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प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित, 8 से 10 जून तक होगी लिखित परीक्षा प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी व निर्देश लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। योगी सरकार ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के तहत होने वाली लिखित परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) की ओर से मंगलवार को जारी सूचना के अनुसार सिपाही भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8 जून (सोमवार), 9 जून (मंगलवार) और 10 जून (बुधवार) को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा तीनों दिनों में दो-दो पालियों में कराई जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 32,679 पदों को भरा जाएगा। सिपाही भर्ती परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड एवं दिशा-निर्देश उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत बना योगी सरकार का फैसला उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्तमान सिपाही भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया। यह फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्ष 2024 में प्रदेश में कांस्टेबल के कुल 60,244 पदों पर भर्तियां की गई थीं। यह प्रदेश सरकार की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती थी। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित सभी पदों में से 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखते हुए उन्हें नियुक्ति प्रदान की गई है।

प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित, 8 से 10 जून तक होगी लिखित परीक्षा प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी व निर्देश लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। योगी सरकार ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के तहत होने वाली लिखित परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) की ओर से मंगलवार को जारी सूचना के अनुसार सिपाही भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8 जून (सोमवार), 9 जून (मंगलवार) और 10 जून (बुधवार) को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा तीनों दिनों में दो-दो पालियों में कराई जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 32,679 पदों को भरा जाएगा। सिपाही भर्ती परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड एवं दिशा-निर्देश उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत बना योगी सरकार का फैसला उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्तमान सिपाही भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया। यह फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्ष 2024 में प्रदेश में कांस्टेबल के कुल 60,244 पदों पर भर्तियां की गई थीं। यह प्रदेश सरकार की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती थी। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित सभी पदों में से 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखते हुए उन्हें नियुक्ति प्रदान की गई है।

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद भोपाल  कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन पर,सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी रामगोपाल भदौरिया के नेतृत्व में भोपाल जिले की आबकारी विभाग की टीम ने की  रात्रि में मुखबिर की सूचना के आधार पर  विदिशा रोड पर  एक एरटिगा वाहन सहित 06 पेटी में 72 बॉटल कुल 54बल्क लीटर अवैध विदेशी मदिरा परिवहन का  प्रकरण दर्ज़ कियाl

जापान की राजधानी टोक्यो में शर्मनाक घटना, छेड़छाड़ के आरोप में 5 की गिरफ्तारी

टोक्यो टोक्यो मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट ने जेआर किनशिचो स्टेशन के पास महिलाओं का पीछा करने और उन्हें परेशान करने के आरोप में एक पाकिस्तानी नागरिक सलीम मलिक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. यह ग्रुप स्टेशन के पास से गुजरने वाली महिलाओं को 3,000 येन (लगभग 23 डॉलर) प्रति घंटे की दर से कई तरह की 'सेवाओं' की पेशकश कर रहा था और उनके साथ अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहा था.  जांच के मुताबिक, अकेले इस स्टेशन से पिछले एक साल में छेड़छाड़ और जबरन बुलाने की 200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई थीं. पुलिस ने बताया कि ये लोग बार-बार महिलाओं के पास जाकर उन्हें लुभाने और परेशान करने की कोशिश करते थे.  कई महिलाओं ने शिकायत की थी कि इन दलालों (Touts) द्वारा उनका पीछा किया जाता है और आक्रामक तरीके से उनसे संपर्क किया जाता है. अधिकारियों ने जनता को चेतावनी जारी करते हुए ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत न करने या उनके पीछे न जाने की सलाह दी है. 200 से ज्यादा शिकायतों के बाद एक्शन टोक्यो के व्यस्त किनशिचो स्टेशन के आसपास का इलाका महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा था. पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले साल भर में महिलाओं ने 200 से ज्यादा बार शिकायत की कि उन्हें यहां लगातार परेशान किया जा रहा है. इसी को देखते हुए पुलिस ने एक स्पेशल कैंपेन चलाया, जिसमें इस ग्रुप को महिलाओं को आपत्तिजनक प्रस्ताव देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. पाकिस्तानी नागरिक सहित 5 दलाल धरे गए गिरफ्तार किए गए लोगों में एक पाकिस्तानी मूल का शख्स भी शामिल है, जो अन्य लोगों के साथ मिलकर इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहा था. ये लोग महिलाओं को प्रति घंटे के हिसाब से पैसे का लालच देकर 'असली सेक्स' और अन्य अश्लील सेवाओं के लिए उकसाते थे. पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी इलाके में महिलाओं को आक्रामक (जबरन बुलाने) से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पब्लिक सिक्योरिटी के लिए पुलिस की चेतावनी… टोक्यो पुलिस ने इस गिरफ्तारी के बाद एक सार्वजनिक सलाह जारी की है. पुलिस ने साफ कहा है कि रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात ऐसे दलालों से दूरी बनाकर रखें. किसी भी परिस्थिति में उनके द्वारा दिए गए ऑफर्स को स्वीकार न करें और न ही उनके साथ कहीं जाएं. प्रशासन अब स्टेशन के आसपास सुरक्षा और गश्त बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके.

जयपुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, 400 वाहनों के कटे चालान

जयपुर. गणतंत्र दिवस के मद्देनजर राजधानी जयपुर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर के सभी थाना इलाकों में दो चरणों में आकस्मिक नाकाबंदी की गई, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर पहली आकस्मिक नाकाबंदी दोपहर 3:30 से शाम 5:30 बजे तक की गई, जबकि दूसरी रात 8:00 से 9:00 बजे के बीच हुई। शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों और प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई और चालकों के दस्तावेज की गहन जांच की गई। कार्रवाई में सर्वाधिक जब्ती एसयूवी की हुई है। आंकड़ों में कार्रवाई का लेखा-जोखा 17 वाहन शराब पीकर वाहन चलाने पर जब्त किए गए 401 वाहनों के चालान यातायात नियमों की अनदेखी पर किए गए 196 वाहनों को बिना वैध दस्तावेज और नियमों के गंभीर उल्लंघन पर जब्त किया गया 6 अन्य संदिग्ध मामलों में भी कार्रवाई की गई 250 चालान और जब्ती की कार्रवाई यातायात पुलिस ने की सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। इस तरह की आकस्मिक नाकाबंदी आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। देर रात तक चली इस कार्रवाई से अराजक तत्वों में भय का माहौल देखा गया। आकस्मिक नाकाबंदी की गई – यातायात नियमों की पालना और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आकस्मिक नाकाबंदी की गई। नियमों की घोर अवहेलना करने पर वाहन जब्त किए गए। – राहुल प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर, जयपुर

मध्यप्रदेश एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: 5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश एसटीएफ की अवैध शस्त्रों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई,  5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध कार्यवाही कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें मय मैगजीन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाही उप पुलिस अधीक्षक STF इंदौर श्री राजेश सिंह चौहान के निर्देशन में दो विशेष टीमों द्वारा की गई। इनमें प्रथम टीम में इंस्पेक्टर श्री रमेश चौहान, प्र.आर. भूपेन्द्र गुप्ता एवं आर. विवेक द्विवेदी तथा द्वितीय टीम में प्र.आर. आदर्श दीक्षित, आर. देवराज बघेल एवं आरक्षक देवेन्द्र सिंह शामिल थे। STF को प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर अवैध शस्त्रों की धरपकड़ हेतु दोनों टीमों को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। सूचना के अनुसार बताए गए स्थान पर पहुंचकर टीमों द्वारा घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। विधिवत तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें एवं मैगजीन बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने ग्राम बोराड़िया, थाना भिकनगांव, जिला खरगोन के रहना बताया। दोनों आरो‍पी किसी भी प्रकार का वैध शस्त्र लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके, जिस पर सभी हथियारों को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रकरण में अवैध शस्त्रों की आपूर्ति, नेटवर्क तथा इनके संभावित उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रचलन में है।  

मध्य प्रदेश में 26 जिलों में सर्च ऑपरेशन, पुलिस ने 3278 बांग्लादेशी संदिग्धों को चिह्नित किया

