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PhonePe का नया नियम लागू, कुछ सेवाओं पर देना होगा अतिरिक्त शुल्क; चार्ज ₹100 तक पहुंच सकता है

 नई दिल्ली PhonePe चलाने वालों के लिए जरूरी खबर है. जल्द ही पेमेंट ऐप में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. कंपनी ने वॉलेट गाइडलाइंस को अपडेट किया है, जिसके बाद अगर आप लंबे समय तक वॉलेट का यूज करना छोड़ देते हैं, तो 100 की पेमेंट करनी पड़ सकती है।  कंपनी ने हाल ही में अपनी वॉलेट गाइडलाइंस को अपडेट किया है, जिसके तहत अगर कोई फोनपे यूजर 365 दिनों तक अपने PhonePe Wallet का उपयोग नहीं करता है, तो उसपर इनएक्टिविटी मेंटेनेंस फीस लगाई जाएगी. यह फीस 100 रुपये होगी।  फोनपे की नई गाइडलाइंस को लेकर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की है. इसको लेकर बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।  X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर @yabhishekhd नाम के अकाउंट ने बताया कि कई यूजर्स PhonePe Wallet का इस्तेमाल नहीं करते और सीधे अपने बैंक अकाउंट से UPI पेमेंट करते हैं. कुछ  लोगों ने कहा कि ऐसे फीचर के लिए पैसे वसूलना, जो उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं, गलत है।  आजकल लोग लोग Wallet में पैसे डालकर उसे लंबे समय तक बिना इस्तेमाल किए छोड़ देते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि Inactive Wallet क्या होता है, किन यूजर्स पर यह शुल्क लागू हो सकता है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए। Inactive Wallet किसे माना जाएगा Inactive Wallet का मतलब ऐसे Wallet से है जिसका उपयोग लंबे समय तक नहीं किया गया हो। यदि कोई यूजर Wallet में पैसे रखकर उसे महीनों तक इस्तेमाल नहीं करता, न कोई ट्रांजैक्शन करता है और न ही कोई भुगतान करता है, तो उसे Inactive कैटेगरी में रखा जा सकता है। Inactive Wallet पर हर तीन महीने में 100 रुपए तक का शुल्क लगाया जा सकता है। हालांकि यह चार्ज Wallet में उपलब्ध बैलेंस और अन्य शर्तों के आधार पर भी तय किया जा सकता है। क्या सभी PhonePe यूजर्स पर लागू होगा नियम? नहीं, यह शुल्क केवल Wallet यूजर्स के लिए हो सकता है। जो लोग केवल UPI के जरिए सीधे बैंक अकाउंट से पेमेंट करते हैं, उन पर इसका असर नहीं पड़ने की संभावना है। यह मुख्य रूप से PhonePe Wallet से जुड़े अकाउंट्स के लिए हो सकता है। UPI और Wallet में क्या अंतर और शुल्क से बचने का तरीका कई लोग UPI और Wallet को एक जैसा समझते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग सेवाएं हैं। UPI में भुगतान सीधे बैंक अकाउंट से होता है। वहीं Wallet में पहले पैसे जोड़ने पड़ते हैं और फिर उसी बैलेंस से भुगतान किया जाता है। अगर आप PhonePe Wallet का इस्तेमाल करते हैं, तो समय-समय पर उसमें कोई छोटा ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। मोबाइल रिचार्ज, बिल भुगतान या किसी भी छोटे भुगतान के जरिए Wallet को एक्टिव रखा जा सकता है। इससे Wallet निष्क्रिय नहीं माना जाएगा। किन लोगों पर लगेगी 100 रुपये की फीस  100 रुपये की फीस सिर्फ उन लोगों पर लागू होगी, जिन्होंने एक साल तक अपने PhonePe Wallet से कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया है. सिर्फ PhonePe ऐप खोलना या UPI के जरिए भुगतान करना वॉलेट गतिविधि नहीं माना जाएगा. शुल्क से बचने के लिए यूजर्स को वॉलेट के जरिए कम से कम एक ट्रांजैक्शन करना होगा, जिससे वॉलेट दोबारा एक्विट मान लिया जाएगा।  