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संसद भवन में BJP की अहम बैठक: नया अध्यक्ष कौन बनेगा, रेस में इन नामों पर चर्चा

नई दिल्ली जेपी नड्डा के बाद अगला बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, इसको लेकर लंबे समय से अटकलें जारी हैं। बिहार चुनाव के दौरान एक इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया था कि चुनाव खत्म होने के बाद अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएल संतोष के बीच संसद भवन में एक अहम बैठक हुई। लगभग घंटेभर तक चली बैठक में अगले बीजेपी चीफ और यूपी बीजेपी चीफ पर चर्चा हुई। बीजेपी अध्यक्ष नड्डा का कार्यकाल लोकसभा चुनाव से पहले ही खत्म हो गया था, लेकिन आम चुनाव तक पहले उसे बढ़ाया गया। इसके बाद फिर से उसे बढ़ाया जा चुका है। पार्टी के भीतर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान समेत कई नाम सामने आए हैं, जिनके रेस में होने की चर्चा है। हालांकि, आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। बीजेपी के नियम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने से पहले पार्टी को 50 फीसदी स्टेट यूनिट्स में चुनाव करवाने होते हैं और अब तक यह पूरा भी हो चुका है। अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन से नाम? पिछले एक दशक में बीजेपी का नया रूप देखने को मिला है, जिसके तहत बड़े पदों पर चुने जाने वाले नाम अक्सर चौंकाने वाले होते हैं। फिर चाहे वह यूपी 2017 में योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाया जाना हो या फिर हाल ही में दिल्ली में रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री चुना जाना हो। ऐसे में मौजूदा भाजपा में अगले अध्यक्ष के नाम का अंदाजा लगाना आसान नहीं होगा। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, रेस में कई नाम हैं। धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान के अलावा, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, निर्मला सीतारमण, विनोद तावड़े आदि के नाम भी रेस में चल रहे हैं। यूपी बीजेपी चीफ के लिए घंटों बैठक  यूपी में एक अहम बैठक हुई, जोकि तीन घंटे तक चली। सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर भाजपा और आरएसएस के बीच समन्वय बैठक हुई। माना जा रहा है कि इसी हफ्ते यूपी बीजेपी के अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए एक ब्राह्मण, दलित और तीन ओबीसी नेताओं के नाम रेस में आगे चल रहे हैं। नया अध्यक्ष, इन नेताओं के नाम की अटकलें भारतीय जनता पार्टी को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने के संकेत हैं। खबर है कि बुधवार को कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नाम शामिल हुए। अटकलें ये भी हैं कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी फैसला कर लिया है और सिर्फ ऐलान बाकी है। हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। अब संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भाजपा 15 दिसंबर से पहले नया अध्यक्ष चुन सकती है। 15 दिसंबर से पहले क्यों मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा में चर्चाएं हैं कि 15 दिसंबर से पहले नया अध्यक्ष चुना जा सकता है। इसकी वजह 16 दिसंबर से खरमास महीना शुरू होना है। हालांकि, पार्टी ने अब तक साफ नहीं किया है कब तक नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल यानी 2026 में कई राज्यों में चुनाव होने के चलते कई नेताओं का मानना है कि इन चुनावों से पहले नए अध्यक्ष का चुनाव हो। 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और असम में विधानसभा चुनाव होने हैं। बुधवार को एक के बाद एक हुईं बैठकों में पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह, मौजूदा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और भाजपा महासचिव बीएल संतोष शामिल रहे। यूपी अध्यक्ष का भी जल्द हो सकता है ऐलान खास बात है कि कुछ दिनों पहले संतोष यूपी में भी थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार समेत कई बड़े नामों से मुलाकात की थी। अटकलें हैं कि यूपी के लिए भाजपा अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग गई है और इसे लेकर जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक घोषणा बाकी है। ये नाम आगे अब तक साफ नहीं है कि भाजपा किसके नाम पर मुहर लगाएगी। हालांकि, अटकलें हैं कि रेस में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव और भाजपा नेता विनोद तावड़े का नाम है। महिला नेताओं में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, डी पुरंदेश्वरी और वनति श्रीनिवासन का नाम आगे चल रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद माना जा रहा है कि प्रधान का नाम रेस में सबसे आगे है। हालांकि, पार्टी ने इसपर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। प्रधान बिहार चुनाव प्रभारी थे। नड्डा का कार्यकाल साल 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ही मौजूदा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नड्डा का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि, बाद में उन्हें कई बार विस्तार दिया गया।

