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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संभावित अम्बिकापुर आगमन की तैयारियों का लेकर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ली बैठक

रायपुर , भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 20 नवबंर को अम्बिकापुर प्रवास प्रस्तावित है। जिसकी तैयारी को लेकर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज कार्यक्रम स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम  से जु़ड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रमुख सचिव बोरा ने सबसे पहले गांधी स्टेडियम पहुंचकर राष्ट्रपति के आगमन हेतु तैयार किए जा रहे हेलीपैड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, आगमन एवं निर्गमन मार्ग, हेलीपैड की मजबूती तथा आसपास की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात् उन्होंने पी.जी. कॉलेज मैदान पहुंचकर मुख्य कार्यक्रम स्थल की तैयारियों की समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने पीजी कॉलेज मैदान में बनने वाले डोम पंडाल, बैठक व्यवस्था, वीआईपी गेट, यातायात बेरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास द्वार, स्टॉल्स की साज-सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, बिजली व्यवस्था एवं सांस्कृतिक मंच का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व सभी व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप और सौंदर्यपूर्ण ढंग से पूरी होनी चाहिए। बोरा ने पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाली संगोष्ठी कार्यक्रम की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम सुव्यवस्थित, समयबद्ध रहे। निरीक्षण के दौरान सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, कलेक्टर विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

‘आप रोल मॉडल हैं’ — राष्ट्रपति मुर्मु ने वर्ल्ड चैंपियन बेटियों से की मुलाकात, टीम ने भेंट किया विशेष उपहार

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की है. पीएम मोदी के साथ बातचीत के एक दिन बाद यानी गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्व कप विजेता टीम से मुलाकात की और उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी. राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर लिखा गया, 'आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की. राष्ट्रपति ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने इतिहास रचा है और वे नई पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बन गई हैं. उन्होंने कहा कि यह टीम भारत का प्रतिबिंब है. ये अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक पृष्ठभूमियों और परिस्थितियों से आती हैं, लेकिन ये एक टीम हैं-टीम इंडिया.' राष्ट्रपति को गिफ्ट की टीम जर्सी मुलाकात के दौरान कप्तान हरमनप्रीत कौर ने राष्ट्रपति को भारतीय टीम की जर्सी भेंट की, जिस पर सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर थे. भारत की वुमन इन ब्लू ने रविवार रात नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर अपना पहला आईसीसी खिताब जीता था. बुधवार शाम, हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की थी. सम्मान समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने औपचारिक पोशाक में सजी और गले में विजेता पदक पहने खिलाड़ियों को बधाई दी. उन्होंने टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की और टूर्नामेंट के लीग चरण में लगातार तीन हारों के बाद शानदार वापसी करने के लिए उनकी तारीफ की. पीएम मोदी ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ से समूह वार्ता भी की, जहां टीम ने उन्हें अपने हस्ताक्षर वाली भारतीय टीम जर्सी भेंट की.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पतंजलि विवि के दीक्षांत समारोह में बांटी 1424 डिग्रियां, किया आह्वान ‘ज्ञान को कर्म से जोड़ें’

देहरादून उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की रजत जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में रजतोत्सव समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में प्रदेशभर में 01 नवंबर को इगास पर्व से 11 नवम्बर 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण कर उन्हें नमन किया और कहा कि उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान ही हमें नया राज्य प्राप्त हुआ। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि उत्तराखण्ड 25 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा पूर्ण कर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है। वर्ष 2050 उत्तराखण्ड राज्य स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा। आने वाले इन 25 वर्षों के लिए राज्य सरकार एक नया रोडमैप बनाकर आगे बढ़ेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं पर बलिदान देने वाले जवानों और राज्य आंदोलन के बलिदानियों को भी नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के रजतोत्सव समारोह के अंतर्गत 03 और 04 नवम्बर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 03 नवम्बर को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशेष सत्र को संबोधित करेंगी, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस विशेष सत्र में राज्य को आगे ले जाने की दिशा में विचार-विमर्श होगा तथा बीते 25 वर्षों के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। 09 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस पर मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। रजतोत्सव समारोह का केंद्रबिंदु संस्कृति, पर्यटन, युवाशक्ति, प्रवासी उत्तराखण्डी तथा राज्य आंदोलनकारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। प्रत्येक नागरिक और जनपद को इस उत्सव से जोड़ने का उन्होंने आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। इसी क्रम में अगले 25 वर्षों के लिए खाका भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका लक्ष्य समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड का निर्माण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य सरकार द्वारा अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। साथ ही भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। राज्य का बजट पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तुत किया गया है। स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, लखपति दीदी योजना से 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के पुनरोद्धार के लिए केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य प्रगति पर हैं। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना जैसी पहलें संचालित कर रही है।  

