samacharsecretary.com

उज्जयिनी आस्था से बढ़कर, अब उत्कर्ष की दिशा में आगे बढ़ेगा उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जयिनी आस्था से आगे अब बनेगी उत्कर्ष की नगरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेडिसिटी से बनेगी नई पहचान उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुराकाल से धर्म और संस्कृति की राजधानी रही उज्जयिनी अब विकास के नए आयाम गढ़ रही है। उज्जयिनी अब केवल श्रद्धा और आध्यात्म का ही केंद्र नही, उत्कर्ष, आधुनिकता और समग्र विकास की नगरी बनने की ओर अग्रसर है। हम उज्जैन को स्वास्थ्य उपचार, अधोसंरचना विकास और सांस्कृतिक वैभव के संगम के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पित प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले में आयोजित नि:शुल्क जांच एवं उपचार शिविर के समापन समारोह में सहभागिता कर उज्जैन के समग्र विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन में प्रस्तावित मेडिसिटी परियोजना शहर की पहचान को नई दिशा देगी। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त यह मेडिसिटी न केवल उज्जैन बल्कि पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनेगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार के विकास कार्यों को तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। उज्जैन की सभी दिशाओं में जरूरत के अनुसार 8 लेन, 6 लेन और 4 लेन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। पेयजल, स्वच्छता, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके। उज्जैन में हुए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस प्रकार के नवाचार समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। सरकार जनकल्याण के ऐसे प्रयासों को निरंतर बढ़ावा देगी। हम इसे व्यापक स्तर पर लागू करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उज्जयिनी अब विकास, स्वास्थ्य, आध्यात्म और आधुनिकता का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हृदय जांच अभियान के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद हार्ट अटैक की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इन पीड़ितों में 15 से लेकर 30 साल की आयु के लोग अधिक हैं। सबसे अधिक मौतें हार्ट अटैक से हो रही है, यह आंकड़े अत्यंत कष्टकारी एवं सचेत करने वाले हैं। इस चुनौती का समाधान खोजने के लिए इंदौर, उज्जैन और आसपास के मेडिकल कॉलेज और अस्पताल एक साथ आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में लगीं उज्जैन जिले की करीब 5000 आशा कार्यकर्ताओं को 2-2 हजार की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और बहनों का आभार मानकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जन्म दिवस के अवसर पर पहले किसान और अब आम नागरिकों की स्वास्थ्य की चिंता करते हुए सेवा की संकल्प की पूर्ति की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले हृदय की बीमारी होने पर अधिकांश मरीज इलाज के लिए गुजरात जाते थे। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना शुरू होने के बाद उन्हें सही समय पर मध्यप्रदेश में ही उचित इलाज मिल रहा है। हृदय की बीमारियों के संदर्भ में उज्जैन में हुआ यह अभिनव प्रयास बेहद सफल रहा है। आज एक संकल्प की सिद्ध हुई है। उज्जैन जिले की धरती से एक अनोखा मॉडल बना है। अब इसे उज्जैन संभाग के शेष 6 जिलों में भी लागू किया जाएगा। उसके बाद यह अभियान प्रदेश स्तर पर क्रियान्वित होगा। आज हम सभी को यह संकल्प लेने की आवश्यकता है कि हृदय संबंधी जांच एवं बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को प्रेरित करें। अगर किसी के साथ आर्थिक तंगी है तो राज्य सरकार मदद के लिए पूरी तरह से साथ खड़ी है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने भी अपने विचार व्‍यक्‍त किए और मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव को जन्‍म दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बताया गया कि विगत 02 माह में 104 विभिन्‍न स्‍थानों पर जांच शिविर लगाए गए। इनमें 26 हजार विभिन्‍न प्रकार की जांचें की गईं और 48 लोगों की सफलता पूर्वक बाईपास सर्जरी की गई। कार्यक्रम में संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, रवि सोलंकी, प्रदीप उपाध्याय,राय सिंह सेंधव, सत्यनारायण खोईवाल, पूर्व मंत्री पारस जैन, रूप पमनानी,राजेन्द्र भारती, सम्राट विक्रमादित्य विश्विद्यालय कुलगुरु अर्पण भारद्वाज उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होगी बहनों की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री निवास में होगी बहनों की पंचायत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त हो रहा है : बहनों से संवाद का क्रम जारी रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों का किया स्वागत "बहनों की पाती-भैया के नाम" कार्यक्रम को बताया आत्मीय पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर पाती लेकर बहनें पहुंची मुख्यमंत्री निवास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके जन्म दिवस 25 मार्च को प्रातः "बहनों की पाती-भैया के नाम" लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभिव्यक्ति "बहनों की पाती-भैया के नाम" एक आत्मीय पहल है। बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त होता रहा है। प्रदेश की बहनों ने अपने मन के भाव, अनुभव और सुझाव पाती के माध्यम से व्यक्त किए हैं। बहनों ने अपने भैया के प्रति विश्वास, स्नेह और सम्मान को शब्दों में पिरोया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में जल्द ही बहनों से संवाद के लिए विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश में गरीब, युवा, नारी और किसान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रदेश में बहनों के कल्याण का कार्य मिशन मोड में चल रहा है। राज्य सरकार ने नारी सशक्तिकरण के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक के बजट का प्रावधान किया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब हमारी बहनें कारखानों और उद्योगों में भी नेतृत्व कर रही हें। राज्य सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों से महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी को अधिक से अधिक प्रसारित करने में सहयोग का आहवान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि हर पात्र बहन आत्मनिर्भरता और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का लाभ लें।

