samacharsecretary.com

डर के साये में ईद—उत्तम नगर मुद्दे पर भड़के ओवैसी, पलायन का किया जिक्र

नई दिल्ली दिल्ली के उत्तम नगर में होली पर तरुण की हत्या के बाद उपजे तनाव और ईद से पहले कुछ मुसलमानों के कथित तौर पर इलाके छोड़ने पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपना आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि ये नौबत आ गई है कि देश में 19-20 करोड़ मुसलमान खुशी से ईद भी नहीं मना सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। खबर के मुताबिक ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए दिल्ली के उत्तम नगर में कायम तनाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि यह कानून का कैसा शासन है। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि ईद मनाने के लिए मुसलमानों को कोर्ट जाना पड़ रहा है। हम रोजेदार हैं, ईद मनाने दो: ओवैसी ओवैसी ने कहा, 'कई मुसलमान अपना घर छोड़कर चले गए उत्तम नगर से। कोर्ट को जाना पड़ा। दिल्ली हाई कोर्ट को जाकर कहना पड़ा ईद तो मनाने तो सुकून से। हम रोजेदार हैं, ईद तो मनाने दो हमको। ये नौबत आ गई भारत में। मोदी विश्व गुरु की बात करते हैं, 19-20 करोड़ मुसलमान ईद नहीं मना सकते खुशी से। हमको धमकियां दी जा रही हैं। हमको ईद मनाने के लिए कोर्ट जाना पड़ा। बताओ बीजेपी, आरएसएस, मोदी, ये कौन सा कानून का शासन है।' उन्होंने आगे कहा कि अफसोस की बात है कि ईद मनाने के लिए कोर्ट जाना पड़ा और हम कहते हैं कि हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। हाई कोर्ट में क्या हुआ? उत्तम नगर में ईद के अवसर पर सांप्रदायिक हिंसा की आशंका को दूर करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। अदालत को बताया गया था कि कुछ लोग ईद पर 'खून की होली' की धमकियां दे रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने दिल्ली पुलिस को ईद से रामनवमी तक पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा। पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी को भी ऐसी शरारत करने की अनुमति न दी जाए, जिससे कोई 'अप्रिय स्थिति' पैदा होने की आशंका हो। उत्तम नगर में क्यों है तनाव दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बाद हुई हिंसा में 26 वर्षीय युवक तरुण की मौत हो गई थी, जिसमें एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है जबकि कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तरुण की हत्या के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। भड़काऊ भाषण और पोस्टर लहराते हुए कई वीडियो वायरल हुए थे। भारी जुटान भी हुआ था।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष के विवाद में ओवैसी बोले- ‘टीपू सुल्तान की अंगूठी पर लिखा था राम’

