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भारतीय AI स्टार्टअप्स से पीएम मोदी का संवाद, कहा– तकनीक से आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई ताकत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुबह भारतीय एआई स्टार्टअप के साथ बैठक की। यह बैठक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले हुई है, जो कि अगले महीने भारत में होने वाला है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वह 12 एआई स्टार्टअप शामिल हुए हैं, जिन्होंने एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए क्वालिफाइड किया है और इसमें उन्होंने अपने विचार और कार्य के बारे में बताया। पीएम कार्यालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि यह स्टार्टअप हेल्थकेयर, बहुभाषी लार्ज लैग्वेज मॉडल, मटेरियल रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स, इंजीनियरिंग सिमुलेशन और अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने समाज में परिवर्तन लाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत अगले महीने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा, जिसके माध्यम से देश टेक्नोलॉजी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही कहा कि भारत एआई का उपयोग करते हुए परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं और कहा कि देश में इनोवेशन और बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन दोनों की अपार क्षमता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत को दुनिया के सामने एक ऐसा अनूठा एआई मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए जो "मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड" की भावना को दर्शाता हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर दुनिया का भरोसा ही देश की सबसे बड़ी ताकत है। इस कारण भारतीय एआई मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा गोपनीयता सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए। साथ ही कहा कि भारत किफायती एआई, समावेशी एआई और किफायती इनोवेशन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारतीय एआई मॉडल विशिष्ट होने चाहिए और स्थानीय एवं स्वदेशी सामग्री तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने वाले हो। इस बैठक में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, गैन, जेनलोप, ज्ञानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सॉकेट एआई, टेक महिंद्रा और जेंटिक सहित भारतीय एआई स्टार्टअप्स के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी बैठक में उपस्थित थे।

दक्षिण की रणनीति: 2026 की संभावनाएँ, केरल पर फोकस और तमिलनाडु से कनेक्ट की कवायद

नई दिल्ली वर्तमान में देश के 21 राज्यों में सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हौसले भविष्य के लिए बुलंद हैं। साल 2025 में हवा का रुख बदला तो दशकों बाद दिल्ली भाजपा की हो गई। कुछ महीनों में भाजपा ने बिहार को भी मजबूत कर लिया और फिर साल बीतते-बीतते केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम भाजपा के रंग में रंग गई। यह जीत सिर्फ एक राज्य या शहर तक सीमित नहीं, बल्कि 2026 में दक्षिण भारत की राजनीति में बड़े बदलाव की आहट मानी जा रही है। पश्चिम बंगाल के अलावा दक्षिण भारत के राज्यों केरल और तमिलनाडु में साल 2026 में चुनाव हैं। उत्तर भारत में भाजपा का परचम पहले से ही लहरा रहा है, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और झारखंड को छोड़ दें तो पार्टी की पकड़ मजबूत बनी हुई है। अब पार्टी की नजरें दक्षिण भारत पर टिकी हैं, वह क्षेत्र जहां कर्नाटक को छोड़कर अब तक सत्ता का स्वाद नहीं मिला। बिहार जीतते ही प्रधानमंत्री मोदी ऐलान कर चुके हैं कि अगला मिशन पश्चिम बंगाल है, लेकिन तमिलनाडु और खासकर केरल में भाजपा की जमीनी तैयारियां काफी कुछ बयां करती हैं। तिरुवनंतपुरम की जीत इसका ताजा उदाहरण है। पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु तीनों विधानसभाओं का कार्यकाल मई में पूरा होगा। 7 मई वर्तमान पश्चिम बंगाल विधानसभा के कार्यकाल का आखिरी दिन होगा, जबकि तमिलनाडु विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 10 मई और केरल विधानसभा का 23 मई है। लिहाजा, इससे पहले नई विधानसभा चुनी जानी है। चुनावों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के दौरे शुरू हो चुके हैं, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया यात्रा भी शामिल है। 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने 'तमिल भाषा' का जिक्र करके तमिलनाडु को कनेक्ट किया। उन्होंने 28 दिसंबर को 'मन की बात' कार्यक्रम में काशी के स्कूलों में तमिल भाषा सिखाने के लिए चलाए जा रहे अभियान की बात की। वहीं, तिरुवनंतपुरम की जीत को भाजपा की 'दक्षिणी दस्तक' के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले चुनावी समीकरणों को नई दिशा दे सकती है।

