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मुंबई में घर की कीमतों में इजाफा, ईरान-इजरायल तनाव का पड़ा असर

मुंबई मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतें पहले से ही आसमान छू रहीं हैं और अब इनके रेट्स में और तेजी आ सकती है.  Anarock Group की एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) में घरों की कीमतें बढ़ सकती हैं. इसका मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहा तनाव है, जिसकी वजह से निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामान को लाने-ले जाने का खर्च और कच्चे माल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं।  रिपोर्ट के मुताबिक, ऊंची इमारतों को बनाने का खर्च पहले ही करीब ₹50 प्रति वर्ग फुट तक बढ़ चुका है. जानकारों का मानना है कि बिल्डर्स अब इस बढ़े हुए खर्च की भरपाई घर खरीदारों से करेंगे, जिसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो बजट होम या मध्यम आय वर्ग के घर तलाश रहे हैं।  निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख इनपुट्स की कीमतों में भी तीखी वृद्धि देखी गई है. स्टील की कीमतें लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर ₹62 से ₹72 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई हैं, जबकि हॉट रोल्ड कॉइल की कीमतें ₹51 से ₹56 प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई हैं, जिनमें आगे और बढ़ोतरी की आशंका है।  खाड़ी देशों में उत्पादन में कटौती के चलते एल्युमीनियम की कीमतें ₹3.5 लाख प्रति टन तक जा पहुंची हैं, जिसका उपयोग इमारतों के बाहरी हिस्सों और मेट्रो स्टेशनों जैसे बुनियादी ढांचे में प्रमुखता से होता है. साथ ही, सड़क निर्माण के लिए अनिवार्य बिटुमेन की कीमतें भी बढ़कर ₹48 से ₹51 प्रति किलोग्राम हो गई हैं।  लॉजिस्टिक्स में आ रही हैं बाधाएं लागत में इस अप्रत्याशित वृद्धि का सबसे बड़ा कारण लॉजिस्टिक्स में आने वाली बाधाएं हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बाधित होने के कारण शिपमेंट्स को अब 'केप ऑफ गुड होप' के लंबे रास्ते से भेजा जा रहा है, जिससे समुद्री मार्ग की दूरी 6,000 से 10,000 समुद्री मील बढ़ गई है और डिलीवरी में 10 से 20 दिनों की देरी हो रही है. इस बदलाव ने प्रति कंटेनर माल ढुलाई की लागत में ₹1.5 से ₹3.5 लाख की बढ़ोतरी कर दी है. इसके अलावा, ₹1 लाख प्रति टन के पार पहुंचे समुद्री ईंधन के ऊंचे दाम, युद्ध अधिभार (War surcharges) और बढ़ते बीमा प्रीमियम ने डेवलपर्स की वित्तीय चुनौतियों को और अधिक गंभीर बना दिया है।  

मुंबई मेयर चुनाव में फडणवीस सरकार का बड़ा कदम, बदला चुनावी परिदृश्य

मुंबई  मुंबई मेयर पद के चुनाव को लेकर सियासी घमासान के बीच एक बड़ा मोड़ सामने आया है. बीएमसी चुनाव में मामूली बहुमत वाली महायुति सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे ठाकरे गुट की रणनीति पर सीधा वार माना जा रहा है. दरअसल शिवसेना (यूबीटी) गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पिछले दिनों कहा कहा था कि ‘अगर भगवान की इच्छा होगी तो महापौर भी अपना होगा.’ हालांकि, उनके इस बयान के बाद बीजेपी और शिंदे गुट अलर्ट मोड में आ गया और इस ताजा कदम को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है. मुंबई महानगरपालिका की सत्ता की लड़ाई में राज्य सरकार ने एक अहम राजनीतिक चाल चली है. आगामी मेयर चुनाव की प्रक्रिया में ‘पीठासीन अधिकारी’ (Presiding Officer) की नियुक्ति से जुड़े पुराने नियम में बदलाव कर दिया गया है. नई अधिसूचना के मुताबिक अब महापौर चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया का संचालन नगर आयुक्त या सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे. सरकार के इस फैसले के बाद सत्ताधारी और विपक्ष के बीच पहले ही दिन टकराव के संकेत मिल रहे हैं. अब तक की परंपरा के अनुसार, नई नगर परिषद की पहली बैठक में मेयर के चयन तक कार्यवाही देखने के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति होती थी. यह जिम्मेदारी या तो निवर्तमान महापौर को या फिर सदन के सबसे वरिष्ठ नगरसेवक को सौंपी जाती थी. मुंबई महापालिका का कार्यकाल समाप्त हुए करीब तीन साल हो चुके हैं, ऐसे में निवर्तमान महापौर का विकल्प पहले ही खत्म हो गया था. पुराने नियमों के तहत, उद्धव ठाकरे गुट की वरिष्ठ नगरसेविका श्रद्धा जाधव को पीठासीन अधिकारी बनने का मौका मिल सकता था. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर पीठासीन अधिकारी विपक्ष का होता, तो सत्ताधारियों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था. इसी संभावित स्थिति से बचने के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है. राज्य सरकार की तरफ से जारी नई नियमावली के अनुसार, अब महापौर या उपमहापौर के चुनाव के लिए बुलाई जाने वाली विशेष बैठक की अध्यक्षता राज्य सरकार के सचिव स्तर या उससे ऊचे अधिकारी करेंगे. वर्तमान नगर आयुक्त भूषण गगराणी प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी हैं, ऐसे में वही इस प्रक्रिया के पीठासीन अधिकारी होंगे. इसके साथ ही महापौर के अधिकार भी सीमित कर दिए गए हैं. नए चुने गए महापौर भी उपमहापौर के चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्य नहीं कर सकेंगे. गौरतलब है कि वर्ष 1997 से मुंबई महापालिका में शिवसेना-भाजपा की सत्ता रही है और इस दौरान पीठासीन अधिकारी को लेकर कभी विवाद नहीं हुआ. लेकिन मौजूदा बदले हुए राजनीतिक समीकरणों में यह मुद्दा विवाद की जड़ बनता नजर आ रहा है. ठाकरे गुट की ओर से पीठासीन अधिकारी अपने पक्ष का हो, इसके लिए रणनीति बनाई जा रही थी, लेकिन सरकार की अधिसूचना ने इस योजना को झटका दे दिया है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि महापौर चुनाव के पहले ही दिन नए नियमों को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिल सकता है.

