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सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने आयोजित किया कार्यक्रम

लखनऊ केंद्रीय योजनाओं को योगी सरकार उत्तर प्रदेश में बेहतर तरीके से कार्यान्वित कर रही है। इसी क्रम में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और सोलर दीदियों के सशक्तीकरण के लिए योगी सरकार ने कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत संचालित एमएनआरई सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित सोलर दीदियों को ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा नियुक्ति पत्र एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए।  इस कार्यक्रम के दौरान सोलर दीदियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया। इस अवसर पर हनुमंत रिन्युवल कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि कंपनी चयनित सोलर दीदियों को ₹14,156 प्रतिमाह मानदेय प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक चयनित सोलर दीदी को कंपनी द्वारा निःशुल्क 2 किलोवाट रूफटॉप सोलर संयंत्र तथा इंडक्शन स्टोव भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वच्छ ऊर्जा को अपने जीवन में अपनाने के साथ-साथ समाज में इसके प्रचार-प्रसार की प्रभावी भूमिका निभा सकें।  इस कार्यक्रम में उपस्थित एमएनआरई कैप कंसल्टेंट उपकारी नाथ ने बताया कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के ”सौर ऊर्जा युक्त भारत एवं महिला सशक्तीकरण” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सोलर दीदियां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, रूफटॉप सोलर स्थापना तथा अन्य सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी एवं सहायता प्रदान करेंगी। इनके माध्यम से शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा अधिकाधिक परिवार स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा से जुड़ सकेंगे।    उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के अंतर्गत सोलर दीदियों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, जिसका संचालन संबंधित नगर निगमों के माध्यम से किया जाएगा। यह कार्यक्रम महिलाओं को हरित ऊर्जा क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार उपलब्ध कराने का एक अभिनव प्रयास है। यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण, हरित रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार को नई गति प्रदान करेगी। सोलर दीदियां घर-घर जाकर नागरिकों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी तथा ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।    इस कार्यक्रम में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार, यूपीनेडा के निदेशक रविन्दर सिंह, वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्त  हिमांशु नागपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

​’हर घर सोलर’ के संकल्प को पूरा करने राजमन नाग की अपील

शून्य हुआ बिजली बिल ​रायपुर,      छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की एक नई और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। नारायणपुर जिले के एक जागरूक और प्रगतिशील विद्युत उपभोक्ता श्री राजमन नाग ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट (kW) क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर "पीएम सूर्य घर योजना" को अपनाते हुए क्षेत्र के लिए एक मिसाल पेश की है। उनकी इस पहल से न केवल उनका बिजली बिल नाममात्र का रह जाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी नारायणपुर ने एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है। ​विभाग और वेंडर के तालमेल से आसान हुई राह      ​श्री राजमन नाग के घर पर इस सोलर सिस्टम की स्थापना नारायणपुर के अधिकृत वेंडर 'अरु सोलर सोलुसशन' द्वारा सफलतापूर्वक की गई। अपनी सफलता का अनुभव साझा करते हुए श्री नाग ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में सरकारी तंत्र और वेंडर की भूमिका बेहद सराहनीय रही।       ​विद्युत विभाग नारायणपुर के सहायक अभियंता श्री बिरेंद्र कोसले और वेंडर की टीम ने उन्हें योजना के हर पहलू और मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी बेहद सरल भाषा में दी। आवेदन करने से लेकर छत पर पैनल स्थापित होने तक, हर चरण में उन्हें पूरा तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग मिला, जिससे यह पूरी प्रक्रिया उनके लिए बेहद आसान और बाधारहित रही। ​       पीएम सूर्य घर योजना आम नागरिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे हर महीने होने वाले भारी-भरकम बिजली बिल के खर्च से मुक्ति मिलती है और हम अपने घर के लिए खुद बिजली बनाकर आत्मनिर्भर बनते हैं। साथ ही, यह देश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर ले जाने का एक बेहतरीन जरिया है।        ​राजमन नाग की इस सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन और विद्युत विभाग ने इसे पूरे राज्य के लिए एक रोल मॉडल के रूप में पेश किया है। प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आगे आएं और इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं।        ​विभाग का कहना है कि अपनी छतों पर सोलर सिस्टम लगाकर उपभोक्ता न केवल आर्थिक बचत कर सकते हैं, बल्कि देश के "हर घर सोलर" के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी भी निभा सकते हैं। नारायणपुर के राजमन नाग की यह कहानी साबित करती है कि अगर सही जानकारी और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो बस्तर का हर संभाग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है।

