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सांसद खेल महोत्सव का ग्रैंड फिनाले 24 दिसंबर को, 5 हजार खिलाड़ियों की भिड़ंत, पीएम मोदी करेंगे ऑनलाइन संबोधित

रायपुर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव 2025 अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में है। इस महोत्सव का मेगा फाइनल एवं समापन समारोह 23 दिसंबर (मंगलवार) से 25 दिसंबर 2025 तक विभिन्न खेल स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। मेगा फाइनल में लगभग पांच हजार खिलाड़ी भाग लेंगे। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिट इंडिया खेलो इंडिया की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बन चुका है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभाओं- रायपुर दक्षिण, रायपुर पश्चिम, रायपुर उत्तर, रायपुर ग्रामीण, आरंग, अभनपुर, धरसीवा, भाटापारा एवं बलौदा बाजार से 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों की सहभागिता ने इस आयोजन को अभूतपूर्व जनसमर्थन प्रदान किया और देशभर में पहचान दिलाई है। 24 दिसंबर को होगा मेगा फाइनल उन्होंने बताया कि 21 सितंबर 2025 से संकुल, जोन एवं ब्लॉक स्तर पर प्रारंभ हुई प्रतियोगिताओं के बाद अब 23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल आयोजित किया जा रहा है। मेगा फाइनल एवं अंतिम चरण की प्रतियोगिताएं नेताजी सुभाष स्टेडियम, मोतीबाग रायपुर, सप्रे शाला वॉलीबॉल मैदान, जे.एन. पाण्डेय स्कूल और  तैराकी प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी। दिल्ली सांसद व गायक मनोज तिवारी देंगे सांस्कृतिक प्रस्त्तुति 23 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में माननीय विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मेगा फाइनल प्रतियोगिता का उद्घाटन होगा। 24 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के सांसद एवं लोकप्रिय गायक मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जिससे युवाओं एवं आमजन में विशेष उत्साह का संचार होगा। वो सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्त्तुति भी देंगे। 25 दिसंबर  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन 25 दिसंबर  को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस "सुशासन दिवस" के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन प्रस्तावित है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगी। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता के तीनों दिन विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान राज्य का नाम देश-विदेश में रोशन करने वाले खिलाड़ियों एवं खेल अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिये  रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें खेल संघों, नगर निगम, जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के लगभग 1500 कर्मचारी, अधिकारी, व्यायाम शिक्षक एवं खेल अधिकारी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। केवल खेल नहीं, सामाजिक एकता का है जन आंदोलन: सांसद बृजमोहन अग्रवाल उन्होंने जनता से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आयोजन में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है साथ अभी तक हुए आयोजन के सफल प्रचार प्रसार के लिए मीडिया का आभार जताया है। सांसद अग्रवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक एकता का जन आंदोलन है। 'पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम' उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव में पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम देखने को मिला है। कुश्ती, खो-खो, गेड़ी-दौड़, भारोत्तोलन, फुगड़ी, रस्सी कूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, रस्सा-कसी, शरीर शौष्ठव एवं तैराकी सहित 13 खेल विधाओं में 19 वर्ष से कम एवं अधिक आयु वर्ग, महिला एवं पुरुष वर्ग के हजारों खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ भाग लेकर इस महोत्सव को ऐतिहासिक बनाया है।

भारत-न्यूजीलैंड में ऐतिहासिक समझौता, निवेश के नए रास्ते खुले

नई दिल्ली वैश्विक व्यापार मोर्चे पर भारत ने बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की है. भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच बड़ा व्यापारिक समझौता हुआ है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच टेलीफोन बातचीत हुई थी, जिसके दौरान भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संयुक्त घोषणा की गई. यह समझौता न सिर्फ दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि अमेरिका की संरक्षणवादी व्यापार नीतियों के दौर में भारत की वैकल्पिक वैश्विक साझेदारियों को भी मजबूत करता है. मात्र 9 महीनों में पूरा हुआ ऐतिहासिक समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए पर बातचीत की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी, जब प्रधानमंत्री लक्सन भारत दौरे पर आए थे. महज 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में इस मुक्त व्यापार समझौते का पूरा होना दोनों देशों की राजनीतिक इच्छाशक्ति और रणनीतिक समझ को दर्शाता है. पांच साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि एफटीए के लागू होने के बाद अगले पांच वर्षों में मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जाएगा. इससे भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार और सप्लाई चेन सहयोग को नई गति मिलेगी. 15 साल में भारत में 20 मिलियन डॉलर का निवेश इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा. यह निवेश कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में अवसर पैदा करेगा. भारत का सातवां बड़ा FTA, वैश्विक नेटवर्क मजबूत न्यूजीलैंड के साथ यह समझौता पिछले कुछ वर्षों में भारत का सातवां प्रमुख FTA है. इससे पहले भारत ओमान, UAE, यूके, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और EFTA देशों (यूरोपीय फ्री ट्रेड ब्लॉक) के साथ ऐसे समझौते कर चुका है. यह श्रृंखला दिखाती है कि भारत तेजी से एक भरोसेमंद वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में उभर रहा है.

