samacharsecretary.com

भारत की बेटियों का दमखम: महिला कबड्डी टीम की लगातार दूसरी वर्ल्ड कप जीत पर PM मोदी हुए भावुक

नई दिल्ली  भारतीय महिला कबड्डी टीम ने सोमवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए कबड्डी विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीनी ताइपे को 35-28 के अंतर से हराकर लगातार दूसरी बार यह प्रतिष्ठित विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने दी बधाई भारतीय टीम के अजेय प्रदर्शन और ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'हमारी भारतीय महिला कबड्डी टीम को कबड्डी विश्व कप 2025 जीतकर देश का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई! उन्होंने शानदार जुझारूपन, कौशल और समर्पण दिखाया है। उनकी जीत अनगिनत युवाओं को प्रेरित करेगी।' गृह मंत्री अमित शाह ने भी टीम की तुरंत सराहना की। उन्होंने कहा, 'हमारे महिला कबड्डी टीम के इतिहास रचने पर मुझे बहुत गर्व है। आपकी शानदार जीत इस बात की पुष्टि करती है कि भारत की खेल प्रतिभा अद्वितीय है।' पूरे टूर्नामेंट में रहा अजेय दबदबा इस टूर्नामेंट में 11 देशों ने हिस्सा लिया था और भारतीय टीम पूरे सफर में अजेय रही। फाइनल से पहले सेमीफाइनल में उन्होंने मजबूत टीम ईरान को 33-21 से हराया था। वहीं, चीनी ताइपे ने सेमीफाइनल में मेजबान बांग्लादेश को मात दी थी। पूर्व भारतीय कप्तान अजय ठाकुर ने टीम की इस जीत को महिला कबड्डी के बढ़ते दबदबे और वैश्विक लोकप्रियता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत दिखाती है कि पिछले कुछ सालों में महिला कबड्डी ने कितनी तरक्की की है। यह इस साल भारतीय महिला टीम का दूसरा बड़ा खिताब था, इससे पहले उन्होंने मार्च में एशियाई चैंपियनशिप भी जीती थी। पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने टीम के आत्मविश्वास और टीम वर्क की सराहना की। ग में भारत ने थाइलैंड, बांग्लादेश, जर्मनी और युगांडा को मात देकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। भारत ने सेमीफाइनल में ईरान को 33-21 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। दूसरी ओर चीनी ताइपै ने बांग्लादेश को 25-18 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी। मार्च 2025 में एशियाई चैंपियनशिप जीतने के बाद भारत का यह दूसरा बड़ा खिताब है। पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा- देश को गौरवान्वित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, ‘भारतीय महिला कबड्डी टीम को विश्व कप 2025 जीतकर देश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई। उन्होंने जबर्दस्त कौशल, प्रतिबद्धता और दृढता का प्रदर्शन किया। उनकी जीत से अनगिनत युवाओं को कबड्डी खेलने, बड़े सपने देखने और ऊंचे लक्ष्य तय करने की प्रेरणा मिलेगी।’ ‘टीमवर्क और आत्मविश्वास ने दिलाई जीत’ पूर्व कप्तान अजय ठाकुर ने भारतीय टीम की जीत को खेल में आए बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, ‘फाइनल तक का उनका दबदबा और फिर खिताबी जीत यह दिखाता है कि महिला कबड्डी पिछले कुछ वर्षों में कितनी आगे बढ़ी है। यह खेल की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता का भी प्रमाण है।’ पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने टीम के आत्मविश्वास और एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘विश्व कप जीतना बेहद कठिन होता है। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने बेहतरीन विश्वास और टीमवर्क दिखाया। सभी को बहुत-बहुत बधाई।’ भारत की ‘शेरनियों’ ने दुनिया में फिर बजाया डंका भारतीय महिला कबड्डी टीम ने लगातार दूसरा विश्व कप जीतकर साबित कर दिया है कि इस खेल में दुनिया पर शासन की असली हकदार वही हैं। बेहतरीन फिटनेस, रणनीति और तालमेल की बदौलत टीम इंडिया ने फिर विश्व कबड्डी में स्वर्णिम इतिहास रचा। देश आपको सलाम करता है: राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा, ‘भारतीय महिला कबड्डी टीम को वर्ल्ड कप घर लाने और देश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई। आपका धैर्य, अनुशासन और साहस भारत की भावना को दर्शाता है। देश आपको सलाम करता है। जय हिंद।’

