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विदेशी धरती पर देशभक्ति का रंग, इथियोपिया में सुनते ही ‘वंदे मातरम्’ पर झूमे PM मोदी

इथियोपिया इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा आयोजित भोज समारोह में मंगलवार शाम एक भावुक कर देने वाला क्षण देखने को मिला, जब इथियोपिया के गायकों की टीम ने ‘वंदे मातरम्’ की मनोहारी प्रस्तुति दी। विदेशी धरती पर भारत के राष्ट्रीय गीत की गूंज ने वहां मौजूद सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने तालियों से गायकों का उत्साह बढ़ाया। पीएम मोदी वीडियो शेयर करते हुए लिखते हैं, ''कल प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा आयोजित बैंक्वेट डिनर में इथियोपियाई गायकों ने वंदे मातरम् का एक शानदार गायन किया। यह एक बहुत ही भावुक पल था, वह भी ऐसे समय में जब हम वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।' आपको बता दें कि भारत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इसके लिए कई आयोजन किए जा रहे हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी इस विषय पर चर्चा हुई। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से सम्मानित किया गया। इसके लिए उन्होंने इथियोपियाई सरकार एवं देशवासियों का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स कहा, "कल शाम मुझे 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से सम्मानित करने के लिए इथियोपिया के लोगों और सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री अबी अहमद अली का आभारी हूं। दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यताओं में से एक द्वारा सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। यह सम्मान उन अनगिनत भारतीयों का है जिन्होंने वर्षों से हमारी साझेदारी को मजबूत किया है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने और नए अवसर पैदा करने के लिए इथियोपिया के साथ सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने दोनों देशों के बीच समझौतों को भारत और इथियोपिया के बीच लंबे समय से चली आ रही और भरोसेमंद साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, "शासन और शांति स्थापना से लेकर डिजिटल क्षमता और शिक्षा तक, हमारा ध्यान अपने लोगों को सशक्त बनाने पर है। ज्ञान, कौशल और नवाचार पर जोर कल के कर्णधारों के रूप में युवाओं में हमारे साझा विश्वास को रेखांकित करता है।" उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवा में सहयोग "मानवीय गरिमा और सबसे कमजोर लोगों की देखभाल के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में आज सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर ओमान जायेंगे। श्री मोदी की यह ओमान की दूसरी यात्रा होगी। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही है। इससे पहले दिसंबर 2023 में सुल्तान तारिक की भारत यात्रा पर आए थे।  

डिप्लोमेसी में अपनापन: इथियोपिया पहुंचे पीएम मोदी, PM अली ने एयरपोर्ट से होटल तक खुद कार चलाकर किया स्वागत

इथियोपिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की चार दिवसीय यात्रा के दूसरे चरण के तहत मंगलवार को इथियोपिया पहुंचे। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने अदीस अबाबा हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गले लगाकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को होटल तक अपनी गाड़ी से पहुंचाया। रास्ते में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को विज्ञान संग्रहालय और मैत्री पार्क भी दिखाया। गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह पहला इथियोपिया दौरा है।   बता दें कि इथियोपिया की अपनी पहली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह 'लोकतंत्र की जननी' के रूप में भारत की यात्रा और 'ग्लोबल साउथ' के लिए भारत-इथियोपिया साझेदारी क्या मायने रखती है विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। पीएम मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा भी करेंगे। प्रधानमंत्री की इथियोपिया यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह यात्रा ‘ग्लोबल साउथ’ में साझेदार के रूप में भारत और इथियोपिया के बीच गहरी दोस्ती और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि होगी। गौरतलब है कि मोदी इथियोपिया की दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।

₹2000 करोड़ लागत से पीएम मित्र पार्क, 10 हजार करोड़ निवेश और 2 लाख नौकरियों का वादा