स्वराज कौशल ने वकालत और मानवीयता दोनों में रचा इतिहास: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश की पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल के निधन पर दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि स्वराज कौशल ने एक वकील के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारत के सबसे कम उम्र के गवर्नर बने और अपने कार्यकाल के दौरान मिजोरम के लोगों पर उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''स्वराज कौशल के गुजर जाने से दुख हुआ। उन्होंने एक वकील और ऐसे इंसान के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई, जो कानूनी पेशे का इस्तेमाल जरूरतमंदों की जिंदगी बेहतर बनाने में करते थे।'' उन्होंने एक्स पोस्ट में आगे लिखा, ''वे भारत के सबसे कम उम्र के गवर्नर बने और अपने गवर्नर के कार्यकाल के दौरान मिजोरम के लोगों पर गहरी छाप छोड़ी। एक सांसद के तौर पर उनकी समझ भी काबिले-तारीफ थी। इस दुख की घड़ी में मेरी दुआएं उनकी बेटी बांसुरी और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ हैं।'' लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, ''मिजोरम के पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व सांसद स्वराज कौशल का निधन अत्यंत दुखद है। दिल्ली स्थित उनके निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी सुपुत्री, सांसद बांसुरी स्वराज व शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। स्वराज कौशल जी ने अपने दीर्घ सार्वजनिक जीवन में न्याय, लोकतंत्र और राष्ट्रसेवा के उच्च मूल्यों को जीवंत रखा। उनका सरल, संवेदनशील और कर्मनिष्ठ व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।'' केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी स्वराज कौशल के निधन पर दुख जताया और लिखा, ''मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और पूर्व राज्यसभा सांसद स्वराज कौशल के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनका शांत, स्नेहिल और विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व जनसेवा और न्यायप्रियता की मिसाल रहा। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य प्रदान करें।'' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल के निधन पर दुख जाहिर किया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ''मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल के निधन की खबर दुखद है। स्वराज कौशल जी का सार्वजनिक जीवन और विधि के क्षेत्र में योगदान हमेशा याद किया जाएगा। राष्ट्र और समाज के प्रति उनकी सेवा अविस्मरणीय है। दुख की इस घड़ी में, मेरी गहरी संवेदनाएं सांसद बांसुरी स्वराज और उनके समस्त परिजनों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।''

शीतकालीन सत्र में टकराव के आसार: विपक्ष SIR पर एकजुट, सरकार पेश करेगी दिवाला-बीमा सहित 14 बिल

नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र की आज से शुरुआत हो रही है. यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान संसद के दोनों सदनों की 15-15 बैठकें होंगी. विपक्षी दल एसआईआर, आंतरिक सुरक्षा और लेबर कोड पर चर्चा की मांग कर रहे हैं. दूसरी तरफ, सरकार चाहती है कि वंदे मातरम् पर चर्चा हो. शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं. राष्ट्रनीति के लिए सकारात्मकता जरूरी- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रनीति के लिए सकारात्मकता जरूरी है. सदन हंगामे के लिए नहीं है. नारेबाजी के लिए पूरा देश खाली है. सदन में नकारात्मकता नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को सुझाव देने के लिए तैयार हूं, कि परफॉर्म कैसे किया जाता है. हार की हताशा सदन में ना निकालें. विपक्ष अपनी रणनीति बदले. विपक्ष भी अपना दायित्व निभाए. देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है. विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर निकल मजबूत मुद्दे उठाए- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले कहा है कि भारत ने यह सिद्ध किया है कि डेमोक्रेसी कैन डिलीवर. उन्होंने कहा कि यह सत्र विकसित भारत के प्रयास में और ऊर्जा भरने का अवसर है. पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर निकलकर आए और मजबूत मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए. नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए. यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए. राष्ट्रनीति पर बात होनी चाहिए. आज सोमवार से संसद का शीत सत्र शुरू हो रहा है. इस सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है. संसद का यह सत्र बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के कुछ दिनों बाद हो रहा है. इस दौरान सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के प्रावधान वाले विधेयक के साथ सुधारों से जुड़े अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएगी, जबकि विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है. इस सत्र के लिए कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सत्र के दौरान सदन में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए रविवार को संसद में राजनीतिक दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई. सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश करने के लिए कुल 10 विधेयकों को सूचीबद्ध किया है जिनमें निजी कंपनियों के लिए असैन्य परमाणु क्षेत्र को खोलने के प्रावधान वाला एक विधेयक भी शामिल है. परमाणु ऊर्जा विधेयक- 2025 भारत में परमाणु ऊर्जा के उपयोग और विनियमन को नियंत्रित करने के उद्देश्य लाया जा रहा है. सत्र शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी आज सुबह करीब 10 मीडिया को संबोधित करेंगे. वह सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में बताएंगे और सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील करेंगे. पीएम मोदी के बयान पर बोलीं प्रियंका- एसआईआर और पॉल्यूशन के मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी की ओर से दिए गए बयान पर प्रियंका गांधी ने कहा कि एसआईआर और पॉल्यूशन के मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं है. पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष को सदन में ड्रामा नहीं करना चाहिए.  सदन में पराजय की बौखलाहट निकालने का काम न करें- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि सदन में चुनाव का वार्मअप या फिर पराजय की बौखलाहट निकालने का काम नहीं करना चाहिए. कुछ दलों ने ये परिचय दिया है कि राज्य चुनाव से पहले सदन को इस्तेमाल करें. ऐसे दल अपने आपको बदलें. सांसदों को अभिव्यक्ति का अवसर दें. मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि राष्ट्र प्रगति की राह पर चल चुका है.  पहली बार चुने गए सांसदों को मौका मिले- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि सभी दलों के युवा सांसद जो पहली बार चुनकर आए हैं उनको बोलने का मौका मिलना चाहिए. उनके अनुभवों का फायदा देश को मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि संसद ड्रामे का केंद्र नहीं है. संसद से बाहर ड्राम करने की कई जगहें हैं. जो लोग बिहार में ड्रामा करके आए हैं उनको अन्य राज्यों में भी ड्रामा करने के मौका मिलेंगे.  कुछ दल पराजय भी नहीं पचा पा रहे- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि ये शीत सत्र ऊर्जा भरने का काम करेगा. विपक्ष के कुछ दल पराजय को नहीं पचा रहे हैं. उनको सही मुद्दे उठाने चाहिए.  लोकतंत्र के बीच अर्थतंत्र को मजबूती से विश्वसाव और मजबूत हुआ- पीएम मोदी  प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के बीच अर्थतंत्र को मजबूती हमारा विश्वसाव और मजबूत हुआ है. इसने साबित किया है कि लोकतंत्र भी डिलिवरी कर सकता है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के सार्थक चर्चा करनी चाहिए. उनको परायज की निराशा से बाहर निकलना चाहिए.   राष्ट्रगान के साथ संसद सत्र की शुरुआत संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ शुरू हो गई है. दोनों सदनों में राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत के बाद लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने सदन के पांच पूर्व सदस्यों के निधन की सूचना दी और शोक व्यक्त किया. वहीं, राज्यसभा में जम्मू कश्मीर से उच्च सदन के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जा रही है. मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पर विपक्ष की बड़ी बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्ष की बड़ी बैठक चल रही है. इस बैठक में विपक्षी दलों के नेता संसद के दोनों सदनों में अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने पर मंथन कर रहे हैं. इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ साथ ही डीएमके की कनिमोझी, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, जॉन ब्रिटास, प्रेमचंद गुप्ता मौजूद हैं. 'सार्थक योगदान दें सभी सदस्य', स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पर किया पोस्ट शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. स्पीकर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि संसद राष्ट्र की अपेक्षाओं, जन आकांक्षाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति का सर्वोच्च मंच है. संसद का प्रत्येक सत्र हमें कर्तव्य-निष्ठा, संयम और लोककल्याण की उस प्रेरणा की ओर भी उन्मुख करता है, जो जनप्रतिनिधित्व की भावना को और … Read more