कुरुक्षेत्र में PM मोदी करेंगे सिक्का लॉन्च, सिर्फ CM सैनी की होगी स्पीच

कुरुक्षेत्र  धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में नौवें सिख गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को लेकर भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूरी नगरी सज-धजकर समागम का स्वागत करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या से दर्शन के बाद शाम करीब चार बजे कुरुक्षेत्र पहुंचेगे। उनका आगमन देशभर के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है। प्रधानमंत्री हेलिपेड पर उतरने के तुरंत बाद 206 करोड़ रुपये से बने महाभारत अनुभव केंद्र का निरीक्षण करेंगे और केंद्र परिसर में दो करोड़ की लागत से तैयार पंचजन्य स्मारक का उद्घाटन करेंगे। समागम स्थल पर वे गुरु ग्रंथ साहिब के सामने नतमस्तक होंगे और गुरु तेग बहादुर जी व उनके परिवार के जीवन व संघर्ष पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पटियाला के 350 बच्चों द्वारा प्रस्तुत कीर्तन का श्रवण करेंगे और मंच पर जाकर संबोधन देंगे। गुरु तेग बहादुर पर एग्जीबिशन देखेंगे पीएम पीएम चार बजे पांचजन्य चौक का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री हरियाणा सीएम नायब सैनी के साथ ज्योतिसर में महाभारत अनुभव केंद्र जाएंगे। वहां से पीएम साढ़े चार बजे ज्योतिसर में आयोजित 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। यहां वह सबसे पहले गुरु तेग बहादुर पर लगाई गई एग्जीबिशन देखेंगे। इसके बाद प्रार्थना और कीर्तन में शामिल होंगे। सेंड आर्ट म्यूजिकल शो भी होगा। सिर्फ सीएम सैनी की स्पीच होगी पीएम के इस शेड्यूल में सिर्फ हरियाणा सीएम नायब सैनी की स्पीच होगी। वह अपने संबोधन में पीएम का स्वागत करेंगे। सिरोपा भेंट किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री कॉफी टेबल बुक का अनावरण करेंगे। इस दौरान पीएम 350वें शहीदी दिवस पर पीएम डाक टिकट और एक सिक्का रिलीज करेंगे। पांच बजे के करीब पीएम ब्रह्मसरोवर पहुंचेंगे, जहां वह ग्रुप फोटोग्राफ में शामिल होंगे। मंदिर में दर्शन और पूजा के बाद पीएम साढ़े बजे अंबाला से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। मुख्य मंच पर नीचे बैठेंगे PM मोदी मुख्य मंच को 25 एकड़ में बनाया गया है। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान होंगे। मंच के एक तरफ 350 बच्चियां कीर्तन करेंगी, जबकि दूसरी तरफ PM मोदी और अन्य नेता बैठेंगे। इस मुख्य पंडाल कहीं पर भी बैठने के लिए कुर्सी नहीं होगी। सब नीचे जमीन पर ही बैठेंगे और गुरु ग्रंथ साहिब मंच से करीब ढाई फुट ऊपर विराजमान रहेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री डाक टिकट और गुरु जी के नाम पर स्मारक सिक्का भी जारी करेंगे। वे समागम स्थल पर लंगर का प्रसाद ग्रहण भी कर सकते हैं। पूरे कार्यक्रम में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। तीन हेलिपेड की जांच सेना द्वारा की गई, जबकि एसपीजी की टीम कार्यक्रम स्थल पर निगरानी बनाए हुए है। इतिहास के अनुसार गुरु तेग बहादुर जी दो बार कुरुक्षेत्र आए थे। पहली बार 1665 में धर्म प्रचार के लिए और दूसरी बार 1672 में दिल्ली जाते समय। इस पावन धरती पर उनके आगमन और उपदेश आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

CM योगी की पाती: श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण से शुरू होगा नया युग, कल पीएम मोदी करेंगे कार्यक्रम