 धार मध्य प्रदेश के धार जिले में पीएम मित्र पार्क से जिले की प्रगति को नई रफ्तार मिलने जा रही है. सरकार का दावा है कि करीब 2 हजार करोड़ की लागत से बनने वाला इस प्रोजेक्ट में 10 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश होगा. नगरीय विकास और धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया, इससे 50 हजार लोगों को सीधे और 1.50 लाख से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. पीएम मित्र पार्क में धागा, कपड़ा, कताई-बुनाई, रंगाई, डिजाइन और वस्त्र निर्माण से जुड़ी हर आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी. मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में जिले ने धार्मिक, पर्यटन, औद्योगिक, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगरीय एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने बताया कि इस समिति में सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को स्थान दिया गया है, जो जिले के तेजी से विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में वर्ष 2024-25 में 122 सड़कों के नवीनीकरण से 362 किलोमीटर, वर्ष 2025-26 में 45 सड़कों के नवीनीकरण से 118 किलोमीटर मार्गों में सुधार हुआ है. जल जीवन मिशन में 3 लाख 3 हजार 690 घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं. शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना में 16 हजार 250 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है. बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेडा और समिति के सदस्यों ने जिले के विकास के संबंध में उपयोगी सुझाव दिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ओमान दौरा शुरू, एयरपोर्ट पर मिला शाही स्वागत

अम्मान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंच गए हैं। जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी यह यात्रा जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के आमंत्रण पर कर रहे हैं। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और आपसी हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। अम्मान पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह जॉर्डन पहुंचकर प्रसन्न हैं और हवाई अड्डे पर मिले आत्मीय स्वागत के लिए प्रधानमंत्री जाफर हसन के आभारी हैं। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यह यात्रा भारत और जॉर्डन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-जॉर्डन संबंधों को नई दिशा देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। बता दें कि जॉर्डन में रहने वाले भारतीय, प्रधानमंत्री से मिलने और उनका स्वागत करने के लिए अति उत्साहित हैं। लोग पलके बिछाए पीएम मोदी के इंतजार में नजर आए। भारतीय प्रवासी समिति के सदस्य सनल कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से जॉर्डन में रहकर कपड़ा व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि जॉर्डन के टेक्सटाइल उद्योग में भारतीयों की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, “हम एक बिलियन डॉलर की कंपनी हैं और यहां 35,000 लोगों को रोजगार दे रहे हैं, जिनमें 7,000 जॉर्डनवासी और 6,000 भारतीय शामिल हैं। यह देश हमें शानदार व्यवसाय करने का अवसर दे रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए सनल कुमार ने कहा, “वे एक अद्वितीय व्यक्तित्व हैं। शब्दों में उनका वर्णन करना मुश्किल है। दुनिया के किसी भी कोने में जाइए, जैसे ही आप कहते हैं कि आप भारत से हैं, लोग तुरंत प्रधानमंत्री मोदी का नाम लेते हैं। वे एक अद्भुत और निस्वार्थ नेता हैं, जो देश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान वे रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री की यह जॉर्डन यात्रा किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर हो रही है और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे खास माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयान पर सख्त हुए भाजपा सांसद, कार्रवाई की चेतावनी

