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महंगाई का नया झटका! पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, जानें पंजाब और चंडीगढ़ में आज का ताजा भाव

चंडीगढ़  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। आज पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। 10 दिन में तीसरी बार ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। बढ़ती कीमतों से लोगों में हाहाकार मच गया है।बढ़ोतरी के बाद अब लुधियाना में पेट्रोल का दाम 103.03 रुपये हो गया है। वहीं अमृतसर में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गया है।  लोग बोले-कैसे चलेगा घर वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे लोगों में खासी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सफर करना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामान के दाम भी बढ़ेंगे। 10 दिन में कितना बढ़ा दाम? ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले कुछ दिनों में बेहद तेज रफ्तार से हुई है:     ताजा बढ़ोतरी (23 मई): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     इससे पहले (मंगलवार): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     15 मई को: तेल कंपनियों ने एक बार में पेट्रोल और डीजल दोनों पर करीब 3 रुपये प्रति लीटर का झटका दिया था आखिर दाम क्यों बढ़ रहे हैं? इस लगातार बढ़ोतरी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहा भू-राजनीतिक संकट है। इस संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की सप्लाई पर मंडरा रहे खतरे ने वैश्विक कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई हलचल का असर तुरंत देश के अंदर दिखने लगता है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रूड बास्केट (कच्चे तेल की कीमतों का औसत) की कीमत में भारी उछाल आया है, जिससे तेल कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) का घाटा बढ़ता जा रहा था। अब इसी घाटे की भरपाई आम उपभोक्ताओं की जेब से करवाई जा रही है। सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, महंगी होंगी ये सब चीजें विशेषज्ञों और आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों में तेल भरवाने तक सीमित नहीं रहेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) सीधा महंगी हो जाती है। जब ट्रकों का किराया बढ़ेगा, तो मंडियों से लेकर दुकानों तक आने वाली हरी सब्जियां, फल, दूध, राशन (अनाज-दाल) और दूसरी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम भी अपने आप बढ़ जाएंगे। इसका मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में रसोई का बजट और भी बिगड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों की मानें तो अगर वैश्विक स्तर पर तनाव खत्म नहीं हुआ और कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे, तो तेल कंपनियां आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती हैं। पंजाब में सूख सकते हैं पंप पंजाब के पेट्रोल पंपों पर तो पेट्रोल-डीजल खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। एक दिन पहले ही पंजाब पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने मुख्य सचिव को इस संबध में पत्र लिखा है और मांग की है कि सप्लाई सही करने के लिए तेल कंपनियों को निर्देश जारी किए जाने चाहिए। अगर सप्लाई न हुई तो आगे स्थिति बिगड़ सकती है।  एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अशोक कुमार थापर ने कहा कि तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की उचित सप्लाई नहीं दे रही हैं। इस वजह से उनका स्टॉक खत्म हो रहा है। वह कंपनियों से बात कर रहे हैं लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है। सूबे में खरीफ सीजन शुरू होने वाला है और इस समय डीजल की मांग बढ़ती जा रही है लेकिन सप्लाई न होने से स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है। सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों ने पेट्रोल पंपों को एक हजार लीटर पेट्रोल और 2 हजार डीजल का स्टॉक रखने के लिए बोला है लेकिन सप्लाई न होने के कारण उनके लिए इन आदेशों की पालना करना मुश्किल हो गया है।   पेट्रोल की कीमत (Petrol price today) दिल्ली – 99.51 रुपये नोए़़डा – 99.51 रुपये भोपाल – 96.85 रुपये चंडीगढ़- 98.95 रुपये गुवाहाटी – 103.01 रुपये जयपुर – 109.87 रुपये पटना – 110.37 रुपये लखनऊ – 99.28 रुपये पोर्टब्लेयर – 92.16 रुपये रांची – 102.60 रुपये कोलकाता – 110.64 रुपये चेन्नई – 105.31 रुपये डीजल की कीमत (Diesel price today) दिल्ली – 92.49 रुपये नोएडा – 92.84 रुपये भोपाल – 111.71 रुपये चंडीगढ़ – 86.49 रुपये गुवाहाटी – 94.39 रुपये जयपुर – 95.05 रुपये पटना – 96.53 रुपये लखनऊ – 92.64 रुपये पोर्टब्लेयर – 82.22 रुपये रांची – 97.66 रुपये कोलकाता – 97.02 रुपये चेन्नई – 96.98 रुपये 10 दिन में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल (petrol diesel price hike news) इस महीने सबसे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले हफ्ते शुक्रवार को 3-3 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद एक बार फिर से तेल की कीमतों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 90 पैसे की बढ़ोतरी की थी। आज हुए इजाफे को अगर मिला लें तो 10 दिन में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये प्रति लीटह महंगा हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी (Crude oil price today) ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट (WTI) का रेट 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 97.46 डॉलर प्रति बैरल आज बिक रहा है। बता दें, युद्ध से पहले इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल था। क्रूड ऑयल के बढ़े हुए रेट की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हुई हैं। आगे अभी और बढ़ेगा पेट्रोल और डीजल का दाम? आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा या गिरावट इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर लगता है कि पेट्रोल और डीजल का … Read more

