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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से बदलेगी किसानी की तस्वीर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी ने इंदौर में 30 लाख टन क्षमता के अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का शुभारंभ किया प्रधानमंत्री  मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पी एम कृषि धन-धान्य कृषि योजना कृषि विकास के क्षेत्र में नया अध्याय लिखेगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव शनिवार को इंदौर से केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा दिल्ली में आयोजित 'अन्नदाताओं का सम्मान, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण" कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया और इंदौर में 30 लाख टन क्षमता के अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का वर्चुअली शुभारंभ भी किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य सहकारी संघों को पैक्स से जोड़े जाने को भी ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को दी गई इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री  मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी के संबोधन का ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर से वर्चुअली श्रवण किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री  लखन पटेल, विधायकगण  मधु वर्मा,  रमेश मेंदोला,  मनोज पटेल, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ के एमडी डॉ. संजय गोवानी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देशभर के किसानों के लिए दो बड़ी योजना – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्म-निर्भरता मिशन की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना देश के कृषि विकास और इससे जुड़े सेक्टर्स में आमूल-चूल परिवर्तन लाने की दिशा में एक नया अध्याय लिखेगी। उन्होंने कहा कि देश में अब तक 10 हजार एफपीओ के अंतर्गत 50 लाख किसान सदस्यता ले चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण कृषि मिशन में एक लाख किसानों का प्रमाणन, 4275 मैत्रीय का प्रमाणन, कंप्युटराइजेशन में 10 हजार से अधिक बहुउद्देशीय पैक्स को मंजूरी, डेयरी, मत्यपालन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण जैसे कई प्रकार के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश के इंदौर में 30लाख टन की क्षमता और 79 करोड़ रुपये की लागत वाले आत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण सयंत्र का वर्चुअली शुभारंभ भी किया है। साथ ही प्रदेश के इंदौर और ग्वालियर सहकारी संघों को पैक्स से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को दी गई इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री  मोदी का आभार माना। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से जहां कम उपज वाले देश के 100 जिलों में पैदावार बढ़ाने के प्रयासों को बल मिलेगा, वहीं दालों के उत्पादन में भी तेजी आएगी। इस विशेष कार्यक्रम में कृषि और इससे जुड़े सेक्टर्स की करीब 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे न केवल देश के किसान भाई-बहनों के जीवन में नई खुशहाली आएगी, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी और मजबूत होगा। वर्चुअल कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर जिले के किसानों द्वारा आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया गया।  

MP ट्रैवल मार्ट 2025 का आगाज़ आज, पर्यटन और सिनेमा जगत की हस्तियों का लगेगा जमावड़ा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी करेंगे। मुख्यमंत्री शुभारंभ से पहले विशिष्ट आमंत्रित डेलीगेट के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स में पर्यटन निवेश और सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसी अवसर पर भारत भवन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। इस समझौते का उद्देश्य राज्य में एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों के आसपास पर्यटन अधोसंरचना और सुविधाओं का विकास करना है। कार्यक्रम में इंडियन एसोसिएशन फॉर टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के प्रेसिडेंट रवि गोसाईं, अभिनेता रघुवीर यादव, हर्षिल टूर एण्ड ट्रेवल्स के प्रवीण शाह, आईएचसीएल के प्रवीण चंदेर कुमार और क्यूरियस जर्नी की मिशेल इमेलमेन सहित 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इसमें 27 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर, 150 घरेलू टूर ऑपरेटर और 355 सेलर्स उपस्थित होंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर रायसेन जिले में गोल्फ कोर्स और खंडवा जिले में वेलनेस रिसॉर्ट के लिए निवेशक विनायक कालानी को लैटर ऑफ अवॉर्ड देंगे। इसके अलावा कर्ली टेल्स, बालाजी टेलीफिल्म और अतावी बर्ड फाउंडेशन के साथ पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति के प्रभाव आकलन रिपोर्ट का विमोचन भी इस कार्यक्रम में किया जाएगा। मध्य प्रदेश में हनुवंतिया, मांडू और तामिया में टेंट सिटी की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड दिए जाएंगे। ओरछा में टेंट सिटी के संचालन के लिए आगमन संस्था को और हेलीकॉप्टर सेवा के लिए जेट सर्व एविएशन प्रालि व ट्रांस भारत एविएशन प्रालि को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा। फैम ट्रिप्स के माध्यम से देश-विदेश से आए 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने खजुराहो, पन्ना, ओरछा, भीमबेटका, मढ़ई, पचमढ़ी, इंदौर, महेश्वर, मांडू, उज्जैन, जबलपुर, कान्हा, पेंच और भोपाल के पर्यटन स्थलों का अनुभव किया। इन यात्राओं में प्रतिनिधियों ने स्थानीय जीवनशैली, लोककला, हस्तशिल्प और ग्रामीण परिवेश से जुड़कर 'अतुल्य मध्य प्रदेश' की असली आत्मा का अनुभव किया। इस भव्य आयोजन से मध्य प्रदेश पर्यटन के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी और राज्य में निवेश के अवसरों में वृद्धि होगी। 

मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की नवीन नाम पट्टिका का अनावरण किया

विक्रम विश्वविद्यालय को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के रूप में नई पहचान मिली है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की नवीन नाम पट्टिका का अनावरण किया उज्जैन नगरी आदिकाल सें ही सांस्कृतिक, धर्म के साथ शिक्षा का केंद्र रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के स्वर्ण जयंती सभागार में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के आधारशिला दिवस के अवसर पर “नवीन नाम पट्टिका अनावरण समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन केवल एक विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन का नहीं, बल्कि उज्जैन और संपूर्ण मध्यप्रदेश के गौरव के पुनर्जागरण का दिन है। ‘विक्रम विश्वविद्यालय’ अब ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ के रूप में नई पहचान लेकर, अपने गौरवशाली इतिहास की नई यात्रा शुरू कर रहा है। यह क्षण हम सभी के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सदैव भारत की सांस्कृतिक राजधानी रही है। यह वह धरा है, जहाँ से ज्ञान, विज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति का प्रकाश पूरे विश्व में फैला। यह वही नगरी है जहाँ भगवान कृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की, जहां। महाकाल का आशीर्वाद हर कण में विद्यमान है और जहां विक्रमादित्य जैसे महान सम्राट ने धर्म, न्याय और ज्ञान की प्रतिष्ठा स्थापित की। उन्होंने आगे कहा मैं स्वयं इस विश्वविद्यालय का विद्यार्थी रहा हूँ। छात्र जीवन की अनेक स्मृतियां आज ताज़ा हो गई हैं। यह संस्था केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि मेरे जीवन की प्रेरणा रही है। इस विश्वविद्यालय ने मुझे सामाजिक सेवा, नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन का मार्ग दिखाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तन केवल शब्दों का बदलाव नहीं है बल्कि यह उस पहचान की पुनर्स्थापना भी है जो कभी उज्जैन की धरती की शान हुआ करती थीं। ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का नाम हमारी परंपरा, संस्कृति और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। इस नाम के साथ विश्वविद्यालय नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा में अग्रसर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यह विश्वविद्यालय शोध, नवाचार और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। 175 से अधिक महाविद्यालयों से संबद्ध यह संस्थान हजारों विद्यार्थियों को ज्ञान का प्रकाश दे रहा है। यह देखकर गर्व होता है कि इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में अपने कार्य से नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य जैसे व्यक्तित्व सदियों में एक बार जन्म लेते हैं जो वीरता, दान, नीति, और न्याय के प्रतीक होते हैं। विक्रमादित्य न केवल उज्जैन की पहचान थे बल्कि भारत की आत्मा का स्वरूप थे। आज जब यह विश्वविद्यालय उनके नाम से जुड़ रहा है तो यह केवल संस्थान का नहीं बल्कि समूचे प्रदेश का सम्मान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर किया है। जिस प्रकार विक्रमादित्य ने अपने युग में न्याय और नीति की परंपरा स्थापित की थी, उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी ने आधुनिक भारत में विकास, आत्मविश्वास और वैश्विक पहचान का युग प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोविड काल की चुनौतियों का स्मरण करते हुए कहा कि कठिन समय में भी भारत ने साहस और एकता से कार्य किया। हमारे डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और आम नागरिक सबने मिलकर देश को बचाया। यही वह भावना है जो हमें विक्रमादित्य के युग से जोड़ती है कर्तव्य, समर्पण और धैर्य की भावना। उन्होंने कहा आज जब हम ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ के रूप में नई पहचान की ओर बढ़ रहे हैं, यह केवल एक संस्था का रूपांतरण नहीं बल्कि उज्जैन के उस स्वर्णिम अध्याय का पुनर्लेखन है जो शिक्षा, संस्कृति और अध्यात्म के त्रिवेणी संगम पर आधारित है। मैं इस विश्वविद्यालय के प्रत्येक छात्र, शिक्षक और कर्मचारी को इस ऐतिहासिक अवसर की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जैसे करवा चौथ का चाँद सौभाग्य का प्रतीक होता है, वैसे ही का यह दिन इस विश्वविद्यालय के लिए सौभाग्य और नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगा। यह विश्वविद्यालय महाकाल की नगरी की ऊर्जा से प्रेरित होकर शिक्षा, शोध, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में देश का अग्रणी संस्थान बने यही मेरी कामना है। पूर्व विधायक महंत  राजेंद्र भारती ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय नाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस विश्वविद्यालय को अद्भुत सौगात हैं। उन्होंने अपने छात्र राजनीति की यादें साझा की और बताया कि उनके और मुख्यमंत्री द्वारा किस प्रकार इस विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति की जाती थीं। इस अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान स्मृति चिन्ह एवं फल भेंट कर किया। साथ ही उज्जैन नगर निगम सभापति मती कलावती यादव, नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, एवं सत्येन्द्र कुमार मिश्रा का भी सम्मान किया गया। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भारद्वाज ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह दिन विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने वाला है। विक्रम विश्वविद्यालय से सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ बनने का यह क्षण केवल नाम परिवर्तन नही बल्कि हमारी पहचान और गौरव की पुनर्स्थापना है। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और न्याय के प्रतीक हैं। उनके नाम से विश्वविद्यालय का जुड़ना हमारे लिए प्रेरणादायक और गर्व का विषय है। यह कदम उज्जैन की उस प्राचीन ज्ञानधारा को पुनर्जीवित करेगा जिसने भारत को शिक्षा और संस्कृति का केंद्र बनाया। कुलगुरु प्रो. भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं इस विश्वविद्यालय के गौरवशाली पूर्व छात्र रहे हैं। उनका विश्वविद्यालय के प्रति यह भावनात्मक जुड़ाव आज उसे नई पहचान दे रहा है। यह विश्वविद्यालय अब शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति और नवाचार का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय की नवीन नाम पट्टिका के अनावरण के बाद विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित डॉ. राजेश गुप्ता एवं डी.डी. बेदिया की डिजिटल मार्केटिंग, तिलक राज सिंह सोलंकी की राजा रवि वर्मा: एक भारतीय चित्रकार, रमण सोलंकी की आलेख पुरातन की ओर, गीता नायक की नूतन प्रवाह, मिती शर्मा की ए स्पेक्ट्रम ऑफ इंडिया, तथा डॉ. रवीन्द्र पस्तोर, प्रो. आशीष वर्मा, डॉ. हितेन्द्र त्रिवेदी की Planning for the Largest Human Gathering on … Read more

