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हिन्दू महासभा ने काले झंडों के साथ प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला जलाया ,

 ग्वालियर                                                                              कमर तोड़ महंगाई कम करने, विदेशी दो सौ पांच लाख करोड़ का कर्ज से मुक्ति दिलाने, डॉक्टरों पर लाठीचार्ज के विरोध में तथा मुख्य मंत्री के इशारे पर सनातनियों के प्रथम आराध्या श्री गणेश जी की प्रतिमा को की ऊंचाई कम करने की तानाशाही फरमान के विरोध में,गेंडे वाली सड़क पर एक हिन्दू परिवार को घर में मुस्लिम परिवार के लोगों को लहुलुहान हालत करने के बाद भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था सुधारने, धार्मिक स्थलों का अधिग्रहण नहीं करने   को लेकर हिंदू महासभा ग्वालियर ने हिन्दू महासभा भवन, दौलतगंज में  10 सितंबर को सुबह ठीक 9-30 बजे काले झंडों को लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए रामा मार्केट, नुक्कड़ चौराहे पर केंद्र सरकार का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया ।              हिन्दू महासभा के जिला अध्यक्ष लोकेश शर्मा , युवक हिन्दू महासभा के जिला अध्यक्ष आनंद माहौर, युवा महामंत्री धर्मेंद्र बरेलिया ने कहां की मुख्यमंत्री के इशारे पर ग्वालियर में हिंदुओं के प्रथम आराध्य भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा को स्थापित करने वाले एवं मूर्ति कलाकारों को जिला एवं पुलिस प्रसारण द्वारा जबरदस्ती प्रतिमाओं की ऊंचाई कम करने का फरमान तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है जो हिंदुओं की भावनाओं के साथ कुठाराघात है जिसे हिंदू महासभा सहन नहीं करेगी।  मंहगाई से आम नागरिक त्राहि त्राहि कर रहा है और केंद्र सरकार डबल इंजन सरकार अनदेखी कर प्रदेश,देश पर लाखों  का कर्ज कर रही है। अपने हक की मांग करने पर खुलेआम डाक्टरों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। यदि तीन दिन में मांगें पूरी नहीं हुई तों हिन्दू महासभा लश्कर को आधे दिन के बन्द का आयोजन किया जाएगा। लश्कर बंद को लेकर दिनांक 11 सितंबर को सायं काल ठीक 6-00 बजे हिन्दू महासभा भवन दौलतगंज में बैठक अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई है।उपरोक्त मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।              संचालन रोहित जाटव, राहुल गुप्ता ने किया।   10 सितंबर को डबल इंजन सरकार का उज्जेन में 170 बर्ष प्राचीन मंदिर खड़े हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिर हटाने को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सद्बुद्धि के लिए चामुंडा धाम कोटेश्वर मंदिर पर हिन्दू महासभा चामुंडा मंदिर समिति की महिलाओं ने श्री हनुमान चालीसा पाठ कर विरोध किया ।      जिला अध्यक्ष    लोकेश शर्मा ,                                                     

MP में इंटर्न डॉक्टरों ने खोला मोर्चा, स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए भोपाल में निकाला पैदल मार्च

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से नाराज होकर इंटर्न डॉक्टरों ने 7 सितंबर को राजधानी भोपाल में मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर ये चिकित्सक हमीदिया अस्पताल से सीधे मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर रहे हैं। डॉक्टरों ने दो टूक कह दिया है कि अब उन्हें कोई मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि स्टाइपेंड वृद्धि का लिखित आदेश चाहिए। डेढ़ माह के इंतजार के बाद टूटा सब्र     आंदोलनकारी डॉक्टरों का कहना है कि शासन ने करीब एक महीने पहले स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने का मौखिक भरोसा दिया था।     सरकार के इस वादे का सम्मान करते हुए इंटर्न डॉक्टरों ने डेढ़ महीने तक शांतिपूर्वक इंतजार किया। लेकिन जब इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक अधिसूचना या लिखित आदेश जारी नहीं हुआ, तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना पड़ा। 14 हजार नहीं, 30 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने महज 14,337 रुपये बतौर स्टाइपेंड दिए जा रहे हैं। डॉक्टरों की प्रमुख मांग है कि इस सम्मान राशि को बढ़ाकर न्यूनतम 30,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। अपनी इसी मांग को सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रखने और अब तक मिले आश्वासनों की वास्तविक स्थिति पर चर्चा करने के लिए यह मार्च निकाला जा रहा है। हमीदिया के गेट नंबर 1 से सीएम हाउस तक शांतिपूर्ण मार्च     अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए इंटर्न डॉक्टरों ने भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल के गेट क्रमांक 1 से मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च शुरू किया है।     प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। '14,337 नहीं, 30,000 चाहिए… अब आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए' जैसे नारों के साथ डॉक्टर लगातार सरकार से अपनी जायज मांगें जल्द से जल्द पूरी करने की अपील कर रहे हैं। आगे की रणनीति भी इसी मार्च के दौरान तय की जाएगी।  