कच्चे तेल में उछाल से आम आदमी पर मार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी; जानें ताजा भाव

नई दिल्ली  पेट्रोल और डीजल का रेट आज शनिवार, 23 मई 2026 को फिर से बढ़ गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 10 दिन के अंदर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम को बढ़ाया है। आज शनिवार को पेट्रोल की कीमतों में 0.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 0.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल का क्या रेट चल रहा है? पेट्रोल की कीमत (Petrol price today) दिल्ली – 99.51 रुपये नोए़़डा – 99.51 रुपये भोपाल – 96.85 रुपये चंडीगढ़- 98.95 रुपये गुवाहाटी – 103.01 रुपये जयपुर – 109.87 रुपये पटना – 110.37 रुपये लखनऊ – 99.28 रुपये पोर्टब्लेयर – 92.16 रुपये रांची – 102.60 रुपये कोलकाता – 110.64 रुपये चेन्नई – 105.31 रुपये डीजल की कीमत (Diesel price today) दिल्ली – 92.49 रुपये नोएडा – 92.84 रुपये भोपाल – 111.71 रुपये चंडीगढ़ – 86.49 रुपये गुवाहाटी – 94.39 रुपये जयपुर – 95.05 रुपये पटना – 96.53 रुपये लखनऊ – 92.64 रुपये पोर्टब्लेयर – 82.22 रुपये रांची – 97.66 रुपये कोलकाता – 97.02 रुपये चेन्नई – 96.98 रुपये 10 दिन में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल इस महीने सबसे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले हफ्ते शुक्रवार को 3-3 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद एक बार फिर से तेल की कीमतों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 90 पैसे की बढ़ोतरी की थी। आज हुए इजाफे को अगर मिला लें तो 10 दिन में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये प्रति लीटह महंगा हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी  ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट (WTI) का रेट 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 97.46 डॉलर प्रति बैरल आज बिक रहा है। बता दें, युद्ध से पहले इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल था। क्रूड ऑयल के बढ़े हुए रेट की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हुई हैं। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल और डीजल के दाम? तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं। पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी की है। लगातार तीसरी बार कीमतें बढ़ने से परिवहन खर्च और जरूरी सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। आम लोगों और बाजार पर क्या असर पड़ेगा? पेट्रोल और डीजल महंगे होने का सबसे बड़ा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वालों का खर्च बढ़ेगा। वहीं, डीजल महंगा होने से ट्रक, बस और माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ सकता है। इसका असर सब्जियों, फल, दूध और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। माना जा रहा है कि अगर आने वाले दिनों में भी कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो महंगाई और बढ़ सकती है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने मध्यम वर्ग और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।    आगे अभी और बढ़ेगा पेट्रोल और डीजल का दाम? आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा या गिरावट इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर लगता है कि पेट्रोल और डीजल का रेट अभी आगे और बढ़ सकता है। यानी कीमतों में इजाफे के लिए तैयार रहिए। कुछ रिपोर्ट्स में तेल कंपनियों को 9 से 12 रुपये प्रति लीटर के नुकसान की बात कही गई है।