देश का मान बढ़ाने वाले युवाओं को CM डॉ यादव ने दी बधाई

युवाओं ने हमारे देश का नाम गौरवांवित किया : मुख्यमंत्री डॉ यादव तीन दिवसीय यंग थिंकर्स कॉन्फ्लूएंस का उद्घाटन प्राचीन संस्कृति के अच्छे कामों से युवा लें प्रेरणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उज्जैन के अवंतिका विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय यूंथ थिंकर्स कॉन्फ्लूएंस कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज की युवाशक्ति इस राष्ट्र को ऐसे स्थान पर ले जाकर खड़ा करेगी, जिससे भारत विश्वगुरु बनकर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी आज युवाओं के सबसे बडे प्रेरणा स्त्रोत है। उनसे प्रेरणा लेकर युवा एक नई सोच के साथ आगे बढ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा किसी देश की वह शक्ति होता है जो उसके इतिहास को लिखने के लिए सबसे आगे खड़ा होता है। भारत के इतिहास में अंग्रेजों के काल में खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगतसिंह ,सुभाषचंद्र बोस जैसे देशभक्त क्रांतिकारियों ने देश में जो हलचल पैदा की उससे देश के इतिहास में स्वर्णिम काल स्थापित हुआ है। हमारे प्राचीन काल में सम्राट विक्रमादित्य चंद्रगुप्त मौर्य, समुद्र गुप्त जैसे अनेक योद्धाओं ने देश के बाहरी आक्रमणों से देश की रक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा जारी की गई र्स्टाटअप पालिसी भी इसी का एक बेहतरीन उदाहरण है। हमारे प्रधानमंत्री भी युवाओं की तरह आज लगातार नवाचार कर रहे है। प्राचीन समय से भारत का इतिहास युवाओं का इतिहास रहा है जिसमें वह अपने पूर्वजों के अनुभवों का लाभ लेकर नई सोच के साथ इतिहास को गढते है और देश को आगे बढ़ाते है साथ ही राष्ट्र गौरव का गौरव भी बढ़ाते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के अनेक युवाओं ने हमारे देश का नाम गौरवान्वित किया हैं। हमारे युवाओं में दृढ इच्छाशक्ति की कमी नही हैं। प्राचीन संस्कृति में बहुत अच्छे काम हुए हैं। युवाओं को इससे प्रेरणा लेना चाहिए। युवा देश का नाम दुनिया में आगे बढ़ाते रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आइआरएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर देश का नाम गौरांवित किया। उन्होंने आइआरएस जैसी नौकरी को त्यागकर देश की आजादी में बढ़ चढकर हिस्सा लिया था। राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त फिल्म निर्देशक  विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि मालवा अंचल पर भी फिल्म का निर्माण किया जा सकता है। इस बात पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जयिनी के सम्राट राजा विक्रमादित्य, राजा भोज पर फिल्में बनाई जा सकती है।कार्यक्रम के प्रारंभ में  आशुतोष सिंह ठाकुर ने स्वागत भाषण देते हुए कॉन्फ्लूएंस के कार्यक्रम की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द ब्लड रिपब्लिक आफ बंगाल, फ्रेक्टल मंडला-ए हिस्ट्री आफ एन्शियंट इंडिया, संस्कृति सिन्थेसिस, फ्राम गॉड्स टू द गाड, स्वयंबोधा एंड शत्रुबोधा एवं बच्चे आपके संस्कार किसके? नाम की पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने नवीन आकृति भवन का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में  दीपक शर्मा, अवंतिका विश्वविद्यालय के कुलगुरु  नितिन राणे आदि उपस्थित थे।  

लाड़ली बहनों को दीपावली के पहले मिलेगी राशि : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