अंधेरे में उम्मीद का दीया: पीएम मोदी के इस यादगार कथन ने देश को दिया नया संदेश

नई दिल्ली साल 2025 के समापन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के 'मोदी आर्काइव' अकाउंट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन प्रेरक भाषणों को शेयर किया है, जिनमें उन्होंने देश के भविष्य, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण को लेकर कहा है। 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के कुछ बयानों का ऑडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जैसे ही 2025 खत्म हो रहा है, हम नरेंद्र मोदी के दशकों पहले कहे गए उम्मीद और दृढ़ संकल्प पर उनके यादगार शब्दों को फिर से याद करते हैं।" 'मोदी आर्काइव' की ओर से जारी 2.15 मिनट की वीडियो क्लिप में पीएम मोदी ने शुरुआत में कहा, "मित्रों, जीवन में आशावादी होना चाहिए, निराशा कभी जीवन में आनी नहीं चाहिए और यह तब होता है जब जीवन में सकारात्मक सोच हो।  सकारात्मक सोच की शक्ति पूरे संसार को बदल सकती है। हम सारी दुनिया को नहीं बदल सकते हैं। अगर तूफान आ जाए तो हम समुद्र की लहरों को नहीं मोड़ सकते हैं, लेकिन जिस नाव में बैठे हैं, उस नाव की दिशा को हम बदल सकते हैं और इसे बदलना हम जानते हैं।" एक अन्य भाषण में पीएम मोदी ने कहा, "अगर आपका दिल साफ है, अगर आपके विचारों में स्पष्टता है, अगर आपको कुछ करने का पक्का इरादा है और आपमें सामना करने की हिम्मत है तो मुझे यकीन है कि कुछ भी हासिल कर सकते हैं।" 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के उस भाषण को भी क्लिप में शामिल किया है, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था, "जैसे मौसम बदलता रहता है, वैसे ही जिंदगी के उतार-चढ़ाव आते-जाते हैं। बादल कभी आते हैं, कभी चले जाते हैं। कभी-कभी चांद साफ चमकता है तो कभी सूरज साफ नजर आता है। जिंदगी में यह सब कुछ आता है, लेकिन तुम अपने लक्ष्य को पार करते हुए चले चलो, कभी न कभी यश प्राप्त होगा।" इसके अलावा, पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा था, "तमन्ना अच्छे काम करने की होनी चाहिए। पाने की तमन्ना से कुछ करने की तमन्ना शायद अच्छा परिणाम देती है।" देशवासियों के लिए एक नई राह दिखाते हुए पीएम मोदी ने एक भाषण में कहा, "कल कैसी थी, उसके आधार पर आने वाली कल तय नहीं होती है। आने वाली कल के लिए हमारी सोच क्या है, उसके आधार पर आने वाली कल का निर्माण होता है। जो बीती हुई कल पर रोते रहते हैं, वह आने वाली कल को कभी सजा नहीं सकते हैं। हमें तो सकारात्मक रुख लेकर आगे चलना है, कोशिश करनी है, कभी न कभी सफलता मिलेगी और यह मेरा विश्वास है।" 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के एक शायराना अंदाज को भी उनके बयानों की सीरीज का हिस्सा बनाया है। इसमें पीएम मोदी कहते हैं, "दोस्तों, माना रात अंधेरी है, अंधेरा घना है, लेकिन यारो दीया जलाना कहां मना है। आओ दोस्तो दिया जलाएं, जिस घर में रोशनी नहीं है, वहां घर में रोशनी पहुंचाएं।

पुतिन के आवास पर हमले के आरोपों को लेकर बोले नरेंद्र मोदी, यूक्रेन विवाद पर भारत का साफ संदेश

