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एसडीएम का गंभीर आरोप: डीसी पर तंग करने का आरोप, चीफ सेक्रेटरी से जांच और ट्रांसफर की मांग

बाघापुराना  पंजाब के बाघापुराना के एडीएम ने मोगा के डीसी पर ही मानसिक रूप से परेशान करने और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी तरफ से इस बारे में एक चिट्ठी चीफ सेक्रेटरी को लिखी गई है। इसमें उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने। एक महीने की छुट्टी और मोगा जिले से तबादले की भी मांग की है। दूसरी तरफ, इस मामले को विपक्ष भी उठा रहा है। हालांकि डीसी सेतिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं, पता चला है कि इस मामले में कोर्ट में मामला पहुंचने वाला है। चिट़ठी सुबह तीन बजे लिखी है एसडीएम भवपदीप सिंह वालिया ने सुबह तीन बजे चिट्‌ठी लिखी है।अपनी चिट्ठी में कहा है कि उन्हें बार-बार बैठकों के लिए बुलाया गया और लगातार फोन कॉल्स के जरिए संपर्क किया गया, जिससे दबाव और डर का माहौल बना। देर रात और अवकाश के दिनों में भी उन्हें कॉल किए जाते रहे, जिससे मानसिक तनाव और बढ़ गया। इसके अलावा, उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर धमकियां मिलने, विभागीय कार्रवाई, जांच और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दिए जाने का भी जिक्र किया है। एसडीएम के अनुसार, इन सबका उद्देश्य किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम घोषित करवाने का दबाव बनाना हो सकता है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ है। सारे मामले की निष्पक्ष जांच हो घटनाओं की पूरी श्रृंखला और संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के आचरण की निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच कराई जाए। तुरंत हस्तक्षेप किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव, उत्पीड़न और धमकी तुरंत रोकी जा सके। इस अवधि के दौरान झेले गए अत्यधिक मानसिक तनाव और आघात को देखते हुए मुझे एक महीने की छुट्टी प्रदान करने पर विचार किया जाए। मुझे मोगा से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित हो सके और किसी भी अनुचित प्रभाव से बचा जा सके।

आदिवासी युवक की मौत पर सियासी घमासान: एसडीएम पर आरोप, एक करोड़ मुआवजा व नौकरी की मांग

बलरामपुर बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम द्वारा की गई मारपीट से आदिवासी किसान की मौत के मामले को लेकर दूसरे दिन भी माहौल गरमाया रहा। कुसमी बस स्टैंड में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देते हुए मृतक परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। इस दौरान शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इस धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। यह है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक स्थित हंसपुर गांव में बॉक्साइट के अवैध खनन की जांच के लिए कुसमी एसडीएम करुण डहरिया पहुंचे थे। आरोप है कि वे निजी वाहन से कुछ निजी लोगों को साथ लेकर आए थे। सरना के पास उन्होंने तीन ग्रामीणों को रोककर अवैध खनन का आरोप लगाया और रॉड, डंडे तथा लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को बेहोश होने तक पीटा गया। मारपीट में घायल ग्रामीणों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 62 वर्षीय रामनरेश राम की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया का इलाज जारी है। यह घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बिना किसी पूछताछ या जांच के एसडीएम और उनके साथ गए प्राइवेट लोगों ने ग्रामीणों पर आरोप लगा लाठी डंडों से हमला कर दिया। वहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि मारपीट में ग्रामीणों के घायल होने के बाद एसडीएम ने सामरी के नायब तहसीलदार पारस शर्मा को भी फोन कर बुलवाया ताकि यह दिखाया जा सके की पूरा राजस्व अमला अवैध खनन की जांच के लिए गया हुआ था। खेत में पानी की सिंचाई करने के लिए गए थे ग्रामीण मामले में घायल ग्रामीण आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेहूं के खेत में पानी की सिंचाई करने गए हुए थे। लौटने के दौरान बिना किसी पूछताछ या जांच अवैध खनन का आरोप लगा उनकी पिटाई की गई। मामला सामने आने के बाद एसडीएम और उनके तीनों साथियों को पुलिस ने हिरास्त में ले लिया था और पूछताछ कर रही थी। पहले भी विवादों में रहे हैं एसडीएम एसडीएम करुण डहरिया पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। जांजगीर जिले के चांपा में पदस्थापना के दौरान उन्होंने एक छात्र को तमाचा मार दिया था जिसके बाद छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रशिक्षण के दौरान गरियाबंद जनपद सीईओ रहने के दौरान नवंबर 2022 में उन्हें नलकूप खनन का बिल पास करने बीस हजार रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने भी गिरफ्तार किया था। मामले में अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई मामले में घायल दो ग्रामीणों के बयान के आधार पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया सहित उनके साथ गए विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव और सुदीप यादव के खिलाफ राजपुर थाने में धारा 103, 115(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसके बाद सभी से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।

पीट-पीटकर बुजुर्ग की हत्या करने वाला SDM गिरफ्तार

बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बुजुर्ग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने हत्या के आरोप में पुलिस ने एसडीएम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हंसपुर गांव में रामनरेश की हत्या के आरोप में पुलिस ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और कुसमी क्षेत्र के एसडीएम करुण डहरिया तथा तीन अन्य विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है। बलरामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया पुलिस को जानकारी मिली है कि रविवार देर रात डहरिया, सिंह, मंजीत और सुदीप एसडीएम के शासकीय वाहन में सवार होकर हंसपुर गांव की ओर रवाना हुए थे। जब वह गांव के करीब थे तब उन्होंने वहां ग्रामीणों पर बॉक्साइट का अवैध खनन कर परिवहन करने का आरोप लगाया और डंडे से उनकी पिटाई शुरू कर दी। इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत इस घटना में राम उर्फ रामनरेश, अजीत राम और आकाश अगरिया को चोट पहुंची। घटना के बाद तीनों को कुसमी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने रामनरेश को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो लोगों का इलाज किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया तथा मामले की जांच शुरू की गई। जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उत्खनन रोकने गए थे पुलिस अधीक्षक ने बताया, ''पूछताछ में आरोपियों ने जानकारी दी है कि वह क्षेत्र में बॉक्साइट का अवैध उत्खनन रोकने गए थे। लेकिन एसडीएम अपने साथ निजी व्यक्तियों को क्यों लेकर गए थे, इसकी जांच की जा रही है।'' घटना की जानकारी मिलने के बाद सर्व आदिवासी समाज, स्थानीय ग्रामीण और कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने मृतक परिवार को मुआवजा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कुसमी में चक्का जाम कर दिया और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण जब अपने खेत की सिंचाई कर वापस लौट रहे थे तब एसडीएम और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया, ''घटना से आक्रोशित लोगों ने चक्का जाम करने की कोशिश की। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उन्हें लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।'' पूर्व सीएम ने बोला हमला राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे प्रशासनिक आतंकवाद कहा है तथा राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बघेल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''भाजपा के सुशासन में चल रहे 'प्रशासनिक आतंकवाद' ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के एक मासूम ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया। आरोप है कि बलरामपुर में अपने खेत में सिंचाई करके लौट रहे किसानों को कुसमी के एसडीएम और नायब तहसीलदार ने पांच-छह लोगों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी। एसडीएम और उनके साथियों ने उन्हें इस कदर पीटा कि इस पिटाई से घायल एक किसान की मौत हो गई और दो किसान अस्पताल में भर्ती हैं। सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है, चंद दिनों पहले ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन कार्य में लगे एक ट्रक को पकड़ा था, इसका परिणाम उन्हें अपनी जान गवां कर चुकाना पड़ा। पूरी की पूरी भाजपा सरकार और उसके अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टाचारियों को पोषण देने में लगे हुए हैं।''

SDM पर गिरी गाज, सरकारी आदेश में ‘घंटा’ शब्द लिखने पर सस्पेंड किया गया

 देवास  मध्य प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के चर्चित 'घंटा' वाले बयान का उल्लेख सरकारी आदेश में लिखना देवास के एसडीएम आनंद मालवीय को भारी पड़ गया. लेटर वायरल होते ही उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. इस कार्रवाई का आदेश उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने जारी किया वहीं, एसडीएम कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने निलंबित कर दिया है. प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है. दरअसल, इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी और उससे हुई मौतों को लेकर प्रदेश की राजनीति पहले से ही गर्म थी. इसी बीच कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकारों के सवाल पर ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने से विवाद और गहरा गया. कांग्रेस ने इस बयान को असंवेदनशील बताते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. इसी राजनीतिक माहौल के बीच देवास में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा एक सरकारी आदेश जारी किया गया. आदेश का उद्देश्य कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना था, लेकिन आदेश की भाषा और उसमें शामिल सामग्री ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया. सरकारी आदेश में क्या था आपत्तिजनक वायरल हुए आदेश में प्रशासनिक निर्देशों के साथ-साथ कांग्रेस के ज्ञापन में लगाए गए सरकार विरोधी आरोपों, मृतकों की संख्या और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की घंटा टिप्पणी का सीधा उल्लेख किया गया था. सामान्य तौर पर ऐसे आदेशों में केवल कानून-व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और प्रशासनिक दिशा-निर्देश होते हैं, लेकिन इस आदेश में राजनीतिक भाषा और आरोप शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक, आदेश का एक हिस्सा कांग्रेस के ज्ञापन से लगभग शब्दशः लिया गया था. यही बात शासन स्तर पर सबसे अधिक आपत्तिजनक मानी गई.  जैसे ही यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विपक्ष ने इसे प्रशासन के राजनीतिकरण का उदाहरण बताया, वहीं सत्तारूढ़ खेमे में भी असहजता साफ नजर आई. कुछ ही देर में यह मामला भोपाल तक पहुंच गया और उच्च स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई. प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि एक जिम्मेदार अधिकारी से इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई. देखते ही देखते उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम आनंद मालवीय को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया. सहायक ग्रेड-3 पर भी गिरी गाज मामले की आंतरिक जांच में यह बात भी सामने आई कि आदेश के ड्राफ्ट और टाइपिंग से जुड़े कार्यों में एसडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान की भूमिका रही. इसके बाद देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी निलंबित कर दिया. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकारी दस्तावेजों में किसी भी तरह की लापरवाही या राजनीतिक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नया एसडीएम नियुक्त, स्थिति सामान्य करने की कोशिश निलंबन के तुरंत बाद शासन ने अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त कर दिया. नए एसडीएम ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि सभी आदेश और निर्देश पूरी तरह प्रशासनिक भाषा और नियमों के अनुरूप जारी किए जाएंगे. वहीं एसडीएम के सस्पेंड किए जाने के बाद लोगों का कहना है कि घंटा कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय पर तो कोई एक्शन नहीं हुआ. लेकिन उनके बयान को सरकारी आदेश में लिखने पर कार्रवाई हो गई. ये कैसा न्याय है?   

भोपाल में SMD और BLO के लिए खास योजना, टारगेट पूरा करने पर ट्रॉफी-सर्टिफिकेट और हर दिन सम्मान

भोपाल  भोपाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में अब टारगेट पूरा करने पर इनाम भी मिलेंगे। एसडीएम, तहसीलदार और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) हर दिन 'स्टार ऑफ द डे' भी बनेंगे। बकायदा, उनकी उपलब्धि की जानकारी ऑफिस के सूचना पटल पर लगाई जाएगी।  4 नवंबर से एसआईआर सर्वे शुरू हुआ है। अब तक की स्थिति में भोपाल जिले की स्थिति काफी खराब है। सात विधानसभा सीटों में 21 लाख 25 हजार 908 वोटर हैं। इनमें से 20.87 लाख फॉर्म बांटे जा चुके हैं, लेकिन, वापस 4.15 लाख फॉर्म ही आए हैं। यह 20% से भी कम हैं, जबकि सर्वे को आधा महीना से ज्यादा बीत चुका है। इसलिए अब वोटर्स की सुविधा के लिए नए पोर्टल की लॉन्चिंग हो या सख्ती करना, सब कुछ हो रहा है। अब ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसकी शुरुआत शनिवार से ही हो जाएगी। हर रोज का टारगेट तय किया भोपाल में 7 विधानसभा- बैरसिया, भोपाल उत्तर, नरेला, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, भोपाल मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर है। इनमें कार्य करने वाले 2029 बीएलओ, सभी ईआरओ यानी एसडीएम, एईआरओ यानी तहसीलदारों को प्रोत्साहन के दायरे में शामिल किया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह पहल की है। इसके तहत 22 से 28 नवंबर तक हर रोज का टारगेट फिक्स किया गया है। जैसे- 22 नवंबर को बीएलओ को 50% फॉर्म डिजिटाइजेशन करना है तो एसडीएम-तहसीलदारों को प्रति बीएलओ से औसत 75 गणना पत्र डिजिटाइजेशन करवाना होगा। दूसरे-तीसरे दिन यह टारगेट बढ़ेगा। इसके पीछे मकसद यह है कि फॉर्म लेने और फिर उनका डिजिटाइजेशन करने के काम में तेजी आए। हर रोज 10 बजे के आंकड़ों के हिसाब से प्रोत्साहन मिलेगा उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया, हर रोज सुबह 10 बजे की स्थिति में लक्ष्य प्राप्त करने वालों को ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र और प्रतीक चिह्न दिया जाएगा। इसके साथ स्टार ऑफ द डे का नाम संबंधित एसडीएम और तहसीलदार के ऑफिस में चस्पा किया जाएगा। ताकि, अन्य कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन मिले और वे भी अच्छा काम करें। भोपाल में डाटा खोजने के लिए पोर्टल भी बना भोपाल में 2003 के डाटा को खोजने के लिए पोर्टल बनाया गया है। इसमें सभी विधानसभा की वोटर लिस्ट अपडेट है। वोटर पोर्टल पर जाकर सूची देख सकेंगे। इससे उन्हें एसआईआर फॉर्म भरने में आसानी होगी। इस पोर्टल के जरिए मतदाता मोहल्ले के नाम के आधार पर भी 2003 की मतदाता सूची खोज सकते हैं। कलेक्टर सिंह ने बताया कि भोपाल के मतदाताओं के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को सरल एवं सुगम बनाने की सुविधा दी गई है। https://sirbhopal.com पोर्टल के माध्यम से मतदाता साल 2003 की वोटर लिस्ट में अपना नाम खोज सकते हैं। वहीं, मध्यप्रदेश के किसी भी जिले के किसी भी विधानसभा की सूची डाउनलोड कर सकते हैं। मतदान केंद्र BLO की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

राजस्थान प्रशासन में बड़ा फेरबदल: 67 RAS अधिकारियों का ट्रांसफर, जिलों में बदलाव

जयपुर राजस्थान सरकार ने शनिवार देर रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 67 अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं।  सूची में 24 अफसरों को उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर नियुक्त किया गया है। तबादला सूची में वे अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें दो दिन पहले ही पदोन्नत किया गया था। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार गजेन्द्र सिंह राठौड़ को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर का सचिव, भागचंद बधाल को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में अतिरिक्त आयुक्त, दिनेश कुमार शर्मा को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का सचिव, गुंजन सोनी को राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर का रजिस्ट्रार, संजय कुमार माथुर को अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम-III) जयपुर और नरेन्द्र कुमार वर्मा को अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर पूर्व के पद पर नियुक्त किया गया है।     गजेंद्र सिंह राठौड़ — सचिव, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर     (केशव चंद्र मीणा के स्थान पर)     गोपाल राम बिरदा — अतिरिक्त आयुक्त, उपनिवेशन-कम-राजस्व अपीलीय अधिकारी, बीकानेर     भागनंद बघाल — अतिरिक्त आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर     दिनेश कुमार शर्मा — सचिव, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर     मुकुट बिहारी जांगिड़ — संयुक्त शासन सचिव, कार्मिक विभाग, जयपुर     भागीरथ विश्नोई — अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन),एचसीएम रीपा, जोधपुर     कैलाश चंद्र शर्मा — मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, दौसा     डॉ. गुंजन सोनी — रजिस्ट्रार, राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर     बृजमोहन नोगिया — सचिव, राजस्थान राज्य अल्पसंख्यक आयोग, जयपुर     संजय कुमार माथुर — अतिरिक्त जिला कलेक्टर-III, जयपुर     निशु कुमार अग्निहोत्री — अतिरिक्त आयुक्त (TAD-माडा), जयपुर     अरविंद कुमार झाखड़ — मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, नागौर     रामस्वरूप चौहान — उप आयुक्त, उपनिवेशन विभाग, जैसलमेर     आकाश दीप अरोड़ा — उपायुक्त , एसएसए एवं राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर     डॉ. नरेंद्र चौधरी —  अतिरिक्त निदेशक, साक्षरता एवं सतत शिक्षा, जयपुर     अनुराधा गोगिया — शासन उप सचिव, कला, संस्कृति एवं साहित्य विभाग, जयपुर     राकेश कुमार-I —  अयुक्त (प्रशासन), वाणिज्यिक कर विभाग, जयपुर     प्रभा व्यास —  अतिरिक्त निदेशक, एचसीएम रीपा, जयपुर     नरेंद्र कुमार वर्मा — अतिरिक्त कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर), जयपुर (पूर्व)     डॉ. राष्ट्रदीप यादव — शासन उप सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, जयपुर     जितेंद्र कुमार पांडेय —  मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाथद्वारा     बिरदी चंद — अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, दौसा     रामवतार कुमावत — उप महासचिव, पंजीयन एवं मुद्रांक, बांसवाड़ा-वृत्त     सुरेन्द्र सिंह यादव — अतिरिक्त निदेशक, कृषि विपणन विभाग, जयपुर     नवीन यादव — रजिस्ट्रार, कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर     डॉ. प्रीति सिंह पंवार —  उप सचिव, देवनारायण बोर्ड, जयपुर     कपिल कुमार यादव —  उपयुक्त, भरतपुर विकास प्राधिकरण, भरतपुर     रविंद्र सिंह — उप निदेशक, राजस्व मंडल, अजमेर-II     अश्विन के. पंवार — अतिरिक्त आयुक्त , जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग, जोधपुर     प्रकाश चंद रैगर —  अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, शाहपुरा (भीलवाड़ा)           रागिनी डामोर – उप महा निरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक, उदयपुर वृत्त     ओम प्रभा – अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग), न्यायालय पाली     नरेंद्र कुमार मीणा – अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर), अजमेर     सुख राम पिण्डेल – सचिव, नगर विकास न्यास, अजमेर     मुकेश कुमार चौधरी-I – उपखंड अधिकारी, डीग     समदर सिंह भाटी – रजिस्ट्रार, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर     रामावतार मीणा-III – उपखंड अधिकारी, कोटपूतली-बहरोड़     जे.पी. बैरवा – उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर-I     सचिन यादव – उपखंड अधिकारी, नदबई (भरतपुर)     दूराराम – उपखंड अधिकारी, धोरीमन्ना(बाड़मेर)     लाखाराम – उपखंड अधिकारी, बागोड़ा (जालोर)     गांगाधर मीणा – उपखंड अधिकारी, वैर (भरतपुर)     सुनील कुमार चौहान – उपखंड अधिकारी, खेतड़ी     वर्षा मीणा – उपखंड अधिकारी, खण्डार (सवाई माधोपुर)     विनित कुमार सुखाड़िया – उपखंड अधिकारी, धरियाबाद (प्रतापगढ़)     चंद्र प्रकाश वर्मा – सहायक निदेशक, लोक सेवाएं, प्रतापगढ़     सोहन सिंह नरूका – आयुक्त, नगर निगम, अलवर     सुशीला मीणा – उपखंड अधिकारी, राजाखेड़ा (धौलपुर)     निहारिका शर्मा – विशेषाधिकारी (भूमि अवाप्ति), रीको, जयपुर     अमिता मान – कार्यालय निदेशालय, राज्य भ्रष्टाचार नियंत्रण प्रकोष्ठ, जयपुर     बृजेश कुमार-II – उपखंड अधिकारी, अकलेरा (झालवाड़)     पूजा मीणा – उपखंड अधिकारी, जिनियारा (टोंक)

मुरैना: महिला और पुरुष की शिकायत पर सबलगढ़ SDM को हटाया, कलेक्टर ने लिया तत्काल फैसला

मुरैना  सबलगढ़ एसडीएम के खिलाफ एक महिला और पुरुष ने गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद मुरैना कलेक्टर ने एसडीएम अरविंद माहौर को उनके पद से तत्काल हटा दिया है। महिला ने आरोप लगाए थे कि एसडीएम गलत मंशा से परिवार के परेशान कर रहे हैं। उसकी बेटी को फोनकर अभद्र मैसेज करते हैं। महिला ने एसडीएम पर लगाए आरोप दरअसल, ग्वालियर के चंदन नगर में रहने वाली महिला सबलगढ़ में रहने वाले देवर को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची। महिला ने सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर के खिलाफ शिकायती आवेदन देते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि सबलगढ़ एसडीएम द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके देवर को भी जब मन किया बुला लेते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते। जब बुला लेते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। भाभी और भतीजी के लिए अभद्र भाषा इतना ही नहीं शिकायती आवेदन में यह भी लिखा है कि एसडीएम अभद्र भाषा का प्रयोग करते है। फरियादी के भैया, भाभी और भतीजी को अपशब्द कहे हैं। उस भाषा का जिक्र आवेदन में नहीं कर सकते हैं। साथ ही आवेदक ने एक वीडियो भी दिया था। वीडियो में एसडीम अरविंद माहौर अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। उसमें वह कह रहे हैं कि तेरी भाभी और भतीजी में ज्यादा गर्मी है। मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हमें शिकायतकर्ता ने कहा कि एसडीएम हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। कहीं से भी नंबर लेकर उनके परिवार एवं भतीजी को फोन कर उल्टी सीधी बातें करते हैं। एसडीएम के रवैए से तंग आकर बेटी ने एसडीएम को फटकार लगाई तो सबलगढ़ में उसके देवर को घर पर बुलाकर धमका दिया। यह पूरी घटना देवर ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। लेकिन लोकलाज के डर से उसने शिकायत नहीं की। रात में बेटी को करते हैं मैसेज महिला ने पत्रकारों से कहा कि एसडीएम बेटी को रात में मैसेज करते हैं, पिछले एक साल से यही हालत है। कई बार नंबर बदल लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर जल्दी ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह अपने परिवार सहित आत्महत्या कर लेगा। जिसका संपूर्ण दायित्व प्रशासन का होगा। कलेक्टर ने एसडीएम को हटाया एसडीएम के खिलाफ शिकायती आवेदन मिलने के बाद मुरैना कलेक्टर ने एसडीएम अरविंद माहौर को सबलगढ़ से हटा दिया। साथ ही मुरैना कलेक्ट्रेट में डेप्युटी कलेक्टर के रूप में पदस्थ किया गया। बताया जा रहा है कि अब सबलगढ़ में एसडीएम के पद पर मेघा तिवारी को पदस्थ किया जाएगा। वही एसडीएम का कार्यभार भी संभालेंगी।

महंगे खाद बिक्री के मामले में रीवा में SDM ने कसी कमर, दुकानदार की दुकान सील

रीवा   रीवा जिले के कलेक्टर परिसर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक निजी दुकान में एसडीएम वैशाली जैन ने ग्राहक बनकर छापा. इस दौरान दुकानदार ने उन्हें ही महंगे दाम पर खाद बेच दिया. ऐसे में उन्होंने दुकानदार को रंगे हाथ पकड़ लिया. जिसके बाद मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने दुकानदार को हिरासत में लेते हुए दुकान को सील कर दिया. ज्यादा दाम पर बेच रहा था खाद जानकारी के अनुसार काफी समय से रीवा में खाद कालाबाजारी की जा रही है. जिसकी शिकायत पर मंगलवार को जांच करने चेहरे को ढककर एसडीएम वैशाली जैन पुराने बस स्टैंड स्थित सीताराम गुप्ता खाद बीज की दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंची. उन्होंने दुकानदार से खाद की मांग की. इस पर दुकानदार  उन्हें निर्धारित कीमत से अधिक दाम बताएं. जिसके बाद उन्होंने दूर खड़ी प्रशासनिक टीम को इशारा कर दिया. ऐसे में टीम ने दुकानदार को हिरासत में ले लिया. एसडीएम वैशाली जैन ने बताया कि एक ग्राहक की शिकायत पर मंगलवार को छापा डाला. इस दौरान खाद दुकानदार निर्धारित दर से अधिक दाम पर खाद बेचते हुए पाया गया. साथ ही दुकानदार का खाद रजिस्टर भी नहीं मेंटेन था. ऐसे में कार्रवाई करते हुए दुकानदार को हिरासत में लिया गया और दुकान को सील कर दिया गया. MP में खाद किल्लत से परेशान हैं किसान मध्य प्रदेश के कई जिलों में खाद की किल्लत जारी है. किसान खाद केंद्रों पर रात से शाम तक लाइन में लग रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है. जिसके चलते किसान परेशान हैं. 

फतेहपुर विवाद: दिव्यांग के घर गिराने पर SDM पर गिरी गाज, सरकार ने किया सस्पेंड

फतेहपुर यूपी में फतेहपुर में दलित दिव्यांग परिवार का घर बुलडोजर से गिराने के मामले में कानूनगो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल पर ऐक्शन के बाद अब एसडीएम अर्चना अग्निहोत्री को भी सस्पेंड कर दिया। वह निलंबित रहने तक राजस्व परिषद से संबंध रहेंगी। उनके खिलाफ जांच लखनऊ कमिश्नर को दी गई है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। आरोप हैं अर्चना ने मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया और अपने पद के दायित्वों का शिथिलतापूर्वक पालन किया। अर्चना अग्निहोत्री के निलंबन के बाद महकमे में सनसनी फैल गई। ऐसा माना जा रहा है कि मामले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई संभव है। बता दें कि बरमतपुर प्रकरण को लेते हुए शासन ने कडी कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। डीएम स्तर पर कानून गो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल आराधना देवी के निलंबन के बाद से मामले में अफसरों व अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई होने की बात सामने आ रही थी। खास कर टीम गठित करने वाले तहसीलदार समेत उसमें शामिल अधिकारी कर्मचारी राडार पर थे। खास कर सदर एसडीएम व तहसीलदार पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। एसडीएम के बाद अब तहसीलदार व अन्य लेखपाल जद में आ सकते है। वहीं नायब तहसीलदार कांधी के खिलाफ राजस्व परिषद को हुई लिखापढ़ी पर भी जल्द कार्रवाई का आदेश आने की उम्मीद है। वहीं विधायक जयकुमार जैकी का कहना है कि दलित परिवार को बेघर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सूबे में मिशाल बनेगी। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रकरण में ढहाने का आदेश देने वाले अफसर भी खुद को बचा नहीं पाएंगे। दिया भरोसा हम साथ हैं: ब्लाक प्रमुख गुरुवार को अमौली ब्लाक प्रमुख सुशीला देवी बरमतपुर गांव पहुंच पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने ढहाए गए घर और मलबे के नीचे दबी गृहस्थी को देखते हुए अफसरों की कार्रवाई की निंदा की। पी़ड़ितों को भरोसा दिया कि वह मुसीबत की घड़ी में परिवार के साथ है। उन्होंने परिवार को राशन सामग्री समेत जरूरत का सामान सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने का भरोसा दिया।