पीएम मोदी–अमित शाह के साथ नीतीश कुमार की बैठक, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले  मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। इस दौरान राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी साथ में मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने इस संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। सम्राट चौधरी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि बिहार में NDA को मिले भारी जनादेश के बाद आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। पीएम मोदी के निर्देशन और नेतृत्व में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी मिला। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से कर रही काम सम्राट चौधरी ने अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में NDA की बड़ी जीत के बाद, देश के यशस्वी गृह और सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिला। डबल इंजन सरकार "विकसित बिहार" के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। बता दें सीएम नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

डिब्रूगढ़ से पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला: असम में बांग्लादेशी घुसपैठ पर कही बड़ी बात, यूरिया प्लांट का लोकार्पण

गुवाहाटी पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय असम के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी स्थित ‘स्वाहिद स्मारक क्षेत्र’ में असम आंदोलन के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद डिब्रूगढ़ में अमोनिया-यूरिया प्लांट का उद्घाटन किया, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन होगी। यह यूनिट 2030 तक चालू हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती थीं। जो काम कांग्रेस को उस समय करना था, उसने नहीं किया। इसलिए मुझे एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ रही है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को कांग्रेस ने ही बसाया है और कांग्रेस ही उन्हें बचा रही है। SIR का विरोध कर रही है। तुष्टिकरण और वोट बैंक के इस कहर से हमें असम को बचाकर रखना है। मैं आपको गारंटी देता हूं कि असम की पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए भाजपा फौलाद बनकर खड़ी है। इससे पहले पीएम ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज पर 25 बच्चों के साथ करीब 45 मिनट परीक्षा पे चर्चा भी की। मोदी ने नामरूप में ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्प लिमिटेड (BVFCL) के मौजूदा परिसर में नए फर्टिलाइजर यूनिट की आधारशिला रखी। ANI के मुताबिक गुवाहाटी दौरे पर परीक्षा पर चर्च कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री ने असम के 25 प्रतिभाशाली छात्रों से बात करेंगे. यह बातचीत ब्रह्मपुत्र नदी में चल रहे एक क्रूज पर आयोजित की जाएगी. असम आंदोलन (1979-1985) ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और ऑल असम गण संग्राम परिषद के नेतृत्व में चला था. इसका मुख्य उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर करना था. इस आंदोलन के दौरान व्यापक प्रदर्शन, हड़तालें और पुलिस कार्रवाई हुईं, जिसमें सैकड़ों लोग शहीद हो गए. आंदोलन का समापन 1985 में असम समझौते के साथ हुआ, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने हस्ताक्षर किए थे.