कपलिंग टूटी रुकी मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट, कई ट्रेनें रहीं प्रभावित

चित्रकूट मुंबई हावड़ा रेल लाइन के ठिकरिया, मारकुंडी रेलवे स्टेशन के मध्य मुंबई एलटीटी सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन की कपलिंग टूट गई। इससे करीब पांच घंटे यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान करीब आधा दर्जन ट्रेनें ठिकरिया, मझगवा, जैतवारा, सतना आदि स्टेशनों में खड़ी रहीं। बता दें कि सोमवार तड़के करीब 2:45 बजे मुंबई एलटीटी से भागलपुर की ओर जाने वाली 2336 ट्रेन के लास्ट के एसी कोच की कपलिंग टूट जाने से एक्सप्रेस ट्रेन की 4 बोगी अलग हो गई। ट्रेन में सवार यात्रियों व गार्ड के द्वारा ट्रेन चालक व स्टेशन प्रबंधक को सूचना दी गई। करीब पांच घंटे तक मशक्कत करने के बाद सुबह करीब आठ बजे ट्रेन आगे को रवाना हुई। इस बीच ताप्ती गंगा, काशी, गोदान आदि आधा दर्जन ट्रेन डेढ़ से दो घंटे तक विभिन्न स्टेशनों में खड़ी रखी गईं। इस मामले में मानिकपुर स्टेशन प्रबंधक शिवेश मालवीय ने बताया कि यह भोर का मामला है। सूचना मिलने पर ट्रेन की टूटी कपलिंग सही करवाई गई है। वहीं अन्य ट्रेनों को रूट खाली न होने से डिले करना पड़ा।

बदरा बरसे मुंबई पर, मराठवाड़ा में बारिश ने मचाया कहर; CM ने राहत कार्यों का जायजा लिया

मुंबई सितंबर का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन महाराष्ट्र के तमाम जिलों में लौटते मानसून का कहर जारी है। मुंबई और आसपास के जिलों में शनिवार देर रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार के लिए मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया है। कई इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश के कारण ठाणे में एक व्यक्ति नदी में बह गया। मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित शनिवार रात आधी रात के बाद मुंबई में तेज बारिश शुरू हुई। शुरुआती घंटों में बारिश की रफ्तार बहुत तेज रही, लेकिन रविवार तड़के इसमें थोड़ी कमी आई। अब शहर के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ रही हैं।   24 घंटे में बारिश का आंकड़ा (सुबह 8.30 बजे तक)     कोलाबा: 120.8 मिमी     सांताक्रुज: 83.8 मिमी     जुहू: 88 मिमी     बांद्रा: 82.5 मिमी     महालक्ष्मी: 28 मिमी  

एयरपोर्ट सुरक्षा में हाई अलर्ट, बम की धमकी को लेकर तीन बार कंट्रोल रूम में कॉल

 मुंबई मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को एक के बाद एक तीन अलग-अलग नंबरों से आए धमकी भरे कॉल ने शुक्रवार को हड़कंप मचा दिया. कॉलर ने दावा किया कि मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बम रखा है और कुछ ही देर में जोरदार धमाका होने वाला है.  इस कॉल के बाद मुंबई पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और एयरपोर्ट पर पुलिस अधिकारियों के साथ बम स्क्वॉड की टीम भी पहुंच गई. घंटों तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद भी कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ. पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, अज्ञात कॉलर ने मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर बम विस्फोट होने की धमकी दी थी. सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के आला अधिकारी और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गए. एयरपोर्ट के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस को कोई भी ऐसी चीज नहीं मिली जिससे बम होने की पुष्टि हो सके. असम-बंगाल सीमा से जुड़े धमकी भरे कॉल के तार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये धमकी भरे कॉल असम और पश्चिम बंगाल सीमा के पास सक्रिय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके किए गए थे. मुंबई की आज़ाद मैदान पुलिस ने अज्ञात कॉलर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि धमकी देने वाले शख्स तक पहुंचा जा सके और उसके इरादों का पता लगाया जा सके.