ईंधन कीमतों की मार, क्विक डिलीवरी कंपनियां बढ़ा सकती हैं चार्ज

मुंबई  देश में 10 मिनट वाले क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी सर्विस का यूज लगभग अब हर घर में होने लगा है, लेकिन बढ़ते पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर अब इन कंपनियों के ऊपर भी पड़ने वाला है. हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. एलारा कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, जियो-पॉलिटिकल तनाव और ऊंचे क्रूड ऑयल दामों की वजह से यह बढ़ोतरी हुई है. इससे डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई पर दबाव पड़ेगा और प्लेटफॉर्म्स को लागत बढ़ानी पड़ सकती है।  फ्यूल बढ़ोतरी का डिलीवरी पर असर क्विक कॉमर्स में ऐवरेज डिलीवरी लागत 35-50 रुपये प्रति ऑर्डर है, जबकि फूड डिलीवरी में यह 55-60 रुपये के आसपास होती है. रिपोर्ट के मुताबिक, Eternal (Zomato) के लिए ऐवरेज डिलीवरी लागत करीब 45 रुपये और Swiggy के लिए 55 रुपये प्रति ऑर्डर है. डिलीवरी लागत में फ्यूल की हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत है, यानी एक ऑर्डर पर 9-10 रुपये फ्यूल का खर्च आता है।  फिलहाल 4 प्रतिशत बढ़ोतरी से प्रति ऑर्डर 0.44 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. अगर फ्यूल के दाम और बढ़कर 10 रुपये प्रति लीटर हो गए तो यह प्रभाव 1-1.2 रुपये प्रति ऑर्डर तक पहुंच सकता है. इससे कंपनियों की कमाई (EBITDA) पर 4-12 प्रतिशत तक असर पड़ सकता है, अगर लागत ग्राहकों पर नहीं डाली गई।  Eternal और Swiggy पर क्या असर? Eternal (जिसमें Blinkit शामिल है) और Swiggy दोनों ही फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स पर निर्भर हैं. FY27 में Eternal के करीब 2.7 अरब और Swiggy के 1.4 अरब ऑर्डर आने का अनुमान है. Swiggy पर असर ज्यादा हो सकता है क्योंकि वह अभी क्विक कॉमर्स में ब्रेकईवन यानी नो प्रॉफिट, नो लॉस की राह पर है।  दूसरी ओर, Eternal की स्थिति बेहतर मानी जा रही है. उसका बड़ा स्केल, ज्यादा एड आय और प्रीमियम ग्राहक आधार इसे लागत बढ़ाने में मदद करेगा. कंपनियां अतिरिक्त खर्च का कुछ हिस्सा ग्राहक चार्ज बढ़ाकर, कुछ खुद उठाएंगी और कुछ डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई पर दबाव डालकर संभालने की कोशिश करेंगी।  ग्राहकों और डिलीवरी वर्कर्स पर प्रभाव बढ़ती लागत से 10 मिनट डिलीवरी का कन्वीनियंस महंगा पड़ सकता है. ऐसे में कंपनियां डिलीवरी फीस या सर्विस चार्ज बढ़ा सकती हैं. डिलीवरी पार्टनर्स (गिग वर्कर्स) की कमाई प्रभावित होने से वे ज्यादा पेमेंट की मांग कर सकते हैं, जिससे पूरा सिस्टम प्रभावित होगा।  हालांकि, एलारा कैपिटल का कहना है कि थोड़े समय बाद यह कंट्रोल में रहेगा. लंबे समय में कंपनियां दक्षता बढ़ाकर, इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाकर और बेहतर प्लानिंग से इस चुनौती से निपट सकती हैं. फ्यूल दामों में बढ़ोतरी अब क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री के लिए नई चुनौती बनकर आ रही है। 

आम आदमी पर महंगाई की नई मार, पेट्रोल-डीजल महंगा… फिर चर्चा में आया 90 पैसे फॉर्मूला

