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डेमोक्रेट्स की जीत से गदगद ओबामा, ट्रंप पर निशाना साधते हुए दिया बड़ा संदेश

न्यूयॉर्क अमेरिका के मध्यावधि चुनाव का नतीजा आया तो देश फिर बहस में उलझ गया है। डोनाल्ड ट्रंप की राजनीति अब किस ओर जाएगी, और अमेरिका खुद किस रास्ते पर है? इसी माहौल में, बराक ओबामा ने सोशल मीडिया X पर अपने विचार रख दिए। उन्होंने साफ कहा, लोग ऐसी राजनीति नहीं चाहते जो सिर्फ बांटती है। वे उम्मीद करते हैं कि नेता साथ लेकर चलें, न कि दूरियां बढ़ाएं। ओबामा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब डेमोक्रेटिक पार्टी की चुनावी सफलता ने कांग्रेस में सत्ता संतुलन बदलने के संकेत दिए हैं।  अब वक्त है जनता की बात सुनने का: ओबामा मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की मजबूत वापसी के बीच ओबामा ने नेताओं को याद दिलाया अब वक्त है जनता की बात सुनने का। उनके मुताबिक, चुनाव ने दिखा दिया कि अमेरिकी नागरिकों की चाहत है कि राजनीति जोड़ने वाली हो, न कि अलग-अलग खांचों में बाटने वाली। ओबामा ने अपने संदेश में इस पर भी जोर डाला कि देश को ऐसे नेता चाहिए, जो सिर्फ वादे न करें बल्कि हकीकत में समस्याएं सुलझाएं। पूर्व राष्ट्रपति ने चुनाव प्रक्रिया में योगदान देने वाले अधिकारियों और स्वयंसेवकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े हजारों चुनाव कर्मियों ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ओबामा के मुताबिक, लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनावी जीत से नहीं, बल्कि निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था से भी तय होती है।  ट्रंप प्रशासन के सामने अब दो साल की चुनौती ओबामा ने ये भी साफ कर दिया कि ये चुनावी जंग खत्म नहीं हुई। ट्रंप प्रशासन के पास अभी दो साल हैं अब विपक्ष की जिम्मेदारी बनती है कि जहान बदलाव ला सकते हैं, वहां जनता के लिए काम करें। उनका कहना है कि अब नुकसान को रोकने का वक्त है, अगले चुनाव या भविष्य की तैयारी का वक्त है। ओबामा की बात डेमोक्रेट्स के लिए आगे की रणनीति का संकेत देती है अब असली परीक्षा है कि पार्टी जनता की उम्मीदों को नीतियों में बदलकर दिखाए। अब आर्थिक मुद्दे और भी अहम हो गए हैं अमेरिकी चुनाव में महंगाई, घरेलू खर्च, और सरकार की काम करने की शैली बड़े मुद्दे बनकर उभरे। लोगों की आर्थिक परेशानियों और देश की दिशा को लेकर असंतोष ने डेमोक्रेट्स के प्रदर्शन को प्रभावित किया। फिर भी, पार्टी ने कई मुकाबलों में बढ़त ली, सीनेट में बहुमत पाया और प्रतिनिधि सभा में अपनी स्थिति मजबूत की। ओबामा ने संदेश में कहा कि सिर्फ एक जीत ही मंजिल नहीं है। असली बात ये है कि राजनीतिक दल जनता के भरोसे के लायक बनें। उनका कहना है चुनावी सफलता तब ही मायने रखेगी, जब आम लोगों की मुश्किलें सच में कम हों। अब डेमोक्रेट्स पर सबकी नजर है जनादेश को वे किस तरह काम में लाते हैं? अगले दो साल में कांग्रेस की भूमिका, प्रशासन की निगरानी और जनता की ज़रूरतें यही तय करेंगे कि अमेरिकी राजनीति किस ओर बढ़ेगी।

‘ट्रंप प्रशासन में अराजकता और भ्रष्टाचार बढ़ा’, ओहायो-मिशिगन की रैलियों में बराक ओबामा के तीखे तेवर

