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PM मोदी 1 फरवरी को पंजाब के डेरा सचखंड बल्लां दरबार में आएंगे

जालंधर. गुरु रविदास महाराज जी की 649वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को पंजाब दौरे पर आएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में नतमस्तक होंगे। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे यहां पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा गुरु रविदास महाराज जी की जयंती के पावन अवसर को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और डेरा प्रबंधन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पीएम मोदी के दौरे को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

अमृत भारत एक्सप्रेस का विस्तार: पीएम मोदी ने शुरू कीं 3 नई ट्रेनें, किन शहरों को मिलेगा फायदा? पूरी डिटेल

तिरुवनंतपुरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 4 नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई, जिसमें 3 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। इनमें नागरकोइल-मंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस, तिरुवनंतपुरम-तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस, तिरुवनंतपुरम-चारलपल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और त्रिशूर-गुरुवायुर पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। यह कार्यक्रम पुथरिकंदम मैदान में आयोजित हुआ, जहां पीएम मोदी ने इन ट्रेनों को वर्चुअल या सीधे फ्लैग ऑफ किया। अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें किफायती किराए पर बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा और आराम प्रदान करती हैं, जो सामान्य मेल/एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों के बीच की खाई को भरती हैं। नई ट्रेन सुविधाओं से दक्षिण भारत में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, खासकर केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच यात्रा आसान बनेगी। इन नई ट्रेनों से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। तिरुवनंतपुरम-तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस तमिलनाडु और केरल के बीच तेज और सुविधाजनक सफर सुनिश्चित करेगी। नागरकोइल-मंगलुरु ट्रेन कर्नाटक तक कनेक्शन बढ़ाएगी। तिरुवनंतपुरम-चारलपल्ली ट्रेन तेलंगाना से केरल को जोड़ेगी। त्रिशूर-गुरुवायुर पैसेंजर ट्रेन भक्तों और यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी, क्योंकि गुरुवायुर मंदिर एक प्रमुख तीर्थस्थल है। पर्यटन क्षेत्र को होगा फायदा, बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि ये पहल केरल के समग्र विकास को गति देंगी और पर्यटन क्षेत्र को फायदा पहुंचाएंगी। उन्होंने कहा, 'आज देश के दूसरे हिस्सों से केरल की रेल कनेक्टिविटी और सशक्त हुई है। थोड़ी देर पहले जिन अमृत भारत एक्सप्रेस रेल को हरी झंडी दिखाई गई है इससे केरल में ईज ऑफ ट्रेवल को बल मिलेगा। इस टूरिज्म सेक्टर को बहुत फायदा होगा।' यह कदम भारतीय रेलवे की अमृत भारत योजना का हिस्सा है, जो आधुनिक सुविधाओं वाली किफायती ट्रेनें शुरू कर यात्रियों को बेहतर अनुभव दे रही है। इससे लाखों यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा सस्ती और आरामदायक मिलेगी। यह दक्षिण भारत में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में अहम प्रयास है।  

जम्मू-कश्मीर हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी का शोक संदेश

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार को एक सड़क हादसे में सेना के 10 जवान शहीद हो गए। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई दिग्गज नेताओं ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि डोडा में हुई दुर्घटना से हम अत्यंत दुखी हैं, जिसमें हमने अपने बहादुर सैनिकों को खो दिया। राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को हम सदा याद रखेंगे। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुई दुखद घटना से मैं अत्यंत व्यथित हूं, जिसमें हमारे वीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए सड़क हादसे में हमारे कई वीर जवानों के दिवंगत होने का समाचार अत्यंत दुःखद है। पूरा देश इस दुःख की घड़ी में अपने वीर सपूतों के परिवारों के साथ खड़ा है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि डोडा में हुए दुखद सड़क हादसे में भारतीय सेना के हमारे बहादुर जवानों की जान जाने से मैं बेहद दुखी हूं। देश उनकी निस्वार्थ सेवा को सदा याद रखेगा। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी घटना को लेकर दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए सड़क हादसे में हमारे कई बहादुर जवानों की असामयिक मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदयविदारक और असहनीय पीड़ा देने वाला है। राष्ट्र उनकी कर्तव्यनिष्ठा का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दुःखद घड़ी में मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहन संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो। ॐ शांति। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुई हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में भारतीय सेना के 10 वीर जवानों के देहावसान से मन अत्यंत व्यथित और स्तब्ध है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। दुर्घटना में घायल जवानों का उपचार जारी है, ईश्वर से प्रार्थना है कि वे शीघ्र स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि जो वीर जवान इस दुर्घटना में शहीद हुए हैं, भगवान उनकी पुण्य आत्माओं को शांति प्रदान करें। इस कठिन घड़ी में पूरा देश अपने सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।