नई दिल्ली  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर हमले की खबर पर भारत में भी चर्चा शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति के रास्ते पर बने रहने की अपील की है। साथ ही पुतिन के स्थायी आवास पर हमले को लेकर चिंता जताई है। रूस ने दावा किया है कि लंबी दूरी के 91 यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को के उत्तर में नोवगोरोड क्षेत्र में पुतिन के आवास पर हमले की कोशिश की है। पीएम मोदी ने लिखा, 'रूसी संघ के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों को लेकर बेहद चिंतित हूं। दुश्मनी खत्म करने और शांति हासिल करने का सबसे अच्छा रास्ता जारी कूटनीतिक प्रयास हैं। हम सभी संबंधित लोगों से इन कोशिशों पर ध्यान देने और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील करते हैं, जो इन प्रयासों को कमजोर कर सकती हैं।' पुतिन के घर पर अटैक का दावा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक टेलीविजन बयान में कहा कि रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को हुए ड्रोन हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ क्योंकि ड्रोन को मार गिराया गया था। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि रूस उचित समय पर जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। लावरोव ने यूक्रेनी हमलों को कीव और उसके सहयोगियों द्वारा शांति वार्ता को विफल करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि मॉस्को यूक्रेन के साथ शांति वार्ता पर अपना रुख बदलेगा, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के साथ शांति वार्ता जारी रहेगी। रूसी टीवी चैनलों के अनुसार राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, 'पुतिन ने सोमवार को फोन कॉल के दौरान ट्रंप को राष्ट्रपति आवास पर हुए हमले के बारे में बताया। राष्ट्रपति ट्रंप स्तब्ध थे।'  

मन की बात में पीएम मोदी बोले– एंटीबायोटिक दवाइयों का बेवजह इस्तेमाल बन रहा है बड़ी चुनौती

नई दिल्ली वर्ष 2025 के आखिरी 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल भारत की उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके अलावा पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर अपनी राय भी रखी। पीएम ने सबसे बड़ी चिंता एंटी बायोटिक के उपयोग पर जताई। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक बीमारियों के खिलाफ इसकी उपयोगिता कम हो रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम भारतीयों के अंदर एंटी बायोटिक के उपयोग को लेकर उदासीनता है। हम बिना डॉक्टर की सलाह के भी यह दवाईयां खाने लगे हैं। पीएम ने आग्रह किया कि किसी भी तरह की दवाई डॉक्टर की सलाह के बिना न खाएं। इससे पहले पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि कुछ ही दिनों में 2026 दस्तक देने वाला है। मन में इस साल की कई यादें घूम रही हैं। कई उपलब्धियां ऐसी हैं, जिन्होंने पूरे देश को एक साथ जोड़ दिया और गर्व करने का मौका दिया। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, "इस साल ऑपरेशन सिंदूर ने हर भारतीय को गर्व करवाया। पूरी दुनिया ने देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया के हर कोने में भारत माता के प्रति प्यार और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं।" 2025 में खेलों में भारत की उपलब्धि की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "इस साल पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉपी जीती, महिला टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया। भारत की बेटियों ने विमेंट ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया। एशिया कप में भी भारतीय टीम ने अपना परचम लहराया।" इसके बाद पीएम मोदी ने 2025 में विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंन कहा, "भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी इस वर्ष बड़ी छलांग लगाई है। शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी इस साल शुरू हुईं। इसके अलावा अब भारत में चीतों की संख्या भी 30 से ज्यादा हो गई है। इस साल में आयोजित कुंभ मेले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन ने दुनिया को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, "2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अनोखी विरासत सब एक साथ देखने को मिली। इस आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल के आखिर में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। पीएम मोदी ने काशी तमिल संगमम का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, "इस साल वाराणसी में काशी तमिल संगमम के दौरान बच्चों ने तमिल सीखने पर खासा जोर दिया। तमिल भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। मुझे खुशी है कि आज देश के दूसरे हिस्सों में भी युवाओं और बच्चों में तमिल भाषा के प्रति एक नया आकर्षण दिख रहा है। यही भाषा की ताकत है और भारत की एकता है।