इतिहास रचा! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बनीं पहली भारतीय राष्ट्रपति जिन्होंने उड़ाया राफेल लड़ाकू विमान

अंबाला  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल फाइटर जेट की सवारी की है। उन्होंने अंबाला के एयरफोर्स बेस से उड़ान भरी। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। अहम बात यह है कि अंबाला एयरबेस से ही भारत के फाइटर जेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उड़ान भरी थी और पाकिस्तान एवं पीओके में घुसकर मार की थी। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया था और पाकिस्तान ने भी इसका जवाब देने की कोशिश की थी। इस दौरान अंबाला एयरबेस का भारत की ओर से इस्तेमाल किया गया था। राफेल विमान में चढ़ने से पहले राष्ट्रपति ने ‘जी-सूट’ पहना था। हाथ में हेलमेट लिए और धूप का चश्मा लगाए मुर्मू ने पायलट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। पूर्वाह्न 11:27 बजे विमान के उड़ान भरने से पहले राष्ट्रपति ने विमान के अंदर से हाथ हिलाकर अभिवादन किया। आज सुबह वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर राष्ट्रपति को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया। इससे पहले सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर मुर्मू ने 8 अप्रैल, 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी और वह ऐसा करने वाली तीसरी राष्ट्रपति बनी थीं। अंबाला में ही भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने थे राफेल जेट फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर 2020 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। पहले पांच राफेल विमानों को 17वें स्क्वाड्रन 'गोल्डन एरोज' में शामिल किया गया था। ये विमान 27 जुलाई, 2020 को फ्रांस से यहां पहुंचे थे। राफेल 2020 में अंबाला वायु सेना स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल हुए। ये 17 स्क्वाड्रन 'गोल्डन एरो' का हिस्सा हैं। बता दें कि भारत ने 4 दिन चले ऑपरेशन में पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। पाकिस्तान के डीजीएमओ की मांग पर जंग को रोका गया था। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा करते हैं कि उनके दखल के बाद ही भारत और पाकिस्तान संघर्ष रोकने को राजी हुए थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ऐलान: 2050 तक भारत होगा सौर ऊर्जा सुपरपावर, इनोवेशन बनेगा आधार

