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‘ट्रेड डील नहीं, फरमान है’—प्रियंका चतुर्वेदी ने किया खुलासा

नई दिल्ली शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने इस समझौते को 'असमान और अन्यायपूर्ण' बताते हुए कहा कि यह कोई बराबरी का करार नहीं, बल्कि अमेरिका की ओर से दिया गया एक आदेश है, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया है। प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने कुछ दबावों में आकर और राष्ट्रीय हितों की कीमत पर इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद यह बात कह चुके हैं कि भारत द्वारा रूस से तेल न खरीदने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही 25 प्रतिशत डिजिटल टैरिफ वापस लिया गया। अगर भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस से तेल खरीदने की कोशिश करता है, तो यह टैरिफ फिर से लागू किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह समझौता भारत की स्वतंत्र विदेश और व्यापार नीति के अनुरूप है। प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि किसी भी देश की नीतियों पर भरोसा दशकों की विश्वसनीयता से बनता है। भारत की साख पिछले 70 वर्षों और उससे भी पहले से बनी है। भारत ने कभी किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया, बल्कि जब भी आक्रामकता झेली, उसका उचित जवाब दिया। उन्होंने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब भारत ने खासतौर पर ग्लोबल साउथ के देशों को वैक्सीन भेजकर अपनी नीति की विश्वसनीयता दिखाई। संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की नीति हमेशा मुक्त, समान और भरोसेमंद व्यापार की रही है। इसके साथ ही प्रियंका चतुर्वेदी ने दिल्ली में गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार की मौत के मामले पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता सरकार से बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद करती है, अच्छी और सुरक्षित सड़कें, साफ-सुथरा बुनियादी ढांचा। लेकिन सरकारें सड़क सुरक्षा के मूल नियमों का पालन नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में नोएडा में भी गड्ढे में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी और अब दिल्ली में ऐसा ही दर्दनाक हादसा सामने आया है। दोनों ही जगह भाजपा की सरकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा और कब सरकारें जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगी।

महिलाओं की गरिमा पर AI का हमला? प्रियंका चतुर्वेदी ने की सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने महिलाओं को टारगेट करने वाले डीपफेक वीडियो और फोटो के खिलाफ केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने हाल ही में सामने आए मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये फर्जी कंटेंट महिलाओं को बदनाम करने के लिए बनाए जा रहे हैं। चतुर्वेदी ने बताया कि AI टूल्स से महिलाओं की फोटो को कम कपड़े में या अश्लील तरीके दिखाया जा रहा है, जिससे उनकी गोपनीयता और सम्मान को गहरा आघात पहुंच रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के खिलाफ सुनियोजित साजिश है। सांसद ने मांग की है कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर ऐसे फर्जी कंटेंट को प्लेटफॉर्म्स से हटवाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।   पत्र में प्रियंका चतुर्वेदी ने साफ किया कि डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है, खासकर राजनीतिक और सामाजिक दुश्मनी के चलते। उन्होंने लिखा कि महिलाओं को निशाना बनाकर बनाए जा रहे वीडियो न केवल उनकी छवि खराब करते हैं, बल्कि मानसिक उत्पीड़न का कारण भी बनते हैं। चतुर्वेदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल के मामलों में AI का इस्तेमाल कर महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ की गई, जो असामान्य रूप से घिनौना है। उन्होंने आईटी मंत्रालय से अपील की कि महिलाओं के खिलाफ एआई आधारित हमलों को रोकने के लिए विशेष कानून बने। साथ ही, सोशल मीडिया कंपनियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे ऐसी कंटेंट को तुरंत ब्लॉक करें। उनका कहना है कि यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय है, लेकिन भारत में त्वरित कार्रवाई जरूरी है। प्रभावित महिलाओं को न्याय दिलाने की मांग कांग्रेस नेता ने पत्र के अंत में केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वे इस पर तुरंत संज्ञान लें और प्रभावित महिलाओं को न्याय दिलाएं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह महिलाओं के डिजिटल अधिकारों पर सीधा हमला होगा। प्रियंका चतुर्वेदी की यह पहल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और कई महिला संगठनों ने उनका समर्थन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीपफेक के खिलाफ सख्त नीति बनाना अब जरूरी हो गया है, ताकि तकनीक का दुरुपयोग रोका जा सके।

प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं: ‘चुनाव नतीजे आने पर ही होगा असली फैसला’

पटना  शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बिहार चुनाव से पहले IANS-Matrize के ओपिनियन पोल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस ओपिनियन पोल में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. बिहार में विधानसभा की 243 सीटे हैं. सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 142 है. सर्वे के मुताबिक, बिहार में एनडीए की सरकार बन सकती है. लोकसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से जब इस ओपिनियन पोल पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, "हर सर्वे प्रचंड बहुमत ही दिखाता है. जब इलेक्शन होता है और चुनाव नतीजे आते हैं तो उसमें बहुत अंतर होता है. जनता के मन में डाला जाता है कि जीत इन्हीं (एनडीए) की होनी है. लेकिन मैं जनता से यही कहूंगी कि ध्यान रखकर वोट करिएगा." प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, "20-25 साल से किसकी सरकार रही है? पिछले 11 सालों से डबल इंजन की सरकार केंद्र में भी और राज्य में भी. सवा लाख करोड़ का आपने सिर्फ पैकेज देने का वादा किया और ठगा. इन सब बातों का ध्यान रखकर लोगों को वोट करना चाहिए."         बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बन सकती है.     विपक्ष गठबंधन को झटका लगता हुआ सर्वे के नतीजों में दिखाई दे रहा है.     एनडीए को 150-160 सीटें मिल सकती है.     महागठबंधन को 70 से 85 सीटें मिलने का अनुमान है.     एनडीए को 49 फीसदी और महागठबंधन को 36 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     बीजेपी को 21 फीसदी, जेडीयू को 18 फीसदी, हम को 2 फीसदी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 6 फीसदी, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को 2 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     आरजेडी को 21 फीसदी वोट, कांग्रेस को 8 फीसदी, सीपीएम (एमएल) को 4 फीसदी, सीपीआई को एक फीसदी, सीपीएम (मार्क्सवादी) को एक फीसदी और मुकेश सहनी को वीआईपी को एक फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.     प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को 7 फीसदी, अन्य को 7 फीसदी और एआईएमआईएम को एक फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.