नई दिल्ली  पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ गए हैं। एक हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल महंगा हुआ है। दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल के दाम 0.87 रुपये बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। वहीं, दिल्ली में डीजल 0.91 रुपये बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। उपभोक्ताओं को फिलहाल LPG की कीमतों में राहत है। कंपनियों ने मंगलवार को LPG सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। कोलकाता में मंगलवार को एक लीटर पेट्रोल का रेट अब 109.70 रुपये और डीजल का रेट 96.07 रुपये हो गया है। जबकि, चेन्नई में पेट्रोल आज 19 मई से 104.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 96.11 रुपये हो गई है। 5 दिन पहले 3-3 रुपये बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम अभी 5 दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल के रेट में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। पहले जहां तेल कंपनियों का डेली घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये की वजह से तेल कंपनियों पर काफी दबाव बना हुआ है। क्रिसिल के अनुमान के अनुसार, सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में राहत और ताजा बढ़ोतरी से घाटा घटकर पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर रह गया है। फिर भी, संघर्ष शुरू होने के बाद से कुल घाटा मई के अंत तक 1 लाख करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है। देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव     दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है.     मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है.     कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है.     चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है.     गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है.     नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है.     बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है.     भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है.     चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है.     हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.     जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है.     लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है.     पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है. 4 साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के रेट इससे पहले सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. करीब 4 साल बाद तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. इससे पहले अप्रैल 2022 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे. वहीं मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने ₹2 प्रति लीटर की कटौती की थी. पेट्रोल-डीजल और LPG रेट दिल्ली पेट्रोल: ₹98.64 प्रति लीटर डीजल: ₹91.36 प्रति लीटर घरेलू LPG सिलेंडर (14.2kg): ₹913 कमर्शियल सिलेंडर (19kg): ₹3,071.50 5 किलो सिलेंडर: ₹339 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट लखनऊ पेट्रोल: ₹98.42 डीजल: ₹91.73 घरेलू LPG: ₹950.50 कमर्शियल LPG: ₹3,194 5 किलो सिलेंडर: ₹352.50 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट कोलकाता पेट्रोल: ₹109.70 डीजल: ₹96.07 घरेलू LPG: ₹939 कमर्शियल LPG: ₹3,202 5 किलो सिलेंडर: ₹348 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट पटना पेट्रोल: ₹109.54 डीजल: ₹95.58 घरेलू LPG: ₹1,002.50 कमर्शियल LPG: ₹3,346.50 5 किलो सिलेंडर: ₹371.50 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट जयपुर पेट्रोल: ₹108.94 डीजल: ₹94.14 घरेलू LPG: ₹916.50 कमर्शियल LPG: ₹3,099 5 किलो सिलेंडर: ₹341.50 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट बेंगलुरु पेट्रोल: ₹107.14 डीजल: ₹95.04 घरेलू LPG: ₹915.50 कमर्शियल LPG: ₹3,152 5 किलो सिलेंडर: ₹340 सरकार फिलहाल सब्सिडी देने के मूड में नहीं पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा कि तेल कंपनियों को राहत देने के लिए फिलहाल किसी सरकारी सब्सिडी पैकेज पर विचार नहीं हो रहा है। कंपनियां अब भी पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेच रही हैं। ईरान युद्ध से बढ़ा दबाव अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष के बाद वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। सरकार ने लंबे समय तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखीं, लेकिन आखिरकार 15 मई को पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करनी पड़ी। इसके 5वें दिन ही एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों को सीमित राहत देती है, लेकिन इससे महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

महंगाई के बीच पाकिस्तान सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल कीमतों में कटौती

इस्लामाबाद  अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बाद से दुनियाभर में तेल का संकट मंडरा रहा है। इस माहौल के बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये की कटौती की है। इस कटौती के बाद पेट्रोल की कीमत 409.78 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 409.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। बता दें कि पाकिस्तान की सरकार 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बाद से हर हफ्ते  रात को पेट्रोलियम की कीमतों में बदलाव कर रही है। पिछले हफ्ते, सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 14.92 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद सरकार ने सबसे पहले 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी और 9 मार्च को खर्च में कटौती के कुछ ऐसे उपाय घोषित किए थे, जो पहले कभी नहीं किए गए थे। भारत में 3 रुपये महंगा हुआ है पेट्रोल-डीजल सरकारी तेल कंपनियों ने चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करते हुए दोनों ईंधनों के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। पेट्रोल और डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर थीं। हालांकि, मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दोनों ईंधनों के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त कटौती की गई थी। वहीं, चार राज्यों-असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 16 दिन बाद यह बढ़ोतरी हुई है। मतदान अवधि के दौरान ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था जबकि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज वृद्धि हुई थी। तेल कंपनियां चुनाव से पहले पेट्रोल पर 14 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 42 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी पर 674 रुपये प्रति लीटर का घाटा उठा रही थीं। दूसरे देशों से अब भी भारत में सस्ती कीमत वैश्विक तेल संकट के बीच जारी एक आंकड़े के मुताबिक भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे कम रही है। रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार में पेट्रोल 89.7% और डीजल 112.7% तक महंगा हुआ, जबकि मलेशिया, पाकिस्तान, यूएई और अमेरिका में भी ईंधन कीमतों में 40 से 80 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। श्रीलंका, कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल केवल 3.2% और डीजल 3.4% महंगा हुआ है, जिसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम वृद्धि बताया गया है। सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उछाल के बावजूद आम लोगों पर बोझ कम रखने के लिए कीमतों को लंबे समय तक नियंत्रित रखा गया।

