samacharsecretary.com

बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1236 अंक टूटा, निफ्टी ने खोया 25500 का स्तर

मुंबई अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच गुरुवार को भारतीय बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। लगातार तीन दिनों से जारी तेजी का सिलसिला रुकते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1236.11 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,498.14 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 365.00 अंक या 1.41 प्रतिशत गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अदानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, आईटीसी, इटरनल और पावरग्रिड प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियां रहीं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाजार की भावना को अस्थिर कर दिया, जिससे व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई और भारतीय बाजार में मंदी का माहौल छा गया।" उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात अवरुद्ध होने के डर से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। नायर ने कहा कि इसी बीच, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की दिशा को लेकर अनिश्चितता और रुपये की निरंतर कमजोरी ने घरेलू बाजार को प्रभावित किया। प्रमुख एशियाई बाजारों में चंद्र नव वर्ष की छुट्टी के कारण विदेशी निवेशकों की कम भागीदारी और भारत में क्षेत्रीय बैंकिंग अवकाश के कारण कारोबार बंद रहने से बिकवाली तेज हो गई। यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 3 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। हांगकांग और मुख्य भूमि चीन के बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में सत्र के मध्य में गिरावट देखी जा रही है। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 71.07 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा इसी बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.02 प्रतिशत बढ़कर 71.07 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया।एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,154.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 440.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 283.29 अंक बढ़कर 83,734.25 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक एनएसई निफ्टी 93.95 अंक बढ़कर 25,819.35 पर बंद हुआ।

बाजार में जोरदार रैली, सेंसेक्स 950 अंक चढ़ा, HDFC बैंक और ट्रेड डील ने बढ़ाया उत्साह

मुंबई  शेयर बाजार में आज का दिन ‘डर से जीत’ की कहानी जैसा रहा. सुबह के सत्र में भारी बिकवाली के दबाव के बाद दोपहर में बाजार ने जोरदार यू-टर्न लिया. सेंसेक्स जो करीब 81,700 के स्तर तक फिसल गया था, वह तेजी से रिकवर होकर 82,689 के पास पहुंच गया. इसी तरह निफ्टी ने भी 25,159 के अपने निचले स्तर से शानदार बाउंस बैक किया और दिन के कारोबार में 25,458 के हाई तक पहुंचा. बाजार के इस टर्नअराउंड ने ट्रेडर्स के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है. इस रिकवरी के पीछे HDFC बैंक की मजबूत खरीदारी और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई ट्रेड डील का बड़ा हाथ माना जा रहा है. इसके साथ ही बाजार में तकनीकी स्तर पर आई शॉर्ट कवरिंग ने भी सूचकांकों को ऊपर धकेलने में ईंधन का काम किया, जिससे शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट में बड़ा सुधार आया है. बाजार के इस यू-टर्न के पीछे 3 बड़े और ठोस कारण रहे हैं 1. HDFC बैंक: इंडेक्स का ‘संकटमोचक’ बाजार की इस रिकवरी का सबसे बड़ा क्रेडिट HDFC बैंक को जाता है. इंडेक्स के इस सबसे बड़े दिग्गज शेयर में दूसरे हाफ में जबरदस्त खरीदारी देखी गई. HDFC बैंक अकेले दम पर निफ्टी और सेंसेक्स को ऊपर खींचने वाला सबसे बड़ा योगदानकर्ता (Single Biggest Contributor) बनकर उभरा. जबरदस्त ‘शॉर्ट कवरिंग’ तकनीकी मोर्चे पर देखें तो बाजार में ‘शॉर्ट कवरिंग’ का सहारा मिला. जो ट्रेडर्स सुबह मंदी की पोजीशन बनाकर बैठे थे, वे बाजार की मजबूती देखकर फंस गए और उन्हें अपनी पोजीशन कवर करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यह शॉर्ट कवरिंग बैंकिंग सेक्टर और बड़े मार्केट कैप वाले शेयरों में सबसे ज्यादा आक्रामक रही, जिससे इंडेक्स को रफ्तार मिली. भारत-ईयू ट्रेड डील और FIIs की वापसी बाजार के सेंटिमेंट को सबसे ज्यादा मजबूती भारत-ईयू एफटीए (FTA) के बाद मिले विदेशी निवेश से मिली. 28 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कई हफ्तों की लगातार बिकवाली के बाद ₹480 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की. इस ट्रेड डील को भारत के लिए एक बड़े ‘स्ट्रक्चरल पॉजिटिव’ के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ग्लोबल इन्वेस्टर्स का भरोसा एक बार फिर भारतीय बाजार पर लौटता दिख रहा है.