CM मोहन यादव का दावा: MP नक्सलमुक्त, अब निवेश और विकास में सबसे आगे होगा राज्य

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य आज सुशासन, विकास, निवेश, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याण के समन्वित मॉडल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिली है। राज्य “चीता स्टेट” के रूप में भी पहचान बना चुका है और वर्तमान में चीतों की संख्या 53 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में सफलता मिली है, जो शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे ।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ- 2028 का आयोजन केवल प्रदेश ही नहीं पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जिसमें 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा लिए क्षिप्रा नदी के किनारे 30 किलोमीटर तक नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। उज्जैन में महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए नवीन और स्थाई रूप के कई नवाचार और निर्माण सिंहस्थ के दृष्टिगत उज्जैन में किए जा रहे हैं  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य की न्याय व्यवस्था, सुशासन को उल्लेखित करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य वीरता, न्यायप्रियता और उदारता की कहानियां जैसे बेताल पच्चीसी और 32 पुतलियां आज भी जनमानस में लोकप्रिय हैं। राज्य सरकार सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के सिद्धांत से प्रेरणा लेकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य सरकार द्वारा  सुशासन के लिए पुरस्कार भी प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में त्वरित न्याय के उनके सिद्धांतों को शासन में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “न्याय में देरी, न्याय की आत्मा के साथ अन्याय है” और सुशासन के लिए कठोर निर्णय लेना आवश्यक होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेहिता को प्राथमिकता दी जा रही है तथा अच्छे कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।  म.प्र. को इन्वेस्टमेंट हब बनाने लगातार किये जा रहे हैं प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को “उद्योग और रोजगार वर्ष” के रूप में मनाया गया। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नवीन नीतियां लागू की। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए डीबीटी से उद्योगपतियों को सब्सिडी हस्तांतरित की जा रही है। मध्यप्रदेश को इन्वेस्टमेंट हब बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योग एवं रोजगार में नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक धरातल पर आ चुके हैं। म.प्र. के धार जिले में देश का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक निवेश मध्यप्रदेश में आ रहा है। नारी सशक्तिकरण की दिशा में “लाड़ली बहना योजना” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों को  1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। युवाओं के लिए रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नवीन उद्योग स्थापित करने पर को प्रति श्रमिक को 5000 रुपये तक की सहायता राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी। राज्य में बेरोजगारी दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है। प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य में 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है तथा 5 लाख से अधिक गौमाताओं के संरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील में दूध देने की योजना लागू की गई है, जिससे बच्चों को पोषणयुक्त आहार मिल सके। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के तहत मध्यप्रदेश में पार्वती लिंक परियोजना (राजस्थान के साथ) और बेतवा लिंक परियोजना (उत्तर प्रदेश के साथ) पर कार्य किया जा रहा है। इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है, जिससे सिंचाई क्षेत्र का विस्तार होगा और किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सकारात्मक आलोचना लोकतंत्र की आधारशिला है और राज्य सरकार सुशासन के विजन से प्रेरणा लेकर हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