हर एक किसान के साथ खड़ी है सरकार, एक-एक खेत का किया जा रहा है सर्वे लाड़ली बहनों को दीपावली के पहले मिलेगी राशि : मुख्यमंत्री डॉ.यादव  133 करोड 80 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उन्हेल क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है, आपदा ग्रस्त प्रत्येक किसान को मदद दी जाएगी। विपत्ति में आए हर एक किसान को राहत राशि मिलेगी और एक-एक खेत का सर्वे किया गया है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 133 करोड 80 लाख रुपए की लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 127. 63 करोड रुपए लागत के 23 किलोमीटर से अधिक लंबाई के इंगोरिया से उन्हेल टू लेन मार्ग निर्माण का भूमि-पूजन सम्मिलित है। साथ ही 1.26 करोड़ के नवीन नगर परिषद कार्यालय भवन निर्माण एवं 2.17 करोड़ के चिड़ी से रावदिया मार्ग निर्माण का भूमि पूजन तथा 2.74 करोड रुपए के करनावद विद्युत उपकेंद्र निर्माण का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हेल क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई, जिनमें उन्हेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन, रामगढ़ बिहारिया मार्ग पर नारायण धाम को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण तथा उन्हेल में विश्रामगृह का निर्माण सम्मिलित है। उन्हेल में इमली तथा मावा उद्योग से जुड़े हुए व्यक्तियों एवं उनके व्यापार विकास के लिए भी कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हेल-इंगोरिया टू लेन मार्ग निर्माण के लिए नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हेल क्षेत्र का विकास लगातार किया जा रहा हैं। गंभीर नदी परियोजना का लाभ भी उन्हेल क्षेत्र के नागरिकों तथा किसानों को मिलेगा। राज्य शासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में भावांतर योजना लागू की गई है। किसानों को घर बैठे योजना का लाभ दिया जाएगा। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों के मामले में प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है। जैसे-जैसे जिला कलेक्टरों से रिपोर्ट प्राप्त होती जा रही है, वहां के किसानों को राहत राशि का वितरण किया जा रहा है। किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। बहनों को लाडली बहना योजना के तहत सहायता राशि दी जा रही है। यह राशि दीपावली के पूर्व उपलब्ध कराएंगे। गोपालन गौशाला योजना अंतर्गत 25 देसी गायों के पालन पर 40 लाख रुपए के प्रोजेक्ट में अधिकतम 10 लाख रुपए अनुदान शासन देगा। प्रदेश में गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के सराहनीय कार्य लगातार किए जा रहे हैं। प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण पथ का विकास किया जा रहा है। ओरछा में आगामी 15 अक्टूबर को 100 करोड रुपए से ज्यादा लागत के कार्यों की शुरुआत की जा रही है। प्रदेश के चित्रकूट का भी विकास किया जा रहा है। सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने कहा कि प्रदेश में किसान हितैषी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किसानों के हित में भावांतर योजना लागू की गई है, जिसका लाभ किसानों को मिलेगा। सरकार सदैव किसानों के साथ है। आपदा प्रभावित प्रत्येक किसान को शासन द्वारा मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही बीमा दावा राशि भी दिलाई जाएगी। विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि क्षेत्र को लगातार विकास की सौगात मिल रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। किसान हितैषी कार्यों के लिए क्षेत्रीय किसानों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को हल भेंट किया गया।  

