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मुर्मु के स्वागत को तैयार वृंदावन, गोवर्धन में सुरक्षा कड़ी, दौड़-भाग में प्रशासन

वृंदावन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन दिवसीय प्रवास पर गुरुवार की शाम वृंदावन आ रही हैं। राष्ट्रपति अपनी धार्मिक यात्रा की शुरुआत इस्कॉन मंदिर से करेंगी तो अंतिम दिन गिरिराजजी की सात कोसीय परिक्रमा करने के साथ दौरा संपन्न होगा। राष्ट्रपति वृंदावन के विभिन्न आश्रम, मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचेंगी। ऐसे में राष्ट्रपति जिस रूट से गुजरेंगी, वहां तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। स्वागत के लिए वृंदावन को सजाया जा रहा है। तीन दिन के प्रवास पर गुरुवार को वृंदावन आएंगी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु राष्ट्रपति 19 मार्च गुरुवार की शाम करीब पांच बजे वृंदावन पहुंचेंगी। यहां होटल रेडिशन में पहुंचने के बाद राष्ट्रपति सबसे पहले साढ़े छह बजे इस्कॉन मंदिर से अपनी धार्मिक यात्रा शुरू करेंगी। राष्ट्रपति का दौरा प्रेममंदिर, नीबकरौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम का भी रहेगा। दीवारों पर रंग और रोगन के साथ चित्रकारी सभी कार्यक्रम स्थलों तक साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की कमान नगर निगम ने संभाली है। दीवारों पर रंग और रोगन करने के साथ चित्रकारी हो रही है। डिवाइडरों पर रंग लगाने के साथ जीर्ण-शीर्ण पड़े फुटपाथों पर नई टाइलें बिछाई जा रही हैं। तैयारियों का जायजा लेने पहुंच रहे अधिकारी राष्ट्रपति जहां भी कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी। यहां की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआइजी शैलेष कुमार पांडेय, डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार ने वृंदावन का दौरा किया। जहां-जहां राष्ट्रपति जाएंगी, वहां व्यवस्थाएं देखीं। राष्ट्रपति आगमन से पहले गोवर्धन में हाई अलर्ट, अफसरों ने संभाली कमान गोवर्धन। गोवर्धन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त, एडीजी, डीएम समेत आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंडलायुक्त, एडीजी, डीआइजी व डीएम, एसएसपी ने दानघाटी मंदिर में तैयारी देखी। फिर गोल्फ कार्ट से परिक्रमा मार्ग का भ्रमण कर सफाई व्यवस्था देखी।

‘चोर’ बंदरों से बचाने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू का चश्मा, वृंदावन में लगाए जाएंगे लंगूरों के कटआउट

 मथुरा उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन में बंदरों की शरारतें लंबे समय से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है. देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन के सामने इन ‘चश्मा चोर’ बंदरों से निपटना बड़ी चुनौती बन गया है। झपट्टा मारकर चश्मा छीन लेते हैं बंदर वृंदावन के बाजारों और मंदिरों के आसपास सक्रिय बंदर खासतौर पर चश्मा पहनने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं. वे झपट्टा मारकर चश्मा छीन लेते हैं और फिर उसे लौटाने के बदले खाने-पीने की चीजें, खासकर फ्रूटी जैसे पैकेट की मांग करते हैं. यह अनोखी सी डील यहां आम बात बन चुका है। बंदरों की हरकतों पर कंट्रोल जरूरी राष्ट्रपति के 19 मार्च से शुरू हो रहे तीन दिवसीय दौरे के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की असुविधा से बचना चाहती हैं. कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति वृंदावन के प्रमुख स्थलों- उड़िया बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवा चैरिटेबल अस्पताल का दौरा करेंगी और 21 मार्च को गोवर्धन की परिक्रमा भी प्रस्तावित है. ऐसे में बंदरों की हरकतों पर नियंत्रण जरूरी हो गया है। सुरक्षा में लंगूरों को लाना संभव नहीं, तो… पहले ऐसे मौकों पर बंदरों को भगाने के लिए प्रशिक्षित लंगूरों को तैनात किया जाता था, लेकिन अब वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत ऐसा करना संभव नहीं है. इसी वजह से इस बार प्रशासन ने एक नया तरीका अपनाया है- लंगूरों के कटआउट. माना जाता है कि बंदर लंगूरों से डरते हैं, इसलिए उनके जैसे दिखने वाले कटआउट लगाकर उन्हें दूर रखने की कोशिश की जा रही है। गुलेल, लाठी-डंडों और लेजर लाइट इसके अलावा वन विभाग की करीब 30 सदस्यीय टीम को भी तैनात किया गया है. ये कर्मचारी गुलेल, लाठी-डंडों और लेजर लाइट जैसे साधनों के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी करेंगे. बंदरों की अधिक मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाएगा, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. प्रशासन को उम्मीद है कि इन उपायों से राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनेगी।  