PM मोदी के समक्ष IIM रायपुर में सुरक्षा मंथन, DGP–IG सम्मेलन का अंतिम दिन

रायपुर नवा रायपुर स्थित IIM रायपुर परिसर में चल रहा 60वां अखिल भारतीय DGP–IG सम्मेलन आज अपने अंतिम चरण में पहुंच गया। तीसरे दिन का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के साथ शुरू हुआ। सुबह उन्होंने 6 बजे योग का अभ्यास किया, जिसके बाद 8:30 बजे सभी अधिकारियों के साथ सामूहिक फोटो लिया गया। लगभग 9 बजे ब्रेकफास्ट के दौरान पीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों से अनौपचारिक बातचीत की। करीब 10 बजे से औपचारिक बैठकें प्रारंभ हुईं। पहले सत्र में पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और इसके भविष्य पर चर्चा हुई। इसके बाद दूसरे सत्र में वैश्विक परिदृश्य में उभरते जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों पर गहन विमर्श किया गया। दोपहर में टी ब्रेक के तुरंत बाद R&AW द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा, बाहरी खतरों और बदलते सुरक्षा ढांचे पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। दोपहर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेलीगेट्स, अवार्ड प्राप्त अधिकारियों और विशेष आमंत्रितों से मुलाकात की। इस दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक सम्मानित किया गया। लगभग 3 बजे शहरी पुलिसिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को पुरस्कार दिया गया, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के भाषण व फोटो सेशन के उपरांत वे करीब 4 बजे IIM रायपुर से प्रस्थान करेंगे। अगले सत्र में पुलिस स्पोर्ट्स और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। लगभग 5:10 बजे तीन दिवसीय सम्मेलन का औपचारिक समापन होगा। यह सम्मेलन देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और परिचालन चुनौतियों पर खुलकर संवाद करने का मंच देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से इस आयोजन को नए आयाम दिए हैं, जिसके कारण इसे देश के अलग-अलग स्थलों पर अधिक व्यापक और सहभागी रूप में आयोजित किया जा रहा है। गुवाहाटी, कच्छ, हैदराबाद, टेकनपुर, केवड़िया, पुणे, लखनऊ, नई दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर जैसे शहर इस आयोजन की मेजबानी कर चुके हैं।

भारत की GDP 8.2%—NDA नेताओं ने कहा, मोदी नेतृत्व ने दिखाया असर

नई दिल्ली वैश्विक अनिश्चितता और यूएस टैरिफ के बीच साल की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.2 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "2014 के बाद से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। मैं पीएम को धन्यवाद देना चाहता हूं। जहां पूरे विश्व में मंदी की स्थिति है, वहीं भारत का विकास तेजी से हो रहा है। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से हर तरफ विकास हुआ है। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और आगे भी लगातार हो रही है। उसके लिए मैं पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।  हमारी सुशासन की सरकार ने विकास से लेकर लॉ एंड ऑर्डर तक को संभाला है। पीएम मोदी और एनडीए सरकार की यही खूबी है।" भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस उपलब्धि को पीएम मोदी के करिश्माई नेतृत्व का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, "जब अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध लगाए थे, तो कांग्रेस ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था डूब जाएगी। राहुल गांधी ने भी भारत की अर्थव्यवस्था को डूबती हुई अर्थव्यवस्था बताया था। लेकिन हमारे देश ने दिखा दिया कि हम तमाम विषम परिस्थिति और संघर्ष के बावजूद 8.2 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं, जो किसी भी दूसरे देश की तुलना में ज्यादा है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस वर्ष का पूरा आंकड़ा 7 प्रतिशत से ऊपर का रहेगा। भारत ने दिखा दिया कि चाहे जितना प्रतिबंध लगाया जाए, हमारी अर्थव्यवस्था हिल नहीं सकती।" जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "यह भारत की शानदार उपलब्धि है। ट्रंप टैरिफ का जो खौफ था, जिसके कारण दुनिया की ज्यादातर एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर बता रही थी, लेकिन इतने अच्छे ग्रोथ रेट की अपेक्षा किसी को नहीं थी। पीएम मोदी के नेतृत्व में जो नीतिगत फैसले लिए गए और कई तरह के सुधारों को लेकर जो ढांचागत जो बदलाव हुए, उसके कारण अर्थव्यवस्था एक मुक्कमल ऊंचाई पर पहुंची है। अगर यह रफ्तार जारी रही तो हम चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं और हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था भी बनेंगे।"