दिव्यांगजन विशेष क्षमताओं के धनी हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रेरणादायक संदेश

दिव्यांगजन अपने आप को कम न आंके, परमात्मा ने आपको विशिष्ट शक्तियां प्रदान की है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 146 दिव्यांगजनों को किए सहायक उपकरण वितरण तराना, माकडोन, उन्हेल, नागदा, खाचरौद और बड़नगर को शव वाहन वितरित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को कालिदास अकादमी परिसर में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित उपकरण वितरण शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगजन अपने आप को कम न आंके परमात्मा ने आपको विशिष्ट शक्तियां प्रदान की हैं। महर्षि अष्टावक्र भी दिव्यांग थे लेकिन शास्त्रार्थ में उन्हें कोई भी पराजित नहीं कर सकता था वे अत्यंत विद्वान थे। ईश्वर यदि हमें कोई कमजोरी देता है तो साथ ही विशिष्ट शक्ति भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सेवा सप्ताह के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित किए जा रहे हैं। यह मानव सेवा भी है और एक प्रकार का आत्मिक सुख भी। सभी उपकरणों का अपने आप में बहुत महत्व होता है। श्रवण यंत्र का उपयोग करने के बाद श्रवण शक्ति का आभास होता है। इससे अत्यंत सुखद अनुभव होता है। हमारा शरीर ब्रह्मांड का स्वरुप है। नर सेवा भी वास्तविक अर्थों में ईश्वर की सेवा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन विशिष्ट शक्तियों को पहचानें, कठोर परिश्रम करें और जीवन में सफलता प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी दिव्यांगजनों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने दिव्यांगजनों को स्कूटी, स्पेशलाईज्ड ट्राइसिकल, वाकिंग स्टीक्स वितरित की। उन्होंने कहा कि मोटराइज्ड व्हीलचेयर और स्कूटी मिलने से दिव्यांग भाइयों और बहनों को रोजगार में सहायता होगी और उनके दैनिक जीवन में कार्य करने में सरलता आयेगी। इस अवसर पर सांसद  अनिल फिरोजिया ने कहा कि किसानों के हित के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर फसल क्षति पर राहत राशि दी जा रही हैं और कृषकों को फसल का उचित भाव दिलाने के लिए भावांतर योजना की भी शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व.  भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति और सामाजिक शोध संस्थान द्वारा आयोजित सेवा कार्यक्रम में 146 दिव्यांग हितग्राहियों को 1 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि से इलेक्ट्रिक स्कूटर, कान की मशीन, वॉकिंग स्टीक, व्हीलचेयर आदि उपकरण वितरण किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानव सेवा के लिए जिले की 6 नगर परिषदों माकडोन, उन्हेल, नागदा, खाचरौद, तराना और बड़नगर को शव वाहन भी वितरण किये। इलेक्ट्रिक स्कूटर चालकों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। कार्यक्रम का आभार  सुदर्शन ने माना। इस अवसर पर विधायक  सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति मती कलावती यादव,  संजय अग्रवाल,  राजेंद्र भारती और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करवा चौथ पर्व की शुभकामनाएं दीं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करवा चौथ के पावन पर्व पर प्रदेश की सभी माताओं एवं बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमपिता परेश्वर से प्रार्थना है कि करवा चौथ पर्व सभी के जीवन में प्रेम, विश्वास और अखंड सौभाग्य लेकर आए। प्रदेश में सुख, समृद्धि एवं आरोग्यता का दीप सदा प्रज्जवलित होता रहे।  

मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में शामिल हुए मध्यप्रदेश को ₹74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए व्यवस्थाओं को सरल बनाया गया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इस वर्ष सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई नीतियां लागू की गईं। सरलीकृत की गई व्यवस्थाओं के कारण मध्यप्रदेश में तेज गति से निवेश आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत के गौरवशाली पृष्ठ को देखें तो महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई में "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारियों को नई पॉलिसियों का लाभ दिया जा रहा है। बिजनेस और निवेश को लेकर निरंतर सीसीआई की बैठकें आयोजित की जाती हैं। प्रदेश में संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर छोटे शहरों को इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में सन फार्मा के अध्यक्ष  दिलीप सांघवी, सीआईआई के अध्यक्ष  नील सी. रहेजा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीजीसी  सृष्टिराज अम्बष्ठा, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक  सतीश पाई, हेत्तिच (Hettich) के प्रबंध निदेशक  आंद्रे एकहोल्ट, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (एमडी एवं सीएफओ), आईपीसीए लैब  अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के उपाध्यक्ष  रविकांत कपूर विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवाजी महाराज और प्रदेश के सिंधिया, होल्कर, पवार इतिहास के उस दौर में भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल की ध्वजा जिस शान से लहराती है, उसके अतीत में शिवाजी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में संबंध अधिक सशक्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मुंबई में “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूमनिटीज इन मध्य प्रदेश” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत की आर्थिक राजधानी में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ हमारा यह संवाद सत्र अत्यंत सकारात्मक और परिणामोन्मुखी रही। महाराष्ट्र की औद्योगिक विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की ‘अनंत संभावनाएं’ मिलकर देश की प्रगति को नई गति देंगे। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के इस इंटरेक्टिव सत्र का मुख्य उद्देश्य था नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित, भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के बहुप्रतीक्षित फेज़ 2 में निवेश आकर्षित करना। इस ज़ोन में भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकट, 12 अक्टूबर 2025, है, जिससे निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। यह हमारी दूसरी मुंबई यात्रा है। विगत वर्ष, निवेशकों से चर्चा के दौरान हमें प्रदेश की नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले थे। मुझे यह बताते हुए गर्व है कि हमने उन सुझावों पर गंभीरता से काम किया है और अपनी नई औद्योगिक नीतियों में उन्हें शामिल किया है। हमने अपनी 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' की प्रतिबद्धता और इस वर्ष लॉन्च की गई 18 नई, प्रगतिशील नीतियों को विस्तार से साझा किया। हमने न केवल जेनेरिक अवसर, बल्कि सेक्टर-स्पेसिफिक, रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए जिनमें नर्मदापुरम का पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फ़ूड पार्क्स एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं। संवाद कार्यक्रम में मुंबई और आसपास के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 400 से अधिक शीर्ष निवेशक, उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से उन सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, व्हाईट गुड्स, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मा, पर्यटन, फ़िल्म पर्यटन एवं लॉजिस्टिक्स आदि। कार्यक्रम में 2 राउंडटेबल मीटिंग का आयोजन किया गया। पहली डिप्लोमेट्स के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माताओं के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के फेज़ 2 में निवेश के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। साथ ही पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रदेश की अन्य विशेषताओं और संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। वन–टू–वन मीटिंग कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और एसोसिएशन/ संस्थानों के साथ वन-टू–वन मीटिंग की गई। इन गहन चर्चाओं में, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाईल, इलेक्ट्रानिक्स, नवकरणीय उर्जा एवं फार्मास्युीटिकल्स एवं कॉस्मेटिक्स जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने विशेष रुचि दिखाई। हमने उनकी निवेश योजनाओं को समझा और उन्हें प्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश एवं जिनके माध्यम से लगभग 7000 से अधिक रोजगार सृजित होंने की संभावना है। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने हेतु हम हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश में पूंजी निवेश बढ़े और हमारे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुंबई, … Read more

मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त निर्देश: बांग्लादेशी घुसपैठियों पर तुरंत कार्रवाई हो

भोपाल   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कलेक्टर-कमिश्नर और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी तरह बांग्लादेश घुसपैठियों को रहने की इजाजत नहीं है। इन्हें ढूंढकर जेल में भेजो। यह लोग प्रदेश में आकर छिपकर रहने लगते हैं। इन पर नजर रखी जाए। सीएम ने बढ़ते महिला अपराधों पर नाराजगी व्यक्त की सीएम डॉ मोहन यादव ने महिला अपराधों को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब ऑनलाइन समाधान बैठक होती है तो शाम को ही गुमशुदा महिला मिल जाती है। वर्ना दो-दो महीनों तक उनका कोई पता नहीं रहता है। ऐसे बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाना होगा। प्रदेश में ड्रग माफिया, जमीन माफिया और दूसरे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। एसपी ध्यान रखें कि सिर्फ बेसिक पुलिसिंग से काम नहीं चलने वाला। नई रणनीतियां तैयार करके अपराधियों को जेल में डालना होगा। बस्तियों में पनप रहा नेटवर्क राज्य में देखा गया है कि संकरी गलियों या बस्तियों में अपराधियों का नेटवर्क ऑपरेट होता है। जहां पर कई बार पुलिस जाने से भी कतरती है। इस मामले पर सीएम ने कहा कि संकरी गलियों वाली बस्ती या मोहल्ले को चिन्हित करें। यहां पर अपराधी अपना गढ़ बनाकर काम कर रहे हैं। 

CM डॉ. यादव 9 अक्टूबर को मुंबई में निवेशकों संग करेंगे इंटरएक्टिव सेशन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में 9 अक्टूबर को इंटरएक्टिव सेशन में निवेशकों से करेंगे संवाद रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण सहित विभिन्न सेक्टर्स में निवेश पर होगी चर्चा मोहासा बाबई इंडस्ट्रियल जोन में निवेश पर होगा संवाद मैक्सिको, सिंगापुर, कनाडा और इटली के कॉन्सुल जनरल भी करेंगे शिरकत भोपाल  मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी निवेश गंतव्य बनाने के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत् प्रयास अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन ने निवेश-अनुकूल वातावरण को सुदृढ़ करते हुए पारदर्शिता, नीतिगत स्थिरता और उद्योगों के लिए तीव्र गति से अनुमतियाँ प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इन्हीं प्रयासों की श्रृंखला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 अक्टूबर को मुंबई में इंटरएक्टिव सेशन में देश-विदेश के उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश 9 अक्टूबर को होटल ट्राइडेंट, नरीमन पॉइंट मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इस सत्र का उद्देश्य निवेशकों को मध्यप्रदेश में उभर रहे औद्योगिक अवसरों से अवगत कराना है, विशेष रूप से मोहासा-बाबई (नर्मदापुरम) में विकसित किए जा रहे पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (Phase-2) में निवेश को प्रोत्साहन देना है। इस औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है। सेशन में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ सिंगापुर, मैक्सिको, कनाडा और इटली सहित विभिन्न देशों के कॉन्सुल जनरल और व्यापारिक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। हिंदल्को इंडस्ट्रीज़, वेलस्पन ग्रुप, एलएंडटी, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, गॉदरेज इंडस्ट्रीज़, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, बजाज ग्रुप, आईपीसीए लैब और रेमंड ग्रुप जैसी अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश-संभावनाओं और प्रमुख परियोजनाओं जैसे पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, पीएम मित्र पार्क, फुटवियर पार्क और उद्योग आधारित क्लस्टर्स पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर राज्य में निवेश को लेकर संवाद और डिप्लोमैट राउंडटेबल मीटिंग में अंतर्राष्ट्रीय निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सेशन को  वीर एस. अडवाणी, डिप्टी चेयरमैन, सीआईआई वेस्टर्न रीजन एवं प्रबंध निदेशक, ब्लू स्टार लिमिटेड संबोधित करेंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव  राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य ने निवेशकों के प्रति विश्वास और पारदर्शिता का जो वातावरण बनाया है, उसी का परिणाम है कि देश-विदेश की अग्रणी कंपनियाँ अब मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। इन सत्रों के माध्यम से प्रदेश में निवेश में वृद्धि होने से औद्योगिक निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे और मध्यप्रदेश उद्योग एवं रोजगार का मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।