पेट्रोल-डीजल पर नई चेतावनी: अभी बढ़े सिर्फ 3 रुपये, आगे लग सकता है बड़ा झटका

 नई दिल्‍ली शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई, लेकिन ये सिलसिला अब आगे भी जारी रह सकता है. पेट्रोल और डीजल के दाम को लेकर एक्‍सपर्ट्स बड़ी चेतावनी दे दी है. अगर कच्‍चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहत हैं तो अगले 3 से 4 महीनों में ईंधन की कीमतें बढ़ती रह सकती हैं।  यह वॉर्निंग ऐसे समय में आई है, जब वेस्‍ट एशिया में बढ़ते तनाव और ग्‍लोबल तेल आपूर्ति में रुकावट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस 110 डॉलर प्रति बैर के करीब पहुंच गईं।  भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 4 साल में पहली बार 15 मई को बढ़ोतरी की गई, क्‍योंकि कच्‍चे तेल की बढ़ती लागत के कारण सरकार तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूटर कंपनियों (OMC) पर दबाव बढ़ा जा रहा था. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर कच्‍चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो हालिया बढ़़ोतरी से तेल और अन्‍य कारोबारी कंपनियों को हो रहे नुकसान की आंशिक तौर से भरपाई हो पाएगी।  क्‍यों 3 से 4 महीने तक बढ़ोतरी रह सकती है जारी?  मास्टर पोर्टफोलियो सर्विसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर गुरमीत सिंह चावला ने इंडिया टुडे डॉट इन को बताया कि ईंधन की कीमतों में संशोधन कुछ हद तक अपेक्षित था क्योंकि तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियां हाई एनर्जी प्राइस को वहन करते हुए अपनी सीमाओं को बढ़ा रही हैं।  उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत पहले ही 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी है, ऐसे में अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक 90-100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे से ऊपर बनी रहती है, तो अगले तीन से चार महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और भी बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।  फ्यूल प्राइस में कितनी हो सकती है बढ़ोतरी?  चॉइस के ऊर्जा विश्लेषक धवल पोपट ने भी कहा कि मौजूदा बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों को केवल आंशिक राहत ही मिलती है. इंडिया टुडे को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीर तक की मौजूदा बढ़ोतरी से सरकारी स्‍वामित्‍व वाली तेल और डीजल कंपनियों पर पड़ रहे मुनाफे के दबाव से कुछ हद तक राहत मिली है, लेकिन मौजूदा घाटे की भरपाई की मात्रा काफी ज्‍यादा बनी हुई है।  पोपट के अनुसार, ईंधन की कीमतों में प्रति लीटर 1 रुपये की बढ़ोतरी से तीनों सरकारी तेल विपणन कंपनियों के कुल सालाना EBITDA में लगभग 15,000-16,000 करोड़ रुपये का सुधार हो सकता है. उन्‍होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि हालिया बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों को सालाना करीब 45,000-48,000 करोड़ रुपये की कमाई का लाभ मिल सकता है. हालांकि, पोपट ने चेतावनी दी कि अगर ग्‍लोबल स्‍तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं तो और ज्‍यादा प्राइस बढ़ोतरी की आवश्यकता हो सकती है।  नुकसान की भरपाई के लिए कितने रुपये की बढ़ोतरी संभव  उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में, अगर ग्‍लोबल नजरिए में कोई बदलाव नहीं होता है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहती हैं, तो नुकसान की भरपाई के लिए कुल मिलाकर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जरूरत होगी. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है, जिससे घरेलू ईंधन की कीमतें वैश्विक कच्चे तेल की गतिविधियों और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाती हैं।  तेल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव  पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताओं ने आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं को तेजी से बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि कच्‍चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती से तेल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है, जबतक की रिटेल फ्यूल की कीमतों में और बदलाव नहीं किया जाता है।  इकोनॉमिस्‍ट ने भी चेतावनी दी है कि ईंधन की कीमतों में बार-बार होने वाली बढ़ोतरी धीरे-धीरे महंगाई और घरेलू बजट पर असर डाल सकती है, क्योंकि इससे सभी क्षेत्रों में परिवहन और रसद की लागत बढ़ जाएगी. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ईंधन की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को सीमित करने में सरकारी हस्तक्षेप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 