समुद्री ताकत का प्रदर्शन: विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू देखेंगी राष्ट्रपति मुर्मू

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार से आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी और 18 फरवरी को यहां आयोजित होने वाले 'अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा' (आईएफआर) का अवलोकन करेंगी। राष्ट्रपति का आज शाम यहां पहुंचने का कार्यक्रम है। पीआईबी द्वारा सोमवार को जारी की एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, "भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 और 18 फरवरी को आंध्र प्रदेश का दौरा करेंगी तथा 18 फरवरी को विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम 'अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा' का अवलोकन करेंगी।" इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के भी शामिल होने की संभावना है। भारतीय नौसेना द्वारा 15 से 25 फरवरी तक विशाखापत्तनम में आईएफआर की मेजबानी की जा रही है। यह पहली बार है जब भारत इसकी मेजबानी 'मिलन अभ्यास' और 'आयन्स कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स' के साथ कर रहा है। इसका उद्देश्य सामूहिक समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक सहयोग को सुदृढ़ करना है। विशाखापत्तनम शहर दूसरी बार आईएफआर की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले यह यहां 2016 में किया गया था। इस समुद्री सम्मेलन में 100 से अधिक देश अपने जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और प्रतिनिधिमंडलों के साथ भाग लेंगे, जो वैश्विक नौसैनिक शक्ति, सहयोग और भारत के विस्तारित समुद्री दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेंगे। 

राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी बस्तर पंडुम का शुभारंभ

रायपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगी. वह सुबह 9.10 बजे भुवनेश्वर से उड़ान भरकर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगी. इसके बाद राष्ट्रपति लाल बाग मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगी. 10.55 से 11.10 बजे तक वह बस्तर पण्डुम में लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन करेंगी, जबकि 11.10 से 12.15 बजे तक कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ करेंगी. राष्ट्रपति मुर्मू करीब तीन घंटे छत्तीसगढ़ में प्रवास के बाद दोपहर 1.30 बजे रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगी. सीएम विष्णुदेव साय का बस्तर दौरा  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 10.05 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करेंगे. वह 11 बजे बस्तर पण्डुम 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर 12.30 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से रायपुर के लिए रवाना होंगे और रायपुर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मुर्मू को विदाई देंगे. सीएम साय 1.45 बजे नए मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे. शाम 4.15 बजे वह दोबारा रायपुर एयरपोर्ट जाएंगे और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत करेंगे. इसके बाद शाम 6 बजे एक निजी होटल जाएंगे और वहां से सीधे नए सीएम हाउस पहुंचकर कुछ देर विश्राम करेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे. वह 7 फरवरी को शाम 4.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचकर निजी होटल के लिए रवाना होंगे. 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से बैठकों का दौर शुरू होगा, जहां शाम 5 बजे तक नक्सलवाद को लेकर हाई लेवल मीटिंग की जाएगी. इस दौरान केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ LWE और विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में रणनीति तैयार की जाएगी. शाम 5 से 6.10 बजे तक वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होंगे और होटल में ही रात्रि विश्राम करेंगे. 9 फरवरी को अमित शाह बस्तर पण्डुम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. वह सुबह 11 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल जाएंगे. दोपहर 12.05 से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम 4.20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और 4 करोड़ घर गरीबों के लिए — देश के सपनों की दिशा

