किया था। वही जन्मोत्सव आज भी रंगपंचमी के अवसर पर यहां मनाया जाता है। उसी उत्सव में हर वर्ष सैकडों नृत्यांगनाएँ यहां राई नृत्य प्रस्तुत करती हैं। नृत्यांगनाएँ ओढ़नी से घूंघट डाले नगाड़ों की गूंज एवं मृदंग की थाप पर लम्बे घेर वाले लहंगे एवं पैरों में घुंघरू की खनखनाती आवाज पर मनमोहक अदाओं के साथ रातभर नृत्य करती हैं। ऐसा लगता है मानो अप्सराएँ जमीन पर उतरकर जन्मोत्सव की खुशी मना रही हों। भोर होने पर नृत्यांगनाओं द्वारा प्रस्तुत बधाई नृत्य के साथ मेले का समापन होता है।