रूसी तेल सप्लाई थमने का खतरा, देश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत के आसार

मुंबई  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में पिछले 75 दिनों से जारी व्यवधान और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच भारत ने एक बार फिर अमेरिका से संपर्क किया है। भारत ने रूसी तेल आयात पर मौजूदा प्रतिबंधों से छूट की अवधि को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। अमेरिका ने इस साल मार्च में पहली बार इस विशेष व्यवस्था को मंजूरी दी थी, जिसे बाद में विस्तारित किया गया। वर्तमान छूट की समय सीमा 16 मई रात 12:01 बजे तक निर्धारित है। इस छूट का प्राथमिक उद्देश्य अतिरिक्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर वैश्विक बाजारों को स्थिर करना था। रूसी तेल पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, लेकिन ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन लगातार भारत पर दबाव बना रहा है कि वह यूक्रेन युद्ध के कारण मॉस्को से रियायती दरों पर की जा रही खरीदारी को कम करे। 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में शुरू हुए संकट के लगातार गहराने के कारण भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश के लिए स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने चेतावनी दी है कि तेल बाजारों में निरंतर अस्थिरता के व्यापक आर्थिक परिणाम हो सकते हैं। अप्रैल में जारी किए गए ताजा लाइसेंस के तहत उन रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद की अनुमति दी गई थी, जो उस तारीख तक जहाजों पर लोड किए जा चुके थे। आयात में रिकॉर्ड इजाफा छूट की समय सीमा समाप्त होने से पहले भारतीय रिफाइनरी कंपनियां तेजी से खरीदारी कर रही हैं। केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, मई में अब तक रूस से कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया है। पूरे महीने का औसत 19 लाख बैरल प्रति दिन रहने का अनुमान है। रूसी कच्चे तेल की रिकॉर्ड खरीदारी के बावजूद, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने उन रूसी LNG (तरल प्राकृतिक गैस) कार्गो को लेने से इनकार कर दिया है जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं। इस फैसले के कारण रूस से जुड़ा कम से कम एक LNG शिपमेंट फिलहाल सिंगापुर के पास अटका हुआ है। इस विषय पर 30 अप्रैल को रूसी उप ऊर्जा मंत्री पावेल सोरोकिन ने नई दिल्ली में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की थी। वे जून में फिर से वार्ता के लिए आ सकते हैं। भारत के पास कितना है सुरक्षित स्टॉक? केंद्र सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सीआईआई (CII) के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में बोलते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत के ऊर्जा भंडार की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में 69 दिनों का एलएनजी और 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है। पुरी ने कहा कि इन स्टॉक स्तरों के कारण तत्काल आपूर्ति बाधित होने का कोई खतरा नहीं है। तनाव को देखते हुए सरकार ने LPG के दैनिक उत्पादन को 36,000 टन से बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया है ताकि घरेलू आपूर्ति सुरक्षित रहे।