नई दिल्ली भाजपा सांसदों ने दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पलटवार करते हुए कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस रैली को घुसपैठियों के समर्थन में सम्मेलन करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ घुसपैठियों के पक्ष में किया जा रहा है। नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की यह रैली दिखाती है कि कांग्रेस की सोच मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस जैसी हो गई है। राहुल गांधी से प्रेरणा लेकर, कांग्रेस कार्यकर्ता अब खुलेआम नारों के जरिए पीएम मोदी को धमकी दे रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए जा रहे इन नारों के खिलाफ देश की जनता पीएम मोदी के साथ एकजुट होकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि वे गालियां देते रहेंगे, भारत की जनता चारों तरफ कमल खिलाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है, इससे साफ है कि यह रैली घुसपैठियों के समर्थन में की जा रही है। संसद के शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जब घुसपैठियों के खिलाफ बात की तो कांग्रेस के सांसदों को मिर्ची लगी और वॉकआउट कर दिया। भाजपा नेता विवेक ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का जनसरोकार समाप्त हो चुका है। देश में मतदाता उसे त्याग चुका है। खाली नारे वाली पार्टी इसी तरह रह जाएगी। अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रामलीला मैदान में पांच हजार की भीड़ की क्षमता है। केरल में निगम चुनावों में एनडीए ने प्रचंड रूप से जीत हासिल की है। कांग्रेस मुक्त भारत का सपना पूरा हो चुका है। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि पीएम मोदी को कोई छू नहीं सकता। उन्होंने मेहनत के साथ देश को आगे ले जाने का काम किया है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन लोगों का यही स्तर रह गया है। अब इतनी बड़ी हार के बाद अभद्र टिप्पणी करेंगे। बिहार में उनका सूपड़ा साफ हो गया। जनता वोट नहीं देती तो अभद्र टिप्पणी करेंगे। हम इसकी पुरजोर तरीके से निंदा करते हैं।

इटली के डिप्टी पीएम तजानी ने पीएम मोदी से मुलाकात को बताया सकारात्मक, जॉर्जिया मेलोनी ने दिया 2026 का निमंत्रण

नई दिल्ली इटली के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी इस समय भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. बुधवार शाम उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई, जिसे तजानी ने बहुत पॉजिटिव और उपयोगी बताया.  इस मुलाकात के दौरान तजानी ने पीएम मोदी को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की ओर से 2026 में इटली आने का निमंत्रण भी दिया. तजानी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के इटली के दौरे को लेकर 'हां' में तो जवाब मिला है. लेकिन, अभी समय तय नहीं किया गया है. विदेश मंत्री तजानी ने कहा कि भारत–इटली रिश्ते नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं और आने वाले सालों में दोनों देशों के सहयोग में और तेजी आएगी. भारत और इटली एक दूसरे के लिए बेहद महत्वपूर्ण साझेदार हैं और आने वाला समय दोनों देशों के लिए बेहतर संभावनाएं लेकर आएगा.  इटली की पीएम मेलोनी के भारत दौरे पर क्या बोले तजानी? जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भारत कब आएंगी? इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री तजानी ने कहा कि हम लोगों ने यह अभी तया नहीं किया है कि वह 2026 में कब भारत आएंगी. इटली के प्रतिनिधित्व और प्रधानमंत्री मोदी के बीच क्या बातचीत हुई? मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन, सांस्कृतिक जुड़ाव, व्यापार, तकनीक और कूटनीतिक साझेदारी पर विस्तार से बात की. तजानी ने खास तौर पर कहा कि भारत रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभा सकता है. उनके अनुसार भारत का वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रभाव इस दिशा में मदद कर सकता है. कब-कब हुई जॉर्जिया मेलोनी और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाक़ात? नवंबर 2022 – बाली, इंडोनेशिया (G20 शिखर सम्मेलन): प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद मेलोनी की मोदी से पहली मुलाकात बाली में हुई. यह भारत–इटली संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत मानी गई. 2–3 मार्च 2023 – नई दिल्ली: मेलोनी की पहली आधिकारिक भारत यात्रा में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की, जो द्विपक्षीय संबंधों में सबसे बड़ा कदम माना जाता है. सितंबर 2023 – नई दिल्ली (G20 शिखर सम्मेलन): इस मुलाकात में नेताओं की सहजता और तालमेल ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं.  14 जून 2024 – पुगलिया, इटली (G7 शिखर सम्मेलन): मेजबान के तौर पर मेलोनी ने मोदी का स्वागत किया और उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी. बैठक में व्यापक वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई. 18 नवंबर 2024 – रियो डी जनेरियो, ब्राजील (G20 शिखर सम्मेलन): दोनों नेताओं ने इस दौरान “इंडिया–इटली ज्वाइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025–2029” की घोषणा की. जून 2025 – कनानास्किस, कनाडा (G7 शिखर सम्मेलन): यहां हुई अनौपचारिक बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर #Melodi हैशटैग ट्रेंड करता रहा. 23 नवंबर 2025 – जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका (G20 शिखर सम्मेलन): मुलाकात में आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ “इंडिया–इटली ज्वाइंट इनिशिएटिव” की घोषणा की गई.