नई दिल्ली. महाराष्ट्र में कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 18वीं सदी के सुल्तान टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से कर दी थी। इसको लेकर विवाद गहराता ही जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल की टिप्पणी को शर्मनाक करार दिया तो वहीं AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर करारा हमला किया है। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता के मिसाल थे। अंग्रेजों के खिलाफ लड़े टीपू- ओवैसी ओवैसी ने कहा, 1799 में टीपू सुल्तान की शहादत हुई। अंग्रेजों से लड़कर टीपू की शहादत हुई। टीपू ने जेल में बैठकर तुम्हारे वीर (वीर सावरकर) की तरह अंग्रेजों को लव लेचर नहीं लिखा। टीपू सुल्तान अपने मुल्क को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए शहीद हो गया। अंग्रेजों को टीपू से इतना डर था कि डेढ़ घंटे तक टीपू की लाश पड़ी रही, अंग्रेजों के फौज के घेरों में लाश थी लेकिन डर रहे थे कि शेर उठ गया तो क्या होगा। जाकर देखा तो टीपू का शरीर गर्म था। अंगूठी पर लिखा था राम उन्होंने कहा, देवेंद्र फडणवीस साहब, क्या यह बात सच नहीं है कि टीपू के पास से जो अंगूठी निकली उसपर राम लिखा हुआ था। 2014 में बर्सानिया में इसकी नीलामी हुई थी। क्या यह बात झूठ है कि एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी किताब विंग्स ऑफ फायर ने लिखा, कि रॉकेट टेक्नॉलजी के जरिए टीपू के ख्वाबों को पूरा कर रहे हैं। एपीजे अब्दुल कलाम तो आपके लिए ज्यादा आदर्श हैं। महात्मा गांधी ने भी किया था जिक्र ओवैसी ने कहा, यह भी ना मानो तो गांधी को तो मानते होगे। उन्होंने अपनी मैगजीन 'यंग एज' में लिखा कि टीपू सुल्तान हिंदू मुस्लिम एकता के समर्थक थे। श्रृंगेरी मठ से फौज ने सोने की मूर्ति उठा ली तब टीपू सुल्तान ने इसका निर्माण करवाया। टीपू सुल्तान बादशाह था। हर बादशाह को सिर्फ अपनी ताकत से मतलब रहता था। लेकिन तथ्यों को गलत तरीके से पेश नहीं कनरा चाहिए। टीपू सुल्तान की फौज के कमांडर अप्पाजी राम थे। उनके सलाहकार कृष्णा राव थे। बीजेपी केवल नफरत पैदा करना चाहती है। भारत की पहली संविधान की किताब में टीपू की फोटो है। बता दें कि बुलढाणा में सपकाल ने मालेगांव महानगर पालिका की उप-महापौर निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने को लेकर हुए विवाद पर बात की, जिसका क्षेत्र के शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया था। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि यह तुलना निंदनीय है और कांग्रेस नेता को खुद पर शर्म आनी चाहिए। उन्होंने नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "महाराष्ट्र इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। सपकाल को छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और उसके सहयोगी दलों को सपकाल की टिप्पणी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।"

ओवैसी का तीखा वार: ‘नरसंहार वाली नफरत’, FIR की मांग के बाद हिमंता सरमा की आई प्रतिक्रिया

हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ एक कथित सोशल मीडिया वीडियो को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ओवैसी ने इस मामले में हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। यह विवाद उस वीडियो को लेकर है, जिसे असम भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया था और बाद में हटा लिया। इस वीडियो में कथित तौर पर मुख्यमंत्री सरमा को राइफल से निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखाया गया है। वीडियो के दृश्य में दो लोग दिखाई देते हैं। उनमें से एक ने टोपी पहनी हुई थी और दूसरे ने दाढ़ी रखी थी। इसके कैप्शन में “प्वाइंट-ब्लैंक शॉट” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, बाद में इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। नफरत भरी भाषा अब सामान्य होती जा रही: ओवैसी ओवैसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “दुर्भाग्य से, नरसंहार की मानसिकता वाली नफरत भरी भाषा अब सामान्य होती जा रही है।” ओवैसी ने अपनी शिकायत में सरमा पर 'मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करने', दोनों धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और 'राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप लगाने' की बात कही है। AIMIM प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया, सार्वजनिक मंचों और भाषणों के जरिये मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार बयान देते रहे हैं। ओवैसी की सख्त कार्रवाई की मांग ओवैसी के अनुसार, हाल के महीनों में यह बयानबाजी और भी उग्र हो गई है, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर खतरा पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि 7 फरवरी को पोस्ट किया गया यह वीडियो भले ही एक दिन बाद हटा लिया गया हो, लेकिन अब भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में मुस्लिम समुदाय का स्पष्ट संकेत देने वाले किरदारों को निशाना बनाए जाने का चित्रण किया गया है, जो अत्यंत आपत्तिजनक है। ओवैसी ने मांग की कि इस मामले में कानून के तहत सख़्त कार्रवाई की जाए, ताकि सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे कृत्यों पर रोक लगाई जा सके। क्या बोले CM हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि अहर उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है तो पुलिस गिरफ्तार करे। हालांकि, उन्होंने इस तरह के किसी वीडियो के बारे में जानकारी होने से इनकार किया और कहा कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बोलते रहेंगे।