15 दिन पहले आएगा अलर्ट मैसेज  फोनपे की तरह से फीस काटने से पहले यूजर्स को 15 दिन पहले एक मैसेज भेजा जाएगा. अगर वॉलेट में बैलेंस है तो कंपनी सीधे 100 रुपये काट लेगी. वहीं, अगर वॉलेट में 100 रुपये से कम रकम है तो वह रकम पूरी काट ली जाएगी. हालांकि बैलेंस को नेगेटिव नहीं किया जाएगा।  क्या होता है PhonePe वॉलेट और इसका काम क्या है? जब आप पहली बार अपने मोबाइल में PhonePe ऐप डाउनलोड करते हैं, तो वॉलेट की सर्विस इसके साथ ही इन-बिल्ट (नत्थी होकर) आती है. यूजर इस वॉलेट को अपने बैंक खाते से रीचार्ज करके इसमें पैसे रख सकते हैं. वॉलेट का एकमात्र बड़ा फायदा यह है कि यह ऑफलाइन या कम नेटवर्क में भी काम कर जाता है।  अगर कभी आपके बैंक का सर्वर डाउन है और आप सीधे अकाउंट से पैसे नहीं भेज पा रहे हैं, तो वॉलेट में मौजूद पैसों से तुरंत भुगतान किया जा सकता है. आज के समय में शायद ही कोई वॉलेट में पैसे रखता है. अगर एक ऐप का यूपीआई काम नहीं करता, तो लोग तुरंत गूगल पे (Google Pay) या पेटीएम (Paytm) जैसे दूसरे ऐप का इस्तेमाल कर लेते हैं. इसलिए आम जनता के लिए यह वॉलेट लगभग बेकार ही पड़ा रहता है।  क्या PhonePe का ऐसा चार्ज वसूलना कानूनी है? कई यूजर्स के मन में यह सवाल है कि बिना इस्तेमाल किए पैसे काटना क्या बेईमानी नहीं है? लेकिन तकनीकी और कानूनी रूप से कंपनी ऐसा कर सकती है. जब हम पहली बार ऐप पर साइन-अप या लॉगिन करते हैं, तो हम बिना पढ़े ‘नियम और शर्तों’ (Terms and Conditions) को स्वीकार (Accept) कर लेते हैं. कंपनी इसी कानूनी दांवपेच का फायदा उठा रही है. हालांकि, आम उपभोक्ताओं के नजरिए से देखा जाए तो इसे एक तरह की ‘जबरदस्ती’ ही कहा जाएगा।  वॉलेट चार्ज से अपने ₹100 कैसे बचाएं ? अगर आप इस गैर-जरूरी चार्ज से बचना चाहते हैं, तो आपके पास दो आसान रास्ते हैं. अपने PhonePe वॉलेट में ₹10 या ₹50 डालकर उसे दोबारा एक्टिवेट कर लें और कभी-कभी उससे कोई छोटा-मोटा भुगतान कर दें. इससे आपका वॉलेट इनएक्टिव लिस्ट से बाहर हो जाएगा।  यदि आप इस वॉलेट झंझट को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं, तो ऐप के भीतर जाकर अपने वॉलेट की फुल केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करें. इसके बाद आप वॉलेट को पूरी तरह बंद या हमेशा के लिए इनएक्टिवेट करने का विकल्प चुन सकते हैं।  ध्यान रहे कि इस वॉलेट चार्ज का आपकी सामान्य यूपीआई (UPI) सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यदि आप वॉलेट एक्टिव नहीं भी करते हैं, तो भी आप पहले की तरह बैंक-टू-बैंक यूपीआई ट्रांसफर (Scan & Pay) करते रह सकेंगे।  आखिर PhonePe ऐसा कर क्यों रहा है? बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी यह कदम अपनी बैलेंस शीट को मजबूत और दमदार दिखाने के लिए उठा रही है. दरअसल, PhonePe आने वाले समय में अपना … Read more