CM मोहन यादव’ के राज में MP ने नीति और नवाचार में हासिल किया नया मुकाम, घोषणाएं नहीं, वास्तविक बदलाव

भोपाल  CM मोहन यादव ने अपने जन्मदिन के मौके पर प्रदेश की समृद्धि और विकास के लिए अपना विजन स्पष्ट किया है। मोहन सरकार राज में  वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्संतुलन के इस दौर में भारत की विकास यात्रा अब केवल राष्ट्रीय नीतियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्यों की क्षमता, नेतृत्व की स्पष्टता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता उसकी गति निर्धारित कर रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश ने स्वयं को एक संसाधन आधारित राज्य से आगे बढ़ाकर एक रणनीतिक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश को केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्पादन, रोजगार और क्षेत्रीय संतुलन से जुड़े व्यापक परिवर्तन के रूप में देखा है। उनके स्पष्ट मार्गदर्शन में नीति सुधार, प्रशासनिक सरलीकरण, औद्योगिक आधार विस्तार और निवेश प्रस्तावों को धरातल तक पहुंचाने की प्रक्रिया को एकीकृत ढंग से आगे बढ़ाया गया है। यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि नीति की स्पष्टता, नवाचार की स्वीकृति और निवेश के प्रति सक्रिय प्रतिबद्धता के समन्वय से मध्यप्रदेश आर्थिक समृद्धि के ऐसे नए कीर्तिमान रच रहा है जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण के रूप में उभर रहे हैं। नीति आधारित पारदर्शिता और निवेश का विश्वास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगों के लिए भरोसे का वातावरण निर्मित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उद्योग संवर्धन नीति 2025 सहित विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों के माध्यम से निवेशकों को स्पष्ट प्रोत्साहन ढांचा उपलब्ध कराया गया है। श्रम प्रधान क्षेत्रों जैसे गारमेंट, फुटवियर और खिलौना निर्माण में बड़े निवेश को मेगा उद्योग का दर्जा देकर अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज प्रदान किए जा रहे हैं। मोहन सरकार ने प्रक्रियाओं की जटिलता को कम करने के लिए मध्यप्रदेश जन विश्वास संशोधन अधिनियम के माध्यम से अनेक प्रावधानों का अपराधमुक्तिकरण किया गया। इससे उद्योगों में अनावश्यक भय और दंडात्मक संस्कृति की जगह विश्वास आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिला है। सिंगल विंडो व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करते हुए इन्वेस्ट एमपी 3 पोर्टल प्रारंभ किया गया है, जो निवेशकों को नीति, अनुमतियां, प्रोत्साहन और व्यवहार्यता से जुड़ी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उस सोच को दर्शाती है जिसमें सरकार स्वयं को नियंत्रक नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में स्थापित करती है। निवेश प्रस्तावों से उद्योग स्थापना तक राज्य में आयोजित वैश्विक निवेश मंचों और औद्योगिक संवादों के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इन प्रस्तावों को केवल समझौता पत्र तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें उद्योग स्थापना में बदलने के लिए निरंतर निगरानी और सीधी समीक्षा की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं निवेश परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हैं। विभागीय समन्वय को मजबूत किया गया है ताकि भूमि आवंटन, स्वीकृतियां, आधारभूत सुविधाएं और प्रोत्साहन समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराए जा सकें। परिणामस्वरूप अनेक परियोजनाएं उन्नत अवस्था में पहुंच चुकी हैं और कई इकाइयां उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल घोषणा नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की प्रक्रिया है। औद्योगिक आधार और मजबूत अधोसंरचना राज्य में विशाल औद्योगिक भूमि बैंक उपलब्ध है और नए औद्योगिक पार्कों का विकास तीव्र गति से किया जा रहा है। मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन के साथ आधुनिक आधारभूत संरचना सुनिश्चित की जा रही है। धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क योजना के अंतर्गत देश के सबसे बड़े एकीकृत टेक्सटाइल पार्क के रूप में उभर रहा है। यह परियोजना फाइबर से फैशन तक पूरी मूल्य श्रृंखला को एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रतलाम में विकसित हो रहा मेगा औद्योगिक पार्क, सागर क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल आधारित संभावनाएं, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी पहलें औद्योगिक विविधीकरण को सुदृढ़ कर रही हैं। एशिया का प्रमुख ऑटो परीक्षण केंद्र NATRAX राज्य में स्थित है। रीवा सौर परियोजना और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की पहचान को मजबूत किया है। निर्यात और उत्पादन क्षमता का विस्तार मध्यप्रदेश का वार्षिक निर्यात निरंतर वृद्धि दर्ज कर रहा है। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योग निर्यात संरचना के प्रमुख आधार हैं। राज्य भारत के ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में अग्रणी है, जिससे टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक सस्टेनेबल सप्लाई चेन में विशेष स्थान मिला है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में गेहूं, सोयाबीन, दालें और मिलेट आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग प्रदेश के लिए नए बाजार खोल रही है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अधिशेष विद्युत उत्पादन वाले राज्यों में शामिल है और ऊर्जा भंडारण तथा बैटरी निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 की दिशा समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 का विजन दस्तावेज प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति को स्पष्ट करता है। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमिता और तकनीक आधारित नवाचार को विकास का प्रमुख आधार माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। इसलिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह विजन केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मकता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन के संतुलित मॉडल की ओर संकेत करता है। राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान भारत आज वैश्विक आर्थिक संरचना में नई भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर है। इस यात्रा में राज्यों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश अपनी नीतिगत स्पष्टता, औद्योगिक विस्तार और निवेश अनुकूल वातावरण के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में सशक्त योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने यह संदेश स्पष्ट किया है कि विकास घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर स्थापित उद्योगों, सृजित रोजगार और मजबूत आर्थिक आधार से मापा जाता है। नीति, नवाचार और निवेश के सुविचारित समन्वय के साथ मध्यप्रदेश आज आर्थिक समृद्धि के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है और राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर अपनी भूमिका को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है।

