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गुस्से में बैठक छोड़कर निकली ईरानी टीम, शहबाज और मुनीर को लगा झटका; वेंस की फुसफुसाहट बनी चर्चा का विषय

दोहा   ईरान और US के बीच स्विट्जरलैंड में बातचीत का पहला राउंड मुश्किलों भरा रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान ने वार्ता से वॉकऑउट कर दिया. इस दौरान ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाने से भी इनकार कर दिया।  स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई वार्ता में ईरान और अमेरिका के साथ-साथ पाकिस्तान और कतर के अधिकारी भी मौजूद रहे. चारों देश हाल ही में साइन किए गए इस्लामाबाद MoU के तहत बातचीत के पहले राउंड के लिए जमा हुए थे।  इस बीच, ट्रंप के ईरान को लेबनान में हिज्बुल्लाह पर लगाम लगाने और नई अमेरिकी मिलिट्री कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान को लेबनान में अपने ज्यादा पैसे पाने वाले प्रॉक्सी को परेशानी पैदा करने से तुरंत रोकना होगा. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत जोरदार हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था।  गुस्से में कमरे से बाहर निकला ईरानी डेलीगेशन ट्रंप के इस बयान के बाद ईरानी डेलीगेशन बातचीत की मेज से वॉकआउट कर जाता है. ईरानी अधिकारियों के वार्ता से वॉकआउट करने का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें पहले तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का गले लगाकर स्वागत करते नजर आ रहे हैं. इसके बाद दोनों को धीरे-धीरे बातचीत करते देखा जा सकता है. लेकिन थोड़ी देर बाद ही ईरानी डेलीगेशन गुस्से में कमरे से बाहर चला जाता है।  अराघची समेत ईरानी डेलीगेशन के वॉकआउट करने से शहबाज शरीफ के चेहरे का रंग उतर जाता है. उनके चेहरे पर हैरानी साफ नजर आती है. कुछ देर बाद, वो अपने बगल में खड़े पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर की तरफ इशारा करते हुए उन्हें कुछ बताते नजर आते हैं।  जेडी वेंस ने भांप ली स्थिति ईरानी डेलीगेशन के वॉकआउट करने के बाद माहौल टेंशन वाला हो जाता है. अमेरीका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की नजर शहबाज-मुनीर पर पड़ती है, जिनके हाव-भाव से परेशानी साफ झलक रही थी. फिर वेंस उन दोनों के पास जाते हैं और शहबाज-मुनीर के कान में कुछ कहते हैं. इसके बाद तीनों काफी देर तक धीरे-धीरे बात करते हुए दिखते हैं।  ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बातचीत शुरू होने से पहले दोनों पक्षों के बीच हाथ मिलाने और जॉइंट फोटो सेशन का प्लान था. हालांकि, ईरान के चीफ नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस सेशन में हिस्सा लेने से मना कर दिया और बाहर चले गए।  ट्रंप की धमकियों का जवाब देने की तैयारी में ईरान! तस्नीम न्यूज ने बाद में बताया कि ईरानी डेलीगेशन ट्रंप की धमकियों के विरोध में वार्ता से वॉकआउट कर गया. वहीं, प्रेस टीवी ने भी सूत्रों के हवाले कहा कि ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी पक्ष के सामने आपत्ति जताई थी. सोर्स ने कहा, 'ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी साइड के सामने अपनी आपत्तियां उठाई हैं और अभी ट्रंप की ज़ुबानी धमकियों का सही जवाब देने के लिए हालात का अंदाजा लगा रहा है। 

फरहाना को थप्पड़ मारने वाली घटना पर शहबाज बोले, सोशल मीडिया पर शहनाज गिल का जिक्र छाया

मुंबई कश्मीर की फरहाना भट्ट ' बिग बॉस 19 ' की नई कैप्टन बनी हैं। वह जब सभी घरवालों को डाइनिंग टेबल पर बैठाकर घर की ड्यूटीज असाइन कर रही थीं, तब अभिषेक बजाज और शहबाज कुछ हंसी-मजाक कर रहे थे और वहां रखी चीजों को एक-दूसरे पर फेंक रहे थे। इसी दौरान फरहाना ने जोर से शहबाज को थप्पड़ जड़ दिया था। लेकिन तब ये बात शहनाज गिल के भाई ने मजाक में उड़ा दी थी। मगर सलमान खान ने वीकेंड का वार पर इस बात को उठाया और कहा कि वह बेघर हो सकती थीं क्योंकि ये बहुत बड़ी बात थी। अब शहबाज की टीम ने भी बयान जारी किया है। शहबाज के इंस्टाग्राम स्टोरी में टीम की तरफ से एक पोस्ट किया गया है, जिसमें लिखा है, 'सिर्फ इसलिए कि शहनाज औरत की इज्जत करता है, उनकी रिस्पेक्ट करता है, मतलब ये नहीं कि वो स्टैंड नहीं ले सकता… चाहता तो बहुत बड़ा मुद्दा बना सकता था पर उसने मैच्योरिटी दिखाई और दोस्ती निभाई है। वो सच्चा दोस्त है। उसको टेकेन फॉर ग्रांटेड कभी मत लेना। टीम शहबाज बादेशा।' शहबाज की टीम के बयान पर लोगों का रिएक्शन शहबाज की टीम का ये पोस्ट जब इंटरनेट पर शेयर किया जाने लगा तो लोगों ने रिएक्ट किया। एक ने लिखा, 'शहबाज को कलेश पसंद है और कलेश ऐसे ही होता है। उसमें टेकिंग फॉर ग्रांटेड लेने वाली बात ही नहीं है। आप शहबाज तक मैसेज पहुंचाइए ये, दर्शकों को नहीं। और ये भी कॉमेडी और इंसल्ट करने में बहुत फर्क होता है और वो लाइन क्रॉस कर रहा है।' एक ने लिखा, 'जब शहनाज ने सिद्धार्थ को मस्ती में थप्पड़ मारा था तो सिड की टीम ने ऐसी स्टोरी पोस्ट नहीं की थी।' एक ने लिखा, 'तुम लोग सलमान सर के कहने के बाद मुद्दा बना रहे हो।' शहबाज की हुई थी वाइल्डकार्ड एंट्री बता दें कि शो में शहबाज की वाइल्डकार्ड एंट्री है। वह प्रीमियर वाले दिन हीं आने वाले थे लेकिन मृदुल तिवारी को लोगों के ज्यादा वोट्स मिलने की वजह से वह इसका हिस्सा नहीं बन सके थे। और अब उनके आने से घर में खुशनुमा माहौल है, जिसकी तारीफ सलमान हर हफ्ते करते हैं। वहीं, मृदुल को रियलिटी चेक देते हैं कि वह शो में कुछ नहीं कर रहे हैं, जिस कारण टीवी पर नजर भी नहीं आ रहे हैं।