दिल्ली ब्लास्ट पर ओवैसी का हमला तेज, बोली– जालिमों को नहीं छोड़ा जाएगा

हैदराबाद दिल्ली में लाल किले के पास हुई आतंकी घटना पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का एक और बयान सामने आया है। उन्होंने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के दुश्मन हमारे दुश्मन हैं। एक इदारा (संस्थान) बनाना कितना मुश्किल है। मुसलमानों ने जो इदारे कायम किए यदि कोई उस तालीम इदारे (शैक्षणिक संस्थान) में बैठक कर बन बनाने की साजिश करता है तो हम उसकी निंदा करते हैं। जो एक मदरसे और स्कूल का कमरा नहीं बना सकते वे जालिम अमोनियम नाइट्रेट लेकर बैठते हैं। दिल्ली ब्लास्ट का जिक्र करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 14 लोग मारे गए। हिन्दू भी मारे गए और मुस्लिम भी मारे गए। हमको इस तरह की जहनियत (मानसिकता या सोच) रखने वाले लोगों की मजम्मत (निंदा) करनी चाहिए। जो मुल्क का दुश्मन है वो हमारा दुश्मन है। अगर इस तरह की हरकतें होंगी तो फिर हम खुली छूट देते हैं कि जो चाहे करना चाहो करो… असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि जो लोग समझते हैं कि मुसलमानों को सेकेंड क्लास सिटिजन बनाया जाएगा तुम भूल जाओ तुम्हारी नस्लें खत्म हो जाएंगी… हम खत्म हो जाएंगे लेकिन जब तक दुनिया बाकी रहेगी हिन्दुस्तान में मुसलमान एक बाइज्जत हिन्दुस्तानी बन कर रहेगा। हम अपने हक के लिए जम्हूरियत (लोकतंत्र) के दायरे में लड़ते रहेंगे। हम अपनी मस्जिदों को बचाएंगे। तुम एक मस्जिद शहीद करोगे हम लाखों मस्जिदें बनाएंगे। असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि जो लोग मुसलमानों को गाली देते हैं, जो लोग हमसे वफदारी का सर्टिफिकेट मांगते हैं, हमने बहुत कुछ सहा है, और कल भी सहेंगे, लेकिन हमने कभी अपने देश से नफरत नहीं की। हमने जुल्म करने वालों से कहा कि तुम जालिम हो हम तुमसे नफरत करते हैं। यदि तुम मुसलमानों को दबा रहे हैं तो भारत को कमजोर कर रहे हो। यदि आप मुसलमानों को नफरत से देखेंगे और उनके साथ नाइंसाफ़ी करेंगे तो भारत एक विकसित देश कैसे बनेगा? असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यदि भारत दुनिया का शांतिप्रिय देश बनना चाहता है तो यह कैसे होगा जब आप 19 करोड़ मुस्लिमों को हिकारत की नजर से देखेंगे। संविधान में समानता का मूल अधिकार है। आप इसे भूल जाते हैं। मस्जिद के खिलाफ फैसला आया तो क्या किसी मुसलमान ने कोर्ट में जाकर किसी जज पर जूता फेंका? जूता फेंकने वाले के बारे में एक लफ्ज भी नहीं बोला जाता है क्योंकि उसका बहुसंख्य वर्ग से ताल्लुक था। हमारी वतन से मोहब्बत रहेगी इसलिए नहीं कि तुम हुक्मरान हो।  