भाजपा की पहचान पर जोर, काजीरंगा परियोजना में विकास और संरक्षण का संदेश

कालियाबोर (असम) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के काजीरंगा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कालियाबोर–नुमालीगढ़ सेक्शन की 4-लेनिंग परियोजना, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने काजीरंगा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए असम की सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और भाजपा सरकार की नीतियों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताए गए पल उनके जीवन के सबसे खास अनुभवों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम और अगली सुबह एलिफेंट सफारी के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को बेहद करीब से महसूस किया। उन्होंने कहा कि असम आकर उन्हें हमेशा एक अलग तरह की खुशी मिलती है। यह धरती वीरों की धरती है और हर क्षेत्र में प्रतिभा दिखाने वाले बेटे-बेटियों की भूमि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष वे झुमोइर महोत्सव में शामिल हुए थे और इस बार माघ बिहू के अवसर पर असम आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए लगातार यहां आने से भाजपा सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र को और मजबूती मिली है। राजनीतिक संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। बीते एक-डेढ़ वर्षों में पार्टी पर देश का भरोसा लगातार बढ़ा है। उन्होंने बिहार चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 वर्षों बाद भी वहां जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट और सीटें दी हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे देश के सबसे बड़े नगर निगम में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश मिला है। उन्होंने कहा, “जीत मुंबई में हो रही है और जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के सभी चुनाव परिणामों का संदेश साफ है—देश का मतदाता आज गुड गवर्नेंस और विकास चाहता है। वह विकास के साथ-साथ विरासत पर भी फोकस करता है, इसलिए भाजपा को चुनता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ, वहां आज वह चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बनकर रह गई है। पर्यावरण संरक्षण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है, जिससे होम स्टे, गाइड सेवाओं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने असम सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक समय काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं बड़ी चिंता थीं। 2013-14 में दर्जनों एक सींग वाले राइनो मारे गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, वन विभाग को आधुनिक संसाधन दिए और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई। इसका परिणाम यह रहा कि 2025 में राइनो के शिकार की एक भी घटना सामने नहीं आई। नॉर्थ ईस्ट के विकास पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पीड़ा दूरी की रही है—दिलों की दूरी और स्थानों की दूरी। दशकों तक यहां के लोगों को लगता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने इस भावना को बदला और नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता दी। रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज के जरिए असम को देश से जोड़ने का काम तेज़ी से किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में असम को जहां लगभग 2000 करोड़ रुपये का रेल बजट मिलता था, वहीं भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देंगी।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी; प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कीं 2 अमृत भारत ट्रेनें, क्या होगा खास