Overview 2025: कूटनीति की ऐतिहासिक सफलता, 28 देशों ने पीएम मोदी को किया सम्मानित

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे नेता हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा देशों से सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व पटल पर भारत की छवि निखरी है। भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी है। वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका अहम हो गई है। पीएम मोदी दो दिवसीय इथियोपिया के दौरे पर थे, जहां उन्हें सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। हालांकि, इथियोपिया पहला देश नहीं है, जिसने पीएम मोदी को इस तरह के सम्मान से नवाजा है। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी को दुनिया के किन-किन देशों ने कब-कब सम्मानित किया है। पीएम मोदी को 11 साल के कार्यकाल में 28 देशों में सम्मानित किया जा चुका है। पीएम मोदी को सम्मानित करने का सिलसिला 2016 में सऊदी अरब से शुरू हुआ। इस साल पीएम मोदी अब तक 8 अवॉर्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं। इससे पहले 2023 से 2024 के बीच उन्हें 6 देशों में सम्मानित किया गया। 2016 में पीएम मोदी को सऊदी अरब में 'ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुलअजीज' और अफगानिस्तान में 'ऑर्डर ऑफ अमानुल्लाह खान अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इसके बाद 2018 में भारत के प्रधानमंत्री को फिलिस्तीन में ऑर्डर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन से सम्मानित किया गया। 2019 में पीएम मोदी को मालदीव ने ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ इज्जुद्दीन से नवाजा गया। फिर 2019 में उन्हें बहरीन में किंग ऑफ हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां सम्मान मिला। 2019 में पीएम मोदी को संयुक्त अरब अमीरात के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मानित किया गया। 21 दिसंबर 2020 को पीएम मोदी को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्वोच्च सम्मान लीजन ऑफ मेरिट, डिग्री चीफ कमांडर से सम्मानित किया। भारत के प्रधानमंत्री को दिसंबर, 2021 में भूटान के राजा ने सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो से सम्मानित करने का ऐलान किया था, और 2024 में उन्हें इससे सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड पाने वाले पहले विदेशी नेता हैं। 2023 में पीएम मोदी को ग्रीस, फ्रांस, मिस्र, पापुआ न्यू गिनी और फिजी में सम्मानित किया गया। ग्रीस की राष्ट्रपति कैटरीना एन सकेलारोपोउलू ने 2023 में पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर से सम्मानित किया था। इसके अलावा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 2023 में ही ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन डी’होनूर ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। मिस्र में जून 2023 को पीएम मोदी को राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द नाइल से सम्मानित किया। 2023 में ही पापुआ न्यू गिनी में उन्हें ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू से सम्मानित किया गया। फिजी में भारत के पीएम मोदी को मई 2023 में सर्वोच्च सम्मान कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी (सीएफ) से सम्मानित किया गया था। 2023 में पलाऊ में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एबाकल अवार्ड नेशनल/ट्रेडिशनल ऑनर फॉर लीडरशिप एंड विजडम से नवाजा गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को जुलाई 2024 में सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' से सम्मानित किया। दिसंबर 2024 में कुवैत के अमीर महामहिम शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर' से सम्मानित किया। 20 नवंबर 2024 को प्रधानमंत्री को गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी गुयाना के ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से सम्मानित होने वाले चौथे विदेशी नेता हैं। बारबाडोस के प्रधानमंत्री महामहिम मिया अमोर मोटली ने 20 नवंबर 2024 को पीएम मोदी को 'ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस' सम्मान देने का ऐलान किया, जिसे मार्च 2025 में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एवं कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने प्राप्त किया। पीएम मोदी को 2024 में नाइजीरिया के सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर (जीसीओएन) से नवाजा गया। डोमिनिका की राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन ने प्रधानमंत्री मोदी को नवंबर 2024 में 'डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया। नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवा ने जुलाई 2025 में नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्विचिया मिराबिलिस' से पीएम मोदी को सम्मानित किया। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस' से 7 जुलाई 2025 को भारत के प्रधानमंत्री को सम्मानित किया। 4 जुलाई 2025 को पीएम मोदी को त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू ओआरटीटी ने सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित किया। इसके अलावा 2 जुलाई 2025 को पीएम मोदी को घाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना' से नवाजा गया। साइप्रस के राष्ट्रपति महामहिम निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने 16 जून 2025 को भारत के पीएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III' से सम्मानित किया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका ने 5 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका मित्र विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। यह विदेशी नेताओं को दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान है। पहली बार किसी भारतीय नेता को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। 

खिलाड़ी ने पूछा- और कैसे हो, पीएम मोदी ने दिया फनी रिप्लाई, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

