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आदिवासी वीरों के बलिदान को नमन: पीएम मोदी ने याद दिलाया उनका गौरवशाली योगदान

अहमदाबाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 'जनजातीय गौरव दिवस' कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव हजारों वर्षों से हमारे भारत की चेतना का अभिन्न हिस्सा रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन में ट्राइबल समाज के योगदान को हम भुला नहीं सकते हैं। नर्मदा में भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां नर्मदा की ये पावन धरती आज एक और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बन रही है।  अभी 31 अक्टूबर को हमने यहां सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई। हमारी एकता और विविधता को सेलिब्रेट करने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ है। आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के इस भव्य आयोजन के साथ हम भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2021 में हमने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। जनजातीय गौरव हजारों वर्षों से हमारे भारत की चेतना का अभिन्न हिस्सा रहा है।  पीएम मोदी ने कहा, "जब-जब देश के सम्मान, स्वाभिमान और स्वराज की बात आई, तो हमारा आदिवासी समाज सबसे आगे खड़ा हुआ। हमारा स्वतंत्रता संग्राम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। स्वतंत्रता आंदोलन में ट्राइबल समाज के योगदान को हम भुला नहीं सकते।" विकास और जनजातीय कल्याण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य, सड़क और यातायात से जुड़े कई और प्रोजेक्ट्स शुरू हुए हैं। मैं इन सभी विकास कार्यों के लिए, सेवा कार्यों के लिए, कल्याण योजनाओं के लिए आप सभी को विशेषकर के गुजरात और देश के जनजातीय परिवारों को बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के पहले भगवान बिरसा मुंडा को कोई याद करने वाला नहीं था। सिर्फ उनके अगल-बगल के गांव तक ही पूछा जाता था। आज देशभर में कई ट्राइबल म्यूजियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री गोविंद गुरु चेयर जनजातीय भाषा संवर्धन केंद्र की स्थापना भी हुई है। यहां भील, गामित, वसावा, गरासिया, कोकणी, संथाल, राठवा, नायक, डबला, चौधरी, कोकना, कुंभी, वर्ली, डोडिया… ऐसी सभी जनजातियों की बोलियों पर अध्ययन होगा। उनसे जुड़ी कहानियों और गीतों को संरक्षित किया जाएगा। इससे पहले, जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नर्मदा में भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित की। डेडियापाडा में 'जनजातीय गौरव दिवस' कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया।

झारखंड के 25वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने दी बधाई

रांची मोदी ने जनजातीय अधिकार नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की विरासत को याद करते हुए कहा, ‘‘जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।'' झारखंड 2000 में बिहार से अलग करके बनाया गया था। 15 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस होने के साथ ही आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती भी है। 

पीएम मोदी का नर्मदा दौरा: देवमोगरा मंदिर में पूजा-अर्चना, बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

सूरत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं, जहां वे कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। अपने गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी सबसे पहले सूरत पहुंचे हैं, जहां उन्होंने अंत्रोली इलाके में बन रहे बुलेट ट्रेन स्टेशन का जायजा भी लिया है। बता दें कि, पीएम मोदी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (एमएएचएसआर) की प्रगति की समीक्षा करेंगे। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात और दादरा व नगर हवेली में और 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में है। यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई समेत प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। गुजरात को देंगे 9700 करोड़ रुपये की सौगात पीएम मोदी अपने गुजरात दौरे के दौरान जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती समारोह में भी शिरकत करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नर्मदा जिले में 9700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं में आदिवासी कल्याण, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और विरासत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पीएम मोदी के दौरे का पूरा कार्यक्रम पीएम मोदी दोपहर में डेडियापाड़ा पहुंचेंगे और एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वह कई परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इन परियोजनाओं में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जगुआ) के तहत बने एक लाख घरों का गृह प्रवेश शामिल है। इसके अलावा पीएम मोदी लगभग 1900 करोड़ रुपये की लागत वाले 42 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों,  डिब्रूगढ़ में असम मेडिकल कॉलेज में एक सक्षमता केंद्र और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए इंफाल में एक जनजातीय अनुसंधान संस्थान भवन का भी उद्घाटन करेंगे। 250 बस, 50 नए एकलव्य विद्यालयों की सौगात प्रधानमंत्री गुजरात के 14 आदिवासी जिलों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। वह आदिवासी क्षेत्रों में 748 किलोमीटर नई सड़कों और डीए-जगुआ के तहत 14 आदिवासी बहु-विपणन केंद्रों की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी 2,320 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 50 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की भी आधारशिला रखेंगे।