लाल निशान पर खुला बाजार, सेंसेक्स में 651 अंकों की गिरावट, निफ्टी फिसला

नई दिल्ली विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने से मंगलवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान 2:07 बजे तक सेंसेक्स 650.97 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 82,595.21 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 216.35 अंक या 0.85 प्रतिशत गिरकर 25,369.15 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 311.33 अंक गिरकर 82,934.85 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 99.5 अंक गिरकर 25,486 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.98 पर आ गया। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, इटरनल, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट और बजाज फिनसर्व पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईटीसी लाभ कमाने वालों में शामिल थे। भू-राजनीतिक तनावों और विदेशी निवेश्कों की बिकवाली का दिखा असर ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और रुपये की निरंतर कमजोरी से घरेलू शेयरों में आत्मविश्वास पर दबाव पड़ रहा है और अल्पकालिक सुधार के दौरान भी इनमें किसी भी महत्वपूर्ण तेजी की संभावना सीमित है। घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार खरीदारी एक प्रमुख स्टेबलाइजर के रूप में काम कर रही है, जो बिकवाली के दबाव को कम कर रही है और बाजार में और अधिक गिरावट को रोकने में मदद कर रही है। एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक ऊंचा कारोबार कर रहा था, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे कारोबार कर रहे थे। सोमवार को छुट्टी के कारण अमेरिकी बाजार बंद रहे। अमेरिकी बाजारों में राष्ट्रीय अवकाश मार्टिन लूथर किंग जूनियर दिवस के उपलक्ष्य में बाजार बंद रहने के बाद मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में अधिकतर गिरावट देखी गई। सोमवार को अधिकांश यूरोपीय बेंचमार्क में गिरावट के बाद अमेरिकी वायदा बाजार में भी भारी गिरावट आई। तेल की कीमतें स्थिर रहीं। ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद वैश्विक बाजारों में आई गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा आठ यूरोपीय देशों से आयात पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी के बाद वैश्विक शेयरों में गिरावट आई, जिससे अमेरिका में भारी निवेश करने वाले महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया हुई। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची द्वारा 8 फरवरी को अचानक चुनाव की घोषणा के बाद टोक्यो का बेंचमार्क निक्केई 225 सूचकांक 1.1% गिरकर 52,988.24 पर आ गया।   ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 64.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.11 प्रतिशत बढ़कर 64.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 3,262.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) खरीदार बने रहे और उन्होंने 4,234.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को सेंसेक्स 324.17 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 83,246.18 पर बंद हुआ। निफ्टी 108.85 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 25,585.50 पर आ गया।

रिपोर्ट: दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 95,000 तक पहुंच सकता है

मुंबई   भारत का शेयर बाजार आने वाले समय में अच्छा-खासा मुनाफा दे सकता है। मजबूत आर्थिक स्थिति, स्थिर बाजार, सही कीमत पर शेयरों की उपलब्धता और ग्रोथ साइकिल के चलते भारतीय शेयर बाजार में तेजी की संभावना जताई गई है। बुधवार को जारी एमएस रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएसई सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 95,000 अंक तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके इस लेवल तक पहुंचने की 50 प्रतिशत संभावना है। इसका मतलब है कि सेंसेक्स में लगभग 13 प्रतिशत की बढ़त देखी जा सकती है। रिपोर्ट में माना गया है कि सरकार खर्च पर नियंत्रण बनाए रखेगी, निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा और देश की आर्थिक वृद्धि दर ब्याज दरों से बेहतर रहेगी। इन सभी कारणों से शेयर बाजार को सपोर्ट मिलेगा।रिपोर्ट के अनुसार, सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों की कमाई साल 2028 तक हर साल लगभग 17 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले करीब पांच वर्षों में पहली बार शेयर बाजार की कीमतें ब्याज दरों की तुलना में बेहतर दिख रही हैं, जिससे शेयरों में आगे और बढ़त की संभावना बनती है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता वस्तुओं और उद्योग क्षेत्र में करीब 300 बेसिस प्वाइंट्स, जबकि वित्तीय क्षेत्र में लगभग 200 बेसिस प्वाइंट्स की अतिरिक्त तेजी आ सकती है। इसकी वजह शहरों में मांग का बढ़ना, जीएसटी दरों में कटौती, सरकार का ज्यादा खर्च, कर्ज में बढ़ोतरी और कम कर्ज नुकसान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज विकास, कम उतार-चढ़ाव और घटती ब्याज दरों के चलते लोग बचत को शेयर बाजार में लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इससे बाजार को और मजबूती मिल रही है। सरकार द्वारा रेपो रेट में कटौती, कैश रिजर्व रेशियो में कमी, बैंकों के नियमों में आसानी और बाजार में तरलता बढ़ाने जैसे कदमों से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है।इसके अलावा, सरकार द्वारा पहले से किया गया पूंजी खर्च, लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती, चीन के साथ संबंधों में सुधार और वहां की नई नीतियां भी बाजार के लिए फायदेमंद मानी गई हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी होती है या दुनिया में राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इससे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