फोन पर संबोधन: पीएम मोदी ने रैली में न पहुंच पाने पर बंगालवासियों से जताया खेद

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के ताहिरपुर में रैली में पीएम मोदी खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच पाए। उनका हेलीकॉप्टर खराब मौसम की वजह से वहां लैंड नहीं कर पाया। इसके बाद पीएम मोदी ने फोन के जरिए रैली को संबोधित किया और फिर जनता से माफी मांगते हुए कहा कि मैं वहां आ ही गया था लेकिन खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच पाया। पीएम ने अपनी बात को पूरा करते हुए कहा कि जब वह वहां आएंगे तो फिर पूरी तरह से बंगाल के विजन के ऊपर जनता से बात करेंगे।   प्रधानमंत्री मोदी ने फोन के जरिये रैली को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस उनका और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का चाहे जितना विरोध करे लेकिन पश्चिम बंगाल की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। उनकी सरकार का उद्देश्य पिछड़ेपन से जूझ रहे बंगाल के दूर-दराज के इलाकों तक आधुनिक संपर्क सुविधाएं सुनिश्चित करना है। पीएम मोदी ने हाल के समय में बिहार चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार चुना के नतीजों ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए रास्ते खोल दिए हैं। उन्होंने बिहार की जनता से कहा कि वह एक बार राज्य में डबल इंजन सरकार बनाने का अवसर दें। पीएम ने कहा कि वह राज्य के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ममता सरकार पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों का समर्थन कर रही है। ममता दीदी एसआईआर का विरोध कर रही हैं क्योंकि वह घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं और इन घुसपैठियों की पहचान को छिपाना चाहती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की जनता को त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि त्रिपुरा में एक समय तक वामपंथियों का शासन था, जिनके राज्य में त्रिपुरा लगातार पिछड़ता चला गया है। अब, जब से वहां पर भाजपा की डबल इंजन की सरकार आई है, तभी से त्रिपुरा तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल पिछड़ रहा है। पीएम ने कहा, “त्रिपुरा में भी वामपंथियों का शासन था, वह गए और भाजपा की डबल इंजन की सरकार आई, इसके बाद आप देखिए कि त्रिपुरा लगातार आगे बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल में भी वामपंथियों का शासन था। उनके जाने के बाद लगा कि अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तृणमूल कांग्रेस ने वामपंथियों के रास्ते पर चलते हुए, उनके ही लोगों को अपने में समाहित कर लिया और बंगाल का हाल और भी ज्यादा बुरा कर दिया।” इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि वह रैली स्थल पर पहुंचने वाले थे, लेकिन मौसम ने ऐसा नहीं होने दिया। ऐसे में वह जल्दी ही एक बार फिर से नादिया आएँगे और जनता के सामने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए अपने विजन को रखेंगे। इससे पहले पीएम मोदी खराब मौसम की वजह से रैली स्थल पर नहीं पहुंच पाए। बाद में खबरें आईं थी कि पीएम मोदी सड़क के रास्ते रैली स्थल पर पहुंच सकते हैं, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। पीएम के न आने की खबर सुनकर वहां मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा संभाल लिया गया।

ख़राब मौसम के कारण पीएम मोदी की बंगाल रैली प्रभावित, लौटे कोलकाता

ताहिरपुर पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर ताहिरपुर में उतर नहीं पाया। अधिकारियों के मुताबिक कम दृष्यता की वजह से विमान लैंड नहीं कर पाया और उसे वापस कोलकाता लौटना पड़ा। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी के सड़क मार्ग के जरिए रैली स्थल पर पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर हेलीपैड के ऊपर कुछ समय तक घूमा और फिर कोलकाता हवाई अड्डे लौट आया। अंतिम खबर मिलने तक प्रधानमंत्री हवाई अड्डे पर मौसम की स्थिति पर आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि मोदी सड़क मार्ग से ताहिरपुर में स्थित रैली स्थल तक पहुंचेंगे या फिर मौसम साफ होने का इंतजार कर हेलीकॉप्टर से रवाना होने का एक और प्रयास करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:40 बजे कोलकाता पहुंचे और फिर हेलीकॉप्टर से नदिया जिले के ताहिरपुर के लिए रवाना हुए। ताहिरपुर पहुंचकर वह पश्चिम बंगाल में राजमार्ग परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इसके बाद भाजपा की राजनीतिक रैली ‘परिवर्तन संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे।

अरावली पर मंडराते खतरे पर सियासी पहल, विधायक भाटी ने पीएम से की नीति बदलने की मांग

