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राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन्मदिवस की दीं शुभकामनाएं

राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन्मदिवस की दीं शुभकामनाएं लोकभवन में पुष्पगुच्छ भेंट कर किया अभिवादन भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकभवन पहुंचकर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्पगुच्छ, अंग वस्त्रम और बाबा महाकाल की प्रतिकृति भेंट कर उनका अभिवादन किया। साथ ही उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि संवैधानिक मूल्यों और अंत्योदय के प्रति राज्यपाल पटेल की निष्ठा, कर्तव्यपरायणता एवं प्रतिबद्धता प्रेरणादायी है।  

इंदौर के जल संकट पर एक्शन मोड में सीएम डॉ. यादव, हालात की समीक्षा के लिए बुलाई अहम बैठक

इंदौर के जल संकट की स्थिति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक ली अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश संकटग्रस्त वार्डों में विशेष जलापूर्ति योजना लागू की जाए जल चोरी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश पाइप-लाइन लीकेज और वितरण हानि को सुधारने के निर्देश नागरिकों को राहत मिले, हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  इंदौर स्थित संभागायुक्त कार्यालय पहुंचकर शहर में उत्पन्न जल संकट की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 24×7 जल नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्रतिदिन सुबह एवं शाम जलापूर्ति की समीक्षा की जाए। संकटग्रस्त वार्डों में विशेष जलापूर्ति योजना लागू कर प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर राहत प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि नल से जल सप्लाई के समय में असमानता और विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाये। साथ ही सभी क्षेत्रों में संतुलित जल वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शासकीय महाविद्यालयों, छात्रावासों तथा अन्य आवासीय संस्थानों में जल उपलब्धता की विशेष चिंता करने के निर्देश दिए। साथ ही जल चोरी करने वालों एवं मोटरों के माध्यम से अवैध रूप से पानी खींचने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने को कहा। जल टंकियों का पूर्ण क्षमता से उपयोग सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शहर की बड़ी जल टंकियों का पूर्ण क्षमता से उपयोग सुनिश्चित किया जाए। निजी एवं नगर निगम के टैंकरों की मिनट-टू-मिनट मॉनिटरिंग की जाए। पाइपलाइन लीकेज एवं वितरण हानि को तत्काल सुधारकर जल की बर्बादी रोकी जाए। इउन्होंने कहा कि भोपाल से वरिष्ठ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी पूर्व में भी इंदौर का दौरा कर चुके हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पुनः भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और नागरिक समितियों के साथ नियमित संवाद तथा समन्वय बनाए रखने तथा जल संकट की स्थिति से संबंधित जानकारी एवं प्रतिवेदन मुख्यमंत्री कार्यालय को निरंतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, विधायक श्रीमती मालिनी गौर, विधायक मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