अयोध्या  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर 25 नवंबर को ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर केसरिया भगवा ध्वज फहराएंगे, जो त्रेता युग की प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करने का प्रतीक माना जा रहा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो प्रार्थना करते हैं कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो। उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि ये हम सभी प्रदेशवासियों के लिए आनंद और गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में अयोध्या में हो रहा कार्य प्रभु श्रीराम के जीवन मूल्यों से प्रेरित है। सौहार्द एवं सौमनस्य का यह पुनः प्राप्त वातावरण के पीछे अनन्य श्रद्धा, रामभक्तों की आस्था तथा सनातन संस्कृति के गौरवगान है। पीएम मोदी करेंगे अयोध्या के श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर मंगलवार को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में केसरिया ध्वज फहराएंगे, जो भगवान राम की सूर्यवंशीय परंपरा का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज सूर्य के प्रतीक के साथ अंकित है, जो दिव्य ऊर्जा, सद्गुण और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। समारोह से पूर्व 21 से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं, जिन्हें 108 आचार्यों द्वारा संपन्न किया जा रहा है। केसरिया ध्वज फहराया जाएगा इस केसरिया ध्वज की कुल ऊंचाई 21 फीट है जिसमें 161 फीट ऊंचे शिखर पर 42 फीट का ध्वजस्तंभ लगाया गया है। इसे अहमदाबाद की एक 80 वर्ष पुरानी कंपनी ने तैयार किया है, जो पैराशूट निर्माण करती है। ध्वज विशेष पैराशूट फैब्रिक और रेशमी साटन धागों से बुना गया है जो सूर्य की तेज किरणों, भारी वर्षा और 60 किमी/घंटा तक की हवाओं का सामना कर सकता है। सीएम योगी की प्रदेशवासियों के नाम पाती इस ऐतिहासिक पल से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि ” 25 नवंबर को अयोध्या का नाम पुनः इतिहास के पृष्ठ पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा। इस अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी आनंद और गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। कबीरदास जी, अद्वैतवादी आचार्य शंकराचार्य, संत तुलसीदास, मलिक मोहम्मद जायसी, संत रैदास आदि महापुरुषों की तपोभूमि एवं आध्यात्मिक धरोहरों को पुनर्स्थापित करने का यह शुभ क्षण है। प्रभु श्रीराम का नगर सतत् विकास के प्रतिमान स्थापित करता हुआ अद्यतन कला-सौंदर्य एवं संस्कृति के सनातन अध्यात्म एवं आधुनिक स्थापत्य बृहत्तरता के लिए श्रीरामलला धरातल से लेकर अनंत तक उत्कृष्टता की कड़ी बन रहा है, सुरक्षा भी सुदृढ़ हुई है। मुझे श्रीराम की नगरी विश्व मानचित्र पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अंकित होते देख हर्ष, गौरव का अनुभव हो रहा है और अद्भुत विकास भी। मेरी यही कामना है कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो।” उन्होंने आह्वान किया कि आइए हम सभी मिलकर रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित एक नव–उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।

अयोध्या राम मंदिर में विशेष मुहूर्त में ध्वजारोहण, पीएम मोदी के संग काशी के विद्वानों की रहेंगे उपस्थिति

अयोध्या  श्रीराम मंदिर का कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है. 25 नवंबर को शिखर पर ध्वजारोहण के साथ इसकी विधिवत घोषणा भी हो जाएगी. कार्य पूरा होने का संदेश देने के लिए ही पीएम मोदी मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे. इसके लिए पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने मुहूर्त निकाला है. ध्वजारोहण के लिए 30 मिनट का मुहूर्त निकाला गया है. ये वही गणेश्वर शास्त्री हैं, जिन्होंने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकाला था. पीएम मोदी 11:45 से लेकर 12:29 के बीच ध्वजारोहण करेंगे. मुहूर्त के मुताबिक इसी दौरान सारे अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे. जिसके लिए काशी से 19 नवंबर को ही विद्वानों का दल पहुंच चुका है. 20 नवंबर को शेष विद्वान वाराणसी और दक्षिण भारत से अयोध्या पहुंचे हैं. मंदिर में मुख्य शिखर के साथ-साथ ही 7 पताकाएं फहराई जाएंगी. एक पताका शेषावतार मंदिर में लगाया जा रहा है और 6 पताकाएं परकोटा के पंचायतन के 6 मंदिरों में लगाए जाएंगे. ये सभी 6 एक विशेष व्यवस्था के अंतर्गत हैं, इस तरह कुल सात पताकाएं लगाए जाएंगे. इसी प्रकार का कार्यक्रम बनाया गया है. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं बल्कि विकास की प्रयोगशाला बन चुका है. अयोध्या के ऐतिहासिक विकास ने युवाओं की ज़िंदगी में नई रोशनी, स्थानीय उद्योगों में नई सांसें और परंपरागत कला में एक नई दिशा दी है.