 नई दिल्ली सांसद खेल महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के प्रतिभावान खिलाड़ियों से बात कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने हरियाणा के एक उभरते बॉक्सर से बातचीत की जो ओलंपिक में जाने का सपना देखता है. बातचीत की शुरुआत ही इतनी मजेदार थी कि देखते ही देखते ऑनलाइन वायरल हो गया.  जैसे ही प्रधानमंत्री कहते हैं – नीरज, राम-राम. उधर से बॉक्सर का जवाब मिलता है – और कैसे हो. इस पर पीएम मोदी मुस्कुराने लगते हैं और कहते हैं – मैं तेरे जैसा ही हूं. इस बॉक्सर के साथ पीएम मोदी की बातचीत का ये हिस्सा काफी वायरल हो रहा है. बॉक्सर नीरज ने इतनी मासूमियत से पीएम से सवाल करता है और उनके सवालों के जवाब देता है, जिसे सुनकर किसी की भी हंसी छूट जाए.  बॉक्सर नीरज की मासूमियत ने लोगों को किया कायल आगे पीएम मोदी बॉक्सर से पूछते हैं – अच्छा नीरज, ये नीरज का नाम सुनकर ही तुम्हें लगा होगा कि मेरा नाम नीरज है तो मैं भी नीरज चोपड़ा बन जाऊं. इस पर फिर बॉक्सर मासूमियत से जवाब देता है- हां जी. इसके बाद  पीएम नीरज को अपने बारे में कुछ बताने को कहते हैं. बॉक्सर बताता है कि मेरा नाम नीरज है जी. मेरे पिता जी का नाम बलवान सिंह है. वो कॉपरेटिव सोसाइटी में काम करते हैं. मम्मी घर का काम करती है और मैं हरियाणा के टोहाना के डांगरा गांव का रहने वाला हूं. मैं बॉक्सिंग खिलाड़ी हूं और नेशनल मेडलिस्ट भी हूं. पीएम मोदी ने पूछा – आपने खेलों में आगे करियर बनाने का सोचा है. इस पर नीरज ने कहा- हां जी, मैं आगे बॉक्सिंग मे आगे जाना चाहता है. पीएम मोदी ने जब पूछा कि क्या आप मोबाइल पर इंटरनेट पर दुनिया के बड़े-बड़े बॉक्सरों के मैच देखते हैं. इस पर नीरज ने कहा कि हां, जरूर देखता हूं. दुनिया के भी और अपने देश के भी बड़े बॉक्सरों के खेल देखता हूं और उनसे सीखता हूं. इससे मोटिवेट भी होता हूं.  पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए की बातचीत पीएम मोदी ने फिर नीरज से मजाकिया अंदाज में पूछा कि जब आप मोबाइल पर बैठे रहते होगे तो आपके पिता जी कहते होंगे ये क्या कर रहे हो. जाओ जाकर खेलो. नीरज ने बतााय कि हां ऐसा तो होता है, लेकिन बॉक्सरों की अच्छी फाइट देखकर खुद को रोक नहीं पाता.  नीरज ने ओलंपिक गोल्ड मेडल लाने का किया वादा पीएम मोदी ने पूछा कि क्या नीरज क्या मैं आज मानकर जाऊं कि आने वाले समय में हमारा एक और हरियाणवी बॉक्सर देश को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीताएगा. इस पर नीरज ने बताया कि हां जी, जरूर. इस पर लोग तालियां बजाने लगे. नीरज ने कहा कि इस ओलंपिक में या उसके अगले ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर आऊं और आपके हाथ में लाकर दे दूं.