इंदौर में हुई तकनीक आधारित सुशासन की नई पहल- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन की दिशा में वरदान साबित हो रहा विज्ञान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में हुई तकनीक आधारित सुशासन की नई पहल- मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर शहर में खोले जाएंगे तीन नए थाने, पुलिस बल की पूर्ति भी की जाएगी- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा सरकार हर जिले में स्थापित कर रही है पुलिस बैंड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ के तहत 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स किए लोकार्पित, 10 पुलिस वाहनों को दिखाई हरी झंडी ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाईल एप का किया शुभारंभ इंदौर मध्यप्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की पहल के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ का लोकार्पण तथा ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स का और 10 पुलिस वाहनों का लोकार्पण कर इन्हें इंदौर पुलिस के बेड़े में शामिल कराया। यह ड्रोन्स पुलिस की तीसरी आंख के रूप में हर वक्त कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और भी अधिक प्रभावी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर इंदौर शहर में तीन नए पुलिस थाने खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कमी की पूर्ति भी क्रमबद्ध रूप से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर साल पुलिस विभाग के 22 हजार 500 पदों पर भर्ती कर रहे हैं। लगभग सभी पदों पर भर्ती जारी है। हम प्रदेश के हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार हमेशा पुलिस विभाग के साथ है। परन्तु नागरिकों को बेवजह परेशानी या अपने पदीय कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक लोगों के हित में है, तो एक चुनौती भी है, इसलिए इसका बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन पुलिस का कान्सेप्ट इंदौर से ही आया है। अब यह एक मिसाल बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास के समन्वय को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सरकार 'विरासत से विकास' के मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने जिस इंदौर को सेवा, सुशासन और जनकल्याण के जीवन मूल्यों से जोड़ा था, अपनी श्रम साधना से सींचा था, आज वही शहर नवाचार और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान वास्तव में सुशासन की दिशा में 'लोक कल्याणकारी राज्य' के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार तकनीक से लोगों की तकदीर बदलने, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और लोकसेवा का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ और ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ जैसे नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को नई ताकत प्रदान करेंगे। आज इंदौर में हुआ यह नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को बेहतर काम करने की नई ऊर्जा देगा तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्मार्ट और सुरक्षित इंदौर की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जो तकनीक और सुशासन के बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। आज लोकार्पित ड्रोन्स कानून व्यवस्था की स्थापना में पुलिस के लिए सहायक होंगे, वहीं ट्रेफिक साथी ऐप वाहन चालकों के लिए बेहद कारगर साबित होगा। इस ऐप के जरिए वाहन चालक पार्किंग की बेहतर लोकेशन जान सकेंगे। पुलिस कमिश्नर इंदौर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इंदौर पुलिस के बेड़े में 18 ड्रोन्स शामिल किए जा रहे हैं। अब इंदौर पुलिस भीड़ के समुचितप्रबंधन में इन अत्याधुनिक ड्रोन्स के बेहतर उपयोग करने के लिये तैयार हो गई है। इन ड्रोन्स से 2 किलोमीटर का दायरा कवर होगा। उन्होंने कहा कि अब हम न सिर्फ ट्रैफिक बल्कि अपराधों पर भी नजर रख सकेंगे। इसका प्रयोग इंदौर में रंगपंचमी पर निकली गैर और बसंत पंचमी पर भोजशाला में कानून व्यवस्था के लिए किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस ने 4 हजार 370 लोगों को नि:शुल्क हेलमेट बांटे हैं। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री एवं विधायिका सुउषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक महेन्द्र हार्डिया, विधायक रमेश मेंदोला, विधायिका मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, विधायक मनोज पटेल, विधायक राकेश शुक्ला सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।  

MP सरकार में बदलाव की आहट, किन मंत्रियों पर गिरेगी गाज और कौन बनेगा नया चेहरा?