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के नगांव जिले में 6,957 करोड़ रुपये की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी और 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। असम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में गुवाहाटी से कलियाबोर पहुंचे मोदी ने काजीरंगा परियोजना के भूमि पूजन में हिस्सा लिया। एक अधिकारी ने कहा कि यह कॉरिडोर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभ्यारण्य के निकट वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया जाएगा, जबकि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।   यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कलियाबोर-नुमलिगढ़ खंड को चौड़ी करने के लिए जारी परियोजना का हिस्सा है। इसमें करीब 34.45 किलोमीटर मीटर लंबा एलिवेटेड और वन्यजीवों के अनुकूल कॉरिडोर होगा, साथ ही जखलाबंधा और बोकाखत में बाईपास भी बनाए जाएंगे। पीएम मोदी ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के एक मॉडल का भी निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ने 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों (डिब्रूगढ़-गोमती नगर और कामाख्या-रोहतक) को भी डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। किन लोगों को होगी अधिक सुविधा सीनियर अधिकारी ने कहा कि ये ट्रेन असम और पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार लाएंगी, यात्रा का समय कम होगा, और आधुनिक यात्री सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री ने इससे पहले एक पोस्ट में कहा कि वह असम के कलियाबोर में प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज मैं कालियाबोर, असम के काजीरंगा में 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर समेत प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन को लेकर उत्सुक हूं। इससे विशेष रूप से मानसून के दौरान जानवरों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।'  

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को PM मोदी ने दी हरी झंडी, राजधानी के मुकाबले सुपर फास्ट

नईदिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है. पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंट लग जाते हैं. इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा. इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है. गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा और खास कदम माना जा रहा है. अब तक वंदे भारत ट्रेनें सिर्फ चेयरकार में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा पूरी तरह बदलने वाली है. खासकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत होगी, जो रात में आरामदायक और तेज सफर चाहते हैं. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में क्या-क्या सुविधा? वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके इंटीरियर को भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन दिया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा. बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर भी थकाने वाला न लगे. स्वच्छता और हेल्थ को लेकर वंदे भारत स्लीपर में खास इंतजाम किए गए हैं. इसमें डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, कोच में यूवीसी तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती है. यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है. यानी अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. रेल हादसों से सुरक्षा देगा कवच सुरक्षा के मामले में भी यह ट्रेन काफी एडवांस है. इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है. इसके अलावा, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी दी गई है, जिससे किसी भी परेशानी की स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ से बात कर सकेंगे. ड्राइवर के केबिन में भी आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं. ट्रेन का बाहरी लुक भी काफी आधुनिक और एयरोडायनामिक होगा. इसका फायदा यह होगा कि ट्रेन ज्यादा स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत भी कम होगी. इसके दरवाजे ऑटोमैटिक होंगे, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे. राजधानी से भी तेज रफ्तार अगर रफ्तार की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इस ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं भी मिलेंगी. सफर के दौरान हाई क्वालिटी कंबल, कवर और एडवांस्ड बेडरोल दिए जाएंगे. साथ ही यात्रियों के लिए कैटरिंग सर्विस भी उपलब्ध होगी, जिससे खाने-पीने की सुविधा रहेगी. आराम का खास ध्यान रखते हुए ट्रेन में बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनोमिक बर्थ लगाई गई हैं और शोर कम करने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि रात की यात्रा शांत और सुकून भरी हो. सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में मौजूद रहेंगे, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके. वंदे भारत स्लीपर, चेयर कार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेमी हाई-स्पीड है और इसमें कुल 16 कोच हैं: 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी। कुल 823 यात्री इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है और 958 किलोमीटर का सफर सिर्फ 14 घंटे में पूरा होगा। इसमें बस कन्फर्म टिकट मिलेंगे, RAC या वेटिंग लिस्ट नहीं। क्या बिहार में रुकेगी ट्रेन ? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह ट्रेन बिहार में रुकेगी या बिहार के किसी स्टेशन से होकर गुजरेगी? बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले यह चर्चा जरूर थी कि पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पटना–दिल्ली के बीच चलेगी, लेकिन फिलहाल उसका रूट बदल दिया गया है। रेलवे की ओर से बिहार में ठहराव या गुजरने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। भविष्य में रूट विस्तार या ठहराव जोड़े जाने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है, लेकिन अभी बिहार के यात्रियों को इस ट्रेन का सीधा लाभ नहीं मिलेगा। आधुनिक और लग्जरी सुविधाएं     आरामदायक स्लीपर बेड और बेहतर कुशनिंग     ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए नई डिजाइन वाली सीढ़ी     ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे     सुरक्षा के लिए KAVACH एंटी-कोलिजन सिस्टम     हर कोच में CCTV, इमरजेंसी टॉक-बैक और फायर डिटेक्शन     बायो-वैक्यूम टॉयलेट और टच-फ्री फिटिंग्स     क्षेत्रीय खाने की कैटरिंग (बंगाली और असमिया व्यंजन)     कोच की कीटाणुमुक्त सफाई और डिसइन्फेक्टेंट तकनीक वंदे भारत स्लीपर का किराया     AC थ्री-टियर: ₹2,000–₹2,300     AC टू-टियर: ₹2,500–₹3,000     फर्स्ट AC: ₹3,000–₹3,600 राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ी महंगी, लेकिन तेज और आरामदायक सफर। रूट और प्रमुख स्टेशन्स हावड़ा से कामाख्या के बीच ट्रेन रुकेगी इन स्टेशनों पर: बंदेल, नवद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, अलुआबारी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू कूच बिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोंगाईगांव, रंगिया। टाइम शेड्यूल     हावड़ा से रवाना: शाम 6:20 बजे     कामाख्या पहुंचने का समय: सुबह 8:20 बजे     वापसी: कामाख्या से शाम 6:15 बजे, हावड़ा सुबह 8:15 बजे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि साल 2026 में और भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू होंगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा और भी आसान और आरामदायक होगी।  