पीएम सूर्य घर योजना से बड़ा लाभ, 29 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के खातों में पहुंचे ₹228+ करोड़

पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 29 हजार 275 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 228 करोड़ से अधिक की सब्सिडी योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की सब्सिडी मिलेगी भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक कुल 29 हजार 273 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इन्हें 228 करोड़ से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। तब से लेकर आज दिनांक तक हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है। कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।  

पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 29 हजार 174 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 227 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 29 हजार 174 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 227 करोड़ से अधिक की सब्सिडी योजना में 3 किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की मिलेगी सब्सिडी भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्य घर योजना में अब तक कुल 29 हजार 174 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इनके खातों में 227 करोड़ 39 लाख रूपये से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, 2 किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा 3 किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्सऐप चेटबॉट व टोल फ्री नं 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है। कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है। कंपनी ने कहा कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ मोडेम व सिम लगे होने के बाद भी अगर डाटा कम्युनिकेशन का अभाव है, तो संबंधित सोलर वेंडर को नोटिस जारी किए गए हैं। कम्युनिकेशन फिर भी स्थापित नहीं होने की अवस्था में वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

PM Surya Ghar Yojana: 25 लाख घरों को मिला तोहफा, 300 यूनिट फ्री और ₹78,000 सब्सिडी के साथ मुफ्त बिजली का लाभ

 नई दिल्ली कड़ाके की सर्दी का मौसम हो, तो घरों में गीजर-हीटर का इस्तेमाल बढ़ जाता है. वहीं तेज झुलसाती हुई गर्मी में लोग एसी-फ्रिज के बिना रह नहीं पाते. इस बीच आमतौर पर उनके दिमाग में बढ़े हुए बिजली के बिल को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है. लेकिन एक सरकारी स्कीम (Govt Scheme) ने तगड़े बिजली बिल से लोगों को निजात दिलाने का काम किया है. हम बात कर रहे हैं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna) की, जिसने बिजली बिल के झंझट से मुक्ति दिलाने का काम किया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बीते साल फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना से अब तक 25 लाख से ज्यादा परिवार बढ़े हुए बिजली बिल को Bye-Bye कह चुके हैं और उनकी बिल 'जीरो' हो गया है.  सरकार का टारगेट- 1 करोड़ घर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के लोगों, खासतौर पर ज्यादा बिजली बिल की चिंता करने वाले परिवारों को एक बड़ी सौगात देते हुए फरवरी 2024 में इस पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna) को लॉन्च किया था. केंद्र सरकार ने इस स्कीम के तहत साल 2027 तक 1 करोड़ घरों पर Solar Panel लगवाने का टारगेट सेट किया है और इसे शुरुआत से ही जोरदार रिस्पांस भी मिल रहा है. मोदी सरकार की सबसे खास सरकारी योजनाओं में शामिल इस स्कीम में मिलने वाले लाभ इसे खासा पॉपुलर बना रहे हैं. बता दें पीएम सूर्य घर योजना में जहां 300 यूनिट फ्री बिजली मिलती है, तो सरकार की ओर से अपने घर की छत पर Solar Panel लगवाने पर आने वाले खर्च में 78000 रुपये तक की भारी-भरकम सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है.  अब तक 25 लाख घर हुए रोशन सरकारी सूत्रों की मानें, तो इस PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana को अपनाकर देश के करीब 25 लाख से ज्यादा परिवारों ने ज्यादा बिजली बिलों को अलविदा कह दिया है. PM सूर्य घर के जरिए दी जाने वाली 78,000 रुपये तक की तगड़ी सब्सिडी के साथ सोलर पैनल पूरे भारत में इन लाखों घरों को रोशन कर रहे हैं, जिससे राहत, बचत और क्लीन एनर्जी एक साथ मिल रही है. इस योजना के जरिए Zero Electricity Bill प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.  सबसे ज्यादा Solar Panel इन राज्यों में (PIB Data 9 दिसंबर 2025) राज्य      सोलर पैनल इंस्टॉलेशन डेटा गुजरात     4,93,161  महाराष्ट्र     3,63,811   उत्तर प्रदेश      3,02,140  केरल      1,69,227  राजस्थान     1,08,584 मध्य प्रदेश     78,062 आंध्र प्रदेश     76,617 असम     63,887 उत्तराखंड     55,229 हरियाणा     44,937 25 साल कर बिजली बिल से मुक्ति PM Surya Ghar Yojna के तहत आप सिर्फ एक बार निवेश करके दो दशक से ज्यादा समय के लिए 'जीरो बिजली बिल' के साथ खूब बिजली का इस्तेमाल किया जा सकता है. दरअसल, इस Govt Scheme के तहत घर की छतों पर जो सोलर पैनल इंस्टॉल किए जाते हैं, आमतौर पर इनकी लाइफ करीब 25 साल अनुमानित होती है. इन्हें आप स्कीम के तहत अपनी खपत के आधार पर लगवा सकते हैं.    सरकार दे रही फ्री बिजली और तगड़ी सब्सिडी PM Surya Ghar Scheme में सरकार की ओर जहां 300 यूनिट फ्री बिजली दी जाती है, तो वहीं इस स्कीम के तहत सोलर पैनल लगावाने पर सरकारी सब्सिडी (Govt Subsidy) भी मिलती है. सरकार 0-150 यूनिट खपत के लिए उपयुक्ति 1-2 किलोवाट के सोलर पैनल इंस्टॉलेशन पर 30-60 हजार रुपये, 150-300 यूनिट बिजली की खपत के लिए जरूरी 2-3 किलोवाट या तीन किलोवाट से ज्यादा के पैनल पर 60-78 हजार तक सब्सिडी दे रही है.  आवेदन करना है बेहद आसान     वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in पर जाएं.     होमपेज पर 'अप्लाई फॉर रूफटॉप सोलर' के ऑप्शन को चुनें.     नए पेज पर अपना राज्य और बिजली वितरण कंपनी का चयन करें.      इसके बाद बिजली उपभोक्ता नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल डालें.     नए पेज पर कंज्यूमर नंबर और मोबाइल डालकर लॉगइन करें.     अब फॉर्म खुलेगा, जहां दिशा-निर्देशों के तहत RTS पैनल अप्लाई करें.     इस प्रोसेस के बाद आपको फीजिबिलिटी अप्रूवल मिलेगा.     इसके बाद आप अपने DISCOM के साथ रजिस्टर्ड वेंडर से प्लांट इंस्टॉल करा सकेंगे.     इंस्टालेशन के बाद आपको प्लांट डीटेल के साथ नेट मीटर के लिए आवेदन करना होगा.     मीटर इंस्टॉल होने और DISCOM से जांच के बाद कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी होगा.     इसके जारी होने पर आप पोर्टल से बैंक खाता डीटेल और कैंसिल चेक देंगे, जिसमें सब्सिडी आएगी.  