आईआईएम रायपुर में डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन, पीएम मोदी व अमित शाह की मौजूदगी

रायपुर रायपुर में आयोजित 60वें अखिल भारतीय डीजी–आईजी सम्मेलन का दूसरा दिन शनिवार की सुबह शुरू हो गया है। पूरे देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बैठक जारी है। इसी दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उपस्थित रहे। सम्मेलन के दूसरे दिन कई राज्यों के डीजीपी अपने प्रस्तुतीकरण देंगे, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा पर उभरते खतरे, पहले दिए गए सुझावों की समीक्षा और महिला सुरक्षा में तकनीक के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। दिनभर चलने वाली इन चर्चाओं में पुलिस प्रशासन के सामने मौजूद नई चुनौतियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। जन-आंदोलनों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के बेहतर तरीकों पर चर्चा होने के साथ ही विदेशी भगोड़ों को वापस लाने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। फॉरेंसिक तकनीक को और अधिक उपयोगी बनाने, वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर अपराधों की जांच को मजबूत करने तथा आधुनिक सुरक्षा ढांचे के निर्माण को लेकर अधिकारियों से सुझाव लिए जाएंगे। इस बार सम्मेलन की थीम “विकसित भारत, सुरक्षित भारत” रखी गई है। छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम बस्तर 2.0 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। मार्च 2026 में नक्सलवाद के उन्मूलन के बाद बस्तर में विकास के नए चरण को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर उनकी प्रस्तुति केंद्रित रहेगी। वहीं आतंकवाद निरोधक रणनीतियों के वर्तमान रुझानों पर चर्चा के साथ आईबी के विशेष निदेशक देश के आंतरिक सुरक्षा विज़न–2047 का खाका सामने रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी सुबह सवा आठ बजे आईआईएम रायपुर पहुँचे, जहाँ उनका स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वागत के तुरंत बाद वे लगातार बारह घंटे तक चलने वाली विभिन्न बैठकों में शामिल रहेंगे। इन बैठकों में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, नक्सलवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत विमर्श होगा। देर शाम प्रधानमंत्री स्पीकर हाउस पहुँचेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। सम्मेलन में भाग लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के लिए व्यापक आवास व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री के लिए एम–1 और गृह मंत्री अमित शाह के लिए एम–11 में ठहरने की व्यवस्था की गई है, जबकि एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी प्रमुख तपन डेका और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को नए सर्किट हाउस में ठहराया गया है। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान के 140 कमरे, निमोरा अकादमी के 91 कमरे और सर्किट हाउस के 6 सूइट तथा 22 कमरे सम्मेलन से जुड़े अधिकारियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। कुल मिलाकर पूरे देश से आए 33 राज्यों के डीजीपी और पैरामिलिट्री के वरिष्ठ अधिकारियों सहित लगभग 75 पुलिस अधिकारियों को रायपुर में ठहराया गया है।

कर्नाटक के उडुपी में पीएम मोदी का आगमन, शामिल होंगे कृष्ण मठ के भक्तिमय आयोजन में