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के मकान बनाए हैं और बीते एक वर्ष में गरीबों को 32 लाख नए घर मिले हैं। मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया और बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। उन्होंने कहा कि उज्‍ज्‍वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले हैं और पिछले वर्ष भी यह अभियान तेजी से आगे बढ़ा है।   उन्होंने कहा, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंक से मदद दी जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले 72 लाख लोगों को 16 हज़ार करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है।’ इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी अपने अभिभाषण में जिक्र किया। राष्ट्रपति ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके साथ ही कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। संसद के बजट सत्र की शुरुआत में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।’ पहले 25 करोड़ को मिला था सामाजिक सुरक्षा कवच, अब 95 लाख उन्होंने संसद की संयुक्त बैठक में अपने चौथे अभिभाषण में कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। हंगामे पर बरसी भाजपा, संसद में तार-तार हुई मर्यादा मुर्मू के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसदों की ओर से हंगामा जारी रहा। इसे लेकर भाजपा ने कहा कि आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। नड्डा ने कहा, 'राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण में जब वंदे मातरम के 150वां साल मनाये जाने का जिक्र करते हुये बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं, तभी अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाना शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और बंकिम चंद्र का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।' आखिर कांग्रेस और विपक्ष को वंदे मातरम से इतनी नफरत क्यों? नड्डा ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है, आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।  

बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: विकास और विरासत दोनों अहम

 नई दिल्ली संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. राष्ट्रपति के संसद पहुंचते ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में देश की विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक एकता को याद किया. उन्होंने कहा कि देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया. वहीं, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समाज के लिए उनके योगदान को याद किया. संसद के बजट सत्र की शुरुआत, राष्ट्रपति मुर्मू ने विरासत और विकास का दिया संदेश संसद के बजट सत्र की बुधवार से शुरुआत हो गई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सदन के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और विरासत से लेकर विकास का संदेश दिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बीच विपक्ष ने मनरेगा, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है. देशभर में मनाया जा रहा वंदे भारत के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव- राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रही हैं. राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और कहा कि पिछला साल भारत की तेज प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा. उन्होंने कहा कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है. नागरिक इस महान प्रेरणा के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति नमन कर रहे हैं. मैं सभी सांसदों को बधाई देती हूं कि संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा की गई. राष्ट्रपति ने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत किया. उन्होंने कहा कि भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती के आयोजन ने पूरे देश को संगीत और एकता के सूत्र में बांध दिया. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है. यही प्रेरणा विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और तेज़ करती है. अपने भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है. उन्होंने कहा कि बीता साल भारत की तेज़ प्रगति और समृद्ध विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा. राष्ट्रपति ने बताया कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देशवासी इस महान रचना के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति नमन कर रहे हैं. उन्होंने संसद के सभी सांसदों को बधाई दी कि संसद में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा की गई, जो देश की सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करती है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद पहुंचे. बजट सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकताएं, आर्थिक दिशा और आने वाले समय की नीतियों की झलक राष्ट्रपति के अभिभाषण में देखने को मिली. यह सत्र दो चरणों में होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा, इसमें कुल 30 बैठकें होंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को खत्म होगा.  बजट सत्र के लिए रणनीति बनाने के लिए आज सुबह 10 बजे विपक्षी पार्टियों की बैठक होगी. सत्र के बेहतर ढंग से संचालन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई है.  वहीं, कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में अपनी संसदीय रणनीति समूह की बैठक कर मनरेगा, विशेष गहन संशोधन (SIR) और पर्यावरणीय मुद्दों को उठाने का फैसला लिया है. इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी शामिल हुए.  दो चरणों में चलेगा 30 बैठकों का सत्र बजट सत्र की रूपरेखा काफी लंबी है. पहले चरण में 13 फरवरी तक राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद एक अंतराल (ब्रेक) होगा. सदन की कार्यवाही दोबारा 9 मार्च को शुरू होगी और 2 अप्रैल तक चलेगी. रविवार होने के बावजूद 1 फरवरी को बजट पेश करने की स्पेशल तैयारी की गई है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. विपक्ष ने तैयार किया मुद्दों का पिटारा कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की तैयारी में हैं. सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक के बाद सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि उनके लिए मनरेगा (MGNREGA) सबसे बड़ा मुद्दा है. इसके अलावा विपक्ष लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, विदेश नीति और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार विधेयक से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग करेगा. विशेष गहन संशोधन (SIR) की कवायद और पर्यावरण से जुड़े संकट भी सदन में गूंजेंगे. सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित कई दलों के नेता मौजूद रहे. सरकार की कोशिश है कि दोनों सदनों की कार्यवाही बिना किसी बड़े गतिरोध के चले. विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बुधवार सुबह एक अलग मीटिंग बुलाई है, जिससे सदन के अंदर एक संयुक्त रणनीति के तहत सरकार को चुनौती दी जा सके.