सौर ऊर्जा क्रांति : किसानों और छोटे कारोबारियों को मिल रही बड़ी राहत, 2.75 लाख से ज्यादा घर रोशन

मासिक खर्च में हो रही है 15-20% की बचत, छोटे व्यवसायों को मिली नई गति डबल इंजन सरकार द्वारा ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी की गई है वितरित लखनऊ,  प्रदेश के पिछड़े और ग्रामीण इलाकों में पीएम सूर्य घर योजना नई उम्मीद बनकर उभरी है। सौर ऊर्जा आधारित इस योजना ने किसानों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के जीवन में आर्थिक राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इस योजना के क्रियान्वयन में तेजी दिखाई है और राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में जगह बनाई है। अधिकृत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 2,75,936 घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और ऊर्जा निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। स्थापना के मामले में यूपी गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में प्रदेश दूसरे स्थान पर है। इस योजना का सबसे बड़ा प्रभाव छोटे व्यवसायों पर दिखाई दे रहा है। बिजली कटौती से पहले जहां वेल्डिंग, आटा चक्की, किराना स्टोर, नाई की दुकान और मोबाइल रिपेयर जैसी इकाइयां प्रभावित होती थीं, वहीं अब सौर ऊर्जा से इनके संचालन में रुकावट नहीं होती। लगातार बिजली उपलब्ध होने से इन व्यवसायों की आय स्थिर हुई है और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली बिल लगभग शून्य होने से उनके मासिक खर्च में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी आई है। कई परिवार अब शिक्षा, स्वास्थ्य और बचत की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ पा रहे हैं। 31 अक्टूबर तक प्रदेश में ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। सब्सिडी मिलने से योजना के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और रूफटॉप सोलर स्थापना में तेजी आई है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और बरेली इस योजना के प्रमुख लाभार्थी जिले हैं। अकेले इन चार जिलों में 8,000 से अधिक रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित हो चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ में 4,271, वाराणसी में 1,672, कानपुर नगर में 1,410 और बरेली में 1,145 संयंत्र लगाए गए हैं। अन्य जिलों में भी स्थापना कार्य तेजी से जारी है।