आम आदमी पर फिर बढ़ा बोझ, MP में पेट्रोल-डीजल महंगा; भोपाल-इंदौर के ताजा भाव जारी

भोपाल  विश्व संकट और ईरान-अमेरिका के बीच युद्द के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई है। लेकिन, अब इसका असर  भारत में भी दिखना शुरू हो गया है। दरअसल, आज यानी 15 मई से देशभर में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल पर 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इंदोर और भोपाल में पेट्रोल व डीजल 3-3 रूपए मंहगा हुआ है। इसके चलते आमजनजीवन को एक बार फिर मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है। इंदौर और भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एमपी के भोपाल और इंदौर में भी पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। यहां 3-3 रूपए की कीमत से पेट्रोल और डीजल मंहगा हुआ है। इंदौर में पेट्रोल की कीमत ₹106.58 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹109.58 प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, डीजल की कीमत ₹91.97 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹94.97 प्रति लीटर की गई है। भोपाल में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.82 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, डीजल की कीमत 91.87 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 94.98 रुपये हो गई है। क्यों बढ़ रहे हैं दाम? ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन में आई बाधा को माना जा रहा है। कच्चा तेल (Crude Oil) महंगा होने की वजह से घरेलू तेल कंपनियों ने इस बढ़े हुए बोझ को उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है। 15 मई से लागू हुए इन दामों ने आम जनता के घर का बजट बिगाड़ दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं।

ट्रिपल झटका: पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG ने भी बढ़ाई लोगों की टेंशन

नई दिल्ली एलपीजी सिलेंडर के दामों में इजाफा होने के बाद अब तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में भी इजाफा किया गया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, देश भर में ईंधन (पेट्रोल, डीजल और सीएनजी) की कीमतें बढ़ गई हैं. एक ओर जहां पेट्रोल की कीमतें 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, जबकि डीज़ल की कीमतें 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. पेट्रोल के साथ ही सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों में चलना भी महंगा होने जा रहा है।  जानकारों का कहना है कि म‍िड‍िल ईस्‍ट में जारी संकट के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेल विपणन कंपनियों ने 3-3 रुपये लीटर का इजाफा कर द‍िया. तेल की कीमत में यह बढ़ोतरी 15 मई यानी शुक्रवार सुबह 6 बजे से देशभर में लागू हो गई है.  देश की राजधानी द‍िल्‍ली की बात करें तो पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रत‍ि लीटर हो गया. वहीं, डीजल 87.67 रुपये लीटर से बढ़कर 90.67 रुपये लीटर पर पहुंच गया।  किराए में हो सकती है बढ़ोतरी  मुंबई में जब दो रुपये प्रति किलो सीएनजी के दाम में बढ़ने के साथ यूनियनों ने किराए में बढ़ोतरी की मांग की है. ऑटो रिक्शा संगठनों ने न्यूनतम किराए में कम से कम 1 रुपये की बढ़ोतरी की डिमांड रखी है. यूनियन नेताओं के अनुसार, मौजूदा किराए में वाहन चलाना आर्थिक रूप से कठिन हो गया है. अब दिल्ली में भी सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं. इसका सीधा असर कैब ड्राइवरों पर पड़ेगा. ऑटो-टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी संभव है. डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट लागत में बढ़ोतरी हो सकती है. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है।  CNG Price Hike कितनी महंगी गई सीएनजी पेट्रोल और डीजल के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में इंद्रप्रस्‍थ गैस ल‍िम‍िटेड (IGL) ने सीएनजी की कीमत में 2 रुपये क‍िलो का इजाफा कर द‍िया है. इससे कुछ देर पहले ही तेल कंपन‍ियों ने पेट्रोल-डीजल दो रुपये महंगा कर द‍िया. नई दरों को शुक्रवार सुबह 6 बजे से लागू कर द‍िया गया है. ऐसे में पिछले एक पखवाड़े के दौरान महंगाई का ट्रिपल अटैक हुआ है।  पेट्रोल, डीजल और CNG महंगा करने पर सरकार का घेराव कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने को लेकर सरकार का घेराव किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस ने लिखा-  'महंगाई मैन मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया. पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए महंगा कर दिया गया. वहीं, CNG के दाम भी 2 रुपए बढ़ा दिए गए. चुनाव खत्म, मोदी की वसूली शुरू।  कांग्रेस नेता कुमारी सेलजा ने आरोप लगाते हुए कहा, 'चुनाव खत्म होते ही बीजेपी सरकार ने जनता को महंगाई का तोहफा दे दिया. अब पेट्रोल और डीजल पर 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर आम आदमी की जेब पर सीधा हमला किया गया है. चुनाव तक राहत का दिखावा. चुनाव के बाद जनता पर बोझ डालना बीजेपी सरकार की पहचान बन चुका है।  TMC नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, 'पहले वो आपका वोट लूटते हैं, फिर आपको वहां लात मारते हैं जहां दर्द होता है. इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं. क्या बंगाल सरकार पेट्रोल और डीजल पर VAT कम करेगी, अब जब दिल्ली के कंट्रोल वाली सरकार है जिसे केंद्र के फंड रोके जाने की चिंता नहीं करनी पड़ती?' वहीं, पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रया दी. उन्होंने कहा, 'पिछले 3 साल से दुनिया में जंग चल रही है. इसकी वजह से दूसरे देशों में कई तरह के संकट पैदा हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने हमारा कुछ नहीं बिगड़ने दिया. सिर्फ गैस के दाम बढ़े हैं. कम से कम दाम तो कम से कम बढ़ाए हैं। 