वाशिंगटन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने व्हाइट हाउस की सजावट पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने इसे ऐसा बना दिया है, जैसे सद्दाम हुसैन ने चीजकेक फैक्ट्री खोल दी हो। ओबामा ने ओहायो और मिशिगन में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए ट्रंप प्रशासन पर अराजकता, क्रूरता, भ्रष्टाचार और अक्षमता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। पिछले 2 वर्षों में अमेरिका ने ऐसे हालात देखे हैं, जिनकी आधुनिक दौर में मिसाल नहीं मिलती। ओबामा ने ट्रंप के फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे युद्ध की शुरुआत की, जिसकी किसी ने मांग नहीं की थी। ईरान के साथ युद्ध के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है। ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज से जहाजों की आवाजाही भी बाधित हुई है। ओबामा नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। ओहायो के क्लीवलैंड में रैली के दौरान ओबामा ने पूर्व डेमोक्रेटिक सीनेटर शेरोड ब्राउन के लिए वोट मांगे। ब्राउन इस चुनाव में रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड को चुनौती दे रहे हैं। ओहायो में गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन और रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के बीच भी मुकाबला है। रामास्वामी 2024 में राष्ट्रपति पद के चुनाव की दौड़ में शामिल रहे थे। ओहायो में सामने आए सर्वे में दोनों मुकाबलों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को मामूली बढ़त दिखाई गई है, लेकिन नतीजे करीबी रहने की उम्मीद है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के लिए मांग रहे वोट ओबामा ने ट्रंप की राजधानी वॉशिंगटन में चल रही निर्माण और सजावट की परियोजनाओं पर भी निशाना साधा। इनमें नेशनल मॉल के रिफ्लेक्टिंग पूल की बनावट, व्हाइट हाउस में विशाल बॉलरूम बनाने की योजना और ओवल ऑफिस में सुनहरी सजावट शामिल है। इसके बाद ओबामा मिशिगन पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिकी सीनेट के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल एल-सैयद के लिए प्रचार किया। एल-सैयद का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स से है। ओबामा ने मिशिगन की मौजूदा डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन का भी जिक्र किया, जिनका इस साल चुनाव नहीं है। अब्दुल और एलिसा की जोड़ी का किया समर्थन ओबामा ने कहा कि कल्पना कीजिए कि अब्दुल और एलिसा की जोड़ी अमेरिकी सीनेट में आपके लिए काम कर रही हो। एक मुस्लिम पुरुष और एक यहूदी महिला का सीनेट में लोगों के लिए काम करना ऐसी बात है, जिस पर मिशिगन को गर्व होना चाहिए। ओबामा ने मतदाताओं से जल्द मतदान करने की अपील भी की, क्योंकि दोनों राज्यों में शुरुआती मतदान शुरू हो चुका है। वोट डालने में देरी न करें और अपने फैसले को लेकर असमंजस में न रहें। डेमोक्रेटिक पार्टी इन चुनावों में अमेरिकी कांग्रेस के एक या दोनों सदनों में फिर से नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रही है। फिलहाल दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण है। सर्वे के मुताबिक, डेमोक्रेट्स के प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने की संभावना है, जबकि सीनेट में मुकाबला ज्यादा कड़ा रहने का अनुमान है