भोपाल  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Government) की तस्वीर बदलने जा रही है। जून के अंत तक कैबिनेट में बड़ा फेरबदल (Major Cabinet Reshuffle) होना लगभग तय है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कम से कम 5-6 मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है तो 7-8 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। 2023 में मोहन यादव के नेतृत्व में बनी सरकार के कैबिनेट में पहली बार बदलाव होने जा रहा है। कैबिनेट में इस समय मोहन यादव समेत कुल 31 सदस्य हैं। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) कई बार दिल्ली पहुंचे हैं और शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकातों के दौरान कैबिनेट में फेरबदल की रूपरेखा पर सहमति बन चुकी है। 19 मई को मोहन यादव की मुलाकात जगदलपुर में गृहमंत्री अमित शाह के साथ हुई थी। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय भी बुलाए गए थे। मुख्यमंत्री की दिल्ली में भी शाह से मुलाकात हुई। वह पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भी मिले। सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में कैबिनेट के नए स्वरूप पर विस्तार से बातचीत हुई है। बताया जा रहा है कि 20 से 30 जून के बीच कभी भी पुराने मंत्रियों से इस्तीफा लिया जा सकता है और इसके तुरंत बाद शपथग्रहण होगा। कैलाश विजयवर्गीय का क्या होगा? कैबिनेट फेरबदल में जिन मंत्रियों पर सबसे ज्यादा नजरे हैं उनमें कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं। कैबिनेट में सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल कैलाश विजयवर्गीय को लेकर अटकलें हैं कि उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है। वहीं प्रह्लाद सिंह को केंद्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। बताया जाता है कि वरिष्ठता की वजह से ये मंत्री कैबिनेट में सहज नहीं हैं। भाजपा के पूर्व महासचिव रह चुके कैलाश विजयवर्गीय को जब विधनसभा चुनाव में उतारा गया था तो उन्हें संभावित मुख्यमंत्रियों की सूची में भी प्रमुखता से गिना जा रहा था, लेकिन बाजी मोहन यादव की लगी जो कहीं रेस में नहीं दिख रहे थे। और किन मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी मोहन यादव कैबिनेट से जिन मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, उनमें सबसे प्रबल नाम विजय शाह का है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री को लेकर पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार तीखी टिप्पणियां की हैं। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, पंचायती राज्य मंत्री राधा सिंह, शहरी प्रबंधन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार शामिल हो सकते हैं। नए चेहरों को मिल सकता है मौका कैबिनेट विस्तार में कई नए विधायकों और नेताओं को अवसर मिलने की चर्चा है. पार्टी क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए नामों का चयन कर सकती है. सागर और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से कुछ नेताओं के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं. इसके अलावा महिला, युवा और आदिवासी वर्ग को बेहतर प्रतिनिधित्व देने पर भी भाजपा विचार कर सकती है. माना जा रहा है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए नए चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।  प्रदर्शन के आधार पर होगा फैसला सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की है. इसी मूल्यांकन के आधार पर मंत्रिमंडल में बदलाव का फैसला लिया जा सकता है. पार्टी का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले सरकार की कार्यक्षमता और जनसंपर्क को और मजबूत बनाना है. ऐसे में जून का अंतिम सप्ताह मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए काफी अहम साबित हो सकता है, क्योंकि कैबिनेट फेरबदल से कई नए राजनीतिक संदेश और समीकरण सामने आने की संभावना है।  किन्हें मंत्री बनाए जाने की चर्चा सागर जिले से आने वाले विधायकों शैलेंद्र जैन या प्रदीप लारिया में से किसी एक को पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले प्रमुराम चौधरी को भी मंत्री बनाया जा सकता है। पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह का नाम भी लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा कुछ नए और युवा चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है। महिला और आदिवासी समुदाय को भी साधने की कोशिश होगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि पुराने कुछ मंत्रियों को हटाकर जहां नए चेहरों को जगह दी जाएगी, वहीं विभागों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल होगा। कुछ मंत्रियों से मौजूदा विभाग लेकर नए मंत्रालय दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों के कामकाज की गहन समीक्षा की है और इसी आधार पर बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

CM मोहन यादव ने किए माता वैष्णो देवी के दर्शन, श्राइन बोर्ड की व्यवस्था की जमकर तारीफ