बीजेपी अध्यक्ष चुनाव में नितिन नबीन के प्रस्तावक बनेंगे पीएम मोदी, निर्विरोध जीत की संभावना

 नई दिल्ली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अब पार्टी के स्थायी अध्यक्ष बनने जा रहे हैं. वो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की जगह कार्यकार संभालेंगे. मकर संक्रांति के बाद बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. नितिन नबीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे. नितिन नबीन के नामांकन में प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री भी नितिन नबीन के नामांकन में प्रस्तावक होंगे. सूत्रों की माने तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ नितिन नबीन ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे और उनके के खिलाफ कोई भी नेता नामांकन नहीं भरेगा. ऐसे में नितिन नबीन का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है. मकर संक्रांति के बाद अध्यक्ष का चुनाव मकर संक्रांति गुरुवार को है, उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के दो-तीन के बाद बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा. इसके बाद नितिन नबीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे. इस दौरान पीएम मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह सहित बीजेपी के तमाम बड़े नेता उनके प्रस्तावक होंगे. केंद्रीय मंत्री, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष और पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी चुनाव नतीजे की घोषणा के दौरान अध्यक्ष पद का चुनाव होगा. नितिन नबीन के लिए प्रस्तावकों और उसका समर्थन करने वाले लोगों के हस्ताक्षरों के साथ नामांकन पत्र के कई सेट बनाने की तैयारियां चल रही हैं.

पोंगल समारोह में पीएम मोदी ने की भागीदारी, कहा- यह त्योहार तमिलनाडु तक सीमित नहीं, पूरे देश का हिस्सा है