सऊदी अरब हादसा: असदुद्दीन ओवैसी ने बताया—मेरी ही लोकसभा के थे सभी लोग

नई दिल्ली सऊदी अरब में भीषण बस हादसे में 42 भारतीयों के मारे जाने की खबर मिली है। इस बीच AIMIM के नेता और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसके बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मुझे इस हादसे की खबर मिली है। दो ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से मक्का और मदीना की यात्रा पर गए 42 लोग मेरे ही लोकसभा क्षेत्र के थे। उन्होंने कहा कि इस हादसे में एक व्यक्ति के बचने और बाकी सभी के मारे जाने की खबर मिली है। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब जायरीनों से भरी बस मक्का से मदीना की ओर जा रही थी। इसी दौरान एक डीजल टैंकर से बस की भिड़ंत हो गई और वह देखते ही देखते जल उठी। असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि मैंने रियाद स्थित भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ अबू जॉर्ज से बात की है। उन्होंने भरोसा दिया है कि वे पूरी घटना के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं और हरसंभव मदद दी जाएगी। इसके अलावा मैंने हैदराबाद स्थित उन दोनों ट्रैवल एजेंसियों से भी बात की है, जिनके माध्यम से ये लोग गए थे। अब मैंने उनकी पूरी डिटेल रियाद स्थित एम्बेसी और विदेश सचिव को दी है। इस हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दिख रहा है कि बस कैसे धू-धूकर जल रही है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटना में मदद का भरोसा दिया है और कहा कि विदेश मंत्रालय सक्रिय है। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मेरी प्रार्थनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रिय जनों को खो दिया है। मैं घायलों के तेजी से रिकवर होने की कामना करता हूं। रियाद स्थित हमारे दूतावास और जेद्दाह स्थित कौंसुलेट से पूरी सहायता की जाएगी। हमारे अधिकारी सऊदी अरब की अथॉरिटीज के संपर्क में हैं।' इस घटना के बाद एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 8002440003 भी जारी किया गया है।  

घुसपैठ बयान पर ओवैसी नाराज़: मुसलमानों को क्यों बनाया जा रहा निशाना?

पटना  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्ष के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है कि विपक्षी दल घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों की प्रगति को नजरअंदाज करने के बाद अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ओवैसी ने तर्क दिया कि घुसपैठ के आरोपों को तब स्वीकार किया जा सकता है जब बिहार में सोने की खदान जैसा कोई कोई बड़ा आकर्षण होता। हैदराबाद के सांसद ने कहा, "क्या यहां सोने की खान मिल गई है? अगर तेल के भंडार खोजे जाते तो मैं समझता कि लोग इस राज्य की ओर भाग रहे हैं। युवा भारतीय पूरे देश में प्रवास करते हैं, लेकिन आप उन्हें रोकने के बजाय घुसपैठिया कहकर उन्हें बदनाम करते हैं। सीमांचल के मुसलमानों ने विभाजन के दौरान बांग्लादेश जाना पसंद नहीं किया और भारत को अपना देश चुना।" ओवैसी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर घुसपैठिए मौजूद भी हैं तो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दोषी ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि वे कई सालों से केंद्र और बिहार की सत्ता में हैं। ओवैसी ने कहा, "मुख्यमंत्री आपके हैं, नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह मंत्री आपके हैं अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। आपकी निगरानी में घुसपैठिए कैसे आ रहे हैं? अगर घुसपैठिए हैं तो इसका मतलब है कि आप विफल रहे हैं। आपके पास BSF और सीमा सुरक्षा बल है। आप राज्य सरकार की आलोचना करते हैं, लेकिन वह भी आपकी ही है।" 2020 के विधानसभा चुनावों में ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था, जहां राज्य की 17% मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि, बाद में इनमें से चार विधायक राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए थे।  

PF नियमों पर ओवैसी की तीखी आलोचना, EPFO ने दिया जवाब

नई दिल्ली EPFO के नए नियमों पर असदुद्दीन ओवैसी भड़क गए और कई तरह के सवाल उठाने लगे। ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा, "बेरोज़गारी में सरकार का “बचत उत्सव”: पहले बेरोज़गारी के 1-2 महीने में आप पूरा पीएफ निकाल सकते थे। अब सरकार की “दया” से अपने ही पैसे निकालने के लिए 1–3 साल तक इंतज़ार करना होगा। PF का 25% जबरदस्ती 1 साल तक लॉक। मतलब बेरोज़गारी में आपको एक साल का इंतज़ार करना होगा और तब भी आप अपना पैसा पूरा नहीं निकाल सकते।" ओवैसी ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, "EPFO वैसे भी आपके पैसों का मालिक बना हुआ है: ₹54,658 करोड़ पीएफ “अनक्लेम्ड” पड़ा है। 25–35% पीएफ निकासी आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं।" ओवैसी के इस ट्वीट पर EPFO ने जवाब भी दिया। EPFO ने बताया कि, नौकरी छूटने पर EPF निकालने के लिए 2 महीने की जगह 12 महीने क्यो किया गया? EPFO ने अपने पोस्ट में लिखा, "नौकरी छूटने के तुरंत बाद लाभार्थी 75% अमाउंट तुरंत निकाल सकता हैं। ⁠12 महीने तक बेरोजगार रहने पे बाकी 25% राशि भी निकाल सकता हैं। 2 महीने में पूर्ण राशि निकालने से 3 महीने के बाद दूसरी नौकरी लग जाने से सर्विस continuous नहीं मानी जाती हैं और वे पेंशन पात्र नहीं होते। क्योंकि पेंशन के लिए 10 वर्ष continuous नौकरी जरूरी है। इन Reforms से EPFO के लाभार्थी को पेंशन हेतु पात्र बनाने में सुविधा होगी।"  