अमेरिका डील की उम्मीद से उछला बाजार, ये स्टॉक बने निवेशकों के रॉकेट

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में आज शानदार तेजी आई है, क्‍योंकि कल अमेरिका से भारत के लिए एक गुड न्‍यू आई. निफ्टी 26000 के ऊपर खुला है, जबकि सेंसेक्‍स 85000 के ऊपर ओपेन हुआ. हालांकि अभी 720 चढ़कर 85,148 पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी 200 अंक चढ़कर 26070 के ऊपर कारोबार करता हुआ दिख रहा है. आईटी सेक्‍टर ने शानदार प्रदर्शन किया है. यह करीब 2 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है.  BSE टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 29 शेंयरों में शानदार तेजी आई है, जबकि 1 शेयर गिरावट पर हैं. इंफोसिस के शेयर में शानदार तेजी आई है. यह 3 फीसदी ऊपर चढ़कर कारोबार कर रहा है. सिर्फ जोमैटो के शेयर में ही मामूली गिरावट देखी जा रही है.  आईटी शेयरों में शानदार तेजी IT शेयरों में आज गजब की तेजी देखी जा रही है. इंफोसिस में 3 फीसदी की तेजी, HCL TEch के शेयर में 2.50 फीसदी की तेजी आई है. इसके अलावा, टीसीएस के शेयर में 1 फीसदी से ज्‍यादा का उछाल देखा जा रहा है.  इन शेयरों में शानदार तेजी Kitex Garments के शेयर 12 फीसदी चढ़कर 209 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है. गारवेयर हाय टेक के शेयर 11 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहे हैं. Vardhaman Textiles के शेयर 11 फीसदी ऊपर चढ़कर कारोबार कर रहे हैं. रिलायंस पावर के शेयर में 3 प्रतिशत की तेजी आई है. एसबीआई कार्ड के शेयर में 3 प्रतिशत की तेजी देखी जा रही है. टेक महिंद्रा के शेयर में भी 3 प्रतिशत की तेजी आई है.  अमेरिका से गुड सिग्‍नल  खबर है कि अमेरिका से भारत की ट्रेड डील होने जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका भारत पर 50 फीसदी टैरिफ को घटाकर 15 फीसदी तक लगाने वाला है. अगर ऐसा होता है तो शेयर बाजार में और भी तेजी आ सकती है. खैर आज इसी सेंटीमेंट को लेकर बाजार में तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा, खबर यह भी है कि रूस और यूक्रेन में युद्ध खत्‍म होने वाला है.  सेक्‍टर की बात करें तो आज IT सेक्‍टर में 2.32 फीसदी की तेजी है. वहीं प्राइवेट बैंक सेक्‍टर 1 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है. इसके अलावा, एफएमसीजी भी 1.50 फीसदी ऊपर चढ़कर कारोबार कर रहा है. सभी सेक्‍टर्स ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे हैं.  96 शेयरों में अपर सर्किट बीएसई पर 3,606 शेयरों में से 1,975 शेयर तेजी पर हैं और 1,435 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. 196 शेयर अनचेंज हैं. 126 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 27 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं. 96 शेयरों में अपर सर्किट और 58 शेयर लोअर सर्किट पर हैं. 

शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, अमेरिका के फैसले समेत ये हैं गिरावट के 3 कारण

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मचा है, पिछले 5 दिन से लगातार गिरावट जारी है. अचानक शुक्रवार को दोपहर 2 बजे के बाद सेंसेक्स में भूचाल आ गया. सेंसेक्स करीब 800 अंक लुढ़क गया, सेंसेक्स गिरकर 80,359.93 पर पहुंच गया. जबकि निफ्टी 24700 से नीचे फिसल गया है. निफ्टी में जोरदार 250 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई.  दरअसल, फॉर्मा और आईटी कंपनियों के शेयरों की जोरदार पिटाई हो रही है. H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी के असर से मौजूदा हफ्ता आईटी स्टॉक्स के लिए बेहद खराब रहा है. लगातार स्टॉक्स गिर रहे हैं, गुरुवार को देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS के शेयर फिसलकर 2900 से नीचे पहुंच गया है. जबकि इंफोसिस के शेयर 1450 से नीचे पहुंच गया है.  वहीं गुरुवार देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फार्मा समेत कई सेक्‍टर पर टैरिफ का ऐलान कर दिया. फार्मा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है, जिससे आज भारतीय फॉर्मा कंपनियों में जोरदार बिकवाली हावी है. सन फॉर्मा के शेयर 3 फीसदी टूट चुका है. डॉ रेड्डी के शेयर में भी करीब 2 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. मुख्य तौर पर भारतीय बाजार में गिरावट के कारण अमेरिकी फैसले हैं, पहले अमेरिका ने H-1B वीजा को लेकर नियम बदला, और अब कई सेक्टर पर टैरिफ थोप दिया है. साथ ही अमेरिकी निवेशक भी लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं.  इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:  1. फॉर्मा सेक्टर पर टैरिफ की चोट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड दवाओं के आयात पर 100% शुल्क लगाने की घोषणा की है. इसके अलावा, किचन कैबिनेट्स और बाथरूम वैनिटीज पर 50%, गद्देदार फर्नीचर पर 30%, भारी ट्रकों पर 25% शुल्क लागू करने की योजना है. ये नए शुल्क 1 अक्टूबर से लागू होंगे. इस ऐलान के बाद भारतीय फार्मा कंपनियों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया. निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया.  2. आईटी शेयरों में लगातार कमजोरी H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी होने से भारतीय आईटी सेक्टर पहले से ही दबाव में था, अब एक्सेंचर (Accenture) के कमजोर तिमाही नतीजों से मूड और बिगाड़ दिया. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.3% तक की गिरावट आई. दूसरी वजह H-1B वीजा शुल्क में बढ़ोतरी का डर है, जिससे भारतीय कंपनियों की लागत बढ़ सकती है.  3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 4,995 करोड़ रुपये की निकासी की. इस महीने अब तक कुल 24,454 करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है. निवेशकों को लाभ वृद्धि (Earnings Growth) को लेकर भी चिंता है. इसके अलावा टैरिफ फैसलों के बाद एशिया के शेयर बाजारों में भी गिरावट हावी है. जापान का निक्केई, चीन का CSI 300, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स नीचे बंद हुए. अमेरिका के बाजार भी गिरावट में बंद हुए. इन वैश्विक नकारात्मक लहरों ने भारत के बाजार पर दबाव डाला. 