नई दिल्ली  पीएम नरेंद्र मोदी ने आज कर्नाटक के उडुपी पहुंचे हैं। वे यहां पर श्री कृष्ण मठ के दौरा करेंगे। वह यहाँ के 'लक्ष कंठ गीता पारायण' कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भक्ति और आस्था का एक अद्भुत संगम है, जिसमें 1 लाख से अधिक लोग हिस्सा बनेंगे। इन लोगों में छात्र, साधु, विद्वान और आम नागरिक शामिल थे, जिन्होंने एक साथ मिलकर श्रीमद् भगवद गीता का पाठ किया। गोवा में 77 फीट ऊंची राम प्रतिमा का करेंगे अनावरण उडुपी के कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी गोवा पहुँचेंगे। यहाँ वह श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ के 550वें साल के जश्न 'सारधा पंचाष्टमोत्सव' में शामिल होंगे। गोवा में पीएम मोदी ने भगवान श्री राम की कांसे से बनी 77 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने रामायण थीम पार्क गार्डन का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम ने वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित  करेंगे और एक खास पोस्टल स्टैम्प और एक यादगार सिक्का भी जारी करेंगे।

प्रधानमंत्री 29-30 नवंबर को रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लेंगे

सम्मेलन का विषय: 'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' सम्मेलन में अब तक की प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और 'सुरक्षित भारत' के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार की जाएगी वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद का मुकाबला, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिसिंग में फोरेंसिक विज्ञान तथा एआई के उपयोग जैसे मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा की जाएगी प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे रायपुर  प्रधानमंत्री 29-30 नवंबर, 2025 को भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर, छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के 60वें संस्करण में भाग लेंगे। यह सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप 'सुरक्षित भारत' के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है। 'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे। यह सम्मेलन देश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है, और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं। वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी (असम), कच्छ के रण (गुजरात), हैदराबाद (तेलंगाना), टेकनपुर (ग्वालियर, मध्य प्रदेश), स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया, गुजरात), पुणे (महाराष्ट्र), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), नई दिल्ली, जयपुर (राजस्थान) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित किया जा चुका है। इसी परंपरा को जारी रखते हुए, इस वर्ष 60वां पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में भाग लेंगे।

नवा रायपुर तैयार: DGP-IGP कॉन्फ्रेंस से पहले PM व HM के ठहराव को लेकर सुरक्षा-ट्रैफिक प्लान फाइनल

रायपुर नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्था (IIM) में 28 से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाली “डीजी कॉन्फ्रेंस 2025” के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस त्रिदिवसीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रायपुर प्रवास को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक प्लान तैयार किया गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के ठहरने के लिए, विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नवा रायपुर स्थित सरकारी आवास का चयन किया गया है। पीएम की विशेष सुरक्षा दस्ता एसपीजी ने डॉ रमन सिंह के बंगले को अपने कस्टडी में ले लिया है। यहां सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम शुरू कर दिए गए है। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था चाक-चौबंद तीन दिनों तक रायपुर में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस के 500 से अधिक अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों से अतिरिक्त यातायात अधिकारी और जवानों को रायपुर बुलाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भीड़भाड़ या अव्यवस्था न हो। डीआईजी प्रशांत अग्रवाल की अहम बैठक संपूर्ण मार्ग व्यवस्था के प्रभारी डीआईजी बस्तर रेंज प्रशांत अग्रवाल ने सभी तैनात अधिकारी-कर्मचारियों की अहम बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—     VVIP ड्यूटी के दौरान पूर्ण मुस्तैदी और अनुशासन बनाए रखें।     अच्छी टर्नआउट में ड्यूटी पर उपस्थित हों।     मार्ग में आवारा मवेशियों की रोकथाम सुनिश्चित करें।     VIP मार्ग पर किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाएँ।     यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए टीमवर्क में कार्य करें। मध्यम और भारी वाहनों पर प्रतिबंध कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर के आदेशानुसार, 28 से 30 नवंबर तक सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक नया रायपुर क्षेत्र में मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है, ताकि वीवीआईपी यातायात निर्बाध रह सके। राजधानी में हाई अलर्ट, निगरानी कड़ी कॉन्फ्रेंस के दौरान शहर में सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। महत्वपूर्ण मार्गों, हवाई अड्डे और IIM रायपुर परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सक्रिय रहेंगे। इस मेगा सुरक्षा प्लान के साथ रायपुर 28 से 30 नवंबर तक देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और वीवीआईपी मेहमानों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

PM मोदी ने तुलसीदास की चौपाई से दिया सामाजिक समरसता का संदेश, कही कई महत्वपूर्ण बातें