किसानों के समर्थन में पहुंचे रेशम अनमोल, महिलाओं के पैर दबाए और लंगर सेवा की; तीसरे दिन भी मोर्चा जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सेक्टर-48 के पास संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से लगाया गया पक्का मोर्चा आज तीसरे दिन भी जारी है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों से किसानों और मजदूर जत्थेबंदियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल भी मोर्चे में पहुंचे। उन्होंने लंगर सेवा में हिस्सा लिया। गायक ने लंगर सेवा कर रही महिलाओं के पैर दबाए। मोर्चे में बुधवार को पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। आज 11 बजे मंच से किसान नेता संबोधित करेंगे। सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है इससे पहले किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि देश का 70 से 80 प्रतिशत अनाज पैदा करने वाला अन्नदाता आज अपने हक और इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। यह सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अमेरिका से एग्रीमेंट हुआ तो चक्का जाम की चेतावनी राजेवाल ने किसानों से अपने हक के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल किसान ही नहीं, बल्कि हर वर्ग मौजूदा सरकारों से परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अमेरिका के साथ किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई एग्रीमेंट करती है तो किसान पूरे देश में चक्का जाम करेंगे और रेल यातायात भी रोकेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसानों की मांगों पर गौर नहीं किया तो सेक्टर-48 के पास लगाया गया पक्का मोर्चा आगे भी बढ़ाया जा सकता है। राजेवाल ने कहा कि किसान यहां पहुंच चुके हैं और अब अपनी मांगें मनवाकर ही वापस जाएंगे। सड़क की दूसरी साइड भी खड़ी की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जगतपुरा से चंडीगढ़ के सेक्टर-48 तक जाने वाली सड़क के एक तरफ किसानों ने मोर्चा लगाया हुआ है, जबकि दूसरी तरफ से ट्रैफिक चल रहा है। कल बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने के कारण किसानों ने इन्हें सड़क के किनारे और उपलब्ध जगहों पर खड़ा कर दिया। किसान नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या और बढ़ी तो ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। दूर-दराज से पहुंचे किसानों में उत्साह पंजाब के दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे किसानों में आंदोलन को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। मानसा से पहुंचे किसानों ने कहा कि जब दिल्ली में लंबे समय तक मोर्चा लगाकर मांगें मनवाई जा सकती हैं तो यहां भी वे अपनी मांगें मनवाकर ही वापस जाएंगे। किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही है। बिजली-पानी और सुविधाएं नहीं देने पर नाराजगी मोर्चे के मंच से किसान नेताओं ने किसानों के लिए बिजली, पानी, मोबाइल टॉयलेट और रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने का विरोध किया। वक्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान किसानों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

Bhopal: सीलिंग के खिलाफ व्यापारियों का विरोध तेज, कोलार बाजार बंद; आज फिर सड़क पर उतरेंगे कारोबारी