देवभूमि का भविष्य उज्ज्वल हो — हिमाचल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी बधाई

शिमला हिमाचल प्रदेश में रविवार को गर्व और उत्साह के साथ प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वर्णिम भविष्य की कामना की। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मू के हवाले से लिखा, "हिमाचल प्रदेश के 'पूर्ण राज्यत्व दिवस' पर राज्य के सभी निवासियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। आध्यात्मिक परंपराओं के कारण देवभूमि और शौर्य परंपरा के कारण वीरभूमि कही जाने वाली हिमाचल की धरती पर प्रकृति का असीम वरदान है जो इस राज्य के प्रति अद्भुत आकर्षण उत्पन्न करता है। मुझे विश्वास है कि हिमाचल प्रदेश के कर्मठ निवासी राष्ट्र निर्माण तथा देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। मैं राज्य के सभी लोगों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती हूं।" इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "प्रकृति और संस्कृति की संगमस्थली हिमाचल प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को पूर्ण राज्यत्व दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं। अपनी अद्भुत प्रतिभा और पराक्रम से वे सदैव मां भारती की सेवा करते आए हैं। मैं उनके सुनहरे भविष्य के साथ-साथ इस देवभूमि की समृद्धि की कामना करता हूं।" लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, "देव-भूमि’ हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर राज्य के समस्त वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश समृद्ध प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण, सांस्कृतिक विविधता, अतिथि-भाव से परिपूर्ण जनमानस और गौरवशाली धार्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में विख्यात है। कामना है कि देवभूमि निरंतर प्रगति, समृद्धि और संतुलित विकास के मार्ग पर आगे बढ़े तथा प्रदेशवासी सुख, स्वास्थ्य और खुशहाली के साथ हिमाचल की गौरवशाली पहचान को और सुदृढ़ करें।" भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने लिखा, "अतुल्य प्राकृतिक सौंदर्य और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध देवभूमि हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर समस्त हिमाचलवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि हिमाचल प्रदेश निरंतर विकास, समृद्धि और उन्नति की दिशा में आगे बढ़ता रहे।"

पंजाब की जीएनडीयू में आज राष्ट्रपति मुर्मू देंगी 463 विद्यार्थियों को डिग्री

चंडीगढ़. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेंगी। पूरे अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पंजाब दाैरे पर हैं। वे अमृतसर में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) की 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेंगीं। उनके आगमन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जीएनडीयू मैनेजमेंट, जिला प्रशासन और राज्य पुलिस ने संयुक्त रूप से सुरक्षा रिहर्सल पूरी कर कार्यक्रम को यादगार बनाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। एसएस परमार की अध्यक्षता में एडीजीपी स्तर की सुरक्षा टीम ने कन्वेंशन हाल में सुरक्षा मानकों और रूट प्लान का विस्तार से रिव्यू किया। वीसी प्रो. डा. करमजीत सिंह, डीसी दलविंदरजीत सिंह, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एआईजी परमिंदर सिंह भंडाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विद्यार्थियों को पहचान दस्तावेज और पास जारी किए गए। मेडल और डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिशन डाॅक्यूमेंट और टैग नंबर भी तय किए गए। परिसर और आसपास के इलाके को बैरिकेडिंग के साथ सील किया गया और तलाशी के बाद ही लोगों को एरिया में प्रवेश दिया जा रहा है। इस कान्वोकेशन में कुल 463 विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल दिए जाएंगे, जिनमें 74 अंडरग्रेजुएट, 102 पोस्टग्रेजुएट, 270 पीएचडी डिग्री और 7 मेमोरियल मेडल शामिल हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी दो मशहूर हस्तियों को ऑनरेरी डॉक्टरेट प्रदान करेगी। राज्यपाल भी पहुंचेंगे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और गवर्नर गुलाबचंद कटारिया भी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, मुख्यमंत्री गुरुवार को हरमिंदर साहिब व अकाल तख्त में विशेष स्पष्टीकरण देंगे, जिसके चलते वहां भी सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। संपूर्ण व्यवस्था में पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं, जिससे आम जनता और प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बस्तर आ रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृहमंत्री अमित शाह