ओबामा का ट्रंप और रिपब्लिकन नेताओं पर हमला, बोले- उनका व्यवहार क्रूर और अशिष्ट

वाशिंगटन अमेरिका में मिडटर्म चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. चुनाव से ठीक पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है. ओहायो और मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते समय ओबामा ने ट्रंप और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों के व्यवहार को क्रूर बताया. वहीं, फ्लोरिडा में वोट डालने पहुंचे ट्रंप ने रिपब्लिकन गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी का बचाव किया।  इतना ही नहीं, ओबामा ने उनके व्यवहार को अशिष्ट भी करार दिया. ओबामा चुनावों से पहले डेमोक्रेटिक मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं. यह मध्यवधि चुनाव यह तय करेंगे कि अमेरिकी राजनीति में सत्ता का संतुलन किस और झुकेगा. ओबामा ने ओहायो में गर्वनर पद की उम्मीदवार डॉ. एमी एक्टन और मिशिगन में सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद की खूब तारीफें भी की।  ओहायो में, ओबामा ने रिपब्लिकन गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी पर एक चुनावी विज्ञापन को लेकर जमकर निशाना साधा. इस विज्ञापन में एक्टन की मां को दिखाया गया था. इसी विज्ञापन को लेकर ओबामा ने ट्रंप और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों के व्यवहार को क्रूर और अशिष्ट करार दिया।  ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस विज्ञापन का बचाव किया जबकि ओहायो में रिपब्लिकन नेताओं ने ही इसे वापस लेने की मांग की. रामास्वामी पर तंज कसते हुए ओबामा ने कहा, 'हाल के दिनों में हमने देखा है कि ऐसी कोई नहीं है जिसे वे पार नहीं करें. और ऐसा कोई निचला स्तर नहीं है, जिस तर वे न गिरें।  विज्ञापन पर अमेरिका में सियासत रामास्वामी के बारे में ओबामा ने कहा, "हाल के दिनों में हमने देखा है कि ऐसी कोई सीमा नहीं है जिसे वे पार न करें, और ऐसा कोई निचला स्तर नहीं है जिस तक वे न गिरें." उन्होंने बताया कि एक्टन ने "अपने दर्दनाक बचपन और उन सभी अनुभवों के बारे में बहुत भावुक होकर बात की है, जिनसे वह गुज़री हैं।  इस विज्ञापन में एक्टन की मां डोना आर्थर, उन्हें झूठी बाती हैं और कहती हैं उन्हें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हैं. इसी विज्ञापन को लेकर ओबामा ने रिपब्लिकन पार्टी पर निशाना साधा है।  एक्टन ने भी रामास्वामी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'मेरे प्रतिद्वंद्वी ने अपने लड़खड़ाते चुनाव प्रचार को बचाने के लिए जानबूझकर मेरे बचपन का फायदा उठाने की कोशिश की है. लेकिन इससे कुछ नहीं होने वाला. मिस्टर रामास्वामी, आप न केवल ज़मीनी हकीकत से कटे हुए हैं, बल्कि आप सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं और मेरे राज्य के लिए एक खतरा हैं. ऐसा लगता है कि आप किसी भी हद तक गिर सकते हैं।  ट्रंप ने किया बचाव वहीं, ट्रंप ने शनिवार को फ्लोरिडा में अपना वोट डालते हुए रामास्वामी के विज्ञापन का बचाव किया. उन्होंने कहा, 'यह शर्मनाक है. उस मां ने कहा कि एमी एक्टन एक झूठी इंसान हैं. मुझे नहीं लगता कि आपको इस बारे में इससे बेहतर गवाही मिल सकती है।  मिशिगन में सीनेट और गवर्नर पद के लिए कड़े मुकाबले वाले चुनाव चल रहे हैं, ओबामा ने अल-सैयद को लेकर बात की. अल-सैयद सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अधिकारी हैं और रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व प्रतिनिधि माइक रोजर्स के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. ओबामा ने अल सैयद के नाम या उनके धर्म को लेकर की जारी टिप्पणियों पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, 'अब्दुल पूरी तरह से मिशिगन के ही हैं।  पूर्व राष्ट्रपति ने अल सैयद को कट्टरपंथी कहे जाने वाले सभी दावों को खारिज किया. उन्होंने उनकी सराहना करते हुए कहा कि अब्दुल विचारों और मूल्यों से उनके जैसे ही हैं। 

किलर रोबोट नहीं, AI का खुद से सीखना चिंता की वजह; ओबामा ने चेताया

वाशिंगटन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनियाभर में बहस चल रही है. कोई इसे फ्यूचर की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी बता रहा है, तो कोई इससे जॉब्स और इंसानों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित है. इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama ने AI को लेकर अपनी चिंता बताई है. ओबामा का कहना है कि एआई कंपनियों के मार्केट वैल्यूएशन में हाइप हो सकता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एआई की टेक्नोलॉजी भी ओवरहाइप्ड है. आइए जानते हैं इसके बारे में. उन्होंने AI से ह्यूमैनिटी खत्म होने की बात से भी इनकार नहीं किया है और ये बेहद डरावना है।  Obama के समय में ही बनी थी AI पर रिपोर्ट ओबामा ने बताया कि उनके राष्ट्रपति रहते 2015-16 के आसपास उनकी एडमिनिस्ट्रेशन ने एआई के सोशल, इकोनॉमिक और एथिकल इम्पैक्ट को समझने के लिए एक कमीशन बनाया था. इस कमीशन ने AI को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट भी तैयार की थी।  ओबामा के मुताबिक इसके बाद आई एडमिनिस्ट्रेशन ने इस रिपोर्ट को ज्यादा आगे नहीं बढ़ाया. यानी AI को लेकर जिन सवालों पर उस समय चर्चा शुरू हुई थी, वो अब और ज्यादा बड़े हो चुके हैं।  अब AI खुद सीख रहा है एआई के तेजी से आगे बढ़ने की सबसे बड़ी वजहों में से एक रिसर्सिव लर्निंग है. आसान भाषा में समझें तो AI अब सिर्फ इंसानों से ट्रेनिंग लेकर आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि खुद भी सीखने लगा है।  ओबामा के मुताबिक कुछ समय पहले तक एआई मॉडल्स की लर्निंग में करीब 90 फीसदी हिस्सा इंसानों के इनपुट का था. लेकिन कुछ ही महीनों में तस्वीर बदल गई और यह बैलेंस करीब 50-50 तक पहुंच गया. यानी अब AI को आगे बढ़ाने में ह्यूमन ट्रेनिंग के साथ उसका खुद से सीखना भी बड़ी भूमिका निभा रहा है।  आने वाले समय में 90% खुद सीखेगा AI? ओबामा का अनुमान है कि आने वाले समय में एआई की लर्निंग में करीब 90 फीसदी हिस्सा सेल्फ-लर्निंग का हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो AI डेवलपमेंट की स्पीड आज के मुकाबले काफी ज्यादा तेज हो सकती है।  उन्होंने एआई की इस ग्रोथ को हॉकी स्टिक जैसी ग्रोथ बताया. इसका मतलब है कि शुरुआत में ग्रोथ धीरे होती है, लेकिन एक पॉइंट के बाद इसकी स्पीड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ने लगती है।  किलर रोबोट नहीं, ये है असली डर एआई के खतरे की बात होते ही किलर रोबोट्स और इंसानों को खत्म करने वाली मशीनों की चर्चा शुरू हो जाती है. ओबामा के मुताबिक ऐसा खतरा पूरी तरह जीरो नहीं है, लेकिन इसकी संभावना कम है.उनकी असली चिंता AI मिसअलाइनमेंट को लेकर है. यानी एआई सिस्टम ऐसा गोल तय कर ले जो इंसानों के इरादों से अलग हो।  इसके लिए AI का कॉन्शियस होना या इंसानों से नफरत करना जरूरी नहीं है. अगर एआई खुद से फैसले लेने लगे और उसके गोल्स इंसानों के गोल्स से अलग हो जाएं, तो बड़ी समस्या पैदा हो सकती है. यही वजह है कि एआई के तेज विकास के साथ यह सवाल भी जरूरी होता जा रहा है कि आखिर इसे इंसानों के कंट्रोल और गोल्स के साथ कैसे जोड़ा जाए। 