भोपाल:  मध्य प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसा बड़ा अभियान छेड़ दिया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य के 26 जिलों में चलाए जा रहे इस विशेष सर्च ऑपरेशन में अब तक 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित किए गए हैं। खुफिया इनपुट और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद अवैध पाए गए 31 घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है। धार बना कार्रवाई का केंद्र इस विशेष अभियान में सबसे बड़ी सफलता धार जिले में मिली है, जहां से सर्वाधिक 13 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया। इसके अलावा ग्वालियर से 10, जबलपुर से 3 और भोपाल-इंदौर जैसे महानगरों से भी अवैध नागरिकों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। वर्तमान में चिह्नित किए गए अन्य संदिग्धों की वैध नागरिकता की पुष्टि की जा रही है, जिसके बाद उन पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैतूल में शरणार्थियों का बड़ा डेरा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 5 जिलों में 6,840 शरणार्थी बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं। इनमें अकेले बैतूल जिले में 5,669 परिवार निवासरत हैं। इसके अलावा पन्ना, मंदसौर, इंदौर और देवास में भी बड़ी संख्या में शरणार्थी सदस्य रह रहे हैं। गणतंत्र दिवस पर हाई अलर्ट 26 जनवरी से पहले आतंकी साजिशों की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। खालिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकियों से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी संदिग्ध तत्व राज्य की सुरक्षा में सेंध न लगा पाए। फर्जी पहचान पत्र बनाकर छिपे बैठे लोगों की धरपकड़ के लिए अब प्रदेशव्यापी चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। आकाश सिकरवार

स्टेट टाइगर सेल की बैठक में वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिए साझा की जाएंगी जानकारी

 भोपाल  वन्यजीव अपराध पर सख्ती के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। स्टेट टाइगर सेल की तीन साल बाद हुई बैठक में तय किया गया कि अपराधियों को पकड़ने, मामलों के त्वरित निराकरण और डिजिटल निगरानी को मजबूत करने के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। बैठक में तय हुआ कि वन्यजीव अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभिन्न विभाग आपस में सूचनाएं साझा करेंगे। हॉट स्पॉट की जानकारी वन विभाग पुलिस को देगा, ताकि त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और वन विभाग के स्वान दस्ते की संयुक्त गश्त भी शुरू की जाएगी। न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने पर जोर न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके शीघ्र निपटारे के प्रयास किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर आरोपितों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, आईटी एक्ट और बीएएनएस के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए भी सभी एजेंसियां सहयोग करेंगी। संयुक्त प्रशिक्षण और पुनर्गठन वन अमले की क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य, संभागीय और जिला स्तर पर स्टेट टाइगर सेल को प्रभावी बनाने और पुनर्गठन के लिए राजस्व विभाग को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया। डिजिटल निगरानी और पर्यटन ठगी पर कार्रवाई वन्यजीव से जुड़े मामलों में डिजिटल निगरानी बढ़ाने, ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ी ठगी रोकने और टाइगर रिजर्व में पारदर्शिता लाने पर चर्चा हुई। सभी एजेंसियां अपना खुफिया तंत्र मजबूत करेंगी। बैठक में शामिल एजेंसियां यह बैठक विशेष पुलिस महानिदेशक एसटीएफ पंकज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में वन भवन में हुई। इसमें वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, साइबर पुलिस, डीआरआई, सीबीआई, कस्टम, इंटेलिजेंस ब्यूरो, एनटीसीए, स्टेट फॉरेंसिक साइंस, ईडी सहित कई एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।