CM मोहन यादव के जन्मदिन पर पीएम मोदी और अमित शाह की बधाई, वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण उपहार

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav आज अपने जीवन के 62वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस खास मौके पर देश के शीर्ष नेताओं Narendra Modi और Amit Shah ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। राजनीतिक बधाइयों के बीच सीएम यादव ने अपने जन्मदिन को खास अंदाज में मनाने का फैसला लिया है। वे Veerangana Durgavati Tiger Reserve में बामनेर नदी किनारे एक दर्जन कछुओं को जल में छोड़ेंगे, जिससे वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही चीतों के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमिपूजन कर प्रदेश को एक नई पहचान देने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना की, वहीं अमित शाह ने प्रदेश में चल रहे जनहितैषी कार्यों की सराहना की। इन शुभकामनाओं ने इस दिन को और भी खास बना दिया। सीएम यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने इस विशेष दिन को प्रकृति और वन्यजीवों की सेवा को समर्पित कर रहे हैं — जो विकास और पर्यावरण के संतुलन का सशक्त संदेश है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ऐलान, जल्द लॉन्च होगा स्टेट एआई मिशन, सुशासन और विकास में होगी तेजी

शीघ्र ही लांच करेंगे स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुशासन और विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम बहुत जल्द मध्यप्रदेश का अपना 'स्टेट एआई मिशन' लांच करने जा रहे हैं। यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक रूप से चर्चा कर रहे थे। जयपुर में निवेशकों से मिले 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशकों ने मध्यप्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्यप्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और के एल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है। 139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपए से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। 3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है। उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि उन्होंने हाल ही में उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। यह मालवांचल के व्यंजनों को एक प्लेटफार्म देने का प्रयोगात्मक प्रयास है। इसे इंदौर की छप्पन दुकानों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां कुल 108 दुकानें हैं, जो विभिन्न मालवी व्यंजनों का रसास्वादन कराती हैं। अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सप्ताह आनंद विभाग के अधीन राज्य आनंद संस्थान द्वारा भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाया गया। वे स्वयं इस आयोजन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे मनुष्यगत मनोभावों को अभिव्यक्त करने मनोरंजक का माध्यम बना। सरकार सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए ही तो काम कर रही है। इस प्रकार के आयोजनों से हमारी कार्यक्षमता और कार्यदक्षता सहित जीवन में खुशहाली भी बढ़ती है।  