बाड़मेर अरावली पर्वतशृंखला के संरक्षण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट की हालिया व्याख्या के आधार पर अपनाई जा रही 100 मीटर ऊंचाई संबंधी प्रशासनिक नीति पर पुनर्विचार की मांग की है। विधायक ने इसे केवल कानूनी व्याख्या का विषय नहीं, बल्कि उत्तर भारत के पर्यावरणीय भविष्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न बताया है।   अरावली का ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व पत्र में विधायक भाटी ने उल्लेख किया कि अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक है, जिसकी आयु लगभग 2.5 अरब वर्ष मानी जाती है। लगभग 692 किलोमीटर लंबी यह पर्वतमाला राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से होकर गुजरती है, जिसमें करीब 80 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में स्थित है और यह राज्य के 15 जिलों को आच्छादित करती है। उन्होंने अरावली को राजस्थान की लाइफलाइन बताते हुए इसे मरुस्थलीकरण के विरुद्ध प्राकृतिक सुरक्षा कवच बताया।   100 मीटर व्याख्या से संरक्षण पर खतरे की आशंका विधायक भाटी ने चिंता जताई कि 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को पहाड़ न मानने की प्रवृत्ति से अरावली का बड़ा हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो सकता है। उन्होंने फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़ों का हवाला देते हुए लिखा कि राजस्थान की 12,081 पहाड़ियों में से केवल 1,048 ही 100 मीटर से अधिक ऊंची हैं। इस स्थिति में नई व्याख्या लागू होने पर अरावली की लगभग 90 प्रतिशत पहाड़ियां संरक्षण से वंचित हो सकती हैं, जिससे खनन और अनियंत्रित निर्माण गतिविधियों का खतरा बढ़ेगा।   जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन में भूमिका पत्र में अरावली की पारिस्थितिक भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। विधायक ने लिखा कि अरावली की चट्टानी संरचना वर्षा जल को रोककर भूमि में समाहित करने में सहायक है, जिससे प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष लगभग 20 लाख लीटर भूजल का पुनर्भरण होता है। उन्होंने आगाह किया कि अरावली के कमजोर होने से पश्चिमी राजस्थान में जल संकट स्थायी रूप ले सकता है। जैव विविधता और मानव जीवन से जुड़ाव विधायक भाटी ने यह भी रेखांकित किया कि अरावली केवल भू-आकृतिक संरचना नहीं है, बल्कि यह 300 से अधिक वन्य जीवों और पक्षियों का आवास है। यह लाखों पशुपालकों के लिए चारागाह, बनास, लूणी, साबरमती और बाणगंगा जैसी नदियों का उद्गम स्थल भी है। साथ ही अरावली मानसूनी हवाओं को रोकने, लू की तीव्रता कम करने और तापमान संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए इसे प्राकृतिक ग्रीन बैरियर बताया गया है।   नीतिगत विरोधाभास पर उठाए सवाल पत्र में राज्य सरकार की नीतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। विधायक ने लिखा कि एक ओर बजट 2025-26 में 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना की घोषणा की जाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी व्याख्याएं सामने आती हैं जो अरावली को कमजोर कर सकती हैं। इसे उन्होंने विकास और संरक्षण के बीच विरोधाभास बताया। प्रधानमंत्री से विधायक भाटी ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं 1. अरावली पर्वतमाला की परिभाषा केवल ऊंचाई के आधार पर नहीं, बल्कि उसके पारिस्थितिक और भूवैज्ञानिक महत्व के आधार पर तय की जाए। 2. 100 मीटर ऊंचाई संबंधी व्याख्या पर पुनर्विचार कर अरावली की सभी पहाड़ियों को संरक्षण प्रदान किया जाए। 3. अरावली क्षेत्र में खनन और अनियंत्रित निर्माण गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए। 4. ‘हरित अरावली विकास परियोजना’ को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।   प्रधानमंत्री से संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील अपने पत्र के अंत में विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि अरावली पर्वतमाला की परिभाषा केवल ऊंचाई के आधार पर नहीं, बल्कि उसके पारिस्थितिक और भूवैज्ञानिक महत्व को ध्यान में रखकर तय की जाए। उन्होंने कहा कि अरावली पर हो रहा आक्रमण विकास नहीं, बल्कि विनाश की ओर ले जाने वाला कदम है और प्रकृति के साथ अन्याय का प्रभाव अंततः समाज पर ही पड़ता है।