भोपाल  मध्य प्रदेश के महाकाल, ओंकारेश्वर जैसे तीर्थ स्थानों पर क्राउड मैनेजमेंट का पूरा प्लान तैयार करने जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर के भीड़ प्रबंधन का अध्ययन किया जाएगा. कटरा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया, " हमारे साथ पूरा एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जो यहां श्रद्धालुओं के दर्शन से लेकर मंदिर ट्रस्ट की सभी व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है. जिस पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आगे मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों में इसे लागू किया जाएगा।  माता वैष्णों देवी के दरबार में पहुंचे मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के कटरा पहुंचे. वे यहां पर माता वैष्णों देवी के दर्शन तो करेंगे ही, लेकिन यहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी होगा. उन्होंने बताया कि वे यहां माता वैष्णों के दर्शन के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे. इन चीजों पर अध्ययन करने के लिए उनके साथ प्रतिनिधिमंडल भी है. केवल वैष्णों देवी नहीं देश के अलग-अलग तीर्थ स्थलों में किस तरह के प्रबंध है, ये जानने के लिए इसी तरह के अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अन्य प्रतिनिधिमंडल देश के अलग-अलग हिस्सों में भी भेजे हैं।  बताई दौरे की वजह कटरा पहुंचने पर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके। सीएम ने आगे बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है। बताई दौरे की वजह कटरा पहुंचने पर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके। सीएम ने आगे बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है। सीएम यादव ने बताया कि वह अधिकारियों के एक दल के साथ यहां आए हैं ताकि वैष्णो देवी मंदिर की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा सके और इसे मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके राज्य में भी प्रमुख मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सेवाओं और श्रद्धालु सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों का अध्ययन कर एक प्रभावी प्रबंधन मॉडल तैयार किया जा रहा है। वैष्णो देवी मंदिर में बेहतर व्यवस्थाओं और सुचारू दर्शन व्यवस्था की उन्होंने सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्राइन बोर्ड द्वारा यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह का समन्वित मॉडल अन्य मंदिरों में भी लागू करने की योजना है। इससे पहले हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक फैसले का भी उल्लेख किया गया जिसमें एक धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में ऐतिहासिक निर्णय दिया गया था। धार्मिक संस्थानों का होगा अध्ययन मीडिया से बात करते हुएमुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, " हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, जिससे महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान व भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके. हाल ही में उच्च न्यायालय ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है. हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए कैसे एक मॉडल तैयार हो सके. जिससे श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाई जा सके।  बाकी तीर्थ स्थलों में भी जनसुविधाओं की लेंगे जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, "देश के अलग-अलग हिस्सों में भी जो दल गए हैं, वे अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट सौपेंगे. उसके हिसाब से मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों में प्लान लागू होगा." उन्होंने कहा, "मुझे जानकारी दी गई है कि यहां मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ एक विश्वविद्यालय, एक मेडिकल कॉलेज व अनेक सेवा-प्रधान संस्थाएं भी संचालित की जा रही हैं. हमारी सरकार भी अब रिलीजियस टूरिज्म के नए सर्किट तैयार कर उन्हें विकसित करने पर जोर दे रही है।   

सिर्फ 5 रुपये में किसानों को बड़ी सौगात, 1.10 लाख से ज्यादा स्थाई कृषि पंप कनेक्शन जारी

मात्र 5 रुपये में 1 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को मिला नया स्थाई कृषि पंप कनेक्शन भोपाल  राज्‍य शासन द्वारा घोषित 'किसान कल्याण वर्ष 2026' के अंतर्गत किसानों को सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन आसानी से उपलब्‍ध कराए जा रहे हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी के कार्यक्षेत्र में किसानों को अब मात्र 5 रूपये के प्रारंभिक शुल्‍क में नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब तक 01 लाख 10 हजार 478 कृषि पम्‍प कनेक्‍शन उपलब्‍ध करा दिये गये हैं। भोपाल रीजन के 8 जिलों के 9 हजार 305 गावों में 85 हजार 362 कृषि पम्‍प उपभोक्‍ताओं ने तथा ग्‍वालियर रीजन के 8 जिलों के 7 हजार 284 गावों में 25 हजार 116 कृषि पम्‍प उपभोक्‍ताओं ने 5 रूपये में नवीन कनेक्‍शन योजना का लाभ उठाया है। कंपनी द्वारा कृषि पम्पों के कनेक्शनों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए ऐसे कृषक जिनके खेत विद्युत की उपलब्ध लाइन के समीप स्थित हैं, उनको प्रारंभिक शुल्‍क 5 रूपये में स्थाई कृषि पंप कनेक्शन प्रदान किये जा रहे हैं। कनेक्‍शन की शेष शुल्‍क राशि का भुगतान मासिक देयकों के साथ किश्‍तों में लिया जा रहा है। कंपनी ने कहा है कि आवेदक 5 रूपये में नवीन कनेक्‍शन के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी विद्युत केन्‍द्र/जोन अथवा कंपनी के कॉल सेन्‍टर नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।  