पीएम मोदी बोले, कांग्रेस मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक चुकी, ‘वंदे मातरम’ के संदर्भ में मुस्लिम भड़केंगे

नई दिल्ली  राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में एक खास चर्चा हो रही है. इसमें भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इसके ऐतिहासिक महत्व और हमेशा रहने वाली विरासत पर रोशनी डाली जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा की शुरुआत की. इसमें इस मशहूर गीत के कई जरूरी और कम जाने-पहचाने पहलुओं पर भी बात हो रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राज्यसभा में चर्चा शुरू करने की उम्मीद है. बीजेपी के नेतृत्ववाली एनडीए सरकार को लोकसभा में बहस में हिस्सा लेने के लिए तीन घंटे दिए गए हैं, जबकि पूरी चर्चा के लिए कुल 10 घंटे तय किए गए हैं, क्योंकि बहस मंगलवार 9 दिसंबर को राज्यसभा में भी होगी. दोनों सदनों की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई. कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में वंदे मातरम पर कहा, 'पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लिखा था कि 'आनंद मठ में वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है.' उन्होंने यह भी कहा, 'मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया था. मुहम्मद अली जिन्ना ने 15 अक्टूबर 1937 को लखनऊ से वंदे मातरम के खिलाफ नारा लगाया था. मुस्लिम लीग की बेबुनियाद बातों का कड़ा और मुंहतोड़ जवाब देने के बावजूद, नेहरू ने वंदे मातरम की जांच शुरू कर दी. इसके पांच दिन बाद नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एक चिट्ठी लिखी जिसमें उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना की भावना से सहमति जताई और लिखा, 'आनंद मठ में वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है.' इसके बाद कांग्रेस ने कहा कि 26 अक्टूबर से बंगाल में वंदे मातरम के इस्तेमाल की जांच की जाएगी. दुर्भाग्य से, 26 अक्टूबर को कांग्रेस ने वंदे मातरम पर समझौता कर लिया. उन्होंने गाने को दो हिस्सों में बांट दिया. इस फैसले के पीछे सामाजिक सद्भाव का कारण था, लेकिन इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे. यह माइनॉरिटीज को खुश करने का उनका तरीका था. बाद में कांग्रेस को घुटने टेकने पड़े और भारत के बंटवारे के लिए राजी होना पड़ा. कांग्रेस की नीजि आज भी वही हैं. इस तरह इंडियन नेशनल कांग्रेस मुस्लिम लीग कांग्रेस (MLC) बन गई है. आज भी कांग्रेस और उसकी साथी पार्टियाँ वंदे मातरम का विरोध करती है और इसके आस-पास विवाद पैदा करने की कोशिश करती है.' लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘जो वंदे मातरम् 1905 में महात्मा गांधी को राष्ट्रगान के रूप में दिखता था… वंदे मातरम् इतना महान था, इसकी भावना इतनी महान थी तो फिर पिछली सदी में इसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हुआ? वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात क्यों हुआ? वह कौनसी ताकत थी जिसकी इच्छा पूज्य बापू की भावना पर भारी पड़ गई जिसने वंदे मातरम् जैसी पवित्र भावना को विवादों में घसीट दिया.’ उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग के बयानों का जवाब देने के बजाय नेहरू जी ने सुभाष बाबू को पत्र लिखा और कहा कि मैंने वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि पढ़ी है और मुझे लगता है कि यह मुसलमानों को भड़का सकता है. वंदे मातरम पर पीएम मोदी के संबोधन के बाद लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने सदन में कांग्रेस की बात रखी. उन्होंने पीएम मोदी के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि आप हर बार नेहरू जी और कांग्रेस पर निशाना साधते हैं, लेकिन जितनी कोशिश कर लें, नेहरू जी पर दाग नहीं लगा पाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू महासभा ने भी वंदे मातरम की आलोचना की थी. संसद में वंदे मातरम पर हो रही इस ऐतिहासिक बहस से राष्ट्रीय गीत के बारे में कई महत्वपूर्ण और अज्ञात तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है. इस बहस के लिए 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है. पीएम मोदी ने जहां सोमवार को लोकसभा में इस बहस की शुरुआत की, वहीं विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों के बहस में हिस्सा लेने की उम्मीद है. लोकसभा के बाद मंगलवार को राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर मंगलवार को चर्चा होगी, जहां गृह मंत्री अमित शाह चर्चा की शुरुआत करेंगे और स्वास्थ्य मंत्री तथा राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे. INC चलते-चलते MMC हो गया है… वंदे मातरम् को लेकर पीएम मोदी का कांग्रेस पर वार लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस वंदे मातरम् के बंटवारे के लिए झुकी इसलिए कांग्रेस को एक दिन भारत के बंटवारे के लिए झुकना पड़ा… दुर्भाग्य से कांग्रेस की नीतियां वैसी की वैसी हैं, INC चलते-चलते MMC हो गया है.’ यहां MMC से उनका अर्थ माओवादी, मुस्लिम लीग कांग्रेस से माना जा रहा है. वंदे मातरम् बोलने पर भी सज़ा हो जाती थी', लोकसभा में बोले पीएम मोदी ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा, ‘…बंगाल का विभाजन तो हुआ लेकिन बहुत बड़ा स्वदेशी आंदोलन हुआ और तब वंदे मातरम् हर जगह गूंज रहा था. अंग्रेज समझ गए थे कि बंगाल की धरती से निकला बंकिम बाबू का यह भाव सूत्र जो उन्होंने तैयार किया था उसने अंग्रेजों को हिला दिया था. इस गीत की ताकत इतनी थी कि अंग्रेजों को इस गाने पर प्रतिबंध लगाने पर मजबूर होना पड़ा था. गाने और छापने पर ही नहीं वंदे मातरम् शब्द बोलने पर भी सज़ा, इतने कठोर कानून लागू किए थे.’  'बंगाल टूट गया तो देश भी टूट जाएगा' लोकसभा में पीएम मोदी ने बताई अंग्रेजों की मंशा प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर कहा, ‘अंग्रेजों ने बांटों और राज करो, इस रास्ते को चुना और उन्होंने बंगाल को इसकी प्रयोगशाला बनाया क्योंकि वो भी जानते थे कि वो एक वक्त था जब बंगाल का बौद्धिक सामर्थ्य देश को दिशा, ताकत, प्रेरणा देता था और इसलिए अंग्रेज भी जानते थे कि बंगाल का यह जो सामर्थ्य है वो पूरे देश की शक्ति का एक केंद्र बिंदु है और इसलिए अंग्रेजों ने सबसे पहले बंगाल के टुकड़े करने की दिशा में काम किया. अंग्रेजों का मानना … Read more