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि 2050 तक भारत न केवल अपने क्लीन एनर्जी टारगेट्स को पूरा करना चाहता है, बल्कि एक ऐसा हब भी बनना चाहता है जो ग्लोबल सोलर मांग को एकीकृत करे और इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और नॉलेज के आदान-प्रदान को बढ़ावा दे। राष्ट्रीय राजाधानी में भारत मंडपम में इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) की असेंबली के आठवें सत्र को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत एक ग्लोबल सोलर एनर्जी हब बनने की राह पर है। उन्होंने समय से पहले रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट्स को प्राप्त करने में देश की प्रगति पर प्रकाश डाला और ग्लोबल सोलर डिमांड को एकीकृत करने और क्लीन एनर्जी इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की। राष्ट्रपति ने कहा कि आईएसए मानवता की साझा आकांक्षा का प्रतीक है, जिसमें समावेशिता, सम्मान और सामूहिक समृद्धि के स्रोत के रूप में सोलर एनर्जी का उपयोग करना शामिल है। राष्ट्रपति ने सभी सदस्य देशों से इन्फ्रास्ट्रक्चर से आगे सोचने और लोगों के जीवन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस असेंबली को एक सामूहिक कार्य योजना विकसित करनी चाहिए जो सोलर एनर्जी को रोजगार सृजन, महिला नेतृत्व, ग्रामीण आजीविका और डिजिटल समावेशन से जोड़े। राष्ट्रपति ने कहा, "हमारी प्रगति केवल मेगावाट से नहीं, बल्कि रोशन हुए जीवन, मजबूत हुए परिवारों और समुदायों में आए बदलाव से भी मापी जानी चाहिए। टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और अधिकतम लाभ के लिए नवीनतम और उन्नत तकनीकों को सभी के साथ साझा करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।" राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। इस खतरे से निपटने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और दृढ़ संकल्पित कदम उठा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आईएसए सोलर एनर्जी को अपनाने और उपयोग को प्रोत्साहित करके इस वैश्विक चुनौती से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम में बोलते हुए, उपभोक्ता मामले और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, प्रल्हाद जोशी ने भारत की रिन्यूएनबल एनर्जी यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने आगे कहा कि देश में रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन बढ़कर 257 गीगावाट हो गया है, जो कि पहले 2014 में 81 गीगावाट था। केंद्रीय मंत्री ने संबोधन में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत ने 2030 के लक्ष्य से 5 साल पहले ही गैर-जीवाश्म स्रोतों से 50 प्रतिशत ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा सुलभ और सस्ती हो गई है।" जोशी ने आगे कहा कि पीएम-कुसुम, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-जनमन और 'एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड' जैसी परिवर्तनकारी पहलों के माध्यम से, भारत ऊर्जा न्याय सुनिश्चित करने, सबसे गरीब लोगों को सशक्त बनाने और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है।

यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया कार्यक्रम को संबोधित

उत्तम स्वास्थ्य पहले गरीब के लिए चिंता का विषय था, आज यह अधिकार के रूप में उसके दरवाजे तक पहुंच रहा : रक्षा मंत्री 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, आज 800 हो गये हैं, एमबीबीएस सीटें केवल 50 हजार थीं, आज यह 1 लाख 20 हजार से ज्यादा हो चुकी हैं : राजनाथ सिंह दक्षिण एशिया में रोबोटिक्स सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में पहचानी जाएगी यशोदा मेडिसिटी : राजनाथ सिंह गाजियाबाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को यहां आयोजित यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम उस भारत की ओर बढ़ रहे हैं जिसका सपना हमारे पूर्वजों ने देखा था, जो शक्तिशाली और स्वस्थ हो। हमारा हर कदम, हर नीति, हर प्रयास देश के गरीब, वंचित और ग्रामीण जनमानस को समर्पित है। हम मानते हैं कि जब भारत का हर नागरिक स्वस्थ होगा तभी भारत सशक्त होगा। हमें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए राष्ट्र के नागरिकों का स्वास्थ्य उत्तम होना बहुत जरूरी है। मेडिकल ट्रेनिंग और टेक्निकल रिसर्च को मिलेगी नई दिशा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी के लिए गौरव की बात है कि इसे दक्षिण एशिया में रोबोटिक्स सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मान्यता मिली है। यह उपलब्धि निश्चित रूप से मेडिकल ट्रेनिंग और टेक्निकल रिसर्च को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि हम जब भी किसी सफल इंसान की कहानी पढ़ते हैं, आपको यही देखने को मिलेगा कि हर बड़ी यात्रा की शुरुआत किसी न किसी बड़ी व्यक्तिगत पीड़ा से निकलती है। यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ पीएन अरोड़ा ने 1986 में अपनी माता को कैंसर की वजह से मृत्युशैया पर देखा, उनकी इसी पीड़ा ने यशोदा मेडिसिटी को जन्म दिया। आज यह अस्पताल समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए विश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है। सरकार एक संरक्षक के रूप में बुजुर्गों के साथ खड़ी है राजनाथ सिंह ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का उत्तरदायित्वपूर्ण निर्वाह किया है। ठीक उसी प्रकार हम भी समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था ने नया रूप लिया है। पहले जहां यह गरीब के लिए चिंता का कारण होता था, वही आज उसके अधिकार के रूप में उसके दरवाजे तक पहुंच रहा है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि भारत का कोई गरीब किसी भी बीमारी के कारण अपने जीवन की उम्मीद न खोए। इसके लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के 10 करोड़ परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रूपए के स्वास्थ्य बीमा का कवच प्रदान किया गया है। अब 70 वर्ष से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में शामिल किया गया है। ताकि जीवन के उस पड़ाव में जब देखभाल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है तब सरकार एक संरक्षक के रूप में उसके साथ खड़ी रहे। जेनरिक मेडिसिन से गांव-गांव में लोग हो रहे लाभान्वित रक्षा मंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम जनता को अत्यंत किफायती दर पर जेनरिक मेडिसिन उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज गांव गांव में लोग इन केंद्रों से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही हमने एक मजबूत स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर विशेष बल दिया है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे वही आज बढ़कर 800 पहुंच चुकी है। 2014 में एमबीबीएस की सीटें केवल 50 हजार हुआ करती थीं, आज यह 1 लाख 20 हजार से ज्यादा हो चुकी हैं। 22 नये एम्स की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसमें से 12 पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं, बाकियों का निर्माण पूरी तेजी पर हैं। जब ये सभी संस्थान पूरी तरह से कार्यरत होंगी तो हमारा हेल्थ नेटवर्क और मजबूत होगा। दक्षिण एशिया में नवाचार की नई परिभाषा गढ़ेगी यशोदा मेडिसिटी अंत में उन्होंने यह कहकर अपनी खुशी जाहिर की कि, यशोदा समूह इस क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास कर रहा है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह संस्था आने वाले समय में न केवल भारत बल्कि दक्षिण एशिया में नवाचार की नई परिभाषा गढ़ेगी। रक्षामंत्री ने राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने यहां आकर यहां के चिकित्सक और कर्मचारियों के मन में नई ऊर्जा का संचार किया है। राजनाथ सिंह ने यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन और एमडी डॉ पीएन अरोड़ा, सीईओ डॉ उपासना अरोड़ा और उनकी टीम को बधाई दी। इससे पूर्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में मौजूद रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने बालोद जिले को आदि कर्मयोगी अभियान में स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड दिया