AIMIM का बड़ा दांव, बिहार में ASP और मौर्य की पार्टी के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने नया गठबंधन बना लिया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने बुधवार को किशनगंज में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की. उन्होंने बताया कि मजलिस ने आजाद समाज पार्टी और स्वामी प्रसाद मौर्य की अपनी जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया है, ताकि 'सांप्रदायिक ताकतों को रोका जा सके'. अख्तरुल ईमान ने कहा कि AIMIM बिहार में 35 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, आजाद समाज पार्टी 25 सीटों पर और स्वामी प्रसाद मौर्य की अपनी जनता पार्टी 4 सीटों पर मैदान में उतरेगी. ईमान ने दावा किया कि तीनों पार्टियां मजबूती से चुनावी मैदान में उतरेंगी और जनता के बीच एक नया विकल्प पेश करेंगी. उन्होंने कहा, हमारी असली लड़ाई सत्ता हासिल करने की नहीं, बल्कि देश में इंसाफ कायम करने की है. ईमान ने यह भी बताया कि उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हो चुके हैं और उनका ऐलान देर शाम तक कर दिया जाएगा. इस ऐलान के साथ ही बिहार की सियासत में एक नया मोर्चा बन गया है. ओवैसी की पार्टी पहले से ही सीमांचल इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है. किशनगंज, कटिहार और अररिया जैसे जिलों में AIMIM का असर पहले भी देखा जा चुका है. ओवैसी ने किया आरजेडी पर हमला गठबंधन के ऐलान से पहले असदुद्दीन ओवैसी ने आरजेडी की लीडरशिप पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि आरजेडी की मौजूदा नेतृत्व नादान है और उसमें दूरदर्शिता की कमी है. ओवैसी ने कहा, आरजेडी समझ रही है कि अपनी ताकत पर सबकुछ कर लेगी, लेकिन ऐसा नहीं होगा. मजलिस हमेशा हवाओं को सूंघकर आने वाले सैलाब का अंदाजा लगा लेती है. ओवैसी ने चेतावनी देते हुए कहा, हम देख रहे हैं कि तूफान आने वाला है, लेकिन ये लोग पानी से भीगने के बाद कहेंगे कि सैलाब आ गया. बहुत देर हो जाएगी. अगर बराबरी की बात करेंगे तभी बीजेपी और मोदी को रोका जा सकता है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले भी विपक्षी एकता की बात की थी, लेकिन इन लोगों ने हमारी बात को नहीं माना. ओवैसी ने यह भी कहा कि जब चुनाव परिणाम आएंगे, तब सबको एहसास होगा कि AIMIM ने सही मायने में कोशिश की थी.