PM मोदी का बड़ा बयान: मस्कट से कहा, भारत की नीतियों के साथ बदला आर्थिक डीएनए

  मस्कट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे का आज दूसरा दिन है। आज पीएम मोदी की मौजूदगी में भारत-ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से 21वीं सदी में भारत-ओमान की साझेदारी में नया विश्वास और उत्साह का संचार होगा। भारत-ओमान बिजनेस फोरम को पीएम मोदी ने किया संबोधित पीएम मोदी ने भारत-ओमान बिजनेस फोरम के कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा, भारत-ओमान साझेदारी को ये सम्मेलन नई दिशा, नई गति देगा और दोनों देशों के संबंध नई बुलंदियों पर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, सभ्यता के आरंभ से ही हमारे पूर्वज एक दूसरे के साथ समुद्र के जरिए व्यापार करते रहे हैं। मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर एक मजबूत पुल बना। इस पुल ने हमारे रिश्तों को मजबूत किया और संस्कृति और अर्थव्यवस्था को ताकत दी। आज हम कह सकते हैं कि समुद्र की लहरें बदलती हैं, मौसम बदलते हैं, लेकिन भारत और ओमान की दोस्ती हर मौसम में मजबूत होती है। 'दोनों देशों के व्यापार को नई गति मिलेगी' प्रधानमंत्री ने कहा हमारा रिश्ता विश्वास की नींव पर बना है और समय के साथ गहराता चला गया है। हमारे कूटनीतिक संबंधों को 70 साल हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हम ऐतिहासिक फैसला ले रहे हैं, जिसकी गूंज आने वाले कई दशकों तक सुनाई देगी। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता 21वीं सदी में हमारी साझेदारी को नया विश्वास और नई ऊर्जा देगा। इससे व्यापार को नई गति मिलेगी और निवेश का भरोसा बनेगा।' पीएम मोदी ने कहा बीते 11 वर्षों में भारत ने न सिर्फ नीतियां ही नहीं बदली हैं बल्कि भारत ने अपना आर्थिक डीएन ही बदल दिया है। जीएसटी ने भारत को एकीकृत बाजार में बदल दिया है और दिवालिया संहिता से पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। 'हम भारतीय विविधता का सम्मान करते हैं' पीएम मोदी ने ओमान की राजधानी मस्कट में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हम एक परिवार की तरह इकट्ठा हुए हैं। भारत में विविधता है, जो हमारी संस्कृति का मजबूत आधार है। हमारे लिए हर दिन एक नया रंग लेकर आता है, हर मौसम एक नया उत्सव बन जाता है, हर परंपरा एक नई सोच के साथ आती है। यही कारण है, हम भारतीय कहीं भी जाएं, कहीं भी रहें, हम विविधता का सम्मान करते हैं। हम वहां की संस्कृति, वहां के नियम कायदों के साथ घुल मिल जाते हैं। ओमान में आज मैं यही होते हुए देख रहा हूं।' 'दिवाली का दीया हमारे घर को ही नहीं, पूरी दुनिया को रोशन करेगा' पीएम मोदी ने कहा, 'भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को हाल ही में एक और अद्भुत सम्मान मिला है। यूनेस्को ने दिवाली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया है। अब दिवाली का दीया हमारे घर को ही नहीं, पूरी दुनिया को रोशन करेगा। ये दुनियाभर में बसे प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। दिवाली की ये वैश्विक पहचान हमारी उस रोशनी की मान्यता है, जो आशा, सद्भाव और मानवता के संदेश को, उस प्रकाश को फैलाती है।' भारत-ओमान संबंधों की तारीफ की प्रधानमंत्री ने कहा, आज हम सब यहां भारत-ओमान 'मैत्री पर्व' भी मना रहे हैं। M मतलब Maritime Heritage (समुद्री विरासत), A का मतलब  Aspiration (आकांक्षा), I का मतलब Innovation (नवाचार), T का मतलब Trust and Technology (विश्वास और तकनीक), R का मतलब Respect (सम्मान) और I का मतलब Inclusive Growth (समावेशी विकास) है। ये मैत्री पर्व दोनों देशों की दोस्ती और हमारी साझा सांस्कृतिक और समृद्ध भविष्य का उत्सव है। भारत के तेज आर्थिक विकास का जिक्र किया पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते व्यापार से शुरू हुए और आज शिक्षा इन्हें मजबूत बना रही है। पीएम मोदी ने कहा कि ओमान के भारतीय स्कूलों में 46 हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और इनमें ओमान में रहने वाले अन्य समुदाय के लोग भी हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने भारत के तेज आर्थिक विकास का जिक्र किया और कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम मोदी ने उनकी सरकार के कार्यकाल में आईआईटी, आईआईएम और एम्स की संख्या में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष मिशन की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि हम चांद के साथ दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाले पहले देश हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। इसके बाद पीएम मोदी ने भारत की कई अन्य उपलब्धियों का जिक्र किया। 