बालोद : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म ने आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्यों के लिए बालोद जिले को प्रदान किया स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने बालोद जिले को आदि कर्मयोगी अभियान में स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड दिया आदि कर्मयोगी अभियान में बालोद जिले को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने प्रदान किया स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड इस महत्वपूर्ण उलपब्धि के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री कंवर का जिला प्रशासन द्वारा किया गया सम्मान बालोद राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म ने आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए बालोद जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड से सम्मानित किया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म ने शुक्रवार आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत 17 अक्टूबर को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में बालोद जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक आयोजित आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले के चयनित 186 जनजातीय बहुल ग्रामों में निवासरत जनजातीय परिवार के लोगों से डोर टू डोर संपर्क कर एवं इन ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के माध्यम से शासकीय योजनाओं को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के अलावा जमीनी स्तर पर नेतृत्व को सशक्त बनाने तथा जनजातीय लोगों को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का सराहनीय प्रयास किया गया है। इसके अलावा इस दौरान जिले के चयनित सभी 186 गांवों में ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान एवं ट्राईबल विलेज विजन 2030 तैयार किया गया। जिसके फलस्वरूप भारत सरकार के द्वारा बालोद जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड प्रदान किया गया है। बालोद जिले को प्राप्त  इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए आज बालोद जिला प्रशासन द्वारा सयुंक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अन्य अधिकारियों ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर सहित एसडीएम श्री सुरेश साहू एवं जनपद पंचायत डौण्डी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित इस कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया गया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना करते हुए इसके प्रमुख सूत्रधार सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर सहित अन्य अधिकारियों के कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की। इसके लिए उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित इस कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कलेक्टर चंदन त्रिपाठी को किया सम्मानित