एनडीए की लहर में ‘लालटेन’ मंद पड़ी—पीएम मोदी का संदेश: जनता ने विकास को चुना

पटना पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर बिहार चुनाव के नतीजों पर लिखा कि 'सुशासन की जीत हुई है। विकास की जीत हुई है। जन-कल्याण की भावना की जीत हुई है। सामाजिक न्याय की जीत हुई है। बिहार के मेरे परिवारजनों का बहुत-बहुत आभार, जिन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत का आशीर्वाद दिया है। यह प्रचंड जनादेश हमें जनता-जनार्दन की सेवा करने और बिहार के लिए नए संकल्प के साथ काम करने की शक्ति प्रदान करेगा।' 'मैं एनडीए के प्रत्येक कार्यकर्ता का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अथक परिश्रम किया है। उन्होंने जनता के बीच जाकर हमारे विकास के एजेंडे को सामने रखा और विपक्ष के हर झूठ का मजबूती से जवाब दिया। मैं उनकी हृदय से सराहना करता हूं!' पीएम मोदी ने लिखा कि 'आने वाले समय में हम बिहार के विकास, यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्य की संस्कृति को नई पहचान देने के लिए बढ़-चढ़कर काम करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यहां की युवा शक्ति और नारी शक्ति को समृद्ध जीवन के लिए भरपूर अवसर मिले।'

व्हाइट कॉलर आतंकवाद का चौंकाने वाला मामला: डॉक्टरों ने रची PM मोदी पर प्लानिंग

लखनऊ  दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच अब एक बड़े आतंकी नेटवर्क तक जा पहुंची है. देशभर में 2,900 किलो से ज्यादा विस्फोटक बरामद हुए हैं, डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने ‘व्हाइट कॉलर आतंकवाद’ का चेहरा दिखाया है और अब एजेंसियां उस कहानी के गुम हिस्से जोड़ने की कोशिश में जुटी हैं, जिससे लाल किले ब्लास्ट की पूरी साजिश समझ में आ सके. इसी जांच के दौरान एक बड़ी खौफनाक साजिश सामने आई है. व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल ने 4 शहरों को दहलाने की साजिश रची थी. इतना ही नहीं पीएम मोदी से लेकर आरएसएस चीफ तक निशाने पर थे. मगर, उससे पहले ही एजेंसी की सतर्कता के कारण इनका प्लान फुस्स हो गया. सूत्रों की मानें तो 4 शहर में 8 धमाकों की तैयारी की जा रही थी. आइए जानते हैं सब… जम्मू-कश्मीर पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब उमर नबी की हर गतिविधि पर फोकस कर रही हैं. उमर वही डॉक्टर है जिसे आत्मघाती हमलावर बताया जा रहा है. एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि 30 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच यानी उन 10 दिनों में उमर ने क्या किया, कहां गया और किससे मिला. दरअसल, यही वो वक्त था जब उसके साथी डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया था. मुजम्मिल का नाम उसके एक और साथी डॉ. आदिल राथर से पूछताछ के दौरान सामने आया था. सूत्रों का कहना है कि 30 अक्टूबर तक उमर और उसका ग्रुप गाड़ियों और विस्फोटक जैसी जरूरी चीजों की व्यवस्था नहीं कर पाए थे. लेकिन 10 नवंबर तक उन्होंने एक कार में हाई ग्रेड विस्फोटक भर दिया, जो आखिरकार लाल किले के पास फटा. सवाल ये उठ रहा था कि सिर्फ 10 दिनों में उन्होंने इतनी बड़ी तैयारी कैसे कर ली थी. एजेंसियों को शक था कि उमर को उस वक्त कुछ लोगों से मदद मिली, जिनका नाम अभी सामने नहीं आया है. मगर, अब सूत्रों की माने तो जांच एजेंसी को बड़ा सुराग हाथ लगा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य खुफिया एजेंसियों ने एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है. जांच में सामने आया है कि व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल ने चार शहरों में आठ अलग-अलग धमाकों की योजना बनाई थी. इन धमाकों का मकसद 25 नवंबर और 6 दिसंबर को देश की सुरक्षा को दहलाना था. सूत्रों के अनुसार, 25 नवंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विस्फोट की साजिश रची जा रही थी. इसके अलावा 6 दिसंबर को दिल्ली में भी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी. जांच में यह भी पता चला है कि इस साजिश की शुरुआत 2022 में विदेश से हुई थी. विदेशी हैंडलर उकासा ने मॉड्यूल के सदस्यों उमर और मुजम्मिल को निर्देश दिए और योजना को अंजाम देने के लिए उकसाया. इतना ही नहीं इन दोनों आरोपियों ने 2023 से जनवरी 2025 तक लाल किले की कई बार रेकी भी की थी. सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में आतंकी टेलीग्राम एप के जरिए बातचीत कर रहे थे. बाद में उन्होंने अधिक सुरक्षित माने जाने वाले सिग्नल और सेशन ऐप का इस्तेमाल शुरू किया. विस्फोटक सामग्री और पुराने वाहनों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही थी. एजेंसियों के मुताबिक, मॉड्यूल ने देश में डर और दहशत फैलाने के लिए बड़ी योजना बनाई थी, लेकिन समय रहते साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया. जांचकर्ताओं ने कहा कि उमर और मुजम्मिल विदेश से मिले निर्देशों के तहत काम कर रहे थे और उनका मकसद सिर्फ बड़े स्तर पर आतंक फैलाना था. सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस मामले में सभी आरोपी पकड़ लिए गए हैं और उनसे आवश्यक पूछताछ जारी है.