ट्रंप वाइट हाउस में मौजूद, फिर भी गेट पर क्यों रुके रहे शहबाज-मुनीर?

न्यूयॉर्क पाकिस्तान का बेइज्जती शब्द से गहरा नाता है. चाहे कोई भी मंच हो, उसकी इंटरनेशनल बेइज्जती अक्सर होती है. अबकी बार अमेरिका में पाकिस्तान की बेइज्जती हुई है. जी हां, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ट्रंप दरबार पहुंचे थे. शुक्रवार को वाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की मुलाकात हुई. मगर इस मुलाकात के लिए पाकिस्तानी पीएम को अपनी बेइज्जती करवानी पड़ी. डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के लिए आसिम मुनीर के साथ शहबाज शरीफ को वाइट हाउस के गेट पर इंतजार करना पड़ा. काफी देर बाद उन दोनों को डोनाल्ड ट्रंप का दीदार हुआ. अब सवाल है कि आखिर शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ा? दरअसल, पाकिस्तान की इस बेइज्जती का परोक्ष रूप से कारण चीन ही है. जी हां, डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को कुछ देर इंतजार कराया. कारण कि उस वक्त डोनाल्ड ट्रंप एक अहम डील में बिजी थे. जब वाइट हाउस की दहलीज पर शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर खड़े थे, तब अंदर ट्रंप का टिकटॉक को लेकर कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करना और प्रेस से मुलाकात जारी रहा. इसके कारण ही ट्रंप ने अपने घर आए मेहमान शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को इंतजार कराया. हालांकि, जब टिकटॉक डील पर सिग्नेचर और प्रेस वार्ता खत्म हो गई, तब जाकर ट्रंप ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर से मुलाकात की. ट्रंप और शरीफ के बीच वार्ता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ वार्ता की. ट्रंप और शहबाज शरीफ के बीच यह मुलाकात इस बात के संकेत हैं कि अमेरिका और परमाणु शक्ति वाले पाकिस्तान के बीच कुछ तो खिचड़ी पक रही है. शहबाज शरीफ उन आठ अरब या मुस्लिम देशों के टॉप अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर ट्रंप से मुलाकात की. अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार होता दिख रहा है, क्योंकि रूस-यूक्रेन जंग और रूसी तेल की वजह से अमेरिका और भारत के संबंधों में खटास है. ट्रंप ने मास्को पर अप्रत्यक्ष आर्थिक दबाव डालने के प्रयास में भारत से तेल खरीद पर टैरिफ में बढ़ोतरी की है. जब ट्रंप से हुई शरीफ की मुलाकात इससे पहले अमेरिका और पाकिस्तान ने जुलाई में एक व्यापार समझौता किया था. इससे उम्मीद है कि वाशिंगटन पाकिस्तान के बड़े पैमाने पर अप्रयुक्त तेल भंडार को विकसित करने और इस्लामाबाद के लिए टैरिफ कम करने में मदद करेगा. शहबाज शरीफ गुरुवार शाम 5 बजे (अमेरिकी समयानुसार) से कुछ पहले वाइट हाउस पहुंचे. वह तब पहुंचे जब ट्रंप कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे थे और पत्रकारों से बात कर रहे थे. दोनों नेताओं के बीच बैठक मीडिया के लिए बंद थी, और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल शाम 6.18 बजे वाइट हाउस से रवाना हुआ. हालांकि, शहबाज शरीफ को ट्रंप से मुलाकात करने के लिए 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ा. इसके बाद दोनों के बीच यह बैठक करीब 1 घंटे 20 मिनट चली. पाक-अमेरिका कैसे आ रहे करीब? शहबाज शरीफ ने इस साल पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम करने के अपने प्रशासन के प्रयासों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था. शहबाज शरीफ और मुनीर दोनों पक्के ट्रंप समर्थक बन चुके हैं. पाकिस्तान तो बार-बार यही कह रहा है कि अमेरिका ने ही सीजफायर करवाया. जबकि भारत का इसे लेकर साफ कहना है कि पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने सीजफायर किया. शहबाज शरीफ और मुनीर सीजफायर का क्रेडिट ट्रंप को देते हैं, मगर पीएम मोदी इससे इनकार कर चुके हैं. बहरहाल, यह पहली बार नहीं है जब मुनीर ट्रंप दरबार पहुंचे हैं. इससे पहले भी ट्रंप उन्हें हलाल खिला चुके हैं.