ओबामा की ‘गिरफ्तारी’ का एआई वीडियो वायरल, ट्रंप की पोस्ट से मचा बवाल

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक AI-जनरेटेड वीडियो शेयर किया, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को FBI एजेंट्स द्वारा ओवल ऑफिस में गिरफ्तार करते हुए दिखाया गया है. वीडियो में ओबामा के हाथ को बांधकर उन्हें ट्रंप के कदमों में झुका हुआ दिखाया गया है. AI-जेनरेटेड वीडियो में देखा गया कि ओवल ऑफिस में एक सीट पर राष्ट्रपति ट्रंप बैठे हैं, और दूसरी सीट पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं. वीडियो में ट्रंप को मुस्कुराते दिखाया गया है, और इतने में ही कुछ एफबीआई एजेंट्स आते हैं और ओबामा का हाथ पीछे करके बांध देते हैं. उन्हें ट्रंप के कदमों में झुका दिया जाता है, और इसके बाद उन्हें जेल में डाल दिया जाता है. ट्रंप ने इस वीडियो को "कोई भी कानून के ऊपर नहीं है" कैप्शन के साथ शेयर किया है. जेल में ऑरेंज यूनिफॉर्म में ओबामा, सोशल मीडिया पर विरोध वीडियो के आखिर में ओबामा को जेल की ऑरेंज यूनिफॉर्म में दिखाया गया है, जैसे वे किसी कैदी की तरह जेल में खड़े हों. इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ लोगों ने इसे "उकसाने वाला" बताया, जबकि कुछ ने आरोप लगाया कि यह वीडियो लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है, खासकर Epstein फाइल्स से, जिसमें ट्रंप पर Jeffrey Epstein के साथ संबंधों के आरोप हैं. 2016 के चुनाव में ओबामा पर धोखाधड़ी के आरोप कुछ दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने 2016 के चुनाव में ओबामा पर चुनावी धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. अब इस वीडियो के जरिए ट्रंप ने एक बार फिर ओबामा पर सीधा हमला बोला है. ट्रंप ने इनके अलावा एक क्रिएटिव इमेज शेयर किया है जिसमें पूर्व ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के नेताओं को दिखाया गया है, जिसमें उन्हों पूछा, "सामन्था पावर ने इतना सारा पैसा कैसे कमाया???" अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गैबार्ड ने आरोप लगाया था कि, "राष्ट्रपति ओबामा और उनकी लीडरशिप टीम में ऐसे लोग थे, जो 2016 में अमेरिकी जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पाए जब उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को चुना – और इसलिए उन्होंने देशद्रोही साजिश को रची… ताकि एक लंबे समय तक चलने वाला तख्तापलट उस बैठे राष्ट्रपति के खिलाफ शुरू किया जा सके."