दिल्ली बम धमाकों के घायलों से मिले पीएम मोदी, भूटान से लौटते ही पहुंचे LNJP अस्पताल

नई दिल्ली दिल्ली में सोमवार को हुए विस्फोट की घटना में कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं. भूटान से वापस आते ही पीएम मोदी एलएनजीपी अस्पताल पहुंचे. जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की. बताते चलें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस घटना की जांच कर रही है. एनआईए के अधिकारी भी एलएनजीपी अस्पताल जाएंगे. सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने दिल्ली ब्लास्ट की जांच के लिए 'स्पेशल 10' अधिकारियों की टीम तैयार की है, जिसमें आईजी, दो डीआईजी और 3 एसपी होंगे. बाकी डीएसपी स्तर के अधिकारी इस टीम में शामिल हैं. दिल्ली ब्लास्ट मामले को लेकर बुधवार को एनआईए के डीजी और आईबी चीफ की बैठक भी हुई है.  सूत्रों ने यह भी बताया कि एनआईए की टीम जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और हरियाणा पुलिस से 'जैश मॉड्यूल' की तमाम केस डायरी आज अपने कब्जे में लेगी. वहीं, फरीदाबाद में 'आतंकी मॉड्यूल' का पर्दाफाश होने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में है. इस यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन संदिग्ध आतंकियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ. मामले में एजेंसियों ने जांच दायरा बढ़ाते हुए छह और लोगों को हिरासत में लिया.  अल फलाह यूनिवर्सिटी में जांच एजेंसियां 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं. इन लोगों में यूनिवर्सिटी में डॉक्टर मुजम्मिल के साथ काम करने वाले संकाय सदस्य, विश्वविद्यालय के छात्र और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं. इस कार्रवाई के बीच छह लोगों को हिरासत में लिया गया. फिलहाल, फरीदाबाद पुलिस उनसे संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल के बारे में पूछताछ कर रही है. 