भोपाल  भोपाल में चल रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में कोलार व्यापारी महासंघ के आव्हान पर आज पूरा बाजार बंद है। यहां तक कि डी-मार्ट और शराब की दुकानें भी बंद रखी गई हैं। कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक सभी प्रतिष्ठान बंद हैं। इमरजेंसी सेवाएं जैसे मेडिकल, पेट्रोल पंप को बंद से छूट दी गई है। महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई गलत है। इससे व्यापारी सड़क पर आ गए हैं। इसलिए आज प्रदर्शन किया जाएगा। निगम तीसरे दिन भी कार्रवाई करेगा इधर, नगर निगम तीसरे दिन भी प्रतिष्ठान सील करने की कार्रवाई करेगा। अब तक कुल 170 प्रतिष्ठान बंद कराए जा चुके हैं। हालांकि, इसे लेकर व्यापारी विरोध भी कर रहे हैं। व्यापारियों ने मंगलवार को करीब चार घंटे तक रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया था। बीमा कुंज में खुली फ्रूट दुकान व्यापारियों ने बंद कराईं कोलार के बीमा कुंज में खुली फ्रूट की दुकान को व्यापारियों ने बंद करा दिया। व्यापारियों का कहना है कि सीलिंग कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद रखा गया है। इसी दौरान खुले प्रतिष्ठानों को भी बंद कराया जा रहा है। कोलार में डी-मार्ट और शराब दुकानें भी बंद कोलार में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद रहा। व्यापारियों के समर्थन में डी-मार्ट और शराब की दुकानें भी बंद रहीं। बंद के कारण क्षेत्र में कारोबार प्रभावित रहा। व्यापारियों ने प्रशासन से सीलिंग की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की मांग की। सीलिंग के खिलाफ कोलार में बाजार बंद सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को भोपाल के कोलार क्षेत्र में व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। कार्रवाई से नाराज दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई से छोटे और मध्यम दुकानदारों के सामने कारोबार प्रभावित होने का खतरा है। बाजार बंद रहने से क्षेत्र की कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे रोजमर्रा की खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी हुई। व्यापारियों ने प्रशासन से कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की मांग की। उनका कहना है कि नियमों का पालन कराने के साथ व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

किसान मुद्दों पर प्रदेश में गर्माई राजनीति, कांग्रेस करेगी आज आंदोलन और जाम

भोपाल  मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। आज 7 मई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है, जिसमें मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नेशनल हाईवे जाम कर किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई है, जिससे कई जिलों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। भोपाल में पीसी शर्मा ने बताया कि सरकार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। बार-बार खरीदी और स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया के पहले 14 दिनों में केवल 9.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसान स्लॉट बुकिंग, रजिस्ट्रेशन पर्ची अपलोड करने और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि किसानों को गेहूं का दाम 2625 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए। साथ ही, जिन किसानों ने कम कीमत पर गेहूं बेचा है, उन्हें अंतर की राशि “भावांतर योजना” के तहत सीधे उनके बैंक खातों में दी जाए। इसके अलावा, पार्टी ने मूंग और सोयाबीन के दामों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस के इस आंदोलन के कारण 11 जिलों में करीब 747 किलोमीटर तक यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हित में किया जा रहा है, जबकि प्रशासन ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस की मांगें पार्टी ने सरकार से मांग की है कि किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिया जाए और कम कीमत पर बेचे गए गेहूं का अंतर भावांतर योजना के तहत सीधे खातों में डाला जाए। साथ ही मूंग और सोयाबीन के दामों को लेकर भी जवाब मांगा गया है। मंत्री बोले- वेयरहाउस की क्षमता में 20% बढ़ाई मध्यप्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री और विभाग द्वारा गेहूं खरीदी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की अनुमति थी, लेकिन किसानों के अधिक पंजीयन को देखते हुए केंद्र सरकार से इसे बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन करा लिया गया है। मंत्री ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और अब तक करीब 15 लाख स्लॉट बुक हो चुके हैं। 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी भी हो चुकी है। राजपूत ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए तौल कांटे बढ़ाए गए हैं और वेयरहाउस की क्षमता में 20% तक की बढ़ोतरी की गई है, ताकि भंडारण में दिक्कत न आए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खुद औचक निरीक्षण कर रहे हैं और वे स्वयं भी विभिन्न केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना- कांग्रेसी किसी किसान को एक गिलास पानी तक नहीं पिलाते मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसी किसी किसान को एक गिलास पानी तक नहीं पिलाते और आंदोलन का ढोंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष में होने के कारण कांग्रेस इस तरह के कदम उठा रही है, लेकिन हाईवे जाम से आम जनता को परेशानी होगी। राजपूत ने कहा कि सड़कों को जाम करने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और इससे आम नागरिकों को अनावश्यक दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने कांग्रेस से इस पर पुनर्विचार करने की अपील की। मंत्री ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है और पार्टी को आंदोलन करने के बजाय आत्ममंथन करने की जरूरत है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले कांग्रेस ने आज तक अन्नदाता की चिंता नही की कांग्रेस को तो यह बात कहने का भी अधिकार नहीं हैं। हमारी सरकार बनने के बाद हम अन्नदाता को किसान सम्मान निधि दे रहे हैं। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही हैं, जबकि बारदाने का संकट था। जीतू पटवारी को किसानों से माफी मांगना चाहिए। वो बताएं कि 2003-04 के पहले उन्होंने अन्नदाता के लिए क्या किया? जीतू पटवारी को आत्ममंथन और आत्मचिंतन करने की जरुरत है।

अनुमति के बिना प्रदर्शन पड़ा भारी, ग्रामीण कांग्रेस के 8 नेता हिरासत में

भिलाई. उतई पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन के मामले में दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर समेत 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इन्होंने मासूम से अनाचार के मामले में पिछले माह प्रदर्शन किया था। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल द्वारा अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया, जो उपलब्ध नहीं कराया गया। पुलिस ने बताया, 12 अप्रैल की शाम मिनीमाता चौक पर 50-60 लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुतला दहन के दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षक गिरधारी मंडावी के दोनों हाथ, आरक्षक अविनेश प्रताप सिंह के दाहिने हाथ एवं आरक्षक टिकेंद्र साहू को आंख के पास चोट आई। पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत पूर्व पार्षद प्रहलाद वर्मा, नेता प्रतिपक्ष द्वारिका प्रसाद साहू, धर्मेंद्र बंजारे, सत्यप्रकाश कौशिक, लोचन यादव और दिवाकर गायकवाड़ को गिरफ्तार किया। सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया।

फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक पर किसानों की ‘1 करोड़ प्रति एकड़’ की मांग, आंदोलन की धमकी

फिरोजपुर फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक प्रोजेक्ट का किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया गया है। जिले के तीन गांवों के किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार जमीन का उचित मुआवजा नहीं देती, तब तक उनके गांव में रेल लाइन बिछाने नहीं दी जाएगी और केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट का धरने लगाकर विरोध किया जाएगा।गांव कुतुबद्दीन वाला, दुला सिंह वाला और कालेके हिटाड़ में 121 एकड़ सात कनाल छह मरले भूमि सरकार द्वारा प्रोजेक्ट के लिए एक्वायर करने की योजना है और इसमें 60 से 65 घर भी प्रभावित होते हैं।  सरकार की ओर से गांव • एक करोड़ प्रति एकड़ मुआवजे की मांग कर रहे किसान • फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक के लिए जमीन का किया जा रहा अधिग्रहण प्रोजेक्ट के लिए होगा 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण बता दें कि 13 वर्ष से लटकते आ रहे फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की ओर से नवंबर 2025 में 764 करोड़ की राशि जारी करने की घोषणा की जा चुकी है। प्रोजेक्ट के तहत मल्लांवाला से पट्टी तक 25.72 किलोमीटर का रेल ट्रैक बिछने के बाद फिरोजपुर से अमृतसर की दूरी भी कम होगी। सरकार द्वारा दो जिलों में 165.69 हेक्टेयर भूमि एक्वायर करनी है, जिसमें फिरोजपुर की 70.01 हेक्टेयर और तरनतारन के आठ गांवो की 95.68 हेक्टेयर भूमि शामिल है। कालेके हिटाड़ गांव के किसान मनदीप सिंह ने कहा कि उसके पास छह एकड़ भूमि है। अगर सरकार उनकी भूमि ले लेगी तो घर में काफी दिक्कत आ जाएगी। सरकार जमीन की कीमत कम लगा रही है, जो कि सही नहीं है। 33 से 35 लाख प्रति एकड़ मुआवजा देंगे: एसडीएम जीरा के एसडीएम अरविन्द्रपाल सिंह ने कहा कि किसानों को 33 से 35 लाख प्रति एकड़ के मुताबिक मुआवजा देने का निर्णय हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। रुपये का मुआवजा किसानों को देने के लिए बजट बनाया गया था। भारतीय किसान यूनियन तोतेवाला के प्रांतीय अध्यक्ष सुख गिल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भूमि एक्वायर करने के नाम पर किसानों के साथ सीधे तौर पर धक्का किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति एकड़ एक करोड़ से सवा करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए। अगर उचित मुआवजा न मिला तो रेल ट्रैक बनने नहीं दिया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर धरने दिए जाएंगे। किसान मलूक सिंह, बचित्र सिंह, परमजीत व पाला सिंह ने कहा कि जिन किसानों की भूमि एक्वायर की जानी है, उनका बैंकों का कर्ज माफ करने के अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। दुल्ला सिंह वाला में धुस्सी बांध के इन साइड में 3.80 लाख प्रति एकड़ कलेक्टर रेट 4.98 लाख प्रति एकड़ और धुस्सी बांध के 3.87 लाख प्रति एकड़ रेट निर्धारित किया गया है। तीन वर्ष पहले प्रशासन द्वारा 30 करोड़ 99 लाख।   

भाकियू का हंगामा: हापुड़ कूच के दौरान टोल प्लाजा पर टकराव, पुलिस पर हमला

  हाथरस पूर्व मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को कई जिलों में भारी बवाल कर दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने हाथरस में पुलिस के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की की और दरोगा के पैर पर गाड़ी चढ़ाई दी। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। हापुड़ कूच कर रहे कई कार्यकर्ताओं को अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा पर रोका गया तो वहां भी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद भी उन्हें रोका नहीं जा सका। सैकड़ों कार्यकर्ता दर्जनों गाड़ियों से टोल प्लाजा पार करके निकल गए। वहीं भाकियू के बवाल को देखते हुए हापुड़, बुलंदशहर में भारी तादाद में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। कुछ दिन पहले एक ढाबे के शुभारंभ के दौरान पूर्व मंत्री मदन चौहान द्वारा किसान नेताओं पर अभद्र टिप्पणी की गई थी। जिसके विरोध में भाकियू ने पूर्व मंत्री के आवास के घेराव का ऐलान किया था। शुक्रवार को कई जिलों से भाकियू कार्यकर्ता पूर्व मंत्री का आवास घेरने के लिए प्रदर्शन करते हुए हापुड़ के लिए कूच कर गए। कार्यकर्ताओं का हुजूम दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ हापुड़ जा रहे कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिलों में रोक लिया गया। इसको लेकर हाथरस में एसपी सिटी एटा और भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित किसान पीछे हटने को तैयार नहीं थे। तनाव उस समय और बढ़ गया जब कार्यकर्ताओं ने पुलिस घेरा तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान एक गाड़ी कस्बा इंचार्ज के पैर पर चढ़ गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उत्तेजित भीड़ ने सीओ की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। पूर्व मंत्री के आवास पर भारी पुलिस तैनात, सियासत गरमाई सलारपुर में हुई तीखी नोकझोंक के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानु) और पूर्व मंत्री मदन चौहान के बीच का विवाद अब चरम पर पहुँच गया है। पूर्व मंत्री के आवास के घेराव के ऐलान के बाद शुक्रवार को गढ़मुक्तेश्वर की सड़कों पर तनाव का माहौल पैदा हो गया। पूर्व मंत्री के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। टकराव की आशंका को देखते हुए जिले के कई थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद सलारपुर में हुई एक नोकझोंक के बाद शुरू हुआ, जिसने अब बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। कार्यकर्ताओं में मदन चौहान की टिप्पणियों को लेकर गहरा रोष है। पूर्व मंत्री के खिलाफ धरना देने हरदोई, लखनऊ से गढ़मुक्तेश्वर पहुंचे सैकड़ों किसान बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव चितौड़ा में स्थित एक ढाबे के शुभारंभ के दौरान पूर्व मंत्री मदन चौहान और भाकियू भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के बीच हुई नोकझोक ने बढ़ा रूप ले लिया है। सोशल मीडिया से शुरू हुए विवाद अब धरना प्रदर्शन तक पहुंच गया है। एक ओर जहां पूर्व मंत्री ने अपने आवास पर हवन पूजन करने की बात कहीं है वहीं दूसरी और हापुड़ जनपद के अलावा भाकियू भानू गुट के पदाधिकारी लखनऊ, हरदोई, संभल, बदायूं आदि जनपद से गढ़ पहुंच गए है। हालांकि पुलिस ने किसान संगठन के कई नेताओं को नजर बंद कर लिया है, लेकिन बहारी जनपदों के किसान गढ़ में पहुंच गए है। इस को लेकर पुलिस का सिरदर्द बढ़ गया है। क्या था मामला गांव चितौड़ा निवासी कुछ युवकों ने यूपी 37 के नाम से एक ढाबे का संचालन किया है। उसके शुभारंभ कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता एंव पूर्व मंत्री मदन चौहान को भी कार्यक्रम में बुलाया गया था। कार्यक्रम के दौरान होटल संचालन के लिए भानु प्रताप ने एक ब्यान दिया। दिए गए ब्यान में उन्होंने कहा कि यह ढाबा किसान यूनियन के पदाधिकारियों का है इसको खुब चलावें, खूब खांवे और भाजपा को हरावें का ब्यान दिया। इस ब्यान को सुनकर उनके पड़ोस में बैठे मदन चौहान भड़क गए। पूर्व मंत्री ने उनके ब्यान की निंदा की उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ब्यान देना काफी गलत है। इस दौरान पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष में जमकर नोकझोक हुई। एक वीडियो में तो मदन चौहन ने भानु प्रताप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को गाली देने का आरोप लगाया। इस दौरान कार्यक्रम नोकझोक का अखाड़ा बन गया। मौके पर काफी भीड़ एकत्र हो गई। पूरे घटना क्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग तरह तरह की चर्चा शुरू हो गई।

पंजाब में कल किसानों का रेल रोको आंदोलन, गेहूं खरीद में देरी के खिलाफ तीन घंटे तक ट्रेनें रोकी जाएंगी

चंडीगढ़  केंद्र की एजेंसियों द्वारा पंजाब में गेहूं की खरीद ठप होने के विरोध में आजाद किसान मोर्चा (एकेएम ) ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है।  मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं सुख गिल मोगा, सतनाम सिंह हरिके, जसबीर सिंह आहलूवालिया, परमजीत सिंह जब्बोवाल और नछत्तर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे पंजाब में रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़ी विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। इस दौरान राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से रेल यातायात रोककर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाई जाएगी। सुख गिल मोगा ने कहा कि गेहूं की खरीद में हो रही देरी के कारण किसानों को मंडियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की लापरवाही के चलते अनाज मंडियों में पड़ा है, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोर्चे ने किसानों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं, ताकि मंडियों में पड़ी गेहूं की फसल को खराब होने से बचाया जा सके और सरकारों को सबक सिखाया जा सके। इस मौके पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें बीकेयू, पंजाब किसान यूनियन, बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान मजदूर यूनियन समेत कई जत्थेबंदियों के नेता शामिल थे।

ईरान संकट पर पाकिस्तान सतर्क, रक्षा मंत्री का बयान—युद्ध भड़का तो पड़ेंगे गंभीर असर

इस्लामाबाद ईरान पर हमलों का विरोध पाकिस्तान में हिंसक भी हुआ। अमेरिकी दूतावास को निशाने पर भी लिया गया, तो सांसदों ने भी विरोध के सुर बुलंद किए। संसद में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के संबोधन के दौरान भी 'जाली बोर्ड ऑफ पीस से बाहर निकलो' के नारे लगे। वहीं, अब तो रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी कहना शुरू कर दिया है कि जंग पाकिस्तान के लिए खतरनाक है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में जायनिज्म (यहूदियों का आंदोलन) को मुस्लिम दुनिया में अस्थिरता की मुख्य वजह बताया है और इसे मानवता के लिए खतरा बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान पर चल रहा युद्ध पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन की जमीन पर इजरायल के कायम होने से लेकर आज तक इस्लामी दुनिया पर जो भी बड़ी-बड़ी मुसीबतें आई हैं, जो भी युद्ध थोपे गए हैं, उनमें जायनिस्ट विचारधारा और इजरायल का सीधा हाथ दिखता है। ख्वाजा आसिफ ने ईरान के बारे में कहा कि ईरान समझौते के लिए तैयार था, इसके बावजूद उन पर युद्ध थोपा गया है। यह सब जायनिस्ट एजेंडा का हिस्सा है, जिसमें इजराइल का प्रभाव पाकिस्तान की सरहद तक लाने की कोशिश शामिल है। अफगानिस्तान, ईरान और भारत को मिलाकर पाकिस्तान विरोधी एजेंडा बनाया जा रहा है, ताकि पाकिस्तान की सरहदें असुरक्षित हो जाएं, हर तरफ से दुश्मन घेर लें और पाकिस्तान कमजोर हो जाए। वहीं, पाकिस्तान की पूर्व राजदूत ने पीस बोर्ड से हटने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि शरीफ सरकार को ट्रंप का गाजा बोर्ड छोड़ देना चाहिए। पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने कहा कि नवाज शरीफ की सरकार को ट्रंप के बनाए “बोर्ड ऑफ पीस” से बाहर निकल जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान को शुरुआत में ही इस बोर्ड में शामिल नहीं होना चाहिए था। लोधी ने आरोप लगाया कि "ट्रंप सरकार कई देशों पर हमले कर चुकी है और गाजा में इजरायली कार्रवाई में उसकी भूमिका रही है।"