PM मोदी ने G20 मंच से कहा—पुराने विकास मॉडल ने दुनिया को नुकसान पहुंचाया, अब सबके लिए विकास जरूरी

जोहान्सबर्ग  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुंचे, जहां वे 21 से 23 नवंबर तक होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है. शनिवार को उन्होंने सम्मेलन को संबोधित किया.  अफ्रीका की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन ने एक ऐतिहासिक शुरुआत देखी, और उसके उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विकास की दिशा बदलने वाले तीन बड़े प्रस्ताव रखे. G20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने क्या-क्या कहा? पीएम मोदी ने कहा कि कई दशकों से जी20 दुनिया की अर्थव्यवस्था को आकार देता रहा है, लेकिन वर्तमान विकास मॉडल ने बड़े समुदायों को संसाधनों से वंचित किया है. उन्होंने साफ कहा कि इन मॉडलों ने प्रकृति का अंधाधुंध दोहन बढ़ाया है और सबसे अधिक असर अफ्रीका और ग्लोबल साउथ पर पड़ा है. उन्होंने तीन बड़े प्रस्ताव रखे.  1. ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपोजिटरी प्रधानमंत्री ने ऐसी ज्ञान-परंपराओं की बात उठाई जो सदियों से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में प्रकृति-संतुलन, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता को बनाए रखती हैं. उन्होंने कहा कि भारत के “भारतीय ज्ञान प्रणालियां” मॉडल के आधार पर एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार बननी चाहिए, ताकि टिकाऊ जीवन के इन अनुभवों को संरक्षित कर अगली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके. 2. जी20 अफ्रीका कौशल गुणक पहल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अफ्रीका का विकास पूरी दुनिया के हित में है. इसी सोच के साथ उन्होंने “जी20–अफ्रीका कौशल गुणक” का ऐलान किया. यह पहल ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल पर आधारित होगी, जिसे सभी G20 देश मिलकर फंड और सपोर्ट करेंगे. लक्ष्य है अगले 10 साल में एक मिलियन प्रमाणित ट्रेनर तैयार करना, जो फिर लाखों युवाओं को कौशल दे सकेंगे. 3. ड्रग-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने पर G20 पहल प्रधानमंत्री ने ड्रग–टेरर नेटवर्क पर भी गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि फेंटानाइल जैसे सिंथेटिक ड्रग पूरी दुनिया में स्वास्थ्य, समाज और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं. इसलिए जी20 को एक संयुक्त अभियान – ड्रग-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने पर G20 पहल शुरू करना चाहिए. यह तस्करी, अवैध वित्तीय नेटवर्क और आतंकी फंडिंग को रोकने में मदद करेगा. पीएम मोदी ने अफ्रीका और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को जी20 की मुख्यधारा में लाने की जरूरत दोहराई और कहा कि भारत “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” की सोच को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है. G20 बैठक में बोले पीएम मोदी – अब समय है विकास के नए मानक तय करने का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, G20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में भाषण दिया. यह सत्र समावेशी और टिकाऊ विकास पर केंद्रित था.  उन्होंने कहा कि अफ्रीका पहली बार G20 समिट की मेजबानी कर रहा है, इसलिए अब सही समय है कि हम अपने विकास के पैमानों को फिर से देखें और ऐसा विकास मॉडल अपनाएं जो सबको साथ ले और लंबे समय तक टिक सके. पीएम मोदी ने कहा कि भारत के प्राचीन मूल्यों, खासकर समग्र मानववाद का सिद्धांत, दुनिया को आगे बढ़ने का बेहतर रास्ता दिखाता है. G20 समिट में पीएम मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात दक्षिण अफ्रीका में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की. यह बातचीत जोहान्सबर्ग में चल रही बहुपक्षीय बैठकों के बीच हुई, जहां दोनों नेताओं ने आपसी मुद्दों पर चर्चा की. पीएम मोदी की कई विश्व नेताओं से मुलाकात G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विश्व नेताओं से मुलाकात और बातचीत की. G20 में कौन-कौन से देश शामिल हैं? अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, तुर्किये, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका देश शामिल हैं. इसके अलावा दो क्षेत्रीय संगठन भी इस समूह में शामिल हैं – यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ. 