देश के रक्षकों के सम्मान में आगे आएं: पीएम मोदी ने झंडा दिवस फंड में सहयोग की अपील की

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर, हम उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जो अटूट साहस के साथ हमारे देश की रक्षा करते हैं। उनका अनुशासन, दृढ़ संकल्प और भावना हमारे लोगों की रक्षा करती है और हमारे देश को मजबूत बनाती है। उनकी प्रतिबद्धता हमारे देश के प्रति कर्तव्य, अनुशासन और समर्पण का एक शक्तिशाली उदाहरण है। आइए हम भी सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान दें।" वहीं, सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर रक्षा मंत्रालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को सशस्त्र सेना झंडा दिवस का लैपल पिन लगाया। जिसका नेतृत्व पूर्व सैनिक कल्याण विभाग की सचिव सुकृति लिखी ने किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपनी पूरे एक महीने की सैलरी सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में दान की। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने लोगों से अपील करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वेच्छा से सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान देकर हमारे शहीदों, विकलांग सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति अपना आभार व्यक्त करें।" जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर, मैं हमारे बहादुर सशस्त्र सेना के जवानों और शहीदों को देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान और सेवा के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं। आइए, हम अपने बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में दिल खोलकर दान करें।" चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल (सीडीएस) अनिल चौहान ने भी सभी भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को शुभकामनाएं दीं और भारत की रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी दृढ़ सेवा, अदम्य भावना और स्थायी योगदान को स्वीकार किया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सोशल मीडिया पर भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने देशवासियों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान देने की भी अपील की।

दिल्ली तक पैदल चलेंगे मेवात के 1000 बच्चे, आखिर क्या है उनकी बड़ी मांग?

 मेवात नूंह में दस दिनों तक चली वंदे सरदार एकता पदयात्रा का शनिवार को पिनगवां अनाज मंडी में समापन हो गया। यह यात्रा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती, हसन खां मेवाती के 500वें बलिदान वर्ष पर निकाली गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेवात बुलाने के लिए एक हजार बच्चे न्योता देने के लिए अब पैदल दिल्ली जाएंगे। समापन समारोह में उद्योग जगत और सामाजिक संगठनों से लोगों ने हिस्सा लिया। समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर मुकेश वशिष्ठ, उद्योगपति सुनील सिंगला, अजय शर्मा, स्वराज भाटी और तरुण आचार्य आदि ने कहा कि शहीद हसन खां मेवाती का संदेश केवल मेवात के लिए नहीं, पूरे भारत के लिए है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा एकता, सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का प्रयास है और इसे हर स्तर पर आगे बढ़ाना होगा। समारोह में लोगों ने यात्रा के उद्देश्य की खुलकर सराहना की और कहा कि मेवात की आवाज अब दबने वाली नहीं है। हजारों लोगों ने बलिदान दिया इतिहासकार, शिक्षाविदों के मुताबिक स्वतंत्रता संग्राम में मेवात के लोगों का काफी योगदान रहा। मुगलकाल से ही मेवाती देश के लिए जंग लड़ते रहे। शहीद हसन खां मेवाती के बलिदान के बाद भी देश पर मर मिटने वालों का सिलसिला जारी रहा। इतिहासकारों का कहना है कि वर्ष 1857 और 1858 गजट नोटिफिकेशन में शहीदों में हजारों मेवातियों के नाम दर्ज हैं। रूपडाका, पिंगवा, नगली,घासेड़ा, पुन्हाना रायसीना, हरिहेड़ा, निहारिका, चितोड़ा, हरचंदपुर, अलीपुर आदि गांवों में भी लोग शहीद हुए थे। शिक्षाविद सिद्दीक अहमद का कहना है कि मेवात के लोगों का स्वतंत्रता संग्राम में काफी योगदान रहा। हजारों लोगों ने वतन के लिए बलिदान दिया। इस तरह की यात्रा जारी रहें ताकि लोगों को गुमनाम शहीदों के बारे में जानकारी मिलती रही। पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीतों के साथ स्वागत समापन कार्यक्रम में मेवाती संस्कृति की झलक साफ नजर आई। लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीतों के साथ अतिथियों का स्वागत किया। प्रवक्ता नदीम खान ने बताया कि यह यात्रा नई सोच और नई दिशा का प्रतीक है और आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद, जान मोहम्मद, सुरेंद्र पिंटू, वसीम अकरम, यादराम गर्ग, इमरान सरपंच, जसवंत गोयल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मेवात को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की जरूरत यात्रा के अध्यक्ष जफरुद्दीन ने कहा कि मेवात को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की विशेष जरूरत है। केंद्रीय यूनिवर्सिटी खुलने से शिक्षा का स्तर उठेगा। उद्योग आने से युवाओं को रोजगार मिलेगा। वक्ताओं ने कहा कि मेवात की मांगों को पूरा करवाने के लिए 2026 में 1000 युवाओं के साथ पैदल चलकर प्रधानमंत्री को मेवात आने का न्योता देंगे। उन्होंने कहा कि मेवात के हितों और विकास के लिए यह प्रयास लगातार जारी रहेगा। समाजसेवी फजरुद्दीन बेशर ने कहा कि मेवात के युवा आज एकजुट हैं और बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार खड़े हैं। कार्यक्रम में आए लोगों ने यात्रा के उद्देश्य में अपना सहयोग देने का संकल्प भी लिया।  