वीरता और राष्ट्रबोध की नई पहचान है ‘परमवीर दीर्घा’ : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में ‘परमवीर दीर्घा’ का उद्घाटन किया। इस दीर्घा में परमवीर चक्र से सम्मानित सभी 21 वीरों के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खास प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा कि परमवीर दीर्घा में देश के अदम्य वीरों के ये चित्र हमारे राष्ट्र रक्षकों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं। एक लंबे कालखंड तक, राष्ट्रपति भवन की गैलरी में ब्रिटिश काल के सैनिकों के चित्र लगे थे। अब उनके स्थान पर, देश के परमवीर विजेताओं के चित्र लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में परमवीर दीर्घा का निर्माण गुलामी की मानसिकता से निकलकर भारत को नवचेतना से जोड़ने के अभियान का एक उत्तम उदाहरण है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'परमवीर दीर्घा' के उद्घाटन की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ''हे भारत के परमवीर, है नमन तुम्हें हे प्रखर वीर। ये राष्ट्र कृतज्ञ बलिदानों पर, भारत मां के सम्मानों पर। राष्ट्रपति भवन की परमवीर दीर्घा में देश के अदम्य वीरों के ये चित्र हमारे राष्ट्र रक्षकों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं। जिन वीरों ने अपने सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा की, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन दिया, उनके प्रति देश ने एक और रूप में अपनी कृतज्ञता अर्पित की है। देश के परमवीरों की इस दीर्घा को, दो परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य विजेताओं के परिवारजनों की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्र को अर्पित किया जाना और भी विशेष है।'' एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, ''एक लंबे कालखंड तक, राष्ट्रपति भवन की गैलरी में ब्रिटिश काल के सैनिकों के चित्र लगे थे। अब उनके स्थान पर, देश के परमवीर विजेताओं के चित्र लगाए गए हैं। राष्ट्रपति भवन में परमवीर दीर्घा का निर्माण गुलामी की मानसिकता से निकलकर भारत को नवचेतना से जोड़ने के अभियान का एक उत्तम उदाहरण है। कुछ साल पहले सरकार ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कई द्वीपों के नाम भी परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे हैं।'' आखिरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''ये चित्र और ये दीर्घा हमारी युवा पीढ़ी के लिए भारत की शौर्य परंपरा से जुड़ने का एक प्रखर स्थल है। ये दीर्घा युवाओं को ये प्रेरणा देगी कि राष्ट्र उद्देश्य के लिए आत्मबल और संकल्प महत्वपूर्ण होते हैं। मुझे आशा है कि ये स्थान विकसित भारत की भावना का एक प्रखर तीर्थ बनेगा।'' राष्ट्रपति भवन में एक विशेष दीर्घा बनाई गई है। इस दीर्घा की विशेषता यह है कि यह स्थान देश के वीर सपूतों को समर्पित है। इस दीर्घा का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया। यहां पर परमवीर चक्र विजेताओं के चित्रों को सम्मान के साथ प्रदर्शित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य परमवीर चक्र विजेता, राष्ट्रीय नायकों के अदम्य साहस और बलिदान से देशवासियों को अवगत कराना है।

इथियोपिया में अफ्रीकी चैप्टर क्लोज, अब अरब दुनिया में भारत की सियासी पकड़ मजबूत करेंगे PM मोदी

अफ्रीका अफ्रीका में कूटनीतिक इतिहास रचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अरब जगत में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की अपनी चार दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में बुधवार को इथियोपिया से ओमान के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा भारत की अफ्रीका और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक सक्रियता का अहम संकेत मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की यह इथियोपिया की पहली आधिकारिक यात्रा थी, जो ऐतिहासिक साबित हुई। इस दौरान भारत और इथियोपिया ने अपने पारंपरिक और ऐतिहासिक संबंधों को औपचारिक रूप से ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ा दिया। प्रधानमंत्री मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कई अहम समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया, जहां उन्होंने आतंकवाद, वैश्विक शांति और विकास पर भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण रखा। इसी दौरान उन्हें इथियोपिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले विदेशी नेता बने। अब प्रधानमंत्री मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर मस्कट पहुंचेंगे।   ओमान में वे रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देने, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी वहां प्रवासी भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा। यह प्रधानमंत्री मोदी की ओमान की दूसरी यात्रा होगी।