आनंदपुर साहिब गुरुघर के अनुभव के साथ तैयार होगा PM मोदी का समागम स्थल

कुरुक्षेत्र गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर व इंदबड़ी की करीब 170 एकड़ धरा पर गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी समागम बेहद खास रहेगा। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के चलते यहां विशेष तैयारी की जा रही है। संगत को यहां पहुंचते ही पंजाब के रूपनगर स्थित और सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक माने जाने वाले आनंदपुर साहिब गुरुघर का अनुभव होगा। इसकी थीम पर ही समागम की तैयारी की जा रही है, पूरे समागम स्थल को गुरुघर का रूप दिया जाएगा। आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी और श्री गुरु गोविंद सिंह जी रहे थे और यहीं सन् 1699 में गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब है, जो सिख धर्म के पांच तख्तों में से तीसरा है। ऐसे में इस समागम स्थल को भी उसी तर्ज पर सजाया जाएगा। एचएसजीएमसी प्रधान जगदीश सिंह झींडा का कहना है कि यहां संगत को पूरी तरह से गुरुघर का अहसास होगा। समागम स्थल के लिए वॉटरबॉडी से गुजरेगी संगत वाहनों की आवाजाही नेशनल हाईवे 152 डी की ओर से रखी जाएगी और यहां पहुंचते ही इंदबड़ी की ओर पार्किंग होगी। पार्किंग के साथ ही प्रवेश द्वार होगा। इसके बाद संगत विशेष तौर पर तैयार की जा रही वॉटर बॉडी से गुजरते हुए समागम स्थल में प्रवेश करेगी। इसी समागम स्थल के दोनों ओर लंगर हॉल होंगे। वहीं, समागम के मुख्य पंडाल के करीब 150 मीटर दूरी पर ही तीन हेलिपेड का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। इन हेलिपेड को मुख्य पंडाल, पिहोवा रोड और ज्योतिसर गांव की सड़क से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए तीनों ओर सड़क तैयार की जाएगी। यही नहीं इंदबड़ी जाने वाली सड़क से लेकर मुख्य पंडाल तक भी एक सड़क तैयार की जाएगी। प्रदर्शनी में बयां होगा पूरा संघर्ष मुख्य पंडाल के साथ ही 30 बाई 60 मीटर एरिया में प्रदर्शनी तैयार की जा रही है जिसका 50 फीसदी से ज्यादा कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी व उनके परिवार के पूरे जीवन व संघर्ष को चित्रों के जरिये दर्शाया जाएगा। यही नहीं पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में पूरा विवरण भी दर्ज होगा। 100 से ज्यादा हट कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा से लेकर अन्य कर्मियों के लिए 100 से ज्यादा हट तैयार की गई हैं। वहीं, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और बिजली सप्लाई रूम तैयार किए जा रहे हैं।

किसानों को बड़ी सौगात: पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त जारी, लाखों परिवारों को मिलेगा लाभ

कोयंबटूर (तमिलनाडु)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में ‘दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन’ को संबोधित किया और पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के करीब 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में सीधे 18,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। तमिलनाडु के लाखों किसानों को भी इस योजना का लाभ मिला। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 11 साल में देश के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। कृषि निर्यात लगभग दोगुना हो चुका है। सरकार ने किसानों के लिए हर तरह की मदद के दरवाजे खोल दिए हैं, ताकि खेती को आधुनिक बनाया जा सके। उन्होंने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “आने वाले समय में भारत प्राकृतिक खेती का विश्व केंद्र बनेगा। हमारी जैव विविधता नया रूप ले रही है। आज का युवा खेती को आधुनिक और बड़ा अवसर मान रहा है। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को बहुत ताकत मिलेगी।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कुछ समय पहले, हमने इसी मंच से पीएम-किसान सम्मान निधि की किस्त जारी की थी। देश के सभी कोनों में किसानों को 18,000 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए। तमिलनाडु के लाखों किसानों को भी पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत उनके खातों में राशि प्राप्त हुई है।" उन्होंने प्राकृतिक खेती को अपने दिल के बहुत करीब बताते हुए सम्मेलन के आयोजन और प्रदर्शनी की तारीफ की। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में कई युवा किसानों से उनकी मुलाकात हुई। कोई मैकेनिकल इंजीनियर है, कोई पीएचडी धारक है, तो कोई नासा छोड़कर खेती कर रहा है और दूसरों को प्रशिक्षण दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर मैं आज इस कार्यक्रम में नहीं आया होता तो जिंदगी में बहुत कुछ मिस कर देता। यहां आकर मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं तमिलनाडु के किसानों के हौसले और बदलाव अपनाने की ताकत को सलाम करता हूं।” वहीं, मंच पर आते ही जब कुछ किसानों ने हवा में गमछा लहराया तो प्रधानमंत्री मुस्कुराते हुए बोले, “लग रहा है बिहार की हवा मुझसे पहले यहां पहुंच गई।” बता दें कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, युवा और कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने सभी को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को जोड़ने का आह्वान किया।