विश्व उथल-पुथल में था, भारत बना अलग पहचान—PM मोदी का बड़ा बयान जारी

नई दिल्ली रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मिट में कई अहम बातें कहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत आत्मविश्वास के पथ पर अग्रसर है, जिससे देश विश्वास का स्तंभ बनकर उभर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि जब पूरी दुनिया मंदी झेल रही थी तब भारत आगे बढ़ रहा था। भारत विकास पर पथ पर अग्रसर रहा। दुनिया ने कई चुनौती झेली लेकिन हमारा भारत आगे ही बढ़ता रहा पीएम मोदी ने कहा कि हम एक ऐसे मोड़ पर हैं जहां 21वीं सदी का एक हिस्सा बीत चुका है और दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं – वित्तीय संकट, वैश्विक महामारी आदि इन परिस्थितियों ने किसी न किसी रूप में दुनिया को चुनौती दी है। आज दुनिया अनिश्चितताओं से भरी है, लेकिन इन सबके बीच हमारा भारत एक अलग ही स्तर पर दिखाई दे रहा है। भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। भारत पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। दुनिया में स्लोडाउन की बात होती है, तब भारत ग्रोथ की कहानी लिखता है पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया में स्लोडाउन की बात होती है, तब भारत ग्रोथ की कहानी लिखता है। जब दुनिया में ट्रस्ट का क्राइसिस दिखता है, तब भारत ट्रस्ट का पिलर बन रहा है। जब दुनिया फ्रेगमेंटेशन की तरफ जा रही है, तब भारत ब्रिज बिल्डर बन रहा है। भारत की ये उपलब्धियां सामान्य बात नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ये उपलब्धियां सामान्य बात नहीं है। ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है। ये एक फंडामेंटल चेंज है, जो बीते दशक में भारत लेकर आया है। आज जब हम यहां ट्रांसफॉर्मिंग टूमारो की बात रहे हैं, तो हमें ये भी समझना होगा कि ट्रांसफॉर्मेशन का जो विश्वास पैदा हुआ है, उसका आधार वर्तमान में हो रहे कार्यों की एक मजबूत नींव है। आज के रिफॉर्म्स और आज की परफॉर्मेंस हमारे कल के ट्रांसफॉर्मेशन का रास्ता बना रहे हैं। लंबी गुलामी ने भारत के आत्मविश्वास को हिला दिया था पीएम मोदी ने कहा कि आप भी जानते हैं कि कोई भी देश बिना आत्मविश्वास के आगे नहीं बढ़ सकता। दुर्भाग्य से लंबी गुलामी ने भारत के इसी आत्मविश्वास को हिला दिया था। और इसकी वजह थी, गुलामी की मानसिकता। गुलामी की ये मानसिकता विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में बहुत बड़ी रुकावट है। इसलिए, आज का भारत गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाने के लिए काम कर रहा है। आज हर सेक्टर में कुछ न कुछ बेहतर हो रहा: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश के हर सेक्टर में कुछ न कुछ बेहतर हो रहा है। हमारी गति कॉन्स्टेंट है, हमारी डायरेक्शन कंसिस्टेंट है और हमारा इंटेंट नेशन फर्स्ट का है। शिप बिल्डिंग हो या डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का क्षेत्र हो। आज हर सेक्टर में गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़कर नए गौरव को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।