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रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने की कोशिश तेज, ट्रंप बोले समझौते की संभावना बनी हुई है

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि इस बातचीत में यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी प्रयासों को नई गति देने पर जोर दिया गया। क्रेमलिन के अनुसार, ट्रंप और पुतिन के बीच करीब 90 मिनट तक चली फोन कॉल में युद्ध समाप्ति की दिशा में ठोस कदम उठाने पर चर्चा हुई। पुतिन ने ट्रंप को अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और यूक्रेन संकट पर विस्तृत बातचीत की। बातचीत के बाद क्या बोला रूस? क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन समझौते पर चर्चा की, जिसमें 7-8 जुलाई को तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन को भी ध्यान में रखा गया। ट्रंप ने शत्रुता शीघ्र समाप्त करने और संकट के राजनीतिक समाधान के लिए अपनी तत्परता दोहराई। पुतिन ने युद्धक्षेत्र की नवीनतम स्थिति से ट्रंप को अवगत कराया और राजनीतिक-राजनयिक माध्यमों से समस्या सुलझाने पर रूस की प्राथमिकता बताई। जेलेंस्की से भी की बात ट्रंप ने इसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बात की। जेलेंस्की ने भी ट्रंप को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। दोनों नेताओं ने मोर्चे पर मौजूदा स्थिति और चल रही राजनयिक पहल की समीक्षा की। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा कि बातचीत बहुत अच्छी रही। युद्ध समाप्त करने की वास्तविक संभावना है और इसमें अमेरिकी संकल्प बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस दौरान दोनों ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान आगे चर्चा जारी रखने पर सहमति जताई। अमेरिकी दूत मध्यस्थता करेंगे क्रेमलिन सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मॉस्को और कीव के बीच समझौता कराने के लिए मध्यस्थता के प्रयास तेज करेंगे। जरूरत पड़ने पर ये दूत मॉस्को यात्रा के लिए भी तैयार हैं। वार्ता के दौरान पुतिन ने ईरान संकट में अमेरिकी राजनयिक भूमिका की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे आपसी सहमति वाला दीर्घकालिक समाधान निकलेगा। इस दौरान पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने का निमंत्रण भी दोहराया। नाटो शिखर सम्मेलन से पहले महत्वपूर्ण वार्ता बता दें कि ये फोन कॉल तुर्की में मंगलवार से शुरू हो रहे नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुए हैं। सम्मेलन में यूक्रेन के लिए समर्थन और रूस के हमलों का मुद्दा प्रमुखता से उठने की उम्मीद है। हाल ही में रूस ने कीव पर इस साल के सबसे घातक हमलों में से एक किया था, जिसमें 30 लोग मारे गए। दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के अंदर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें तेल रिफाइनरियां और अन्य बुनियादी ढांचे निशाने पर हैं। गौरतलब है कि यह प्रयास ऐसे समय हो रहा है जब यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता कुछ समय से ठप पड़ी हुई थी।

यूक्रेन में तबाही: रूस ने पहले हफ्ते में 1300 ड्रोन से किया जोरदार हमला

कीव  पिछले कई सालों से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही। इस बीच, रूस ने सितंबर के पहले हफ्ते में यूक्रेन पर हमले बढ़ाते हुए कई इलाकों को धुआं-धुआं कर दिया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को जानकारी दी कि रूस ने सितंबर के पहले छह दिनों में ही यूक्रेन के खिलाफ 1,300 से ज्यादा हमलावर यूएवी ड्रोन और लगभग 900 गाइडेड हवाई बमों, साथ ही विभिन्न प्रकार की 50 मिसाइलें दागी हैं, जो चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत है। 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक विस्तृत बयान में, जेलेंस्की ने रूसी हमलों की लगातार हो रही घटनाओं की निंदा की और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंधों में वृद्धि, मजबूत सैन्य समर्थन और दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी का आह्वान किया। जेलेंस्की ने कहा, "सितंबर की शुरुआत से ही, रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 1,300 से ज़्यादा हमलावर यूएवी, लगभग 900 निर्देशित हवाई बम और विभिन्न प्रकार की पचास से ज़्यादा मिसाइलें दागी हैं। कल रात, नागरिक बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ। सभी आवश्यक सेवाएं प्रभावित स्थलों पर काम कर रही हैं।" उन्होंने कहा कि सितंबर के पहले सप्ताह के दौरान यूक्रेन के लगभग हर क्षेत्र में विस्फोटों की सूचना मिली थी, जिसमें चेर्निहाइव, खार्किव, ओडेसा, खेरसॉन, कीव, ज़ापोरिज़िया, डीनिप्रो, किरोवोह्रद, खमेलनित्सकी, ज़ाइटॉमिर, वोलिन, इवानो-फ्रैंकिव्स्क, रिव्ने और लविव क्षेत्रों को निशाना बनाकर हमले किए गए थे। जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने रूसी तेल और गैस व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लगाने की जरूरत बताई थी, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, कीव के खिलाफ मास्को के युद्ध प्रयासों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा, ''रूस इस युद्ध को लगातार लंबा खींच रहा है और कूटनीति को पूरी तरह से तमाशा बनाना चाहता है। और इसका जवाब एकजुट होकर दिया जाना चाहिए, हमलों और विनाश के खिलाफ, कूटनीतिक प्रयासों और सभ्य संवाद की अवहेलना के खिलाफ। राष्ट्रपति ट्रंप बिल्कुल सही कह रहे हैं कि कूटनीति को पटरी पर लाने के लिए रूसी तेल और गैस व्यापार पर प्रभावी प्रतिबंध जरूरी है।