श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में ऐश्वर्या राय ने पीएम मोदी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया

पुट्टपर्थी बॉलीवुड की ब्यूटी क्वीन ऐश्वर्या राय हाल ही में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह का हिस्सा बनीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्य अतिथि के तौर पर इस ऐतिहासिक अवसर में शामिल हुए. इस दौरान ऐश्वर्या राय ने पीएम मोदी से खास मुलाकात की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया. पीएम मोदी संग ऐश्वर्या राय की मुलाकात का ये लम्हा हर किसी के लिए यादगार बन गया है.  ऐश्वर्या ने लिया पीए मोदी का आशीर्वाद ऐतिहासिक समारोह में ऐश्वर्या राय ने धर्म और जाति पर खास स्पीच दी. उन्होंने धर्म, जाति को लेकर अपनी राय दुनिया के सामने रखी. लेकिन स्पीच देने से पहले एक्ट्रेस ने स्टेज पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. ऐश्वर्या के संस्कारों ने फैंस का दिल जीत लिया है. फैंस उनकी तारीफ करते थक नहीं रहे हैं.  सत्य साईं बाबा की महासमाधि पर पीएम मोदी हुए नतमस्तक, श्रद्धासुमन किया अर्पित  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के श्री सत्यसाई जिले स्थित प्रशांति निलयम में दिवंगत आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने सत्य साई बाबा की महासमाधि पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धासुमन भेंट किए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने श्री सत्य साई बाबा के जीवन, शिक्षाओं और विरासत के सम्मान में 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का तथा डाक टिकटों का एक सेट जारी किया। सचिन तेंदुलकर और ऐश्वर्या राय भी रहे मौजूद इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, के. राम मोहन नायडू तथा बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, “प्रशांति निलयम के साईं कुलवंत हॉल में श्री सत्य साई बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित की और ओंकार हॉल में दर्शन किए। इन पवित्र स्थलों में आना उनकी असीम करुणा और मानवता के उत्थान के प्रति आजीवन समर्पण की याद दिलाता है। निस्वार्थ सेवा का उनका संदेश आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है।” पीएम मोदी ने आगे लिखा कि श्री सत्य साई सेंट्रल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में पशु कल्याण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आज गौदान समारोह में शामिल हुआ, जिसमें जरूरतमंद किसानों को गायें वितरित की जा रही हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि हम श्री सत्य साई बाबा के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहें। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे सत्य साई बाबा श्री सत्य साई बाबा भारत ही नहीं, विश्व के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, शिक्षाविद् और मानवतावादी थे। वे प्रेम, सेवा, शांति और एकता के संदेश के लिए जाने जाते थे। उनके लाखों अनुयायी उन्हें शिरडी साईं बाबा का पुनर्जन्म और दिव्य अवतार मानते हैं। उनके भक्तों में सचिन तेंदुलकर से लेकर ऐश्वर्या राय बच्चन जैसी हस्तियां शामिल हैं। जन्म शताब्दी समारोह के तहत प्रशांति निलयम में पूरे वर्ष विभिन्न धार्मिक और सेवा संबंधी आयोजन हो रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा सत्य साई बाबा की शिक्षाओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्पीच में क्या बोलीं ऐश्वर्या राय? ऐश्वर्या राय ने फिर मानवता, धर्म, जाति पर जबरदस्त स्पीच भी दी. एक्ट्रेस की स्पीच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अपनी स्पीच में ऐश्वर्या ने कहा- सिर्फ एक ही जाति है, वो है मानवता की जाति. केवल एक ही धर्म है, वो है प्यार का धर्म. केवल एक ही भाषा है, वो है दिल की भाषा, और केवल एक ही ईश्वर है, जो हर जगह मौजूद है.  पीएम मोदी के लिए क्या बोलीं ऐश्वर्या राय ऐश्वर्या राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा. एक्ट्रेस बोलीं- मैं पीएम नरेंद्र मोदी जी का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं, क्योंकि वो आज हमारे साथ समारोह में शामिल हुए हैं. उन्होंने इस खास मौके की शोभा बढ़ाई है. मैं आपके बुद्धिमान और प्रेरणादायक शब्दों को सुनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही हूं. आपका यहां होना इस जन्म शताब्दी समारोह को और भी पवित्र और खास बना रहा है. यह हमें स्वामी के उस संदेश की याद दिलाता है कि असली नेतृत्व सेवा करना है और इंसान की सेवा ही भगवान की सबसे बड़ी सेवा है. ऐश्वर्या राय की स्पीच का वीडियो भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.  इस समारोह में श्री सत्य साईं बाबा की विरासत को भी याद किया गया. उनका जन्म 23 नवंबर, 1926 को पुट्टपर्थी में सत्यनारायण राजू के रूप में हुआ था. दया, एकता और निस्वार्थ सेवा जैनी शिक्षाओं के कारण वो दुनियाभर में मशहूर हुए थे. श्री सत्य साईं बाबा का 24 अप्रैल, 2011 को 84 साल की उम्र में निधन हो गया था. वो अपने लाखों भक्तों के लिए एक अनमोल विरासत छोड़ गए. दुनिया के करोड़ों लोग उन्हें एक महान आध्यात्मिक गुरु के रूप में याद करते हैं.

छत्तीसगढ़ के विकास की खुलकर तारीफ: प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री साय की भूमिका बताई अहम

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं. यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तारीफ करते हुए कही. गुजरात के नर्मदा में भगवान बिरसामुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं. इसी तरह BJP-NDA ने हमेशा आदिवासी समाज के होनहार साथियों को शीर्ष पदों पर पहुंचाने का प्रयास किया है. आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं.’ गुजरात के आदिवासी जिलों को दी सौगात इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 14 आदिवासी जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मां नर्मदा की यह पावन धरती आज एक और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बन रही है. अभी 31 अक्टूबर को हमने यहां सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई थी.’ उन्होंने कहा कि हमारी एकता और विविधता को सेलिब्रेट करने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ और आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के इस भव्य आयोजन के साथ हम भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी बन रहे हैं. मैं इस पावन अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को प्रणाम करता हूं.

सरकारी क्रेडिट कार्ड स्कीम: कितनी मिलेगी खर्च करने की सीमा? पूरी डिटेल पढ़ें

नई दिल्ली  केंद्र की कई ऐसी स्कीम हैं जिसमें सरकार लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराती है। ऐसी ही स्कीम प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) भी है। बीते साल के आम बजट में सरकार ने इस स्कीम के तहत यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने का ऐलान किया था। इसकी लिमिट 30 हजार रुपये तक की तय की गई है। यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से स्ट्रीट वेंडरों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडर खुदरा और थोक लेनदेन करने पर 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना की शुरुआत कोरोना काल में हुई थी। इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स को लोन दिया जाता है ताकि वे अपना काम कर सकें। यह योजना 31 मार्च, 2030 तक के लिए है। पहले योजना के तहत पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये दिया जाता था लेकिन बीते अगस्त महीने में सरकार ने इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया। इसी तरह, पहले लोन की दूसरी किस्त 20,000 रुपये होती थी। इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। वहीं, तीसरी किस्त पहले की तरह 50,000 रुपये पर है। अगस्त में क्या बदला था? बीते अगस्त महीने में सरकार ने बताया था कि इस योजना का कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपए है। पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ देना है। इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी, आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) पर संयुक्त रूप से रहेगी। इसमें डीएफएस की भूमिका, बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी स्तर के अधिकारियों के माध्यम से ऋण/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी। पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में पहली और दूसरी किस्त में बढ़ी हुई ऋण राशि, दूसरा ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इस योजना का दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना कस्बों व अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि बढ़ाया जा रहा है।