किसानों से अब तक 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश ने गेहूं उपार्जन में नया रिकॉर्ड बनाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों से अब तक 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 हजार करोड़ रुपये का किसानों को किया जा चुका है भुगतान प्रदेश में सबसे लम्बे समय तक गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन पर वीडियो संदेश के माध्यम से दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं उपार्जन में अपने सभी लक्ष्य हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। प्रदेश में किसानों से अब तक रिकॉर्ड 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को 2585 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य और प्रति क्विंटल 40 रुपए बोनस का लाभ दिया है। किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान किया। अब तक किसानों को गेहूं उपार्जन की 24 हजार करोड़ राशि दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आज वीडियो संदेश के माध्यम से ये जानकारी दी। किसानों की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं खरीदने के लिए किसानों की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में इस वर्ष गेहूं की पैदावार बढ़ी है। देश में सर्वाधिक गेहूं उत्पादन वाले राज्यों में पंजाब के बाद मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीद की व्यवस्था लागू करने वाला एकमात्र राज्य है। सरकारी खरीद के लिए पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं गोदामों तक पहुंच चुका है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे और मध्यम श्रेणी के किसानों से पहले गेहूं खरीदा गया। यह व्यवस्था प्रदेश में पहली बार लागू की गई। छोटे किसानों से अब तक लगभग 32.72 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसके बाद बड़े किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिला। अब तक लगभग पौने 14 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कर लिया गया है। सरकारी खरीद के लिए पंजीयन कराने वाले सभी किसान भाई-बहनों का गेहूं गोदाम तक पहुंच चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति और विश्व में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है। इस कठिन दौर में भी रिकॉर्ड गेहूं खरीदी की गई है। राज्य सरकार किसानों के लिए अनेक जन हितैषी निर्णय ले रही है। अन्नदाता भाई-बहनों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने यह पूरा वर्ष कृषक कल्याण को समर्पित किया है। प्रदेश का हर किसान समृद्ध और खुशहाल हो, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फसल उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग से किसानों की आय में वृद्धि हो, यह हमारी प्रतिबद्धता है।

CM डॉ. यादव बोले- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से हो रहा अधोसंरचना विकास

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश का हो रहा है अधोसंरचात्मक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3,540 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा हाई-स्पीड कॉरिडोर मध्य भारत में कनेक्टिविटी का नया मानक स्थापित करेगा 114 किलोमीटर लंबी परियोजना से मिलेगी जाम से राहत, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आधार जबलपुर आउटर रिंग रोड परियोजना से आवागमन होगा तेज भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित हो रहे आधुनिक अधोसंरचना नेटवर्क ने भारत की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, आर्थिक कॉरिडोर और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और निवेश को नई ऊर्जा मिल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा मध्यप्रदेश में विकसित की जा रही जबलपुर आउटर रिंग रोड परियोजना महाकौशल क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखने जा रही है। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 3,540 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही 114 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी परियोजना जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि जबलपुर क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने वाली यह परियोजना शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी। फोर लेन वाले इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण विशेष रूप से शहर के बाहर से आने-जाने वाले भारी एवं लंबी दूरी के यातायात को सुगम मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। फोर लेन वाले इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण विशेष रूप से शहर के बाहर से आने-जाने वाले भारी एवं लंबी दूरी के यातायात को सुगम मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद जबलपुर शहर में यातायात का दबाव कम होगा तथा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। शहर को मिलेगी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत विगत वर्षों में जबलपुर में तेजी से हुए शहरी विस्तार, औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि तथा यात्री एवं मालवाहक वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात दबाव लगातार बढ़ा है। शहर की प्रमुख सड़कों पर जाम, लंबा यात्रा समय और ईंधन की अतिरिक्त खपत आम समस्या बन गई थी। आउटर रिंग रोड परियोजना इन चुनौतियों का दीर्घकालिक समाधान प्रस्तुत करती है। इसके संचालन से लंबी दूरी के वाहनों का आवागमन शहर के बाहर से होगा, जिससे शहरी सड़कों पर दबाव कम होगा और आम नागरिकों को अधिक सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध होगी। पांच पैकेजों में हो रहा निर्माण परियोजना को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 अलग-अलग पैकेजों में विभाजित किया गया है। इनमें बरेला से मानेगांव, मानेगांव से एनएच-45, एनएच-45 से कुशनेर, कुशनेर से अमझर तथा अमझर से बरेला तक के खंड शामिल हैं। सभी पैकेज मिलकर जबलपुर के चारों ओर एक मजबूत बाहरी परिवहन नेटवर्क तैयार करेंगे। इन मार्गों के विकसित होने से जबलपुर हवाई अड्डे सहित क्षेत्र के प्रमुख कस्बों और ग्रामीण इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क प्राप्त होगा। परियोजना के विभिन्न हिस्से इस वर्ष तथा अगले वर्ष चरणबद्ध रूप से यातायात के लिए खोले जाएंगे। किसानों की उपज समय पर पहुंचेगी बाजार परियोजना का सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा। वर्तमान में बरेला, शाहपुरा, पाटन, सिहोरा और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में ट्रैफिक जाम और परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आउटर रिंग रोड बनने के बाद कृषि उत्पादों का परिवहन तेज होगा, जिससे समय की बचत होगी और किसानों को बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध होंगे। परिवहन लागत कम होने से उनकी आय पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय किसानों का मानना है कि परियोजना के कुछ प्रारंभिक हिस्सों के संचालन से ही यात्रा में होने वाली देरी में कमी महसूस होने लगी है और पूर्ण परियोजना शुरू होने के बाद यह लाभ और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को मिलेगी नई गति जबलपुर मध्य भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। आउटर रिंग रोड बनने के बाद मालवाहक वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आएगी। ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क अधिक कुशल बन सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में जबलपुर को मध्य भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ जबलपुर की पहचान केवल औद्योगिक और प्रशासनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी है। भेड़ाघाट की संगमरमरी घाटियां, धुआंधार जल प्रपात, ग्वारी घाट, नर्मदा तट और निकटवर्ती कान्हा राष्ट्रीय उद्यान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। नई रिंग रोड इन पर्यटन स्थलों तक पहुंच को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाएगी। साथ ही अमरकंटक जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक यात्रा भी पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। नर्मदा पर बनेगा आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक परियोजना का सबसे आकर्षक और महत्वपूर्ण हिस्सा नर्मदा नदी पर निर्मित किया जा रहा लगभग 750 मीटर लंबा एक्सट्राडोज्ड ब्रिज है। आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा यह पुल न केवल परिवहन सुविधा को बेहतर बनाएगा बल्कि भविष्य में क्षेत्र की एक विशिष्ट पहचान के रूप में भी स्थापित होगा। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी पर निर्मित यह पुल आधुनिक विकास और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण होगा। व्यापक अधोसंरचना निर्माण इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 14 बड़े पुल, 37 छोटे पुल, 4 रेलवे ओवरब्रिज, 3 फ्लाईओवर, 12 वाहन अंडर-पास, 23 हल्के वाहनों के अंडर-पास, 2 एलिवेटेड स्ट्रक्चर, 3 ओवर-पास तथा लगभग 332 पुलियाओं का निर्माण किया जा रहा है। यह अधोसंरचना न केवल यातायात को निर्बाध बनाएगी बल्कि भविष्य की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी। महाकौशल क्षेत्र के विकास को मिलेगा … Read more

BJP में बड़ा मंथन! राज्यसभा चुनाव और कैबिनेट विस्तार को लेकर दिल्ली में अहम बैठकें