ऑटो शेयरों में रफ्तार, बाजार में ब्रेक — निफ्टी-सेंसेक्स लाल निशान में

मुंबई  शेयर बाजार में मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई और फिर सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई. दरअसल, ग्रीन में खुलने के बाद दोनों इंडेक्स रेड जोन में आ गए. हालांकि, ऑटो कंपनियों के शेयरों में आई तूफानी तेजी के चलते दोनों इंडेक्स ओपनिंग के साथ सोमवार की गिरावट के उबरे हुए नजर आए थे.  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों में 150 अंक के आसपास तक उछला, लेकिन फिर अचानक 100 अंक के करीब टूट गया, लेकिन अगले ही पल फिर ग्रीन में आ गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद के मुकाबले बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया और 25,250 तक चढ़ा, लेकिन फिर गिरकर 25,160 तक आ गया. इससे पहले सोमवार को मार्केट में आखिरी कारोबारी घंटे में गिरावट तेज हो गई थी और ट्रंप के H1B Visa की फीस में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद आईटी स्टॉक्स के बिखरने के चलते में सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह फिसलकर बंद हुए थे.  ऐसे चढ़त-गिरते नजर आए इंडेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 82,159.97 की तुलना में फिसलकर 82,147 पर ओपनिंग की और फिर अचानक उछाल भरते हुए  82,307.50 पर कारोबार करता दिखा, लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट आई और ये 140 अंक फिसलकर 82,019 तक आ गया. एनएसई निफ्टी मामूली बढ़त के साथ 25,209 पर कारोबार शुरू किया और फिर सेंसेक्स की तरह इसकी चाल भी बदलती रही. ग्लोबल मार्केट में गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.  Tata से MRF तक ऑटो शेयरों का धमाल भले ही शेयर मार्केट में तगड़ा उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन ऑटो और ऑटो सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सरकार के GST Cut के चलते तूफानी तेजी दिखी. टाटा मोटर्स, मारुति से लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा तक के शेयर ओपनिंग के साथ ही दौड़ लगाते नजर आए. Maruti 3.20%, M&M 2.60%, Tata Motors 1.50%, Ashok Leyland 2.66%, Sona Comstar 2.10%, Uno Minda 1.30%, Exide India 1.15%, MRF 1.10% की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे.   ये शेयर भी ग्रीन जोन में  ऑटो स्टॉक्स के अलावा मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़त के साथ ग्रीन जोन में नजर आने वाले अन्य शेयरों की बात करें, तो इनमें Thermax 2%, OFSS 1.75%, Glenmark 1.70%, RVNL 1.30%, Om Infra Share 15.15%, IIL 13.43%, KEC 7.58%, ATL 7.52%, PVSL 5.19% की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे.  कल संभल नहीं सका था बाजार शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन सोमवार को पूरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ कारोबार हुआ था और भारी उतार-चढ़ाव देखने के बाद दोनों इंडेक्स बड़ी गिरावट के साथ क्लोज हुए थे. सेंसेक्स 466 अंक फिसलकर 82,159.97 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी ने 124 अंक की गिरावट लेकर 25,202.35 पर क्लोजिंग की थी.खासतौर पर आईटी शेयर बुरी तर टूटे थे और टेक महिंद्रा से लेकर टीसीएस, इंफोसिस तक के शेयरों में पैसे लगाने वालों को तगड़ा नुकसान हुआ था. 

US की खबर ने भरा बाजार में जोश, सेंसेक्स ने पार किया 83,000 का आंकड़ा

मुंबई  अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा साल 2025 में पहली बार पॉलिसी रेट में की गई कटौती का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को मार्केट के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही तगड़ी छलांग लगाते हुए 83,000 के आंकड़े को पार कर गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 25,400 का स्तर क्रॉस कर गया. इस बीच शुरुआती कारोबार में आईटी से लेकर फार्मा तक के शेयर तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आए.  बाजार पर दिखा US रेट कट का असर पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत के दौरान बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,693.71 की तुलना में तेज उछाल लेकर 83,108.92 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में इसकी रफ्तार और तेज हो गई, 10 मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 83,141.21 के स्तर पर पहुंच गया. एनएसई के निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स बीते कारोबारी दिन बुधवार को मार्केट क्लोज होने पर 25,330.25 पर बंद हुआ था और गुरुवार को 25,441.05 पर ओपनिंग की.  भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान जहां 1651 कंपनियों के स्टॉक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले तेज बढ़त लेकर ओपन हुए, तो वहीं 698 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 152 शेयरों की ओपनिंग फ्लैट रही, यानी इनके भाव में ओपनिंग के साथ कोई बदलाव देखने को नहीं मिला या ये बेहद मामूली घट-बढ़ रही. ओपनिंग पर ये शेयर सबसे तेज भागे गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल इंफोसिस का शेयर करीब 2 फीसदी की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक से लेकर सनफार्मा तक का शेयर 1-1.50 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों पर नजर डालें, तो एस्कॉर्ट शेयर (3.29%), इरेडा शेयर (2.86%), टाटा कम्युनिकेशन शेयर (2.50%), बायोकॉन शेयर (2.10%) और केपीआई टेक का शेयर (1.80%) की छलांग लगाकर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में से आईआरएम एनर्जी शेयर (13%), पूनावाला शेयर (11.10%), एसएमएस फार्मा शेयर (7%), एचआईटेक शेयर (6.50%), जबकि न्यूजेन (4.86%) और जेनटेक का शेयर (4.80%) की तूफानी तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए.  US ने कम कर दीं ब्याज दरें बता दें कि बुधवार को अमेरिका में फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के नतीजों का ऐलान किया गया और फेड ने बड़ा कदम उठाते हुए पॉलिसी रेट में 25 बेसिस पॉइंट या 0.25% की कटौती की घोषणा की. अमेरिकी सेंट्रल बैंक की ओर से पॉलिसी रेट में एक चौथाई अंकों की ये कटौती साल 2025 में पहली बार है और ट्रंप के टैरिफ वॉर से बढ़े महंगाई के खतरे के बीच बड़ी राहत है. ताजा रेट कट के बाद अब अमेरिका में ब्याज दरें 4 से 4.25 फीसदी के दायरे आ गई हैं.