सीमा से आगे बढ़कर राष्ट्र की शान बना पूर्वोत्तर: प्रधानमंत्री का संबोधन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि अब यह देश का अग्रिम चेहरा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "इस आर्टिकल में केंद्रीय मंत्री जेएम सिंधिया ने उत्तर पूर्व की अपनी यात्रा का अनुभव शेयर किया और वहां की सुंदरता और लोगों की अटूट भावना के बारे में बताया है।" पीएम मोदी ने आगे लिखा, "केंद्रीय मंत्री ने उत्तर पूर्व को 'अष्टलक्ष्मी' बताते हुए कहा कि कैसे यह दक्षिणपूर्व एशिया के लिए भारत का प्राकृतिक गेटवे बन रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि देश का अग्रिम चेहरा है।" आर्टिकल में सिंधिया ने कहा, "पूर्वोत्तर की मनमोहक सुंदरता की बराबरी केवल यहां के लोगों की गर्मजोशी, सादगी और अदम्य साहस से ही हो सकती है, जिन्होंने मुझ पर अमिट छाप छोड़ी है। मैं इस यात्रा से इस क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि के लिए और भी अधिक परिश्रम और लगन से काम करने के नए संकल्प के साथ घर लौट रहा हूं।" केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सरकार पूर्वोत्तर को संपर्क, संस्कृति और वाणिज्य के एक जीवंत केंद्र में बदल रही है। अगर उनकी दूरदर्शी सोच और चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता न होती, तो आशा और संभावनाओं का यह पुनरुत्थान शायद अभी भी एक दूर का सपना ही बना रहता।" उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे यह क्षेत्र 'लैंडलॉक' से 'लैंडलिंक्ड' होता जा रहा है, परिवर्तन की रफ्तार को महसूस किया जा सकता है, जहां विकास समावेशिता और गरिमा के साथ-साथ चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने अपर शिलांग स्थित मशरूम विकास केंद्र के अपने दौरे का जिक्र किया, जिसे ग्रामीण आजीविका में बदलाव लाने के लिए बनाया गया है। उत्तर पूर्वी परिषद के तहत 1982 में स्थापित, इस केंद्र में अब नव स्थापित शिटाके मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र है, जो हर साल लगभग 1.5 लाख लकड़ी के बुरादा के ब्लॉक का उत्पादन करता है, जिनमें से प्रत्येक से एक किलोग्राम शिटाके मशरूम प्राप्त होता है जिसकी बाजार में कीमत 1,000 रुपए तक होती है। सिंधिया ने कहा, "आंकड़ों से परे, जो बात मेरे दिमाग में रही, वह थी उन किसानों के चेहरे और कहानियां जिनसे मैं मिला, उनकी आंखें गर्व से चमक रही थीं, जब उन्होंने बताया कि कैसे यह पहल सम्मानजनक आजीविका बनाने, हरित उद्यमिता को पोषित करने और प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित एक सच्चे आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर को विकसित करने के उद्देश्य से प्रेरित है।"

‘ईज ऑफ डूइंग’ से पहले जरूरी ‘ईज ऑफ जस्टिस’ : प्रधानमंत्री का बड़ा बयान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में कानूनी सहायता वितरण तंत्र को मजबूत करने पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कानूनी सहायता वितरण तंत्र की मजबूती और कानूनी प्रक्रिया देश से जुड़ा ये कार्यक्रम हमारी न्यायिक व्यवस्था को नई मजबूती देगा। मैं 20वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस की आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि अब न्याय सबके लिए पहुंच योग्य हो गया है। अब समय से न्याय होता है और किसी भी तरह की सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि देखे बिना हर व्यक्ति तक पहुंचता है। तभी वह सामाजिक न्याय की नींव बनता है। कानूनी सहायता इस बात में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है कि न्याय सभी के लिए पहुंच योग्य हो। पीएम मोदी ने कहा कि 'ईज ऑफ डूइंग' और 'ईज ऑफ लिविंग' तभी संभव है जब 'ईज ऑफ जस्टिस' भी सुनिश्चित हो। पिछले कुछ सालों में 'ईज ऑफ जस्टिस' को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी हम इस दिशा में तेजी लाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता (मीडिएशन) हमेशा हमारी सभ्यता का हिस्सा रही है। नया मीडिएशन एक्ट इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, उसे आधुनिक स्वरूप दे रहा है। मुझे विश्वास है कि इस प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से सामुदायिक मध्यस्थता के लिए ऐसे रिसोर्स तैयार होंगे, जो विवादों को सुलझाने, सद्भाव बनाए रखने और मुकदमेबाजी को कम करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी आज समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है। न्याय वितरण में ई-कोर्ट परियोजना भी इसका एक शानदार उदाहरण है। जब लोग कानून को अपनी भाषा में समझते हैं तो इससे बेहतर अनुपालन होता है और मुकदमेबाजी कम होती है। इसके साथ ही ये भी आवश्यक है कि निर्णय और कानूनी दस्तावेज को स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराया जाए। पीएम मोदी ने कहा कि यह वाकई बहुत सराहनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 80 हजार से अधिक जजमेंट्स को 18 भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने की पहल की है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह प्रयास आगे हाईकोर्ट और जिला स्तर पर भी जारी रहेगा।

मोदी का तीखा बयान: ‘जंगलराज वालों को लगा झटका, जनता अब विकास चाहती है, कट्टा नहीं’

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी में विशान जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं माता जानकी की प्रकट स्थली से संपूर्ण बिहार को प्रणाम करता हूं। पहले चरण के मतदान ने कमाल कर दिया है। उन्होंने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले चरण के मतदान से जंगलराज वालों को 65 वोल्ट का झटका लगा है। आपका यह प्यार और उमंग देखकर स्पष्ट लगता है कि इस बार फिर से एनडीए सरकार बनेगी। आपका आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत है। पीएम मोदी ने "नहीं चाहिए कट्टा सरकार, फिर एक बार एनडीए सरकार" का नारा दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव विकसित बिहार बनाने का चुनाव है। यह चुनाव आपके आने वाली पीढ़ी का भविष्य तय करेगा। इसलिए यह चुनाव काफी अहम है। इसलिए आपलोग पिछले हर मतदान का रिकॉर्ड तोड़ दें। बड़ी तादात में मतदान करें और हमारे उम्मीदवारों को अपना आशीर्वाद दें। पीएम मोदी ने बताया जंगलराज का मतलब पीएम मोदी ने कहा कि राजद वाले बिहार के बच्चों के लिए क्या करना चाहते हैं? यह इनके नेताओं के चुनाव प्रचार में साफ दिखता है। आप जंगलराज वालों के गाने और नारे सुन लीजिए, आप कांप जाएंगे। राजद के मंचों पर मासूम बच्चों से कहलवाया जा रहा है कि उन्हें रंगदार बनना है। आप मुझे बताइए बिहार के बच्चे को रंगदार बनना चाहिए या डॉक्टर बनना चाहिए? क्या हम रंगदार बनाने वालों को जीतने देंगे? बिहार का बच्चा अब रंगदार नहीं, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, जज बनेगा। मैं बिहार में जंगलराज वालों की जगह नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि राजद के लोग बिहार के बच्चों को कट्टा और दोनाली दे रहे हैं। खुद के बच्चों को मंत्री बनाना चाहते हैं। सारे सपने केवल अपने बच्चों के लिए देखते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जंगलराज का मतलब है- कट्टा, क्रूरता कटुता, कुशासन, कुसंस्कार, करप्शन। क्या यह सब बिहार को मंजूर होगा?' 'राजद ने बिहार में विकास का माहौल ही खत्म कर दिया' पीएम मोदी ने कहा कि जैसे ही बिहार में जंगलराज आया, वैसे ही राज्य में बर्बादी का दौर शुरू हो गया। राजद ने बिहार में विकास का माहौल ही खत्म कर दिया। राजद और कांग्रेस वाले उद्योगों की एबीसी भी नहीं जानते हैं। वह केवल उद्योगों पर ताले लगाना चाहते हैं। यहीं मिथिला में मीलें और फ्रैक्ट्रियां बंद हो गईं। 15 साल में कोई भी बड़ा अस्पताल और फैक्ट्री बिहार में नहीं बना। इसलिए जंगलराज वालों के मुंह से विकास की बात सफेद झूठ है। बिहार के लोगों का सरकार से भरोसा उठ गया था। नीतीश कुमार ने इस भरोसे को वापस लाया। भाजपा और एनडीए की सरकार जो कहती और वह कहकर दिखाती है। मिथिला की बहन और बेटियों में अद्भुत सामर्थ्य है पीएम मोदी ने कहा कि मिथिला की बहन और बेटियों में अद्भुत सामर्थ्य है। मोदी आपकी कला को दुनिया में पहुंचा रहा है। मैं दुनिया भर के लोगों को मधुबनी पेंटिंग देने का काम कर रहा हूं। यह सब मैं इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मुझे बिहार पर गर्व है। मुझे बिहार की बेटियों की ताकत पर गर्व है। मैं चाहता हूं कि आपकी कला और आपका कौशल दुनिया भर में पहुंचे। पीएम मोदी ने मछली पालन के क्षेत्र में बिहार ने कमाल कर दिया है। इसी तरह हमलोग मखाना को हर कोने में पहुंचाना चाहते हैं। बिहार का मखाना दुनिया में पहुंचेगा तो फायदा छोटे किसानों को होगा। पीएम ने कांग्रेस पर जमकर बोला हमला पीएम मोदी ने कहा कि अगर राजद-कांग्रेस की सरकार रहती तो आपके हक का पैसा लूट लिया जाता। यह मैं नहीं बल्कि कांग्रेस के नामदार के पिताजी कहते थे। वह कहते थे कि दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो गांव में जाते-जाते 15 पैसा हो जाता है। जरा बताओ यह कौन सा पंजा था? जो एक रुपये को घिस-घिस कर 15 पैसा कर देता था। आज पटना या दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो 100 के 100 पैसे आपके खाते में जमा होते हैं। कांग्रेस और राजद आपका पैसा लूटने की फिराक में है। यह लोग इतने साल तक सत्ता में रहे लेकिन केवल लोगों को लूटने का काम करते रहे। देश के 100 से अधिक जिलों को कांग्रेस ने पिछड़ा घोषित कर दिया। इसमें सीतामढ़ी भी था। हमने इन पिछड़े जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया। आज सीतामढ़ी दूसरे विकसित जिलों को टक्कर दे रहा। कांग्रेस और राजद वाले अपमान की राजनीति करते हैं पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और राजद सिर्फ अपमान और गाली-गलौज की राजनीति करते हैं। इन लोगों को हमारे पर्व और त्योहारों से भी चिढ़ है। कांग्रेस के नामदार छठ महापर्व को नौटंकी और ड्रामा करते हैं। उन्होंने महान तपस्या का अपमान किया। अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा का इनलोगों ने अपमान किया। महाकुंभ का अपमान किया। राजद और कांग्रेस वाले अपने वोट बैंक के कारण रामजी, निषाद राज, सबरी माता का बहिष्कार करते हैं। यह लोग तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। यह लोग घुसपैठियों को बचाने के लिए पूरी शक्ति से लगे हुए हैं। जिनका भारत से कोई लेना देना नहीं, वो लोग उनको बचा रहे हैं। यह लोग आपके हक पर डाका डालते हैं। यह आपके संतानों के हक की चोरी करते हैं। हमारे बेटियों और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाते हैं। आप लोग इस चुनाव में उन्हें सजा जरूर देना है। लोकतंत्र में सजा देने का तरीका है, आपका एक वोट। वोट से आपलोग इन्हें सजा देना। संजय झा बोले- मिथिला की धरती पर पीएम मोदी का स्वागत है जनता दल यूनाईटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि मिथिला की धरती पर पीएम मोदी का स्वागत है। उन्होंने बिहार को बजट में काफी कुछ दिया। वह हमेशा बिहार के विकास के बारे में सोचते रहे हैं। पीएम मोदी के सहयोग के कारण बिहार आने वाले पांच साल में देश के टॉप 10 राज्यों में शामिल होगा। संजय झा ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के हर एक परिवार की महिलाओं को 10 हजार रुपये रोजगार के लिए दिया है। विपक्ष के लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं लेकिन उनकी बातों में मत आइएगा।  

काशी से निकली विकास की रफ्तार! मोदी ने दी 4 ‘वंदे भारत’ ट्रेनों को हरी झंडी

वाराणसी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन देश को साल 4 सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत की सौगात दी है. बनारस स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर पीएम मोदी ने फूलों से सजे बनारस से खजुराहो तक जाने वाले वन्देभारत ट्रेन को रवाना किया है. इस ट्रेन की शुरुआत के बाद देश की सांस्कृतिक डोर से विश्व धरोहर की गांठ और मजबूत होगी. वाराणसी आने वाले पर्यटक सीधे खजुराहो तक कि यात्रा कर सकेंगे. टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि इस ट्रेन से काशी आने वाले पर्यटकों को काफी फायदा मिलेगा. यह सीधी ट्रेन महज 8 घंटे में बनारस से खजुराहो तक जाएगी. बीच में चित्रकूट भी एक जंक्शन पड़ेगा. ऐसे में यह पूरा एक सर्किट बनाएगी जिससे टूरिज्म को काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से पर्यटन से जुड़े उद्यमियों की मांग थी कि काशी से खजुराहो के बीच ट्रेन सेवा की शुरुआत हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के पर्यटन उद्यमियों की सुनी और आज बनारस से खजुराहो के बीच सीधी चलने वाली वंदेभारत ट्रेन कि उन्होंने सौगात दे दी. जिससे सभी पर्यटन उद्यमी काफी खुश है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अधिकांश देशों के विकास में इंफ्रास्ट्रक्चर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. किसी भी शहर में जैसे ही बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है, उसका विकास अपने-आप तेजी से शुरू हो जाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ बड़े पुलों और हाइवे तक सीमित नहीं है. पीएम मोदी का कहना था कि काशी से खजुराहो वंदे भारत के अलावा, फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत, लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत और एर्नाकुलम-बेंगलुरू वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई गई है. इन 4 नई वंदे भारत ट्रेनों के साथ ही अब देश में 160 से ज्यादा नई वंदे भारत ट्रेनों का संचालन होने लगा है. पीएम ने आगे कहा, आज वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें, भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव तैयार कर रही हैं. ये भारतीय रेलवे को transform करने का एक पूरा अभियान है. वंदे भारत भारतीयों की, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए बनाई गई ट्रेन है. जिस पर हर भारतीय को गर्व है. पर्यटकों के लिए बड़ी सौगात वहीं अजय सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज काशी को इस ट्रेन के जरिये बहुत बड़ी सौगात दी है .इससे यहां के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा और यात्री सहूलियत के साथ सांस्कृतिक राजधानी काशी से खजुराहो तक जा पाएंगे. बताते चलें कि वाराणसी से खजुराहो तक जाने के लिए पर्यटकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती थी. लेकिन अब इस ट्रेन की सौगात के बाद उन्हें सहूलियत मिलेगी. वाराणसी को मिली 8 वीं वंदेभारत ट्रेन वाराणसी में लगातार सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत भारत का कुनबा बढ़ते जा रहा है. बनारस-खजुराहो वन्देभारत की शुरुआत के बाद यह 8 वीं वंदेभारत ट्रेन है जो वाराणसी से चलेगी. गौरतलब है कि वाराणसी एकमात्र शहर है जहां से 8 वंदेभारत ट्रेन का संचालन होता है. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन आज से बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु रूट पर संचालित होंगी. डीआरएम गौरव अग्रवाल ने बताया, आज चार नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई. लखनऊ के लोगों को लखनऊ से सहारनपुर जाने का मौका मिलेगा, जो सोमवार को छोड़कर हफ़्ते में 6 दिन चलेंगी.  वंदे भारत की सौगात मिलने पर एक स्थानीय नागरिक का कहना था कि काशी आने वाले सभी श्रद्धालु- चाहे वे दिल्ली से हों या देश-विदेश के अन्य हिस्सों से… पहले काशी पहुंचते हैं, फिर प्रयागराज, चित्रकूट और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ते हैं. इसी मार्ग से खजुराहो भी जुड़ता है, जो हमारा ऐतिहासिक और विश्व धरोहर स्थल है. यह पहल सराहनीय है. हमें उम्मीद है कि एनडीए सरकार भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखेगी. आज चार वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत हो रही है. इससे पहले शुक्रवार शाम करीब 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी पहुंचे. पीएम का विशेष विमान बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरा, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जिले के प्रभारी सुरेश खन्ना, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी. राम, कमिश्नर एस. राजालिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद पीएम मोदी सड़क मार्ग से बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस पहुंचे. उनका काफिला बाबतपुर, हरहुआ, गिलट बाजार, जेपी मेहता, फुलवरिया फ्लाईओवर और बरेका होते हुए गुजरा. पूरे मार्ग पर हजारों लोग, बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी 'मोदी-मोदी' और 'हर हर महादेव' के नारों के साथ उनका स्वागत करते दिखे. चार नई वंदे भारत का रूट्स… 1. बनारस → खजुराहो 2. खजुराहो → बनारस 3. लखनऊ → सहारनपुर 4. सहारनपुर → लखनऊ 5. दिल्ली → फिरोजपुर 6. फिरोजपुर → दिल्ली 7. बेंगलुरु → एरणाकुलम 8. एरणाकुलम → बेंगलुरु धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार चार नई ट्रेनों में सबसे अहम मानी जा रही है बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे काशी और पूरे पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है. यह ट्रेन बनारस, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगी. इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी. नई वंदे भारत सेवा वर्तमान स्पेशल ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी. इससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव मिलेगा. क्या बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव… केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी स्टेशन का निरीक्षण किया और कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी स्टेशन से चार वंदे भारत सेवाओं को हरी झंडी दिखाई. ये सभी सेवाएं यात्रियों को अत्यधिक सुविधा प्रदान करेंगी. चाहे अमृत भारत ट्रेनें हों, नामो भारत हों या वंदे भारत- यात्रियों की सुविधा पर फोकस करते हुए नई पीढ़ी की ट्रेनें लगातार शुरू की जा रही हैं. इसी के साथ देशभर के 1,300 स्टेशनों पर भी पुनर्विकास का काम चल रहा है.