इजरायली पीएम पर ओवैसी का हमला, बोले- नेतन्याहू इंसानियत के नाम पर कलंक

हैदराबाद  हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर शनिवार को जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने इजरायली पीएम को दुनिया का सबसे बड़ा गुंडा करार देते हुए कहा कि उन्हें अल्लाह देख लेगा। ओवैसी ने पीएम मोदी द्वारा इजरायल-गाजा शांति समझौते पर किए गए पोस्ट का जिक्र करते हुए नेतन्याहू पर निशाना साधा। ओवैसी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ''आज पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी और नेतन्याहू की लीडरशिप की तारीफ की। नेतन्याहू दुनिया का सबसे बड़ा गुंडा है, जिसने 65 हजार लोगों को मार दिया, 20 हजार बच्चे हैं। 12 लाख लोग बेघर हो गए और पीएम उसकी लीडरशिप की तारीफ कर रहे हैं। आखिर क्यों उसकी तारीफ कर रहे हैं? आप तो भारत के प्रधानमंत्री हैं। हम इस बात की निंदा करते हैं जो पीएम मोदी ने नेतन्याहू की लीडरशिप की तारीफ की। अल्लाह देख लेगा नेतन्याहू को इंशाअल्लाह।'' एआईएमआईएम प्रमुख ने आगे कहा, ''पीएम उसकी तारीफ कर रहे हैं, कहीं न कहीं ऊपर जाकर कोई तार मिलता है। ऐसे आदमी (नेतन्याहू) के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट ने वॉरेंट जारी किया। हिंदुत्व के लोग बोलेंगे ओवैसी क्या बोल रहा। अरे सुनो, कुलभूषण जो पाकिस्तान की जेल गए, उसे सजा-ए-मौत देना चाहते थे तो भारत इंटरनेशनल कोर्ट गया और उसकी सजा रुकवाई।'' ओवैसी ने पीएम मोदी के जिस पोस्ट का जिक्र किया, उसमें प्रधानमंत्री ने लिखा था कि राष्ट्रपति ट्रंप की गाजा शांति योजना के तहत हुई प्रगति पर बधाई देने के लिए अपने मित्र, प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन किया। हम बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता बढ़ाने पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। इस बात पर जोर दिया कि दुनिया में कहीं भी किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद अस्वीकार्य है। इसके अलावा, पीएम मोदी ने ट्रंप को लेकर भी एक्स पर पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, ''मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता पर उन्हें बधाई दी। साथ ही व्यापार वार्ता में हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की। आने वाले हफ्तों में निकट संपर्क में रहने पर सहमति बनी।"  

महुआ में ओवैसी बोले – बिहार की सरकार है जुल्मी और अन्यायपूर्ण

वैशाली एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वैशाली जिले के महुआ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में बिहार की सियासी पार्टियों पर तीखा हमला किया और राज्य में दलित‑पिछड़ों के साथ होने वाले कथित अन्याय पर चिंता जताई। ओवैसी ने कहा कि बिहार में दलितों और वंचितों से इंसाफ छीना नहीं जा सकता और राज्य में चल रहे “आरएसएस एजेंडा” को विफल किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तेजस्वी यादव ओवैसी को रोकना चाहते हैं या बीजेपी को सफल बनाना चाहते हैं—यह निर्णय महुआ विधानसभा क्षेत्र की जनता को खुद लेना होगा। जनसभा में उन्होंने महुआ थाने से जुड़े एक विवादस्पद मामले का भी ज़िक्र किया। ओवैसी ने कहा कि 5 सितंबर को थाने में बंद एक कैदी (पहचान: नाजिर/नासिर साह) को राजापाकर थाने की पुलिस ने कथित रूप से बेवजह उठाकर ले जाया और मारपीट की गई। उनके अनुसार कैदी तीन दिन बाद शव के रूप में वापस आया। ओवैसी ने इस घटना को बिहार में शासकीय दोहरे मानकों का उदाहरण बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मृतक का नाम नाजिर/नासिर साह था तो भी उसे न्याय और सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, लेकिन सरकार और प्रशासन की नाकाफी प्रतिक्रिया इस बात का सबूत है कि सिस्टम कमजोर है। ओवैसी ने पूछा कि पुलिस ने कैसे किसी व्यक्ति को तीन दिन तक थाने में रखकर उसका जीवन प्रभावित होने दिया और इसे किसने सही ठहराया। ओवैसी ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि कम से कम एसडीएम के नेतृत्व में एक स्वतंत्र जांच टीम गठित करके जिम्मेदारों की पहचान कर तत्काल सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यहाँ न्याय नहीं मिलता तो जनता को अपने वोट के जरिए अपनी आवाज़ उठानी पड़ेगी। सभा में ओवैसी ने जनता से अपील की कि वे पुलिस‑प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व से जवाबदेही मांगें और अपने अधिकारों के लिए संगठित रहें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर अधिकारी न्याय नहीं कर सकेंगे तो अल्लाह ही न्याय देगा—फिर भी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है।