फोनपे का बड़ा कदम: IPO से पहले नए प्लेटफॉर्म और कारोबार विस्तार पर फोकस

नई दिल्ली वॉलमार्ट समर्थित फिनटेक दिग्गज फोनपे अप्रैल में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की योजना भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं और नए उपभोक्ता मंचों के क्षेत्र में विस्तार करने की है। कंपनी ने अपने मसौदा दस्तावेजों (डीआरएचपी) में उल्लेख किया है कि डिजिटल भुगतान ही उसकी प्रगति का प्रमुख स्रोत बना रहेगा। इसके विस्तार के लिए कंपनी अपने उपभोक्ता आधार, संभावित बाजार और मंच के कार्यक्षेत्र को व्यापक बनाने हेतु पूंजी लगाने की योजना बना रही है। उद्योग के अनुमानों का हवाला देते हुए कंपनी ने कहा कि भारत में डिजिटल उपभोक्ता भुगतान का कुल संभावित बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये था, जिसके वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 602-681 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। सूत्रों के अनुसार, फोनपे ने अप्रैल में अपना आईपीओ लाने का लक्ष्य रखा है। यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा, जिसके तहत वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसी निवेशक कंपनियां अपने 5.06 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगी। इस प्रक्रिया में नए शेयरों का कोई ताजा निर्गम शामिल नहीं होगा। कंपनी को जनवरी में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई थी। फोनपे अपने वित्तीय सेवा वितरण व्यवसाय, जैसे ऋण और बीमा का भी विस्तार कर रही है। राजस्व के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कंपनी अपने धन प्रबंधन मंच ‘शेयर.मार्केट’ और स्वदेशी ऐप स्टोर ‘इंडस ऐपस्टोर’ जैसे नए मंचों पर भी पूंजी निवेश कर रही है।  

हर महीने बिना बताए कट रहा पैसा! कहीं AutoPay तो एक्टिव नहीं? GPay, PhonePe, Paytm पर ऐसे करें कैंसिल

नई दिल्ली डिजिटल पेमेंट के दौर में PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे UPI ऐप्स ने लोगों के लिए AutoPay (ऑटो डेबिट) की सुविधा को आसान बना दिया है। इन तीनों ऐप्स में ऑटो पे का फीचर मिलता है। मोबाइल रिचार्ज, OTT सब्सक्रिप्शन, बिजली-पानी के बिल, EMI या म्यूचुअल फंड SIP जैसी सर्विसेज के लिए अपने आप पैसे कट जाते हैं। इससे यूजर्स का समय बचाता है और पेमेंट मिस होने की टेंशन भी नहीं रहती है। हालांकि, कभी-कभी यह सुविधा परेशानी का कारण भी बन जाता है। यह आपसे पूछे बिना उस सर्विस के लिए भी पेमेंट कर देता, जो आपको नहीं चाहिए होती है। कई बार तो पता भी नहीं चलता है कि आपने किस-किस सर्विस के लिए ऑटो पे सेट किया है। पैसे कट जाने पर आपको पता चलता है कि आपने उस सर्विस के लिए भी ऑटो पे सेट किया था। हालांकि, इस परेशानी को दूर करने के लिए PhonePe, Google Pay, Paytm तीनों ऐप में ऑटो पे को कैंसिल करने का ऑप्शन मिलता है। साथ ही, आप ये भी देख सकते हैं कि आपने किस-किस सर्विस के लिए ऑटो पे सेट किया है। आइये, तीनों ऐप से ऑटो पे कैंसिल करने का तरीका जानते हैं। दो तरह से रोक सकते हैं ऑटो पे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑटो पेमेंट को रोकने के दो तरीके हैं। आप किसी सर्विस या फिर सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटो पे को केंसिल कर सकते हैं या फिर इसे पॉस यानी कुछ समय के लिए रोक सकते हैं। पॉस करने से एक तय समय के लिए ऑटो पेमेंट बंद हो जाएगा। वहीं, केंसिल करने से वह हमेशा के लिए रद्द हो जाएगा, लेकिन आप उसे बाद में कभी भी रीएक्टिवेट यानी चालू कर सकते हैं। Paytm से ऑटो पे बंद करना है बहुत आसान     अगर आप पेटीएम के जरिए सेटअप किए गए ऑटो पे को कैंसिल करना चाहते हैं तो ऐप ओपन करने के बाद प्रोफाइल पर जाएं।     अब स्क्रॉल डाउन करके नीचे आएं और UPI सेटिंग पर क्लिक करें।     फिर आपको ऑटोमेटिक पेमेंट या फिर पेमेंट मैनेजमेंट के ऑप्शन पर क्लिक करना है।     अब उस पेमेंट को सिलेक्ट करें, जिसे कैंसिल करना चाहते हैं।     इसके बाद Cancel Automatic Payment पर क्लिक करें और कन्फर्म कर दें। ​ GPay के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स     गूगल पे के लिए आपको ऐप ओपन करते ही राइट साइड में You टैब दिखेगा। इस पर क्लिक कर दें।     फिर नीचे आएं और AutoPay के ऑप्शन पर क्लिक करें।     अब आपको तीन सेक्शन लाइव, पेंडिंग और कम्पलीट यानी पूरा मिलेंगे। इनमें से आपको लाइव सेक्शन में जाना है।     इसके बाद कैंसिल ऑटो पे पर क्लिक करें और यूपीआई पिन डालें। PhonePe से कैसे कैंसिल करें ऑटो पे     अगर आप फोनपे के जरिए ऑटो पे को कैंसिल करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए सबसे पहले अपने डिवाइस में ऐप ओपन करना होगा।     उसके बाद लेफ्ट साइड में सबसे ऊपर आ रहे प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें।     फिर स्क्रॉल डाउन करके नीचे आएं और मैनेज पेमेंट पर क्लिक कर दें।     इसके बाद आपको नीचे मोर ऑप्शन्स सेक्शन के तहत AutoPay का ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करें।     यहां पर Ongoing टैब में आपको सभी सर्विसेस के लिए चालू ऑटो पे की लिस्ट दिख जाएगा।     आपको जिस सर्विस के लिए ऑटो पे कैंसिल करना है, उस पर क्लिक करके आगे की प्रोसेस पूरी कर लें।     ध्यान रखें ऑटो पे डिलीट या फिर कैंसिल करने के लिए आपको यूपीआई पिन डालना होगा।