बोले पीएम, उत्तर प्रदेश के मेहनतकश लोग लिख रहे नया भविष्य

अटल जी की जन्म शताब्दी पर किया महापुरुषों को याद, परिवारवाद की राजनीति पर करारा प्रहार कहा- उत्तर प्रदेश ने विकास और सुशासन की नई पहचान बनाई, बदली सोच और छवि  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमाओँ से युक्त राष्ट्र प्रेरणा स्थल को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल उस सोच का प्रतीक है जिसने भारत को आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाया है। यहां स्थापित प्रतिमाएं राष्ट्र निर्माण के लिए सतत प्रेरणा देती हैं। यह स्थल संदेश देता है कि हमारा हर कदम, हर प्रयास और हर संकल्प राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए। सबका प्रयास ही विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेगा।  प्रधानमंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने के साथ ही यहां बने भव्य संग्रहालय का भ्रमण भी किया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार का फायदा उत्तर प्रदेश को हो रहा है। उत्तर प्रदेश 21वीं सदी के भारत में अपनी अलग पहचान बना रहा है। मेरा सौभाग्य है कि मैं यूपी से सांसद हूं। आज मैं बहुत गर्व से कह सकता हूं कि उत्तर प्रदेश के मेहनतकश लोग एक नया भविष्य लिख रहे हैं। कभी यूपी की चर्चा खराब कानून व्यवस्था को लेकर होती थी, आज यूपी की चर्चा विकास के लिए होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश और दुनिया को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्रिसमस का यह उत्सव सभी के जीवन में खुशियां लेकर आए।  *उत्तर प्रदेश है सुशासन, समृद्धि और सच्चे सामाजिक न्याय का मॉडल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि आज यूपी देश के पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम दुनिया में उत्तर प्रदेश की नई पहचान के प्रतीक बन रहे हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल जैसे आधुनिक निर्माण उत्तर प्रदेश की नई छवि को और अधिक रोशन बनाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा उत्तर प्रदेश सुशासन, समृद्धि और सच्चे सामाजिक न्याय के मॉडल के रूप में और बुलंदी हासिल करे।  25 दिसंबर का देश की महान विभूतियों से संबंध प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 25 दिसंबर भारत के इतिहास और मूल्यों से जुड़ा अत्यंत प्रेरक दिन है। इसी दिन भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय का जन्म हुआ था। इन महापुरुषों ने भारत की अस्मिता, एकता और गौरव की रक्षा की और राष्ट्र निर्माण में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को ही महाराजा बिजली पासी की जन्म जयंती भी है। लखनऊ के समीप स्थित प्रसिद्ध बिजली पासी किला उनकी वीरता, सुशासन और समावेशी विरासत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्मरण कराया कि वर्ष 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी ने महाराजा बिजली पासी के सम्मान में डाक टिकट जारी किया था। प्रधानमंत्री ने इस पावन अवसर पर महामना मालवीय, अटल जी और महाराजा बिजली पासी को श्रद्धापूर्वक नमन किया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निर्णायक योगदान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की अखंडता के लिए निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने दो विधान, दो निशान और दो प्रधान की व्यवस्था को सिरे से खारिज किया। आजादी के बाद जम्मू कश्मीर में भारत की अखंडता एक बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा को गर्व है कि उसकी सरकार को अनुच्छेद 370 की दीवार गिराने का अवसर मिला और आज जम्मू कश्मीर में भारत का संविधान पूरी तरह लागू है। स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने औद्योगिक नीति देकर आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय का सपना देखा था। वे मानते थे कि भारत की प्रगति का पैमाना अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के चेहरे की मुस्कान से तय होना चाहिए। उन्होंने एकात्म मानववाद का दर्शन दिया, जिसमें शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा सभी के विकास की बात कही गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस दर्शन को संकल्प में बदला है। आज हर पात्र व्यक्ति को सरकार की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यही सुशासन है और यही सच्चा सामाजिक न्याय है। गरीबी पर विजय और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते दशक में करोड़ों भारतीयों ने गरीबी को परास्त किया है। 2014 से पहले केवल करीब 25 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में थे। आज यह संख्या बढ़कर लगभग 95 करोड़ तक पहुंच चुकी है।प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से हजारों करोड़ रुपये सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे हैं। पहले बैंक खाते और बीमा कुछ ही लोगों के होते थे, हमारी सरकार ने अंतिम व्यक्ति तक बीमा सुरक्षा पहुंचाने का बीड़ा उठाया था। इसके लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना बनाई। इससे मामूली प्रीमियम पर 2 लाख तक का इलाज सुनिश्चित हुआ। आज स्कीम से 25 करोड़ से ज्यादा गरीब जुड़े हैं। इसी तरह दुर्घटना बीमा के अंतर्गत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना चल रही है। इससे भी करीब 55 करोड़ गरीब जुड़े हैं। ये पहले बीमा के बारे में सोच भी नहीं सकते थे। इन योजनाओं से करीब 25 हजार करोड़ रुपए का क्लेम सामान्य गरीब परिवारों तक पहुंचा है। संकट के समय यह पैसा गरीब परिवारों के काम आया।  

बिना भेदभाव विकास ही असली सेकुलरिज्म, योजनाओं को लेकर पीएम का बड़ा संदेश

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने के बाद कहा कि बिना भेदभाव सभी को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। यही असली सेकुलरिज्म है। राजधानी लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने यहां बनी तीन विभूतियों पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीन दयाल उपाध्याय की कांस्य की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। प्रतिमाओं पर पुष्प डालकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मूर्तियों का अनावरण करने के बाद पीएम मोदी भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद म्यूजियम पहुंचे। यहां तीनों महापुरुषों के जीवन पर केंद्रित चलचित्र को देखा। मंच पर पीएम मोदी के पहुंचते ही वंदेमातरम से स्वागत किया गया। सीएम योगी ने अटल जी की मूर्ति देकर पीएम मोदी का अभिनंदन किया। पीएम मोदी के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, यूपी भाजपा के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के साथ ही दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। यहां से मंच पर पहुंचे और प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने कहा कि यूपी में सुहेलदेव का स्मारक तब बना जब भाजपा की सरकार बनीं। राजा महेंद्र प्रताप सिंह से लेकर चौरीचौरा के शहीदों को भाजपा की सरकार ने ही पूरी श्रद्धा से याद किया। परिवारवादियों की सरकार की विशेष पहचान होती है। दूसरो की लकीर छोटी करने की सोच ने ही भारत में राजनीति को दूषित किया है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने भाजपा को अछूत बनाए रखा लेकिन हमने सभी का सम्मान करना सिखाते हैं। पिछले 11 वर्षों में नरसिंहराव और प्रणव बाबू को भारत रत्न दिया गया। यह हमारी सरकार है जिसने मुलायम सिंह और तरुण गोगोई जैसे नेताओं को सम्मान दिया है। यहां सपा से कोई ऐसा उम्मीद भी नही कर सकता है। इनके राज में भाजपा नेताओं को केवल अपमान ही मिलता था। पीएम मोदी ने कहा कि हमें नहीं भूलना चाहिए कि आजादी के बाद कैसे एक ही परिवार के गुणगान की परंपरा चली है। एक ही परिवार की मूर्तियां, एक ही परिवार की किताब बनाई गई। आज हमारी सरकार हर किसी को सम्मान दे रही है। आज नेताजी की प्रतिमा दिल्ली में है। दिल्ली में कांग्रेस के शाही परिवार ने अपमान किया। यही काम सपा ने यहां किया। भाजपा ने आंबेडकर की विरासत को मिटने नहीं दिया। आजादी के बाद से ही सरदार पटेल के कद को छोटा करने का काम किया। भाजपा ने सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाई। पीएम मोदी ने कहा कि यूपी एक्सप्रेसवे के रूप में पहचान बना रहा है। अटल जी ने ही दिल्ली में मेट्रो की शुरुआत की थी। आज मेट्रो देशभर में फैल रहा है। अटल जी, दीनदयाल, श्यामा प्रसाद की प्रेरणा विकसित भारत का बहुत बड़ा आधार है। इन्ही प्रतिमाएं हमें उर्जा दे रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बिना भेदभाव सभी को पक्का घाट, बिजली, शौचालय, गैस मिल रहा है। यही असली सेकुलरिज्म है। करोड़ों भारतीयों ने गरीबी को हराया है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि भाजपा सरकार ने जो पीछे छूट गया था, उसे प्राथमिकता दी है। जो अंतिम पंक्ति में था, उसे प्राथमिकता दी है। पहले 25 करोड़ समाजिक सुरक्षा में थे और 85 करोड़ को लाभ मिल रहा है। पहले बैंक खाते कुछ ही लोगों के होते थे। उसी तरह बीमा भी कुछ ही लोगों को मिलता था। हमारी सरकार ने अंतिम व्यक्ति तक बीमा पहुंचाया गया है। आज इस स्कीम से 25 करोड़ से ज्यादा गरीब जुड़े हैं। पीएम मोदी ने कहा कि डॉक्टर मुखर्जी ने ही दो विधान… को खारिज किया था। जम्मू कश्मीर में यह व्यवस्था भारत की अखंडता के लिए चुनौती थी। हमारी सरकार को धारा 370 की दीवार को गिराने का सौभाग्य मिला। स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री के रूप मे भारत को औद्योगिक नीति दी। उसी नीति को हम नई बुलंदी दे रहे हैं। मेड इन इंडिया का सामान पूरी दुनिया में पहुंच रहा है। एक तरफ एक जनपद एक उत्पाद का अभियान चल रहा है। छोटी-छोटी इकाइयों का सामार्थ्य बढ़ रहा है। दूसरी तरफ डिफेंस कॉरिडोर के द्वारा आत्मसम्मान बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर पहले कूड़े का ढेर जमा था। उसे खत्म करने वालों को बहुत बहुत बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि यह राष्ट्र प्रेरणा स्थल संदेश देता है कि हमारा हर प्रयास राष्ट्र निर्माण के लिए सम्मिलित है। सभी का प्रयास ही विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह राष्ट्र प्रेरणा स्थल उस सोच का प्रतीक है जिसने भारत को आत्म सम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाया है। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय जी और अटल जी की प्रतिमाएं जितनी ऊंची हैं, उससे मिलने वाली प्रेरणा उससे भी ऊंची हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती का अद्भुत संयोग लेकर आता है। दोनों ने राष्ट्र सेवा में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। आज ही महाराजा बिजली पासी की भी जन्म जयंती है। लखनऊ का प्रसिद्ध बिजली पासी ने वीरता और सुशासन की जो विरासत छोड़ी उसे हमारे पासी समाज ने गौरव केसाथ आगे बढ़ाया। यह भी संयोग है कि अटल जी ने ही महाराजा बिजली पासी के सम्मान में डाक टिकट जारी किया था। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरूआत तीन बात भारत माता की जय के साथ की। उन्होंने कहा कि यह लखनऊ की धरती नई प्रेरणा की साक्षी बन रही है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने लोगों को क्रिसमस की बधाई भी दी। कहा कि क्रिसमस का उत्सव सभी के जीवन में खुशियां लाए, यह सभी की कामना है।