रायपुर, देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ऑन आदि कर्मयोगी अभियान’ में छत्तीगसढ के कोरिया जिले ने एक बार फिर अपनी विकास यात्रा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान में उत्कृष्ट कार्यों के लिए कोरिया जिले की कलेक्टर चंदन त्रिपाठी को सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम एवं राज्यमंत्री दुर्गा दास उइके भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा को भी राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ। 154 जनजातीय ग्रामों में विकास की नई मिसाल ‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत कोरिया जिले के 154 जनजाति बहुल ग्रामों,  बैकुंठपुर ब्लॉक के 138 और सोनहत ब्लॉक के 16 ग्रामों में लगभग 38 हजार जनजातीय परिवारों को शासन की 17 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। शिविरों और डोर टू डोर अभियानों के माध्यम से लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, पीएम जन धन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्जवला, जाति-निवास प्रमाण पत्र, वनाधिकार पट्टा, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम आवास योजना, सिकल सेल टेस्टिंग, सुकन्या समृद्धि योजना तथा पीएम विमान बीमा योजना जैसे योजनाओं से जोड़ा गया। समयबद्ध क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर नवाचारों के चलते यह पहल जनसहभागिता का प्रतीक बनी है। राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की सराहना छत्तीसगढ के कोरिया जिले के जनजातीय अंचलों में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जिले के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास की दिशा में कोरिया की उपलब्धियों का प्रतीक है। बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए- साय  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा श्यह सम्मान हमारे उन कर्मयोगियों की पहचान है जिन्होंने जनजातीय सशक्तीकरण को धरातल पर साकार किया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें हर स्तर पर सशक्त किया जाए। योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुंचाना ही सुशासन छत्तीसगढ़ शासन में आदिम जाति विकास मंत्री एवं कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा यह उपलब्धि हमारे अधिकारियों, फील्ड स्टाफ और जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुँचाया है, उन्होंने कहा कि जन-जन तक योजनाओं को पहुंचाना व लाभ मिलना ही सुशासन है।

अंबाला तैयार: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एयरफोर्स स्टेशन दौरा इस दिन तय

अंबाला हरियाणा के अंबाला में स्थित एयरफोर्स स्टेशन द्वारा 29 अक्टूबर को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। पहले यह दौरा 18 अक्टूबर को प्रस्तावित था, जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया था। राष्ट्रपति का यह दौरा भारतीय वायुसेना के एक कार्यक्रम के तहत निर्धारित किया गया है, जो अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए अंबाला जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों की प्रारंभिक बैठकों का दौर जारी है। सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और प्रोटोकॉल को लेकर प्रशासन ने पुलिस, एयरफोर्स व अन्य संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति के आगमन से पहले उनके प्रोटोकॉल अधिकारी अंबाला पहुंचकर सभी तैयारियों का जायजा लेंगे।  गौरतलब है कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण वायुसेना ठिकानों में से एक है। यहां पर कई बार शीर्ष स्तर के सैन्य और राजकीय कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस बार भी वायुसेना से जुड़े एक अहम आयोजन की योजना बनाई जा रही है, जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।   अंबाला में राष्ट्रपति का यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है। यहां वायुसेना की 17 स्क्वाड्रन तैनात है, जिसके पास राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हैं। माना जा रहा है कि कार्यक्रम का संबंध वायुसेना दिवस (8 अक्टूबर) के बाद की किसी औपचारिक गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। राष्ट्रपति के इस दौरे के दौरान भारतीय वायुसेना के एक विशेष समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कार्यक्रम में वायुसेना अधिकारियों से बातचीत करेंगी और देश की सुरक्षा एवं रक्षा तैयारियों को लेकर जानकारी लेंगी।

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राष्ट्रपति मुर्मू के बीच सौजन्य भेंट

नई दिल्ली,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति मुर्मू को अवगत कराया कि वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने रजत जयंती वर्ष के विशेष अवसर पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे  विकास कार्यों, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू को छत्तीसगढ़ आगमन हेतु सादर आमंत्रित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा प्रदेश की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।