20 लड़कियों और एक लड़के की अजीब घटना, मेरठ में मांगी गई लोकेशन, मामला सनसनीखेज

 मेरठ मेरठ शहर में अनधिकृत रूप से चल रहे स्पा सेंटरों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और एक साथ की गई कार्रवाई में ऐसा सच उजागर किया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. बाहरी तौर पर मसाज और रिलैक्सेशन के नाम पर चल रहे इन स्पा सेंटरों के भीतर क्या हो रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस की छापेमारी में चार स्पा सेंटरों से 20 लड़कियों के साथ एक युवक को हिरासत में लिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं कि मेरठ के विभिन्न इलाकों में कुछ स्पा सेंटर बिना किसी वैध अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं. इन सेंटरों की आड़ में अनैतिक गतिविधियां कराए जाने की भी आशंका जताई जा रही थी. इन्हीं सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने योजना बनाकर एक साथ चार स्थानों पर छापेमारी की. ऑनलाइन बुकिंग और ‘लोकेशन शेयर’ का खेल जांच में सामने आया कि इन स्पा सेंटरों की बुकिंग पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि व्हाट्सएप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से की जाती थी. ग्राहक सीधे सेंटर पर नहीं पहुंचते थे, बल्कि पहले संपर्क किया जाता था. इसके बाद उनसे लोकेशन मांगी जाती थी या उन्हें सेंटर की लोकेशन भेजी जाती थी. यही वजह रही कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचा रहा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में ग्राहक को सीधे सेंटर पर न बुलाकर पहले बातचीत की जाती थी और ‘सर्विस’ से जुड़ी जानकारी दी जाती थी. इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होती थी. इस तरीके ने न सिर्फ गोपनीयता बनाए रखी, बल्कि कानून से बचने का रास्ता भी तैयार किया. एक साथ चार जगह छापेमारी मंगलवार को पुलिस ने चार अलग-अलग टीमों का गठन किया और एक तय समय पर शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित स्पा सेंटरों पर छापा मारा. अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने मौके से 20 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया. सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है. छापेमारी के दौरान पुलिस को स्पा सेंटरों से रजिस्टर भी मिले हैं, जिनमें आने-जाने वालों की एंट्री दर्ज बताई जा रही है. इसके अलावा कई मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं. प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल फोन से ऑनलाइन बुकिंग से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही जा रही है. मोबाइल से मिले सबूत  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए कुछ मोबाइल फोन में ऐसे फोटो और चैट मिले हैं, जो स्पा सेंटरों में हो रही गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन गतिविधियों का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन स्पा सेंटरों को कौन संचालित कर रहा था, इनके पीछे कौन लोग थे और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे. फिलहाल चारों स्पा सेंटरों के खिलाफ अनधिकृत रूप से संचालन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. सिर्फ एक युवक, 20 लड़कियां कई सवाल छापेमारी में 20 युवतियों के साथ केवल एक युवक का होना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला है. जांच अधिकारी इसे महज संयोग नहीं मान रहे हैं. माना जा रहा है कि युवतियों को अलग-अलग स्थानों से यहां लाया गया था और उनका इस्तेमाल स्पा सेंटर की ‘सर्विस’ के नाम पर किया जा रहा था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन युवतियों को किसी दबाव या लालच में यहां काम करने के लिए मजबूर किया गया था या वे स्वयं इसमें शामिल थीं. इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के मानव तस्करी या जबरन काम कराने के पहलू को नजरअंदाज न किया जाए. लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम ने बताया कि पुलिस को बीते कई दिनों से इन स्पा सेंटरों को लेकर लगातार सूचनाएं मिल रही थीं. कुछ स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की थी कि इन जगहों पर संदिग्ध गतिविधियां होती हैं और देर रात तक आवाजाही बनी रहती है. इन्हीं इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि फिलहाल हिरासत में ली गई सभी युवतियों और युवक से पूछताछ की जा रही है. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि किसी बड़े नेटवर्क या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. पूरे नेटवर्क की जांच जारी पुलिस फिलहाल पूरे मामले को एक नेटवर्क के तौर पर देख रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑनलाइन बुकिंग का संचालन कौन कर रहा था, भुगतान कैसे होता था और क्या इसमें किसी तीसरे व्यक्ति या गिरोह की भूमिका थी. डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है. आने वाले दिनों में ऐसे अन्य स्पा सेंटरों पर भी नजर रखी जाएगी, जो बिना अनुमति संचालित हो रहे हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं. फिलहाल चारों स्पा सेंटरों को सील करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी. पुलिस का दावा है कि शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

मध्यप्रदेश पुलिस को मिली बड़ी सफलता, चोरी, डकैती और नकबजनी के मामलों में किए गए बड़े खुलासे

मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं विगत चार दिनों में लगभग 89 लाख40हजार रूपए से अधिककी संपत्ति जब्‍त भोपाल   मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। विदिशा जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है। छतरपुर जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  इंदौर शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  देवास जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।  उज्जैन पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।  सीहोर जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।  मुरैना जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।   मंडला थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है। इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।