प्रधानमंत्री मोदी का क्रिसमस संदेश: दया, उम्मीद और समाज में सामंजस्य का आग्रह

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोगों को क्रिसमस की हार्दिक बधाई दी. इस मौके पर शांति, दया और उम्मीद की कामना की. X पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने लिखा, "सभी को शांति, दया और उम्मीद से भरे क्रिसमस की शुभकामनाएं. ईसा मसीह की शिक्षाएं हमारे समाज में मेलजोल को मजबूत करें." PM के संदेश में ईसा मसीह की शिक्षाओं से जुड़े प्यार, सेवा और भाईचारे के हमेशा रहने वाले मूल्यों और सामाजिक मेलजोल और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने में उनकी अहमियत पर जोर दिया गया. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहाकि देश भर के शहरों को रोशनी, घंटियों और फूलों की मालाओं से सजाया गया है, क्योंकि लोग क्रिसमस की खुशी में डूबे हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में क्रिसमस की सुबह की प्रार्थना में हिस्सा लिया. PM नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "दिल्ली में द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में क्रिसमस की सुबह की सर्विस में शामिल हुआ. सर्विस में प्यार, शांति और दया का हमेशा रहने वाला संदेश दिखा. क्रिसमस की भावना हमारे समाज में मेलजोल और सद्भावना जगाए." प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने भी X पर एक पोस्ट शेयर करके अपनी शुभकामनाएं दीं. अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "क्रिसमस के इस पावन मौके पर, मैं सभी देशवासियों, खासकर ईसाई समुदाय के भाइयों और बहनों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देती हूं. क्रिसमस, खुशी और उत्साह का त्योहार है, जो प्यार और दया का संदेश देता है. यह हमें प्रभु यीशु मसीह द्वारा मानवता की भलाई के लिए किए गए बलिदान की याद दिलाता है. यह पवित्र मौका हमें समाज में शांति, सद्भाव, बराबरी और सेवा के मूल्यों को और मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है. आइए हम यीशु मसीह के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लें और एक ऐसा समाज बनाने की दिशा में काम करें जो दया और आपसी सद्भाव को बढ़ावा दे." मार्केट के स्टोरफ्रंट को सांता क्लॉज की स्लेज, घंटियों, झालरों, सजावटी मालाओं, चमकते सितारों और क्रिसमस ट्री से सजाया गया है. देश त्योहार की भावना और खुशी से भरा हुआ है, क्योंकि हर कोई आने वाली छुट्टियों की तैयारी कर रहा है. क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर को पड़ता है, और इसे खुशी, आनंद और दया के साथ मनाया जाता है. यह ईसा मसीह के जन्म की निशानी है और शांति, प्यार और मेलजोल का संदेश देता है. इस मौके पर, परिवार खाना खाने, तोहफों का लेनदेन करने, क्रिसमस कैरल गाने और ठंड के मौसम में गर्मी फैलाने के लिए इकट्ठा होते हैं. चर्च में खास प्रार्थना होती है, जिससे विश्वास और उम्मीद का माहौल बनता है. यह त्योहार दुनिया भर में बहुत जोश के साथ मनाया जाता है और ईसाइयों के लिए इसका खास महत्व है.