अयोध्या  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर पर धर्मध्वजा फहराई। इस मौके पर आरएसएस चीफ मोहन भागवत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ थे। इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित भी किया और भगवान राम के मूल्यों और रामराज्य को वेलफेयर से जोड़ा। इस तरह उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर से देश को वेलफेयर का संदेश दिया। पीएम मोदी ने रामचरित मानस की पंक्ति दोहराते हुए कहा- नहीं दरिद्र, कोउ दुखी ना दीना। यह संदेश बताता है कि विकसित भारत की संकल्पना में कोई भी दुखी और दरिद्र नहीं रहना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे राम भेद से नहीं भाव से जुड़ते हैं। उन्हें वंश नहीं मूल्य प्रिय हैं। उन्हें शक्ति नहीं संयोग मान लगता है। पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, आदिवासी, वंचित, युवा और किसान समेत सभी वर्गों को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति और हर क्षेत्र सशक्त होगा तो देश राम राज्य की ओर बढ़ेगा। हमें आने वाले 1000 वर्षों के लिए भारत की नींव मजबूत करनी है। जो सिर्फ वर्तमान का सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। इसलिए क्योंकि जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था। हम जब नहीं रहेंगे, यह देश तब भी रहेगा। हम एक जीवंत समाज हैं और हमें दूरदर्शिता के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए भी हमें प्रभु राम से सीखना होगा। हमें उनके व्यक्तित्व को समझना होगा और उनके व्यवहार को आत्मसात करना होगा। हमें याद रखना होगा कि राम यानी आदर्श, मर्यादा, धर्म पथ पर चलने वाला व्यक्तित्व। राम यानी जनता के हित को सुरक्षित रखना। राम यानी ज्ञान और विवेक की पराकाष्ठा। राम यानी कोमलता में दृढ़ता। पीएम मोदी ने कहा कि यह धर्मध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा। युगों-युगों तक प्रभु राम के आदर्शों और प्रेरणाओं को मानव मात्र तक पहुंचाएगा। मैं इस अद्वितीय अवसर की सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं उन भक्तों को भी प्रणाम करता हूं, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग दिया। इसके अलावा सभी श्रम वीरों, योजनाकारों और अन्य लोगों का भी अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान किया। सदियों की वेदना पर विराम लगा, अब 2047 का टारगेट पीएम मोदी ने कहा कि राम ध्वजा लहराने के साथ ही सदियों की वेदना विराम पा रही है। भगवान राम अयोध्या से युवराज के रूप में निकले थे और लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बनकर। उनके साथ गुरु वशिष्ठ की शिक्षा थी तो माता शबरी का ममत्व भी था। निषादराज का साथ भी था, जो हमें स्मरण कराता है कि साधन से अहम साध्य होता है। अब एक बार फिर से समाज में उसी समरसता के भाव से सभी के विकास के लिए काम होगा। हम विकसित भारत का ऐसा ही सपना देखते हैं। गुलामी की मानसिकता ने राम को भी नकारा, मैकाले का असर व्यापक लॉर्ड मैकाले ने गुलामी की मानसिकता की नींव रखी थी। 2035 में उस घटना के 200 साल पूरे हो रहे हैं। हमें लक्ष्य लेकर चलना है कि भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। दुर्भाग्य है कि मैकाने जो सोचा था, उसका प्रभाव कहीं व्यापक हुआ है। हमें आजादी तो मिली, लेकिन हीन भावना से मुक्ति नहीं मिली। एक विकार आ गया कि विदेशों की हर चीज अच्छी है और हमारे यहां की हर चीज में खोट ही खोट है। इस मानसिकता से हमें मुक्ति पानी है। कहा गया कि हमारा संविधान भी विदेश से प्रेरित है, लेकिन सच यह है कि भारत तो लोकतंत्र की जननी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह भी तो गुलामी की ही मानसिकता है कि एक वर्ग ने राम को नकारा है। त्रेता युग अयोध्या ने दुनिया को नीति दी और 21वीं सदी की अयोध्या दुनिया को विकास का मॉडल देगी।