सच्चा वादा, पक्का काम… मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा – जो कहा, वो पूरा करके दिखाया

सच्चा वादा पक्का काम… हमने जो कहा, पूरा करके दिखाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान समृद्ध होंगे, तभी समृद्ध होगा हमारा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने किया अभिनंदन आगर मालवा में 200 करोड़ रुपए के 2 कामों की मंजूरी के लिए माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारी धरोहर हैं। ये अन्नदाता ही देश के भाग्य विधाता हैं। सरकार प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए कृत संकल्पित है। अन्नदाताओं को मजबूत करने के लिए ही हम 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसमें सरकार का पूरा फोकस खेती को आधुनिक तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन से जोड़ने पर है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन के साथ गौपालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा वादा और पक्का काम, यही सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया था, वह पूरा करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत@2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में किसानों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान एवं नयी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में आगर-मालवा जिले के लिए 167.21 करोड़ रुपए लागत की आहू मध्यम सिंचाई परियोजना और 24.88 करोड़ रुपए की लागत से हड़ाई तालाब निर्माण को मंजूरी दी गई। करीब 200 करोड़ रुपए की इन दोनों योजनाओं से आगर-मालवा जिले के खेतों तक पानी पहुंचेगा और 4800 हैक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी। आगर-मालवा जिले को यह दो सौगातें मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत कर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर आगर-मालवा जिले के बड़ोद क्षेत्र के कुछ गांवों के अटपटे से नाम बदलने का आश्वासन किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द वे स्वयं आगर-मालवा आएंगे और किसानों के बीच जाकर उनसे संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद आगर-मालवा को विकास को नए पंख लगे हैं। अब राजस्थान के झालावाड़ से नया हाई-वे भी सीधे उज्जैन के बाबा महाकाल और नलखेड़ा की मां बगुलामुखी धाम को जोड़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और माल परिवहन में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने उद्यानिकी फलदार पौधों के मूल्यांकन एवं मुआवजा राशि में वृद्धि कर दी है। इसके तहत हमने आगर-मालवा जिले के मशहूर ओडीओपी उत्पाद संतरे की फसल के लिए पूर्व निर्धारित दर 4500 प्रति वृक्ष को बढ़ाकर 17,500 प्रति वृक्ष कर दिया गया है। यह जिले के संतरा उत्पादक किसानों के लिए बड़ी सौगात है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना का लाभ सोयाबीन किसानों को दिया है। अब इस योजना में सरसो की फसल को भी शामिल कर किसानों को नई सौगात दी गई है। गेहूं उत्पादक किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देकर सरकार 2625 रुपए मूल्य पर खरीदी कर रही है। तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं। आगर-मालवा विधायक मधु गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधाओं से लैस हो रहा है और आगर मालवा जिला भी इससे अछूता नहीं है। कृषि कल्याण वर्ष में जिले के किसानों की समृद्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 करोड़ लागत की सिंचाई परियोजना और तालाब विकास कार्यों को मंजूर किया है। उन्होंने औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों को आगर मालवा से ईकाई प्रारंभ करने के लिए आकर्षित किया है। अब जिले में फूड चेन मकेन कंपनी की स्थापना से यहां के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आगर मालवा में 18 हजार करोड़ रुपए की लागत से भगवान बैजनाथ धाम का निर्माण किया जा रहा है। आगर मालवा को गोकुल ग्राम, 2 नवीन महाविद्यालय और अनेकों गौशालाओं की सौगात मिली है। अभिनंदन समारोह में जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, मेहरबान सिंह सहित आगर-मालवा जिले से बड़ी संख्या में आए किसान बंधु एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