PhonePe को RBI की हरी झंडी, डिजिटल भुगतान में SMEs और मर्चेंट्स को मिलेगी सहूलियत

मुंबई  PhonePe को RBI से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस मिल गया है इससे SMEs और मर्चेंट्स के लिए डिजिटल भुगतान करना आसान होगा. यह कदम छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल लेनदेन में सुरक्षित और तेज़ सुविधा प्रदान करेगा और वित्तीय समावेशन बढ़ाएगा.  भारत में डिजिटल पेमेंट का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में PhonePe ने अपनी ताकत साबित की है. 650 मिलियन से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स और 45 मिलियन मर्चेंट आउटलेट्स के नेटवर्क के साथ, PhonePe रोजाना 360 मिलियन से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है. अब कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त कर लिया है. यह मंजूरी न केवल कंपनी के लिए बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) और मर्चेंट्स के लिए भी नई संभावनाएँ लेकर आई है. RBI लाइसेंस का महत्व RBI से मिली यह मंजूरी PhonePe को डिजिटल मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करने और उनके लेनदेन को सुरक्षित और तेज़ बनाने का अधिकार देती है. यह कदम डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाने और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के RBI के प्रयासों का हिस्सा है. SMEs और मर्चेंट्स पर फोकस PhonePe विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल भुगतान के समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर, युवराज सिंह शेखावत के अनुसार, यह लाइसेंस मर्चेंट सर्विसेज के विस्तार में सहायक होगा और व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन की सुविधा देने में मदद करेगा. PhonePe की सेवाएं     SMEs और मर्चेंट्स को UPI, QR कोड और अन्य डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध कराना     मर्चेंट्स के लिए टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स टूल्स प्रदान करना     व्यवसायिक लेनदेन को तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना RBI का यह कदम भारत में डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगा. SMEs का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है और कैशलेस लेनदेन की दिशा में अहम कदम है. PhonePe को RBI से लाइसेंस क्यों मिला है? RBI ने PhonePe को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस दिया है ताकि यह डिजिटल मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड कर सके और उनके लेनदेन को सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बना सके. यह लाइसेंस SMEs और मर्चेंट्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? इस लाइसेंस के बाद छोटे और मध्यम व्यवसाय डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकते हैं, जिससे उनका व्यापार बढ़ेगा और लेनदेन अधिक सुरक्षित होगा. PhonePe रोजाना कितने ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है? PhonePe प्रतिदिन 360 मिलियन से अधिक ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है और इसका मर्चेंट नेटवर्क 45 मिलियन से अधिक आउटलेट्स तक फैला हुआ है. इस लाइसेंस से उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेगा? उपभोक्ताओं को सुरक्षित और तेज़ डिजिटल भुगतान का विकल्प मिलेगा, साथ ही लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी.