samacharsecretary.com

वंदे मातरम को बाँटना ही विभाजन की शुरुआत थी: पीएम मोदी

नई दिल्ली वंदे मातरम को भारत की शाश्वत संकल्पना बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष भर चलने वाले स्मरणोत्सव का शुभारंभ विशेष डाक टिकट और सिक्के के विमोचन के साथ किया। वंदे मातरम की गौरव गाथा को विभिन्न उपमाओं-अलंकरणों से स्पंदन देते हुए पीएम मोदी ने इससे जुड़े इतिहास के एक काले पन्ने को पलटने के साथ ही बिना किसी का नाम लिए वर्तमान चुनौतियों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा- 'आजादी की लड़ाई में वंदे मातरम की भावना ने पूरे राष्ट्र को प्रकाशित किया था, लेकिन दुर्भाग्य से 1937 में वंदे मातरम के महत्वपूर्ण पदों को, उसकी आत्मा के एक हिस्से को अलग कर दिया गया था। वंदे मातरम के टुकड़े किए गए थे। इस विभाजन ने देश के विभाजन के बीज भी बो दिए थे।'   'विभाजनकारी सोच देश के लिए आज भी चुनौती' पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र निर्माण का इस महामंत्र के साथ ये अन्याय क्यों हुआ? ये आज की पीढ़ी को भी जानना जरूरी है, क्योंकि वही विभाजनकारी सोच देश के लिए आज भी चुनौती बनी हुई है। नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित वंदे मातरम स्मरणोत्सव के शुभारंभ समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें इस सदी को भारत की सदी बनाना है। ये साम‌र्थ्य भारत के 140 करोड़ लोगों में है। हमें इसके लिए खुद पर विश्वास करना होगा। उन्होंने चेताया कि इस संकल्प यात्रा में हमें पथभ्रमित करने वाले भी मिलेंगे। नकारात्मक सोच वाले लोग हमारे मन में शंका-संदेह पैदा करने का प्रयास भी करेंगे। तब हमें आनंद मठ का वो प्रसंग याद करना है, जिसमें जब संतान भवानंद वंदे मातरम गाता है तो एक दूसरा पात्र तर्क-वितर्क करता है। वह पूछता है कि तुम अकेले क्या कर पाओगे? तब वंदे मातरम से प्रेरणा मिलती है, जिस माता के इतने करोड़ पुत्र-पुत्री हों, उसके करोड़ों हाथ हों, वो माता अबला कैसे हो सकती है? 'वंदे मातरम एक ऊर्जा है' इस प्रसंग के साथ ही भारत के जन-बल का महत्व रेखांकित करते हुए पीएम ने कहा कि आज तो भारत माता की 140 करोड़ संतान हैं। उसके 280 करोड़ भुजाएं हैं। इनमें से 60 प्रतिशत से भी ज्यादा नौजवान हैं। दुनिया का सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय लाभ हमारे पास है। ये साम‌र्थ्य इस देश का है, ये साम‌र्थ्य मां भारती का है। ऐसा क्या है, जो आज हमारे लिए असंभव है? ऐसा क्या है, जो हमें वंदे मातरम के मूल सपने को पूरा करने से रोक सकता है? प्रधानमंत्री ने राष्ट्र गीत को मंत्र बताते हुए देशवासियों को ऊजीकृत करने का प्रयास किया। कहा कि वंदे मातरम एक ऊर्जा है, एक स्वप्न है, एक संकल्प है। ये एक शब्द मां भारती की साधना है। ये आत्मविश्वास से भर देता है और हमारे भविष्य को नया हौसला देता है कि ऐसा कोई संकल्प नहीं, जिसकी सिद्धि न हो सके। ऐसा कोई लक्ष्य नहीं, जो हम भारतवासी पा ना सकें। देश बांटने का अंग्रेजों का खतरनाक प्रयोग था बंगाल विभाजन प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम के सहारे इतिहास के कुछ पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई का शायद ही ऐसा कोई अध्याय होगा, जिससे वंदे मातरम किसी न किसी रूप से जुड़ा नहीं था। 1896 में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने कलकत्ता अधिवेशन में वंदे मातरम गाया। 1905 में बंगाल का विभाजन हुआ। ये देश को बांटने का अंग्रेजों का एक खतरनाक प्रयोग था, लेकिन वंदे मातरम उन मंसूबों के आगे चट्टान बनकर खड़ा हो गया। बंगाल के विभाजन के विरोध में सड़कों पर एक ही आवाज थी- वंदे मातरम। उन्होंने कहा कि बरिसाल अधिवेशन में जब आंदोलनकारियों पर गोलियां चलीं, तब भी उनके होंठों पर वही मंत्र था। भारत के बाहर रहकर आजादी के लिए काम कर रहे वीर सावरकर जैसे स्वतंत्र सेनानी जब आपस में मिलते थे तो उनका अभिवादन वंदे मातरम से ही होता था। पीएम ने महात्मा गांधी, श्री अरबिंदो और भीकाजी कामा का भी उल्लेख किया।  

कट्टा राज की चेतावनी! तेजस्वी यादव पर पीएम मोदी का बड़ा तंज

औरंगाबाद  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। उन्होंने आरजेडी और महागठबंधन की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये अभी से बच्चों को रंगदार बनाने की बात कर रहे हैं। पीएम ने आरोप लगाया- ये खुलेआम घोषणा कर रहे हैं कि भैया की सरकार आएगी तो कट्टा, दोनाली, फिरौती, रंगदारी, यही सब चलेगा। औरंगाबाद में शुक्रवार को एनडीए की चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं।   पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लोगों को विपक्ष से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “बिहार को कट्टा सरकार नहीं चाहिए। बिहार को कुशासन सरकार नहीं चाहिए। बिहार को भाजपा-एनडीए पर भरोसा है। क्योंकि एनडीए ने बिहार को जंगलराज से बाहर निकाला। बिहार को विश्वास है कि एनडीए ही बिहार को विकसित बनाकर रहेगा। इसलिए बिहार एनडीए के ईमानदार संकल्प पत्र पर भरोसा करता है।” प्रधानमंत्री मोदी ने महागठबंधन में फूट का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तक को अपमानित किया। उन्होंने आरोप लगाए कि आरजेडी ने कांग्रेस को वही सीटें दीं, जहां से वो 35-40 साल से नहीं जीत पाई। साथ ही अपने पुराने बयान को दोहराते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखकर आरजेडी ने मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी भी चोरी कर ली। आज भी अनेकों सीटों पर राजद-कांग्रेस आमने सामने है। जो अपने साथियों को धोखा दे सकते हैं, वो किसी के सगे नहीं हो सकते हैं। मोदी ने आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस सिर्फ अपमान और गाली-गलौज की राजनीति करते हैं। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के 'शाही परिवार के नामदार' ने छठी मैया की पूजा को ड्रामा कहा। ये लोग महाकुंभ को भी फालतू कहते हैं। इन्हें हमारे हर पर्व त्योहार से चिढ़ है। हमारी आस्था को अपमानित करते रहते हैं। पीएम ने कहा कि छठ महापर्व पर माताएं-बहनें पानी तक नहीं पीती हैं। इसे ड्रामा कहना छठी मैया का अपमान है। जिन लोगों ने इस महातपस्या का अपमान किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि वोट से इन्हें सजा देनी है। मोदी ने दावा किया कि एनडीए की अब तक की सबसे बड़ी विजय इस चुनाव में होगी। उन्होंने 14 नवंबर को विजय उत्सव की तैयारी करने की भी बात कही।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा — विभाजन की सोच अब भी राष्ट्र के सामने सबसे बड़ी बाधा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर एक वर्ष तक चलने वाले स्मरणोत्सव का शुभारंभ किया है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वंदे मातरम, ये शब्द एक मंत्र है, एक ऊर्जा है, एक स्वप्न है, एक संकल्प है। वंदे मातरम, ये शब्द मां भारती की साधना है, मां भारती की आराधना है। वंदे मातरम, ये शब्द हमें इतिहास में ले जाता है, ये हमारे वर्तमान को नए आत्मविश्वास से भर देता है, और हमारे भविष्य को ये नया हौसला देता है कि ऐसा कोई संकल्प नहीं जिसकी सिद्धि न हो सके, ऐसा कोई लक्ष्य नहीं जिसे हम भारतवासी पा न सकें। गुलामी के कालखंड  'वंदे मातरम्' आजादी का गीत बना- पीएम इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'गुलामी के उस कालखंड में वंदे मातरम् इस संकल्प का उद्घोष बन गया था और वह उद्घोष था- भारत की आजादी का, मां भारती के हाथों से गुलामी की बेड़िया टूटेगी और उसकी संतानें स्वयं अपने भाग्य की भाग्य विधाता बनेगी।' उन्होंने आगे कहा 'गुलामी के कालखंड में जिस तरह अंग्रेज भारत को नीचा और पिछड़ा बताकर अपने शासन को सही ठहराते थे, इस पहली पंक्ति ने उस दुष्प्रचार को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इसलिए, 'वंदे मातरम्' न केवल आजादी का गीत बना, बल्कि 'वंदे मातरम्' ने करोड़ों देशवासियों के सामने स्वतंत्र भारत कैसा होगा, वह 'सुजलाम सुफलाम' सपना भी प्रस्तुत किया।'   'आतंक के विनाश के लिए दुर्गा भी बनना जानता है भारत' इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, '1927 में महात्मा गांधी ने कहा था 'वंदे मातरम्' हमारे सामने पूरे भारत की एक ऐसी तस्वीर प्रस्तुत करता है जो अखंड है… हमारे राष्ट्रीय ध्वज में समय के साथ कई बदलाव हुए हैं, लेकिन तब से लेकर आज तक, जब भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, तो 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' स्वतः ही हमारे मुंह से निकलता है।' पीएम मोदी ने आगे कहा कि 'बीते वर्षों में दुनिया ने भारत के इसी स्वरूप का उदय देखा है। हमने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे हैं और जब दुश्मन ने आतंकवाद के माध्यम से भारत की सुरक्षा और सम्मान पर प्रहार करने का दुस्साहस किया, तो पूरी दुनिया ने देखा कि नया भारत अगर मानवता की सेवा के लिए कमला और विमला का स्वरूप है, तो आतंकवाद के विनाश के लिए 10 प्रहर धारिणी दुर्गा बनना भी जानता है।'   विभाजनकारी सोच आज भी देश के लिए चुनौती- पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आजादी की लड़ाई में 'वंदे मातरम्' की भावना ने पूरे राष्ट्र को आलोकित किया, लेकिन दुर्भाग्य से 1937 में इसकी आत्मा का एक हिस्सा, 'वंदे मातरम्' के महत्वपूर्ण पदों को अलग कर दिया गया। 'वंदे मातरम्' को खंडित किया गया, उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। 'वंदे मातरम्' के इसी विभाजन ने देश के विभाजन के बीज भी बोए… आज की पीढ़ी के लिए यह जानना जरूरी है कि यह अन्याय क्यों हुआ, क्योंकि वही विभाजनकारी सोच आज भी देश के लिए चुनौती बनी हुई है।'

इनोवेशन को मिलेगा बूस्ट! R&D इकोसिस्टम के लिए मोदी सरकार लाएगी 1 लाख करोड़ रुपए की स्कीम

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सुबह लगभग 9:30 बजे नई दिल्ली स्थित 'भारत मंडपम' में साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को एक लाख करोड़ रुपए के रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) स्कीम फंड की शुरुआत भी करेंगे। इस योजना का उद्देश्य देश में निजी क्षेत्र के संचालित रिसर्च एंड डेवलपमेंट इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। ईएसटीआईसी का आयोजन 3 से 5 नवंबर तक किया जाएगा।  इस सम्मेलन में शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग और सरकार के 3,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ-साथ नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रख्यात वैज्ञानिक, इनोवेटर्स और पॉलिसी मेकर्स भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, विचार-विमर्श 11 प्रमुख विषय सेक्टरों पर केंद्रित होगा, जिनमें एडवांस मटेरियल्स एंड मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, ब्लू इकॉनमी, डिजिटल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, उभरती एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी, एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट, हेल्थ एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी, क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी शामिल हैं। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी जानकारी दी गई कि ईएसटीआईसी में प्रमुख वैज्ञानिक अपने विचार रखेंगे। इसके अलावा पैनल डिस्कशन होगा। प्रेजेंटेशन दिखाई जाएगी और टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन होगा। यह कार्यक्रम भारत के साइंस एंड टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए शोधकर्ताओं, उद्योग और युवा इनोवेटर्स के बीच सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह के अनुसार, 'ईएसटीआईसी 2025' युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए नए समाधान, मार्गदर्शन करने और उद्योग व स्टेकहॉल्डर से जुड़ने का एक मंच है।  

PM मोदी का हमला: तेजस्वी यादव को बनाया गया CM फेस दबाव में, RJD पर साधा निशाना

पटना  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बिहार के आरा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए RJD और कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “आरजेडी ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कराया।” प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि RJD के उम्मीदवार को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाए, लेकिन RJD ने दबाव डालकर यह फैसला कांग्रेस से छीन लिया। मोदी ने कहा कि दोनों दलों के बीच पहले से ही गहरा मतभेद है और चुनाव के बाद यह टकराव और बढ़ेगा। “इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता,” उन्होंने कहा।   बिहार के युवाओं को बिहार में ही मिलेगा रोजगार पीएम मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि NDA का संकल्प है कि बिहार के युवा राज्य से बाहर न जाएं, बल्कि यहीं काम पाएं और बिहार का नाम रोशन करें। उन्होंने घोषणा की, “हम आने वाले दिनों में 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। यह सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि इसे साकार करने का ठोस प्लान तैयार है।” ‘ईमानदार घोषणापत्र बनाम जंगलराज गठबंधन’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित बिहार के लिए NDA ने एक ईमानदार और दूरदर्शी घोषणापत्र पेश किया है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, “एक तरफ NDA का ईमानदार घोषणापत्र है, वहीं दूसरी तरफ जंगलराज गठबंधन का घोषणापत्र धोखे और झूठ से भरा है। जनता अब सब जानती है, किसी के बहकावे में नहीं आएगी।”   सिख दंगों की दिलाई याद अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर 1984 के सिख दंगों की याद दिलाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “1 और 2 नवंबर 1984 को कांग्रेस के लोगों ने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिखों का नरसंहार कराया था। आज भी कांग्रेस उन्हीं दोषियों को सम्मानित कर रही है और उन्हें नए पद दे रही है।” उन्होंने कहा कि RJD और कांग्रेस दोनों को अपने पापों का कोई पछतावा नहीं है। “एक ने जंगलराज दिया, तो दूसरे ने देश को दंगों की आग में झोंका”।

पीएम मोदी ने ली तीजन बाई की तबीयत की जानकारी, जिला प्रशासन ने तुरंत की कार्रवाई

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पीएम मोदी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान पीएम मोदी ने पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के बारे में पूछा, तो पूरा प्रशासन हरकत में आ गया। जिला कलेक्टर समेत स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम फौरन तीजन बाई के घर पहुंची और उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। सभी अधिकारी लगभग आधे घंटे तक तीजन बाई के घर पर मौजूद रहे। काफी समय से बीमार हैं तीजन बाई दरअसल 2024 में तीजन बाई के तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उनका बीपी काफी बढ़ गया था और वो बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही थीं। यही नहीं, वो कई लोगों को पहचानने में भी असमर्थ थीं। सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजन बाई के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को बेहतर उपचार और उनके देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी। सीएम ने दिया थे आदेश सीएम के आदेश के बाद चिकित्सकों की एक टीम समय-समय पर तीजन बाई के आवास पर भेजी जाती थी और उनकी सेहत की लगातार निगरानी की जा रही थी। वहीं, जब आज पीएम मोदी ने उनका जिक्र किया, तो जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह समेत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज दानी समेत कई अधिकारी तीजन बाई के आवास पर पहुंच गए। तीजन बाई का घर गनियारी गांव में है। पीएम मोदी के पूछने के बाद ही प्रशासन की पूरी टीम तीजन बाई के घर पर पहुंची और आधे घंटे तक उनका चेकअप हुआ। इस दौरान दौरान तीजन बाई के परिवार के भी सभी सदस्य मौक पर मौजूद थे। परिवार के सदस्यों के मुताबिक तीजन बाई ठीक से कुछ बोल या बता नहीं पा रही हैं।

पीएम मोदी पहुंचे सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल, बाल हृदय रोगियों से की खास मुलाकात

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रायपुर के एक दिवसीय दौरे पर हैं. एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद वे श्री सत्य साईं संजीवनी चाइल्ड हार्ट हॉस्पिटल पहुंचे. यहां वे “दिल की बात” कार्यक्रम में करी शिरकत. इस दौरान हृदय रोग का सफल ऑपरेशन करा चुके करीब 2500 बच्चों के साथ संवाद किया . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायपुर पहुंचने से पहले सोशल मीडिया एक्स पर प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी है. उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि “छत्तीसगढ़ के अपने सभी भाई-बहनों को राज्य के स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ की अनेकानेक शुभकामनाएं. प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए मानदंड गढ़ने में जुटा है. कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे यहां के कई इलाके आज विकास की प्रतिस्पर्धा कर रहे. मुझे भरोसा है कि यहां के मेहनती और हुनरमंद लोगों की लगन और उद्यम से हमारा यह राज्य विकसित भारत के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा. दोपहर में प्रधानमंत्री आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन कर उसका भ्रमण करेंगे. इसके बाद वे नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव समारोह का शुभारंभ करेंगे. राज्योत्सव के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री शाम 4:20 बजे रायपुर हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे और 4:25 बजे विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे. छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आज का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है. साल 2000 में इसी दिन यह राज्य मध्यप्रदेश से अलग होकर अस्तित्व में आया था. इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का उत्साह कई गुना बढ़ गया है, क्योंकि छत्तीसगढ़ अपने गौरवशाली 25 वर्ष पूरे कर चुका है. इस खास अवसर पर राज्योत्सव मैदान में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बॉलीवुड से लेकर स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे. पांच दिनों तक यह उत्सव पूरे जोश और उमंग के साथ मनाया जाएगा.

बिहार चुनावी माहौल में गूंजा ‘मोदी-मोदी’, PM के वीडियो ने मचाया धमाल

मुजफ्फरपुर बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुजफ्फरपुर यात्रा ने नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है. शुक्रवार को जब पीएम मोदी का हेलिकॉप्टर मुजफ्फरपुर में उतरा, तो हजारों समर्थकों की भीड़ 'मोदी, मोदी' के नारों से गूंज उठी. तपती दोपहर में उमस भरे माहौल के बीच प्रधानमंत्री ने अपनी पहचान बन चुके मधुबनी प्रिंट वाले गमछे को लहराकर लोगों का अभिवादन किया. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. करीब 30 सेकंड तक प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए गमछा लहराया और भीड़ की ओर हाथ हिलाते रहे. इसके बाद वे अपनी अगली जनसभा के लिए छपरा रवाना हो गए. यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी को बिहार में इस तरह गमछा लहराते देखा गया हो. अगस्त में भी उन्होंने औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन करने के बाद इसी अंदाज में समर्थकों का अभिवादन किया था. पीएम मोदी की परंपरा रही है कि वे स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों पर भी पारंपरिक परिधानों, पगड़ियों और गमछों के ज़रिए स्थानीय संस्कृति को सम्मान देते हैं. गमछे के पीछे का संदेश राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिहार में पीएम मोदी का गमछा लहराना एक प्रतीकात्मक संदेश है. बिहार और बंगाल जैसे गर्म और आर्द्र राज्यों में गमछा आम आदमी, खासकर किसानों और मजदूर वर्ग की पहचान माना जाता है. यह सिर्फ पसीना पोंछने का कपड़ा नहीं, बल्कि मेहनतकश वर्ग की जीवनशैली का हिस्सा है. खेतों में काम या रोजमर्रा के कामों में काम में आता है गमछा गमछा सिर पर बांधकर धूप से बचाव, खेतों में काम या रोजमर्रा के कामों में काम आता है. इसी कारण राजनीतिक दलों ने इसे जनसंपर्क के प्रतीक के रूप में अपनाया है. पीएम मोदी का गमछा लहराना उसी वर्ग से जुड़ाव का संदेश देता है – यह बताने के लिए कि वे किसानों और श्रमिकों के साथ खड़े हैं. आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, बिहार की करीब 53.2% आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी है. इसके अलावा बड़ी संख्या में भूमिहीन मजदूर और प्रवासी कामगार हैं जो चुनावी समीकरणों को निर्णायक रूप से प्रभावित करते हैं.  