शेयर बाजार में तूफ़ान: ट्रंप टैरिफ के चलते निवेशकों की हौसला टूटे

मुंबई  शेयर बाजार में गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही अमेरिका के भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का असर देखने को मिला. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स भारी गिरावट के साथ खुला और खुलते ही 657 अंकों का गोता लगाकर 80,124 के लेवल पर आ गया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी अपने पिछले बंद के मुकाबले टूटकर कारोबार की शुरुआत की और 200 अंक गिरकर कारोबार करता दिखा.बाजार में गिरावट के बीच आईटी-टेक कंपनियों के साथ ही बैंकिंग स्टॉक्स भरभराकर टूटे.  खुलते ही फिसल गए इंडेक्स  27 अगस्त को भारत पर ट्रंप का एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लागू हुआ था, लेकिन भारतीय शेयर बाजार गणेश चतुर्थी के अवसर पर बंद था. लेकिन गुरुवार को जब बाजार ओपन हुआ, तो सेंसेक्स-निफ्टी पर टैरिफ का सीधा असर देखने को मिला. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,786.54 की तुलना में फिसलकर 80,754 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में 657.33 अंक की गिरावट लेकर 80,124 पर कारोबार करता दिखाई दिया. वहीं एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,712.05 की तुलना में गिरकर 24,695.80 पर खुला और फिर सेंसेक्स की तरह ही तेज गिरावट लेते हुए 200 अंक की गिरावट लेकर 24,512 के लेवल पर आ गया. 1458 शेयरों की रेज जोन में शुरुआत शेयर मार्केट में गिरावट के साथ कारोबार शुरू होने पर शुरुआती दौर में 1458 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले टूटकर लाल निशान पर ट्रेड शुरू किया. इसके अलावा 1023 कंपनियों के स्टॉक्स ग्रीन जोन में ओपन हुए. इसके अलावा 195 शेयर ऐसे रहे, जिनकी ओपनिंग फ्लैट रही. शुरुआती कारोबार के दौरान जहां श्रीराम फाइनेंस, आईसीआईसीआई, एचसीएल टेक, जियो फाइनेंस, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक के साथ ही इंफोसिस का शेयर तेजी से फिसला, तो वहीं बिखरते बाजार में भी हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स और टाइटन जैसे शेयर ग्रीन जोन में नजर आए.  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर बाजार की खराब शुरुआत के बीच जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, उनमें लार्जकैप कंपनियों में शामिल एचसीएल टेक शेयर (2.30%), पावरग्रिड शेयर (1.50%), सनफार्मा शेयर (1.40%), टीसीएस शेयर (1.30%) और एचडीएफसी बैंक का शेयर (1.25%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में एमक्योर शेयर (3.10%), फर्स्टक्राई शेयर (2.70%) और भारती हेक्सा शेयर (2.55%) गिर गया. स्मॉलकैप कंपनियों में कैमलिन फाइन शेयर 5%, तो केआईटेक्स का स्टॉक भी 5% फिसलकर ट्रेड कर रहा था.  अन्य जिन कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई, उनमें इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, बीईएल, रिलायंस, भारती एयरटेल शामिल हैं. इसके अलावा मिडकैप में मैक्स हेल्थ, ग्लैंडफार्मा, एसजेवीएन शेयर भी रेड जोन में कारोबार कर रहे हैं.  ट्रंप के टैरिफ से बेअसर ये स्टॉक बाजार में गिरावट के बावजूद जो शेयर ट्रंप टैरिफ के असर से बेअसर दिखे, उनमें शामिल एशियन पेंट्स का शेयर 1.30% और जोमैटे की पैरेंट कंपनी एटरनल शेयर 1.10% चढ़कर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा ओलेक्ट्रा ग्रीन शेयर (2.90%), यूनो मिंडा शेयर और कल्याण ज्वेलर्स के शेयर भी करीब 1 फीसदी उछाल में थे. आरवीएनएल और पेटीएम शेयर भी ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे.