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एक सशक्त व्यक्ति अनेक सशक्त व समृद्ध व्यक्तियों का कर सकता है निर्माण: राष्ट्रपति

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली तथा 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के समापन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवा शक्ति का किया आह्वान राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा: देश के भविष्य निर्माता ही नहीं, परंपरा के संरक्षक भी हैं युवा आप सभी प्रतिभा व कौशल का देश के विकास के लिए करें इस्तेमाल: राष्ट्रपति राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ ही सहयोग की भावना भी राष्ट्र व समाज के उत्थान के लिए अनिवार्य लखनऊ, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली तथा 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के समापन समारोह में शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवा शक्ति का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि सभी युवा प्रकृति के साथी होने के स्काउट्स एंड गाइड्स के सिद्धांत को अपनाएं और आगे बढ़ें तो हमारी धरती हरी-भरी और खुशहाल बनेगी। उन्होंने कहा कि आप देश के भविष्य निर्माता ही नहीं, बल्कि इसकी भव्यता और महान संस्कृति की परंपरा के संरक्षक भी हैं। जिस प्रकार एक दीपक से अनेक दीपक जलाए जा सकते हैं, उसी प्रकार एक सशक्त, समृद्ध और संवेदनशील व्यक्ति अनेक व्यक्तियों को सशक्त और समृद्ध बना सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी अपनी प्रतिभा और कौशल को देश के विकास के लिए लगाएंगे। प्रतिस्पर्धा के जरिए मजबूत होती है टीम भावना राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जम्बूरी में देशभर के 35 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं और 25 देशों के 2 हजार स्काउट्स एंड गाइड्स भी उपस्थित हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि इस अवसर का उपयोग एक-दूसरे को जानने-समझने के लिए करें और अपने अनुभव तथा सपने आपस में साझा करें। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि जम्बूरी के दौरान अनेक प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन हुआ, जिनसे नई सीख मिलती है और टीम भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ सहयोग की भावना भी राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए अनिवार्य है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रयासों को सराहा राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि आज भारत में 63 लाख से अधिक स्काउट्स एंड गाइड्स हैं और यह विश्व के सबसे बड़े संगठनों में से एक है। इस संगठन में गाइड यानी छात्राओं की संख्या 25 लाख से अधिक है, जो उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने उन बेटियों को बधाई दी जिन्होंने समाज और मानवता के कल्याण के लिए अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रगति के मार्ग को अपनाया है। उन्होंने कहा कि स्काउट्स एंड गाइड्स लंबे समय से युवाओं को सही दिशा देने, उन्हें अनुशासित बनाने और राष्ट्र निर्माण में प्रेरित करने का कार्य कर रहे हैं। सेवा भाव है स्काउट्स एंड गाइड्स की सबसे बड़ी विशेषता राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, स्काउट्स एंड गाइड्स की सबसे बड़ी विशेषता सेवा का भाव है। चाहे भूकंप आए या महामारी फैले, स्काउट्स एंड गाइड्स सबसे पहले सहायता के लिए आगे आते हैं। संगठन की एक और विशेषता राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना है। विभिन्न राज्यों, धर्मों और संस्कृतियों से आने वाले युवा जब साथ प्रशिक्षण लेते हैं, तो उनमें आपसी सम्मान, भाईचारा और टीमवर्क की भावना प्रबल होती है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि समय के साथ यह संगठन जीवन कौशल, नेतृत्व, पर्यावरण जागरूकता और व्यक्तित्व विकास जैसे क्षेत्रों पर ध्यान देकर स्वयं को आधुनिक बना रहा है। सशक्त युवा पीढ़ी तैयार कर रहा संगठन राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह संगठन ऐसी युवा पीढ़ी तैयार कर रहा है जो सशक्त, संवेदनशील और देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता ही देश की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी संभव है जब हमारी अधिकांश युवा आबादी इसे प्राप्त करने के लिए दृढ़ता से प्रयास करे। उन्होंने कहा कि युवाओं को उचित मंच उपलब्ध कराने के लिए सरकार अनेक प्रयास कर रही है जिनमें 'मेरा युवा' जैसी पहल महत्वपूर्ण है। यह पहल युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने के लिए समर्पित है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए रहें तैयार राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि स्काउट्स एंड गाइड्स का आदर्श वाक्य है-तैयार रहो। इसका अर्थ है कि आपको भविष्य की चुनौतियों का साहस और आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। इसके लिए आवश्यक है कि आप में संवाद क्षमता, टीम समन्वय, समस्या समाधान और नेतृत्व जैसे कौशल विकसित हों। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया और कहा कि पर्यावरण-अनुकूल आदतों को जीवन में अपनाकर ही इस वैश्विक समस्या से निपटा जा सकता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस जम्बूरी को ‘हरित जम्बूरी’ के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जहां वेस्ट सेग्रिगेशन और प्लास्टिक-मुक्त परिसर जैसे कदम लागू किए गए हैं। अंत में उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आयोजकों को बधाई दी। सेवा से ही नया भारत लेगा आकार: राज्यपाल कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जम्बूरी में आना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि उद्घाटन और समापन दोनों सत्रों में प्रतिभागियों के कौशल को देखने का अवसर मिला। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में जम्बूरी के माध्यम से वर्षों से करोड़ों छात्र–छात्राओं को लाभान्वित करने वाले अवॉर्डियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि 61 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में आयोजित जम्बूरी ने स्वावलंबी, स्वदेशी, स्वच्छ और विकसित भारत की भावना को साकार किया है। युवाओं को देश का वर्तमान और भविष्य बताते हुए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानते हैं क्योंकि युवा ऊर्जा और सकारात्मक सोच राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में स्काउटिंग और गाइडिंग केवल कौशल ही नहीं, बल्कि करुणा, निष्ठा, साहस और मानवता जैसे मूल्यों का कवच भी प्रदान करती है। इन्हीं मूल्यों को जम्बूरी ने पुनः स्थापित किया है। राज्यपाल ने स्काउट्स और गाइड्स से आग्रह किया कि वे यहां मिली सीख को जीवन में उतारें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनें क्योंकि भारतीयता का मूल भाव सेवा ही है और यही भारत की आत्मा है जिससे नया भारत … Read more

सरगुजा में जनजातीय गौरव दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जोर—परंपराओं को जीवित रखना बेहद जरूरी

सरगुजा छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला के अंबिकापुर पीजी कॉलेज ग्राउंड में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति को जीवित रखना बहुत जरूरी है। छत्तीसगढ़ के जनजाति समाज के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा को बनाए रखे हुए हैं, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं। मैं भी जनजाति समाज की बेटी हूं और जनजाति परिवार में जन्म लेने पर मुझे बहुत गर्व है। जनजाति समाज की परंपरा को मैं पहले भी जीती थी और अब भी जीती हूं। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है। साथ ही बोलीं, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन सुनिश्चित होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि जनजाति समाज का इस देश में बहुत बड़ा योगदान है। आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि यह बेहद खूबसूरत और सुंदर है। ऐसे कार्यक्रमों में मैं जब जाती हूं तो जनजाति परिवार के लोगों से मुलाकात करती हूं। जनजाति महिलाओं से मुलाकात करने पर मुझे गर्व महसूस होता है। स्थानीय स्तर पर भी जनजाति समाज की संस्कृति और उनके विकास को प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगे कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य 25 साल का हो गया है। छत्तीसगढ़ के रहने वाले सभी लोगों को मैं बधाई देती हूं। भगवान बिरसा मुंडा के इस कार्यक्रम में शामिल होने और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है। अंबिकापुर में व्यापक स्तर पर 15 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक जनजाति गौरव दिवस मनाया गया है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का रिश्ता राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा एक दूसरे लगी हुई है ,छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का संबंध है। छत्तीसगढ़ के लोग ओडिशा में शादी करते हैं और ओडिशा वाले छत्तीसगढ़ में शादी करते हैं। ओडिशा और छत्तीसगढ़ की दोस्ती बहुत पुरानी है। झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के जनजाति समाज की विरासत बहुत गहरी है।  

जनजातीय गौरव दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 नवंबर को करेंगी छत्तीसगढ़ आगमन

रायपुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ प्रवास का कार्यक्रम प्रस्तावित है. इस दौरान राष्ट्रपति अंबिकपुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगी. उनके दौरे की तैयारियों को लेकर मंत्रालय (महानदी भवन) में 11 नवंबर को शाम 4 बजे मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में बैठक होगी. बैठक में सभी प्रमुख मंत्रालय और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संबंधित जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सरगुजा के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी. मुख्यसचिव द्वारा राष्ट्रपति के निर्बाध और गरिमामय प्रवास के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, आवागमन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित आवश्यक व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी. अधिकारियों को दायित्व निर्वहन के निर्देश दिए जाएंगे.

राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दीं शुभकामनाएं

भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश ने भारत की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने ईश्वर से प्रार्थना की कि मध्यप्रदेश अपनी विकास यात्रा में निरंतर नए आयाम स्थापित करता रहे। राष्ट्रपति ने सभी प्रदेशवासियों की निरंतर समृद्धि और कल्याण के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने संदेश में कहा है कि गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर संजोने वाले प्रदेशवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की ढेरों शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि देश के हृदय में बसे मध्यप्रदेश जन-जन की आकांक्षाओं को आगे रखकर आज हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली और परिश्रमी लोगों की अमूल्य भूमिका होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी सांस्कृतिक विरासत की भूमि मध्यप्रदेश वासियों को प्रदेश को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध इतिहास को समेटे मध्यप्रदेश आज जन कल्याण, स्वच्छता और संपन्नता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। गृह मंत्री शाह ने ईश्वर से प्रदेश वासियों की निरंतर प्रगति की कामना की है।