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के सरकारी आवास पर आयोजित हुए पोंगल समारोह में शामिल हुए. उन्होंने वहां मौजूद सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उसके बाद गौसेवा भी की. उन्होंने तमिल संस्कृति की समृद्ध विरासत पर जोर देते हुए कहा कि यह सिर्फ तमिलनाडु तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की साझा विरासत है. राष्ट्रीय राजधानी में एल मुरुगन के आवास पर पोंगल उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल जैसे त्योहार 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत करते हैं. वहीं, इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके सभी देशवासियों को मकर संक्रांति, भोगली बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं भी दीं. उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ये पर्व आप सबके साथ मनाना मेरे लिए काफी सौभाग्य की बात है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल अब एक वैश्विक त्योहार बन गया है और कहा कि उन्हें इसके जश्न का हिस्सा बनकर खुशी हुई. उन्होंने कहा कि यह त्योहार किसानों की कड़ी मेहनत को दिखाता है और प्रकृति, पृथ्वी और सूरज के प्रति आभार जताता है. पूरी दुनिया में तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति को पसंद करने वाले लोग इसे बहुत उत्साह से मनाते हैं, और मैं भी उनमें से एक हूं. आप सभी के साथ यह खास त्योहार मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. हमारी जिंदगी में पोंगल एक सुखद अनुभव की तरह है. इसके साथ ही, यह त्योहार हमें प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाए रखने का रास्ता दिखाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान लोहड़ी, मकर संक्रांति और माघ बिहू जैसे त्योहारों के लिए देश भर में बड़े उत्साह का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में लोहड़ी, मकर संक्रांति, माघ बिहू और कई दूसरे त्योहारों को लेकर भी बहुत उत्साह है. मैं भारत और दुनिया भर में रहने वाले तमिल भाइयों और बहनों को पोंगल और इन सभी त्योहारों की दिल से बधाई देता हूं. बता दें, पोंगल, दुनिया भर में तमिल लोगों के लिए सबसे खास त्योहारों में से एक है. यह प्रकृति, सूरज, खेत के जानवरों और किसानों को धन्यवाद देने का त्योहार है. इसे पारंपरिक रूप से परिवार के त्योहार के तौर पर मनाया जाता है, जो खुशहाली, शुक्रिया और साथ रहने का प्रतीक है. इस त्योहार को आसान बनाने के लिए, तमिलनाडु सरकार ने पहले सभी योग्य लाभार्थियों के लिए एक किलो कच्चा चावल, एक किलो चीनी और एक पूरा गन्ना वाला पोंगल गिफ्ट पैकेज देने की घोषणा की थी. पीएम मोदी ने इस संबंध में देशवासियों के नाम एक लेटर भी लिखा. जिसमें उन्होंने लिखा कि फसल से जुड़े यह पर्व आशा, सकारात्मकता और कृतज्ञता के प्रतीक हैं. मकर संक्रांति देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों और परंपराओं से मनाई जाती है, लेकिन इसके पीछे की भावना और उत्साह सबका एक ही है. 

‘आक्रमणकारी चले गए, आस्था बची रही’— सोमनाथ मंदिर पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

सोमनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 108 अश्वों के साथ निकाली गई भव्य शौर्य यात्रा में भाग लिया। यह यात्रा उन वीर योद्धाओं की स्मृति में निकाली गई, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। यात्रा को साहस, बलिदान और वीरता का प्रतीक बताया गया। शौर्य यात्रा में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इसे अपना बड़ा सौभाग्य मानते हैं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में उन्हें इस स्वाभिमान पर्व की सेवा का अवसर मिला। उन्होंने देश और दुनिया से जुड़े श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए “जय सोमनाथ” का उद्घोष किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह समय, यह वातावरण और यह उत्सव अपने आप में अद्भुत है। एक ओर भगवान महादेव की उपस्थिति, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, मंत्रोच्चार की गूंज और भक्तों की आस्था, यह सब मिलकर इस पर्व को दिव्य बना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गौरव, गरिमा और आध्यात्मिक अनुभूति का संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने 72 घंटे तक चले अनवरत ओंकार नाद और मंत्रोच्चार का उल्लेख किया। पीएम मोदी ने बताया कि ड्रोन शो के जरिए सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्षों के इतिहास को दर्शाया गया, जिसमें वैदिक गुरुकुलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि 108 अश्वों के साथ निकली शौर्य यात्रा, मंत्रों और भजनों की प्रस्तुति अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रही, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। 1000 साल पुराने इतिहास का जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय हमारे पूर्वजों ने अपनी आस्था और विश्वास की रक्षा के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि आक्रांता यह सोचते रहे कि उन्होंने सोमनाथ को नष्ट कर दिया, लेकिन हजार साल बाद भी सोमनाथ मंदिर उसी शान से खड़ा है और भारत की शक्ति का प्रतीक बना हुआ है। 'आक्रांता इतिहास बन गए, सोमनाथ आज भी अडिग' : पीएम पीएम मोदी ने कहा कि गजनी से लेकर औरंगजेब तक जिन आक्रांताओं ने सोमनाथ को नष्ट करने की कोशिश की, वे इतिहास के पन्नों में सिमट गए, लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी सागर तट पर अडिग खड़ा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का अर्थ ही अमरता और शक्ति से जुड़ा है, जो विनाश के बाद भी पुनर्निर्माण का संदेश देता है। सोमनाथ का इतिहास हार नहीं, विजय का है प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश या पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का इतिहास है। उन्होंने बताया कि यह पर्व केवल विध्वंस की याद नहीं, बल्कि हजार वर्षों की यात्रा और भारत के आत्मसम्मान का प्रतीक है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि यह वर्ष विशेष है, क्योंकि एक ओर सोमनाथ पर पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं, वहीं 1951 में हुए मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। आजादी के बाद मंदिर पुनर्निर्माण का विरोध हुआ था प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद कुछ लोगों ने सोमनाथ जैसे पवित्र स्थलों से दूरी बनाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ इतिहासकारों और नेताओं ने आक्रांताओं के अत्याचारों को छिपाने का प्रयास किया और धार्मिक हमलों को केवल लूट तक सीमित बताया गया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा सोमनाथ के पुनर्निर्माण की घोषणा का भी विरोध हुआ था और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मंदिर आने पर भी आपत्तियां जताई गई थीं। 'आज भी भारत को बांटने की ताकतें सक्रिय' : पीएम पीएम मोदी ने कहा कि जो ताकतें पहले तलवारों से हमला करती थीं, वे आज अलग-अलग रूपों में भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश को एकजुट और सतर्क रहकर ऐसी साजिशों का मुकाबला करना होगा। भारत ने दिल जीतने का रास्ता दिखाया प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत की सभ्यता घृणा नहीं, बल्कि प्रेम और सृजन का मार्ग दिखाती है। भारत ने दुनिया को दूसरों को मिटाकर आगे बढ़ना नहीं, बल्कि लोगों का दिल जीतना सिखाया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का हजार साल का इतिहास हमें आने वाले हजार वर्षों के लिए भी प्रेरणा देता रहेगा।  

17 जनवरी को PM मोदी करेंगे पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन, साथ ही 6 नई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत

 नई दिल्ली  देश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। ये ट्रेन कोलकाता और गुवाहाटी के बीच चलेगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुभारंभ के साथ छह नई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत भी की जा रही है। यात्रियों के लिए इन ट्रेनों की सेवाएं 17 और 18 जनवरी से मिलने लगेंगी। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन प्रधानमंत्री मोदी 17 जनवरी को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेन सप्ताह में 6 दिन कामाख्या और हावड़ा जंक्शन के बीच चलेगी। यात्रियों के लिए 6 नई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत भी की जा रही है।     16107/16108 ताम्बरम से संतरागाछी     16597/16598- सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु से अलीपुरद्वार जंक्शन     16523/16524- सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु से बालुरघाट     16223/16224- सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु से राधिकापुर     20603/20604- न्यू जलपाईगुड़ी से नागरकोइल     20609/20610- न्यू जलपाईगुड़ी से तिरुचिरापल्ली 52 हफ्तों में 52 सुधार दिल्ली में आयोजित हुए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साल 2026 में भारतीय रेलवे में कई बड़े सुधार होने वाले हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर नए तरीकों और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। रेल मंत्री ने आगे कहा कि इस साल 52 हफ्तों में 52 सुधार पेश किए जाएंगे, जिससे आने वाले दिनों में भारतीय रेलवे का एक नया रूप देखने को मिले। ट्रेनों में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के लिए एक नया स्ट्रक्चरल तरीका लाया जाएगा। इसके लिए AI का इस्तेमाल भी बड़े पैमाने पर किया जाएगा।