PM मोदी का सम्मान भाषण: आर्य समाज ने भारत को एकता और स्वाभिमान का मार्ग दिखाया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन- 2025' में भाग लिया। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती की 150वीं जयंती पर आर्य समाज के योगदान और उनके विचारों को नमन करते हुए कहा कि आर्य समाज ने पिछले डेढ़ सौ वर्षों से राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज जब आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष हो रहे हैं, तो समाज और देश स्वामी दयानंद सरस्वती जी के महान विचारों को इस विराट स्वरूप में नमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज अपनी स्थापना से लेकर आज तक एक प्रबल राष्ट्रभक्त संस्था रही है, जिसने सदैव भारतीयता की भावना को जीवित रखा है। आर्य समाज ने विदेशी विचारधाराओं, विभाजनकारी मानसिकता और सांस्कृतिक प्रदूषण के हर दुष्प्रयास को खुलकर चुनौती दी है। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती को एक 'युगद्रष्टा महापुरुष' बताते हुए कहा कि स्वामी दयानंद ने समाज में महिलाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना। उन्होंने उस सोच को चुनौती दी, जिसने नारी को घर की चौखट तक सीमित कर रखा था। स्वामी दयानंद ने महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए आर्य समाज के विद्यालयों में बेटियों के लिए शिक्षा की शुरुआत की। जालंधर में आरंभ हुआ कन्या विद्यालय आगे चलकर कन्या महाविद्यालय बन गया और ऐसे ही संस्थानों में पढ़ी लाखों बेटियां आज राष्ट्र की नींव को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के जिन कार्यों का ऋण देश पर है, उनमें एक महान कार्य देश की गुरुकुल परंपरा को जीवित रखना भी है। एक समय गुरुकुलों की ताकत से ही भारत ज्ञान-विज्ञान के शिखर पर था। गुलामी के दौर में इस व्यवस्था पर जान-बूझकर प्रहार किए गए। इससे हमारे संस्कार नष्ट हुए, नई पीढ़ी कमजोर हुई। आर्य समाज ने आगे आकर ध्वस्त होती गुरुकुल परंपरा को बचाया। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं की प्रगति के उदाहरण देते हुए कहा कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले ही हमारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने राफेल फाइटर प्लेन में उड़ान भरी। इसमें उनकी साथी बनीं, स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह। आज हमारी बेटियां फाइटर जेट उड़ा रही हैं और ड्रोन दीदी बनकर आधुनिक कृषि को भी बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एक अहम ग्लोबल एडवोकेट के तौर पर उभरा है। स्वामी विवेकानंद की वेदों की समझ को अपनाने की अपील की तरह ही, भारत अब इंटरनेशनल लेवल पर वैदिक सिद्धांतों और जीवनशैली को अपनाने की वकालत कर रहा है। इस विजन को आगे बढ़ाने के लिए, देश ने मिशन लाइफ लॉन्च किया है।

खेसारी लाल यादव ने बदला सुर, पीएम मोदी पर दिए बयान पर दी नई सफाई

पटना भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और राजद नेता खेसारी लाल यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ वाले अपने वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने अब सफाई देते हुए कहा कि वह आज भी पीएम मोदी की इज्जत करते हैं, लेकिन बिहार के विकास को लेकर उनकी गंभीर आपत्तियां हैं। खेसारी ने कहा, “मैं आज भी प्रधानमंत्री मोदी जी का प्रशंसक हूं, उन्होंने कभी बुरा नहीं किया, लेकिन सवाल ये है कि उनका विज़न बिहार तक क्यों नहीं पहुंचा? केंद्र में 15 साल और बिहार में 20 साल से सरकार है, फिर भी यहां के लोगों को न रोजगार मिला, न बेहतर विश्वविद्यालय, न अच्छा अस्पताल।” उन्होंने आगे कहा, “हमें सिर्फ ट्रेन दी जाती है, फैक्ट्रियां क्यों नहीं दी जातीं? आपने गुजरात को इतना विकसित बना दिया, तो बिहार को भी कम से कम उसका आधा तो बनाइए।’’ खेसारी लाल यादव ने ‘जंगलराज’ को लेकर होने वाली राजनीतिक बयानबाज़ी पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “जब पीएम मोदी ‘जंगलराज’ की बात करते हैं, तो मुझे दुख होता है कि हमारा जंगलराज उतना बड़ा नहीं था जितना बताया गया। आज भी यहां लोग फैक्ट्री लगाने से डरते हैं क्योंकि उनके अपने नेता कहते हैं कि बिहार में जंगलराज है। अगर आपकी सरकार 20 साल से सत्ता में है और फिर भी जंगलराज है, तो आपने आखिर बदला क्या?”