भोपाल मध्य प्रदेश भाजपा में इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती नजर आ रही हैं। संगठन में नई नियुक्तियों और आगामी राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अब मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने भी सियासी गलियारों का तापमान बढ़ा दिया है। इसी बीच मुख्यमंत्री Mohan Yadav का अचानक दिल्ली दौरा कई नए राजनीतिक संकेत दे रहा है। सूत्रों की मानें तो भाजपा नेतृत्व आने वाले दिनों में संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े फैसले ले सकता है। राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक बैठकों का दौर पहले से ही जारी है, वहीं प्रदेश मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विस्तार को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री मोहन यादव का दिल्ली पहुंचना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचकर मुख्यमंत्री ने पार्टी और केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Arjun Ram Meghwal से भी सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की। आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय विधि और न्याय (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जी से सौजन्य भेंट की। हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मान रहे हैं। माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव, संगठनात्मक बदलाव और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर दिल्ली में लगातार मंथन चल रहा है। प्रदेश भाजपा में पिछले कुछ दिनों से जिस तरह नियुक्तियों और बैठकों का सिलसिला बढ़ा है, उसने यह संकेत जरूर दे दिए हैं कि पार्टी आने वाले समय में बड़े राजनीतिक फैसलों की तैयारी में जुट चुकी है। अब सबकी नजर दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगली राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई है।

सिंहस्थ 2028 में शिप्रा स्नान का मिलेगा दिव्य लाभ, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

सिंहस्थ: 2028, श्रद्धालुओं को मिलेगा माँ शिप्रा के जल से स्नान का पुण्य लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरिमामय रहा शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन समारोह सुगम संगीत संध्या में दरभंगा की सुश्री मैथिली ठाकुर ने दी संगीतमयी प्रस्तुति भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 में 30 किलोमीटर से अधिक लंबाई में निर्मित शिप्रा के घाट श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान का लाभ प्रदान करेंगे। मां शिप्रा के स्वच्छ जल की उपलब्धता आयोजन को पावन बनाएगी। लगभग छह दशक बाद यह संभव होगा जब श्रद्धालु सिर्फ माँ शिप्रा के प्रवाहमान जल से सिंहस्थ के लिए पहुंचकर स्नान कर सकेंगे। गत सिंहस्थ : 2016 में माँ नर्मदा के जल से स्नान की सुविधा प्राप्त होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने कामना की थी कि मां शिप्रा का जल पूरी तरह से प्रवाहित हो और स्नान लाभ ले सकें। श्रद्धालुओं की आकांक्षा को पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार ने आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। बाबा महाकाल और संतों के आशीर्वाद से श्रेष्ठ प्रबंध कर हम सिंहस्थ: 2028 को यादगार बनाएंगे। सिंहस्थ के आयोजन से नए कीर्तिमान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां शिप्रा के आशीर्वाद से समारोह में अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहे हैं। दीपामलिकाएं देखकर लगता है जैसे दीप पर्व आ गया हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि सभी को यश प्राप्त हो। त्रिवेणी से सिद्धनाथ तक शिप्रा जी के घाट पवित्र माने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से अनेक कार्य संचालित हैं, जो सिंहस्थ के आयोजन को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने का कार्य करेंगे। भारत की मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी हो रहा है। हाल ही में हुए न्यायालय के निर्णय भी परिपालन की दृष्टि से स्वर्णकाल का आभास करवाते हैं। देश के नागरिक सभी निर्णयों पर भरोसा करते हुए परस्पर सहयोग और समरसता का परिचय दे रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के भूमि-पूजन और लोकार्पण में ऐसे सभी लोग उपस्थित हुए जिन्होंने मंदिर के संबंध में वर्षों तक न्यायालय में मुकदमा लड़ा। हमारे देश में मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा है। राजभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजाभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध है। धार में भोजशाला में मां वागदेवी की प्रतिमा स्थापित होगी। न्यायालय के निर्णय के बाद यह मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का शासन काल सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल की याद दिलवाता है, जिसमें प्रत्येक नागरिक का हित सर्वोपरि रहा। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने तीन माह से अधिक अवधि के जल गंगा संवर्धन अभियान में कुओं- तालाबों, नदियों, पोखर, जलाशय और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण संवर्धन के कार्यों का संचालन किया है। इसमें जनता की भागीदारी भी हो रही है। मध्यप्रदेश नदी जोड़ो अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी बना है। समारोह में दरभंगा से कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए आई गायिका और बिहार विधानसभा की सदस्य सुश्री मैथिली ठाकुर ने भजन प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व सुश्री ठाकुर का मध्यप्रदेश आगमन पर स्वागत किया।