भांडेर में किसान सम्मेलन में शामिल होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, आज का आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भांडेर में किसान सम्मेलन में आज होंगे शामिल 62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण दतिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  जिले के भांडेर में मंगलवार 24 मार्च को मण्डी प्रांगण में किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले में 62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन और शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का हितलाभ भी वितरित करेंगे। इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले के पीजी कॉलेज दतिया में विज्ञान संकाय भवन व केंटीन का निर्माण कार्य, माता रतनगढ़ समग्र विकास योजना में यात्री निवास भवन निर्माण कार्य और पुलिस लाइन परिसर में रक्षित निरीक्षक कार्यालय का निर्माण कार्य, 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं 3.15 एमवीए पॉवर परिणामित्र-2 स्थापना कार्य, सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर का निर्माण कार्य और ततारपुर स्टेडियम, पण्डोखर धाम के पास विश्राम गृह निर्माण कार्य एवं रामगढ़ माता मंदिर के पास विश्राम गृह निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही रतनगढ़ माता मंदिर के पास 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर के 50 सीटर बालक छात्रावास एवं 50 सीटर बालिका छात्रावास का भूमि-पूजन करेंगे।  

निषादराज समाज की पंचायत शीघ्र होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

शीघ्र होगी निषादराज समाज की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मत्स्यपालन के लिए देंगे अधिक से अधिक सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटनी और बलदेवगढ़ में निषादराज जयंती कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान निषादराज ने भगवान श्रीराम को केवटराज से कहकर गंगाजी पार करवाने का पुण्य कार्य किया था। वनवास के पश्चात भगवान राम ने पहली रात टोंस नदी के तट पर बिताई थी। श्रृंगवेगपुर (प्रयागराज) के राजा होने के नाते निषादराज ने जनजातीय सेना का सहयोग दिलवाया था। दोनों परम मित्र बने। उनकी मित्रता निश्चल और अटूट थी। राज्य सरकार मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मछुआ और केवट समाज के सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा मत्स्यपालन कार्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सुविधाएं दिलवाई जाएंगी। कृषक कल्याण वर्ष : 2026 में समाज बंधुओं की समृद्धि के लिए कार्य होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में निषादराज समाज की पंचायत का आयोजन भी किया जाएगा। इस पंचायत में मछुआ समाज के लिए रोजगार, शिक्षा, आवास सुविधा से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा निषादराज जयंती पर कटनी और बलदेवगढ़ (टीकमगढ़) में आयोजित कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉफ्रेंस से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त‍समाज बंधुओं को निषादराज भगवान के जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि निषादराज और भगवान राम के प्रसंग को इन कार्यक्रमों में जीवंत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में मत्स्य पालन से जुड़े समुदाय के लिए विशेष सुविधाएं देने के लिए की गई पहल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.40 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है, जिसमें से 99 प्रतिशत जल क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन हो रहा है। जहां प्रदेश में स्मार्ट फिश पार्लर प्रारंभ करने, झींगा पालन, नीली क्रांति के तहत केज कल्चर से मछली पकड़ने को बढ़ावा देने, आईस बाक्स युक्त मोटरसाइकिल प्रदाय के साथ ही आधुनिक मछली पालन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध हैं। मध्यप्रदेश में जहां लगभग डेढ़ लाख मछुआ कार्ड प्रदाय किए गए हैं, वहीं मत्स्य पालन कार्य से जुड़े मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। लगभग 2500 समितियां सक्रियता से कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। कटनी में आयोजित कार्यक्रम में विधायक संदीप जायसवाल, दीपक टंडन सोनी, वेंकट निषाद, श्रीमती पार्वती निषाद, जयनारायण निषाद, श्याम निषाद आदि उपस्थित थे। टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बलदेवगढ़ जिला टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता सिंह, बलदेवगढ़ नगरपालिका की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी विश्वदीपक मिश्रा उपस्थित थीं।  

शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की दी मंजूरी शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों और उनकी निरंतरता की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद ने रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 82 करोड़ 39 लाख रूपये की स्वीकृति के अलावा शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की वृद्धि करते हुए 58 प्रतिशत के मान से महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है। मंत्रि-परिषद ने अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति सहित अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी है। शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिए जाने की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को 1 जुलाई, 2025 से 03 प्रतिशत की वृद्धि करते हुये कुल 58 प्रतिशत के मान से मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया गया। छठवें वेतनमान के कार्मिकों एवं निगम / मंडल / उपक्रम के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर राज्य शासन में कार्यरत पांचवें एवं चौथे वेतनमान अंतर्गत कार्मिकों को समानुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ता में वृद्धि के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया। स्वीकृति अनुसार 1 जुलाई, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान छः समान किश्तों में किया जायेगा। प्रथम किश्त का भुगतान मई माह में, द्वितीय किश्त का भुगतान माह जून में, तृतीय किश्त का भुगतान माह जुलाई में, चतुर्थ किश्त का भुगतान माह अगस्त में, पांचवी किश्त का भुगतान माह सितम्बर में और छठवी किश्त का भुगतान माह अक्टूबर में किया जायेगा। एक जनवरी, 2025 से 31 मार्च, 2026 की अवधि में सेवानिवृत और मृत शासकीय सेवकों के संबंध में उन्हें अथवा नामांकित सदस्य को एरियर राशि का भुगतान एकमुश्त किया जायेगा। राज्य शासन के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 01 जनवरी, 2026 से सातवें वेतनमान अंतर्गत 58 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 257 प्रतिशत पेंशन राहत स्वीकृत करते हुये छत्तीसगढ़ शासन के 9 फरवरी, 2026 के पत्र पर सहमति प्रदान की गई। रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा जिले की महाना माईक्रो सिंचाई परियोजना की लागत 82 करोड़ 39 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना से कुल 4500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 18 ग्रामों के लगभग 950 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे। शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्ग के युवक-युवतियों को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों/पुलिस/होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 का संचालन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार प्रतिवर्ष अन्य पिछड़े वर्ग के 4000 युवाओं को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में पात्र पुरूष अभ्यर्थी को 1 हजार रूपये प्रति माह तथा महिला अभ्यर्थी को 1100 रूपये प्रति माह की दर से शिष्यवृत्ति भी उपलब्ध कराई जायेगी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश के 10 स्थानों पर स्थापित 40 केन्द्रों पर महिला एवं पुरूष अभ्यर्थियों को पृथक-पृथक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसमें न्यूनतम 35 प्रतिशत सीट महिला अभ्यर्थियों द्वारा भरी जायेगी। इसके अंतर्गत नि:शुल्क आवासीय एवं भोजन व्यवस्था तथा अध्ययन सामग्री प्रदान की जायेगी। दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय को स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक वर्ग-1 के समरूप प्रतिमाह 18 हजार रूपये मानदेय दिया जाने का निर्णय लिया गया है। आंगनवाड़ी में अति कम वजन (SUW)के बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार में वृदि्ध की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र में पूरक पोषण आहार में की गयी वृद्धि के अनुरूप, प्रदेश के समस्त संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में 06 माह से 06 वर्ष आयुवर्ग के अति कम वजन (SUW) के बच्चों के लिए पूर्व निर्धारित प्रतिदिन प्रति हितग्राही राशि 8 रूपये से बढ़ाकर 12 रूपये किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की दी मंजूरी मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार वाणिज्य कर विभाग अंतर्गत ग्रामीण आवास एवं परिवहन अधोसंरचना विकास के लिए 2,933 करोड़,वाणिज्यिक कर ट्रिब्यूनल और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 37 करोड़ रूपये, सूचना प्रौद्योगिकी और स्थापना व्यय अंतर्गत 162 करोड़ रूपये सहित 9 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत मंत्रालय भवन के निर्माण, विधानसभा एवं विधायक विश्राम गृह, नवीन विधायक विश्राम गृह के निर्माण के लिए 691 करोड़ रूपये, शासकीय आवास गृह, स्टेट गेस्ट हाउस और कार्यालय निर्माण के लिए 731 करोड़ रूपये, परियोजना क्रियान्वयन इकाई सम्बन्धित कार्य के लिए 565 करोड़ रूपये और राजधानी परियोजना का स्थापना व्यय के लिए 379 करोड़ रूपये सहित संबंधित 17 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 3 विभागीय योजनाओं अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास योजना, अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास संबंधी योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिये वित्तीय राशि 102 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत लोक कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं स्मार्ट पीडीएस, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम, उज्जवला, प्रधानमंत्री गतिशक्ति, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए 865 करोड़ रूपये, विभागाध्यक्ष कार्यालय म.प्र. राज्य … Read more