48 घंटे में 3 बड़े फैसले, क्या अब महंगा होने वाला है पेट्रोल? RBI ने दिए संकेत

नई दिल्ली भारत में पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों की आशंकाओं को लेकर चिंता का दौर जारी है। हालांकि, सरकार ने अब तक ऐसा ऐलान नहीं किया है। इसी बीच महज दो दिनों के अंदर ही तीन बड़े फैसले सामने आ चुके हैं। इनमें गोल्ड इम्पोर्ड ड्यूटी से लेकर शक्कर एक्सपोर्ट बैन तक शामिल है। इधर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर ने भी दाम बढ़ने की आशंका जताई है। खास बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही दफ्तरों से WFH यानी वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेज की अपील कर चुके हैं।  पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि एक स्तर पर इस बात का आकलन करना होगा कि पेट्रोलियम कंपनियां लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और LPG कब तक बेच सकती हैं। हालांकि, उन्होंने कीमतों में बढ़ोतरी की किसी भी संभावना पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि भारत के पास इस वक्त लगभग 60 दिन का कच्चे तेल का भंडार, 60 दिन का LNG भंडार और 45 दिन का LPG भंडार है। RBI गवर्नर क्या बोले गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने  स्विट्जरलैंड में कहा है कि अगर पश्चिम एशिया संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा और उर्वरकों के इम्पोर्ट पर खासा निर्भर है और मौजूदा रुकावटों का असर भारत पर पड़ना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर यह लंबे समय तक जारी रहता है तो 'सरकार वास्तव में इन मूल्य वृद्धि का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डाल सकती है। यह सिर्फ समय की बात है।' सरकार ने 28 फरवरी को शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं की है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में सबसे ज्यादा प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हुआ है, जिसके चलते जहाजों की आवाजाही धीमी या ठप हो गई है। गोल्ड महंगा हुआ विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ रहे दबाव को रोकने और गैर-जरूरी आयात पर रोक लगाने के लिए सोने तथा चांदी पर आयात शुल्क  बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। खास बात है कि भारत महंगी धातुओं का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। कच्चे तेल के बाद सोने का भारत के आयात में दूसरा बड़ा हिस्सा है और बढ़ती खरीद से विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल बढ़ा है, जिससे रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया है। सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि प्लैटिनम पर इसे 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत किया गया है। यह 13 मई से प्रभावी माना जाएगा। सोने/चांदी के डोरे, सिक्के, अन्य वस्तुएं आदि पर भी टैक्स में बदलाव किए गए हैं। अमूल दूध के दाम बढ़े अमूल ने बढ़ती लागत के कारण पूरे भारत में दूध की कीमतें दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने की घोषणा की। नई दरें आज यानी 14 मई, गुरुवार से लागू हो गईं हैं। इससे पहले अमूल दूध के दाम बीते साल 1 मई को बढ़ाए गए थे। GCMMF यानी गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन का कहना है कि दूध की कीमतें इसलिए बढ़ाई जा रही हैं क्योंकि दूध तैयार करने और उसे बाजार तक पहुंचाने का खर्चा बढ़ गया है। साथ ही कहा, 'इस साल पशु आहार, दूध की पैकेजिंग सामग्री और ईंधन की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है।' चीनी का निर्यात बंद देश ने चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 13 मई को जारी अधिसूचना में कहा, 'चीनी की निर्यात नीति को तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) 'प्रतिबंधित' से 'निषिद्ध' कर दिया गया है।'