बस्तर. बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोकपरंपराओं और विरासत के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन इस साल भी किया जा रहा है। कार्यक्रम 10 जनवरी से 5 फरवरी तक प्रस्तावित है।बस्तर पंडुम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृहमंत्री अमित शाह भी शिरकत करेंगे। वहीं एक दिन पहले 2 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम का लोगो और थीम गीत लॉन्च किया है। दरअसल, बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग में 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 29 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम और 2 से 6 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संभाग स्तरीय कार्यक्रम में ही राष्ट्रपति और गृहमंत्री शिरकत करेंगे। इस बार के बस्तर पंडुम में विशेष रूप से भारत के अलग-अलग देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, उनके साथ बेटी, भाई और भाभी भी मौजूद रहेंगे। वहीं, उनकी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और रेलवे ने कमर कस ली है। सुरक्षा प्रोटोकाल के तहत राष्ट्रपति के करनडीह आने-जाने के दौरान जुगसलाई अंडरब्रिज के ऊपर से गुजरने वाली ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया जाएगा। राष्ट्रपति के साथ उनकी बेटी इतिश्री मुर्मू साये की तरह मौजूद रहेंगी। इतिश्री एक बैंक अधिकारी हैं और मां के साथ अक्सर महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में नजर आती हैं। इसके अलावा, ओडिशा के मयूरभंज से राष्ट्रपति के छोटे भाई तारिणीसेन टुडू और उनकी पत्नी चुडा सकरा टुडू (सकरमणि टुडू) भी इस यात्रा का हिस्सा होंगे। मायके और ससुराल पक्ष के लोगों के साथ राष्ट्रपति का यह आगमन लौहनगरी के लोगों के लिए भी उत्साह का विषय है। 7 से बढ़कर होगी 12 विधा इस साल बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि प्रमुख हैं। 3 चरणों में किया जा रहा आयोजन इस बार बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं, शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा। CM बोले- बस्तर पंडुम है बस्तर की आत्मा मुख्यमंत्री ने कहा कि, बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है। आज मां दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहां बस्तर पंडुम-2026 का लोगो और थीम गीत का विमोचन किया है। बस्तर पंडुम सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक-परंपराओं, कला और विरासत का मंच है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। हम नृत्य, गीत, शिल्प, व्यंजन, वन-औषधि और देवगुड़ियों के जरिए इन परंपराओं और संस्कृति को जीते हैं। उन्होंने कहा कि, पिछले साल हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी, तब समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस बार हम राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री समेत भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर हमारे बस्तरवासियों का जोश, उत्साह खूब देखने को मिला। इस बार हम इसे और भव्य बना रहे हैं ताकि यहां की धरोहर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान बना पाए। इस बार बस्तर पंडुम की प्रतिस्पर्धा में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर 12 की गई है। इसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति तो होगी ही, इसके साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को शामिल किया गया है।  

गोवा नाइट क्लब हादसा: आग में लोगों की मौत पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने व्यक्त किया शोक

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार देर रात गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से लोगों की मौत होने पर गहरा दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। गोवा की राजधानी पणजी से 25 किलोमीटर दूर अरपोरा गांव में स्थित लोकप्रिय पार्टी स्थल ‘बर्च बाय रोमियो लेन' नाइट क्लब में आग लगने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘उत्तरी गोवा जिले में हुई आग लगने की इस दुखद घटना से मुझे गहरी पीड़ा हुई है।    इस घटना में कई लोगों की जान चली गई। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करे। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एवं पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया। गुप्ता ने कहा, ‘‘गोवा के अरपोरा में हुई दुर्घटना का समाचार अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और उनके परिजनों को इस कठिन समय में संबल दे। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी प्रार्थना करती हूं।'' गोवा में आम आदमी पार्टी की प्रभारी आतिशी ने ‘एक्स' पर कहा कि गोवा सरकार को इस घटना में हुई चूक की तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘‘गोवा में अरपोरा के एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग की खबर अत्यंत दर्दनाक है। इस विनाशकारी हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।'' राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की उपनेता सागरिका घोष ने इस घटना को गोवा में ‘‘डबल इंजन'' शासन मॉडल की पूरी तरह विफलता करार दिया। घोष ने लिखा, ‘‘गोवा के अरपोरा में लगी आग में हुई मौतों की दुखद खबर से स्तब्ध और व्यथित हूं। दिवंगतों के लिए प्रार्थना करती हूं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं।'' तृणमूल के राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने भी घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘गोवा के अरपोरा में बीती रात आग लगने से लोगों की मौत होने की खबर से अत्यंत व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना।‘‘